बवासीर का सफल घरेलू इलाज – Home remedy for hemorrhoids (piles) in Hindi

बवासीर का सफल घरेलू इलाज - Home remedy for hemorrhoids (piles) in Hindi
Written by Diksha

अगर आप बवासीर से परेशान हैं चाहे वो खुनी हो चाहे बादी, तो ये प्रयोग आपके लिए रामबाण से कम नहीं हैं। बवासीर hemorrhoids (piles) एक बहुत ही शर्मनाक और कष्टकारी बीमारी है। इस बीमारी में आप ना तो अपना दर्द किसी को बता पाते हैं और ना ही छुपा पाते हैं। अतिसार, संग्रहणी और बवासीर-यह तीनो एक दूसरे को पैदा करते हैं। बवासीर के रोगी को हर बार मल त्याग के समय पीड़ा होती है। यदि आप भी खूनी अथवा बादी बवासीर से परेशान हैं, तो आपके लिए यह प्रयोग रामबाण से समान है। बवासीर का सफल घरलू इलाज़ को करने से आप पुरानी से पुरानी बवासीर को भी एक से तीन दिनों में ठीक कर सकते हैं।

बवासीर मलाशय के आसपास की नसों में सूजन के कारण होता है। बवासीर दो प्रकार की होती है, एक अंदरुनी और दूसरी बाहरी। अंदरूनी बवासीर hemorrhoids (piles) में मस्से अंदर को होते हैं। अंदरूनी बवासीर में नसों की सूजन दिखती नहीं परन्तु महसूस होती है, जबकि बाहरी बवासीर में यह सूजन गुद्दे के बिल्कुल बाहर दिखती है।बवासीर के होने का सबसे बड़ा कारण कब्ज़ होना है।

टॉयलेट करते वक्त जोर लगाने से अंदर के मस्से बाहर आ जाते हैं जिससे मरीज को बहुत तेज दर्द होता है और अगर मस्से छील जाए तो ज़ख्म हो जाता है। बाहर की बवासीर में मस्से गुद्दे वाली जगह पर होते हैं और इसमें दर्द नहीं होती, कभी-कभी हल्की खुजली होती है। कब्ज होने पर इन मस्सों से इतना खून आने लगता है कि मरीज खून देखकर घबरा जाता है। और यह बीमारी एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में आप खुलकर किसी को बता भी नहीं सकते हैं।

बवासीर hemorrhoids (piles) मुख्य तौर पर दो प्रकार की होती हैं:-

  1. खुनी बवासीर:खुनी बवासीर में रोगी के मलद्वार पर सुर्ख मस्से होते हैं तथा उनसे हरबार खून बहता है।
  2. बादी बवासीर:हालाँकि बादी बवासीर में मलद्वार मौजूद मस्सो में ख़ारिश-खुजली, दर्द तथा सूजन अधिक रहती हैं।

बवासीर के लक्षण – symptoms of piles in hindi 

  • सूजन जो गुदाद्वार या मलद्वार के अंदर भी हो सकती है और बहार भी।
  • मल त्याग करते समय पीड़ा।
  • मलद्वार के आस-पास खुजली होना।
  • शौच के समय खून का निकलना।
  • बैठने पर दर्द होना।
  • शौच करने पर भी पेट खाली नहीं लगना।
  • यह औरतों में ख़ास कर के गर्भावस्था के समय हो सकता है और इस में काफी अधिक दर्द होता है। बच्चे के जन्म के बाद बवासीर के लक्षण कम हो जाते हैं। गर्भावस्था में प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन का स्त्राव होता है जिस से खून की नाली फूल जाती है और यह बवासीर के रूप में दिखाई देता है।

इसलिए आज हम आपको घर पर बनाई जा सकने वाली एक ऐसी औषधि के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बस सात दिन सेवन करने से आप कब्ज, बवासीर की खुजली, बवासीर से खून बहना आदि सभी रोगों से राहत महसूस करने लगेंगे। बवासीर का सफल घरलू इलाज़ के इस उपाय को करने से मात्र एक ही दिन में खून का बहना(रक्तस्राव) बंद हो जाता है। एक बार इसको ज़रूर अपनाएं।

आइये जाने ये प्रयोग। नारियल की जटा से करे खुनी बवासीर का एक दिन में इलाज।

तो चलिए जानते हैं बवासीर का सफल घरलू इलाज़ के बारे में- Home remedy for hemorrhoids (piles) in hindi

समाग्री:-

  • नारियल की जटा

बनाने की विधि:-

  • सबसे पहले आप नारियल की जटा लें।
  • अब उसे जला दें। यह जलकर इसकी भस्म बन जाएगी।
  • आप इस भस्म को शीशी में भर कर ऱख लें।

सेवन करने की विधि:-

  1. खाली पेट दिन में तीन बार डेढ़ कप छाछ अथवा अथवा दहींके साथ 3 ग्राम नारियल की जटा से बनी भस्म का सेवन सिर्फ एक ही दिन करें। ध्यान रहें, छाछ अथवा दहीं ताज़ी होनी चाहिए, खट्टी नहीं होनी चाहिए। कितनी ही पुरानी बवासीर की बीमारी क्यों न हो, एक दिन में ही ठीक हो जाएगी है।
  2. यह उपाय किसी भी प्रकार के रक्तस्राव को रोकने में भी कारगर है। महिलाओं के मासिक धर्म में ज़्यादा रक्तस्राव या श्वेत प्रदर की बीमारी में भी यह बहुत ही लाभकारीहै।
  3. हैजा, वमन या हिचकी रोग में यह भस्म एक घूँट पानी के साथ लेनी चाहिए। ऐसे कितने ही नुस्खे हिन्दुस्तान के मंदिरों और मठों में साधु संन्यासियों द्वारा आजमाए हुए हैं। इन पर शोध किया जाना चाहिए।
  4. दवा लेने के एक घंटा पहले और एक घंटा बाद तक कुछ न खाएं तो चलेगा। अगर रोग ज्यादा जीर्ण हो और एक दिन दवा लेने से लाभ न हो तो दो या तीन दिन लेकर देखिए।

बवासीर का सफल घरेलू इलाज में केला और कत्था मिलाकर दिलाते हैं बवासीर से आज़ादी?

उपयोग को करने के लिए आपको केले और पीसे हुए कत्थे की आवश्यकता पड़ेगी। आपको करना बस इतना है कि पके हुए केले को दो टुकड़ों में काट लें और उस पर पीसा हुआ कत्था छिड़क दें। अब इन दोनो टुकड़ों को रात को खुले आसमान में रख दें। सुबह उठकर केले के इन दोनों टुकड़ों को खा लें। इस उपयोग को लगातार एक हफ्ते तक करने से आपको बवासीर से आराम मिलेगा।

बवासीर का सफल घरलू इलाज़ में सावधानियां:

1. बवासीर से बचने के लिए गुदा को गर्म पानी से न धोएं। खासकर जब तेज गर्मियों के मौसम में छत की टंकियों व नलों से बहुत गर्म पानी आता है तब गुदा को उस गर्म पानी से धोने से बचना चाहिए।
2. एक बार बवासीर ठीक हो जाने के बाद परहेज आवश्यक है  ( जैसे अत्यधिक मिर्च-मसाले, गरिष्ठ और उत्तेजक पदार्थो का सेवन ) के कारण उसके दुबारा होने की संभावना रहती है। अत: बवासीर का सफल घरलू इलाज़ के बाद रोगी के लिए परहेज परम आवश्यक है।

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