बवासीर (हेमोरॉहाइड्स) क्या है: कारण, लक्षण, निदान, इलाज, रोकथाम और घरेलू उपचार – Hemorrhoids (piles) in Hindi

बवासीर (हेमोरॉहाइड्स) क्या है: कारण, लक्षण, निदान, इलाज, रोकथाम और घरेलू उपचार - Hemorrhoids (piles) Causes, Symptoms, diagnosed, Treatment, Prevention and Home remedies in Hindi
Written by Rajendra Patel

बवासीर या पाइल्स (Hemorrhoids) होना एक आम बात है। यह समस्या पुरुषों ओर महिलाओं को समान रूप से प्रभावित करती है। बवासीर के इलाज के लिए बहुत से तारीके उपलब्ध हैं। हेमोरॉहाइड्स से पीड़ित लोग घरेलू उपचार अपनाकर और जीवन शैली में बदलाव लाकर इसके लक्षणों से राहत प्राप्त कर सकते हैं। हलांकि बवासीर (piles) खतरनाक नहीं हैं लेकिन बहुत अधिक कष्टदायक हो सकता है। बहुत से लोगों को बवासीर होता हैं, लेकिन इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते हैं। आज के इस आर्टिकल में आप बवासीर के बारे में जानेंगे कि यह क्या है, इसके लक्षण क्या होते है,ओर इसका उपचार, निदान, और घरेलू उपाय क्या है।

1. बवासीर क्या है – What is Haemorrhoids
2. बवासीर के प्रकार – Types of Piles in Hindi
3. बवासीर के कारण – Haemorrhoids Causes in Hindi
4. बवासीर के लक्षण – Haemorrhoids Symptoms in Hindi
5. बवासीर  का निदान – Haemorrhoids Diagnosis in Hindi
6. बवासीर का उपचार – Haemorrhoids Treatment in Hindi
7. बवासीर के लिए सर्जिकल प्रक्रियांयें-  Surgical procedures for hemorrhoids in hindi
8. बवासीर से होने वाली जटिलतायें – Haemorrhoids Complications in hindi
9. पाइल्स या बवासीर होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in hindi
10. बवासीर की रोकथाम – Haemorrhoids Prevention in Hindi
11 बवासीर के घरेलू उपचार – Home remedies for Haemorrhoids in Hindi

बवासीर क्या है – What is Haemorrhoids in hindi

पाइल्स या बवासीर (Hemorrhoids) गुदा के आसपास या निचले गुदा में स्थित नसों में सूजन या हानिकारक ऊतकों का संग्रह हैं। बवासीर को piles भी कहा जाता है। हेमोरॉहाइड्स (बवासीर) होने के बहुत से कारण हैं, लेकिन इसके होने का सही कारण स्पष्ट नहीं किया जा सकता है।

बवासीर के प्रकार – Types of Piles in Hindi

पाइल्स होने की स्थति के आधार पर दो प्रकार का हो सकता है, आंतरिक बवासीर (Internal haemorrhoids) और बाहरी बवासीर (External haemorrhoids)

आंतरिक बवासीर (Internal haemorrhoids) – गुदा में या गुदा के भीतर विकसित होता हैं।

बाहरी बवासीर (External haemorrhoids) – गुदा के बाहर, त्वचा के नीचे विकसित होते हैं।

बाहरी बवासीर सबसे सामान्य और सबसे अधिक कष्टप्रद हैं। बवासीर के कारण दर्द, गंभीर खुजली, और बैठने में कठिनाई आदि समस्यओं से मरीज को जूझना पड़ सकता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि बवासीर का इलाज मुमकिन हैं।

बवासीर के कारण – Haemorrhoids Causes in Hindi

गर्भावस्था, बवासीर (piles) के जोखिम को बढ़ा सकती है, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान शरीर में दबाव बढ़ जाता है। रक्त वाहिकाओं में दबाव के कारण गुदा के चारों ओर नसों में फैलाव होता है, या सूजन आ जाती है। जिससे निचले गुदा में बढ़ते दबाव के कारण बवासीर होता हैं। अतः बवासीर होने के निम्न कारण हो सकते है –

  • मलोत्सर्जन के दौरान तनाव
  • स्थायी दस्त या कब्ज
  • मोटापा
  • गर्भावस्था
  • गुदा संभोग
  • भारी वजन उठाना
  • बवासीर का एक पारिवारिक इतिहास होना
  • फाइबर आहार (मक्का, दालें, फल, गेहूं का आटा, ब्राउन राइस इत्यादि) का कम सेवन करना भी हेमोराइड का कारण बनता है।
  • शौचालय पर लंबे समय तक बैठना भी बवासीर के खतरे को बढ़ाता है।

बवासीर के लक्षण – Haemorrhoids Symptoms in Hindi

बवासीर, रेक्टल (मलाशय) और गुदा में परेशानी का सबसे सामान्य कारण बनता हैं। बवासीर के लक्षणों में शामिल हैं:

  • गुदा के आसपास संवेदनशील या दर्दनाक गांठ होना।
  • गुदा के आसपास खुजली या जलन होना।
  • शौचक्रिया के दौरान रक्त निकलना और दर्द महसूस होना।
  • गुदा के आसपास दर्द महसूस होना।
  • गुदा के चारों ओर सूजन आना।
  • बवासीर में रक्तस्राव के कारण कमजोरी आना और एनीमिया के लक्षण विकसित होना।
  • बवासीर (piles) रक्त की आपूर्ति रोकता है, जो संक्रमण या रक्त के थक्के सहित अन्य जटिल समस्यों का कारण बनता है।
  • आंतरिक बवासीर गुदा के अंदर विकसित होता है, इसलिए इस प्रकार के बवासीर के सामान्य लक्षणों को स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। इसमें गुदा से रक्तस्राव होता है।

बवासीर  का निदान – Haemorrhoids Diagnosis in Hindi

बाहरी बवासीर (external Hemorrhoids) में डॉक्टर मरीज का बाह-शारीरिक परीक्षण करता है, एवं उसका निदान कर सकता है।

लेकिन डॉक्टर आंतरिक बवासीर की पहचान करने या उसके निदान के लिए विभिन्न टेस्ट और प्रक्रियाओं की सलाह दे सकता है

डिजिटल परीक्षण  (Digital examination)

इसे डिजिटल रेक्टल परीक्षण के रूप में जाना जाता है। इस परीक्षण के दौरान, आपका डॉक्टर आपके गुदा में, दस्ताने पहनकर और स्नेहक युक्त उंगली डालता है। यदि डॉक्टर को असामान्य महसूस होता  हैं, तो वे एक अन्य परीक्षण सिग्मोइडोस्कोपी (sigmoidoscopy) का आदेश दे सकते हैं।

दृश्य निरीक्षण (Visual inspection)

आंतरिक हेमोराइड में रेक्टल परीक्षा के दौरान बवासीर को महसूस कर पहचानना बहुत कठिन होता हैं। इसलिए डॉक्टर एनोस्कोप, प्रोक्टोस्कोप या सिग्मोइडोस्कोप की सहायता से कोलोन (colon) और गुदा के निचले भाग का परीक्षण करते है।

आंतरिक हेमोराइड (piles) का निदान करने के लिए सिग्मोइडोस्कोपी (sigmoidoscopy) में एक छोटे से कैमरे का उपयोग किया जाता है। यह छोटा फाइबर ऑप्टिक कैमरा (fiber-optic camera), एक छोटी ट्यूब के सहारे गुदा में प्रवेश कराया जाता  है। इस परीक्षण में  गुदा के अंदर बवासीर की जाँच दृश्य फिल्म के माध्यम से की जाती है। इस जाँच से डॉक्टर बवासीर की स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर लेता है।

कॉलोनोस्कोपी (colonoscopy)

यदि बवासीर के संकेत ओर लक्षण, पाचन तंत्र रोग और कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer) के खतरे को प्रदर्शित करते है तो डॉक्टर कॉलोनोस्कोपी की सिफारिश कर सकता है।

बवासीर का उपचार – Haemorrhoids Treatment in Hindi

यदि बवासीर के इलाज में अन्य चिकित्सा प्रक्रियाए सफल नहीं होती या फिर बड़े बवासीर हैं तो डॉक्टर मरीज को शल्य चिकित्सा की सिफारिश कर सकता है। सर्जरी के लिए डॉक्टर निम्न प्रक्रियाओं को अपना सकता है।

दवाएं (Medications)

यदि आपको बवासीर केवल हल्की असुविधा पैदा करता हैं, तो आपका डॉक्टर ओवर-द-काउंटर क्रीम, मलहम, suppositories या पैड का सुझाव दे सकता है। इन उत्पादों में सामग्री, जैसे विच हेज़ेल, या हाइड्रोकोर्टिसोन और लिडोकेन शामिल हैं, जो कम से कम अस्थायी रूप से दर्द और खुजली से छुटकारा दिला सकती हैं।

अपने डॉक्टर द्वारा निर्देशित किए जाने के एक सप्ताह से अधिक समय तक ओवर-द-काउंटर स्टेरॉयड क्रीम का उपयोग न करें क्योंकि इससे आपकी त्वचा की परत पतली हो सकती है।

बैंडिंग (Banding)

डॉक्टर द्वारा बवासीर (pile) के बेस के चरों ओर रबर बैंड की सहायता से रक्त की आपूर्ति बंद कर दी जाती है। जिससे कुछ दिनों के बाद, बवासीर गिर जाता है। हेमोराइड बैंडिंग असुविधाजनक हो सकती है, और इससे प्रक्रिया के दो से चार दिन बाद रक्तस्राव हो सकता है।

स्क्लेरोथेरेपी (Sclerotherapy)

इस थेरपी में मरीज को (बवासीर) को सुखाने के लिए इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे हेमोराइड सिकुड़ने लगता है, और उसकी वृद्धि रुक जाती है। इस थेरेपी में कम दर्द या कोई दर्द नहीं होता है।

इन्फ्रारेड कोगुलेशन (Infrared coagulation)

होमोरोइड (बवासीर) ऊतकों  को नष्ट करने या संकुचित करने के लिए इन्फ्रारेड कोगुलेशन तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसमें बवासीर को नष्ट करने के लिए कम तीव्रता वाली इंफ्रारेड तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है।

बवासीर के लिए सर्जिकल प्रक्रियांयें-  Surgical procedures for hemorrhoids in hindi

हेमोराहोइडक्टोमी (Hemorrhoidectomy): गंभीर या बार-बार होने वाले बवासीर का प्रभावी और सम्पूर्ण रूप से इलाज करने के लिए सबसे अच्छा तरीका हेमोराहोइडक्टोमी है। हेमोराहोइडक्टोमी (Hemorrhoidectomy) सर्जरी में एनेस्थेटिक और sedation को भी शामिल किया जा सकता है।

यह बवासीर को पूरी तरह से हटाने के लिए सबसे असरदार सर्जरी है। लेकिन हेमोराहोइडक्टोमी के दौरान, मूत्राशय को खाली करने और मूत्र पथ संक्रमण के कारण कुछ समय के लिए कठिनाई महसूस हो सकती है।

हेमोराइड स्टेपलिंग (Hemorrhoid stapling): आंतरिक बवासीर के उपचार में प्रयोग की जाने वाली इस प्रक्रिया को स्टेपलड हेमोराइडोइडॉमी (stapled hemorrhoidectomy) या स्टेपल हेमोराइडोपेक्सी कहा जाता है। स्टेपलिंग में, हेमोराइडोइडॉमी (Hemorrhoidectomy) की तुलना में कम दर्द होता है।

इस प्रक्रिया में रक्त का प्रवाह हेमोराइड ऊतक के लिए बंद कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में आमतौर पर हीमोराइडोइडॉमी से कम दर्द होता है। हालांकि, इस प्रक्रिया से हीमोराइड पुनरावृत्ति और रेक्टल प्रोलैप्स (गुदा भ्रंश) (rectal prolapse ) होने का खतरा रहता है।

बवासीर से होने वाली जटिलतायें – Haemorrhoids Complications in hindi

पाइल्स या बवासीर की जटिलतायें बहुत दुर्लभ हैं लेकिन इनमें शामिल हैं:

एनीमिया (Anemia)

शायद ही कभी, बवासीर से हुई रक्त हानि एनीमिया का कारण बन सकती है, एनीमिया होने पर आपकी कोशिकाओं में ऑक्सीजन ले जाने के लिए पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं नहीं होती हैं।

अस्थिर हेमोराइड (Strangulated hemorrhoid)

यदि एक आंतरिक हेमोराइड को रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है, तो यह अत्यधिक दर्द का कारण हो सकता है।

पाइल्स या बवासीर होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in hindi

अगर आपको पता है कि आपको बवासीर हुआ है और उसमे दर्द भी हो रहा हैं, और साथ में कभी- कभी या अत्यधिक बार खून बहता हैं, तथा घरेलू उपचार अपनाने से किसी भी प्रकार का सुधार नहीं हो रहा हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें।

बवासीर की रोकथाम – Haemorrhoids Prevention in Hindi

पाइल्स  (piles) को रोकने और उसके लक्षणों को कम करने के लिए, इन तरीके अपनाना चाहिए।

  • पानी का सेवन अधिक करना चाहिए, क्योंकि अधिक पानी का सेवन मल को सख्त होने से रोक सकता है। जिससे मलोत्सर्जन के दौरान तनाव से बच सकते है।
  • उच्च फाइबर खाद्य पदार्थ को अपने भोजन में शामिल करें। जैसे अधिक फल, सब्जियां और अनाज।
  • बवासीर को होने से रोकने के लिए कंक्रीट या टाइल जैसी कठोर सतहों पर लंबे समय तक ना बैठें।
  • कब्ज बनने से रोकने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।
  • शौचालय पर बहुत लंबे समय तक न बैठें।
  • लंबे समय तक बैठे रहने से गुदा में नसों पर दबाव बढ़ता है। अतः स्थाई बैठना कम करें।
  • मोटापा कम करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

बवासीर के घरेलू उपचार – Home remedies for Haemorrhoids in Hindi

पाइल्स या बवासीर की रोकथाम के लिए घरेलू उपचार अपनाकर हल्के दर्द और सूजन से छुटकारा पाया जा सकता हैं।

(और पढ़े – बवासीर का सफल घरलू इलाज़)

गर्म जल (Warm water) –  गर्म पानी से भरे टब में बैठने से बवासीर के कारण उत्पन्न सूजन और जलन को कम करने में मदद मिलती है।

एलोवेरा (Aloe vera) – बवासीर पर शुद्ध एलोवेरा जेल का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि इसके  anti-inflammatory गुण बवासीर के लक्षणों जैसे जलन, खुजली और सूजन से राहत प्रदान करते है।

नारियल का तेल (Coconut oil) – यह एक प्राकृतिक मॉइस्चराइज़र है, जो हेमोराइड (बवासीर) के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। प्रभावित जगह पर नारियल के तेल को लगाने से जलन और सूजन कम होती है।

बर्फ (Ice) – पाइल्स में बर्फ या ठंडे पैक लगाने से दर्द और सूजन से छुटकारा पाने में भी मदद मिलती है।

ढीले और सूती कपड़े (Loose, cotton clothing) – कपास (ultra-breathable cotton) के साथ पॉलिएस्टर से बने कपड़ों को पहनने से गुदा क्षेत्र (बवासीर वाले क्षेत्र) को साफ और सूखा दोनों रखने में मदद मिलती है।

वाइप्स (Wipes) – शौचालय के बाद टॉयलेट पेपर का उपयोग बवासीर को बढ़ा सकता है। अतः इसके स्थान पर वाइप्स का उपयोग करके बवासीर के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

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