सीटी स्कैन क्या है कैसे होता है, कीमत, फायदे और नुकसान – CT (Computed Tomography) Scan in Hindi

सीटी स्कैन क्या है कैसे होता है, कीमत, फायदे और नुकसान - CT (Computed Tomography) Scan in Hindi
Written by Anamika

CT Scan in Hindi सीटी स्कैन का पूरा नाम कंप्यूटराइज्ड टोमोग्राफी स्कैन (computerized tomography) है। यह एक ऐसा टेस्ट है जिसमें कंप्यूटर और घूमती हुई एक्स-रे मशीन की सहायता से शरीर के विभिन्न भागों का क्रॉस-सेक्शनल (टुकड़ों में) चित्र लिया जाता है। सामान्य एक्स-रे इमेज की अपेक्षा सीटी स्कैन में अधिक विस्तृत और स्पष्ट जानकारी प्राप्त हो जाती है। सीटी स्कैन में शरीर की मुलायम कोशिकाओं, रक्त वाहिकाओं और हड्डियों के संबंधित विकारों के चित्र स्पष्ट दिखायी पड़ते हैं। सीटी स्कैन का प्रयोग सिर, कंधे, रीढ़ की हड्डी, हृदय, पेट , घुटने और छाती से जुड़ी समस्याओं के निदान (diagnosis) के लिए किया जाता है। आमतौर पर सीटी स्कैन से शरीर के हर एक हिस्से का स्पष्ट चित्र देखा जा सकता है और रोगों के निदान, चोट एवं सर्जिकल एवं रेडिएशन उपचार के लिए भी सी टी स्कैन किया जाता है।

1. सीटी स्कैन कैसे किया जाता है – CT Scans procedure in Hindi
2. सीटी स्कैन कैसे होता है – CT scan kaise hota hai
3. सीटी स्कैन क्यों किया जाता है – CT Scan Purpose in Hindi
4. सीटी स्कैन की कीमत (सीटी स्कैन प्राइस) – CT Scan Cost in Hindi
5. सीटी स्कैन के फायदे – CT Scan Benefits in Hindi
6. सीटी स्कैन के नुकसान (सीटी स्कैन साइड इफेक्ट्स) – CT Scan Side Effects in Hindi

सीटी स्कैन कैसे किया जाता है – CT Scans procedure in Hindi

सीटी स्कैन कैसे किया जाता है - CT Scans procedure in Hindi

CT Scan आमतौर पर हॉस्पिटल और रेडियोलॉजी क्लिनिक में किया जाता है। इस दौरान सीटी स्कैन कराने वाले व्यक्ति को सीटी स्कैन कराने से कुछ घंटे पहले तक कुछ खाने-पीने के लिए मना किया जाता है। इसके अलावा सीटी स्कैन होने से पहले व्यक्ति धातु (metal) का कोई जेवर पहना हो तो उसे उतार लिया जाता है।

सीटी स्कैन रेडियोलॉजी टेक्नोलॉजिस्ट करते हैं। इस टेस्ट के दौरान व्यक्ति को एक बड़ी डोनट (doughnut) आकार वाली सीटी मशीन के अंदर एक टेबल पर लेटा दिया जाता है। यह टेबल स्कैनर के माध्यम से धीरे-धीरे घूमता है और एक्स-रे भी शरीर के चारों ओर घूमती है। इस दौरान मशीन से निकलने वाली आवाज को सुना जा सकता है। इधर-उधर शरीर हिलाने से स्कैन का चित्र धुंधला(blur) हो सकता है इसलिए मरीज को एकदम सीधे और एक ही अवस्था में लेटे रहने को कहा जाता है।

सीटी स्कैन कैसे होता है – CT scan kaise hota hai

CT Scan के दौरान एक संकीर्ण एक्स-रे बीम का प्रयोग किया जाता है जो शरीर के एक हिस्से के चारों ओर घूमता है। यह कई अलग-अलग कोणों(angles) से छवियों की एक श्रृंखला बनाता है। शरीर के उस भाग का क्रास सेक्शनल चित्र बनाने के लिए कंप्यूटर इस जानकारी का उपयोग करता है। रोटी के एक टुकड़े की तरह कंप्यूटर भी शरीर के अंदर का 2-डी चित्र दिखाता है। कई टुकड़ों में चित्र प्राप्त करने के लिए यह प्रक्रिया दोहरायी जाती है। इसके बाद कंप्यूटर इन चित्रों के स्कैन को 3-डी इमेज में बदल देता है जिन्हें डॉक्टर बहुत स्पष्ट तरीके से देख पाते हैं। इसमें हड्डियों, रक्त वाहिकाओं सहित अन्य हिस्सों के चित्र स्पष्ट दिखायी देते हैं।

सीटी स्कैन क्यों किया जाता है – CT Scan Purpose in Hindi

शरीर में चोट एवं अन्य विकारों का इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर मरीज को सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं। सीटी स्कैन की रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो जाता है कि मरीज के शरीर का कौन सा भाग किस कारण प्रभावित है। सीटी स्कैन में लगने वाला समय इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति के शरीर के किस अंग का सीटी स्कैन किया जा रहा है। सीटी स्कैन में कुछ मिनटों से लेकर आधे घंटे तक का भी समय लग सकता है।

आइये जानते हैं शरीर के किन हिस्सों का सीटी स्कैन किया जाता है

  • सीटी स्कैन एक इमेजिंग तकनीक (imaging technique) है और इस टेक्निक के जरिए डॉक्टर निम्न समस्याओं का निदान करते हैं।
  • दिमाग में चोट, खोपड़ी (skull) फ्रैक्चर होने और ब्लीडिंग के निदान के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • मस्तिष्क में रक्त के थक्के और मस्तिष्क ट्यूमर और बढ़ी हुई मस्तिष्क गुहा (ventricles)  के निदान के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • सीटी स्कैन आमतौर पर शरीर में कई रोगों के निदान और चोटों(injuries) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
  • संक्रमण, मांसपेशियों एवं जोड़ों में समस्या और हड्डियों में फ्रैक्चर और ट्यूमर के निदान के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • रक्त वाहिकाओं (blood vessels) और अन्य आंतरिक संरचनाओं की जांच के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • आंतरिक चोटों एवं अंदरूनी ब्लीडिंग (internal bleeding) के निदान के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • सर्जरी और बायोप्सी जैसी प्रक्रियाओं के बारे में जानने के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • कैंसर और हृदय रोगों सहित कुछ अन्य बीमारियों के उपचार के प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए भी सीटी स्कैन किया जाता है।
  • वाहन दुर्घटना के बाद होने वाले आंतरिक रक्तस्राव के निदान के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।
  • ट्यूमर, रक्त का थक्का बनना (blood clot) अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होना (excess fluid) और इंफेक्शन की जांच के लिए सीटी स्कैन किया जाता है।

सीटी स्कैन की कीमत (सीटी स्कैन प्राइस) – CT Scan Cost in Hindi

सीटी स्कैन की कीमत (सीटी स्कैन प्राइस) - CT Scan Cost in Hindi

CT Scan कराने की कीमत हर शहरों में अलग-अलग है। लेकिन आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन की कराने का खर्च 500 से लेकर हजार रूपए एवं प्राइवेट अस्पतालों में 2000 से लेकर पांच हजार तक होता है। मस्तिष्क का एक सामान्य सीटी स्कैन कराने का खर्च 1100-2000 रूपये पड़ता है जबकि शरीर के विभिन्न अंगों के सीटी स्कैन के आधार पर प्रत्येक क्लिनिक में इसकी फीस अलग-अलग होती है। अलग-अलग स्थान पर सीटी स्कैन का खर्च अलग-अलग हो सकता है यह इस बात पर भी निर्भर करता है की शरीर के किस अंग का सीटी स्कैन किया जाना है।

सीटी स्कैन के फायदे – CT Scan Benefits in Hindi

  • CT Scan दर्दरहित, सुरक्षित और बीमारियों के शीघ्र निदान का एक सर्वोत्तम तरीका है।
  • सीटी स्कैन से सटीक और स्पष्ट जानकारी प्राप्त होती है जिससे डॉक्टर को बीमारियों के इलाज या प्रभावित अंगों के इलाज में मदद मिलती है।
  • आपातकालीन परिस्थितियों (emergency) में सीटी स्कैन के माध्यम से अंदरूनी चोट और ब्लीडिंग का पता चलने से मरीज को अनावश्यक सर्जरी से बचाया जाता है।
  • सीटी स्कैन के बाद मरीज के शरीर में रेडिएशन का कोई प्रभाव नहीं रहता है।
  • CT Scan में जिस एक्स-रे का इस्तेमाल किया जाता है आमतौर पर उसका कोई नुकसान नहीं होता है।

सीटी स्कैन के नुकसान (सीटी स्कैन साइड इफेक्ट्स) – CT Scan Side Effects in Hindi

सीटी स्कैन के नुकसान (सीटी स्कैन साइड इफेक्ट्स) - CT Scan Side Effects in Hindi

CT Scan के दौरान मशीन से कई खतरनाक रेडिएशन निकलते हैं। कभी-कभी इनके प्रभाव से त्वचा में एलर्जी उत्पन्न हो सकती है एवं बाल टूटने की भी समस्या हो सकती है।

कुछ लोगों को कंट्रास्ट चीजों से एलर्जी होती है। हालांकि सीटी स्कैन के दौरान इन चीजों के प्रभाव में आने से इनका रिएक्शन बहुत हल्का होता है लेकिन शरीर में खुजली (itchiness) होने और चकत्ते (rashes) निकलने की समस्या हो सकती है।

यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं और मेटफॉर्मिन (Metformin) जैसी दवा का सेवन करते हैं तो सीटी स्कैन कराने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बताएं। डॉक्टर आपको सलाह देंगे कि सीटी स्कैन कराने से पहले आपको दवा खानी या बंद करनी है। क्योंकि इन दवाओं के सेवन से नुकसान हो सकता है।

अगर आपको किडनी से संबंधित समस्या है तो सी टी स्कैन से पहले अपने डॉक्टर को जरूर बताएं क्योंकि कंट्रास्ट सामग्रियों के संपर्क में आने से किडनी की समस्या बढ़ सकती है।

सी टी स्कैन के दौरान जी मिचलाने और उल्टी की समस्या हो सकती है। इसलिए सीटी स्कैन कराने से कुछ घंटे पहले तक कुछ खाने-पीने के लिए मना किया जाता है।

गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के पहली तिमाही में सीटी स्कैन कराने से बचना चाहिए अन्यथा भ्रूण क्षतिग्रस्त हो सकता है।

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