मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) के कारण, लक्षण और उपचार – Urinary tract infection Causes, symptoms and treatment in Hindi

मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) के कारण, लक्षण और उपचार - Urinary tract infection Causes, symptoms and treatment in Hindi
Written by Rajendra Patel

मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) जिसे यूरिन इन्फेक्शन के नाम से भी जानते है एक ऐसा संक्रमण है जो मूत्र विसर्जन के रास्ते सूक्ष्मजीवों के द्वारा होता है। अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होते हैं, लेकिन कुछ कवक और दुर्लभ मामलों में वायरस के कारण भी हो सकता है। यूटीआई इंसानों में होने वाला आम संक्रमण है। UTI मूत्र मार्ग में कहीं भी हो सकता है। आपका मूत्र मार्ग दो गुर्दे (Kidney), मूत्राशय (bladder), और मूत्रमार्ग (urethra) से मिलकर बना होता है। अधिकांश संक्रमण, मूत्राशय और मूत्रमार्ग में होता है परन्तु कुछ मामलों में यह गुर्दे में भी हो सकता है।

1. यूटीआई क्या है – What is UTI in Hindi
2. यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई, मूत्र मार्ग संक्रमण) के लक्षण – Urinary tract infection symptoms in Hindi
3. यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) के कारण – Urinary Tract Infection (UTI) Causes in Hindi
4. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) की जाँच – UTI Ki Janch in Hindi

5. यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन (यूटीआई) के जोखिम कारक – Risk factors of UTI in Hindi

6. यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) से बचाव के तरीके – UTI prevention in Hindi
7. यूरिन इन्फेक्शन के घरेलू उपाय – Urine Infection (UTI) Home Remedies in Hindi

यूटीआई क्या है – What is UTI in Hindi

यूटीआई क्या है - What is UTI in Hindi

यूरिन इन्फेक्शन मूत्र मार्ग से सम्बंधित संक्रमण है जो आपके मूत्र तंत्र के किसी भी हिस्से जैसे – आपके गुर्दे, मूत्रमार्ग, मूत्राशय और मूत्र में संक्रमण का कारण बन सकता है। अधिकांश संक्रमण में – मूत्राशय और मूत्रमार्ग शामिल होते हैं।

(और पढ़े –मूत्राशय में संक्रमण के कारण, लक्षण और बचाव)

यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई, मूत्र मार्ग संक्रमण) के लक्षण – Urinary tract infection symptoms in Hindi

यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण, मूत्र मार्ग में संक्रमण किस भाग में हुआ है उस पर निर्भर करते है-

निचले मूत्रमार्ग और मूत्राशय में होने वाले संक्रमण के निम्न लक्षण हैं-

  • पेशाब करने में जलन
  • बार-बार पेशाब लगना लेकिन मूत्र न निकलना
  • मूत्र के साथ खून जाना
  • गाढ़ा मूत्र
  • मूत्र का रंग चाय या चोकलेट के समान होना
  • मूत्र से तेज गंध का आना
  • महिलाओं में पेल्विक दर्द
  • पुरुषों में गुदा दर्द

ऊपरी मूत्रमार्ग में संक्रमण गुर्दे को प्रभावित करता है। यह संक्रमण बेक्टीरिया द्वारा होता है और बहुत ही ख़तरनाक होता है, क्योंकि अगर बैक्टीरिया संक्रमित गुर्दे से रक्त में जाता है, तो ये संभावित रूप से इन्सान को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। इस स्थिति को यूरोपेप्सिस कहते हैं, जिसके कारण कम रक्तचाप, सदमा और मौत भी हो सकती है।

ऊपरी पथ संक्रमण के लक्षण –

  • पेट में तीव्र दर्द
  • ठंड लगना
  • बुखार
  • जी मिचलाना
  • उल्टी

यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) के कारण – Urinary Tract Infection (UTI) Causes in Hindi

कुछ यूटीआई जोखिम कारक उसके कारण भी होते है कुछ भी कारण जो आपके मूत्राशय को खाली करने में रूकावट पैदा करते है या मूत्र मार्ग में  जलन और परेशानी उत्पन्न करते है, यूटीआई का कारण बन सकते है। ऐसे कई कारक हैं जो आपके शरीर में यूटीआई होने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।

इन कारकों में शामिल हैं-

  • आयु – ज्यादातर वयस्कों में यूटीआई होने की अधिक संभावना होती है
  • संभोग जो की बार-बार और तीव्र तरीके से किया गया हो, कई अलग-अलग साथियों के साथ यौन संबंध रखने से मूत्र मार्ग संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है
  • शल्य चिकित्सा या लंबे समय तक बिस्तर पर आराम के बाद गतिशीलता कम हो जाने पर
  • पथरी के कारण
  • पिछली यूटीआई के कारण
  • मूत्र मार्ग में बाधाओं या अवरोध, जैसे एक बढ़ी प्रोस्टेट, गुर्दे की पथरी, और कैंसर के कुछ रूप के कारण
  • मूत्र कैथेटर का लंबे समय तक उपयोग, जो आपके मूत्राशय में बैक्टीरिया के विकास को आसान बना देता है
  • मधुमेह, विशेष रूप से यदि आपका उसपर खराब नियंत्रित होता है, जिससे आपको यूटीआई होने की संभावना बढ़ जाती है
  • गर्भावस्था
  • एंटीबायोटिक्स का अधिक उपयोग करने से
  • जन्म से असामान्य रूप से विकसित मूत्र संरचनाएं
  • एक कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण
  • टेम्पोंन का अधिक देर तक इस्तेमाल करने के कारण
  • शुक्राणुनाशकों (Spermicides) के कारण  

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) की जाँच – UTI Ki Janch in Hindi

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) की जाँच – UTI Ki Janch in Hindi

यूटीआई का परीक्षण निम्न तरीकों से किया जा सकता है – 

पेशाब की जाँच द्वारा यूटीआई की पहचान – UTI diagnosis By Urine test in Hindi

यह एक प्रकार का लैब परीक्षण है, जिसमें मरीज़ की पेशाब (Urine) नमूना लिया जाता है और फिर उसको लैब में परीक्षण किया जाता है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर यह निर्धारित होता है कि मरीज़ को UTI है या नहीं। यदि संभावित है तो सोनोग्राफी के माध्यम से प्रभावित अंग का पता लगाया जाता  है।

एज़ो टेस्ट स्ट्रिप्स के द्वारा यूटीआई की जाँच – UTI diagnosis By AZO test strips in Hindi

 एज़ो टेस्ट स्ट्रिप्स के माध्यम से आप घर बैठे ही UTI  टेस्ट कर सकते हैं, जिसका  उपयोग करना बहुत ही आसान होता है। एज़ो टेस्ट स्ट्रिप्स के द्वारा आप 2 मिनट में रिजल्ट पा सकते हो। आजकल डॉक्टर भी एज़ो टेस्ट स्ट्रिप्स का ही उपयोग करते हैं। अतः एज़ो टेस्ट स्ट्रिप्स का उपयोग UTI टेस्ट के लिए भरोसेमंद है।                                     

यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट (उपचार) – Treatment for Urinary tract infection in Hindi

यूटीआई का उपचार उसके कारण पर निर्भर करता है। आपका डॉक्टर यह निर्धारित करने में सक्षम होगा कि कौन सा अंग संक्रमण का कारण बन रहा है।चूकि ज्यादातर मामलों में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन एक बेक्टिरियल इन्फेक्शन है, जिसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग करना लाभदायक रहता है। एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) वो होते हैं, जो जीवाणु के विरुद्ध कार्य करते हैं, और उसकी कार्य क्षमता को कम करके उसको नष्ट करते हैं।

एंटीबायोटिक्स यूरिन इन्फेक्शन मेडिसिन के लिए – Urine infection medicine in Hindi

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) बेक्टिरियल इन्फेक्शन के कारण होता है। अतः इसके उपचार के लिए एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है। यदि निचले भाग में संक्रमण होता है तो उसके उपचार के लिये ओरल एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जाता है, और, अगर मूत्र मार्ग के ऊपरी पथ में संक्रमण होता है,  तो फिर शिरा के माध्यम से एंटीबायोटिक्स की आवश्यकता होती है। ये एंटीबायोटिक्स सीधे इंजेक्शन के माध्यम से आपकी नसों में भेजे जाते है। परन्तु कभी-कभी जब एंटीबायोटिक्स ज्यादा हो जाता है, तो बेक्टिरिया एंटीबायोटिक्स के लिए प्रतिरोध बना लेते हैं। जिसका यूरिन टेस्ट के माध्यम से डॉक्टर पता लगा लेते हैं जिससे उनको उपचार में आसानी होती है।

यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन (यूटीआई) के जोखिम कारक – Risk factors of UTI in Hindi

यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन (यूटीआई) के जोखिम कारक - Risk factors of UTI in Hindi

संभोग- Sexual intercourse in Hindi

यौन संभोग के दौरान महिला मूत्र पथ पर दबाव मूत्राशय में गुदा के आसपास से बैक्टीरिया को स्थानांतरित कर सकता है। संभोग के बाद ज्यादातर महिलाओं के मूत्र में बैक्टीरिया होता है। हालांकि, शरीर आमतौर पर 24 घंटे के भीतर इन बैक्टीरिया से छुटकारा पा लेता है।

मूत्रमार्ग का छोटा होना – Shorter urethra in Hindi

महिलाओं में मूत्रमार्ग की लंबाई और स्थान यूटीआई की संभावना को बढ़ाता है। महिलाओं में मूत्रमार्ग योनि और गुदा दोनों के बहुत करीब होता है। बैक्टीरिया जो योनि और गुदा दोनों के आसपास स्वाभाविक रूप से होते है, मूत्रमार्ग में संक्रमण का कारण हो सकते है। एक महिला की मूत्रमार्ग एक आदमी की तुलना में भी छोटा होता है, और बैक्टीरिया के मूत्राशय में प्रवेश करने के लिए एक छोटी दूरी होती है।

सेक्स के दौरान कंडोम का उपयोग – Condom use during sex in Hindi

गैर-स्नेहक लेटेक्स कंडोम घर्षण को बढ़ा सकता है और यौन संभोग के दौरान महिलाओं की त्वचा को परेशान कर सकता है। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।हालांकि, यौन संक्रमित संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए कंडोम महत्वपूर्ण हैं। कंडोम से घर्षण और त्वचा की जलन को रोकने में मदद के लिए, पर्याप्त पानी आधारित लुब्रिकेंट का उपयोग करना चाहिए, और संभोग के दौरान कंडोम का भी उपयोग करें।
(और पढ़े – सेक्स लुब्रिकेंट प्रकार उपयोग की जानकारी)

शुक्राणुनाशकों का इस्तेमाल – Spermicides in Hindi

सेक्स के दौरान शुक्राणुनाशक का इस्तेमाल करने यूटीआई जोखिम में वृद्धि कर सकते हैं। वे कुछ महिलाओं में त्वचा की जलन उत्पन्न कर सकते हैं। इससे मूत्राशय में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है।

डायफ्राम – Diaphragms in Hindi

डायाफ्राम एक महिला के मूत्रमार्ग पर दबाव डाल सकता है। जिससे मूत्र त्यागने में परेशानी हो सकती है जिससे यह मूत्राशय को खाली करने में कमी कर सकता हैं। 

एस्ट्रोजेन के स्तर में कमी – Decrease in estrogen levels

रजोनिवृत्ति के बाद, आपके एस्ट्रोजेन स्तर में कमी आना स्वाभाविक है इसके कारण आपकी योनि में सामान्य बैक्टीरिया में बदलाव आ जाता  है। इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है।

(और पढ़े – एस्ट्रोजन हार्मोन की महिलाओं के शरीर में भूमिका)

यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) से बचाव के तरीके – UTI prevention in Hindi

ज्यादातर मामलों में  यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन से बचने के लिए हर कोई निम्नलिखित कदम उठा सकता है-

  • रोजाना छह से आठ गिलास पानी पीएं। (और पढ़े – रोज कितना पानी पीना चाहिए)
  • लंबे समय तक मूत्र रोककर न रखें।
  • किसी भी प्रकार की मूत्र मार्ग में परेशानी या कठिनाइयों के प्रबंधन के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
  • हालांकि, महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यूटीआई अक्सर अधिक होती है। जिसका अनुपात 8: 1 है।
  • इसका मतलब है कि प्रत्येक आठ महिलाओं के लिए जिनको यूरिन ट्रैक इन्फेक्शन हुआ है, जिसमे से केवल एक ही व्यक्ति इससे प्रभावित होता है।

यूरिन इन्फेक्शन के घरेलू उपाय – Urine Infection (UTI) Home Remedies in Hindi

यूटीआई के लिए कई घरेलू उपचार हैं, जिनके द्वारा यूटीआई का इलाज कर सकते हैं घरेलू उपचार आपके शरीर को संक्रमण को तेजी से दूर करने में मदद कर सकते हैं। जैसे एक करौंदा का रस का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि करौंदे में एक रसायन होता है, जो  कुछ प्रकार के बैक्टीरिया को रोकने में मदद करता है जो आपके मूत्राशय में यूटीआई का कारण बन सकते हैं। भविष्य में यूटीआई को रोकने में भी यह सहायक हो सकता है।

पर्याप्त पानी पीना यूरिन इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज – Urinary tract infection Treatment By drinking more water in Hindi

निर्जलीकरण (Dehydration), UTI का सबसे बड़ा कारण हो सकता है। अतः आप पर्याप्त पानी पीकर मूत्रपथ में उपस्थित बेक्टेरिया को बाहर निकालने में सहायक होता है। 

(और पढ़े – डिहाइड्रेशन से बचने के घरेलू उपाय, जानलेंगें तो कभी नहीं होगी पानी की कमी)

यूरिन इन्फेक्शन होम रेमेडीज ज्यादा देर तक पेशाब न रोके- Do’not stop urination for longtime in Hindi

अक्सर हम पेशाब को बहुत देर तक रोककर रखते हैं जो UTI का कारण हो सकता है। यदि हम बहुत लम्बे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं, तो मूत्राशय में बैक्टीरियल इन्फेक्शन बढ़ सकता है, जो UTI का कारण हो सकता है। 

मूत्र मार्ग में संक्रमण से बचने के लिए साफ़ और सूखे रहना – Stay clean and dry in Hindi

मूत्र मार्ग में संक्रमण से बचने के लिए साफ़ और सूखे रहना - Stay clean and dry in Hindi

महिलाओं को अपने यूरिनरी अंगों को अच्छे से साफ़ और सुखा रखना चाहिए। इससे बाहरी कारणों से यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से बचा जा सकता है। महिलाओं को ढीले और सूती कपड़े और अंडरवियर पहनना चाहिए, जिससे मूत्रमार्ग को सूखा रखने में मदद मिल सके। टाइट जींस या नायलॉन जैसे कपड़े पहनने से बेक्टेरियल इन्फेक्शन हो सकता है। अतः अंगों को साफ़ और सूखा रखकर आप UTI अपने आप को बचा सकते हो। 

(और पढ़े – प्राइवेट पार्ट की सफाई कैसे करें)

यूरिन इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज लहसुन का सेवन करके- Eating Garlic for  Urinary tract infection in Hindi

यूरिन इन्फेक्शन का आयुर्वेदिक इलाज लहसुन का सेवन करके- Eating Garlic for  Urinary tract infection in Hindi

लहसुन में एलिसिन नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, ताजा कुचले कच्चे लहसुन में Antimicrobial activity पायी जाती है। जिसके सेवन से UTI को नियंत्रित किया जा सकता है।

(और पढ़े – जानिए लहसुन के चमत्कारी स्वास्थ्यवर्धक गुणों के बारे में)

यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट विटामिन C युक्त भोजन करके – By taking food containing Vitamin C in Hindi

यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट विटामिन C युक्त भोजन करके - By taking food containing Vitamin C in Hindi

प्राकृतिक रूप से मानव मूत्र की प्रकृति अम्लीय होती है, किन्तु यदि आप UTI से संक्रमित हैं तो आपके मूत्र की प्रकृति क्षारीय हो जाती है। जिसके उपचार के लिए आप विटामिन C युक्त भोजन या फिर विटामिन C की टेबलेट ले सकते हैं। विटामिन C मूत्र को अधिक अम्लीय बनाता है और ई कोलाई बेक्टेरिया जो UTI का कारण हो सकता है, के विकास को रोकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है। 

(और पढ़े – विटामिन सी की कमी दूर करने के लिए ये खाद्य पदार्थ)

दादी माँ के नुस्खे फॉर यूरिन इन्फेक्शन लोंग तेल का उपयोग – using clove oil for  Urinary tract infection in Hindi

दादी माँ के नुस्खे फॉर यूरिन इन्फेक्शन लोंग तेल का उपयोग - using clove oil for  Urinary tract infection in Hindi

लोंग के तेल में एंटी बेक्टेरियल, एंटी फंगल, एंटी माइक्रोबियल और एंटीवायरल  के  गुण होते हैं। अतः आप लोंग तेल का उपयोग करके भी UTI का उपचार कर सकते हैं। लोंग तेल का उपयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।

(और पढ़े – लौंग के तेल के फायदे और नुकसान)

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