पेनिस (लिंग) कैंसर क्या है, प्रकार, लक्षण, कारण, उपचार, और बचाव – What is a Penile Cancer, Symptoms, Causes, Treatment and Prevention in Hindi

पेनिस (लिंग) कैंसर क्या है, प्रकार, लक्षण, कारण, उपचार, और बचाव - What is a Penile Cancer, Symptoms, Causes, Treatment and Prevention in Hindi
Written by Daivansh

पेनिस कैंसर (Penile cancer) पुरुषों की एक बहुत बड़ी समस्या है, जिसका समय पर इलाज किया जाना आवश्यक हो जाता है। पेनिस कैंसर (Penile cancer) लिंग के कार्यों को प्रभावित कर सकता है। यह समस्या यौन कार्यों में रूकावट, मूत्रपथ संक्रमण और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बनती है। यदि समय पर इस समस्या का निदान किया जाये तो इसका इलाज करना बहुत सरल हो सकता है। पेनिस कैंसर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए एक स्वास्थ्य जीवनशैली अपनाना और पेनिस कैंसर (Penile cancer) के लक्षणों की जानकारी होना अति आवश्यक होती है। अतः इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि पेनिस कैंसर क्या है, इसके कारण, लक्षण, प्रकार, निदान, उपचार और रोकथाम उपाय क्या हैं।

1. पेनिस कैंसर क्या है – What is Penile Cancer in Hindi
2. पेनिस (लिंग) कैंसर के प्रकार – Types of Penile Cancer in Hindi
3. पेनिस कैंसर के चरण – Stages of Penile Cancer in Hindi
4. पेनिस (लिंग) कैंसर के कारण और जोखिम कारक – Causes and risk factors for penile cancer in Hindi
5. पेनिल कैंसर के लक्षण – Penile Cancer Symptoms in Hindi
6. पेनिस कैंसर का निदान – Diagnosis of Penile Cancer in Hindi
7. पेनिल कैंसर के उपचार – Penile Cancer Treatment in Hindi
8. पेनिस कैंसर के बचाव के उपाय – Prevention of Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर क्या है – What is Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर क्या है – What is Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर (Penile cancer) वह बीमारी है, जिसमें लिंग की कोशिकाएं अनियंत्रित वृद्धि कर ट्यूमर का निर्माण करती हैं। जिससे लिंग की त्वचा और ऊतकों को नुकसान पहुँचता है। यह कैंसर का अपेक्षाकृत बहुत दुर्लभ प्रकार है।

लिंग का कैंसर (Penile cancer) सामान्यतः लिंग की त्वचा या फोरस्किन की कोशिकाओं से शुरू होता है, जो शरीर के अन्य क्षेत्रों में भी फैल सकता है, जिसमें शामिल हैं – लिम्फ नोड्स (lymph nodes), ग्रंथियां (glands) और अन्य अंग।

इस प्रकार का कैंसर काफी कम देखने को मिलता है। यदि पेनिस कैंसर (Penile cancer) का शुरुआती दौर में ही पता लगा लिया जाये तो इसका इलाज काफी सरल होता है।

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पेनिस (लिंग) कैंसर के प्रकार – Types of Penile Cancer in Hindi

पेनिस (लिंग) कैंसर के प्रकार - Types of Penile Cancer in Hindi

लिंग में विभिन्न प्रकार के ऊतक होते हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं पाई जाती हैं। विभिन्न कोशिकाओं में कुछ विशेष प्रकार के कैंसर विकसित हो सकते हैं, ये कैंसर कुछ अधिक गंभीर और कुछ सामान्य हो सकते हैं। प्रत्येक प्रकार के पेनिस कैंसर (Penile cancer) के लिए अलग-अलग उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

अतः मुख्य रूप से पेनिस (लिंग) कैंसर (Penile cancer) के 7 प्रकार होते है, जो निम्न हैं:

स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma)

सभी प्रकार के पेनिस कैंसर (Penile cancer) में से मुख्य रूप से 95% कैंसर, स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous cell carcinoma) का प्रकार होते हैं। यह कैंसर लिंग के सिर या फोरस्किन पर स्क्वैमस (Squamous) नामक त्वचा कोशिकाओं में पाया जाता है। सभी पेनिस कैंसर (penile Cancer) में से इस प्रकार के कैंसर में ट्यूमर धीरे-धीरे बढ़ता है। इस प्रकार के कैंसर का इलाज प्रारम्भिक स्थिति में काफी आसान हो सकता है।

Verrucous कार्सिनोमा (Verrucous carcinoma)

यह स्क्वैमस सेल कैंसर (Squamous cell Cancer) का एक असामान्य रूप है, यह त्वचा में एक बड़े जननांग मस्सा (genital wart) की तरह दिखाई देता है। इस प्रकार का कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और यह शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैल सकता है, लेकिन कभी-कभी यह बहुत गहरा और बड़ा हो सकता है।

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कार्सिनोमा इन सीटू (Carcinoma in situ)

यह त्वचा कोशिकाओं में कैंसर का सबसे पहला चरण है, जिसमें कैंसर कोशिकाएं गहरे ऊतकों तक नहीं फैली होती हैं। कार्सिनोमा इन सीटू (Carcinoma in situ) कैंसर केवल त्वचा की शीर्ष परतों में पाया जाता है। यदि इस प्रकार का कैंसर लिंग पर स्थिति होता है, तो इस बीमारी को बोवेन बीमारी (Bowen disease) कहा जाता है।

एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma)

एडेनोकार्सिनोमा (Adenocarcinoma), लिंग की त्वचा में पसीना ग्रंथियों (sweat glands) से विकसित होने वाला एक कैंसर का प्रकार होता है जिसे कार्सिनोमा इन सीटू (Carcinoma in situ) से अलग बताना मुश्किल हो सकता है। यह एक दुर्लभ प्रकार का लिंग कैंसर है।

सारकोमा (Sarcoma)

यह पेनिस कैंसर का केवल एक छोटा सा हिस्सा होता है। सरकोमा (Sarcoma) कैंसर रक्त वाहिकाओं, कोमल मांसपेशियों (smooth muscles) या अन्य संयोजी ऊतक की कोशिकाओं में विकसित होता है।

मेलेनोमा (Melanoma)

यह एक खतरनाक त्वचा कैंसर का प्रकार है जो बहुत तेजी से बढ़ता है। यह कैंसर अक्सर धूप में खुली त्वचा में पाया जाता है, मेलेनोमा (Melanoma) कैंसर बहुत कम मामलों में पेनिल में होता है।

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बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal cell carcinoma)

बेसल कोशिकाएं (Basal cell) त्वचा की बाहरी परत में पाई जाने वाली त्वचा कोशिकाएं होती हैं, जिनमें उत्पन्न कैंसर को बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal cell carcinoma) के नाम से जाता है। 2% से भी कम पेनिस कैंसर (Penile cancer), बेसल सेल कैंसर (Basal cell cancer) होते हैं।

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पेनिस कैंसर के चरण – Stages of Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर के चरण - Stages of Penile Cancer in Hindi

कैंसर का चरण (Stages) बताता है, कि कैंसर कितना गंभीर है। नैदानिक ​​परीक्षण के परिणामों के आधार पर डॉक्टर कैंसर के वर्तमान चरण (Stages) का निर्धारण करता है। कैंसर के चरण के आधार पर सबसे अच्छी उपचार व्यवस्था निर्धारित करने में मदद मिलती है।

अतः पेनिस (लिंग) कैंसर निम्नलिखित स्टेज में बांटा गया हैं:

चरण 0 – Stage 0

इस स्टेज में कैंसर केवल त्वचा की सतह पर पाया जाता है। यह किसी भी ग्रंथियों, लिम्फ नोड्स (lymph nodes) या शरीर के अन्य हिस्सों में फैला नहीं है।

चरण 1 – Stage 1

कैंसर के चरण 1 में ट्यूमर का विस्तार लिंग की त्वचा के ठीक नीचे संयोजी ऊतक तक हो जाता है। लेकिन कैंसर किसी भी ग्रंथि, लिम्फ नोड्स (lymph nodes) या शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला होता है।

चरण 2 – Stage 2

इस चरण में कैंसर त्वचा के नीचे संयोजी ऊतक के अलावा लिम्फ वाहिकाओं (lymph vessels) या रक्त वाहिकाओं (blood vessels) में भी फैल चुका होता है अर्थात कैंसर इरेक्टाइल ऊतकों (erectile tissues) या मूत्रमार्ग (urethra) में फैल गया है।

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चरण 3ए – Stage 3A

इस चरण 3ए का मतलब है कि कैंसर ग्रोइन (groin) की एक लिम्फ नोड (lymph node) में फैल गया है। इसके अलावा, कैंसर लिम्फ वाहिकाओं या रक्त वाहिकाओं में भी फैल सकता है इस चरण के कैंसर में ट्यूमर कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप की सहायता से देखने पर सामान्य कोशिकाओं से बहुत अलग दिखाई देती हैं। चरण 3ए में कैंसर शरीर के किसी अन्य हिस्से में नहीं फैला होता है।

चरण 3बी – Stage 3B

इस चरण में कैंसर त्वचा के नीचे संयोजी ऊतक के बहुत बड़े हिस्से में फैल गया है। अतः इस स्टेज में कैंसर का प्रभाव मूत्रमार्ग और ग्रोइन के कई लिम्फ नोड्स में होता है। परन्तु अभी भी कैंसर शरीर के किसी अन्य हिस्से में नहीं फैला होता है।

चरण 4 – Stage 4

यह कैंसर की अंतिम स्टेज (Stage) होती है इस चरण में कैंसर आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित करता है, इन क्षेत्रों में शामिल हैं – जघन हड्डी (pubic bone), प्रोस्टेट (prostrate) और स्क्रोटम (scrotum) या शरीर के अन्य अंगों में।

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पेनिस (लिंग) कैंसर के कारण और जोखिम कारक – Causes and risk factors for penile cancer in Hindi

फिमोसिस (Phimosis) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें लिंग की फोरस्किन (foreskin) बहुत टाइट (tight) होती है और इसे वापस अपने स्थान पर लाना मुश्किल होता है। फिमोसिस वाले पुरुषों में स्मेग्मा (Smegma) को विकसित करने का जोखिम बढ़ जाता है। स्मेग्मा (Smegma) एक पदार्थ है जो मृत त्वचा कोशिकाओं, नमी और तेल के फोरस्किन (foreskin) के नीचे इकट्ठा होने से निर्मित होता है। यह दोनों ही स्थितियां पेनिस कैंसर (Penile cancer) का कारण बनती हैं।

इसके अतिरिक्त निम्न कारक भी पेनिस कैंसर (penile cancer) के जोखिम में वृद्धि कर रहे हैं जैसे:

60 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों में पेनिस कैंसर के जोखिम अधिक होते है

सिगरेट या धूम्रपान का सेवन भी कैंसर को बढ़ावा देता है

खराब स्वच्छता

एक यौन संक्रमित संक्रमण, जैसे ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) (human papillomavirus)

ये सभी कारक पेनिस (लिंग) की कोशिकाओं और यौन सम्बन्धी हार्मोन्स पर प्रभाव डालकर उनके कार्यों को परिवर्तित कर सकते हैं, जिससे कैंसर के अतिरिक्त अन्य समस्याओं के जोखिम बढ़ सकते हैं।

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पेनिल कैंसर के लक्षण – Penile Cancer Symptoms in Hindi

पेनिस कैंसर (Penile cancer) की स्थिति में लक्षण आमतौर पर लिंग पर एक गांठ, pile या अल्सर के रूप में प्रगट होते हैं। यह एक छोटे या बड़े संक्रमित दर्द का कारण बन सकते हैं। पेनिस कैंसर (Penile cancer) के लक्षणों में शामिल हैं:

  • लिंग पर मोटी चर्बी जमा होना या त्वचा के रंग में परिवर्तन होना
  • लिंग की त्वचा पर गांठ (lump)
  • पेनिस में खुजली उत्पन्न होना
  • लिंग में जलन होना
  • लिंग की लिम्फ नोड्स (lymph nodes) में सूजन
  • फोरस्किन के नीचे गंध युक्त पदार्थ का बहाव होना
  • लिंग में दर्द,
  • लिंग से खून बहना
  • ग्रोन क्षेत्र (पेट और जांघ के बीच का भाग) में त्वचा के नीचे गांठ
  • यदि कोई व्यक्ति इन सभी लक्षणों में से कोई भी लक्षण का सामना करता है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये लक्षण कैंसर के पहले की संक्रमण अवस्था को भी प्रगट कर सकते हैं।

नोट : प्रभावित लक्षण कैंसर का संकेत दे सकते हैं यह जरूरी नहीं है कि निम्न लक्षणों को प्रगट करने वाले व्यक्ति को कैंसर उपस्थित हो। यह लक्षण अन्य प्रकार के संक्रमण को भी प्रदर्शित कर सकते हैं।

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पेनिस कैंसर का निदान – Diagnosis of Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर का निदान - Diagnosis of Penile Cancer in Hindi

डॉक्टर शारीरिक परीक्षण करके और अन्य नैदानिक ​​परीक्षणों का उपयोग करके पुरुषों में पेनिस कैंसर (penile cancer) का निदान कर सकता है।

शारीरिक परीक्षा के दौरान डॉक्टर प्रभावित व्यक्ति के लिंग को देखकर किसी भी गांठ, अल्सर या घावों की मौजूदगी का निरीक्षण कर सकता है। यदि कैंसर का संदेह होता है तो डॉक्टर बायोप्सी (biopsy) परीक्षण की सलाह दे सकता है।

एक बायोप्सी (biopsy) परीक्षण के आधार पर डॉक्टर लिंग की त्वचा या ऊतक के छोटे नमूने को हटाकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जाता है। बायोप्सी (biopsy) में नमूना का विश्लेषण कर कैंसर कोशिकाओं की मौजूदगी का पता लगा लिया जाता है।

बायोप्सी (biopsy) परीक्षण के दौरान कैंसर के लक्षण पाए जाने पर डॉक्टर कैंसर के विभिन्न चरणों की जानकारी के लिए सिस्टोस्कोपी (cystoscopy) की सलाह दे सकता है। इस प्रक्रिया में एक सिस्टोस्कोप नामक उपकरण का उपयोग किया जाता है। सिस्टोस्कोप (cystoscope) एक पतली ट्यूब होती है, जिसके सिरे पर एक छोटा कैमरा लगा होता है। सिस्टोस्कोपी (cystoscopy) प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर प्रभावित व्यक्ति के लिंग में मूत्राशय के माध्यम से सिस्टोस्कोप (cystoscope) डालता है, और आंतरिक भागों का इमेजिंग परीक्षण कर कैंसर की उपस्थिति का पता लगा लिया जाता है।

कुछ मामलों में, लिंग का एक एमआरआई (MRI) परीक्षण भी किया जा सकता है, जो लिंग के अन्दर के ऊतकों में कैंसर की उपस्थिति को सुनिश्चित कर सकता है।

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पेनिल कैंसर के उपचार – Penile Cancer Treatment in Hindi

पेनिल (लिंग) कैंसर (penile cancer) के प्रकार और चरणों के आधार पर कैंसर की इलाज प्रक्रिया प्रारंभ की जाती है। मुख्य रूप से नॉन इनवेसिव पेनिस कैंसर (Non-invasive penile cancer) और इनवेसिव पेनिस कैंसर (invasive penile cancer) के लिए अलग-अलग उपचार प्रक्रिया अपनाई जा सकती हैं।

नॉन इनवेसिव पेनिस कैंसर (Noninvasive penile cancer) के लिए निम्न उपचार अपनाई जा सकते हैं:

डॉक्टर इलाज के लिए दवा का प्रयोग करने की सलाह दे सकता है, जिसे सीधे तौर पर त्वचा पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेजर थेरेपी (Laser therapy) – उच्च तीव्र प्रकाश विकरण का प्रयोग कर ट्यूमर और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए लेसर थेरेपी (Laser therapy) का प्रयोग किया जाता है।

कीमोथेरेपी (Chemotherapy) कैंसर के लक्षणों को कम करने के लिए, कीमोथेरेपी (Chemotherapy) कैंसर के उपचार की एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के दौरान एंटी-कैंसर दवाओं का प्रयोग शरीर में कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।

विकिरण थेरेपी (Radiation therapy) – इस थेरेपी में उच्च ऊर्जा विकिरण का उपयोग कर ट्यूमर को कम किया जाता है। इस प्रक्रिया से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में भी सहायता मिलती है।

क्रायोसर्जरी (Cryosurgery) – यह एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें बेहद ठंडे तरल पदार्थ जैसे द्रव नाइट्रोजन का उपयोग कैंसर युक्त ऊतक की वृद्धि को रोकने और उनको नष्ट करने के लिए किया जाता है।

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इनवेसिव पेनिस कैंसर (invasive penile cancer) का उपचार करने के लिए प्रमुख सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। क्योंकि यह कैंसर के चरण 3 और चरण 4 को प्रदर्शित करता है। सर्जरी में ट्यूमर (Tumor), पूरा लिंग (entire penis) या लिम्फ नोड्स (lymph nodes) को हटाना शामिल किया जा सकता है। इनवेसिव पेनिस कैंसर (invasive penile cancer) का उपचार करने के लिए निम्न सर्जरी को शामिल किया जा सकता हैं:

एक्सीजनल सर्जरी – Excisional surgery

लिंग से ट्यूमर को हटाने के लिए एक्सीजनल सर्जरी (Excisional surgery) की जा सकती है। इस सर्जरी के दौरान प्रभावित व्यक्ति के लिए निश्चेतक दिया जाता है, जिससे सर्जरी करते समय कोई दर्द न हो। इस प्रक्रिया में सर्जन (surgeon) चीरा लगाकर ट्यूमर और प्रभावित क्षेत्र को हटा देता है।

मोहस सर्जरी – Mohs surgery

मोहस सर्जरी (Mohs surgery) का उपयोग सभी कैंसर कोशिकाओं से छुटकारा पाने के लिए कम से कम ऊतक को हटाने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान, सर्जन (surgeon) ट्यूमर प्रभावित क्षेत्र की पतली परत को हटा देता है और फिर एक माइक्रोस्कोप (microscope) की मदद से जांच कर अन्य कैंसर कोशिकाओं का पता लगता है। यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाती है, जब तक कि सम्पूर्ण कैंसर प्रभावित ऊतकों को न हटा दिया जाए।

पार्शियल पेनेक्टोमी – Partial penectomy

पार्शियल पेनेक्टोमी (Partial penectomy) लिंग के हिस्से या सम्पूर्ण लिंग को हटाने की एक सर्जरी है। ट्यूमर छोटा होने पर यह सर्जरी काफी उपयोगी सिद्ध होती है। बड़े ट्यूमर का इलाज करने के लिए कभी-कभी, पूरा लिंग हटाने की जरूरत पड़ सकती है। लिंग को पूर्ण रूप से हटाने की सर्जरी को सम्पूर्ण पेनेक्टोमी (total penectomy) कहा जाता है।

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पेनिस कैंसर के बचाव के उपाय – Prevention of Penile Cancer in Hindi

पेनिस कैंसर के बचाव के उपाय - Prevention of Penile Cancer in Hindi

यद्यपि पेनिस (लिंग) कैंसर (Penile Cancer) को पूरी तरह से रोकना मुश्किल होता है, परन्तु एक स्वस्थ्य जीवन शैली इसके जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती है। अतः एक स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाकर कोई भी व्यक्ति पेनिस कैंसर (Penile Cancer) जैसी गंभीर समस्याओं से बच सकता है। अतः पेनिस कैंसर की रोकथाम के लिए अपनी दैनिक क्रियाओं में निम्न उपाय अपनाये जा सकते हैं:

लिंग में खुजली, छाले, लालिमा (Redness), गंध आदि असमानताओं की जाँच करने के लिए प्रतिदिन परीक्षण करना चाहिए और कोई भी असमानता महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

लिंग की फोरस्किन (Foreskin) के नीचे नियमित रूप से अच्छी तरह साफ करना चाहिए, इस हेतु डॉक्टर की सलाह ली जा सकती है।

धूम्रपान का सेवन नहीं करना चाहिए।

एक से अधिक यौन सम्बन्धी और असुरक्षित यौन संबंध रखने से परहेज करना चाहिए, जिससे एचपीवी (HPV) या एचआईवी / एड्स संक्रमण को रोकने में मदद मिल सके।

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