जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) के कारण, लक्षण और घरेलू इलाज - Genital Warts in Hindi
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जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) के कारण, लक्षण, उपचार और घरेलू इलाज – Genital Warts, Symptoms, Causes, Treatment, and Home remedies in Hindi

जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) के कारण, लक्षण, उपचार और घरेलू इलाज - Genital Warts, Symptoms, Causes, Complications, Diagnosis, Treatment, Prevention and Home remedies in Hindi

Genital Warts in Hindi जननांग मस्से (Genital Warts) यौन संक्रामक रोग है, यह किसी भी उम्र में पुरुषों और महिलाओं को प्रभावित कर सकता हैं। असुरक्षित यौन संबंध जननांग मस्सों के लिए सबसे बड़ा जोखिम कारक है। यह रोग HPV संक्रमण के परिणाम स्वरूप होता है। किसी भी प्रकार के लक्षणों के बिना HPV संक्रमण होना संभव है। जननांग मस्से (Genital Warts) अक्सर HPV संक्रमण के लगभग 3 महीने बाद ही दिखाई दे सकते हैं।

जननांग में मस्से महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा में कैंसर होने का खतरा बढ़ा देते हैं, तथा पुरुषों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। अतः जननांग मस्सों (Genital Warts) से बचने के लिए HPV के प्रति सतर्कता रखनी बहुत जरूरी है। आप इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि जननांग मस्से क्या हैं, यह किस कारण से होते हैं, इसके लक्षण, निदान, उपचार क्या हैं तथा इससे बचाव के लिए क्या घरेलू उपचार अपना सकते हैं।

विषय सूची

1. जननांग मस्से (जेनिटल वार्ट्स) क्या है – What is Genital Warts in Hindi
2. जननांग मस्सों के लक्षण – Genital Warts Symptom in Hindi
3. जननांग मस्सों के कारण – Genital Warts Causes in Hindi
4. जननांग मस्सों की जटिलताएं – Genital Warts Complications in Hindi
5. जननांग मस्सों का निदान (जांच) – Genital Warts Diagnosis in Hindi
7. जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) का इलाज – Genital Warts Treatment in Hindi
8. जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) से बचाव – Genital Warts Prevention in Hindi
9. जननांग मस्सों की जटिलताएं – Genital Warts Risk factors in Hindi
10. जेनिटल वार्ट्स होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in Hindi
11. जननांग मस्सों के घरेलू इलाज – Genital Warts Home remedies in Hindi

जननांग मस्से (जेनिटल वार्ट्स) क्या है – What is Genital Warts in Hindi

जननांग मस्से (Genital Warts), HPV वायरस के कारण होने वाली सबसे सामान्य यौन संक्रमित बीमारी (sexually-transmitted disease) (STD) है। जननांग मस्से (जेनिटल वार्ट्स) पुरुषों और महिलाओं दोनों में जननांग क्षेत्र (genital area) और गुदा क्षेत्र (anal region) में पाए जाने वाले मांस रंग या भूरे रंग के दाने या मस्से होते हैं। जेनिटल वार्ट्स (Genital Warts) मुख्य रूप से किसी भी पुरुष के अंडकोश की थैली (स्क्रोटम), गुदा और लिंग तथा किसी महिला की योनि, गर्भाशय ग्रीवा, प्रजनन नलिका या गुदा (anus) आदि अंगों के आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित कर सकते हैं।

जननांग मस्सों को यौन संक्रमित रोग वेनेरियल वार्ट्स (venereal warts) या कंडिलोमाटा एसिमिनटा (condylomata acuminate) के रूप में भी जाना जाता है। ह्यूमन पेपिलोमावायरस (papillomavirus) (HPV) जननांग मस्सों का कारण बनता है, अतः ये HPV का एक लक्षण हैं।

गुप्तांग के मस्से खुजली, दर्द और असुविधा का कारण बन सकते हैं। ज्यादातर मामलों में ये महिलाओं के लिए बहुत जोखिम दायक हो सकते हैं।

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जननांग मस्सों के लक्षण – Genital Warts Symptom in Hindi

जननांग मस्सों के लक्षण - Genital Warts Symptom in Hindi

जननांग मस्सों (Genital Warts) से संक्रमित व्यक्ति, संक्रमण के कई महीनों के बाद लक्षणों को विकसित कर सकता है। जननांग मस्सों को सामान्यता मानव आंखों से देख पाना मुश्किल होता हैं। वे बहुत छोटे त्वचा पर उभार के रूप में या मांस रंग के दाने के रूप में दिखाई देते हैं। अन्य मामलों में इनके शीर्ष फूलगोभी जैसे दिख सकते हैं तथा स्पर्श करने पर चिकने या थोड़े खुरदुरे महसूस हो सकते हैं।

  • यद्यपि जननांग मस्से दर्द रहित हैं, लेकिन वे स्थान, आकार के कारण परेशानी में डाल सकते हैं।
  • जननांग मस्से (Genital Warts) वाले पुरुष और महिलाएं अक्सर दर्द रहित समस्याओं, खुजली और द्रव रिसाव का कारण बन सकते हैं।
  • एक से अधिक क्षेत्रों में मस्से हो सकते हैं।
  • पुरुषों में जननांग मस्से (Genital Warts) मूत्र मार्ग, लिंग, स्क्रोटम (अंडकोष की थैली) और गुदा सम्बन्धी क्षेत्र (rectal area) को संक्रमित कर सकते हैं।
  • महिलाओं की योनि, गर्भाशय ग्रीवा, प्रजनन नलिका या गुदा (anus) आदि नरम क्षेत्रों में मस्सों की उपस्थिति हो सकती है।
  • बहुत कम मामलों में महिलाओं को यौन संभोग, खुजली या योनि में रिसाव के दौरान खून बह सकता है।
  • महिलाओं की योनि में और उसके आस-पास के क्षेत्र में खुजली, जलन या कोमलता (नरमी) जैसे लक्षणों का अहसास हो सकता है।

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जननांग मस्सों के कारण – Genital Warts Causes in Hindi

जननांग मस्सों के कारण - Genital Warts Causes in Hindi

जननांग मस्से ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) (human papillomavirus) के कारण होते हैं। अभी तक 100 से अधिक HPV प्रकार के वायरस की पहचान की गई है, इनमें से 40 प्रकार के वायरस में जननांग क्षेत्र को संक्रमित करने की क्षमता पाई जाती है।

एचपीवी (HPV) वायरस त्वचा संपर्क के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक अत्यधिक तेजी से संक्रमित हो सकता है। यही कारण है कि इसे यौन संक्रमित बीमारी (STI) माना जाता है। सामान्यता HPV वायरस हमेशा जननांग मस्सों (Genital Warts) की जटिलताओं का कारण नहीं बनता है। ज्यादातर मामलों में, यह वायरस बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के नष्ट हो जाता है या दूर हो जाता है।

इसके अतिरिक्त असुरक्षित यौन संबंध बनाने से भी जननांग मस्सों की बीमारी को ग्रहण किया जा सकता है।

जननांग मस्सों (Genital Warts) के अप्रत्यक्ष रूप से होने के कारणों में शामिल हैं:

  • किसी भी प्रोटेक्शन (barrier protection) के उपयोग के बिना यौन संपर्क बनाने के कारण
  • जन्म नियंत्रण गोलियाँ लेने से
  • एक से अधिक यौन भागीदारों के कारण
  • कम उम्र में यौन संबंध बनाने से

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जननांग मस्सों की जटिलताएं – Genital Warts Complications in Hindi

जननांग मस्सों की जटिलताएं - Genital Warts Complications in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV), संक्रमित कोशिकाओं की संरचना में बदलाव कर, अनेक प्रकार की जटिलताओं का कारण बन सकता है।

कैंसर (Cancer) –  HPV संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा (cervix) के कैंसर का मुख्य कारण बनता है, साथ ही साथ यौनी, गुदा, लिंग, मुंह और गले के कैंसर का भी कारण बन सकता है।

गर्भावस्था की समस्याएं (Pregnancy problems) – एक माता अपने बच्चे को प्रसव के दौरान जननांग मस्से (Genital Warts) प्रदान कर सकती है। अतः बच्चे को लारेंजियल पेपिलोमैटोसिस (Laryngeal papillomatosis) हो सकता है।

लारेंजियल पेपिलोमैटोसिस (Laryngeal papillomatosis) के साथ एक नवजात शिशु के मुंह में जननांग मस्से हो सकते है।

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जननांग मस्सों का निदान (जांच) – Genital Warts Diagnosis in Hindi

डॉक्टर आमतौर पर प्रभावित क्षेत्र को देखकर और शारीरिक परीक्षण कर जननांग मस्सों (Genital Warts) का निदान कर सकता है। डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य और यौन इतिहास के बारे में जानकारी ले सकता है। इस परीक्षण के अंतर्गत योनि या गुदा के अंदर यंत्रों की मदद से देखना शामिल किया जा सकता है।

कुछ जननांग मस्से इतने छोटे होते हैं कि उन्हें कोलोस्कोपिक परीक्षा (colposcopic exam) के साथ ही पता लगाया जा सकता है। कॉलोस्कोप (colposcope) एक दृश्य डिवाइस है, जिसका प्रयोग गर्भाशय ग्रीवा (cervix) की जांच करने के लिए किया जाता है।

पैप स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) – डॉक्टर जननांग मस्सों का निदान करने के लिए, एक पैप स्मीयर टेस्ट (Pap smear test) भी कर सकता है, जिसमें प्रभावित महिला के गर्भाशय में कोशिकाओं के बदलाव या संक्रमण कोशिकाओं का पता लगाने के लिए उस क्षेत्र का एक नमूना swab लेना शामिल है। इन कोशिकाओं का परीक्षण HPV की उपस्थिति की जानकारी के लिए किया जाता है।

एचपीवी संक्रमण के प्रकार के लिए डीएनए परीक्षण (DNA test for types of HPV infection) – इसके अतिरिक्त डॉक्टर जननांग मस्सों का निदान करने के लिए डीएनए परीक्षण भी कर सकता है। गर्भाशय ग्रीवा (cervical) के नमूने में सामान्य कैंसर पैदा करने वाले ह्यूमन पेपिलोमावायरस वायरस के प्रकारों का निदान के लिए डीएनए (DNA) परीक्षणों किया जाता है। इसके अंतर्गत सर्विस्टा (Cervista) HPV 16/18 और सर्विस्टा HPV HR प्रकार के दो परीक्षणों का उपयोग किया जाता है।

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जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) का इलाज – Genital Warts Treatment in Hindi

जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) का इलाज - Genital Warts Treatment in Hindi

एक विशेष त्वचा सम्बन्धी क्रीम अधिकांश जननांग मासों (Genital Warts) का इलाज करने में सहायक हो सकती है। इसके अतिरिक्त जननांग मस्सों हो हटाने एवं उनका इलाज करने के लिए निम्न तरीके अपनाये जा सकते हैं:

सामयिक दवा (Topical medication) – डॉक्टर जननांग मस्सों (Genital Warts) के इलाज के लिए सामयिक दवाएं निर्धारित कर सकता है। कुछ क्रीमों को सीधे मस्सों पर लगाने की सलाह दी जाती है। यह उपचार कई हफ्तों तक जारी रखा जा सकता है।

क्रायोथेरेपी (Cryotherapy) –  इस थेरपी के द्वारा मस्सों को ठंड से जमा दिया जाता है, इसके लिए तरल नाइट्रोजन (liquid nitrogen) उपयोग में लाते है। ठंडक प्रक्रिया के कारण एक फफोला, मस्से के चारों ओर निर्मित होता है। इस प्रक्रिया में दर्द को कम करने और घाव को भरने के लिए दवा दी जाती हैं। कभी-कभी इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराने की आवश्यकता होती है।

इलेक्ट्रोकॉटरी (Electrocautery) – आमतौर पर स्थानीय एनेस्थेटिक (चेतना शून्य औषधि) के अंतर्गत, मस्सों को नष्ट करने के लिए एक विद्युत धारा का उपयोग किया जाता है।

सर्जरी (Surgery) – इस सर्जरी के अंतर्गत निश्चेतक दवाओं का उपयोग कर मस्सों को काट दिया जाता है या फिर उस स्थान से हटा दिया जाता है।

लेजर उपचार (Laser treatment) – इस प्रक्रिया के तहत प्रकाश की एक सघन बीम के द्वारा मस्सों को नष्ट कर दिया जाता है। यह प्रक्रिया ज्यादातर आवर्ती मस्सों के इलाज के लिए उपयोग में लाई जाती है।

उपरोक्त उपचार के तहत कभी-कभी 2 दिनों तक दर्द और जलन का अनुभव हो सकता है। इसलिए दर्द को कम करने के लिए मरीज को ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दर्दनाशक दवाएं दी जा सकती हैं। उपचार पूरा होने के कुछ दिनों तक मरीज को स्नान के तेल, साबुन या अन्य स्नान सामग्री का उपयोग नहीं करना चाहिए।

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जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) से बचाव – Genital Warts Prevention in Hindi

जननांग मस्सों (जेनिटल वार्ट्स) से बचाव - Genital Warts Prevention in Hindi

जेनिटल वार्ट्स या जननांग मस्सों (Genital Warts) का कारण यौन संक्रमण वायरस होता है, इसलिए इसके बचाव के लिए सतर्कता रखना बहुत आवश्यक है। जननांग मस्सों को होने से रोकने के लिये या इसके संक्रमण से बचने के लिए निम्न महत्वपूर्ण कदम उठाये जा सकते हैं। इनमें  शामिल हैं:

  • यौन संपर्क बनाते समय सुरक्षा का उपयोग करना, जैसे कंडोम
  • जननांग मस्से (Genital Warts) होने की स्थिति में अपने यौन सम्बन्धी को सूचित करें
  • HPV से बचने के लिए टीका लगवाएं
  • अधिक धूम्रपान न करें
  • HPV संक्रमित व्यक्ति में अधिकतर मामलों में वायरस किसी भी तरह के लक्षणों को प्रगट नहीं करता है। इसीलिए HPV संक्रमण की जांच के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • गार्डासिल (Gardasil) और Gardasil 9 नामक HPV टीके पुरुषों और महिलाओं को सबसे आम HPV के प्रकारों से बचा सकते हैं, जो जननांग मस्सों (Genital Warts) का कारण बनती हैं।

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जननांग मस्सों की जटिलताएं – Genital Warts Risk factors in Hindi

जननांग मस्सों की जटिलताएं - Genital Warts Risk factors in Hindi

निम्नलिखित कारक जननांग मस्से (Genital Warts) के संक्रमण में वृद्धि कर सकते हैं:

  • अज्ञात यौन इतिहास (sexual history) वाले व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने से।
  • एक छोटी उम्र में यौन संबंध बनाना
  • असुरक्षित यौन संबंध बनाना
  • एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का होना
  • मौखिक सेक्स (oral sex) करना
  • कई अलग-अलग लोगों के साथ असुरक्षित यौन संबंध रखने से।

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जेनिटल वार्ट्स होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – When to see a doctor in Hindi

जेनिटल वार्ट्स होने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए - When to see a doctor in Hindi

जननांग मस्से (Genital Warts) एचपीवी संक्रमण (HPV infection) की जटिलता के कारण होते हैं। जो कि एक सामान्य बात है, तथा इनका इलाज किया जा सकता है। जननांग मस्से (Genital Warts) समय के साथ गायब हो सकते हैं, लेकिन इनका वापिस आना जटिलताओं को प्रगट करता है, जिनका इलाज समय पर किया जाना अतिआवश्यक है।

यदि किसी व्यक्ति को लगता है की उसको जननांग मस्से हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। और यदि संक्रमित व्यक्ति से यौन संबंध बनाने वाले व्यक्ति को भी जाँच के लिए डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

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जननांग मस्सों के घरेलू इलाज – Genital Warts Home remedies in Hindi

जननांग मस्से (Genital Warts) संक्रामक होते हैं, इसलिए उन्हें छूने से या निचोड़ने से बचना चाहिए। मस्सों के इलाज के लिए निम्न घरेलू उपाय अपनाना चाहिए:

  1. एप्पल साइडर विनेगर जननांग मस्से के लिए – Apple Cider Vinegar (ACV) for Genital Warts in hindi
  2. महिलाओं में जननांगों पर मस्से के लिए टी ट्री ऑइल – Tea Tree Oil for Genital Warts in hindi
  3. पुरुषों में जननांगों पर मस्से के लिए लहसुन – Garlic for Genital Warts in hindi
  4. जेनिटल वार्ट्स का घरेलू इलाज विटामिन सी – Vitamin C for Genital Warts in hindi
  5. जननांग पर मस्सों का घरेलू उपाय है बेकिंग सोडा – Baking Soda for Genital Warts in hindi
  6. विटामिन ई तेल या अरंडी का तेल जननांग मस्सों से छुटकारा पाने के लिए – Vitamin E Oil or Castor Oil for Genital Warts in hindi

एप्पल साइडर विनेगर जननांग मस्से के लिए – Apple Cider Vinegar (ACV) for Genital Warts in hindi

एप्पल साइडर विनेगर जननांग मस्से के लिए - Apple Cider Vinegar (ACV) for Genital Warts in hindi

एप्पल साइडर विनेगर जननांग मस्सों (Genital Warts) को हटाने के लिए एक प्रभावी उपाय है। इसे इलाज के तौर पर उपयोग करने के लिए सेब का सिरका में कपास की रुई को भिगोकर मुहासों पर रखें। तथा इसे एक चिपकने वाले टेप के साथ कवर कर दें। कुछ घंटों के बाद इसे हटा दें। यह प्रक्रिया मस्सों के न गिरने तक प्रति दिन अपनाएं इसे दोहराएं।

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महिलाओं में जननांगों पर मस्से के लिए टी ट्री ऑइल – Tea Tree Oil for Genital Warts in Hindi

महिलाओं में जननांगों पर मस्से के लिए टी ट्री ऑइल - Tea Tree Oil for Genital Warts in Hindi

 

जननांग मस्सों (Genital Warts) का इलाज करने के लिए कपास की रुई के माध्यम से टी ट्री का तेल मस्सों पर लगाया जा सकता है। इसका प्रयोग दिन में एक बार मस्सों के ठीक होने तक कर सकते हैं। इससे मस्से धीरे-धीरे सफेद होकर गिर जाते हैं।

(और पढ़े – टी ट्री ऑयल के फायदे और नुकसान…)

पुरुषों में जननांगों पर मस्से के लिए लहसुन – Garlic for Genital Warts in hindi

पुरुषों में जननांगों पर मस्से के लिए लहसुन – Garlic for Genital Warts in hindi

जननांग मस्सों (Genital Warts) का इलाज करने के लिए सबसे अच्छा घरेलू उपाय हैं लहसुन। इसका उपयोग करने के लिए कच्चे लहसुन को बांटकर, इसे प्रभावित हिस्से या मस्सों पर रखकर पट्टी कर लें। तथा एक या दो दिन के बाद हटा लें। कैप्सूल (लहसुन की पोथी) के रूप में भी लहसुन का उपभोग किया जा सकता हैं।

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जेनिटल वार्ट्स का घरेलू इलाज विटामिन सी – Vitamin C for Genital Warts in Hindi

जेनिटल वार्ट्स का घरेलू इलाज विटामिन सी - Vitamin C for Genital Warts in Hindi

 

कुछ मस्सों का इलाज विटामिन सी से साथ किया जा सकता है। विटामिन सी टैबलेट को कुचलकर इसे पानी की कुछ बूंदों के साथ मिलाकर इस लेप को सीधे तौर पर जननांग मस्सों (Genital Warts) पर लगाया जा सकता है। इस लेप को मस्सों पर सूखने दिया जाता है। यह प्रक्रिया पैपिलोमा वायरस (Papillomavirus) को नष्ट कर देती है।

(और पढ़े – विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए ये खाद्य पदार्थ…)

जननांग पर मस्सों का घरेलू उपाय है बेकिंग सोडा – Baking Soda for Genital Warts in hindi

जननांग पर मस्सों का घरेलू उपाय है बेकिंग सोडा - Baking Soda for Genital Warts in hindi

एक चम्मच अरंडी का तेल (castor oil) में बेकिंग सोडा डालकर मोटी पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र या मस्सों पर लगाकर पट्टी कर लें। यह उपाय मस्सों के इलाज में प्रभावी है।

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विटामिन ई तेल या अरंडी का तेल जननांग मस्सों से छुटकारा पाने के लिए – Vitamin E Oil or Castor Oil for Genital Warts in hindi

विटामिन ई तेल या अरंडी का तेल जननांग मस्सों से छुटकारा पाने के लिए - Vitamin E Oil or Castor Oil for Genital Warts in hindi

HPV संक्रमण से छुटकारा पाने के लिए जननांग मस्सों पर विटामिन ई तेल (Vitamin E Oil) या अरंडी का तेल (Castor Oil) भी लगाया जा सकता है।

(और पढ़े – अरंडी के तेल के फायदे त्वचा और बाल में…)

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