अलसी के फायदे और नुकसान – Flaxseed Benefits and Side Effects in Hindi

अलसी के फायदे और नुकसान - Flaxseed Benefits and Side Effects in Hindi
Written by Sneha

अलसी मनुष्य द्वारा कई सालो से स्वास्थ्य लाभ के लिए उपयोग जाता आ रहा है इसके छोटे से बीजों में सेहत के लिए फायदेमंद हजारों गुण होते हैं। पेट, दिल और रक्‍त आदि सभी के सुचारू रूप से काम करने में अलसी बेहद मददगार होती है। सच कहें तो अलसी (Flaxseeds or linseeds) गुणों की खान है, लेकिन ये बात और है कि लोग इस बात से अनजान हैं। इसलिए आपको अलसी के फायदे और नुकसान – Flaxseed Benefits and Side Effects जानना बहुत जरुरी है शाकाहारी लोगों के लिए यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का बहुत अच्छा स्त्रोत है। इसमें लगभग 50% ओमेगा-3 फैटी एसिड, अल्फा लिनोलिक एसिड के रूप में होता है। हमारे शरीर के अंदर नहीं बनता, इसे भोजन के माध्यम से ही लेना पड़ता है। यदि आप नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं तो आपको इसके सकारत्मक प्रभाव प्राप्त होंगे।

आइये जानते हैं अलसी के फायदे और नुकसान : Alsi ke Fayde aur Nuksan के बारे में-

1. अलसी खाने के फायदे – Alsi ke Fayde in Hindi
2. अलसी खाने के नुकसान – Flaxseed Side Effects in Hindi

अलसी के फायदे – Alsi ke Fayde in Hindi

फाइबर का बहुत अच्छा स्रोत है अलसी – Flaxseed is A good source of fibber in hindi

अलसी के सबसे असाधारण लाभों में से एक यह है कि, इसमे उच्च स्तर में म्यूसीजियम गम सामग्री हैं। म्यूसीज एक जेल बनाने वाला फाइबर होता है जो पानी में घुलनशील है और आंत्र पर इसका अविश्वसनीय प्रभाव है। म्यूसीज पेट में भोजन को छोटी आंत में बहुत देर तक रोक सकता है जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बढ़ जाता है।

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साथ ही, दोनों घुलनशील और अघुलनशील फाइबर में अलसी अत्यंत उच्च है जो बड़ी आंत की विषाक्ता और चीनी की लालच को कम कर सकते हैं।

अलसी के फायदे वजन कम करने के लिए – Flaxseed helps in weight loss in hindi

यह लिग्निन और ओमेगा-3 चर्बी को जमा होने से रोकते हैं और शरीर को चुस्त बनाने में मदद करता हैं। यदि आपका काम ऐसा है कि आप उठकर एक्सरसाइज तक के लिए समय नहीं निकाल पाते, तो ऐसे में आपको अलसी का सेवन अपने रूटीन में शामिल कर लेना चाहिए। इससे आपको अपने वजन को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी। खाना खाने लगभग 1 घंटे पहले 1 या आधी चम्मच अलसी अच्छी तरह चबा चबा कर खायें और ऊपर से एक गिलास पानी पी लें, आधे घंटे बाद फिर एक गिलास पानी पियें। इससे आपको अपना पेट एकदम भरा हुआ महसूस होगा और आप खाना कम खाएंगे।

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चूंकि अलसी स्वस्थ वसा और फाइबर से भरे हुए हैं, इससे आपको बहुत अधिक संतुष्ट महसूस करने में मदद मिलेगी ताकि आप कुल मिलाकर कम कैलोरी खा सकें, जिससे वजन कम हो सकता है।

अलसी के फायदे कोलेस्ट्रॉल स्तर को बनाए रखने के लिए – Flax Seeds for Lowering Cholesterol  in Hindi

अलसी बीज की घुलनशील फाइबर सामग्री पाचन तंत्र में वसा और कोलेस्ट्रॉल को अवशोषित नहीं होने देती अलसी के बीज का नियमित रूप से सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिल सकती है।  घुलनशील फाइबर पित्त को भी रोकता है, जो पित्ताशय की थैली में कोलेस्ट्रॉल से बना होता है।
पित्त को फिर पाचन तंत्र के माध्यम से उत्सर्जित किया जाता है, जिससे शरीर को और पित्त बनाने के लिए मजबूर किया जाता है। इससे रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल का प्रयोग होता है और कुल कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

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अलसी के बीज के फायदे हृदय रोग के लिए – Flax Seeds for Heart in Hindi

इसके अलावा, अलसी धमनियों में पट्टिका के निर्माण (Plaque formation in arteries) को कम कर, हृदय रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद करती है और यह धमनियों में सूजन को भी कम करती है जिससे धमनियाँ सुचारू रूप से कार्य करती हैं। स्वस्थ हृदय पाने के लिए अपने दैनिक आहार में पिसे हुए अलसी के बीज को शामिल करें।

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अलसी के बीज का उपयोग महिलाओं में हॉर्मोन मैनेज करेने के लिए – Flax Seeds mange hormone in female

इसमें पाये जाने वाले फाइटोएस्ट्रोजन के कारण यह महिलाओं के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। एक अध्ययन में पाया गया कि अलसी के बीज रजोनिवृत्त महिलाओं (menopausal women) में रजोनिवृत्ति के लक्षणों से लड़ने के लिए बहुत कारगर हो सकते हैं। अलसी में पाए जाने वाले लिगनन यौगिक में एस्ट्रोजेनिक गुण होते हैं जिसकी मदद से अत्यधिक गर्मी (Hot flashes), बेचैनी, अनियमित रक्तस्त्राव, मूड में उतार-चढ़ाव, कमर दर्द और योनि के सूखेपन को कम किया जा सकता है।

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1 चम्मच अलसी के बीज के पाउडर का प्रतिदिन 2 या 3 बार सेवन करने से रजोनिवृत्ति के लक्षणों को कम किया जा सकता है। यह रजस्वला महिलाओं (menstruating women) द्वारा भी नियमित मासिक धर्म चक्र को बनाए रखने और प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

अलसी के फायदे कैंसर के लिए – Flaxseeds for Cancer in Hindi

Alsi अलसी में एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से सुरक्षा प्रदान करते हैं। हाल के अध्ययनों से यह निष्कर्ष निकाला गया है कि अलसी स्तन, प्रोस्टेट और पेट के कैंसर के विकास के जोखिम को कम कर सकते हैं। अलसी में उपस्थित लिग्नांस में प्रतिजन गुण होते हैं और ट्यूमर द्वारा नए रक्त कोशिकाओं के निर्माण को रोकते हैं।

अलसी के बीज में लिगनन उच्च स्तर में पाया जाता है जो हार्मोन चयापचय और ट्यूमर कोशिकाओं के प्रसार के लिए जिम्मेदार एंजाइमों का अवरुद्ध करके स्तन कैंसर से रक्षा प्रदान करता है। इसके अलावा, अलसी के बीज का पाउडर और अलसी का तेल दोनों ही अल्फा-लिनोलेनिक एसिड, ओमेगा -3 फैटी एसिड से समृद्ध है जो कैंसर के खिलाफ फायदेमंद है।

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आप पिसे हुए अलसी के बीज का सेवन दही में डालकर कर सकते हैं। अलसी के फायदे लेने के लिए आप अलसी के तेल का इस्तेमाल आप खाद्य समाग्री को पकाने के लिए कर सकते हैं।

अलसी के औषधीय गुण मधुमेह के लिए – Flaxseed for Diabetes in Hindi

अलसी के दैनिक सेवन से टाइप 2 मधुमेह के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर में सुधार लाया जा सकता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग 2 महीनो  के लिए अलसी के लीज के सप्लीमेंट का सेवन करते हैं, उनके रक्त-शर्करा के स्तर पर सकरात्मक प्रभाव पड़ता है।

यदि आपको डायबिटीज है, तो किसी भी तरह से अलसी की 25 ग्राम मात्रा को अपनी डाइट में शामिल कर लें। आप चाहें तो इस मात्रा को कुछ भागों में बाँट सकते हैं। और फिर दिनभर में किसी भी तरह से इसका सेवन कर सकते हैं।

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अलसी का सेवन जोड़ों के दर्द से दिलाये राहत – Flaxseed for joint pain in Hindi

Flaxseed अलसी जोड़ों की हर तकलीफ पर असरदार है। इसे खाने से खून पतला हो जाता है, जिसकी वजह से पैरों में रक्त का प्रवाह सही ढंग से होता है और दर्द जैसी समस्याएँ दूर हो जाती हैं। जोड़ों के दर्द के लिए अलसी के पाउडर को सरसों के तेल के साथ गर्म करें और ठंडा होने के बाद जोड़ों पर लगा लें, आराम मिलेगा।

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अलसी के फायदे बनायें त्वचा सुन्दर और चमकदार – Flaxseed for skin in hindi

Flaxseed अलसी और इसके तेल में कई त्वचा के अनुकूल पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। लिग्नान और ओमेगा 3 फैटी एसिड के उच्च स्तर, आपके पेट को साफ रखते है और त्वचा रोगों को रोकते हैं। ओमेगा 3 फैटी एसिड त्वचा कोशिकाओं के स्वस्थ विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। अलसी के फायदे में इसकी अलसी की नियमित खपत, त्वचा की जलन, चकत्ते, सूजन और लालिमा को कम कर सकती है। अलसी में आवश्यक फैटी एसिड त्वचा को हाइड्रेटेड और मॉइस्चराइज करते रहें, इस प्रकार मुँहासे और छालरोग जैसी त्वचा की समस्याओं को रोकते है।

अगर आप चाहती हैं की आपके त्वचा स्वस्थ, चिकनी और चमकदार रहे तो, रोज़ 1 से 2 चम्मच अलसी अपने रूटीन में शामिल करें। इसमें पाये जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा में कोलेजन प्रोडक्शन और नई सेल्स के बनने को बढ़ावा देते हैं जिससे त्वचा पर उम्र के साथ होने वाले बदलाव कम दिखाई देते हैं।

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अलसी के तेल की मालिश से करें बालों की समस्याओं का समाधान – Flaxseed for Hair problem in Hindi

Flaxseed अलसी में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड की उच्च मात्रा बालों के लोच में वृद्धि करता है और उन्के टूटने की संभावना कम करता है। अलसी के फायदे खोपड़ी में सीबम के उत्पादन को प्रोत्साहित करते हैं, इस प्रकार फलक और रूसी को रोकते हैं।

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अलसी के बीज में विटामिन ई बालों की जड़ों और सिर की त्वचा को पोषण प्रदान करते हैं और झड़ते हुए बालों और गंजेपन को रोकने में मदद करते हैं। यह सोरायसिस (Psoriasis) से संबंधित बालों के झड़ने से उबरने में भी लोगों की मदद कर सकते हैं।

अलसी के नुकसान – Flaxseed Side Effects in Hindi

  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओ को अलसी के बीज की खुराक लेने से बचना चाहिए।
  • मधुमेह की  दवा के साथ अगर आप अलसी के बीज का सेवन करते है तो अपने ब्लड में शर्करा की जांच करते रहें।
  • क्योंकि अलसी के बीज में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है, स्वास्थ्य उद्देश्यों के लिए अलसी के बीज का सेवन करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए अन्यथा यह जठरांत्र (gastrointestinal) पर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं।
  • अलसी के बीज का उच्च मात्रा में सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि यह आंतो में रुकावट पैदा कर सकता है। और पढ़े – गर्म पानी पीने के फायदे जानकर हैरान हो जायेंगे आप
  • अलसी का अधिक मात्रा में सेवन एलर्जिक रिऐक्शन का कारण भी बन सकता है। इसके कारण पेट दर्द, मितली आना और उल्टी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैंद्ध इसके सेवन से सांस लेने में समस्या और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है।
  • Alsi ke beej अलसी के बीज का सेवन जादा करने से गैस की समस्या बढ़ जाती है।
  • अलसी में फाइबर ज्यादा मात्रा में पाये जाने के कारण कई बार यह पेट में गैस या ऐंठन जैसी समस्या होने का भी कारण होती है। कई बार इसे बिना तरल पदार्थ के लेने से कब्ज की भी समस्या हो जाती है।
  • जिन लोगों का ब्लडप्रेशर लो होता है, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे उनका ब्लडप्रेशर और लो हो जाता है।
  • अलसी में साइनाइड यौगिकों की थोड़ी मात्रा होती है, जिससे शरीर पर न्यूरोटॉक्सिक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए, इसका बड़ी मात्रा में उपभोग नहीं किया जाना चाहिए।

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