जानिए उच्च रक्तचाप के बारे में सब कुछ – High blood pressure (Hypertension) in Hindi

जानिए उच्च रक्तचाप के बारे में सब कुछ – High blood pressure (Hypertension) in Hindi
Written by Pratistha

High blood pressure in hindi हाई बीपी, हाइपरटेंशन या उच्‍च रक्‍तचाप तब होता है जब आपका रक्‍तचाप अस्‍वास्‍थ्‍यकर (unhealthy) स्‍तर तक पहुंच जाता है। आपके रक्‍तचाप की माप पर यह ध्‍यान दिया जाता है कि आपके रक्‍त वाहिकाओं (blood vessels) में कितना खून बह रहा है और हृदय के रक्त को पंप करने पर रक्‍त के प्रतिरोध की मात्रा कितनी है।

धमनी का संकीर्ण होना रक्त के प्रतिरोध में वृद्धि करता है, धमनियाँ जितनी अधिक संकुचित होंगी आपका रक्तचाप उतना ही अधिक होगा। लंबे समय तक धमनियों पर दबाव बढ़ने से हृदय रोग सहित स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

हाइपरटेंशन (hypertension) कई सालों के दौरान शरीर में धीरे- धीरे विकसित होता है। आमतौर पर आपको इसके कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, लेंकिन लक्षणों के बिना भी उच्‍च रक्‍तचाप आपकी रक्‍त वाहिकाओं और अंगों विशेष रूप से मस्तिष्‍क, दिल, गुर्दे और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

हाई बीपी की प्रारंभिक पहचान करना महत्वपूर्ण है।  नियमित रक्तचाप की जाँच (blood pressure readings)आपको और आपके डॉक्‍टर को किसी भी बदलाव की सूचना देने में मदद कर सकती है। यदि आपका बीपी हाई (उच्च रक्तचाप)  हो गया है, तो आपके डॉक्‍टर कुछ हफ्तों तक आपके रक्‍तचाप की जांच कर सकते हैं यह देखने के लिए कि क्‍या आपका रक्‍तचाप सामान्‍य हो रहा है या नहीं।

उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के इलाज में चिकित्सकीय दवाओं और स्‍वस्‍थ जीवनशैली (healthy lifestyle) में परिवर्तन दोनों शामिल हैं। अगर उच्च रक्तचाप का इलाज नहीं किया जाता है, तो इससे दिल के दौरे और स्‍ट्रोक सहित अन्य कई स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

1. हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लक्षण – Symptoms of High BP (Hypertension) in Hindi
2. उच्च रक्तचाप की रीडिंग को कैसे समझें – How to understand high blood pressure reading in Hindi
3. नार्मल ब्लड प्रेशर रेंज कितना होना चाहिए – Normal blood pressure range kitna hona chahiye
4. उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के कारण – Causes of high blood pressure in Hindi

5. हाई बीपी (उच्‍च रक्तचाप) का निदान – Diagnosis of high BP (hypertension) in Hindi

6. उच्‍च रक्तचाप कम करने के घरेलू उपचार – Home remedies for high blood pressure in Hindi

7. हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) की जटिलताएं – High BP (High Blood Pressure) Complications in Hindi

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लक्षण – Symptoms of High BP (Hypertension) in Hindi

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लक्षण – Symptoms of High BP (Hypertension) in Hindi

हाइपरटेंशन आमतौर पर एक मूक स्थिति (silent condition) होती है। बहुत से लोगों को इसके किसी भी लक्षणों का अनुभव नहीं होता है। इस स्थिति के लक्षणों का पता लगाने में सालों लग सकते है। फिर भी कुछ अन्‍य लक्षणों को उच्‍च रक्‍तचाप लिए जिम्‍मेदार (attributed) माना जाता है

हाई बीपी के लक्षणों में शामिल हो सकते हैं :

  • सिर दर्द
  • साँस लेने में परेशानी
  • चक्कर आना
  • छाती में दर्द
  • नकसीर (nosebleeds)
  • नजर में परिवर्तन
  • मूत्र में खून आना

इन लक्षणों के दिखने पर तत्काल उपचार (immediate treatment) की आवश्‍यक्‍ता होती है। ये लक्षण हर किसी व्यक्ति में उच्च रक्तचाप का संकेत नहीं होते हैं, लेकिन इस स्थिति के लक्षण का इंतजार करना घातक हो सकता है।

उच्च रक्तचाप की रीडिंग को कैसे समझें – How to understand high blood pressure reading in Hindi

रक्तचाप को पढ़ते समय दो बिंदुओं पर ध्‍यान दिया जाता है:

  • सिस्‍टोलिक दबाव (Systolic pressure) : यह पहली या सबसे ऊपर की संख्या होती है। यह आपके धमनियों में दबाव को दर्शाती है जब आपका दिल धड़कता है और रक्त को पंप करता है।
  • डायस्‍टोलिक दबाव (Diastolic pressure) : यह दूसरी या सबसे नीचे की संख्या होती है। यह आपके दिल की धड़कन के बीच आपके धमनियों में दबाव को दर्शाता है।

नार्मल ब्लड प्रेशर रेंज कितना होना चाहिए – Normal blood pressure range kitna hona chahiye

ब्लड प्रेशर रेंज के लिए पांच श्रेणियां को परिभाषित किया गया हैं-

  • सामान्य रक्तचाप (Healthy) : एक स्‍वस्‍थ्‍य रक्तचाप रीडिंग 120/80 मिलीमीटर ऑफ़ मरकरी (mm Hg) से कम है।
  • सामान्य से जादा (Elevated) : सिस्‍टोलिक संख्‍या 120 और 129 mm Hg के बीच है, और डायस्‍टोलिक संख्या 80 mm Hg से कम है। डाक्टर आमतौर पर दवा के साथ इस प्रकार के उच्च रक्तचाप का इलाज नहीं करते हैं। इसके बजाए आपका डॉक्टर आपकी जीवनशैली में बदलावों को प्रोत्साहित कर सकता है ताकि आपका रक्तचाप नियंत्रित हो सकें ।
  • चरण 1 उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन)(Stage 1 hypertension) : सिस्‍टोलिक संख्‍या 130 और 139 mm Hg के बीच है, या डायस्‍टोलिक संख्‍या 80 और 89 mm Hg के बीच है।
  • चरण 2 उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन)( (Stage 2 hypertension) : सिस्‍टोलिक संख्‍या 140 mm Hg या उससे अधिक है या डायस्‍टोलिक संख्‍या 90 mm Hg या इससे अधिक है।
  • अतिसंवेदनशील उच्च रक्तचाप संकट (Hypertensive crisis) : सिस्‍टोलिक संख्‍या 180 mm Hg से अधिक है या डायस्‍टोलिक संख्या 120 mm Hg से अधिक है। इस सीमा में रक्तचाप के लिए तत्काल चिकित्सा की आवश्यकता होती है। यदि छाती में दर्द, सिरदर्द, सांस की तकलीफ या देखने में परेशानी हो तो हो सकता है कि आपका रक्तचाप अधिक हो, ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता होती है।    

बच्चों और किशोरों के लिए रक्तचाप रीडिंग अलग-अलग हैं। अपने बच्चे के लिए स्‍वस्‍थ्‍य श्रेणियों के बारे में अपने बच्चे के डॉक्टर से पूछें, अगर आपको उनके रक्तचाप की निगरानी करने के लिए कहा जाता है तो।

उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के कारण – Causes of high blood pressure in Hindi

उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) के कारण – Causes of high blood pressure in Hindi

उच्‍च रक्‍तचाप दो प्राकार के होते हैं जिनमें प्रत्‍येक प्रकार का एक अलग कारण होता है।

प्राथमिक उच्‍च रक्‍तचाप – Primary hypertension in Hindi

प्राथमिक उच्च रक्तचाप को भी शुरुआती हाई बीपी (essential hypertension) कहा जाता है। इस प्रकार का उच्च रक्तचाप समय के साथ बिना किसी लक्षण के समय के साथ विकसित होता है। अधिकांश लोगों में इस प्रकार की समस्या (high blood pressure) होती है।

शोधकर्ता अभी भी अस्‍पष्‍ट हैं कि कौन से कारण रक्‍तचाप को धीरे-धीरे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। कुछ कारण एक साथ मिलकर इसमें अपनी भूमिका निभा सकते है। इन कारकों में शामिल हैं :

हाई बीपी का आनुवंशिक कारण है जीन – Causes of high blood pressure Genes in Hindi

कुछ लोगों में आनुवांशिक (genetically) रूप से उच्‍च रक्‍तचाप की समस्‍या बनी रहती है। यह आपके माता-पिता से जीन उत्‍परिवर्तन या अनुवांशिक असामान्यताओं के कारण हो सकता है।

हाई बीपी का कारण शारीरिक परिवर्तन – physical changes Causes of high blood pressure in Hindi

यदि आपके शरीर में कोई परिवर्तन होता है, तो आप अपने पूरे शरीर में कुछ समस्‍याओं का सामना कर सकते हैं। उच्‍च रक्‍तचाप उन समस्याओं में से एक हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि उम्र बढ़ने के कारण आपके गुर्दे की कार्यक्षमता (kidney function) में परिवर्तन शरीर के प्राकृतिक लवण और तरल पदार्थ के प्राकृतिक संतुलन को बदल सकता है। यह परिवर्तन आपके शरीर के रक्तचाप के बढ़ने का कारण हो सकता है।

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पर्यावरण के कारण हाई बीपी होना – High BP Causes Environment in Hindi

समय के साथ अस्‍वस्‍थ्‍यकर जीवन शैली (healthy lifestyle) जैसे शारीरिक गतिविधि और संतुलित आहार की कमी आपके शरीर पर खराब असर डाल सकती है। इससे आपको वजन बढ़ने की समस्या पैदा हो सकती हैं। अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होने पर हाई बीपी का खतरा और बढ़ सकता है।

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द्वितीयक उच्‍च रक्‍तचाप – Secondary hypertension in Hindi

प्राथमिक उच्च रक्तचाप के मुकाबले द्वितीयक उच्च रक्तचाप (secondary hypertension) अक्‍सर जल्दी से होता है और प्राथमिक उच्‍च रक्‍तचाप से अधिक गंभीर हो सकता है।

द्वितीयक उच्च रक्तचाप का कारण बनने वाली कई स्थितियों में शामिल है:

  • गुर्दे की बीमारी
  • बाधक न्रिद्रा अश्र्वसन (obstructive sleep apnea)
  • थायराइड के साथ समस्याएं
  • कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव
  • शराब का अधिक सेवन या पुरानी शराब का उपयोग
  • गलत दवाओं का उपयोग
  • एड्रेनल ग्रंथि की समस्याएं
  • जन्मजात हृदय दोष
  • कुछ अंतःस्रावी ट्यूमर

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हाई बीपी (उच्‍च रक्तचाप) का निदान – Diagnosis of high BP (hypertension) in Hindi

हाई बीपी (उच्‍च रक्तचाप) का निदान – Diagnosis of high BP (hypertension) in Hindi

उच्च रक्तचाप का निदान (Diagnosis) काफी सरल है। अधिकांश डॉक्टर और अस्पताल के लोग नियमित रूप से आपके रक्तचाप की जांच कर इसकी पहचान कर सकते हैं। यदि आपको हाई बीपी हो गया है, तो आपका डॉक्‍टर आपको सलाह दे सकता है कि आप कुछ दिनों तक रक्तचाप की प्रतिदिन जांच करायें। क्योंकि केवल एक रीडिंग के बाद उच्च रक्तचाप निदान शायद ही कभी किया जाता है। आपके डॉक्टर को निरंतर समस्या का साक्ष्य देखना होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपका वातावरण और खान पान रक्तचाप की वृद्धि में योगदान दे सकता है, इसके अलावा, पूरे दिन रक्‍तचाप का स्‍तर बदलता रहता है।

यदि आपका बीपी हाई रहता है तो आपका डॉक्‍टर अधिक परीक्षण करेगा। इन परीक्षिणों में शामिल हो सकते हैं :

  • मूत्र परिक्षण।
  • कोलेस्‍ट्रॉल स्‍क्रीनिंग और अन्‍य रक्‍त परीक्षण।
  • इलेक्‍ट्रोकार्डियोग्राम (electrocardiogram) ( ईकेजी कभी कभी ईसीजी के रूप में जाना जाता है ) के साथ आपके दिल की विद्युत गतिविधि का परीक्षण।
  • आपके दिल या गुर्दे का अल्‍ट्रासाउंड

ये प‍रीक्षण आपके डॉक्‍टर को आपके उच्‍च रक्‍तचाप के कारण किसी भी माध्‍यमिक मुद्दों की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। वे आपके अंगों पर उच्‍च रक्‍तचाप के प्रभावों को भी देख सकते हैं।

इन परिक्षणों के बाद आपका डॉक्‍टर आपके उच्‍च रक्‍तचाप का इलाज (Treatment of hypertension) शुरू कर सकता है।

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) के लिए उपचार विकल्‍प – Treatment option for High blood pressure in Hindi

ऐसे कई कारक है जो आपके डॉक्‍टर को आपके लिए सबसे अच्‍छा उपचार विकल्‍प निर्धारित करने में मदद करते हैं। इन कारकों में आपके पास किस प्रकार का उच्‍च रक्‍तचाप है और किन कारणों से इसकी पहचान करने के बाद इसका इलाज किया जाता है।

प्राथमिक हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) का इलाज  – Primary hypertension treatment option in Hindi

यदि आपका डॉक्‍टर आपके प्राथमिक उच्‍च रक्‍तचाप का निदान करता है, तो वह आपकी जीवनशैली में परिवर्तन के लिए कह सकता है जो आपके उच्च रक्तचाप को कम कने में मदद कर सकता है। यदि अकेले जीवनशैली में परिवर्तन पर्याप्‍त नहीं हैं या फिर उनको बदलना मुश्किल है तो आपका डॉक्‍टर दवा लिख सकता है।

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माध्यमिक हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) का इलाज – Secondary hypertension treatment option in Hindi

यदि आपका डॉक्‍टर आपके उच्‍च रक्तचाप के कारण में किसी अंतर्निहित समस्या का पता लगाता है, तो उसका उपचार अन्‍य स्थिति पर ध्‍यान केंद्रित करेगा। उदाहरण के लिए यदि आप जो दवा ले रहे हैं वह रक्‍तचाप में वृद्धि कर रही है तो आपका डॉक्‍टर अन्‍य दवाइयों को आजमाएगा जो आपकी मदद कर सकती है।

कभी-कभी अंतर्निहित कारणों के इलाज के बावजूद उच्‍च रक्‍तचाप लगातार बना रहता है। इस मामले में आपका डॉक्‍टर जीवनशैली में परिवर्तन लाने और आपके रक्‍तचाप को कम करने में मदद के लिए दवाएं लिख सकता है।

उच्‍च रक्तचाप कम करने के घरेलू उपचार – Home remedies for high blood pressure in Hindi

उच्‍च रक्तचाप कम करने के घरेलू उपचार – Home remedies for high blood pressure in Hindi

स्‍वस्‍थ्‍य जीवन शैली (healthy lifestyle) में परिवर्तन आपको उन कारकों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं जो उच्‍च रक्‍तचाप का कारण बनते हैं। यहां हाई बीपी कम करने के कुछ सबसे आसान घरेलू उपचार बताए गए हैं।

हाई बीपी कम करने के लिए आहार – Diet for high blood pressure in Hindi

हाई बीपी कम करने के लिए आहार – Diet for high blood pressure in Hindi

उच्च रक्‍तचाप को कम करने में मदद के लिए स्‍वस्‍थ आहार (heart-healthy diet) महत्वपूर्ण है। यह उच्‍च रक्‍तचाप के प्रबंधन के लिए भी महत्वपूर्ण है जो हाई बीपी को नियंत्रण में रखते है और जटिलताओं के जोखिम को कम करता है।। इन जटिलताओं में हृदय रोग, स्‍ट्रोक और दिल का दौरा शामिल है।

एक स्‍वस्‍थ आहार उन खाद्य पदार्थों पर जोर देता है जिनमें शामिल हैं :

हाई बीपी के लिए योग और व्यायाम – Exercise For High Blood Pressure In Hindi

हाई बीपी के लिए योग और व्यायाम - Exercise For High Blood Pressure In Hindi

शरीर का स्‍वस्‍थ्‍य वजन पाने के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय होना चाहिए। वजन घटाने में आपकी सहायता के अलावा व्यायाम तनाव को कम करने, स्‍वाभाविक रूप से रक्‍तचाप को कम करने और कार्डियोवैस्‍कुलर सिस्‍टम (cardiovascular system) को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

प्रत्‍येक सप्‍ताह 150 मिनट की मध्यम शारीरिक व्यायाम करने का लक्ष्य रखें। यह प्रतिदिन लगभग 30 मिनिट और प्रति सप्ताह कम से कम 5 दिनों तक हो।

(और पढ़े – वजन घटाने के लिए सबसे असरदार 6 योगासन)

उच्‍च रक्तचाप कम करने के लिए वजन को कम करें– Reaching a healthy weight For High Blood Pressure In Hindi

उच्‍च रक्तचाप कम करने के लिए वजन को कम करें– Reaching a healthy weight For High Blood Pressure In Hindi

यदि आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्‍त हैं, तो आहार के माध्यम से वजन कम करना और शारीरिक गतिविधि में वृद्धि से आपके रक्‍तचाप को कम करने में मदद मिल सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर कम करने का उपाय है तनाव से दूरी – Stress Management For High Blood Pressure In Hindi

हाई ब्लड प्रेशर कम करने का उपाय है तनाव से दूरी - Stress Management For High Blood Pressure In Hindi

 

व्यायाम तनाव का प्रबंधन (manage stress) करने का एक शानदार तरीका है। इसके अलावा अन्य गतिविधियां भी सहायक हो सकती है :

ये सब तनाव को कम करने के तरीके हैं। पर्याप्‍त नींद लेना भी तनाव के स्‍तर को कम करने में मदद कर सकता है।

(और पढ़े –अनिद्रा के कारण, लक्षण और उपचार)

ब्लड प्रेशर कम करने का उपाय एक आदर्श जीवन शैली अपनाना – Adopting a cleaner lifestyle For High Blood Pressure In Hindi

ब्लड प्रेशर कम करने का उपाय एक आदर्श जीवन शैली अपनाना – Adopting a cleaner lifestyle For High Blood Pressure In Hindi

यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो उसे छोड़ने का प्रयास करें। धूम्रपान तंबाकू में उपस्थित रसायन शरीर के ऊतकों को नुकसान पहुंचाते हैं और रक्‍त वाहिकाओं की दीवारों को कठोर करते हैं।

यदि आप नियमित रूप से बहुत अधिक शराब का सेवन करने हैं, तो आप जो भी मात्रा पीते हैं उसे पूरी तरह से रोकें, यह आपके रक्‍तचाप को कम करने में मदद करेगा। क्‍योंकि शराब रक्‍तचाप (blood pressure) को बढ़ा सकता है।

उच्‍च रक्‍तचाप वाले लोग क्या खाएं और क्या ना खाएं  – Diet For High Blood Pressure In Hindi

उच्‍च रक्‍तचाप वाले लोग क्या खाएं और क्या ना खाएं  – Diet For High Blood Pressure In Hindi

हाइपरटेंशन का इलाज करने और संभावित जटिलताओं को रोकने के सबसे आसान तरीकों में से एक आपकी आहार प्रणाली है। आप जो खाते हैं वह उच्च रक्तचाप को कम करने या समाप्त करने के लिए मदद कर सकता है।

उच्‍च रक्‍तचाप वाले लोगों के लिए यहां कुछ सबसे आम आहार सुझाव दिए गए हैं :

हरी सब्जियों का अधिक और मांस का कम सेवन करें – Eat less meat more plants in Hindi

हरी सब्जियों का अधिक और मांस का कम सेवन करें – Eat less meat more plants in Hindi

फल और हरी सब्जियों पर आधारित भोजन का सेवन करना, फाइबर को बढ़ाने तथा सोडियम, अस्‍वास्‍थ्‍यकर संतृप्‍त और ट्रांस वसा की मात्रा को कम करने का आसान तरीका है जो आप डेयरी खाद्य पदार्थों और मांस से प्राप्‍त करते हैं। फलों, सब्जियों, पत्तेदार भ‍ाजियों और साबूत अनाज (whole grains) का अधिक मात्रा में सेवन करे। लाल मांस के बजाय, मछली, कुक्‍कुट या टोफू जैसे स्‍वस्‍थ कम चर्बी वाले प्रोटीन का चयन करें।

आहार में सोडियम का उपयोग कम करें – Reduce dietary sodium in Hindi

आहार में सोडियम का उपयोग कम करें – Reduce dietary sodium in Hindi

उच्च रक्तचाप वाले लोगों और हृदय रोगी को प्रतिदिन 1500 मिलीग्राम और 2300 मिलीग्राम के बीच सोडियम की दैनिक खपत रखना चाहिए। सोडियम को कम करने का सबसे अच्छा तरीका ताजा भोज्य पदार्थों को अच्छी तरह से पकाएं। रेस्तराँ भोजन या प्रीपेक्‍टेड खाद्य पदार्थ खाने से बचें, क्योंकि इनमें  सोडियम में बहुत अधिक मात्रा में होता हैं।

(और पढ़े – शरीर में बढ़े सोडियम को कुछ इस तरह करें कम)

अपने आहार में स्‍वस्‍थ्‍य भोजन शामिल करें – Add healthy foods to your diet in Hindi

अपने आहार में स्‍वस्‍थ्‍य भोजन शामिल करें – Add healthy foods to your diet in Hindi

हरी सब्जियां और फल का सेवन करने से यह आपके दिल को स्‍वस्‍थ्‍य (heart-healthy) रखने में मदद करता है। फल और सब्जियों को प्रतिदिन खाना चाहिए। फिर दो सप्ताह के लिए प्रतिदिन एक और अतिरिक्त सब्जी को अपने खाने में जोड़ने का लक्ष्य होना चाहिए। आपको यह क्रम तब तक आगे ले जाना है जब तक कि आप दिन में 10 प्रकार की फल और सब्जियों का सेवन नहीं करते।

हाई बीपी होने पर ज्‍यादा मीठा का सेवन न करें – Cut back on sweets in Hindi

हाई बीपी होने पर ज्‍यादा मीठा का सेवन न करें – Cut back on sweets in Hindi

चीनी युक्‍त खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों में कैलोरी बहुत अधिक होती है लेकिन पोषण संबंधी सामग्री नहीं होती है। यदि आप कुछ मीठा चाहते हैं, तो ताजा फल या डार्क चॉकलेट (dark chocolate) की थोड़ी सी मात्रा खाने का प्रयास करें। अध्‍ययन से पता चलता है कि नियमित रूप से डार्क चॉकलेट खाने से रक्‍तचाप कम हो सकता है।

(और पढ़े – क्या आप जानते हैं चॉकलेट खाने के फायदे और नुकसान के बारे में)

हाई बीपी (उच्‍च रक्तचाप) के लिए दवा – Medication for high blood pressure in Hindi

हाई बीपी (उच्‍च रक्तचाप) के लिए दवा – Medication for high blood pressure in Hindi

कई लोग ब्लड प्रेशर दवाओं के साथ परीक्षण और त्रुटि (trail-and-error) विधि का उपयोग करते हैं। आपको अलग-अलग दवाओं को आजमाने की आवश्यकता हो सकती है जब तक की आपको एक या आपके लिए काम करने वाली दवाओं का उचित संयोजन न मिल जाए।

उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए उपयोग की जाने वाली कुछ दवाओं में शामिल हैं :

  • बीटा-ब्‍लॉकर्स (Beta-blockers) : बीटा-ब्‍लॉकर्स आपके दिल की गति को धीमा कर देता है। यह प्रत्‍येक धड़कन के साथ आपके धमनियों के माध्‍यम से पंप की मात्रा को कम करता है, जो रक्‍तचाप को कम करने में मदद करता है। यह आपके शरीर में कुछ हार्मोन भी अवरुद्ध करता है जो आपके ब्‍लडप्रेशर को बढ़ा सकते हैं।
  • मूत्रवर्धक (Diuretics) : आपके शरीर में उच्‍च सोडियम स्‍तर और अतिरिक्त तरल पदार्थ रक्तचाप को बढ़ा सकता है। मूत्रवर्धक, जिसे पानी की गोलियां भी कहा जाता है, जो आपकी किडनी की मदद से आपके शरीर से अतिरिक्‍त सोडियम को हटाने में मदद करते हैं। आपके रक्त प्रवाह में सोडियम की अधिकता होने पर, अतिरिक्त तरल पदार्थ आपके पेशाब में चले जाते हैं जो आपके रक्तचाप को कम करने में मदद करते हैं।
  • एसीई अवरोध (ACE inhibitors) : एंजियोटेंसिन एक रसायन है जो रक्त बाहिकाओं और धमनी दीवारों को टाइट और संकीर्ण करने का कारण बनता है। एसीई (angiotensin converting enzyme) अवरोधक शरीर मे इस रसायन के अधिक से अधिक उत्पादन से रोकते हैं। यह रक्त वाहिकाओं को आराम करने में मदद करता है और रक्‍तचाप को कम करता है।
  • एंजियोटेंसिन ll रिसेप्‍टर ब्‍लॉकर्स (एआरबी) (Angiotensin ll receptor blockers) : एसीई अवरोध एंजियोटेंसिन के निर्माण को रोकना चाहते हैं, जबकि एआरबी रिसेप्‍टर्स एंजियोटेंसिन के साथ बाध्यकारी ब्‍लॉक बनाते हैं। वो भी रासायनिक के बिना जिससे रक्त वाहिकाएं टाइट (blood vessels won’t tighten) नहीं हो पाती है। इससे रक्त वाहिकाओं को आराम और रक्तचाप को कम करने में मदद मिलती है।
  • कैल्शियम चैनल अवरोधक (Calcium channel blockers) : ये दवाएं कुछ कैल्शियम को आपके हृदय संबंधी मांसपेशियों में प्रवेश करने से रोकती हैं। इससे दिल की धड़कन कम और रक्तचाप भी कम होता है। ये दवाएं रक्त वाहिकाओं में भी काम करती हैं, जिससे उन्हें आराम होता है और रक्तचाप कम हो जाता है।
  • अल्‍फा-2 एगोनिस्‍ट (Alpha-2 agonists) : इस प्रकार की दवा तंत्रिका आवेगों को बदलती हैं जो रक्त वाहिकाओं को कसने का कारण बनती हैं। यह रक्त वाहिकाओं को रिलेक्स करने में मदद करता है, जो रक्तचाप को कम करता है।

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) की जटिलताएं – High BP (High Blood Pressure) Complications in Hindi

हाई बीपी (उच्च रक्तचाप) की जटिलताएं - High BP (High Blood Pressure) Complications in Hindi

चूंकि उच्च रक्तचाप अक्‍सर एक मूक स्थिति (silent condition) होती है, इसलिए इसके लक्षण स्‍पष्‍ट होने में कई वर्षो का समय लग सकता है और इस दौरान आपके शरीर को नुकसान हो सकता है। यदि उच्‍च रक्‍तचाप का इलाज नहीं किया जाता है, तो आप गंभीर, यहां तक कि घातक जटिलताओं का सामना कर सकते हैं।

उच्‍च रक्‍तचाप की जटिलताओं (complications) में निम्‍नलिखित शामिल हैं :

धमनियों का क्षतिग्रस्त होना – Damaged arteries in Hindi

धमनियों का क्षतिग्रस्त होना – Damaged arteries in Hindi

स्‍वस्‍थ धमनियां लचीली और मजबूत होती हैं। स्‍वस्‍थ ध‍मनियों और रक्‍तवाहिकाओं के माध्‍यम से ब्लड मुक्‍त रूप से बहता है।

हाइपरटेंशन धमनियों को कठोर (tougher), कड़ा और कम लोचदार बनाता है।

यह नुकसान आपके धमनियों में वसा जमा करने और रक्‍त प्रवाह को प्रतिबंधित करने के लिए आसान बनाता है। इस नुकसान से रक्‍तचाप, अवरोध और अंत में दिल का दौरा और स्‍ट्रोक तक हो सकता है।

(और पढ़े – कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक में अंतर)

दिल का कमजोर होना – Damaged Heart in Hindi

दिल का कमजोर होना – Damaged Heart in Hindi

हाई बीपी आपके दिल के कार्य को बहुत कठिन (heart work too hard) बनाता है। हाई बीपी आपके रक्‍तवाहिकाओं दबाव में बढ़ाता है जिससे आपके दिल की मांसपेशियों को बार और अधिक मेहनत से पंप करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

इससे आपके दिल का आकार बढ़ सकता है। एक बड़ा दिल निम्‍नलिखित खतरों को बढ़ाता है :

  • हृदय का रुक जाना
  • अकस्मात हृदय धात से मृत्यु
  • दिल का दौरा

मस्तिष्क को नुकसान – Damaged brain in Hindi

मस्तिष्क को नुकसान – Damaged brain in Hindi

आपका दिमाग ठीक से काम करने के लिए आक्सीजन युक्‍त रक्‍त (oxygen-rich blood) की स्‍वस्‍थ आपूर्ति पर निर्भर करता है। उच्‍च रक्‍तचाप आपके दिमाग की रक्‍त की आपूर्ति को कम कर सकता है :

  • मस्तिष्‍क में रक्‍त प्रवाह के अस्‍थायी अवरोधों को क्षणिक आइसकैमिक हमलों को (टीआईए) कहा जाता है।
  • रक्‍त प्रवाह में अवरोध (blockages) मस्तिष्क की महत्वपूर्ण कोशिकाओं के मरने का कारण बनता है। इसे स्‍ट्रोक के रूप में जाना जाता है।

अनियंत्रित हाई बीपी आपकी स्मृति और सीखने, याद करने, बोलने और तर्क करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। हाई बीपी का इलाज अक्‍सर अनियंत्रित उच्‍च रक्‍तचाप के प्रभाव को मिटा नहीं सकता है। लेकिन भविष्‍य की समस्‍याओं (future problems) के खतरे को कम जरूर कर सकता है।

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