चर्बी की गांठ (लिपोमा) क्या है, कारण, लक्षण और इलाज – What Is a Lipoma Symptoms, causes and Treatments in Hindi

चर्बी की गांठ (लिपोमा) क्या है, कारण, लक्षण और इलाज - What Is a Lipoma Symptoms, causes and Treatments in Hindi
Written by Ramkumar

Lipoma in Hindi लिपोमा या लाइपोमा (चर्बी की गांठ) शरीर की त्वचा के नरम ऊतकों में से किसी एक वसा ऊतक का उभरा हुआ भाग है। इसे ट्यूमर की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन यह आमतौर पर दर्द रहत और हानिरहित होते हैं। आप यहाँ इस लेख के माध्यम से जानेंगे कि चर्बी की गांठ (लिपोमा) क्या है, इसके लक्षण क्या होते हैं, लिपोमा के कारण क्या हैं तथा इसका इलाज और रोकथाम कैसे की जा सकती है।

लाइपोमा (Lipoma) त्वचा के नीचे बनने वाला सबसे सामान्य ट्यूमर का एक प्रकार है, जो कि बहुत कम व्यक्तियों में, लगभग 1000 में से एक व्यक्ति में चर्बी की गांठ का कारण बनता है। यह आमतौर पर व्यक्तियों के शरीर के ऊपरी भाग, बाहों, गर्दन, पेट या जांघों में पाए जाते हैं। चर्बी की गांठ (लिपोमा) वैसे तो कष्ट दायक नहीं होती है, परन्तु बढ़ने वाले लिपोमा मानव जीवन को परेशानी में डाल सकते हैं। अतः इस स्थिति में इनका इलाज कराना बहुत जरूरी हो जाता है।

1. चर्बी की गांठ (लिपोमा) क्या होता है – What Is Lipoma in Hindi
2. लिपोमा (चर्बी की गांठ) के लक्षण – Lipoma Symptoms in Hindi
3. चर्बी की गांठ (लिपोमा) के कारण – Lipoma causes in Hindi
4. चर्बी की गांठ (लिपोमा) के जोखिम कारक – Lipoma Risk factors in Hindi
5. लिपोमा (चर्बी की गांठ) का निदान – Lipoma Diagnosis in Hindi
6. चर्बी की गांठ (लिपोमा) का इलाज – Lipoma Treatments in Hindi
7. लिपोमा (चर्बी की गांठ) की रोकथाम – Lipoma prevention in Hindi
8. लिपोमा का आयुर्वेदिक घरेलू इलाज – Lipoma home remedies in Hindi

चर्बी की गांठ (लिपोमा) क्या होता है – What Is Lipoma in Hindi

लाइपोमा एक धीमी गति से बढ़ने वाली फैटी ऊतक की गांठ है, जो त्वचा और मांसपेशी की सतह के बीच स्थित होती है। एक लिपोमा, छूने पर मुलायम महसूस होता है, तथा सामान्यता संवेदनशील या दर्दनाक नहीं होता है, इस गांठ को हल्का दबाने पर आसानी से इसमें स्थान परिवर्तन हो सकता है। लिपोमा (चर्बी की गांठ) आमतौर व्यक्तियों को मध्यम आयु में प्रभावित करता है। एक व्यक्ति में एक से अधिक लिपोमा या चर्बी की गांठ पायी जा सकती हैं।

चर्बी की गांठ (लिपोमा) को कैंसर का नाम नहीं दिया जा सकता है। आमतौर पर हानि रहित होने के कारण इसका उपचार जरूरी नहीं है।, लेकिन यदि लिपोमा या चर्बी की गांठ व्यक्ति को परेशानी में डालने वाली तथा दर्दनाक हो या फिर गांठ बढ़ रही हो तो इसका इलाज जरूरी हो जाता है।

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लिपोमा (चर्बी की गांठ) के लक्षण – Lipoma Symptoms in Hindi

त्वचा में ट्यूमर के कई प्रकार होते हैं, जिसमें से लिपोमा एक आम प्रकार हैं। चर्बी की गांठ (लाइपोमा) शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है। इसमें आम तौर पर निम्न लक्षण प्रगट होते हैं:

त्वचा फूली हुई दिखाई देती है।

  • चर्बी की गांठ आमतौर पर गर्दन, पेट, कंधे, पीठ, बाँहों और जांघों आदि अंगों पर दिखाई दे सकती है।
  • त्वचा की गांठ को स्पर्श करने पर वह नरम और मुलायम महसूस होती है।
  • चर्बी की गांठ (लिपोमा) को उंगली से दबाने पर यह स्थान परिवर्तित कर सकती है।
  • कभी-कभी लिपोमा (Lipoma) दर्द का कारण भी बन सकता है। जब यह वृद्धि करता है तो अपने आस पास की नसों पर दबाव डालता है, जो दर्द का कारण बनता है।
  • सामान्यता छोटे लिपोमा (Lipoma) का आकर में लगभग 2 इंच (5 सेंटीमीटर) व्यास से कम होता है।
  • कुछ परिस्थितियों में यह चर्बी की गांठ बढ़ सकती है।

चर्बी की गांठ (लिपोमा) के कारण – Lipoma causes in Hindi

लिपोमा (Lipoma) होने का सही कारण स्पष्ट नहीं किया जा सकता है। यह एक पारिवारिक विकार है, इसलिए आनुवांशिक कारक इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह मध्यम आयु वर्ग के पुरुष और महिलाएं को अधिक प्रभावित करता है।

चर्बी की गांठ या लिपोमा (Lipoma) ज्यादातर चोट के बाद देखे जा सकते है। लेकिन यह कैसे निर्मित होते हैं, इसका पता अभी तक नहीं लगाया जा सका है।

मैडलंग रोग (डबल ठोड़ी) (Madelunga disease), जो कि एक दुर्लभ स्थिति है, यह व्यक्तियों में लिपोमा का कारण बन सकती है।

चर्बी की गांठ (लिपोमा) के जोखिम कारक – Lipoma Risk factors in Hindi

ऐसे कई कारक है जो लिपोमा (चर्बी की गांठ) विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं:

  • 40 से 60 वर्ष की आयु वयस्कों में लिपोमा के जोखिम को बढ़ा देती है।
  • मैडलंग रोग (डबल ठोड़ी) Madelung’s disease
  • काउडन सिंड्रोम (Cowden syndrome)
  • गार्डनर सिंड्रोम (Gardner’s syndrome)
  • एडीपोसिस डोलोरोसा (adiposis dolorosa) ( यह एक अति दुर्लभ विकार है जिसमें बहुत अधिक तथा दर्दनाक लिपोमा होते है)

लिपोमा (चर्बी की गांठ) का निदान – Lipoma Diagnosis in Hindi

लिपोमा (चर्बी की गांठ) का निदान - Lipoma Diagnosis in Hindi

चर्बी की गांठ या लाइपोमा (Lipoma) का निदान करने के लिए डॉक्टर निम्न प्रक्रियाओं को अपना सकते हैं:

  • एक शारीरिक परीक्षा इसके निदान का प्रारम्भिक कदम है।
  • इसके निदान के लिए प्रयोगशाला परीक्षण किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत एक ऊतक का नमूना (बायोप्सी) लेकर जांच की जाती है।
  • एक एक्स-रे इमेजिंग या अन्य इमेजिंग टेस्ट जैसे कि एमआरआई (MRI) या सीटी ( CT) स्कैन की मदद से भी चर्बी की गांठ (लिपोमा) की जांच की जा सकती है।

बहुत कम मामलों में एक ढेर के समान (lump resembling) लिपोमा, लिपोसोर्को (liposarcoma) नामक कैंसर का रूप ले सकता है। लिपोसोर्कोस (Liposarcomas) जो कि एक फैटी ऊतकों में कैंसर ट्यूमर है, यह तेजी से बढ़ता हैं और आमतौर पर दर्दनाक होते हैं। अतः डॉक्टर को लिपोसोर्को (liposarcoma) का संदेह होने पर एक बायोप्सी या एमआरआई या सीटी स्कैन आदि परीक्षण को इसकी निदान प्रक्रिया में शामिल कर सकता है।

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चर्बी की गांठ (लाइपोमा) का इलाज – Lipoma Treatments in Hindi

चर्बी की गांठ (लिपोमा) का इलाज - Lipoma Treatments in Hindi

2 इंच से बड़े लाइपोमा को कभी-कभी “विशाल लिपोमा” (giant lipomas) भी कहा जाता है। यह विशाल लिपोमा तंत्रिका कोशिका में दर्द का कारण बन सकते हैं। वैसे तो लिपोमा के लिए आमतौर पर कोई इलाज की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन जब लिपोमा (चर्बी की गांठ), सम्बंधित व्यक्ति के लिए परेशानी का कारण बनता है, दर्दनाक होता है या फिर बढ़ता है, तो डॉक्टर से परामर्श करने पर वह इसके उपचार के लिए निम्न प्रक्रियाओं को प्राप्त कर सकता है:

लिपोमा का इलाज सर्जरी से (Surgery)

चर्बी की गांठ का इलाज करने का सबसे सामान्य तरीका सर्जरी है। सर्जरी के माध्यम से चर्बी की गांठ को हटा दिया जाता है। यह उपचार विशेष रूप से तब सहायक होता है, जब लाइपोमा या ट्यूमर का आकर बड़ा हो और यह धीरे-धीरे बढ़ रहा हो। शल्य चिकित्सा की मदद से लिपोमा (चर्बी की गांठ) को हटाए जाने के बाद यह कभी वापस नहीं होता है।

लिपोमा ट्रीटमेंट इन हिंदी लिपोसक्शन (Liposuction)

इस उपचार के तहत फैटी ऊतक की गांठ को हटाने के लिए एक सुई और बड़ी सिरिंज का उपयोग किया जाता है। चूंकि लिपोमा, वसा (fatty) ऊतक होते हैं, इसलिए लिपोसक्शन (Liposuction) प्रक्रिया गांठ के आकार को कम करने के लिए अत्यंत उपयोगी होती है।

चर्बी की गांठ का इलाज स्टेरॉयड इंजेक्शन से (Steroid injections)

स्टेरॉयड इंजेक्शन का उपयोग चर्बी की गांठ (लिपोमा) के इलाज में सहायक है। इसका प्रयोग प्रभावित क्षेत्र पर किया जाता है। यह उपचार लिपोमा को बहुत कम कर सकता है, लेकिन उसे पूरी तरह से हटाता नहीं है।

लिपोमा (चर्बी की गांठ) की रोकथाम – Lipoma prevention in Hindi

लाइपोमा (Lipoma) सौम्य ट्यूमर होता हैं। इसका मतलब है कि लाइपोमा (चर्बी की गांठ) के फैलने की कोई संभावना नहीं होती है। तथा इसके साथ ही सम्बंधित मांसपेशियों या आसपास के ऊतकों में लिपोमा के फैलने का कोई खतरा नहीं होता है।

स्वयं की देखभाल करके लिपोमा (Lipoma) को होने से नहीं रोका जा सकता है, और न ही इसे कम किया जा सकता है। बर्फ और गर्म पैक की सिकाई (heat packs), अन्य प्रकार की त्वचा गांठों के उपचार में सहायक हो सकते हैं, लेकिन वे लिपोमा (चर्बी की गांठ) को कम करने में सहायक नहीं हो सकते। यदि जिस भी व्यक्ति को लिपोमा है, और वह उससे छुटकारा पाना चाहता है, तो उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

लिपोमा का आयुर्वेदिक घरेलू इलाज – Lipoma home remedies in Hindi

जो व्यक्ति लिपोमा (चर्बी की गांठ) से परेशान हैं, वे इसके इलाज के लिए निम्न घरेलू उपचार अपना सकते हैं।

अरंडी का तेल लिपोमा का आयुर्वेदिक इलाज (Castor Oil)

अरंडी का तेल लिपोमा का आयुर्वेदिक इलाज (Castor Oil)

यह शरीर के विभिन्न विकारों को हटाने के लिए अत्यधिक उपयोगी है। इसका उपयोग लाइपोमा (Lipoma) से प्रभावित क्षेत्रों पर मालिश करने में करना चाहिए। अरंडी का तेल (Castor Oil) बहुत चिकना होता है। इसलिए जब भी इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाया जाये, तो पुराने कपड़े और चादरों का उपयोग करें, जिससे की कपड़ों को ख़राब होने से बचाया जा सके।

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शरीर की गांठों का आयुर्वेदिक उपचार शहद और आटा (Honey and Flour)

शरीर की गांठों का आयुर्वेदिक उपचार शहद और आटा (Honey and Flour)

फैटी ऊतक के जमाव या गांठ को कम करने के या हटाने के लिए कच्चे शहद और आटे जैसे प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है। शहद और आटे की पेस्ट बनाकर सीधे लिपोमा (Lipoma) पर कम से कम 36 घंटे तक लगा रहने दें।

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चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज नींबू का रस (Lemon Juice)

चर्बी की गांठ का घरेलू इलाज नींबू का रस (Lemon Juice)

ताजा नींबू का रस (Lemon Juice) शरीर से विषाक्त पदार्थों को, जो फैटी कोशिकाओं का उत्पादन करते हैं, हटाने में मदद कर सकता है। लिपोमा (Lipoma) के आकार को कम करने के लिए इसे एक गिलास पानी के साथ या भोजन में स्वाद के रूप में सेवन कर सकते हैं।

(और पढ़े – नींबू के फायदे और नुकसान…)

लिपोमा का देसी इलाज ग्रीन टी (Green Tea)

लिपोमा का देसी इलाज ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी लिपोमा (चर्बी की गांठ) नामक फैटी ऊतकों के जमाव को कम करने में मदद करती है। वसा जमाव को कम करने के लिए तथा चयापचय को बढ़ावा देने के लिए प्रति दिन एक कप हरी चाय (Green Tea) का सेवन करना चाहिए।

(और पढ़े – ग्रीन टी पीने के फायदे और नुकसान…)

लिपोमा का इलाज संभव है अलसी का तेल से (Flaxseed Oil)

लिपोमा का इलाज संभव है अलसी का तेल से (Flaxseed Oil)

अलसी का तेल (Flaxseed Oil) में पाई जाने वाली ओमेगा -3 फैटी एसिड की अधिक मात्रा का उपयोग लाइपोमा को ख़त्म करने के लिए भी किया जा सकता है। खाद्य पदार्थों में मुख्य रूप से अलसी का तेल (Flaxseed Oil) का प्रयोग कारण चाहिए।

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चर्बी की गांठ के उपाय में करें आयोडीन का सेवन (Iodine)

चर्बी की गांठ के उपाय में करें आयोडीन का सेवन (Iodine)

आयोडीन (Iodine) का प्रयोग लिपोमा को नष्ट करने के लिए भी किया जा सकता है। दिन में दो बार चर्बी की गांठ (लिपोमा) पर सीधे तौर पर आयोडीन को लगाना चाहिए।

लाइपोमा के उपचार के लिए सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

लाइपोमा के उपचार के लिए सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

लिपोमा (Lipoma) का प्राकृतिक उपचार के लिए ऐप्पल साइडर विनेगर (Apple Cider Vinegar) बेहद ही आसान और लाभकारी इलाज है। इसका उपयोग करने के लिए एक गिलास पानी के साथ 1से 3 चम्मच कच्चे सेब का सिरका को दिन में 1 से 3 बार पीना चाहिए।

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