थायराइड के लक्षण कारण व घरेलू उपचार – Thyroid Symptoms Cause Treatment and home remedies in Hindi

थायराइड के लक्षण कारण व घरलू उपचार - Thyroid Symptoms Cause Treatment and home remedies in Hindi
Written by Tina singh

Thyroid in hindi अभी हाल ही मे हुए अध्यन के अनुसार 10 में से 1 भारतीय थाइराइड बीमारी Thyroid disorder से पीड़ित है। क्योकि, इस बीमारी के बारे में लोगों में जागरूकता बहुत ही कम है। आज हम इस लेख में  थायराइड के लक्षण कारण व उपचार के बारे में चर्चा करेगे और यदि थायराइड के लक्षण हैं तो सही समय पर इसका इलाज कराया जाए। परंतु थायराइड ग्रंथि के बीमारियों के बारे में जानने से पहले हमें यह जानना होगा कि थायराइड क्या  होता है? तो आइये जानते हैं कि –

थायराइड क्या होता है? – What is Thyroid in Hindi?

Thyroid थायराइड ग्रंथि गले में स्थित एक ग्रंथि (gland) का नाम है। जो तितली के आकार के जैसे दिखता है इसीलिए इसे बटरफ्लाई ग्लैंड भी कहा जाता है यह ग्लैंड गले के आगे के हिस्से में मौजूद होता है और यह बॉडी के कई तरह के metabolic processes को control करने के काम आता है।

इसका सबसे बड़ा काम शरीर के सभी भागों का सही तरीके से विकास करना है। शरीर का सही विकास  करने के लिए थायराइड ग्रंथि, एक हार्मोन को उत्पन्न कर करता है जिसे थायरोक्सिन कहते हैं।

डॉक्टरों का कहना है आज के दिन में 50 में से 1 महिला को थायराइड ग्लैंड से जुड़ी बीमारियाँ हैं।  इसीलिए अगर आप एक महिला हैं और अगर आपका स्वास्थ्य बीच-बीच में बिगड़ रहा है तो अपने डॉक्टर से थायराइड टेस्ट के बारे में जरुर बात करें।

क्या है थायराइड की बीमारी ? -What is Thyroid disease in Hindi?

थायराइड ग्रंथि Thyroid Gland से produce होने वाले होर्मोन हमारे शरीर में होने वाले सभी मेटाबोलिक प्रक्रियाओं को कंट्रोल करने का काम करते हैं। थायराइड की समस्याओं में घेंघा जैसी छोटी बीमारी से लेकर जानलेवा कैंसर तक हो सकता है। लेकिन जो सबसे आम थायराइड की प्रॉब्लम होती है वह है थायराइड हॉर्मोन्स का सही मात्रा में निर्माण ना होना। इसमें दो तरह की समस्या आती है-

  1. Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म / अतिगलग्रंथिता ): ज़रुरत से अधिक hormones का पैदा होना
  2. Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म / अवटु-अल्पक्रियता): ज़रूअत से कम हॉर्मोन्स का प्रोडक्शन होना

इन  समस्याओं की वजह से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन अगर सही से diagnose करके इलाज किया जाए तो इन्हें अच्छे से manage किया जा सकता है।

थायराइड बीमारी के प्रकार – Types of Thyroid disease in Hindi

1.हाइपोथायरायडिज्म – Hypothyroidism in Hindi

कई बार डॉक्टर Hyperthyroidism को overactive thyroid कह कर भी बुलाते हैं। हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड हार्मोन की मात्रा रक्त में कम हो जाती है। यह तब होता है जब कोई व्यक्ति अंडरएक्टिव थायरॉयड हो या थायराइड ग्रंथि को चलाने वाला कोई अन्य ग्रंथि सही प्रकार से काम न कर रहा हो। इनका सबसे एहम काम होता है बॉडी द्वारा use हो रही energy को कण्ट्रोल करना, जिसे हम metabolism के नाम से जानते हैं। इसमें दिल कैसे धड़कता है, body का temperature कैसे कंट्रोल होता है और हम कैसे अपनी कैलोरीज बर्न करते हैं; ये सरे काम इसमें शामिल है। डॉक्टरों का कहना है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा हाइपोथायरायडिज्म होता है। गर्भावस्था के दौरान हाइपोथायरायडिज्म से जूझते हुए महिलाओं को अपना बहुत ख्याल रखना पड़ता है।

2. हाइपरथायराइडिज्म – Hyperthyroidism in Hindi

हाइपरथायराइडिज्म के अवस्था में थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा थायराइड हार्मोन उत्पादन करने लगता है जिसके कारण रक्त में थायरोक्सिन की मात्रा बढ़ जाती है। थायराइड की मात्रा शरीर में ना ही ज्यादा होना चाहिए और ना ही कम होना चाहिए। इसकी मात्रा हमेशा संतुलित रहना चाहिए जो स्वास्थ्य के लिए सही है। लेकिन जब ये समस्या होती है तब आपको रोज-मर्रा की चीजें करने में परेशानी होती है।

Hyperthyroidism के अधिकतर मरीजों में थायराइड बड़ा हो जाता है, जिसे हम घेंघा या goitre भी कहते हैं। ऐसे में आपको गले के अगले भाग में एक लम्प (गांठ) दिखाई या महसूस होता है।

थायराइड बीमारी के कारण – Causes of Thyroid disease in Hindi

1. हाइपोथायरायडिज्म के कारण  – Hypothyroidism causes in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म होने के कई कारण हो सकते हैं जिसके कारण थायरोक्सिन हार्मोन के लेबल शरीर में कम हो जाते हैं। तो चलिए जानते हैं वह कारण क्या हैं?

1. हाशिमोटो रोग – Hashimoto’s disease in hindi

इसके कारण भी हो सकता है। यह स्व – प्रतिरक्षित रोग के कारण भी हो सकता है जिसमें यह थायराइड ग्रंथि के किसी एक भाग को अनुपयोगी बना देता है। ज्यादातर महिलाओं में थायराइड से जुड़े हुए स्व प्रतिरक्षित रोग पाए गए हैं।

2. थाइरॉडिटिस – Thyroiditis in hindi

थाइरोइड ग्रंथि में सुजन आने के कारण। इसमें प्रारंभ में अधिक थायरोक्सिन हार्मोन उत्पन्न हो जाते हैं जिसके कारण बाद में थायराइड हार्मोन में कमी आती है जो हाइपोथायरायडिज्म का रूप ले लेता है।  यह प्रॉब्लम ज्यादातर महिलाओं में गर्भावस्था के बाद देखा गया है।

3. आयोडीन की कमी – Deficiency of Iodine in hindi 

खाने में आयोडीन की कमी के कारण भी ज्यादातर हाइपोथायरायडिज्म की प्रॉब्लम वयस्क लोगों में देखा गया है। मनुष्य के शरीर को मात्र सुई के नोक जितना आयोडीन प्रतिदिन जरूरत होता है इसलिए आयोडीन युक्त नमक का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

4. हाइपोथायरायडिज्म के लिए ली जाने वाली दवाइयां – Medicines taken for hypothyroidism in hindi 

हाइपोथायरायडिज्म के लिए ली जाने वाली दवाइयों के कारण भी थायराइड ग्रंथि सही प्रकार से थायरोक्सिन की मात्रा उत्पादन नहीं कर पाता है।

2. हाइपरथायरायडिज्म होने के कारण – Causes of Hyperthyroidism in Hindi

1. ग्रेव्स रोग – Graves’ disease in hindi

वयस्क लोगों में ग्रेव्स रोग हाइपरथायराइडिज्म का एक मुख्य कारण है। क्योंकि इस ग्रेव्स रोग में शरीर का प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ इस प्रकार का एंटीबाडी उत्पादन करने लगता है जो ज्यादा से ज्यादा थायरोक्सिन स्टिमुलेटिंग हार्मोन को बढ़ा देता है  यदि परिवार में किसी एक व्यक्ति को ये बीमारी है तो और लोगों को भी समस्या हो सकती है। आमतौर पर ये प्रॉब्लम कम उम्र की औरतों को होती है।

2. थाइरोइडाइटिस Thyroiditis in hindi

थायराइड की सूजन को थाइरोइडाइटिस कहते हैं। Thyroiditis में  किसी वायरस या इम्यून सिस्टम में प्रॉब्लम की वजह से थायराइड ग्लैंड में स्वेलिंग हो जाती है और वो bloodstream में hormone leak करने लगता है।

3.थायराइड ग्रंथि में अधिक गठान होना – Thyroid gland Bundle in hindi 

कभी-कभी थायराइड ग्रंथि में  कुछ गठानें हो जाती है  वैसे तो उनका कोई काम नहीं होता है। परंतु बाद में कभी-कभी यहीं गठानें थायराइड ग्रंथि के जैसे ही काम करने लगते हैं और इसी कारण थायरोक्सिन हार्मोन जरूरत से ज्यादा उत्पादन होने लगता है और यही हाइपरथायराइडिज्म की प्रॉब्लम को उत्पन्न करता है।

4.हाइपोथायरायडिज्म के लिए ली जाने वाली दवाइयां – Medicines taken for hypothyroidism in hindi 

हाइपोथायरायडिज्म के लिए ली जाने वाली दवाइयों के कारण भी कभी-कभी लोगों को हाइपरथायराइडिज्म से भुगतना पड़ जाता है। थायराइड के  रोगियों को हमेशा बीच-बीच में अपने शरीर थायराइड हार्मोन के परिमाण को जानने के लिए टेस्ट करवाना बहुत ही जरूरी होता है। कभी-कभी सही प्रकार से टेस्ट ना करवाने के कारण दवाइयां सही से नहीं दी जाती हैं जिसके कारण थायरोक्सिन की मात्रा खून में बढ़ जाती है।

5.घेंगा रोग  – Goiter in hindi 

कभी-कभी कुछ अन्य कारणों से थायराइड ग्रंथि बड़ा हो जाता है या फिर उसमें एक से ज्यादा   गठानें होने लगती है। किसी के एक रूप को घेंगा रोग कहते हैं। थायराइड ग्रंथि के बड़े हो जाने के कारण थायराइड ग्रंथि में थायरोक्सिन उत्पादन पड़ जाता है जिसके कारण हाइपरथायराइडिज्म होता है। अगर किसी व्यक्ति को घेंगा रोग हो जाता है तो उसे सर्जरी के माध्यम से निकाल दिया जाता है।

6.विटामिन बी12 के कमी – deficiency of Vitamin B12 in hindi 

B12 विटामिन बी12 के कमी के कारण भी हाइपोथायराइडिज्म हो सकता है। अंडे, दूध, पनीर, दूध उत्पाद, मांस, मछली विटामिन बी12 की मात्रा ज्यादा पाई जाती है  जो शरीर के लिए अच्छा है।

थायराइड होने के लक्षण – Symptoms of Thyroid in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म के लक्षण – Hypothyroidism symptoms in Hindi

इसके लक्षण बहुत साफ नहीं होते और अन्य बीमारियों से मैच कर सकते है:

  • कार्बोहाइड्रेड और  चीनी का सही प्रकार से मेटाबॉलिज्म ना हो पाना।
  • वजन बढ़ जाना।
  • डिप्रेशन।
  • मासिक धर्म ठीक से ना होना।
  • घुटनों और जोड़ों में दर्द होना।
  • गर्मी और ठंड दोनों की संवेदनशीलता।
  • कोलेस्ट्रोल की मात्रा शरीर में बढ़ जाना।
  • गले में तनाव और खिंचाव महसूस होना।
  • दृष्टि की समस्याएं।
  • Cold के प्रति अधिक sensitive होना
  • धीमी ह्रदय गति
  • Thyroid gland में सूजन (घेंघा)
  • अचानक से वजन बढ़ना या वजन कम करने में दिक्कत होना।
  • बालों का पतला हो जाना और बालो का झाड़ना।
  • त्वचा का सूखापन। (और पढ़े: क्या है एनीमिया? कारण, लक्षण और आहार)

बच्चों में hypothyroidism के सिम्पटम्स जल्दी पता नहीं चलते। कुछ लक्षण निम्न हैं:

(Hypothyroidism symptoms in children)

  • ठंडे हाथ-पाँव
  • कब्ज
  • बहुत अधिक नींद आना
  • कर्कश रोना
  • कम या बिलकुल नहीं बढ़ना
  • लगातार पीलिया होना
  • सूजा हुआ चेहरा
  • पेट की सूजन
  • जीभ में सूजन

हाइपरथायराइडिज्म के लक्षण – Hyperthyroidism symptoms in Hindi

  • बार-बार घबराहट महसूस होना।
  • चिंता, घबराहट और चिड़चिड़ापन
  • भूख बढ़ने के बावजूद वजन का कम होना
  • ज्यादा गर्मी वाले तापमान को सह न पाना।
  • घेंगा रोग का होना।
  • हृदय का अनियमित तरीके से या जल्दी-जल्दी धड़कना।
  • सही से नींद ना आना।
  • दोहरी दृष्टि की समस्या होना
  • आँखों का बाहर निकलना
  • मांसपेशियों में कमजोरी, विशेष रूप से जांघों और ऊपरी बाहों में
  • उँगलियों के नाखुनो का तेजी से बढ़ना
  • हाथों का कांपना
  • पसीना आना
  • त्वचा का पतला होना

थायराइड रोग की जाँच – Diagnostic Tests for Thyroid Disease in Hindi

  1. हार्मोन की सही मात्रा जानने के लिए T3, T4 Test  करवाना बहुत आवश्यक है।
  2. थाइरोइड स्टिमुलेटिंग हॉर्मोन Thyroid-stimulating hormone (TSH) की भी परीक्षा कई जगहों पर की जाती है।
  3. थायराइड एंटीबॉडी टेस्ट।
  4. रेडियोएक्टिव आयोडीन अपटेक Radioactive iodine uptake (RAIU)
  5. थाइरोइड स्कैन।
  6. थायराइड का अल्ट्रासाउंड /  अल्ट्रासोनोग्राफी।

1. हाइपोथायरायडिज्म से होने वाली जटिलताएं – Hypothyroidism complications in hindi

  • Heart problems दिल की बीमारी
  • Infertility या बांझपन
  • जॉइंट पेन
  • मोटापा
  • गर्भवती महिलाओं में ये समस्या होने वाली शिशु के विकास को बाधित कर सकती है। प्रेगनेंसी के पहले  महीनो में बच्चे को अपनी माँ से ही थायराइड हॉर्मोन प्राप्त होता है और यदि माँ को ये समस्या है तो बेबी के mental development में दिक्कत आ सकती है।
  • यदि थायराइड हॉर्मोन का लेवल बहुत ही कम हो जाता है तो व्यक्ति को hypothyroidism का सबसे
    गंभीर रूप मायक्सेडेमा (myxedema) हो सकता है। इस कंडीशन में इंसान कोमा में जा सकता है या उसके शरीर का तापमान बहुत नीचे गिर सकता है, जिससे मौत भी हो सकती है।

2. हाइपरथायरायडिज्म की वजह से होने वाली जटिलताएं – Hyperthyroidism complications in hindi

हाइपरथायरायडिज्म होने पर इसका उचित इलाज करना बेहद ज़रूरी है। ऐसा न करने पर गंभीर और जानलेवा समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

Hyperthyroidism से जुड़ी प्रमुख जटिलताएं हैं:

  • Irregular heart rhythm (atrial fibrillation) अनियमित हार्ट रेट
  • ह्रदय का फेल होना
  • गर्भपात
  • ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों का टूटना ( hyperthyroidism की वजह से bones से calcium तेजी से ख़त्म होता है)

Hyperthyroidism के सिम्पटम्स का तेजी से बिगड़ना Thyrotoxic crisis कहलाता है और इसका फ़ौरन इलाज कराना बेहद ज़रूरी है।

इसके निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:

  • मूर्छित होना
  • उलझन होना
  • जागरूकता में कमी आना
  • बुखार होना
  • बेचैनी होना, ओर
  • नाड़ी का बहुत तेज चलना

थाइरोइड का घरलू इलाज – Thyroid ka gharelu ilaj

  • हल्दी दूध: थायराइड को कण्ट्रोल करने के लिए आप रोजाना दूध में हल्दी मिलाकर और उसे पकाकर पिए। अगर हल्दी वाला दूध न पिया जाये तो हल्दी को भून कर इसका सेवन करे।
  • लौकी का जूस: रोजाना सुबह खली पेट लौकी का जूस पिने से भी थाइरोइड खत्म करने में मदद मिलती है। जूस पिने के आधे घंटे तक कुछ खाये पिए नहीं।
  • तुलसी और एलोवेरा: दो चम्मच तुलसी के रस में आधा चम्मच एलोवेरा रस मिला कर इसका सेवन करना भी इस बीमारी से छुटकारा पाने का उत्तम उपाय है।
  • लाल प्याज: प्याज को बीच से काट कर दो टुकड़े कर ले और रात को सोने से पहले थायराइड ग्रंथि के आस पास मसाज करे। इसके बाद गर्दन से प्याज का रस को धोये नहीं।
  • हरा धनिया: थायराइड का घरेलू ट्रीटमेंट  करने के लिए हरा धनिया पीस कर चटनी बनाये और एक गिलास पानी में एक 1 चम्मच चटनी घोल कर पिए। इस उपाय को जब भी करे ताजी चटनी बना कर ही सेवन करे। ऐसा धनिया ले जिसकी सुगंध अच्छी हो। (और पढ़े: अधिक मोटापा लक्षण, कारण और बचाव)

इन देसी नुस्खे को नियमित रूप और सही तरीके से करने पर थायराइड कंट्रोल में रहेगा।

  • काली मिर्च: काली मिर्च थायराइड का उपचार में काफी फयदेमंद है। किसी भी तरीके से ले आप काली मिर्च का सेवन करे आप को फायदा करेगी।
  • बादाम और अखरोट: बादाम और अखरोट में सेलीनीयम तत्व मौजूद होता है जो  थायराइड के इलाज में फायदा करता है। इस के सेवन से गले की सूजन से भी आराम मिलता है। हाइपोथायराइड में ये उपाय जादा फायदा करता है।
  • अश्वगंधा: रात को सोते वक़्त एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण गाय के गुनगुने दूध के साथ सेवन करे।
  • टूना, ट्राउट जैसी ओमेगा 3 फैटी एसिड युक्त मछलियों का सेवन करना
  • चावल ब्रैड और अनाज खाएं। ताजे फल और सब्ज़ियाँ।
  • एक्सरसाइज: रोजाना आधा घंटा एक्सरसाइज करे, इससे थाइरोइड बढ़ता नही है और कंट्रोल में रहता है।  .
  • निम्बू की पत्तियों का सेवन थाइरोइड को नियमित करता है, इसका सेवन करने से थाइरोक्सिन के अत्यधिक मात्रा में बनने पर रोक लगती है और इसकी पत्तियों की चाय भी बनाकर पी जाती है, आप इसकी चाय या रस पी सकते हैं.

थायराइड का इलाज – Treatment of Thyroid Disease in hindi

Thyroid थायराइड के मरीजों को हर दो-तीन महीने में अपने थायराइड हार्मोन की जांच करवानी होती है उसके बाद ही डॉक्टर सही दवाइयां और खान पान के बारे में पेशेंट को बताते हैं। और मौजूदा हॉर्मोन लेवल के हिसाब से दवाएं लेनी पड़ती है। (और पढ़े: एलर्जी लक्षण, बचाव के तरीके और उपचार)

किसी भी प्रकार के  थायराइड  (Thyroid) बीमारी के लक्षण होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से बात करें या किसी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (endocrinologist doctor) से संपर्क करें।

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration