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पेनिस में इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव – Penis Infection Symptoms, Cause, Treatment And Prevention In Hindi

पेनिस इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव - Penis Infection Symptoms, Cause, Treatment In Hindi

पेनिस इन्फेक्शन (penile infection) की बीमारी, लिंग से सम्बंधित समस्याओं में से एक है, जो किसी भी उम्र में पुरुषों को परेशान कर सकती है। लिंग में संक्रमण (पेनिस इन्फेक्शन) के लक्षण बहुत आम से लेकर बहुत गंभीर तक हो सकते हैं। इन लक्षणों में त्वचा पर छोटे सफेद धब्बे, लालिमा और खुजली या जलन को शामिल किया जा सकता है। खराब स्वच्छता या कंडोम रहित सेक्स सहित अनेक प्रकार के जोखिम कारक लिंग में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। लिंग में इन्फेक्शन की स्थिति से पीड़ित व्यक्ति इन जोखिमों को कम कर तथा उचित समय पर इलाज प्राप्त कर इसकी जटिलताओं से बच सकता है। इस लेख में आप जानेगें कि पेनिस इन्फेक्शन क्या है, इसके लक्षण, कारण, जटिलताएं और जांच क्या हैं, तथा लिंग में इन्फेक्शन का इलाज और बचाव के बारे में।

पेनिस इन्फेक्शन क्या है – What is penis infection in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव - penis infection Symptoms, cause, treatment and prevention in Hindi

लिंग में इन्फेक्शन को पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन (Penile Yeast Infection) के रूप में भी जाना जाता है। ज्यादातर यीस्ट इन्फेक्शन (ख़मीर संक्रमण) को महिला स्वास्थ्य से सम्बंधित समस्याओं के रूप में जाना जाता है। लेकिन यह यीस्ट इन्फेक्शन पुरुषों के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। लिंग में यीस्ट इन्फेक्शन होना एक सामान्य समस्या है। यह संक्रमण लिंग के किसी भी भाग जैसे- लिंग की ऊपरी त्वचा, आंतरिक भाग तथा अन्य हिस्सों को प्रभावित कर सकता है।

यदि लिंग में संक्रमण (पेनिस इन्फेक्शन) का इलाज उचित समय पर नहीं किया जाए, तो यह समस्या दर्दनाक, असुविधाजनक और संभावित रूप से शर्मनाक लक्षणों के प्रगट होने का कारण बन सकती है। यदि यह संक्रमण रक्तप्रवाह में फैलता है, तो यह गंभीर जटिलताओं को जन्म दे सकता है।

ओवर-द-काउंटर दवाएं, लिंग में इन्फेक्शन के उपचार में प्रभावी हो सकती हैं। एक मूत्र रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन की स्थिति का निदान करने में सक्षम हो सकते हैं।

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पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन के लक्षण – Penis yeast infection symptoms in Hindi

पेनिस इन्फेक्शन के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव - Penis Infection Symptoms, Cause, Treatment And Prevention In Hindi

लिंग में संक्रमण (penile infection) के शुरुआती लक्षणों के रूप में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

  • लिंग पर लाल चकत्ते उत्पन्न होना
  • कभी-कभी लिंग पर सफेद चमकदार पैच (दाग) उत्पन्न होना
  • लिंग की त्वचा नम होना
  • पेनिस (लिंग) की फोरस्किन के नीचे एक गाढ़ा सफेद पदार्थ का पाया जाना
  • लिंग में खुजली और जलन का अनुभव होना
  • पेनिस में दर्द महसूस होना
  • सेक्स के बाद जलन, खुजली या दर्द का अनुभव होना
  • लिंग में लालिमा, सूजन और दर्द
  • फोरस्किन (Foreskin) से बदबूदार गंध आना
  • लिंग की फोरस्किन (Foreskin) को वापस खींचने में परेशानी होना (पैराफिमोसिस या फाइमोसिस की स्थिति)
  • पपल्स (Papules)
  • लिंग में गांठ (Lumpy) की उपस्थिति
  • पेशाब करते समय जलन महसूस होना, इत्यादि।

लिंग में लालिमा, सूजन और दर्द जैसे लक्षण कुछ यौन संचारित रोगों सहित अन्य गंभीर समस्याओं की ओर संकेत कर सकती हैं, इसलिए लिंग में संक्रमण से सम्बंधित लक्षणों के प्रगट होने पर उन्हें अनदेखा न करें, तथा डॉक्टर की तुरंत सलाह लें।

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पेनिस इन्फेक्शन के कारण – Penile infection causes in Hindi

पुरुषों में पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन या लिंग में संक्रमण की समस्या कैंडिडा (candida) नामक फंगस (fungus) की अतिवृद्धि के कारण उत्पन्न होती है। कैंडिडा की एक छोटी मात्रा आमतौर पर मानव शरीर पर पाई जाती है, जो कि सामान्य स्थिति में हानिकारक नहीं होती है। लेकिन एक नम वातावरण कैंडिडा की वृद्धि के लिए पर्याप्त होता है, जिसके कारण यीस्ट इन्फेक्शन विकसित होता है। लिंग में संक्रमण (penis infection) के कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं:

  • पुरुषों में लिंग इन्फेक्शन (penile infection) विकसित होने का सबसे आम कारण खराब स्वच्छता है।
  • वैजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन (Vaginal Yeast Infection) से सम्बंधित महिला के साथ असुरक्षित यौन संबंध रखने से भी एक पुरुष लिंग में यीस्ट इन्फेक्शन को प्राप्त कर सकता है।
  • मधुमेह और प्रतिरक्षा प्रणाली से सम्बंधित समस्याएँ, पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन या पेनिस इन्फेक्शन के उत्पन्न होने का कारण बन सकती हैं।

पेनिस इन्फेक्शन का जोखिम – Penis infection risk factor in Hindi

अनेक प्रकार के जोखिम कारक पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन या लिंग में संक्रमण के विकसित होने के खतरे को बढ़ा सकते हैं। फोरस्किन के नीचे के क्षेत्र में कैंडिडा का प्रजनन होना, एक प्रमुख जोखिम कारक हो सकता है। यदि व्यक्ति अपने जननांगों को नियमित रूप से उचित तरीके से साफ-स्वच्छ नहीं रखते हैं, तो लिंग में इन्फेक्शन (penis infection) का जोखिम अधिक बढ़ जाता है। पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन के अन्य जोखिम कारकों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

  • एंटीबायोटिक दवाओं का लंबे समय तक उपयोग करना।
  • मधुमेह या मोटापे से ग्रस्त होना।
  • कैंसर के इलाज, एचआईवी या अन्य स्वास्थ्य स्थितिओं के कारण ख़राब प्रतिरक्षा प्रणाली होना।
  • यीस्ट इन्फेक्शन से पीड़ित महिला के साथ सेक्स करने से।
  • जननागों की स्वच्छता पर ध्यान न देने से, इत्यादि।

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पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन की जांच Penile yeast infection diagnosis in Hindi

लिंग में इन्फेक्शन (penile infection) की जाँच और निदान करने के लिए डॉक्टर मरीज के जननांगों की जांच करेगा और लक्षणों की जानकारी प्राप्त करने के लिए कुछ प्रश्न पूंछ सकता है। लिंग की त्वचा के नीचे बनने वाले कुछ सफेद पदार्थों की जांच करने के लिए माइक्रोस्कोप का प्रयोग किया जा सकता है तथा फंगस (fungus) के प्रकार की पुष्टि भी की जा सकती है।

लक्षणों का निदान जल्द से जल्द कर उचित उपचार प्राप्त करने से इसकी जटिलताओं से बचा जा सकता है। पेनिस इन्फेक्शन के कारणों का निदान करने के लिए निम्न टेस्ट किया जा सकते हैं:

  • मधुमेह की जानकारी के लिए सीरम ग्लूकोज टेस्ट (Serum glucose test)
  • यौन संचारित बीमारी का पता लगाने के लिए टेस्ट।

(और पढ़ें: लिंग पर खुजली होने के कारण, उपचार और घरेलू इलाज)

पेनिस इन्फेक्शन का इलाज – Penis infection treatment in Hindi

लिंग में यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज इसके कारणों के आधार पर भिन्न-भिन्न हो सकता है। डॉक्टर द्वारा इन्फेक्शन को दूर करने के लिए निम्न तरीकों को अपनाया जा सकता है, जैसे:

पेनिस इन्फेक्शन मेडिसिन (penis infection medicine)

पेनिस इन्फेक्शन या पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन के अधिकतर मामलों में इलाज के दौरान सामयिक एंटीफंगल मलहम (topical antifungal ointments) और एंटीफंगल क्रीम को प्रभावित क्षेत्र में लगाने की सिफारिश की जाती है। पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन के लिए सिफारिश की जाने वाली एंटीफंगल क्रीम में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • माइकोनाज़ोल (miconazole) (जैसे- लोट्रिमिन एएफ, Cruex, Desenex)
  • इमिडाज़ोल (जैसे- कैनेस्टेन, Selezen)
  • क्लोट्रिमाजोल (clotrimazole)
  • गंभीर संक्रमण की स्थिति जैसे बैलेनाइटिस (balanitis) में ओरल फ्लुकोनाज़ोल (fluconazole (Diflucan)) और एक हाइड्रोकार्टिसोन क्रीम (hydrocortisone) लिंग पर लगाने की सलाह दी जा सकती है।

कुछ स्थितियों में लिंग का इन्फेक्शन ठीक होने के बाद पुनः वापस लौट आता हैं, तब इस स्थिति में डॉक्टर दैनिक उपचार के कुछ समय बाद साप्ताहिक उपचार की भी सिफारिश कर सकता है।

शल्य प्रक्रिया (surgical procedure)

यदि लिंग में संक्रमण की स्थिति का उपचार एंटीफंगल क्रीम के साथ करने पर, कोई प्रभाव दिखाई नहीं देता है या संक्रमण ठीक नहीं होता है, तो डॉक्टर खतना (circumcision) करने की सलाह दे सकता है। खतना एक शल्य क्रिया (surgical procedure) है, जो शिशुओं के अलावा किसी भी उम्र के व्यक्ति के लिए सुरक्षित होती है।

यदि पेनिस इन्फेक्शन की नैदानिक प्रक्रिया में मधुमेह की स्थिति प्राप्त होती है, तो डॉक्टर रक्त शर्करा के स्तर को अच्छी तरह से नियंत्रित करने का प्रयास कर सकते हैं। यदि मरीज को ख़राब प्रतिरक्षा प्रणाली की सिकायत है, तो डॉक्टर मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली को यथा संभव स्वस्थ रखने के लिए मददगार तरीकों की सिफारिश कर सकता है।

इन सभी चिकित्सकीय उपचार प्रक्रियाओं के अतिरिक्त संक्रमण की समस्या को दूर करने के लिए अच्छी पेनिस स्वच्छता रखने से सम्बंधित तरीकों की भी जानकारी दी जा सकती है।

यदि संक्रमण का इलाज जल्द से जल्द किया जाए और एंटीफंगल दवा अच्छी तरह से प्रतिक्रिया देती हो, तो लिंग का संक्रमण (पेनिस इन्फेक्शन) एक सप्ताह के भीतर ठीक हो सकता है।

(और पढ़े – लिंग (पेनिस) में दर्द के लक्षण, कारण, इलाज और बचाव…)

पेनिस इन्फेक्शन की जटिलताएं – Complications of penis infection in Hindi

पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन की संभावित जटिलताओं के अंतर्गत निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

  • दर्दनाक स्थिति, जो पेशाब को रोक सकती है
  • पेनिस में सूजन और ग्रंथियों में दर्द
  • कमजोरी और थकान
  • कैंडिडेमिया (candidemia) या इनवेसिव कैंडिडिआसिस (invasive candidiasis) – यह यीस्ट संक्रमण के रक्तप्रवाह में फैलने की स्थिति है।
  • बलांइटिस (balanitis) – बलांइटिस (balanitis) लिंग के अग्र भाग की सूजन है। डायबिटीज (Diabetes) की स्थिति किसी भी व्यक्ति में बलांइटिस के जोखिम को बढ़ा सकती है।

पेनिस इन्फेक्शन से बचाव – Penile infection prevention in Hindi

लिंग में इन्फेक्शन की रोकथाम एक उचित तरीका, सुरक्षित तरीके से यौन संपर्क बनाना है। यीस्ट संक्रमण की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को किसी के भी साथ सेक्स करने से बचना चाहिए। अतः पेनिस इन्फेक्शन की स्थिति से बचने के लिए व्यक्ति को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे:

  • पेनिस इन्फेक्शन की संभावनाओं को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सेक्स के दौरान कंडोम का प्रयोग करना चाहिए।
  • यौन एकरसता को अपनाएं या एक ही सेक्स पार्टनर के साथ यौन सम्बन्ध बनाने पर ध्यान दें।
  • अच्छी स्वच्छता के तरीकों को अपनाएँ, और लिंग तथा जननांगों को स्वच्छ और सूखा रखें।
  • लिंग की फोरस्किन के नीचे साबुन और पानी की मदद से साफ करें, और संभोग करने के बाद लिंग की फोरस्किन को अपनी सामान्य स्थिति में लायें।
  • लिंग में सुगंधित शॉवर जैल (shower gels) और साबुन को लगाने से परहेज करें।
  • नमी को अवशोषित करने वाला पाउडर (Talcum powder) लगायें।
  • ढीले-ढाले कपड़े और सूती अंडरवियर पहनें।
  • प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करें।

(और पढ़ें – सुरक्षित सेक्स करने के तरीके….)

पेनिस इन्फेक्शन घरेलू उपचार – Penis yeast infection Home remedies in Hindi

अनेक मामलों में, पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन का आसानी से और सफलतापूर्वक घरेलू उपचार किया जा सकता है। घरेलू उपचार के अंतर्गत ओवर-द-काउंटर उत्पादों या एंटीफंगल क्रीम (antifungal creams) को भी शामिल किया जा सकता है। पेनिस इन्फेक्शन के घरेलू उपचार में निम्न उत्पादों को शामिल करना चाहिए, जैसे:

टी ट्री ऑयल (Tea tree oil)

टी ट्री ऑयल में एंटीफंगल गुण उपस्थित होते हैं, जो यीस्ट और फंगस को मारने में प्रभावी है। इसे सीधे तौर पर लिंग की स्किन पर लगाया जा सकता है। लेकिन टी ट्री ऑयल का उपयोग करते समय अत्यधिक सावधानी रखनी चाहिए, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा लिंग की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है।

दही (yogurt)

दही में फायदेमंद बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स (probiotics) कहा जाता है। ये स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और शरीर में बैक्टीरिया और यीस्ट की वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। अतः पेनिस इन्फेक्शन की स्थिति में दही के सेवन पर जोड़ देना चाहिए।

नारियल का तेल (Coconut oil)

नारियल के तेल में एंटीफंगल (antifungal) गुण उपस्थित होते हैं। नारियल का तेल कैंडीडा एल्बीकैंस यीस्ट (Candida albicans yeast) से लड़ने तथा उन्हें नष्ट करने में सहायक होता है। अतः पेनिस इन्फेक्शन के लक्षणों को कम करने के लिए नारियल तेल को लिंग पर आंतरिक या बाह्य रूप से लगाया जा सकता है।

लहसुन (Garlic)

लहसुन में भी एंटीफंगल और एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। अतः इस बजह से पेनिस यीस्ट इन्फेक्शन की स्थिति में थाइम (thyme) और लहसुन को प्रभावी उपचार के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त लहसुन को आहार में शामिल कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं।

सेब का सिरका (Apple cider vinegar)

एप्पल साइडर विनेगर, कैंडिडा यीस्ट (Candida yeast) के खिलाफ एक एंटीफंगल उत्पाद के रूप में कार्य करता है। इसे लिंग के शीर्ष पर लगाया जा सकता है।

पेनिस में इन्फेक्शन के अन्य घरेलू उपचा

लिंग में इन्फेक्शन के अन्य घरेलू उपचार में निम्न को भी शामिल किया जा सकता है, जैसे:

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