याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव - Memory Loss Symptoms, Causes and Treatment In Hindi
बीमारी

याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव – Memory Loss Symptoms, Causes and Treatment In Hindi

याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव - Memory Loss Symptoms, Causes and Treatment In Hindiयाददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव - Memory Loss Symptoms, Causes and Treatment In Hindi

बढती उम्र के साथ लगभग हर एक व्यक्ति कभी-कभी याददाश्त कम होना (memory loss) या भूलने की बीमारी (forgetfulness) का अनुभव करता है, जो आमतौर पर चिंता का कोई कारण नहीं है। लेकिन याददाश्त में कमी कुछ चिकित्सकीय स्थितियों और गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है, जिसका निदान और इलाज जल्द से जल्द कराना आवश्यक होता है। कुछ स्थितियों में याददाश्त में कमी का इलाज आसानी से किया जा सकता है, जबकि कुछ स्थितियां जैसे- अल्जाइमर रोग, में इलाज मुश्किल हो जाता है। इसलिए याददाश्त खोने की समस्या वाले व्यक्तियों को यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए। इसमें आप जानेगें कि याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) की समस्या क्या है, इसके लक्षण और कारण क्या होते हैं और इसकी जाँच और इलाज कैसे किया जाता है के साथ-साथ याददाश्त कमजोर होने से बचने के उपाय के बारे में।

स्मृति हानि (मेमोरी लॉस) क्या है – What is Memory loss in Hindi

मेमोरी लॉस असामान्य रूप से भूलने की बीमारी (amnesia) है, जो मस्तिष्क समस्याओं की ओर संकेत करती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति नई घटनाओं को याद नहीं रख पाता है, जबकि अतीत की यादों को याद रख सकता है। गंभीर रूप से स्मृति हानि की समस्या, मनोभ्रंश (डिमेंशिया) की बीमारी की ओर संकेत देती है। बीमारी, चोट या अत्यधिक भावनात्मक तनाव के परिणामस्वरुप मस्तिष्क को नुकसान पहुँचाने के कारण मेमोरी लॉस हो सकती है। कारणों के आधार पर मेमोरी लॉस अस्थायी या स्थायी हो सकती है।

मेमोरी लॉस एक बहुत ही व्यापक शब्द है, जिसका मतलब मेमोरी (याददाश्त) सम्बन्धी कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी से होता है। मेमोरी लॉस के अलग-अलग प्रकार होते हैं, जिसमें शामिल हैं:

  • एंटेरोग्रेड मेमोरी लॉस (नई यादें सीखने में असमर्थता), (anterograde Memory loss)
  • प्रतिगामी मेमोरी लॉस (पुरानी यादों को भूलना), (retrograde Memory loss)
  • पूर्ण या आंशिक मेमोरी लॉस (complete or partia Memory loss)
  • अचानक या दीर्घकालिक मेमोरी लॉस (sudden or long term Memory loss)

(और पढ़ें – भूलने की बीमारी के लक्षण कारण जांच इलाज और उपचार)

याददाश्त खोने के लक्षण – Memory loss symptoms in Hindi

मेमोरी लॉस का प्राथमिक लक्षण यादें को बनाने में असमर्थता है। यदि किसी व्यक्ति को याददाश्त खोने की समस्या (मेमोरी लॉस) है, तो उस व्यक्ति द्वारा तथ्यों, घटनाओं, स्थानों या विशिष्ट बातों को याद करने में कठिनाई होती है। याददाश्त खोना स्थाई और अस्थाई हो सकती है। समय के साथ लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं। याददाश्त में कमी से सम्बंधित लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

  • प्रतिदिन के कार्यों को याद रखने में कठिनाई उत्पन्न होना
  • एक ही सवाल को बार-बार पूछना
  • बोलते समय सामान्य शब्दों को भूल जाना
  • रोज के कार्यों को पूरा करने में अधिक समय लेना
  • परिचित जगह पर चलते समय अचानक अपने आपको खोया हुआ महसूस करना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के मूड या व्यवहार में परिवर्तन होना, इत्यादि।

याददाश्त कम होने के कारण – Memory loss Causes in Hindi

मस्तिष्क के अनेक क्षेत्र यादों को संजोकर रखने और पुनः याद करने में मदद करते हैं। अतः इन मस्तिष्क क्षेत्रों से सम्बंधित कोई भी समस्या याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) का कारण बन सकती है।

मस्तिष्क में किसी भी प्रकार की नई चोट के परिणामस्वरूप स्मृति हानि (memory loss) हो सकती है, मस्तिष्क की चोट निम्न स्थितियों के कारण या उसके बाद उत्पन्न हो सकती है, जैसे:

  • ब्रेन ट्यूमर (Brain tumor)
  • कैंसर उपचार जैसे- ब्रेन रेडिएशन (brain radiation), अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (bone marrow transplant) या कीमोथेरेपी (chemotherapy)
  • ब्रेन सर्जरी (brain surgery)
  • इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी (ईसीटी) (electroconvulsive therapy)
  • मस्तिष्काघात (Concussion) या head trauma
  • दिल या साँस को बहुत लंबे समय तक रोके रखना, जिससे मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है
  • ब्रेन इन्फेक्शन (brain infection) जैसे- लाइम रोग (Lyme disease), सिफलिस (syphilis) या एचआईवी/एड्स
  • ट्रांसिएंट ग्लोबल एमनेशिया (Transient global amnesia) (अचानक, अस्थायी रूप से याददाश्त में कमी)
  • ट्रांसिएंट इस्कीमिक अटैक (Transient ischemic attack) या स्ट्रोक (stroke)
  • हाइड्रोसेफ़लस (Hydrocephalus) या जलशीर्ष (दिमाग में पानी भरना)

कभी-कभी, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के साथ साथ भी याददाश्त खोने की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जैसे:

मेमोरी लॉस का कारण हो सकता है डिमेंशिया (मनोभ्रंश) – Reason of memory loss dementia in Hindi

मनोभ्रंश (dementia) के संकेत और लक्षण के रूप में भी याददाश्त खोने की समस्या को महसूस किया जा सकता है। कुछ सामान्य प्रकार के मनोभ्रंश (डिमेंशिया), जो स्मृति हानि का कारण बनते हैं, निम्न हैं:

  • अल्जाइमर रोग (Alzheimer disease)
  • लेवी बॉडी डिमेंशिया (Lewy body dementia)
  • फ्रंटो-टेम्पोरल डिमेंशिया (Fronto-temporal dementia)
  • प्रगतिशील सुपरन्यूक्लियर पाल्सी (Progressive supranuclear palsy)
  • नार्मल प्रेशर हाइड्रोसेफ़लस (Normal pressure hydrocephalus)
  • Creutzfeldt-Jakob रोग (mad cow disease)

याददाश्त कम होने के प्रतिवर्ती कारण – Reversible causes of memory loss in Hindi

स्मृति हानि (मेमोरी लॉस) के प्रतिवर्ती कारणों में निम्न को शामिल किया जाता है, जैसे:

याददाश्त कम होने के जोखिम कारक – Memory loss risk factor in Hindi

याददाश्त खोने (memory loss) के उच्च जोखिम वाली स्थितियों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

याददाश्त कम होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है – When too see a doctor for Memory Loss in Hindi

यदि याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) की समस्या दैनिक जीवन को प्रभावित करने के साथ-साथ अन्य लक्षणों के उत्पन्न होने का कारण बनती है, तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

याददाश्त खोने की जांच – Memory Loss diagnosis in Hindi

याददाश्त खोने (मेमोरी लॉस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव - Memory Loss Symptoms, Causes and Treatment In Hindi

मेमोरी लॉस की स्थिति का निदान करने के लिए डॉक्टर मरीज के सम्पूर्ण चिकित्सकीय इतिहास के बारे में जानकारी लेगा। अतः मरीज के साथ परिवार के किसी एक सदस्य या विश्वसनीय मित्र को साथ जाना आवश्यक है। डॉक्टर याददाश्त में कमी का कारण बनने वाली समस्याओं का निदान करने के लिए लक्षणों के बारे में सवाल पूछ सकता है।

डॉक्टर, याददाश्त खोने या मेमोरी लॉस होने की स्थिति का निदान करने के लिए न्यूरोलॉजिस्ट (neurologist), वृद्धावस्थारोगविशेषज्ञ (geriatrician) या मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर की भी सलाह ले सकता है। इसके अतिरिक्त मेमोरी लॉस के कारणों का सटीक निदान करने के लिए निम्न टेस्ट किये जा सकते हैं, जैसे:

  • विटामिन बी12 की कमी या थायरॉयड रोग (thyroid disease) सहित अन्य स्थितियों का निदान करने के लिए रक्त परीक्षण
  • सेरेब्रल एंजियोग्राफी (Cerebral angiography) – मस्तिष्क से रक्त प्रवाह का निरीक्षण करने के लिए
  • संज्ञानात्मक परीक्षण (Cognitive tests) (न्यूरोसाइकोलॉजिकल / साइकोमेट्रिक परीक्षण)
  • सिर का सीटी स्कैन (CT scan) या एमआरआई (MRI) परीक्षण
  • इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राफी (electroencephalography) या ईईजी (EEG) – मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि (electrical activity) को मापने के लिए
  • लम्बर पंक्चर (Lumbar puncture), इत्यादि।

मेमोरी लॉस का इलाज- Memory Loss Treatment in Hindi

याददाश्त कम होना या मेमोरी लॉस का उपचार इसके कारण पर निर्भर करता है। दवाओं और उपचार में परिवर्तन कर मेमोरी लॉस का इलाज किया जा सकता है। इसके अलावा पोषक तत्वों की कमी से होने वाली स्मृति हानि का उपचार पोषण सप्लीमेंट का उपयोगी कर किया जा सकता है। अतः मेमोरी लॉस से सम्बंधित समस्याओं का इलाज कर याददाश्त को वापिस प्राप्त किया जा सकता है। अल्जाइमर रोग या लेवी बॉडी डिमेंशिया से संबंधित मेमोरी लॉस का इलाज के लिए कुछ दवाओं की सिफारिश की जा सकती है जिनमें शामिल हैं: क्लोनिलेरेज़ इनहिबिटर (cholinesterase inhibitors), जैसे कि डोनेपेजिल (donepezil), गैलेंटामाइन (galantamine) और रिवास्टिग्माइन (rivastigmine)।

याददाश्त कम होने पर घर पर देखभाल – Memory Loss Home Care in Hindi

मेमोरी लॉस वाले व्यक्ति को बहुत अधिक समर्थन की आवश्यकता होती है। अतः लक्षणों को कम करने के लिए तथा प्रतिदिन के कार्यों में सहायता के लिए पीड़ित व्यक्ति को घर पर निम्न तरीकों को अपनाना चाहिए, जैसे:

  • पीड़ित व्यक्ति को परिचित वस्तुओं, संगीत या तस्वीरों को देखना चाहिए।
  • पीड़ित व्यक्ति को कब और कौन सी दवा लेनी है, इसका जिक्र अपनी डायरी में करना चाहिए।
  • काम के लिए सूचियों का उपयोग करें
  • सामाजिक रूप से सक्रिय रहें और अपने शौक में व्यस्त रहें।

मेमोरी लॉस (याददाश्त खोने) से बचने के उपाय Memory Loss prevention in Hindi

याददाश्त खोने की समस्या के जोखिम को कम करने और लक्षणों की गंभीरता से बचने के लिए व्यक्ति निम्न तरीकों को अपना सकता है, जिनमें शामिल हैं:

  • शराब या ड्रग्स के अधिक सेवन से बचें।
  • किसी भी प्रकार की गतिविधि करते समय सिर पर चोट लगने से बचें।
  • मानसिक रूप से सक्रिय रहें, नई-नई जगहों पर जाएं, नई किताबें पढ़ें, शतरंज खेलें।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, नियमित योग और व्यायाम करें।
  • दिल और दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और कम वसा वाले प्रोटीन आहार का सेवन करें।
  • तनाव को कम करने के लिए उचित प्रयास करें।
  • पर्याप्त मात्रा में नीद लें।
  • हाइड्रेटेड रहें और पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन करें।

(और पढ़ें: दिमाग तेज करने के घरेलू नुस्खे)

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