थायराइड के लिए योग और करने की विधि – Yoga for thyroid and the method of doing them in Hindi

थायराइड के लिए योग और करने की विधि - Yoga for thyroid and the method of doing them in Hindi
Written by Sneha

Yoga for thyroid in Hindi थायराइड के लिए योग आसन एक बहुत ही अच्छा उपचार हो सकता हैं। थायराइड ग्रंथि हमारे गले में होती हैं। थायराइड एक बहुत ही गंभीर समस्या हैं यह बहुत तेजी से फ़ैल रहा हैं। कुछ योग आसन से आप थायरायड ग्रंथि के कमकाज को नियंत्रित कर सकते हैं। कई अध्ययन से पता चला हैं कि योग आसन थायरायड पर एक सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यह थायरायड में होने वाले कुछ लक्षण जैसे – थकान, कम ऊर्जा और वजन बढ़ने की संभावना होने लगती हैं। आइये आज हम योग के कुछ एसे आसन की बात करेगें जो आपके थायरायड ग्रंथि में होने वाली समस्या को ख़त्म करके उसे स्वस्थ रखने में मदद करता हैं।

  1. थायरायड क्या हैं – What is thyroid in Hindi
  2. थायराइड के लिए योग इन हिंदी – Thyroid rog ke liye yoga in Hindi
  3. योग द्वारा थायराइड के उपचार के लिए मार्जरासन मुद्रा – Marjariasana (Cat-cow pose) for thyroid in Hindi
  4. थायराइड रोग के लिए सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड पोज) – Sarvangasana (Shoulder Stand Pose) yoga for thyroid in Hindi
  5. योग फॉर थाइरोइड हलासन (हल मुद्रा) – Halasana (Plough Pose) yoga for thyroid in Hindi
  6. थाइरोइड के लिए योग कपालभाति प्राणायाम – Thyroid Rog Ke Liye Kapalbhati Pranayam in Hindi
  7. थायराइड का इलाज करने के लिए भुजंगासन (कोबरा पोज) – Bhujangasana (Cobra Pose yoga for thyroid in Hindi
  8. थाइराइड की समस्या से बचने के लिए सेतुबंधासन – Thyroid Ke Liye Setubandhasana (Bridge Pose) in Hindi
  9. थायराइड के लिये योगासन करने से पहले सावधानियां – Thyroid Rog Ke Liye yogasan karne Me Kya Savdhani Barte in Hindi

थायरायड क्या हैं – What is thyroid in Hindi

थायरायड ग्रंथि हमारे गले के अन्दर पायी जाती हैं यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रंथि हैं यह तितली के आकार के समान होती हैं जो साँस की नाली के पास पायी जाती हैं, इस ग्रंथि पर पीयूष ग्रंथि का नियंत्रण होता हैं। थायरायड ग्रंथि में से दो प्रकार के हार्मोन बनते हैं। जब इस हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता हैं तो व्यक्ति को थायरायड हो जाता हैं। जिससे आपके पेट में चयापचय को कम कर देता हैं या बढ़ा देता हैं। थायरायड के कारण अनेक रोग जैस थायराइड कैंसर, आयोडीन की कमी से होने वाले रोग, वजन का बढ़ना आदि होते हैं। थायरायड की समस्या को योग के कुछ आसन द्वारा कम किया जा सकता हैं। आइये थायराइड के लिए योग आसन को विस्तार से जानते हैं।

थायराइड के लिए योग इन हिंदी – Thyroid rog ke liye yoga in Hindi

थायरायड ग्रंथि में होने वाले रोगों से छुटकारा पाने के लिए नीचे कुछ योगासन दिए जा रहे हैं जिसके नियमित अभ्यास से आप थायरायड से आराम पा सकते हैं। इसमें अधिकांस आसन गले के स्वास्थ को बढ़ावा देने में मदद करते हैं ये गले के चारों ओर परिसंचरण और ऊर्जा के प्रवाह को सुधारने में मदद करते हैं। आप पूरे दिन में इन आसन में से एक या दो आसन को कर सकते हैं –

(और पढ़ें – थाइरोइड डाइट चार्ट)

थायराइड के उपचार के लिए मार्जरासन मुद्रा – Marjariasana (Cat-cow pose) for thyroid in Hindi

यह आसन करने वाला बिल्ली अथवा गाय के समान दिखाई देता हैं इसलिए इसे कैट-काऊ पोज़ भी कहते हैं। इस आसन को मार्जरासन के नाम से भी जाना जाता हैं। यह आपकी रीड की हड्डी में को लोचदार बनता हैं और रक्त के प्रवाह को बढ़ता हैं। इस आसन को करने के लिए आप एक योगा मेट पर अपने सिर को सीधा रखें हुयें घुटने टेक के अपने दोनों हाथों को जमीन पर रख लें। अब साँस को अन्दर लेते हुए अपने सिर को पीछे की ओर तथा अपनी ठोड़ी को ऊपर करें। अब साँस छोड़ते हुए सिर को सीधा करें। इसके बाद फिर से साँस को अपने सिर को नीचे करें और अपनी ठोड़ी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें। इस आसन को कम से कम 5 से 6 बार करें। यह थायरायड रोग में के उपचार के लिए लाभदायक होता हैं।

(और पढ़ें – मयूरासन करने की विधि और फायदे)

थायराइड रोग के लिए सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड पोज) – Sarvangasana (Shoulder Stand Pose) yoga for thyroid in Hindi

थायराइड रोग के लिए सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड पोज) - Sarvangasana (Shoulder Stand Pose) yoga for thyroid in Hindi

यह थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करने और थायरॉक्सिन को नियंत्रित करने में मदद करता है। इस विशेष मुद्रा में, उल्टे पॉज़ के कारण रक्त पैरों से सिर क्षेत्र तक बहता है जो थायरॉइड को कम करने में मदद करता है।

इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मेट बिछा के सीधे पीठ के बल लेट जाएं। अपने दोनों हाथों को सीधा रखें। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहाँ से मोड़ें और उनकों ऊपर करें। इसके बाद अपने दोनों हाथों से पीठ को सहारा देते हुए उठायें। अपने पैरों को अधिकतम ऊंचाई तक ऊपर करें। इस स्थिति में आपकी रीड की हड्डी और आपके पैर एक सीधी रेखा में रहने चाहियें।

आपके शरीर का पूरा वजन कन्धों पर होगा और दोनों हाथ पीठ को ऊपर की ओर सीधा रखने में सहायता करेगें। इस आसन में आपको कम से कम 30 सेकंड तक रुकना हैं उसेक बाद पैरों को नीचे करते हुए अपनी प्रारंभिक अवस्था में आना हैं। यह आसन आपके थायरायड समस्या को कम कर कर देगा।

(और पढ़ें – सर्वांगासन करने का तरीका और फायदे)

योग फॉर थाइरोइड हलासन (हल मुद्रा) – Halasana (Plough Pose) yoga for thyroid in Hindi

योग फॉर थाइरोइड हलासन (हल मुद्रा) - Halasana (Plough Pose) yoga for thyroid in Hindi

यह व्यायाम पेट और थायराइड ग्रंथि को उत्तेजित करते हुए गर्दन को संपीड़न देता है। यह मस्तिष्क को भी शांत करता है और तनाव और थकान को कम करता है। यह मुद्रा भारतीय हल के समान होती है, इसलिए इसे हलासन कहा जाता है।

हलासन में आपके शरीर की स्थिति एक हल के समान दिखाई देती हैं। यह आसन रीढ़ हड्डी को मजबूत हैं इसे अलावा यह अन्य बीमारियां जैसे दमा, कफ, मधुमेह और पाचन सम्बन्धी समस्या को खत्म करता हैं। यह आसन भी ऊपर दिए हुयें सर्वांगासन के सामान ही है बस आपको पैरों को उल्टा झुकाना हैं। इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मेट बिछा के सीधे हाथ पैर कर के लेट जाएं। अब अपने दोनों पैरों को कमर के यहाँ से मुड़े और उनकों ऊपर करें। अपने दोनों हाथों को सीधा जमीन पर ही रखें रहने दें। अब दोनों पैरों को धीरे-धीरे अपने सिर के पीछे की ओर जमीन से लगाने की कोशिश करें। इस स्थिति में अपने क्षमता के अनुसार करने ओर अपनी प्रारंभिक अवस्था में आयें।

(और पढ़ें – हलासन के फायदे और करने का तरीका)

थाइरोइड के लिए योग कपालभाति प्राणायाम – Thyroid Rog Ke Liye Kapalbhati Pranayam in Hindi

थाइरोइड के लिए योग कपालभाति प्राणायाम - Thyroid Rog Ke Liye Kapalbhati Pranayam in Hindi

जब आप कपालभाति करते हैं तो साँस के साथ सभी हानिकारक तत्व आपके पेट से बहार निकल जाते हैं। यह पाचन की समस्या को खत्म कर देता हैं। कपालभाति योगासन हमारे पेट के अनेक रोगों के लिए एक बहुत ही अच्छा उपचार हैं। कपालभाति योग आसन को करने के लिए आप पहले किसी स्थान पर योगा मेट बिछा के बैठ जाएं। इसके लिए आप पद्मासन की स्थिति में बैठे के अपनी रीड के हड्डी को सीधा रखें।

अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रखें। अब एक गहरी साँस को अन्दर की ओर लें। उसके बाद साँस को बाहर की ओर छोड़ते हुए अपने पेट को अन्दर की ओर जितना अधिक हो सकते हैं खींचे। इसमें आपके पेट की मांसपेशियां पूरी तरह से सिकुड़ जाएगी और नाभि अन्दर की ओर हो जाएगी। फिर साँस को अन्दर लेते हुए अपनें पेट को ढीला करते जाएं। यह प्रक्रिया कई बार दोहराना हैं, इसे शुरुआत में कामे करें फिर समय बढ़ते जाएं।

(और पढ़ें – कपालभाति करने का तरीका और लाभ)

थायराइड का इलाज करने के लिए भुजंगासन (कोबरा पोज) – Bhujangasana (Cobra Pose yoga for thyroid in Hindi

थायराइड का इलाज करने के लिए भुजंगासन (कोबरा पोज) - Bhujangasana (Cobra Pose yoga for thyroid in Hindi

इस मुद्रा के दौरान, बहुत सारे संपीड़न और खींचने के अभ्यास होते हैं जो थायराइड ग्रंथि को नियमित करने में मदद करते हैं। यह मुद्रा रक्त परिसंचरण में सुधार और ऊपरी और मध्य पीठ के लचीलापन में सुधार करने में मदद करता है, पूरे पीठ और कंधों को मजबूत करती है, पेट को मजबूत करती है, छाती फैलाता है और तनाव और थकान को कम करता है।

कोबार पोज़ थायराइड ग्रंथि के स्वास्थ के लिए एक अच्छा आसन होता हैं, यह गर्दन के दर्द को कम करने में मदद करता हैं इस आसन को करने के लिए आप किसी साफ स्थान पर योगा मेट बिछा के अपने पेट के बल लेट जाएं जिसमे आपकी पीठ ऊपर की ओर रहें। अपने दोनों हाथों को कोहनी के यह से मोड़ें और अपनी छाती के साइड में रखें। अब अन्दर की ओर साँस लें और अपने सिर को ऊपर की ओर उठायें। ध्यान रखें की आपके कमर से लेके पैरों तक का हिस्सा जमीन से ऊपर ना उठे। साँस को बाहर छोड़ते हुए अपने सिर को नीचे करें। आप इस आसन को कम से कम 20 से 30 सेकंड तक करना चाहिए।

(और पढ़ें – भुजंगासन के फायदे और करने का तरीका )

थाइराइड की समस्या से बचने के लिए सेतुबंधासन – Thyroid Ke Liye Setubandhasana (Bridge Pose) in Hindi

थाइराइड की समस्या से बचने के लिए सेतुबंधासन - Thyroid Ke Liye Setubandhasana (Bridge Pose) in Hindi

यदि आप सेतुबंधासन को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हैं, तो आप अपनी गर्दन को काफी हद तक फैला सकते हैं और थायराइड ग्रंथि को सक्रिय कर सकते हैं। यह मस्तिष्क को शांत करने, चिंता को कम करने और पाचन तंत्र में सुधार करने में मदद करता है।

इस आसन को करने के लिए आप सबसे पहले एक योगा मेट बिछा के सीधे पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों व पैरों के सीधा रखें। अब अपने पैरों को घुटनों के यहाँ से मोड़े और कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर करते जाएं। अपने दोनों हाथों से पैर की एड़ी को स्पर्श करें। इस आसन को आप 10 से 15 सेकंड के लिए करें और फिर से प्रारंभिक स्थिति में आयें। यह आपको 2 से 3 बार करना हैं। इस आसन से रीढ़ की हड्डी को मजबूत किया जाता हैं।  यह पाचन को भी ठीक करता हैं। यह आसन थायरायड के उपचार में लाभदायक होता हैं।

(और पढ़ें – सेतुबंधासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां)

थायराइड के लिये योगासन करने से पहले सावधानियां – Thyroid Rog Ke Liye yogasan karne Me Kya Savdhani Barte in Hindi

  • गर्भवती महिलायें इस आसन को ना करें।
  • घुटने में दर्द, रीढ़ के हड्डी में दर्द, कमर में दर्द हो तो आप इन आसन को ना करें।
  • गर्दन में दर्द हो तो आप इस आसन को ना करें।

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