चिकनगुनिया के कारण लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय – Chikungunya causes symptoms and Home Remedies in Hindi

चिकनगुनिया के कारण लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय – Chikungunya causes symptoms and Home Remedies in Hindi
Written by Ganesh

chikungunya in hindi जैसा कि आप सभी जानते हैं चिकनगुनिया मच्छरों द्वारा फैलने वाली वायरल बीमारी है इसे चिकनगुनिया बुखार के नाम से भी जानते हैं बुखार जोकि एडिस एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है चिकनगुनिया बुखार के नाम से जाना जाता है आज हम जानेंगे कि चिकनगुनिया के कारण, चिकनगुनिया के लक्षण क्या होते हैं, चिकनगुनिया का निदान कैसे किया जाता है, चिकनगुनिया के बाद जोड़ों का दर्द को ठीक करने का तरीका और चिकनगुनिया से बचने के घरेलू उपाय कौन से हैं|

1.चिकनगुनिया क्या है – What is chikungunya in hindi
2.चिकनगुनिया के लक्षण – Chikungunya Symptoms in Hindi
3.चिकनगुनिया का कारण – Chikungunya Causes in Hindi
4.चिकनगुनिया की जांच – Diagnosis of Chikungunya in Hindi
5.चिकनगुनिया से बचाव के तरीके – Prevention of Chikungunya in Hindi
6.चिकनगुनिया में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in Chikungunya in hindi
7.चिकनगुनिया से बचने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Chikungunya in Hindi
8.चिकनगुनिया से बचने का तरीका है स्वस्थ आहार – Diet to avoid chikungunya in hindi
9.चिकनगुनिया होने पर इनसे परहेज करें – Avoid them when chikungunya in hindi
10.चिकनगुनिया से बचाव के उपाय है योग और व्यायाम – Yoga and Exercise to Avoid Chikungunya in hindi

चिकनगुनिया क्या है – What is chikungunya in hindi

बुखार जोकि एडिस एजिप्टी मच्छर के काटने से होता है चिकनगुनिया बुखार के नाम से जाना जाता है बुखार का ठीक होना रोगी की आयु और रोग प्रतिरोधक शक्ति पर निर्भर करता है वायरल रोग के कारण लोगों को बुखार और जोड़ो में दर्द रहता है। यह वायरल रोग बहुत कम दिनों के लिए होता है और बहुत ही दुर्लभ मामलों में ही कभी इससे किसी की मौत होती है।

चिकनगुनिया के लक्षण – Chikungunya Symptoms in Hindi

प्रत्येक व्यक्ति में रोग के लक्षण दिखने में 2 से 5 दिन का समय लग सकता है नीचे चिकनगुनिया के मुख्य लक्षणों को बताया जा रहा है

चिकनगुनिया का कारण – Chikungunya Causes in Hindi

चिकनगुनिया का कारण - Chikungunya Causes in Hindi

जैसा की आपको पहले हमने बताया कि चिकनगुनिया एड्रेस एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है इसलिए जब किसी मनुष्य को chikungunya होता है और यह वायरस फैलता है तो इसके लिए मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है जिससे वह वायरस उस मच्छर में चला जाता है उसके बाद वही मच्छर स्वस्थ व्यक्ति को काटता है जिससे यह वायरस उस व्यक्ति के अंदर चला जाता है और उसे चिकनगुनिया हो जाता है

संक्रमण से बीमारी का समय 2-12 दिन हो सकता है लेकिन आम तौर पर यह बीमारी 3-7 दिन रहती है। कभी कभी चिकनगुनिया का संक्रमण हमारे शरीर में होता है पर उसके लक्षण नहीं दिखते हैं।

चिकनगुनिया की जांच – Diagnosis of Chikungunya in Hindi

Chikungunya चिकनगुनिया की जांच के लिए प्रयोगशाला में आरटी पीसीआर और रक्त परीक्षण के द्वारा वायरस की जांच की जाती है|

चिकनगुनिया से बचाव के तरीके – Prevention of Chikungunya in Hindi

आप चिकनगुनिया से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय कर सकते

  1. अपनी त्वचा को कपड़े से ढक कर रखें कहने का मतलब है की फुल स्लीव के कपड़े पहने ताकि मच्छर आपकी त्वचा पर सीधे ना काट सके।
  2. मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर के अंदर और बाहर साफ सफाई रखें और खुले हुए पानी के स्रोतों को बंद कर दें।
  3. घर में मच्छरों को आने से रोकने के लिए घर की खिड़कियों पर जाली का प्रयोग करें।
  4. मच्छरों के काटने से खुद को बचाएँ। (और पढ़े – मच्छर भगाने के घरेलू उपाय ,मच्छरों को कहें अलविदा)
  5. अपने आप को हाइड्रेटेड रखें।
  6. कमरे में कपूर जलाने से भी मच्छर दूर रहते हैं।

चिकनगुनिया में डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in Chikungunya in hindi

यदि आपको बहुत तेज बुखार और जोड़ों में तीव्र दर्द के साथ ऊपर बताए गए चिकनगुनिया के लक्षणों में से कोई भी लक्षण होता है तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए

चिकनगुनिया से बचने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Chikungunya in Hindi

chikungunya के लक्षण वायरस से युक्त एक मच्छर द्वारा काट लिए जाने के तीन से सात दिनों बाद दिखाई देते हैं। लक्षणों में बुखार, जोड़ों में दर्द, संयुक्त सूजन, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, मतली, उल्टी और थकान शामिल हो सकते हैं।

इन सभी लक्षणों में, संयुक्त दर्द सबसे प्रमुख और दर्दनाक में से एक है। मरीजों को अत्यधिक जोड़ों के दर्द का सामना करना पड़ सकता है, जो लगभग असहनीय हो सकता है और महीनों या उससे भी अधिक समय तक रह सकता है

इस बीमारी के लिए कोई इलाज नहीं है, और इसके बाद के प्रभाव में बहुत परेशानी हो सकता है। हालांकि, कुछ घरेलू उपाय हैं जो चिकनगुनिया के लक्षणों को कम करने में प्रभावी मने जाते है, विशेष रूप से जोड़ों के दर्द में

आज हम आपको चिकनगुनिया के बाद के दर्द के इलाज और उससे निपटने के कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं

नारियल पानी से करें चिकनगुनिया का घरेलू उपचार – Coconut water for Chikungunya in hindi

आप चिकनगुनिया का और घरेलू उपचार करने के लिए नारियल पानी का उपयोग कर सकते हैं नारियल पानी में पोषक तत्वों से युक्त होता है और यह चिकनगुनिया के वायरस से लड़ने में आपकी सहायता करता है आप नारियल पानी का सेवन कुछ दिनों के लिए प्रतिदिन के हिसाब से कर सकते हैं जिससे आपको जोड़ों में दर्द को कम करने में मदद मिलेगी साथ ही यह शरीर की सूजन को कम करने में भी आपकी हेल्प करता है|

(और पढ़े – नारियल पानी के फायदे और  स्वास्थ्य लाभ)

चिकनगुनिया का आयुर्वेदिक इलाज है तुलसी की पत्तियां – Tulsi leaves for Chikungunya in hindi

आप अपने घर में लगे तुलसी के आठ 10 पत्तों को लेकर पानी में उबालने और जब पानी आधा रह जाए तो इससे पूरे दिन के लिए एक एक वोट करके थोड़ी थोड़ी देर बाद पीते रहे

तुलसी की पत्तियों में बहुत प्रभावी गुण पाए जाते हैं जो चिकनगुनिया की बुखार के इलाज के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं तुलसी की पत्ती में बुखार को कम करने वाले गुण होते हैं इसलिए आप चिकनगुनिया के बुखार को कम करने के लिए तुलसी की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं (और पढ़े – तुलसी के फायदे और नुकसान)

चिकनगुनिया से बचने का घरेलू उपाय है हल्दी – Turmeric for Chikungunya in hindi

आप दूध के साथ हल्दी को मिलाकर हल्का गुनगुना कर पी सकते हैं इसको आप सुबह एक गिलास और शाम को सोते समय एक गिलास का सेवन करें जिससे आप चिकनगुनिया के बुखार और इसमें होने वाले जोड़ों में दर्द (Joint pain) से राहत पा सकते हैं (और पढ़े – हल्दी और दूध के फायदे और नुकसान)

हल्दी भारत में कई वर्षों से एक लोकप्रिय घरेलू औषधि के रूप में उपयोग की जाने वाले मसालों में से एक है हल्दी में करक्यूमिन नामक एक एंटीआक्सीडेंट होता है जो त्वचा की सूजन को कम करने वाला और दर्द में राहत देने वाला होता है इसलिए घरों में हल्दी का उपयोग सूजन कम करने और दर्द कम करने के लिए किया जाता है

चिकनगुनिया का आयुर्वेदिक इलाज है पपीते की पत्तियां – Papaya Leaf Juice For Chikungunya in Hindi

पपीते की पत्तियों का उपयोग डेंगू व चिकनगुनिया दोनों में ही प्रभावी होता है क्योंकि डेंगू में शरीर में प्लेटलेट्स की कमी आती है जिसे पूरी करने के लिए पपीते की पत्तियां एक कारगर उपाय मानी जाती हैं आप चिकनगुनिया से बचने के लिए पपीते की ताजा पत्तियां ले लें इन को मसलकर इन का जूस निकाल लें और इस जूस को साफ पानी में मिक्स कर लें इस बने हुए मिश्रण के रस के 2 बड़े चम्मच को आप दिन में तीन से चार बार सेवन करते रहें दो-तीन दिन तक लगातार इसका सेवन करने से आपको चिकनगुनिया के लक्षणों में राहत प्राप्त हो जाएगी|

चिकनगुनिया के दर्द का इलाज है लहसुन – Garlic for Chikungunya in Hindi

लहसुन का उपयोग कई सालों से दर्द को दूर करने के लिए किया जाता आ रहा है और इसे बाहर रुप से उपयोग किया जाता है लहसुन का उपयोग खाने में भी किया जाता है यह गर्माहट देने के लिए जाना जाता है

चिकनगुनिया के इलाज के लिए लहसुन की 10 12 पोथी को लेकर काटने और उनका एक पेस्ट बना लें और इसे आप अपने प्रभावित हिस्से जहां पर दर्द हो रहा है वहां पर लगाएं और कुछ घंटे के लिए छोड़ दें इस उपाय को आप कुछ दिनों तक दिन में एक से दो बार करें आपको अपने जोड़ों के दर्द से जरूर राहत प्राप्त होगी

चिकनगुनिया के दर्द का इलाज है अदरक Ginger for Chikungunya in Hindi

अदरक में एंटी इन्फ्लामेंट्री और दर्द निवारक गुण होते हैं जो चिकनगुनिया से पीड़ित होने के दौरान अनुभव होने वाले दर्द और सूजन का सामना करने में मदद कर सकते हैं। इसके शक्तिशाली यौगिकों को जिंजरोल कहते हैं दर्द को कम करते हैं।

चिकनगुनिया के लिए अदरक की चाय लाभदायक होती है अदरक पूरे शरीर में रक्त परिसंचरण में सुधार करता है जिससे प्रतिरक्षा-बढ़ती है।

अदरक की चाय को एक दिन में 3 बार पीना चाहिए। चाय बनाने के लिए, 1 या 1½ कप पानी उबालें, उसमें 5 या 6 अदरक के स्लाइस डालें और इसे 5 से 10 मिनट के लिए उबाल लें। चाय पीने के समय यह थोड़ी गर्म होनी चाहिए।

आप रोजाना 3 से 4 बार अदरक की खुराक ले सकते हैं, इसके अलावा, आप दर्दनाक क्षेत्र को अदरक के तेल के साथ दिन में मालिश भी कर सकते हैं।

चिकनगुनिया से बचने के घरेलू उपाय है गिलोय – Giloy For Chikungunya in Hindi

अगर आप चिकनगुनिया का उपचार आयुर्वेदिक तरीके से करना चाहते हैं तो गिलोय इसमें आपका सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता है गिलोय का उपयोग कई सालों से आयुर्वेदिक औषधि बनाने और विभिन्न प्रकार की हर्बल दवाओं में किया जा रहा है जिसका उपयोग जोड़ों के दर्द और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है (और पढ़े – गिलोय के फायदे, स्वास्थ्य लाभ और औषधीय गुण)

चिकनगुनिया से राहत पाने के लिए आप अपने भोजन में गिलोय कैप्सूल या फिर गिलोय की 1 ग्राम की मात्रा का उपयोग कुछ हफ्तों के लिए कर सकते हैं कि गिलोय मुख्य रूप से बुखार को कम करने के लिए जाना जाता है इस में सूजन को कम करने वाले गुण भी होते हैं जो कि चिकनगुनिया के लक्षणों में राहत देते हैं और संक्रमण से बचाने में आपकी सहायता करते हैं

गिलोय का उपयोग करते समय आपको कुछ सावधानी भी रखनी होगी 5 साल से कम उम्र के बच्चों को गिलोय नहीं देना चाहिए और वयस्कों को भी प्रतिदिन 3 ग्राम से अधिक गिलोय का सेवन नहीं करना चाहिए

चिकनगुनिया से बचने का घरेलू उपाय है आइस थेरेपी – home remedy for Chikungunya is Ice therapy in hindi

आइस थेरेपी जोड़ों के दर्द के लिए बहुत ही लाभदायक होती है इसके लिए आप बर्फ की क्यूब को थोड़ा Crush कर लेना है और एक छोटे तोलिये मैं उन्हें लपेटकर कुछ मिनटों के लिए उस स्थान पर रखना है जहां आपको सूजन और दर्द महसूस हो रही है इस प्रकार आइस थेरेपी चिकनगुनिया और अन्य प्रकार के जोड़ों के दर्द को कम करने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है क्योंकि यह प्रभावित क्षेत्र के रक्त प्रवाह को धीमा कर देता है और आपको होने वाले दर्द से राहत देता है

चिकनगुनिया के बाद जोड़ों का दर्द को करें मालिश से दूर – Oil Massage for Chikungunya Pain in Hindi

अरंडी तेल (Castor oil) में सूजन को कम करने वाले गुण होते है जो चिकनगुनिया के कारण होने वाले दर्द को कम करने के लिए जाने जाते हैं। दालचीनी में भी सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं और यह जोड़ों के दर्द को कम करने में अरंडी तेल को बढ़ावा देती है।

2 बड़े चम्मच कैस्‍टर आयल को हल्का गर्म करें और इसमें एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाएँ। अच्छी तरह से मिक्स करें और प्रभावित जगह पर कुछ मिनटों के लिए धीरे से मालिश करें। दिन के दौरान दो से तीन बार इस तेल के साथ मालिश करें जिससे आपको जल्दी ही लाभ प्राप्त होगा।

चिकनगुनिया से बचने का तरीका है स्वस्थ आहार – Diet to avoid chikungunya in hindi

चिकनगुनिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चैये ये भी बहुत अधिक मायने रखता है जिससे आप जल्दी ठीक हो सकते है कई बार बीमारी का सही इलाज होने के बाद बीमारी से उबरने के लिए सही आहार की एक विशेष भूमिका होती है इसलिए यदि आप सही आहार का सेवन करते हैं तो आप बीमारी से जल्दी ही ठीक हो जाएंगे और साथ ही साथ अपने स्वास्थ्य को भी बरकरार रख पाएंगे जिससे आपको कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा यहाँ हम आपको चिकनगुनिया से बचने आयर उसके बाद लिए जाने वाले आहार के बारें में बता रहे है

  • विटामिन ए से समृद्ध आहार जैसे कि फल सब्जियां गाजर का सेवन अधिक मात्रा में करें
  • तरल पदार्थों का सेवन जैसे कि पानी सूप और फलों के रस का सेवन भी अधिक मात्रा में करना चाहिए जिससे वायरस से लड़ने में सहायता प्राप्त होती है
  • मूली खाने से बलगम पतला होता है और नाक के भीतर के क्षेत्र साफ होते हैं इसलिए आप अपने खाने में मूली को शामिल करें जिससे आपको चिकनगुनिया के समय होने वाले सिर दर्द और सर्दी जुकाम से राहत मिलेगी
  • कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ है जो ओमेगा 3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत माने जाते हैं जैसे की मछलियां, बादाम, अखरोट इनका सेवन आपको अपने भोजन में अवश्य करना चाहिए ताकि आप चिकनगुनिया के वायरस से लड़ सकते हैं
  • चिकनगुनिया से लड़ने के लिए कच्ची गाजर खाना एक अच्छा विकल्प माना जाता है क्योंकि चिकनगुनिया के लक्षणों के विरोध में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

चिकनगुनिया होने पर इनसे परहेज करें – Avoid them when chikungunya in hindi

तेज मसालेदार और गहरा तला भोजन, कैफीन युक्त पेय, धूम्रपान, और शराब पीने से परहेज करें क्योंकि ये सभी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को कमजोर करते हैं.

चिकनगुनिया से बचाव के उपाय है योग और व्यायाम – Yoga and Exercise to Avoid Chikungunya in hindi

जब भी चिकनगुनिया होता है तो तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द बढ़ता जाता है जिसे दूर करने के लिए आप हल्के बयान जैसे की स्ट्रेचिंग जोगिंग आदि का सहारा ले सकते हैं ऐसा करने से आप के जोड़ों में गति उत्पन्न होगी जिससे उन के दर्द में कमी आएगी आप बयाम करे और योग करने के बाद उनमें हल्की जैतून के तेल के साथ मालिश कर सकते हैं जिससे आपके जोड़ों के दर्द में तीव्र राहत प्राप्त होगी और आप कुछ ही दिनों में ठीक हो जाएंगे|

इसी तरह योग करने से भी आपके प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत ही प्राप्त होती है और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है यह जरूरी है कि आप योग की शुरुआत धीमे धीमे और सरल आसन से करें मुख्यतया वैसे आसन चुनें जो स्वास्थ्य पर आधारित होते हैं इस प्रकार आप योग के द्वारा अपने जोड़ों के दर्द से कुछ हद तक राहत प्राप्त कर सकते हैं और इससे आपका मन भी शांत होगा जिससे आप सिर दर्द जैसी समस्या से बच पाएंगे|

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