डिलीवरी के बाद देखभाल – Delivery Ke Baad Care In Hindi

डिलीवरी के बाद देखभाल - Delivery Ke Baad Care In Hindi
Written by Deepti

डिलीवरी के बाद महिलाएं अपनी देखभाल कैसे करें, ये सवाल हर नई मां के मन में होता है। ज्यादातर महिलाएं इंटनेट पर पोस्ट पार्टम डिलीवरी से जुड़े तमाम सवाल पूछती हैं, जैसे कि डिलीवरी के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करें, डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए क्या नहीं, यहां तक की डिलीवरी के बाद बाल झड़ने की समस्या से परेशान महिलाएं भी इसके उपाय जानना चाहती हैं। तो आज का हमारा ये आर्टिकल खासतौर से उन गर्भवती महिलाओं के लिए है, जो जल्द ही मां बनने वाली हैं। उम्मीद है इस आर्टिकल में आपको डिलीवरी के बाद देखभाल से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। तो चलिए जानते हैं कि डिलीवरी के बाद महिलाएं खुद की देखभाल कैसे कर सकती हैं।

डिलीवरी के बाद मां जितना ध्यान अपने बच्चे पर देती है, उसका एक प्रतिशत भी अपनी देखभाल के लिए नहीं दे पाती। जबकि विशेषज्ञों के अनुसार डिलीवरी के बाद एक मां के लिए अपनी सेहत का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है जितना की डिलीवरी के बाद बच्चे की देखभाल करना। ऐसा इसलिए क्योंकि डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई परिवर्तन होते हैं, जिनसे निपटना बहुत जरूरी है। डिलीवरी के बाद महिलाओं में त्वचा, बालों और खासतौर से वजन बढ़ने की समस्या बहुत आम है। इसके लिए महिलाओं को अपनी स्किन, बालों और टमी (पेट) को कम करने के लिए ऐसे उपाय अपनाने होते हैं, जिसे वह नियमित रूप से अपने डेली रूटीन में शामिल कर सकें।

इसके अलावा डिलीवरी के बाद महिलाओं को अपने खान-पान पर भी ध्यान देने की खास जरूरत होती है, क्योंकि अच्छा और स्वस्थ आहार डिलीवरी के बाद शरीर में होने वाली कमियों को जल्द पूरा करता है। तो अगर आप भी डिलीवरी के बाद खुद की देखभाल अच्छे से करना चाहती हैं तो नीचे दिया जा रहा हमारा ये आर्टिकल आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

1. डिलीवरी के बाद महिला को खास देखभाल की जरूरत क्यों होती है – Why does the woman need special care after delivery in Hindi
2. डिलीवरी के बाद 40 दिनों तक महिलाएं कैसे करें खुद की देखभाल – How do women care for 40 days after delivery in Hindi
3. डिलीवरी के बाद बैली फैट कम करने के तरीके – Methods to reduce belly fat after delivery in Hindi
4. डिलीवरी के बाद बालों की ऐसे करें देखभाल – Care Hair tips after delivery in Hindi
5. डिलीवरी के बाद ऐसे करें त्वचा की देखभाल – Skin care tips after delivery in Hindi

6. डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज – Best Exercise To Reduce Tummy After Delivery In Hindi
7. प्रसव के बाद पोषण क्यों महत्वूपर्ण है – Why nutrition is important after delivery in Hindi
8. डिलीवरी के बाद आहार – Delivery Ke Baad Kya Khaye In Hindi
9. डिलीवरी के बाद नहीं खानी चाहिए ये चीजें – Foods to avoid after delivery in Hindi
10. सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद क्या खाएं –  Diet after C Section Delivery in Hindi
11. सी-सेक्शन डिलरवरी के बाद ऐसा हो खाने का रूटीन – Food Routine After The C-Section Delivery In Hindi
12. सी-सेक्शन के बाद नहीं खानी चाहिए ये चीजें – Foods to avoid after caesarean delivery in Hindi
13. डिलीवरी के बाद खूबसूरत दिखने के लिए हर दिन अपनाएं ये तरीके – Steps to look beautiful after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद महिला को खास देखभाल की जरूरत क्यों होती है – Why does the woman need special care after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद महिला को खास देखभाल की जरूरत क्यों होती है - Why does the woman need special care after delivery in Hindi

प्रसव के बाद शरीर में ऊर्जा और शक्ति प्राप्त करने के लिए हर नई मां को खास देखभाल की जरूरत होती है। गर्भावस्था और प्रसव के बाद महिलाओं में शारीरिक और भावनात्मक रूप से कई बदलाव आते हैं। नींद में कमी, बच्चे की देखभाल, हार्मोनल चेंजेस, शरीर के आकार की चिंता, अन्य शारीरिक असुविधाएं जैसे योनि स्त्राव, ऐंठन आदि जैसी बहुत सी चीजें आपको डिलीवरी के बाद के समय के दौरान प्रभावित कर सकती हैं। पोस्टपार्टम डिलीवरी की अवधि छह से आठ सप्ताह तक रहती है। इस पीरियड को सबसे ज्यादा सेंसिटिव पीरियड माना जाता है। इसलिए भारतीय संस्कृति के अनुसार डिलीवरी के बाद महिलाओं को सवा महीने तक आराम करने के लिए कहा जाता है।

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डिलीवरी के बाद 40 दिनों तक महिलाएं कैसे करें खुद की देखभाल – How do women care for 40 days after delivery in Hindi

  • उत्तर भारतीय परंपरा के अनुसार डिलीवरी के बाद नई मां को दिन के समय अपना सिर हमेशा स्कार्फ से ढंके रहना चाहिए। इससे कानों में होने वाले इंफेक्शन से बचा जा सकता है साथ ही महिला ठंड से भी बची रहती हैं।
  • डिलीवरी के बाद कम से कम 40 दिनों तक रोजाना शरीर की मालिश जरूरी है। सी-सेक्शन डिलीवरी के मामले में टांके ठीक होने के बाद ही तेल की मालिश करें। जबकि नॉर्मल डिलीवरी में घर जाते ही आप मालिश शुरू करवा सकती हैं। प्रसव के बाद जल्दी ठीक होने के लिए जैतून के तेल, नारियल तेल और तिल के तेल से अपनी मालिश कराएं। तनाव और दबाव को कम करने के लिए तिल के तेल से मालिश कराना जरूरी है। जबकि नारियल के तेल से अगर पेट के हिस्से पर मालिश की जाए तो खिंचाव के निशान कम हो जाते हैं।
  • डिलीवरी के बाद नहाने के तरीके भी हर महिला को पता होने चाहिए। स्नान लेने के दौरान निचले पेट और पेल्विक एरिया पर गर्म पानी डाला जाता है। आमतौर पर भारतीय परंपरा के अनुसार गर्म पानी में नीम के उबले पत्तों को मिलाकर नई मां को नहलाया जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि नीम के पत्ते एक एंटीसेप्टिक का काम करते हैं। इससे होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सकता है।
  • उत्तर भारतीय परंपरा के अनुसार प्रसव के बाद महिला को ऐसा आहार दिया जाता है, जो पाचन और प्रतिरोध को बढ़ावा देते हैं। उनके मुख्य आहार में पराठे, खीर और खासतौर से लड्डू (जो सूखे मेवे, तिल, मेथी, गोंद, सूजी और ऑलिव के साथ तैयार किए जाते हैं ) शामिल किए जाने चाहिए। ।
  • प्रसव के बाद घी खाने की हर चीज में शामिल होना चाहिए। डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर कमजोर हो जाता है, ऐसे में इस कमजोरी को दूर करने के लिए पूरे 40 दिनों तक रोटी से लेकर सब्जी तक में घी को जरूर शामिल करें।
  • हर सुबह हल्दी वाला दूध लेना सेहत के लिए फायदेमंद है।
  • लहसुन का दूध स्तनपान को बढ़ाता है, वहीं दलिया कब्ज की समस्या को खत्म करता है।
  • बाजरा के साथ बनी रोटी को उनके आहार में शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी डाइट में शामिल करें, क्योंकि खिचड़ी कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्त्रोत है।
  • अजवाइन के पराठे स्तनपान के लिए अच्छे हैं, लेकिन इन्हें रात के खाने में खाना चाहिए। इससे यूट्रस की सफाई होती है।
  • डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाने के लिए पानी को सौंफ के बीज के साथ उबालें। हर नई मां को ये पानी पीना चाहिए, जिससे दूध अधिक मात्रा में बने।
  • डिलीवरी के बाद पीठ दर्द और जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए मेथी के बीज के साथ उबला हुआ पानी सुबह खाने के बाद जरूर लें। 40 दिनों तक यह पानी पीने से जोड़ों और पीठ के दर्द में राहत मिलेगी।

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डिलीवरी के बाद बैली फैट कम करने के तरीके – Methods to reduce belly fat after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद बैली फैट कम करने के तरीके - Methods to reduce belly fat after delivery in Hindi

शिशु को दूध पिलाएं- स्तनपान न केवल आपके बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाता है बल्कि बच्चे के वसा को कम करने और गर्भावस्था के बाद आपके पेट को कम करने में भी मदद करता है। स्तनपान कराने से आपकी सिकुड़ी हुईं गर्भाशय को भी ठीक करने में मदद करता है।

वॉक करें-  डिलीवरी के बाद टमी को कम करने का सबसे आसान एक्सरसाइज है वॉक करना। डिलीवरी के बाद जब महिलाएं शरीर के दर्द से परेशान होती हैं, ऐसे में टहलना उनके लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। एक बार जब आप अपने शरीर को कंट्रोल में कर लेंगे तो आपका शरीर जल्दी से स्वस्थ हो जाएगा।

अच्छा पोषण लें-  कई महिलाएं डिलीवरी के बाद खाना खाना छोड़ देती हैं। ये उनकी सबसे बड़ी भूल होती है। बल्कि डिलीवरी के बाद पर्याप्त दूध का उत्पादन करने के लिए अच्छा आहार लेना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार डिलीवरी के बाद महिलाओं को ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है, ऐसे में हरी पत्तेदार सब्जियां और खूब सारा पानी पीने की बहुत आवश्यकता होती है। बता दें कि ज्यादा पानी पीने से शरीर के अंदर मौजूद विषक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

वर्कआउट करें- डिलीवरी के बाद अगर आप अपने पेट की चर्बी कम करना चाहती हैं तो आपको कम से कम 20 से 30 मिनट कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी होगी। जब आपका बच्चा सो रहा हो, तब आप ये कर सकते हैं। क्रंचेस, पुशअप्स, प्लांक्स, जंपिंग जैक, स्कवैट्स, जैकपाइप, बाईसेप कर्ल, रशियन ट्विस्ट और लैग राइज एक्सरसाइज भी कर सकती हैं।

आराम करें- प्रसव के बाद महिलाओं को सवा महीना आराम करने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि पर्याप्त आराम न करने से शरीर में टॉक्सिन का निर्माण होता है, जो शरीर में सूजन का कारण बनता है। जब शरीर में लगातार सूजन आती है तो यह फैट रिसेप्टर्स को बीच में ले आता है और फैट मॉलिक्यूल्स पेट वाले हिस्से में जमा हो जाते हैं, जिससे वजन बढ़ने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि भरपूर आराम करें।

बॉडी रैप करें- प्रसव के बाद शरीर का वजन घटाने के लिए बॉडी रैप करें। ये पेट की चर्बी कम करने के लिए सबसे पुराने तरीकों में से एक है। बॉडी रैप आपके पॉश्चर में सुधार करके पीठ के दर्द को भी कम करता है। इसके लिए आपको अपनी बढ़ती हुई बैली के हिस्से पर एक मुलायम कपड़ा लपेटना है। ध्यान रखें कि ये कपड़ा न ज्यादा ढीला और न ज्यादा टाइट लिपटा हो। हालांकि आप चाहें तो बाजार में उपलब्ध मेटरनिटी बेल्ट्स का भी उपयोग बॉडी रैप के लिए कर सकते हैं।

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डिलीवरी के बाद बालों की ऐसे करें देखभाल – Care Hair tips after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद बालों की ऐसे करें देखभाल - Care Hair tips after delivery in Hindi

गर्भावस्था और प्रसव शरीर में हार्मोन के स्तर को बहुत बदल देते हैं। हार्मोन में होने वाले ये बदलाव बालों के विकास में अड़चन पैदा करते हैं। प्रसव के लगभग तीन महीने बाद आपके बाल गिरना शुरू हो जाएंगे। हालांकि ये डिलीवरी के बाद हर महिला को होने वाली टेम्पोरेरी और सामान्य अवस्था है। ऐसे में प्रसव के बाद खुद की देखभाल करने के लिए बालों की देखभाल भी बहुत जरूरी है। नीचे जानते हैं प्रसव के बाद बालों को स्वस्थ रखने के तरीके।

टाइट हेयरस्टाइल से बचें- प्रसव के बाद अपने बालों की टाइट हेयरस्टाइल करने से बचें। हेयर स्टाइलिंग भी बालों के झड़ने का एक कारण हो सकता है, इसलिए टाइट ब्रैड्स करने से बचें। बालों पर हॉट ऑयल ट्रीटमेंट का उपयोग नहीं करना चाहिए। प्रसव के बाद ज्यादातर मोटे दांत वाले कंघे का इस्तेमाल करना चाहिए। अगर आप अपने बालों में हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करते हैं, तो ये आपके बालों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

सही हेयर प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें- प्रसव के बाद अपने बालों की देखभाल के लिए जरूरी है कि आप सही और ब्रांडेड हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। कंडीशनिंग शैंपू का उपयोग करने से बचें।

स्ट्रेस से दूर रहें- बालों को गिरने से बचाना है, तो प्रसव के बाद स्ट्रेस को खुद पर हावी न होने दें। तनाव से बाल झड़ते हैं और बालों के रोम आराम की अवस्था में चले जाते हैं, जिस कारण बालों का विकास नहीं हो पाता और ये झड़ना शुरू हो जाते हैं।

लंबे बालों से बनाएं दूरी- प्रसव के बाद बालों की अच्छी देखभाल करनी है तो लंबे बालों से दूरी बना लें। लंबे बाल आपके बालों के झड़ने का मुख्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए शॉर्ट हेयरकट कराएं।

(और पढ़े – डिलीवरी के बाद बालों का झड़ना कैसे रोकें…)

डिलीवरी के बाद ऐसे करें त्वचा की देखभाल – Skin care tips after delivery in Hindi

  1. प्रसव के बाद मुहांसों के लिए टिप्स – Tips for acne after delivery in Hindi
  2. डिलीवरी के बाद डार्क सर्कल के लिए टिप्स – Tips for dark circles after delivery in Hindi
  3. प्रसव के बाद स्ट्रेच मार्क्स के लिए टिप्स Tips for stretch marks after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद महिलाओं में बालों के अलावा त्वचा में भी काफी बदलाव होते हैं। कुछ महिलाओं को मुहांसे, पिगमेंटेशन, स्ट्रेच मार्क्स और डार्क सकल्र्स हो जाते हैं। लेकिन डिलीवरी के बाद खूबसूरत दिखने के लिए आप अपने लिए 10-20 मिनट का समय जरूर निकालें। गर्भावस्था के बाद त्वचा की देखभाल कैसे करें, नीचे दिए गए टिप्स में जरूर पढ़ें।

प्रसव के बाद मुहांसों के लिए टिप्स – Tips for acne after delivery in Hindi

प्रसव के बाद मुहांसों के लिए टिप्स - Tips for acne after delivery in Hindi

  • डिलीवरी के बाद कुछ समय अपनी त्वचा की देखभाल करने के लिए दें। दिन में कम से कम दो बार माइल्ड क्लिंजर से चेहरा साफ करें।
  • सुबह और रात में त्वचा पर ऑयल फ्री मॉश्चराइजर जरूर लगाएं।
  • अगर आपके चेहरे पर छोटे- छोटे दाने हो रहे हैं तो आप सप्ताह में एक बार हल्के स्क्रब का उपयोग कर सकती हैं।
  • डिलीवरी के बाद मुहांसों से छुटकारा पाने के लिए एलोवेरा और यूकेलिप्टस  जैसे नेचुरल प्रोडक्ट्स का उपयोग करना बेहतर है।

(और पढ़े – मुँहासों को दूर करने के घरेलू उपाय…)

डिलीवरी के बाद डार्क सर्कल के लिए टिप्स – Tips for dark circles after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद डार्क सर्कल के लिए टिप्स - Tips for dark circles after delivery in Hindi

  • गर्भावस्था के बाद अगर आपको आंखों के नीचे काले घेरे या डार्क सकल्र्स हो गए हैं तो दिन में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पीएं और स्वस्थ आहार भी लेती रहें।
  • भरपूर नींद लें। हालांकि डिलीवरी के बाद ऐसा करना मुमकिन नहीं हो पाता, फिर भी जब बच्चा सो जाए तो आप भी झपकी ले लें। यह नींद लेने और आराम करने का सबसे बेहतर तरीका है।
  • काले घेरों को कम करने के लिए कोई ब्रांडेड आई क्रीम का उपयोग करें।

(और पढ़े – डार्क सर्कल हटाने के आसान तरीके…)

प्रसव के बाद स्ट्रेच मार्क्स के लिए टिप्स Tips for stretch marks after delivery in Hindi

प्रसव के बाद स्ट्रेच मार्क्स के लिए टिप्स Tips for stretch marks after delivery in Hindi

  • डिलीवरी के बाद अगर पेट पर खिंचाव के निशान या स्ट्रेच मार्क्स विकसित हो गए हैं तो सबसे पहले एक अच्छी एंट्री स्ट्रेच मार्क क्रीम का इस्तेमाल करें।
  • स्ट्रेच मार्क को कम करने के लिए व्यायाम और स्वस्थ आहार भी प्रमुख उपायों में से एक हैं।
  • स्ट्रेच मार्क कम करने के लिए आप आप तरह के व्यायाम जैसे तेज चलना और योगा कर सकते हैं। ऐसा करने से डिलीवरी के बाद स्ट्रेच मार्क्स को कम करने में बहुत मदद मिलेगी।

(और पढ़े – स्ट्रेच मार्क्स हटाने के घरेलू उपाय…)

डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज – Best Exercise To Reduce Tummy After Delivery In Hindi

डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज - Best Exercise To Reduce Tummy After Delivery In Hindi

हर मां चाहती है कि डिलीवरी के बाद उसकी बॉडी पहले की तरह शेप में आ जाए। देखा जाए तो वजन कम करना और शेप में आना इतना मुश्किल भी नहीं है। आप हर दिन कुछ पोस्ट डिलीवरी एक्सरसाइज करके अपनी टमी को शेप में ला सकती हैं।

बेसिक स्ट्रेचिंग और ट्विस्टिंग (Basic Stretching And Twisting) – डिलीवरी के बाद एक बार जब आपकी बॉडी को वॉकिंग की आदत हो जाए तो आप स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और ट्विस्टिंग एक्सरसाइज करके भी अपनी टमी को कम करने की कोशिश कर सकती हैं। ये सबसे आसान एक्सरसाइज है। इस एक्सरसाइज को करने से आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।

सिट-अप्स (sit-ups)- डिलीवरी के बाद रैगुलर सिट अप करने से आपके निचले पेट का वजन कम हो जाएगा साथ ही सिट अप आपके पैरों को भी टोन करने में मदद करेगा। इसकी शुरूआत 4 से 5 सिट अप से करें और धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 10 से 15 सिट अप तक ले जाएं।

योगा (yoga) – योगा एक्सरसाइज और ब्रीदिंग टेक्निक डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज का कंपलीट पैकेज है। पेट को कम करने के लिए योग सबसे अच्छे व्यायामों में से एक है। सुबह जल्दी उठकर रोजाना योगा करें इससे आपकी टमी कम हो जाएगी।

क्रंचेस एक्सरसाइज (Crunches Exercise)डिलीवरी के बाद बैली फैट को कम करने के लिए क्रंचेस से बढ़िया एक्सरसाइज और कोई नहीं है। इसे सबसे अच्छी फैट बर्निंग एक्सरसाइज माना जाता है। क्रंचेस एक्सरसाइज करने के लिए सबसे पहले आप जमीन पर अपने घुटनों और पैरों के बल चटाई पर लेट जाएं। अब आप अपने पैरों को 90 डिग्री के कोण पर फर्श से उठाएं। इसके बाद अपने हाथों को उठाएं और अपने सिर के पीछे रखें। इतना करने के बाद अब गहरी सांस लें। अब जैसे ही आप अपने ऊपरी धड़ को जमीन से उठाते हैं, सांस छोड़ें। जब आप ऊपर जाएं तो मुंह से सांस लें और नीचे जाएं तो नाक से सांस छोड़ें। शुरूआती तौर पर आप ऐसा 10 बार कर सकते हैं। दो से तीन बार क्रंचेस एक्सरसाइज को रोजाना दोहराने से पेट की चर्बी काफी हद तक घट जाएगी।

पिलाटे एक्सरसाइज (Pilates) – पिलाटे एक्सरसाइज डिलीवरी के बाद आपके शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। इसे करने से शरीर फ्लेक्सीबल और बैलेंस्ड बना रहता है। इस एक्सरसाइज को करते समय गहरी सांस लें और बीच-बीच में रेस्ट भी करते रहें।

ब्रिज एक्सरसाइज (Bridge exercise)गर्भावस्था के बाद ब्रिज एक्सरसाइज आपके बढ़ते हुए पेट को कंट्रोल करने में मददगार है। इससे पेट के लिए पीठ के निचले हिस्से को सहारा मिलता है। इससे कूल्हों को भी मदद मिलती है। ब्रिज एक्सरसाइज करने के लिए सबसे पहले आप जमीन पर पैर मोड़ लें और लेट जाएं। अपने दोनों हथेलियों को हिप्स के नीचे रखें। इसके बाद अपने सिर और कंधों को फर्श से टिकाते हुए कूल्हों और शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। कम से कम दो सैकंड के लिए इसी अवस्था में रहें और फिर शरीर को नीचे लेकर आएं। हर रोज दिन में एक बार ये एक्सरसाइज करें और कम से कम पांच बार इस अवस्था को दोहराएं।

(और पढ़े – ब्रिज एक्सरसाइज करने का तरीका और फायदे…)

प्रसव के बाद पोषण क्यों महत्वूपर्ण है – Why nutrition is important after delivery in Hindi

प्रसव के बाद मां का आहार बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। न केवल इसलिए कि यह जल्दी स्वस्थ होने में मदद करेगा बल्कि इसलिए भी क्योंकि इस समय मां को बच्चे को स्तनपान कराने की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है। पहले कुछ महीनों के दौरान मां का दूध बच्चे के पोषण का एकमात्र स्त्रोत है इसलिए मां के लिए स्वस्थ भोजन लेना बहुत जरूरी है। पर्याप्त आराम के साथ अच्छा पोषण एब्डोमिनल वॉल और गर्भाशय के उपचार को भी गति देगा जो सी-सेक्शन के दौरान कट जाते हैं।

डिलीवरी के बाद आहार – Delivery Ke Baad Kya Khaye In Hindi

डिलीवरी के बाद आहार - Delivery Ke Baad Kya Khaye In Hindi

अंडा – नई मां को डिलीवरी के बाद अंडा जरूर खाना चाहिए। दरअसल, डिलीवरी होने के बाद महिला को सबसे ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है जो उसे अंडे से मिलता है। अंडा खाने से मां का दूध भी अच्छे से बनता है, जो बच्चे के लिए लाभदायक होता है, इसके अलावा रोजाना एक अंडे का सेवन करने से शरीर में विटामिन डी की भी कमी पूरी होती है।

पालक- पालक आयरन का अच्छा स्त्रोत है साथ ही इसमें विटामिन ए भी भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है। आप चाहें तो डिलीवरी के बाद रोजाना पालक को किसी न किसी तरह जैसे जूस, सब्जी, सलाद के रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

दूध- प्रसव के बाद नई मां की शरीर की हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं। लेकिन अगर रोजाना दूध का सेवन किया जाए तो इससे न केवल विटामिन डी मिलेगा बल्कि प्रोटीन के साथ कई और पोषक तत्व भी मिलेंगे।

ओट्स- ओट्स में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है और ये शरीर में आयरन की कमी को भी पूरा करता है। कई विशेषज्ञ तो कहते हैं कि अगर डिलीवरी के बाद तनाव से दूर रहना है तो भी ओटमील का सेवन करना बहुत अच्छा है।

विटामिन ई- डिलीवरी के बाद हर मां को विटामिन ई लेने की सलाह दी जाती है। इसलिए डिलीवरी के बाद हर मां को बादाम खाने के लिए कहा जाता है। बादाम में मौजूद ओमेगा 4 मां और शिशु दोनों के लिए ही फायदेमंद होता है।

(और पढ़े – संतुलित आहार के लिए जरूरी तत्व, जिसे अपनाकर आप रोंगों से बच पाएंगे…)

डिलीवरी के बाद नहीं खानी चाहिए ये चीजें – Foods to avoid after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद नहीं खानी चाहिए ये चीजें - Foods to avoid after delivery in Hindi

एसिडिक फूड्स से बनाएं दूरी- कुछ बच्चों को विटामिन सी का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसलिए डिलीवरी के बाद स्तनपान कराने वाली मां को एसिडिक फूड्स से दूरी बनानी चाहिए। बता दें कि संतरा और टमाटर में सबसे ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है, इसलिए इनके सेवन से बचें।

शराब ना पीएं- गर्भावस्था के बाद शराब का सेवन न करें। यहां तक की एल्कोहल की छोटी मात्रा भी आपके बच्चे के विकास में बाधा डाल सकती है। यदि आप शराब पीना भी चाहती हैं तो तब लें जब बच्चा ब्रेस्टफीडिंग पूरी तरह से रोक दे।

कैफीन के सेवन से बचें- डिलीवरी के बाद महिलाओं को कैफीन के सेवन से बचना चाहिए। यह आपके बच्चे को सोने से रोकने के साथ उसे उत्तेजित भी कर सकता है।

शुगर व आर्टिफिशियल स्वीटनर्स का सेवन न करें- ज्यादा मात्रा में शुगर और आर्टिफिशियल स्वीटनर्स आपके बच्चे की सेहत के लिए खराब है। लेकिन कभी-कभी आप इसका सेवन कर सकती हैं, वो भी कम मात्रा में।

स्पाइसी फूड से रहें दूर- डिलीवरी के बाद मसालेदार भोजन आपके बच्चे की प्रतिक्रिया में बदलाव का कारण बन सकता है। इसलिए महिलाओं को प्रसव के बाद तीखा खाना खाने से बचना चाहिए

न करे प्रोसेस्ड फूड का सेवन- जब बच्चा छोटा हो तो प्रोसेस्ड फूड को तैयार करना बहुत आसान होता है। लेकिन बता दें कि इनका सेवन बच्चे के लिए जहर के समान है। दरअसल, प्रोसेस्ड फूड में प्रिजर्वेटिव्स और एडिटिव्स होते हैं, जिसे खाने से बच्चे को एलर्जी भी हो सकती है।

(और पढ़े – मसालेदार खाना खाने के फायदे और नुकसान…)

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद क्या खाएं –  Diet after C Section Delivery in Hindi

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद क्या खाएं -  Diet after C Section Delivery in Hindi

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को प्रोटीन, मिनरल और कैल्शियम से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ प्रोटीन से भरपूर दालों का सेवन भी बहुत जरूरी है।

साबुत अनाज से बने खाद्य पदार्थ जैसे पास्ता, ब्राउन ब्रेड, ब्राउन राइज आपकी डाइट का हिस्सा होने चाहिए। इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होने से ब्रेस्ट मिल्क प्रोडक्शन अच्छे से होता है।

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को विटामिन से भरपूर डाइट लेनी चाहिए। जैसे ब्रोकली, पालक, मेथीदाना, संतरा, पपीता, तरबूज, स्ट्रॉबेरी जैसे फल इंफेक्शन से लड़ने के साथ ही इम्यूनिटी को भी बढ़ाते हैं।

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद महिलाओं को ऐसा खाना खाने से बचना चाहिए जो गैस और कब्ज का कारण बनते हैं सी-सेक्शन के बाद जंक फूड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के सेवन से बचना चाहिए और सूप, कॉटेज पनीर, दही का सेवन करना चाहिए जो आसानी से पच जाते हैं।

(और पढ़े – सी सेक्शन डिलीवरी (सिजेरियन डिलीवरी) के बाद जल्दी ठीक होने के बेहतर तरीके…)

सी-सेक्शन डिलरवरी के बाद ऐसा हो खाने का रूटीन – Food Routine After The C-Section Delivery In Hindi

  • सिजेरियन डिलरवरी के बाद दिन में तीन बार हैवी खाना खाने के बजाए दिनभर में 5 से छह बार कम कम मात्रा में कुछ भी खाएं।
  • सी-सेक्शन डिलरवरी के बाद ऐ खाने के बीच में कम से कम दो घंटे का गैप बनाए रखें। यदि आपको इस बीच भूख लगती है तो फ्रूट्स  या नट्स का सेवन कर सकती हैं।
  • सिजेरियन डिलरवरी के बाद आराम से भोजन करें। निगलने के बजाए भोजन को चबाचबाकर खाएं।
  • सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद बाहर के खाने से बचें। केवल घर के बने भोजन का ही सेवन करें और हो सके तो अपने खाने में बहुत से फ्रेश इंग्रीडिएंट्स शामिल करें।

(और पढ़े – महिलाओं के स्वास्थ्य लिए जरूरी विटामिन और उनके स्रोत…)

सी-सेक्शन के बाद नहीं खानी चाहिए ये चीजें – Foods to avoid after caesarean delivery in Hindi

सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद मसालेदार खाना खाने से बचें। क्योंकि मसालेदार खाना गैस्ट्रिक की समस्या पैदा कर सकता है, इसके अलावा बच्चा अगर इस समय स्तनपान करता है तो मसाले बच्चे के दूध में मिलकर दूध का स्वाद बदल देते हैं, जो बच्चे की सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।

(और पढ़े – जानिए जंक फूड (फास्ट फूड) के नुकसान और हानिकारक प्रभावों को…)

डिलीवरी के बाद खूबसूरत दिखने के लिए हर दिन अपनाएं ये तरीके – Steps to look beautiful after delivery in Hindi

डिलीवरी के बाद खूबसूरत दिखने के लिए हर दिन अपनाएं ये तरीके - Steps to look beautiful after delivery in Hindi

त्वचा को साफ और फ्रेश बनाए रखने के लिए हर दिन में दो बार माइल्ड क्लिंजर का उपयोग जरूर करें।

अपनी त्वचा को हाइड्रेट और कोमल रखने के लिए दिन में दो बार हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं। जबकि काले घेरे और पफी आइज के लिए अलग से आईक्रीम का उपयोग करें।

गर्भावस्था के बाद अपनी त्वचा को धूप से बचाए रखने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग जरूर करें। यह पिगमेंटेशन और एक्ने को दूर करने में भी मदद करता है।

सप्ताह में एक बार अपनी स्किन से डेड सेल्स को हटाने के लिए छोटे दानों पर हल्के स्क्रब का इस्तेमाल करें। यह काले धब्बों को कम करने के साथ-साथ मुहांसों को भी कम करने में मदद करता है।

(और पढ़े – मुहासे के दाग धब्बे हटाने के घरेलू उपाय…)

प्रेग्नेंसी के बाद घी खाना फायदेमंद है या नहीं – Is consuming ghee good after delivery in Hindi

प्रेग्नेंसी के दौरान और बाद में हर महिला को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इस समय घी उनकी सेहत को बनाए रखने में मदद करता है। यहां तक की डॉक्टर्स भी डिलीवरी के बाद महिलाओं को घी खाने की सलाह देते हैं। डॉक्टर्स ही नहीं बल्कि पुराने लोगों का भी यही मानना है कि डिलीवरी के बाद घी खाने से शरीर में तेजी से सुधार आता है। लेकिन फिर भी कुछ महिलाओं में ये संशय बना रहता है कि डिलीवरी के बाद घी खाना उनकी सेहत के लिए सही है या नहीं।

इस बारे में डायटीशियन कहती हैं कि डिलीवरी के बाद महिलाओं को घी खाना बेहद जरूरी है। दरअसल, डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर बेहद कमजोर हो जाता है, इस कमजोरी से ही बचने के लिए डिलीवरी के बाद अक्सर महिलाओं को घी खाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा घी में फैट की अच्छी मात्रा होती है, खासतौर में नई मां के लिए कमजोरी दूर करने का ये रामबाण इलाज है। इसके सेवन से उन्हें एनर्जी मिलती है। लेकिन ध्यान रहे कि घी का ज्यादा सेवन वजन भी बढ़ाता है, इसलिए कम मात्रा में रोजाना घी का सेवन करें।

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क्या प्रसव के बाद आराम करना आवश्यक है – Is it necessary to take rest after delivery in Hindi

प्रसव के बाद पहले कुछ सप्ताह महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण समय होता है जब वे आराम कर सकती हैं। प्रसव के बाद कुछ भी भारी सामान न उठाएं, खासतौर पर यदि आपकी सिजेरियन डिलीवरी हुई हो तो इस बात का विशेष ध्यान रखें।

क्या मैं डिलीवरी के बाद सीढ़ियां चढ़ सकती हूं – Can I climb stairs after delivery in Hindi

सी सेक्शन के बाद सीढ़ियां चढ़ना निश्चित रूप से दर्दनाक और कठिन होता है। सी सेक्शन के बाद सीढ़ियों का उपयोग कब करना है यह एक पेचीदा सवाल है। प्रसव के बाद या इससे भी अधिक समय तक अस्पताल में चार से पांच दिन बिताने के बाद, यदि जटिलताएं हैं, तो नई माँ को अपने शरीर को पूरी तरह से ठीक होने के लिए कम से कम छह सप्ताह का समय देना होगा।

क्या स्तनपान कराने वाली माताएं गाय का दूध पी सकती हैं – Can breastfeeding mothers drink cow’s milk in Hindi

क्या स्तनपान कराने वाली माताएं गाय का दूध पी सकती हैं - Can breastfeeding mothers drink cow's milk in Hindi

स्तनपान कराने के दौरान कुछ महिलाओं को गाय का दूध नहीं पीना चाहिए। ज्यादातर महिलाओं के लिए, गाय का दूध पीने से उनके बच्चों को कोई समस्या नहीं होती है।

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क्या मैं प्रसव के बाद स्नान कर सकती हूं – Can I take a bath after delivery in Hindi

प्रसव के बाद स्नान करना उपचारात्मक हो सकता है। खासतौर से गर्म पानी से स्नान करना तनाव और थकान को कम करने में मददगार है।

(और पढ़े – गर्म पानी से नहाने के फायदे और नुकसान…)

क्या मैं स्तनपान के दौरान केला खा सकती हूं – Can I eat banana during breastfeeding in Hindi

क्या मैं स्तनपान के दौरान केला खा सकती हूं - Can I eat banana during breastfeeding in Hindi

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए केले बहुत पौष्टिक और फायदेमंद होते हैं। स्तनपान करते समय अपनी डाइट में केले को शामिल करने से पहले एक बार अपने चिकित्सक से जरूर इस बारे में सलाह ले लें।

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