सिज़ोफ्रेनिया एक प्रकार का पागलपन है, जानें इसके कारण लक्षण और उपचार – What Is Schizophrenia In Hindi

सिजोफ्रेनिया क्या होता है - what is schizophrenia in Hindi
Written by Anshika sarda

What is schizophrenia in Hindi सिज़ोफ्रेनिया एक प्रकार की मानसिक बीमारी होती है सिज़ोफ्रेनिया एक प्रकार का पागलपन है, जानें इसके कारण लक्षण और उपचार के बारे में हिंदी में। इस मानसिक विकार के कारण व्यक्ति के सोचने-विचारने की क्षमता पूरी तरह बर्बाद हो जाती है। इस डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति वास्तविकता से दूर होता जाता है। आज हम आपको सिजोफ्रेनिया रोग, इसके लक्षण और उपचार के बारे में बताने जा रहे हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति एक काल्पनिक दुनिया में जीता है जिसका पूरा प्रभाव उसके काम पर पड़ता है। ऐसे में पीड़ित व्यक्ति का समाज में रह पाना काफी मुश्किल हो जाता है उसे अजीबो-गरीब आवाजें सुनाई देती है और अक्सर ऐसी चीजें दिखाई देती हैं जो वास्तव में होती ही नहीं हैं, ऐसे में वह हमेशा एक डर में जीता है और अवसादग्रस्त हो जाता है।

(और पढ़े – बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है कारण,  लक्षण और बचाव)

(और पढ़े – मानसिक तनाव के कारण, लक्षण एवं बचने के उपाय)

इस बीमारी का असर पीड़ित के काम,रिलेशनशिप के साथ-साथ निजी और सार्वजनिक जीवन पर भी पड़ता है। इस बीमारी का पूर्ण उपचार तो संभव नहीं लेकिन दवाओं और सही उपचार की मदद से इसके बुरे प्रभाव को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण क्या-क्या होते और कैसे इसका उपचार संभव हैं।

1. सिजोफ्रेनिया के कारण – causes of schizophrenia In Hindi
2. सिजोफ्रेनिया के लक्षण – Symptoms of schizophrenia in Hindi
3. सिजोफ्रेनिया का उपचार – Treatment of schizophrenia in Hindi

सिज़ोफ्रेनिया के कारण – causes of schizophrenia In Hindi

किसी व्यक्ति में सिजोफ्रेनिया होने के कई कारण हो सकते हैं आइए जानते हैं कि कौन-कौन से इस बीमारी के मुख्य कारण होते हैं।

1. सिज़ोफ्रेनिया अनुवांशिक हो सकता है – schizophrenia can be genetic in Hindi

अधिकतर लोगों को सिज़ोफ्रेनिया आनुवांशिक होता है। यह रोग माता-पिता में से किसी को भी होने पर बच्चे को होने का खतरा बढ़ जाता है।

2. यह गर्भावस्था में सही पोषण ना मिलने पर हो सकता है schizophrenia due to deficiency during pregnancy in Hindi

जब बच्चा कोख में होता है तो मां के पोषक तत्वों का सेवन ना करने की वजह से भी बच्चे का दिमाग सही से विकसित नहीं हो पाता है। इससे बच्चे को सिजोफ्रेनिया होने का खतरा होता है।

3. सिज़ोफ्रेनिया ड्रग्स का सेवन करने से हो सकता है – schizophrenia due to drugs in Hindi

ड्रग्स का सेवन करने वाले लोग भी सिज़ोफ्रेनिया का शिकार हो जाते हैं। अक्सर लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरुकता नहीं होती इसलिए वे गंभीर रुप से इस बीमारी से ग्रस्त हो जाते हैं।

सिज़ोफ्रेनिया के लक्षण – Symptoms of schizophrenia in Hindi

सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति में अलग-अलग कई लक्षण देखने को मिलते हैं जिसमे से सिज़ोफ्रेनिया के मुख्य लक्षण निम्न हैं-

1. सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति को भ्रम हो जाता – Delusion is Symptoms of schizophrenia in Hindi

इस बीमारी में लोगों को अक्सर ऐसे विचार आते हैं जो कि सच नहीं होते। वे ऐसी चीजों को देखकर भ्रमित होते हैं जो उस जगह मौजूद ही नहीं होती है। इससे उनकी मानसिक स्थिरता भी नष्ट हो जाती है। इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति अक्सर गलत तरीके से ही सोचते हैं। बार-बार भ्रम का शिकार हो जाना सिजोफ्रेनिया का एक संकेत होता है।

2. सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति को ध्यान लगाने और बोलने में परेशानी होती है – Low concentration and speaking problem in Hindi

इन लोगों के दिमाग में बहुत ज्यादा ख्याल आते हैं। अलग-अलग तरीके के विचार आने के कारण वे अक्सर किसी एक चीज पर ध्यान नहीं लगा पाते और ना ही अपने मन की बात को सही तरह से जाहिर कर पाते हैं। ऐसे लोगों को ध्यान लगाने और बोलने में परेशानी होती है।

3. सिजोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति अजीबोगरीब व्यवहार करता है – Strange Behavior is Symptoms of schizophrenia in Hindi

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का व्यवहार बदल जाता है। वे अक्सर नकारात्मक सोचते हैं जिसका प्रभाव उनके व्यवहार पर पड़ता है। वे अक्सर डर में जीते हैं और घबराहट के कारण चीखते-चिल्लाते हैं। कई बार उनका व्यवहार इतना हिंसक हो जाता है कि इससे दूसरे लोगों को नुकसान पहुंचता है। पीड़ित का यह अजीबो-गरीब व्यवहार भी सिजोफ्रेनिया का संकेत होता है।

4. सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति को हल्लुसिनेशन हो जाता है –  Hallucinations is Symptoms of schizophrenia in Hindi 

यह एक प्रकार का मतिभ्रम होता है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को ऐसी चीजें दिखाई, सुनाई देती है जो वास्तविक रुप में मौजूद ही नहीं होती है। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित लोगों को अक्सर ऐसी चीजें दिखाई और सुनाई देती है जो होती ही नहीं हैं। ऐसे में वे इतने परेशान हो जाते हैं कि अपने आप को नुकसान पहुंचाने लगते हैं जो कि सिजोफ्रेनिया का एक हानिकारक संकेत है।

5. सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति डर के साये में जीता है – victim lives with Terror In Hindi

इससे पीड़ित लोग अक्सर डर के साये में जीते हैं। रोजमर्रा के काम जैसे वॉक पर जाना, खाना बनाना जैसे काम करना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है। इससे पीड़ित व्यक्ति साधारण सी चीजों से भी डरने लगता है और उसे लगता है कि हर एक चीज से उसे जान का खतरा है। इस बीमारी में पीड़ित की मानसिक शांति बिल्कुल समाप्त हो जाती है।

सिज़ोफ्रेनिया का उपचार – Treatment of schizophrenia in Hindi

जागरुकता की कमी की वजह से सिज़ोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति इस मेंटल डिसऑर्डर से बुरी तरह प्रभावित होता है और आत्महत्या करने के ख्याल भी उसके दिमाग में आने लगते हैं। सिजोफ्रेनिया का ईलाज पूरी तरह संभव नहीं है लेकिन मानसिक दृढ़ता से इसके प्रभाव को कम जरुर किया जा सकता है।

  • ऐसे में व्यक्ति को परिवार और दोस्तों के सहारे, मदद और प्यार की जरुरत होती है।
  • रोगी को मनोरोग चिकित्सक से परामर्श और दवाओं का भी सहारा लेना चाहिए।
  • मजबूत इच्छा शक्ति से और अपनों के प्यार की मदद से आप इस परेशानी से उबर सकते हैं।

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration