अंडकोष (वृषण) में दर्द के कारण, लक्षण, जांच, उपचार और रोकथाम – Testicle Pain, Causes, Symptoms, Treatment in Hindi




अंडकोष (वृषण) में दर्द के कारण, लक्षण, जांच, उपचार और रोकथाम - Testicle Pain, Causes, Symptoms, Treatment in Hindi
Written by Daivansh

अंडकोष (वृषण) में दर्द (Testicle Pain) पुरुषों और बच्चों में होने वाली एक सामान्य समस्या है। अंडकोष में दर्द अनेक कारणों से उत्पन्न हो सकता है जिसमें कुछ आंतरिक बीमारियाँ, योन संक्रमण और अंडकोष में चोट आदि कारक शामिल हो सकते हैं। यह समस्या विभिन्न प्रकार की संक्रमण बीमारियों की ओर संकेत कर सकती है। अतः अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) से सम्बंधित लक्षणों की जानकारी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह समस्या प्रजनन क्षमता को नष्ट कर पुरुष बाँझपन का कारण भी बन सकती है। इसलिए इस समस्या को अनदेखा न करें। इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे कि अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) क्या है, इसके लक्षण, और कारण क्या होते हैं एवं इसकी जांच, उपचार और रोकथाम कैसे की जा सकती है।

1. अंडकोष (वृषण) में दर्द क्या है – What is Testicle Pain in Hindi
2. अंडकोष (वृषण) में दर्द के लक्षण – Testicle Pain Symptoms in Hindi
3. अंडकोष (वृषण) में दर्द के कारण – Causes of Testicular Pain In Hindi
4. अंडकोष (वृषण) में दर्द का निदान – Testicular Pain Diagnosis In Hindi
5. अंडकोष (वृषण) में दर्द का उपचार – Testicular Pain Treatment In Hindi
6. अंडकोष (वृषण) में दर्द होने डॉक्टर के पास कब जाये – When Should I Call the Doctor in Hindi
7. अंडकोष में दर्द की जटिलताएं – Complications of Testicular Pain in Hindi
8. अंडकोष में दर्द से बचने के घरेलू उपाय – Testicular Pain home Remedies in Hindi

अंडकोष (वृषण) में दर्द क्या है – What is Testicle Pain in Hindi

वृषण (अंडकोष) में दर्द (testicular pain) एक अपेक्षाकृत सामान्य दर्द है, जो सभी उम्र के पुरुषों के लिए चिंता का कारण बन सकता है। यह मामूली चोटों के कारण उत्पन्न हो सकता है। टेस्टिकुलर दर्द (Testicular pain) से एक या दोनों अंडकोष (testicles) में दर्द या असुविधा महसूस होती है।

अंडकोष (Testicles) अंडे के आकार के पुरुष प्रजनन अंग होते हैं जो अंडकोश की थैली (scrotum) में स्थित होते हैं। अंडकोष (वृषण), पुरुष प्रजनन अंग लिंग और गुदा के मध्य, त्वचा से निर्मित थैलीनुमा संरचना के रूप में पाया जाता है। अंडकोष (Testicles) मुख्य रूप से शुक्राणु और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करते है।

अंडकोष में दर्द (testicular pain), वृषण मरोड़ (testicular torsion) या यौन संचारित संक्रमण (sexually transmitted infection) जैसी गंभीर स्थितियों के परिणाम स्वरूप हो सकता है। अतः इस दर्द को नजरअंदाज करने से वृषण (testicles) और स्क्रोटम (scrotum) को गंभीर क्षति पहुँच सकती है। अक्सर, अंडकोष में दर्द (Testicular pain) की समस्या के कारण वृषण में दर्द उत्पन्न होने से पहले पेट या ग्रोइन (पेट और जांध के बीच का भाग) (groin) में दर्द शुरू होता है।

(और पढ़े – पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने के आसान घरलू उपाय…)

अंडकोष (वृषण) में दर्द के लक्षण – Testicle Pain Symptoms in Hindi

अंडकोष (वृषण) में दर्द के लक्षण - Testicle Pain Symptoms in Hindi

वृषण (अंडकोष) में वायरल या जीवाणु संक्रमण के कारण दर्द आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होता है। संक्रमण के कारण उत्पन्न दर्द शरीर के अन्य क्षेत्रों जैसे पेट या कमर और जांघ के बीच के भाग में स्थानांतरित हो सकता है।

अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) के कारण किसी भी पुरुष या नर बच्चे में निम्न लक्षण पैदा हो सकते है:

  • अंडकोष और अंडकोष की थैली में सूजन, संवेदनशीलता या लालिमा
  • जी मिचलाना और उल्टी होना
  • बुखार आना
  • यौन संभोग के दौरान दर्द होना
  • वीर्यपात के साथ दर्द
  • वीर्य में रक्त की उपस्थिति
  • मूत्र त्याग करने में दर्द होना
  • अचानक अंडकोष में सामान्य या गंभीर दर्द उत्पन्न होना
  • पेट या कमर के नीचे के हिस्से में सामान्य या तीव्र दर्द होना

(और पढ़े – शीघ्रपतन कारण,उपचार और शीघ्रपतन रोकने के घरेलु उपाय…)

अंडकोष (वृषण) में दर्द के कारण – Causes of Testicular Pain In Hindi

वृषण (अंडकोष) में दर्द (testicular pain) के सामान्य आंतरिक कारण हो सकते हैं।

अंडकोष के लिए एक सामान्य चोट या आघात दर्द का कारण बन सकती है। लेकिन अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) अक्सर चिकित्सकीय समस्याओं के परिणाम स्वरूप होता है, जिसके निवारण के लिए उपचार की आवश्यकता होती है। इसके चिकित्सकीय कारणों में शामिल है:

  • इनगुइनल हर्निया (inguinal hernia)
  • पुरुष नसबंदी (Vasectomy)
  • मूत्र पथ संक्रमण (Urinary tract infection)
  • स्पर्माटोसील (spermatocele) होना या अंडकोष में तरल पदार्थ की उपस्थिति
  • मधुमेह न्यूरोपैथी (diabetic neuropathy) के कारण अंडकोष की तंत्रिकाओं को क्षति पहुँचने के कारण
  • पथरी (kidney stones)
  • कण्ठमाला का रोग (Mumps)
  • अंडकोष की सूजन या ओरकाइटिस (orchitis)
  • एपिडिडाइटिस (epididymitis) (टेस्टिकल सूजन), यह एक अंडकोष या यौन संचारित संक्रमण क्लैमिडिया (chlamydia) के कारण अंडकोष की सूजन का कारण होता है।
  • वृषण मरोड़ (testicular torsion) या आघात के परिणामस्वरूप अंडकोष के ऊतकों की क्षति होने के कारण
  • अंडकोष में बढ़ने वाली नसों के समूह की उपस्थिति या वैरीकोसेल (varicocele) के कारण
  • कुछ मामलों में, कुछ चिकित्सा सम्बन्धी कारणों के फलस्वरूप भी अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिसे वृषण मरोड़ (testicular torsion) कहा जाता है। इस स्थिति में, अंडकोष की रक्त आपूर्ति को काटने से अंडकोष मुड़ जाता है। यह ऊतक को नुकसान पहुंचाता है।
  • वृषण मरोड़ (testicular torsion) एक चिकित्सा आपातकालीन स्थिति है, जिसका इलाज जल्द किया जाना चाहिए। यह स्थिति 10 से 20 वर्ष की उम्र के पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है।
  • बहुत कम स्थिति में अंडकोष में दर्द, वृषण कैंसर (Testicular cancer) के कारण होता है। वृषण कैंसर आमतौर पर अंडकोषों में एक दर्द रहित गांठ का कारण बनता है।

(और पढ़े – हर्निया के कारण लक्षण इलाज और परहेज)

अंडकोष (वृषण) में दर्द का निदान – Testicular Pain Diagnosis In Hindi

अंडकोष (वृषण) में दर्द का निदान - Testicular Pain Diagnosis In Hindi

वृषण (अंडकोष) में दर्द (testicular pain) के आंतरिक कारणों का निदान करने के लिए, सर्वप्रथम चिकित्सा विशेषज्ञ मरीज का शारीरिक परीक्षण करेगा और मरीज के चिकित्सा इतिहास की जानकारी लेगा। शारीरिक परीक्षण के अंतर्गत पेट या कमर, लिंग, अंडकोष, अंडकोष की थैली आदि क्षेत्रों की जाँच की जा सकती है। इसके अतिरिक्त अंडकोष में दर्द की समस्या का निदान करने के लिए निम्न परीक्षण किये जा सकते हैं।

अंडकोष में दर्द की जांच के लिए प्रयोगशाला परीक्षण (Laboratory tests)

वृषण या अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) का निदान करने के लिए निम्न प्रयोगशाला परीक्षण उपयोग में लाये जा सकते हैं:

  • रक्त परीक्षण
  • मूत्र-विश्लेषण
  • मूत्रमार्ग की तलछट (urethral swab test) परीक्षण (यह परीक्षण यौन संक्रमित बीमारी की जाँच करने के लिए किया जाता है)

अंडकोष में दर्द की जांच के लिए इमेजिंग परीक्षण (Imaging studies)

डॉक्टर द्वारा अंडकोष में दर्द (testicular pain) के आंतरिक कारणों का सही तरीके से पता लगाने के लिए, इमेजिंग परीक्षण (Imaging studies) का आदेश दिया जा सकता है।

अंडकोष में दर्द की जांच के लिए टेस्टिकुलर अल्ट्रासाउंड (Testicular ultrasound)

यह गैर-आक्रामक (non-invasive) परीक्षण है, जिसके द्वारा अंडकोष में रक्त प्रवाह का मूल्यांकन किया जाता है। यह परीक्षण मुख्य रूप से वृषण मरोड़ (testicular torsion) का संदेह होने पर किया जाता है। टेस्टिकुलर अल्ट्रासाउंड (Testicular ultrasound) अंडकोष से सम्बंधित अन्य शारीरिक असामान्यताओं का निदान करने में सहायक होता है। अतः अंडकोष में  दर्द से सम्बंधित निम्न कारणों का पता लगाया जा सकता है, जैसे-

  • गुर्दे की पथरी
  • टेस्टिकुलर टूटना (Testicular rupture)
  • अंडकोष में रक्त का संग्रह
  • Abscess (पुस का संग्रह)
  • टेस्टिकुलर ट्यूमर (Testicular Tumor)
  • इनगुइनल हर्निया (Inguinal hernia)
  • एपिडिडाइटिस (epididymitis) का निदान

(और पढ़े – अल्ट्रासाउंड क्या है और सोनोग्राफी की जानकारी…)

अंडकोष में दर्द की जांच के लिए न्यूक्लियर स्कैन (Nuclear scan)

कुछ डॉक्टर अंडकोष में दर्द के कारणों का निदान करने के लिए न्यूक्लियर स्कैन (Nuclear scan) की सहायता लेते हैं। यह परीक्षण जोखिम रहित है, जिसमें रेडियोधर्मी रंजक (डाई) के इंजेक्शन की आवश्यकता होती है।

न्यूक्लियर स्कैन (Nuclear scan) मुख्य रूप से अंडकोष में दर्द का मुख्य कारण वृषण मरोड़ (testicular torsion) का निदान करने के लिए अधिक उपयोगी होती है।

अंडकोष में दर्द के निदान के लिए सीटी स्कैन या गुर्दा/मूत्राशय का एक्स-रे – CT scan or a kidney/bladder X-ray

गुर्दे की पथरी (kidney stones) या पेट या उदर की अन्य स्थितियां, जो अंडकोष में दर्द का कारण बनती है, के संदेह का निदान करने के लिए सीटी स्कैन या गुर्दा एक्स-रे इमेजिंग परीक्षणों का आदेश दिया जाता है।

(और पढ़े – एक्स-रे क्या है, क्यों किया जाता है, कीमत और तरीका…)

अंडकोष (वृषण) में दर्द का उपचार – Testicular Pain Treatment In Hindi

अंडकोष (वृषण) में दर्द का उपचार - Testicular Pain Treatment In Hindi

एक बार अंडकोष में दर्द (testicular pain) के कारणों का निदान हो जाने के बाद उपचार प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है। उपचार प्रक्रिया में निम्न उपाय शामिल किए जा सकते हैं:

  • जीवाणु संक्रमण का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक्स दवाएं
  • दर्द दवाओं (pain medications) के माध्यम से इलाज
  • अंडकोष में द्रव के जमाव को कम करने के लिए सर्जरी
  • वृषण मरोड़ (Testicular torsion) के उपस्थिति होने पर अंडकोष को सुलझाने के लिए शल्य चिकित्सा करना
  • एक herniorrhaphy surgery नामक ऑपरेशन, हर्निया के कारण आंतरिक मांसपेशियों की कमजोरी को सही करने के लिए आवश्यक हो सकता है। हाइड्रोसील (hydroceles) अकसर बिना किसी उपचार के गायब हो जाते हैं।

(और पढ़े – हर्निया के कारण लक्षण इलाज और परहेज…)

अंडकोष (वृषण) में दर्द होने डॉक्टर के पास कब जाये – When Should I Call the Doctor in Hindi

परीक्षण और इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श करें यदि:

  • अंडकोष  पर एक गांठ महसूस होने पर
  • बुखार आने पर
  • जब अंडकोष लाल, स्पर्श करने पर गर्म या दर्द देने वाला हो
  • गलसुआ या कण्ठमाला रोग (mumps) से पीड़ित किसी व्यक्ति के संपर्क में रहने पर
  • अंडकोष में अचानक सामान्य या गंभीर दर्द होने पर
  • जी मिचलाना या उल्टी की समस्या उत्पन्न होने पर
  • वृषण में चोट लगने पर, सूजन या दर्द होने पर

(और पढ़े – सूजन के कारण, लक्षण और कम करने के घरेलू उपाय…)

अंडकोष में दर्द की जटिलताएं – Complications of Testicular Pain in Hindi

अंडकोष में दर्द की जटिलताएं - Complications of Testicular Pain in Hindi

डॉक्टर अंडकोष में दर्द (testicular pain) के अधिकांश कारणों का सफलतापूर्वक इलाज कर सकता है। लेकिन इलाज न किए गए संक्रमण जैसे- क्लैमिडिया (chlamydia) या वृषण मरोड़ (testicular torsion) जैसी गंभीर स्थितियों के फलस्वरूप अंडकोष (testicles) और अंडकोष की थैली (scrotum) को स्थायी नुकसान पहुँच सकता है। अंडकोष में होने वाली स्थाई क्षति प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है।

(और पढ़े – क्‍या लगातार सेक्स पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है?)

अंडकोष में दर्द से बचने के घरेलू उपाय – Testicular Pain home Remedies in Hindi

अंडकोष में दर्द (Testicle Pain) के अनेक कारणों से हो सकता है, इनमें से अधिकतर कारण आंतरिक बीमारियों से संबंध रखते हैं। अंडकोष में दर्द के लक्षणों को कम करने के लिए तथा इसे होने से रोकने के लिए निम्न घरेलू उपाय अपनाये जा सकते हैं:

  • खेल गतिविधियों में भाग लेते समय अंडकोष में चोट या आघात होने से रोकने के लिए उपयुक्त सुरक्षा सामग्री (supporter) पहनना चाहिए।
  • यौन संक्रमित बीमारियों के कारण एपिडिडिमाइटिस (epididymitis) को होने से रोकने के लिए, संभोग के दौरान कंडोम का उपयोग करना चाहिए। सुरक्षित यौन संबंध, यौन संक्रमित बीमारियों को प्राप्त करने या फैलने से रोकता है।
  • मम्प्स टीकाकरण (mumps vaccination), वायरल ओरकाइटिस (viral orchitis) के जोखिमों को कम कर सकता है।
  • वृषण ट्यूमर (testicular tumors) की नियमित जाँच करना चाहिए, जिससे कि ट्यूमर की शुरुआत में ही पहचान कर उचित इलाज प्राप्त किया जा सके।
  • गर्म जल से स्नान करें
  • अंडकोष की सूजन को कम करने के लिए बर्फ की सिकाई करनी चाहिए
  • फिटिंग के कपड़े नहीं पहनना चाहिए
  • अंडकोष में दर्द होने पर अधिक आराम करना चाहिए
  • जितना संभव हो उतना पानी पीना चाहिए और मोटापा कम करने पर ध्यान देना चाहिए,
  • दर्द से अस्थायी राहत प्रदान करने के लिए इबुप्रोफेन (ibuprofen) और एसिटामिनोफेन (acetaminophen) की मदद ली जा सकती है।

(और पढ़े – कंडोम के बिना सेक्स करने के फायदे और नुकसान…)

Leave a Comment

4 Comments

Subscribe for daily wellness inspiration