मूली खाने के फायदे और नुकसान – Radish Benefits and side Effects in Hindi

मूली खाने के फायदे और नुकसान - Radish Benefits and side Effects in Hindi
Written by Sneha

Muli Khane Ke Fayde Aur Nuksan मूली का उपयोग भोजन और दवा दोनों रूप में प्रयोग किया जाता है। मूली खाने के फायदे जानने के बाद आप इसे जरुर खायेंगे। पेट और आंतों के विकार, पित्त नली की समस्याएं (bile duct problems), भूख की कमी, मुंह और गले की सूजन, संक्रमण, बुखार, सर्दी और खांसी आदि सभी समस्याओं के इलाज के लिए मूली का उपयोग किया जाता है। मूली (radish) जो एक प्रकार की जड़ है, यह पाचन रस (digestive juices) और पित्त रस के प्रवाह को उत्तेजित कर सकती है। मूली, मूली के बीज, मूली के पत्ते तथा मूली की जड़ बैक्टीरिया (bacteria) और अन्य सूक्ष्मजीवों से लड़ने में भी सक्षम हो सकती है।

अतः मूली का सेवन अनेक प्रकार की समस्याओं से छुटकारा पाने और शरीर को स्वास्थ्य रखने के लिए आवश्यक है। आप इस लेख के माध्यम से जानेंगे की मूली खाने के फायदे और नुकसान क्या हैं।

मूली क्या है – What Is Radish In Hindi

Radish मूली या रैफेनस सैटाइवस (Raphanus sativus) एक प्रकार की जड़ वाली सब्जी है, जो कि ब्रासीसियाई (Brassicaceae) परिवार से संबंधित है। दुनिया भर में मूली की कई किस्में या प्रजातियां होती हैं जो कि आकार, रंग और वजन में भिन्नता रखती हैं। मूली(radish) के साथ-साथ उसकी पत्तियाँ और बीज के कई फायदे ज्ञात हैं। मूली का सेवन, उन्हें कच्चे, पके हुए या मसालेदार रूप में किया जा सकता है।

मूली के पोषक तत्व – Nutritional Value of Radish in Hindi

Radish मूली विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों और विटामिनों में समृद्ध हैं। इससे अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त करने के लिए आहार में शामिल किया जा सकता है। मूली में कैलोरी की बहुत कम मात्रा पाई जाती और कोलेस्ट्रॉल बिलकुल भी उपस्थित नहीं होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और फाइबर (fiber) होता है। मूली विटामिन सी का समृद्ध स्त्रोत है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अपना योगदान देता है। इसमें पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन और मैंगनीज जैसे खनिज पदार्थों की उचित मात्रा भी पाई जाती है। इसमें फोलेट (folate) भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।

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मूली खाने के फायदे – Muli Khane Ke Fayde In Hindi

Radish मूली विभिन्न प्रकार के खनिज, पोषक तत्व और विटामिनों का स्त्रोत है। जो विभिन्न प्रकार की मानव स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं को कम करने, उनका इलाज करने और उनके जोखिमों को कम करने के लिए सहायक सब्जी है। अतः मूली खाने के विभिन्न फायदे निम्न हैं:

मूली खाने के फायदे हृदय स्वास्थ्य में – Mooli Khane Ke Fayde For Heart In Hindi

Radish मूली का सेवन व्यक्ति में कार्डियोवैस्कुलर रोगों (cardiovascular disease) को कम करने या रोकने के लिए कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को कम करने में मदद करता है। मूली में कुछ फ्लेवोनोइड्स (flavonoids) शामिल होते हैं, जो दिल के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। हृदय कार्यों का सीधा संबंध रक्तचाप से होता हैं। उच्च रक्तचाप अक्सर स्ट्रोक (strokes) और हार्ट अटैक जैसी दिल की गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। चूंकि मूली रक्तचाप को नियंत्रित करती है, इसलिए यह दिल के दौरे (heart attack) की संभावनाओं को बहुत कम कर देती है। अतः हृदय रोग से सम्बंधित व्यक्तियों को मूली का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

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मूली का रस पीने के फायदे वजन कम करने में – Mooli Ka Juice Peene Ke Fayde for weight loss in Hindi

Radish मूली (radish) वजन कम के लिए एक प्रभावी आहार है। जो व्यक्ति अपने वजन को कम करना चाहते हैं, वे इसे अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। मूली में फाइबर की अधिक मात्रा पाई जाती है, तथा कम कैलोरी प्रदान करती है। इसलिए मूली जैसी सब्जियां फाइबर और पानी से भरपूर होने के कारण वजन कम करने के लिए बेहद फायदेमंद हैं। सलाद के रूप में मूली (radish) का उपभोग किया जा सकता है, यह कैलोरी के सेवन को  कम करने और चयापचय में सुधार करने में भी मदद करती है। यह पेट में वसा को जमा होने नहीं देती है। पेट में वसा का जमाव ही वजन और मोटापा बढ़ाने का कारण बनता है। अतः वजन घटाने के लिए मूली के रस (radish juice) का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

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मूली के बीज बेनिफिट्स फोर स्किन- Mooli Ke Beej Benefits For Skin In Hindi

Radish मूली में पानी की अच्छी मात्रा होने के कारण यह त्वचा में नमी को बनाए रखने में मदद करती है। फास्फोरस (phosphorus), विटामिन सी और जिंक से समृद्ध होने के कारण यह स्वस्थ त्वचा को बनाए रखने में लाभकारी है। मूली त्वचा को कोमल, स्वस्थ, झुर्रियों रहित और चमकीला बनाती है।

मूली (radish) प्रभावी रूप से त्वचा कोशिकाओं के नवीन उत्पादन और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकती है। त्वचा पर मुंहासे और काले घेरे को हटाने के लिए भी मूली का रस प्रयोग में लाया जा सकता है। विशेष रूप से मूली के बीज त्वचा को स्वास्थ्य रखने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं। इसे त्वचा पर प्रयोग करने के लिए मूली के बीज को दही के साथ मिलाकर एक पेस्ट बनाते हैं। प्रतिदिन 10-15 मिनट के लिए इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर, इसे साफ़ पानी से धो लें।

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मूली के पत्ते खाने के लाभ पीलिया के इलाज में – Mooli Ke Patte Ke Fayde Treating Jaundice In Hindi

Radish मूली (radish) मुख्य रूप से पीलिया के इलाज के लिए उपयोगी होती है, क्योंकि यह बिलीरुबिन (bilirubin) के स्तर को समाप्त कर, इसके उत्पादन को स्थिर करने में मदद करती है। मूली (radish) को मुख्य रूप से प्राकृतिक उपचार के रूप में जाना जाता है और मूली के पत्ते प्राकृतिक उपचार के लिए सबसे उपयोगी होते हैं। मूली के पत्तों में शक्तिशाली detoxifying प्रभाव होता है जो विषाक्त पदार्थों शरीर से बाहर करने और रक्त को शुद्ध करने में मदद करता हैं। मूली (radish) ऑक्सीजन की आपूर्ति में वृद्धि करके पीलिया (jaundice) से पीड़ित लोगों में लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से रोकने में भी मदद करती है।

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मूली के रस के फायदे बालों के लिए – Radish Juice Benefits For Hair In Hindi

बाल प्रत्येक व्यक्ति में सौंदर्य विशेषता का प्रमुख हिस्सा होते हैं। मूली का रस (radish juice) बालों में लगाने से बाल मजबूत हो जाते हैं। अतः मूली बालों के झड़ने को कम करने के लिए एक प्रभावी माध्यम है। बालों से सम्बंधित समस्याओं को कम करने के लिए मूली का रस सिर में लगाकर 10-15 मिनट तक मालिश करना चाहिए। फिर कुछ समय बाद शैम्पू का उपयोग करके अच्छी तरह से सिर को धोना चाहिए। यह बाल गिरने को कम करने के साथ-साथ, बालों की वृद्धि करने और डैंड्रफ़ को हटाने में सहायक होता है। इसके लिए सफेद मूली का उपयोग किया जा सकता है। मूली (radish) बालों को मजबूती प्रदान करने, मुलायम और चमकीला बनाने तथा बालों की वृद्धि करने के लिए उपयोग में लाई जा सकती है।

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मूली खाने के लाभ रक्त चाप और मधुमेह के इलाज में – Radish Health Benefits Blood Pressure And Diabetes In Hindi

Radish मूली में पोटेशियम पाया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं (blood vessels) को रिलेक्स करने और रक्त प्रवाह में वृद्धि करने में मदद करता है। मूली (radish) में उपस्थित पोटेशियम, नियमित रक्त प्रवाह को बनाये रखता है, जिससे रक्तचाप (blood pressure) कम हो जाता है। मूली की खपत या मूली का सेवन, रक्त शर्करा (blood sugar) के स्तर को प्रभावित नहीं करती है, क्योंकि इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) बहुत कम मात्रा में पाया जाता है। परन्तु इसका सेवन, रक्त में शर्करा के अवशोषण को भी नियंत्रित करता है, इसलिए मधुमेह में इसका सेवन सुरक्षित होता है।

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मूली के रस का लाभ बुखार में – Mooli Ka Juice Peene Ke Fayde For Fever In Hindi

बुखार के प्रभाव से शरीर के तापमान में वृद्धि होती है। चूँकि मूली ठंडी सब्जी है। जिसके कारण इसका उपयोग शरीर के उच्च तापमान को कम करने के लिए किया जा सकता है। इसका सेवन सिरदर्द में राहत प्रदान करता है। व्यक्ति को बुखार के दौरान पानी का अधिक मात्रा में सेवन करने का सुझाव दिया जाता है, जिससे सभी हानिकारक रोगाणुओं को पेशाब के माध्यम से बाहर किया जा सके। अतः पानी की उच्च मात्रा होने के कारण मूली को बुखार की अवस्था में सेवन करने की सलाह दी जाती है। सोने से पहले मूली (radish) का सेवन अनेक प्रकार के लाभदायक परिणाम प्रदान कर सकता है।

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मूली खाने के फायदे लिवर को स्वास्थ्य रखने में –  Radishes Benefits For Liver Health in Hindi

Radish मूली लिवर और पेट के लिए बहुत फायदेमंद होती है। इसमें शक्तिशाली detoxifying एजेंट पाए जाते हैं, जो रक्त को शुद्ध करने तथा अपशिष्ट पदार्थ और विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर करने में मदद करते हैं। विषाक्त पदार्थों और अशुद्ध रक्त के कारण ही लिवर (Liver) की समस्या पैदा होती हैं। इसलिए लिवर को स्वास्थ्य रखने के लिए अधिक से अधिक मूली (radish) का सेवन करना चाहिए।

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मूली का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए – Radish for Immune System in Hindi

प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर की हानिकारक पदार्थ से रक्षा करती हैं। प्रतिरक्षा में कमी या गड़बड़ी विभिन्न प्रकार की समस्याओं का कारण बनती है। अतः प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने तथा उसे मजबूत बनाने के लिए मूली (radish) का सेवन करना चाहिए।, विशेष रूप से सफेद मूली का नियमित रूप से सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार कर सकता है।

मूली के फायदे मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में – Muli Ke Fayde For Muscle In Hindi

मांसपेशियों को बनाने के लिए बहुत सारे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण का प्रमुख आधार है। मूली(radish), प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत होती है, इसलिए मांसपेशियों की मरम्मत और निर्माण में शरीर की सहायता के लिए आहार में मूली को शामिल किया जाना चाहिए।

बेनिफिट्स ऑफ मूली जूस फॉर कैंसर – Radish Juice Benefits For Cancer In Hindi

विटामिन सी, फोलिक एसिड और एंथोसायनिन (anthocyanin) से युक्त मूली का रस, कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने तथा उन्हें नष्ट करने में मदद करता है। वास्तव में, मूली का रस आंतों में कोलन कैंसर (colon cancer), गुर्दे का कैंसर (kidney cancer), पेट कैंसर आदि के इलाज में मदद के लिए जाना जाता है।

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बवासीर में मूली के फायदे – Radish juice For Piles Treatment in Hindi

बवासीर एक गंभीर समस्या है जो व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बनती है। अतः इसके इलाज में मूली लाभकारी प्रभाव डालती है। मूली के रस (radish juice) को बवासीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। मूली के रस में पाया जाने detoxifying गुण इसे ठीक करने में मदद करते हैं।

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मूली के लाभ कब्ज दूर करने मेंRadish Benefits for Constipation in Hindi

कब्ज (Constipation) वह समस्या है जो मल त्याग के दौरान दर्द का कारण बनती है। चूँकि मूली (radish) में फाइबर बहुत अधिक होता है और जब फाइबर की अधिक मात्रा का सेवन किया जाता है तो कब्ज से राहत मिलती है। मूली का नियमित सेवन आंत्र आंदोलनों (bowel movements) को नियंत्रित करने में मदद करता है। यदि सही मात्रा में मूली का सेवन किया जाये, तो यह गैस की समस्या को उत्पन्न नहीं करती है।

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मूली को खाने के लाभ एनीमिया के इलाज में – Muli Khane Ke Fayde Treating Anemia In Hindi

Radish मूली आयरन का एक अच्छा स्त्रोत है। जिसके कारण इसका नियमित रूप से सेवन एनीमिया के जोखिम को कम करने और एनीमिया के इलाज में बहुत प्रभावी है। एनीमिया खून में आयरन की कमी के कारण होता है। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के विकास में सहायता करता है तथा व्यक्ति को स्वस्थ रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अतः एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति को नियमित रूप से मूली (radish) का सेवन करना चाहिए।

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मूली खाने का सही समय और तासीर – Muli Khane Ka Sahi Samay Aur Taseer In Hindi

Radish मूली की तासीर गर्म होती है इसलिए ज्यादा मात्रा में मूली खाने के नुकसान भी हो सकते है इसलिए इसकी कम मात्रा से शुरुवात करें और बाद में बढ़ाते जाए दूध के साथ मूली ना खाएं और मूली खाने का सही समय दिन में होता है | याद रखे कोई भी कच्ची सब्जी, जूस, कच्चे फल हमेशा दिन में खासतौर से दोपहर के समय ही खाने चाहिए इससे एक तो इनको पचने में काफी समय मिल जाता है दूसरा इनसे कफ नहीं बनता है | रात के समय पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है इसलिए इस समय पूरी तरह पके हुए भोजन ही करने चाहिए और वो भी कम मात्रा में।

मूली खाने के नुकसान – Muli Khane Ke Nuksan In Hindi

Radish मूली की उचित मात्रा का सेवन शायद ही कभी मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालता है लेकिन जब मूली का अनुचित मात्रा में सेवन किया जाता है तो यह अनेक समस्याओं का कारण बन सकती है। मूली खाने के नुकसान के तहत निम्न समस्याएं शामिल हैं:

मूली खाने से किडनी के लिए नुकसान – Radish Not Good For Kidneys in Hindi

Radish मूली प्रकृति रूप से मूत्रवर्धक के रूप में जानी जाती है अतः यह शरीर में मूत्र उत्सर्जन को बढ़ाती है। जिसके कारण यह विषाक्त पदार्थों और अन्य अशुद्धियों को शरीर से हटाने में बहुत फायदेमंद है। मूली किडनी (kidneys) को स्वस्थ रखने में भी मदद करती है।

लेकिन मूली (radish) का अत्यधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है। बहुत अधिक मूली खाने से, मूत्र उत्सर्जन के द्वारा शरीर में पानी की कमी हो सकता है जिससे निर्जलीकरण की समस्या पैदा हो सकती है। यह निर्जलीकरण किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है।

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मूली के नुकसान से हाइपोटेंशन Muli Khane Ke Nuksan Hypotension In Hindi

नियमित और उचित मात्रा में मूली (radish) का सेवन करने से रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। रक्त चाप में नियंत्रण, मुख्य रूप से मूली में उपस्थित महत्वपूर्ण खनिज “पोटेशियम” की उपस्थिति के कारण होता है। लेकिन यह ध्यान रखना चाहिए कि अत्यधिक मात्रा में मूली का सेवन रक्तचाप पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

मूली (radish) का अत्यधिक सेवन सम्बंधित व्यक्ति में रक्तचाप को असामान्य रूप से बहुत निम्न स्तर तक कम कर सकता है, जिससे हाइपोटेंशन (Hypotension) या रक्तचाप में कमी की समस्या बढ़ सकती है। अत्यधिक मूली का सेवन अत्यधिक मात्रा में न करें।

(और पढ़े – निम्न रक्तचाप के कारण, लक्षण और इलाज)

मूली खाने से थायराइड को नुकसान – Radish Not Good For Thyroid in Hindi

नियमित और उचित मात्रा में मूली (radish) खाने से विभिन्न थायराइड (thyroid) समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन मूली में मौजूद “गोइट्रोजन” (Goitrogen) नामक यौगिक, थायराइड हार्मोन में हस्तक्षेप कर सकता है और थायराइड ग्रंथि (thyroid gland) के खराब होने का कारण बन सकता है। इस पदार्थ “गोइट्रोजन” को भोजन को पकाकर आसानी से दूर किया जा सकता है। इसलिए, थायरॉइड समस्या से पीड़ित व्यक्ति को मूली (radish) को पकाकर खाना उचित होता है।

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मूली का सेवन हाइपोग्लाइसेमिया का कारण – Radish Side Effects Cause Hypoglycemia In Hindi

Radish मूली (radish) में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (low glycemic index) और लो शुगर (low sugar) गुण मौजूद होने के कारण मधुमेह वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। लेकिन मूली का अत्यधिक मात्रा में सेवन रक्त में शुगर के अत्यधिक कम स्तर का कारण बन सकती है जिससे “हाइपोग्लाइसेमिया” नामक स्थिति से जाना जाता है।

हाइपोग्लाइसेमिया (Hypoglycemia) की  स्थिति में रक्त में शुगर (sugar) का स्तर बहुत अधिक निम्न स्तर तक पहुँच जाता है।

पथरी की बीमारी वाले व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं के लिए मूली के सेवन से बचना चाहिए क्योंकि इस स्थिति में इसका सेवन गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकता है।

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