डेंगू बुखार क्या है, कारण, लक्षण, उपचार, निदान, बचाव के घरेलू उपचार – What Is Dengue Fever In Hindi

डेंगू बुखार क्या है, कारण, लक्षण, उपचार, निदान, बचाव, घरेलू उपचार - What Is Dengue Fever, Causes, Symptoms, Risk Factors, Treatment, And Prevention
Written by Rajat

डेंगू बुखार (dengue fever) आज के समय में फैलने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से फैलती है। यह एक वायरस संक्रमण बीमारी है, जिसका कोई उचित इलाज नहीं है। डेंगू का मच्छर उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अधिकतर पाया जाता है, जिसके काटने से कोई भी व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित हो सकता है। यह बीमार पीड़ित व्यक्ति के माध्यम से नहीं फैलाई जा सकती है, यह केवल मच्छर के काटने से फैलती है। इसके लक्षण काफी गंभीर हो सकते हैं जो डेंगू (dengue) के मरीजों के लिए मृत्यु का कारण भी बन सकते है।

अतः इस लेख के मध्यम से आप जानेंगे कि डेंगू बुखार क्या है, इसके कारण लक्षण निदान और उपचार क्या है और इसकी रोकथाम के लिए क्या उपाय अपनाए जा सकते हैं।

1. डेंगू बुखार क्या है –  what is dengue fever in Hindi
2. डेंगू बुखार का कारण – Dengue Fever Causes
3. डेंगू बुखार के लक्षण – dengue fever symptoms in Hindi
4. डेंगू बुखार का निदान – dengue fever Diagnosis in Hindi
5. डेंगू बुखार का उपचार – dengue fever treatment in Hindi
6. डेंगू बुखार के जोखिम कारक – Dengue Fever Risk Factors in Hindi
7. डेंगू बुखार की जटिलताएं – Dengue Fever Complications in Hindi
8. डेंगू होने पर डॉक्टर को कब दिखायें – When to see a doctor in Hindi
9. डेंगू से बचाव के उपाय – Dengue Fever Prevention In Hindi
10. डेंगू में क्या खाएं और क्या नहीं – What To Eat And Avoid For Dengue Fever In Hindi

10.1 डेंगू में क्या खाएं – food to eat for dengue fever in Hindi

10.2 डेंगू बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए – Food To Avoid For Dengue Fever In Hindi

डेंगू बुखार क्या है –  what is dengue fever in Hindi

डेंगू बुखार क्या है -  what is dengue fever in Hindi

Dengue Fever (डेंगू बुखार) वायरस के कारण होने वाली एक बीमारी है, जो मच्छरों के काटने से व्यक्तियों में प्रेषित की जाती है। यह बीमारी एडिस इजिप्ती (Aedes aegypti) मच्छर द्वारा फैलाई जाती है। यह बुखार चार प्रकार के डेंगू वायरस में से किसी एक के कारण होता है। जो व्यक्ति एक बार डेंगू वायरस से संक्रमित हो जाते हैं, वे अपने जीवन के किसी भी हिस्से में वायरस को पुनः विकसित कर सकते हैं।

डेंगू बुखार आमतौर पर उच्च बुखार (लगभग 104 F-105 F), त्वचा पर लाल चकत्ते (skin rash), सिरदर्द तथा मांसपेशियों और जोड़ों में गंभीर दर्द का कारण बनता है। इस बीमारी को “ब्रेकबोन बुखार (breakbone fever)” या “डेन्डी बुखार (dandy fever)” भी कहा जाता है। तथा डेंगू बुखार के गंभीर रूप को डेंगू हेमोरेजिक बुखार (dengue hemorrhagic fever) भी कहा जाता है, जो गंभीर रक्तस्राव, रक्तचाप में अचानक गिरावट और मृत्यु का कारण बन सकता है।

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डेंगू बुखार का कारण – Dengue Fever Causes

Dengue Fever (डेंगू बुखार) का मुख्य कारण, चार प्रकार के डेंगू वायरस में से कोई भी हो सकता है। एडिस इजिप्ती (Aedes aegypti) और एडिस अल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) नामक मच्छरों के काटने से यह वायरस मनुष्यों में प्रवेश कर जाते हैं। अतः मच्छर इस रोग के वाहक होते हैं। एक संक्रमित व्यक्ति इस डेंगू बुखार (Dengue Fever) का संचरण नहीं कर सकता है। डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति सम्पूर्ण जीवन काल के लिए संक्रमित हो जाता है और प्रतिरक्षा विकसित कर लेता है। यदि कोई व्यक्ति एक प्रकार के डेंगू वायरस (dengue viruses) से प्रतिरक्षा प्राप्त कर लेता है, तो व्यक्ति फिर भी अन्य तीन डेंगू वायरस (dengue viruses) से संक्रमित हो सकता है।

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डेंगू बुखार के लक्षण – dengue fever symptoms in Hindi

डेंगू बुखार के लक्षण - dengue fever symptoms in Hindi

डेंगू बुखार (Dengue Fever) की सामान्य अवस्था में बहुत से व्यक्तियों, विशेष रूप से बच्चों और किशोरों में कोई संकेत या लक्षण प्रगट नहीं होते हैं। डेंगू बुखार (Dengue Fever) के सामान्य लक्षणों को, आमतौर पर संक्रमित मच्छर के काटने के चार से सात दिन बाद देखा या अनुभव किया जा सकता है। ये लक्षण लगभग 10 दिनों तक चलते हैं। अतः डेंगू बुखार की स्थिति में निम्न लक्षण प्रगट हो सकते हैं:

  • अचानक तेज बुखार आना (लगभग 106 डिग्री फ़ारेनहाइट तक)
  • सरदर्द होना
  • मांसपेशियों, हड्डी और जोड़ों में दर्द
  • जी मिचलाना
  • ग्रंथियों में सूजन आना
  • उल्टी होना
  • आंखों के पीछे दर्द होना
  • त्वचा में लाल चकत्ते आना
  • थकान महसूस होना

डेंगू बुखार (Dengue Fever) के ज्यादातर मामलों में व्यक्ति एक हफ्ते में ठीक हो जाते हैं। लेकिन कुछ मामलों में लक्षण गंभीर हो सकते हैं, और जीवन को खतरे में डाल सकते हैं। गंभीर डेंगू बुखार के लक्षणों में शामिल हैं:

  • गंभीर रूप से पेट में दर्द होना
  • लगातार उल्टी आना
  • मसूड़ों या नाक से खून बहना
  • मूत्र, मल या उल्टी में रक्त आना
  • सांस लेना लेने में तकलीफ होना या तेजी से सांस लेना
  • चिड़चिड़ापन या बेचैनी
  • इसके अतिरिक्त डेंगू बुखार मुख्य रूप से प्लेटलेट्स में कमी का कारण बनता है, जिसके कारण चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना आदि लक्षण प्रगट होते हैं ।

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डेंगू बुखार का निदान – dengue fever Diagnosis in Hindi

डेंगू बुखार का निदान - dengue fever Diagnosis in Hindi

कुछ स्थितियों में डेंगू बुखार (Dengue Fever) का निदान करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लक्षण अन्य बीमारियों के लक्षणों से समानता रखते हैं – जैसे मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस (leptospirosis) और टाइफाइड बुखार (typhoid fever)। सर्वप्रथम डॉक्टर मरीज के चिकित्सा और यात्रा इतिहास के बारे में जानकारी लेने के लिए कुछ प्रश्न पूंछ सकता है।

डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज में अक्सर प्लेटलेट्स (Platelets) की कमी आ जाती है। अतः रक्त परीक्षण के आधार पर प्लेटलेट्स की कमी की जाँच कर इस रोग का निदान आसानी से किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त डॉक्टर वायरस या एंटीबॉडी (antibodies) की जांच के लिए रक्त परीक्षण का प्रयोग कर सकते हैं।

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डेंगू बुखार का उपचार – dengue fever treatment in Hindi

डेंगू बुखार का उपचार - dengue fever treatment in Hindi

Dengue Fever (डेंगू बुखार) के लिए कोई विशिष्ट दवा या उपचार मौजूद नहीं है। डॉक्टर उल्टी और उच्च बुखार से होने वाली निर्जलीकरण की समस्या से बचने के लिए बहुत सारे तरल पदार्थ पीने की सिफारिश कर सकता है। डेंगू से संक्रमित होने की स्थिति में बुखार, सिरदर्द और जोड़ों में दर्द को कम करने के लिए ओवर-द-काउंटर (over-the-counter) दर्द राहत दवाओं से उपचार किया जा सकता है। हालांकि एस्पिरिन (aspirin) और इबुप्रोफेन (ibuprofen) अधिक रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं, अतः इनके सेवन से बचना चाहिए।

डेंगू बुखार (Dengue Fever) के प्रभाव से रक्त में प्लेटलेट्स (Blood platelets) की कमी आ जाती है। अतः डॉक्टर प्लेटलेट्स की कमी को पूरा करने के लिए उपचार प्रक्रिया अपना सकता है, तथा प्लेटलेट्स में गंभीर रूप से कमी होने पर इसकी पूर्ति के लिए रक्त चढ़ाया जा सकता है। गंभीर डेंगू बुखार की स्थिति में मरीज को डॉक्टर की देखभाल में मेडिकल सहायता दी जानी चाहिए और बहुत अधिक आराम तथा तरल पदार्थ का अत्यधिक सेवन करना चाहिए।

बीमारी के पहले 24 घंटों तक कोई आराम ना मिलने पर और गंभीरता महसूस होने पर जटिलताओं की जांच के लिए मरीज को जितनी जल्दी हो सके अस्पताल ले जाना चाहिए।

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डेंगू बुखार के जोखिम कारक – Dengue Fever Risk Factors in Hindi

डेंगू बुखार (Dengue Fever) के जोखिम कारक निम्नानुसार हैं:

  • उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में रहना या यात्रा करना
  • मच्छर के काटने पर डेंगू बुखार का खतरा

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डेंगू बुखार की जटिलताएं – Dengue Fever Complications in Hindi

डेंगू बुखार (Dengue Fever) की जटिलताओं का संबंध डेंगू बुखार की गंभीरता से होता है, जिसमें हेमोरेजिक बुखार (hemorrhagic fever) और शॉक सिंड्रोम (shock syndrome) आदि समस्याएं शामिल हैं। डेंगू बुखार की सबसे गंभीर जटिलताओं में शामिल हैं:

  • निर्जलीकरण
  • रक्तस्राव (hemorrhage)
  • तंत्रिका संबंधी क्षति (seizures, encephalitis)
  • कम प्लेटलेट्स (Low platelets)
  • धीमी हृदय गति (bradycardia)
  • यकृत को क्षति (Liver damage)
  • कम रक्तचाप (hypotension)
  • मृत्यु

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डेंगू होने पर डॉक्टर को कब दिखायें – When to see a doctor in Hindi

डेंगू होने पर डॉक्टर को कब दिखायें - When to see a doctor in Hindi

व्यक्ति को स्वास्थ्य सम्बन्धी निम्न समस्याएं प्रगट होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, जैसे:-

  • अचानक तेज बुखार के साथ सिर दर्द
  • गंभीर पेट दर्द
  • उल्टी
  • सांस लेने में कठिनाई
  • नाक में खून
  • डेंगू बुखार के हल्के लक्षण विकसित होने पर भी डॉक्टर को दिखाएँ।

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डेंगू से बचाव के उपाय – Dengue Fever Prevention In Hindi

डेंगू से बचाव के उपाय - Dengue Fever Prevention In Hindi

Dengue Fever (डेंगू बुखार) को पूर्ण तरीके से रोकने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है। बीमारी को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है, कि मच्छर के काटने से बचें और मच्छर की आबादी को कम करने के लिए प्रयास करें। अतः डेंगू बुखार (Dengue Fever) की रोकथाम या बीमारी से बचने के लिए निम्न तरीके अपनाये जा सकते है:

सुरक्षात्मक कपड़े पहनें – मच्छर प्रभावित क्षेत्रों में त्वचा को ढकने के लिए लंबी अस्तीन वाली शर्ट, लंबे पैंट, मोजे और जूते पहनने चाहिए, जिससे मच्छर को काटने से रोका जा सके।

मच्छर प्रतिरोधी का प्रयोग करें – पर्मेथ्रिन (Permethrin), मच्छर प्रतिरोधी के रूप में उपयोग की जाने वाली दवा है। पर्मेथ्रिन (Permethrin) का उपयोग कपड़ों, जूते, घर के सामान और बिस्तर की जाल (bed netting) किया जा सकता है। मच्छरों को काटने से रोकने के लिए परमेथ्रीन के साथ बने कपड़ों को भी खरीदा जा सकता हैं।

मच्छर रुकने वाले आवास कम करें – डेंगू वायरस फ़ैलाने वाले मच्छर आम तौर पर घरों के आस-पास रहते हैं, तथा स्थिर पानी में प्रजनन करते हैं। अतः मच्छरों के प्रजनन स्थानों को कम कर मच्छर की आबादी को कम किया जा सकता है। अतः इस कार्य हेतु घरों के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें, घरों के आसपास मच्छर प्रतिरोधी (mosquito repellent) दवाओं का छिड़काव करें और पशु स्थानों को उचित तरीके से साफ कर कीटनाशकों का प्रयोग करें।

वातानुकूलित आवास का चयन करें – जो मच्छर डेंगू वायरस का संचरण करते हैं, वे सुबह से शाम तक अधिक सक्रिय होते हैं, लेकिन वे रात में भी काट सकते हैं। अतः ऐसे आवास का चयन करें, जो वातानुकूलित हो या घर की खिड़की और दरवाजे सुरक्षित हों और छेद ना हों, तथा सम्पूर्ण कमरा पूर्णरूपेण स्वच्छ होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त निम्न तरीके अपनाकर डेंगू बुखार के जोखिम को कम किया जा सकता है:

  • उष्णकटिबंधीय और सघन आबादी वाले क्षेत्रों में अधिक समय तक रहने से बचें।
  • सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करें।

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डेंगू में क्या खाएं और क्या नहीं – What To Eat And Avoid For Dengue Fever In Hindi

Dengue Fever (डेंगू बुखार) एक वायरस सम्बन्धी बुखार है। अतः इसके इलाज में एक उचित दैनिक आहार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। डेंगू का इलाज करने के लिए एक स्वास्थ्य आहार योजना तैयार की जानी चाहिए। एक स्वस्थ आहार योजना प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, डेंगू वायरस से लड़ने, प्लेटलेट्स (platelets) की संख्या को बढ़ाने और अन्य लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती हैं।

डेंगू में क्या खाएं – food to eat for dengue fever in Hindi

डेंगू बुखार (Dengue Fever) के मरीज को, रोग की रोकथाम के लिए कुछ पोष्टिक आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है। डेंगू बुखार में खाए जाने वाले पदार्थ निम्न हैं:

पपीता का सेवन डेंगू बुखार में करें – Dengue fever food papaya in Hindi

पपीता का सेवन डेंगू बुखार में करें - Dengue fever food papaya in Hindi

पपीता, डेंगू बुखार (Dengue Fever) का इलाज करने का एक सिद्ध तरीका है। यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट (antioxidants) का एक समृद्ध स्रोत हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करती हैं। पपीता का उपयोग कुछ रोगियों में डेंगू बुखार के कारण होने वाली प्लेटलेट्स (Blood platelets) के स्तर में कमी को पूरा करने में किया जाता है।

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डेंगू में पिए अधिक पानी – Water

डेंगू में पिए अधिक पानी - Water

डेंगू बुखार (Dengue Fever) से पीड़ित व्यक्ति को अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए। मरीज को दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। क्योंकि पर्याप्त पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थों (toxins) को मुक्त करने में मदद मिलती है।

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केला डेंगू के मरीज के लाभदायक – food for dengue patient is Banana in Hindi

केला डेंगू के मरीज के लाभदायक - food for dengue patient is Banana in Hindi

केला कार्बोहाइड्रेट (carbohydrates) और फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है, जो शरीर को फिट (fit) और सक्रिय रखने में मदद करता है। प्रतिदिन निश्चित मात्रा में केले का सेवन बीमारी के कारण खोई ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है। यह डेंगू (dengue) के इलाज के लिए सर्वोत्तम प्राकृतिक उपचारों में से एक है।

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डेंगू बुखार में फायदेमंद है नारियल पानी – health benefits for dengue fever is Coconut water in Hindi

डेंगू बुखार में फायदेमंद है नारियल पानी - health benefits for dengue fever is Coconut water in Hindi

नारियल का पानी, कैलोरी (calorie) से मुक्त और उच्च पौष्टिक पदार्थों से परिपूर्ण है। यह शरीर को हाइड्रेट (hydrates) रखता है और डेंगू (dengue) की स्थिति का सामना करने के लिए शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और विटामिन प्रदान करता है।

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डेंगू में खाए जाने वाला फल है अमरूद – Dengue fever dite food Guavas in Hindi

डेंगू में खाए जाने वाला फल है अमरूद - Dengue fever dite food Guavas in Hindi

अमरूद विटामिन, टैनिन (tannins) और खनिजों का एक समृद्ध स्रोत है। अमरूद में विटामिन C की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है। यह फल रक्त प्लेटलेट (blood platelet) की संख्या को बढ़ाने के लिए बेहतर माना जाता है, इसलिए यह डेंगू बुखार (dengue fever) का इलाज करने का एक शानदार तरीका है।

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एप्पल जूस डेंगू मरीज के लिए – Apple juice for dengue patient in Hindi

एप्पल जूस डेंगू मरीज के लिए - Apple juice for dengue patient in Hindi

एप्पल जूस (Apple Juice), रक्त कोशिकाओं (blood cells) की संख्या में वृद्धि करने में मदद कर सकता है। अतः इसका उपयोग डेंगू बुखार (dengue fever) की स्थिति में रक्त प्लेटलेट की संख्या में सुधार लाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा सेब (Apple) प्राकृतिक रूप से एंटीऑक्सिडेंट (antioxidants) फल होता है, जो रक्त कोशिकाओं की क्षति को रोकने में मदद कर सकता हैं।

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डेंगू से बचाव के उपाय तुलसी चाय –   Tulsi tea prevent dengue fever in Hindi

डेंगू से बचाव के उपाय तुलसी चाय -   Tulsi tea prevent dengue fever in Hindi

तुलसी को बेसिल (basil) भी कहा जाता है। औषधीय गुण से परिपूर्ण तुलसी चाय (Tulsi tea) पीने से शरीर को प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलती है। यह डेंगू बुखार के लिए सबसे प्रसिद्ध घरेलू उपचारों में से एक है। इसके एंटीमाइक्रोबायल (antimicrobial) गुण, डेंगू वायरस (dengue virus) को खत्म करने में मदद कर सकते हैं।

(और पढ़े – तुलसी की चाय के फायदे और नुकसान…)

पत्तेदार सब्जियां डेंगू में खान पान के लिए – dengue patient food is Green Leafy Vegetables in Hindi

पत्तेदार सब्जियां डेंगू में खान पान के लिए - dengue patient food is Green Leafy Vegetables in Hindi

हरी पत्तेदार सब्जियां एक स्वस्थ शरीर के लिए सभी महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों को प्रदान करने में सहायक होती हैं। डेंगू बुखार की (Dengue Fever) स्थिति में मरीज को आहार में अधिक से अधिक हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। मेंथी (Fenugreek) डेंगू बुखार को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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डेंगू मरीज का आहार गुड़ और प्याज – diet after dengue fever Jaggery And Onion in Hindi

डेंगू मरीज का आहार गुड़ और प्याज - diet after dengue fever Jaggery And Onion in Hindi

प्याज को ज्वरनाशक गुणों से परिपूर्ण माना जाता है। प्याज और गुड़ को एक साथ मिलाकर सेवन करने से रक्त में प्लेटलेट (Platelet) की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है, अतः इस प्रकार डेंगू बुखार (Dengue Fever) के इलाज में सहायक आहार के रूप में प्याज और गुड़ का प्रयोग किया जा सकता है।

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डेंगू में खाना चाहिए संतरे – Oranges to eat for dengue fever in Hindi

डेंगू में खाना चाहिए संतरे - Oranges to eat for dengue fever in Hindi

संतरे आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिन से समृद्ध होते हैं। वे विटामिन C के अच्छे स्त्रोत हैं, जो एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) है। इसमें उपस्थित उच्च फाइबर (high-fiber) सामग्री अपच (indigestion) के इलाज के लिए महत्वपूर्ण होती है। अतः डेंगू बुखार (Dengue Fever) के लक्षणों से राहत पाने के लिए संतरे को अपने आहार में शामिल किया जा सकता है।

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ब्रोकोली का सेवन डेंगू के उपचार के लिए – Dengue fever treat with Broccoli in Hindi

ब्रोकोली का सेवन डेंगू के उपचार के लिए - Dengue fever treat with Broccoli in Hindi

ब्रोकोली (Broccoli) विटामिन K का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो रक्त प्लेटलेट (blood platelet) को पुन: उत्पन्न करने में मदद करता है। डेंगू की स्थिति में प्लेटलेट में तेज गिरावट वाले मरीज को ब्रोकोली (Broccoli) खाने पर जोर देना चाहिए। क्योंकि यह एंटीऑक्सिडेंट्स (antioxidants) और खनिजों से समृद्ध है।

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अनार का सेवन डेंगू बुखार में – Pomegranate intake for dengue fever in Hindi

अनार का सेवन डेंगू बुखार में - Pomegranate intake for dengue fever in Hindi

आवश्यक पोषक तत्वों और खनिजों में समृद्ध फल अनार (Pomegranate), शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करने में सहायक होता है। अनार का सेवन थकावट की भावना और थकान (fatigue) को कम करने के लिए किया जाता है। आयरन का समृद्ध स्रोत होने के कारण अनार शरीर में खून को बेहतर बनाने के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह डेंगू बुखार (Dengue Fever) के इलाज में सहायता करने के लिए रक्त प्लेटलेट की संख्या को कम होने से रोकता है।

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डेंगू बुखार में खाएं पालक – Eat spinach in dengue fever in Hindi

डेंगू बुखार में खाएं पालक - Eat spinach in dengue fever in Hindi

पालक आयरन और ओमेगा -3 फैटी एसिड (omega-3 fatty acids) से समृद्ध आहार है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए तुरंत क्रिया करती है तथा प्लेटलेट के स्तर सुधर करने में भी सहायक होती है। अतः डेंगू बुखार (Dengue Fever) से पीड़ित व्यक्ति को अपने आहार में पालक को शामिल करना चाहिए।

(और पढ़े – पालक खाने के फायदे और नुकसान…)

डेंगू बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए – Food To Avoid For Dengue Fever In Hindi

डेंगू बुखार में क्या नहीं खाना चाहिए - Food To Avoid For Dengue Fever In Hindi

डेंगू बुखार (Dengue Fever) के इलाज के लिए कोई निश्चित दवा मौजूद नहीं हैं। इसलिए इसके इलाज के लिए परहेज बेहद जरुरी होता है, जो मरीज को बीमारी के जोखिमों और लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। अतः डेंगू की स्थिति में निम्न आहार का सेवन नहीं किया जाना चाहिए:

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