वॉकिंग मेडिटेशन क्या है, इसे करने का तरीका और फायदे – What is Walking Meditation and how to do It in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन क्या है, इसे करने का तरीका और फायदे – What is Walking Meditation, Benefits and how to do It in Hindi
Written by Deepti

Walking meditation in Hindi वॉकिंग मेडिटेशन, शायद ही इसके बारे में आपने कभी सुना हो। सिटिंग मेडिटेशन के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन वॉकिंग मेडिटेशन कुछ नया साउंड होता है। वैसे वॉकिंग मेडिटेशन कुछ नहीं, बल्कि वॉक करते समय किया जाने वाले मेडिटेशन यानि ध्यान है। इसे करना बहुत आसान है। आमतौर पर लोग बैठकर ध्यान करते हैं, लेकिन चलते हुए मेडिटेशन करने से आपकी वॉक और एक्सरसाइज के अलावा मेडिटेशन भी होगा और एनर्जी भी जनरेट होती है। इस मेडिटेशन की खास बात है कि, यह आमतौर पर नियमित रूप से चलने की तुलना में धीमी गति से किया जाता है। मन को एकाग्र करने के लिए मेडिटेशन यानि ध्यान करना बहुत अच्छा तरीका है। लेकिन भागदौड़ भरी जिन्दगी में लोगों के पास एक जगह बैठकर ध्यान करने के लिए समय नहीं है।

कितना अच्छा हो, कि अगर चलते हुए ध्यान किया जाए। इसके लिए वॉकिंग मेडिटेशन अच्छा विकल्प है। यह एक कला है, जो आपको चलने के साथ जागरूक होना भी सिखाती है। इसे आप कहीं भी ऑफिस में, पार्क में चलते हुए, दैनिक कार्य करते हुए, बाजार से सामान खरीदते हुए कर सकते हैं। यह ध्यान खुली आंखों और सक्रिय शरीर के साथ किया जाता है। हालांकि, यह बैठने के दौरान किए गए ध्यान से काफी अलग है। यह ध्यान उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है, जो बैठने और चिंतन करने के बजाए चलना पसंद करते हैं। तो चलिए, आज के इस आर्टिकल में हम आपको मेडिटेशन वॉक के बारे में बता रहे हैं। साथ ही बताएंगे इसके फायदे और करने का सही तरीका भी।

1. वॉकिंग मेडिटेशन क्या है – What is walking meditation in Hindi
2. वॉकिंग मेडिटेशन के फायदे – Benefits of walking meditation in Hindi
3. वॉकिंग मेडिटेशन कैसे करें – How to do meditative walk in Hindi
4. मेडिटेशन वॉक की शुरूआत कैसे करें – How to start walking meditation in Hindi
5. वॉकिंग मेडिटेशन कितने समय तक करना चाहिए – walking meditation kitne samay tak karna chahiye in Hindi
6. 5 मिनट की वॉकिंग मेडिटेशन एक्सरसाइज – 5 Minutes Walking Meditation Exercise in Hindi
7. वॉकिंग मेडिटेशन करते समय ध्यान रखने वाली बातें – Things to keep in mind while walking meditation in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन क्या है – What is walking meditation in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन क्या है - What is walking meditation in Hindi

मेडिटेशन वॉक मेडिटेशन का ही एक प्रकार है। हालांकि, ये बहुत ज्यादा पॉपुलर नहीं है, क्योंकि अब भी बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं। मेडिटेटिव वॉक का मतलब है, चलते हुए मेडिटेशन या ध्यान करने से है। इसमें पूरा ध्यान चलने पर होता है और हर मूवमेंट को एनालिस करना पड़ता है। वॉकिंग मेडिकेशन पार्क में चलने से कई ज्यादा होता है। मेडिटेटिव वॉक का मुख्य उद्देश्य चलना है, किसी डेस्टिनेशन तक पहुंचना नहीं। इस प्रकार का ध्यान आमतौर पर नियमित रूप से चलने की तुलना में बहुत धीमी गति से किया जाता है। यह मुश्किल नहीं है, हर कोई इसे कर सकता है।

इस विधि में न केवल ध्यान चलने पर होता है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए एक एक्ट्रीम पॉवर मिलती है। इस प्रकार के मेडिटेशन में सबसे ज्यादा मायने रखती है आपकी स्पीड, जो बहुत स्लो होनी चाहिए। इसके अलावा इसमें सांस के साथ समन्वय भी बैठाना होता है। हालांकि, बहुत से लोग मानते हैं कि सिटिंग मेडिटेशन की तुलना में वॉकिंग मेडिटेशन ज्यादा अच्छा है, लेकिन चलते हुए ध्यान करने के दौरान आपकी आंखें खुली रहती हैं और ध्यान के दौरान आपको हर कदम पर फोकस करना होता है, जिससे आपकी एकाग्रता बढ़ती है। वॉकिंग मेडिटेशन आपको चलने और सक्रिय ध्यान के स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है।

(और पढ़े – मेडिटेशन क्या होता है , प्रकार और करने के फायदे…)

वॉकिंग मेडिटेशन के फायदे – Benefits of walking meditation in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन के फायदे - Benefits of walking meditation in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन के कई फायदे हैं। वॉकिंग मेडिटेशन हमें आनंद और शांति की ओर ले जाता है। जब हम चलते हैं, तो हमारा सारा तनाव गायब हो जाता है, ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक्त हमारा ध्यान केवल हमारे चलने पर केंद्रित होता है।

चलते हुए ध्यान करने के कई फायदों के बारे में हम आपको नीचे बता रहे हैं:-

  • वॉकिंग मेडिटेशन करने से आपको लंबी दूरी तक चलने के लिए धैर्य रखने में मदद मिलती है।
  • यह हमारी शारीरिक फिटनेस और सहनशीलता को विकसित करता है।
  • वॉकिंग मेडिटेशन को अच्छे से किये जाने पर यह आपकी एकाग्रता में भी सुधार लाता है।
  • गठिया रोग को दूर करने के लिए मेडिटेटिव वॉक बहुत फायदेमंद है।
  • यह हर व्यक्ति को वर्तमान क्षण में जीने में मदद करता है साथ ही जागरूकता भी बढ़ाता है।
  • यह मन को शांति प्रदान करने के साथ मन में एकाग्रता लाने में मददगार है।
  • इस दौरान आप ओम का भी जाप कर सकते हैं। आपको बहुत शांति और खुशी मिलेगी।
  • भोजन के बाद मेडिटेटिव वॉक करने से पाचन क्रिया अच्छी होती है और खाने के बाद यह उनिंदापन को कम करता है।
  • मन और शरीर के बीच संबंध स्थापित करने के लिए वॉकिंग मेडिटेशन बहुत फायदेमंद है।
  • यह नए दृष्टिकोण और विचारों के लिए आपका दिमाग खोलता है।
  • वॉकिंग मेडिटेशन आपको पर्यावरण से अधिक गहराई से जोड़ता है।
  • इमोशन्स और स्ट्रेस को कम करने के लिए वॉकिंग मेडिटेशन अधिक लाभकारी है।
  • वॉकिंग मेडिटेशन करने से आपका स्टैमिना लंबे समय तक बना रहता है। साथ ही शारीरिक शक्ति भी बढ़ती है।
  • वैकल्पिक रूप से चलते हुए ध्यान करने से स्वास्थ्य में काफी सुधार होता है।
  • यह अच्छे स्वास्थ्य निर्माण में आपकी बहुत मदद करता है। चलने से आपके आसन में बदलाव होता है और सकुर्लेशन को भी बढ़ावा मिलता है।
  • मेडिटेटिव वॉक में न आपको केवल चलने पर, बल्कि अन्य मूवमेंट्स पर भी ध्यान देना होता है, इससे आपका मानसिक प्रयास बढ़ता है।
  • एकाग्रता में सुधार करने के लिए वॉकिंग मेडिटेशन बहुत अच्छा है।
  • यदि आप काम में पूरा दिन मन लगाना चाहते हैं, तो सुबह के समय चलते हुए ध्यान करना बहुत अच्छा तरीका है।

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वॉकिंग मेडिटेशन कैसे करें – How to do meditative walk in Hindi

ध्यान रखें, कि साधारण चलना वॉकिंग मेडिटेशन नहीं होता। इसके लिए आपको निर्देशों की आवश्यकता होती है। नीचे हम एक सरल प्रक्रिया के जरिए आपको बता रहे हैं, कि वॉकिंग मेडिटेशन कैसे करना चाहिए।

सबसे पहले एक आदर्श स्थान चुनें

एक लेन या एक मार्ग या आप अपने आंगन को चुनना भी अच्छा विकल्प है। व्यस्त सड़क या उबड़ खाबड़ लेन से बचना सबसे अच्छा है। ऐसी जगह चुनें, जहां आप दस से बीस मिनट चल सकते हों। लेकिन सुनिश्चित करें, कि यह स्थान खाली हो। क्योंकि आपका धीमी गति से चलना उन लोगों को आकर्षित करेगा, जो इस बारे में कुछ नहीं जानते। (और पढ़े – मॉर्निंग वॉक के फायदे और स्वास्थ्य लाभ…)

अब सही ठहराव लें

वॉकिंग मेडिटेशन करने के लिए आपको एक पैटर्न बनाने की जरूरत है। इस तरह आपका मन और शरीर एक निश्चित तरीके से आदी हो जाएगा और आपके लिए ध्यान केंद्रित करना आसान हो जाएगा। 20 से 40 कदम तक चलें और फिर रूक जाएं। अब खड़े रहें और सांस लें। अब फिर से पीछे जाएं और इस प्रक्रिया को दोहराए, जब तक की आप इसके आदी न हो जाएं। (और पढ़े – मेडिटेशन के दौरान ध्यान केंद्रित करने के बेहतर तरीके…)

हर स्टेप का ध्यान रखें

वॉकिंग मेडिटेशन करने के लिए चलने के लिए एक विशेष पैटर्न अपनाएं। आपके द्वारा उठाए जाने वाले हर कदम का अवलोकन करना बेहद महत्वपूर्ण है। चलते समय अलग-अलग घटक होते हैं, जिन्हें देखने की आपको जरूरत होती है। अपने पैरों को उठाने, इसे आगे ले जाने, जमीन पर रखने और अपने पैरों पर जमीन के स्पर्श को महसूस करने जैसे कदमों के बारे में जागरूक रहें। उसी तरह आपको यह भी देखना होगा, कि शरीर का वजन दूसरे पैर पर कैसे जाता है।

अपनी स्पीड को बनाएं रखें

मेडिटेटिव वॉक में आपको फास्ट नहीं, बल्कि थोड़ा आराम से चलना है। जितना आमतौर पर हम चलते हैं, उससे थोड़ा धीमा। लेकिन जिस गति से चल रहे हैं, उसी गति से चलते रहें। बीच-बीच में गति को धीमा या तेज न करें। विशेषज्ञों की सलाह है, कि गति हमेशा धीमी रखें और अच्छे अनुभवों के लिए छोटे-छोटे कदम उठाएं।

अपने हाथों की पोजीशन पर ध्यान दें

जब आप माइंडफुल वॉक के लिए जाते हैं, तो आपको समझ नहीं आता, कि आप अपने हाथों को कैसे रखें। इसे फ्री छोड़ दें , जैसे आप टहलते हैं या फिर इनके लिए कोई विशेष पोजीशन को अपनाएं। वैसे, आपको जो स्थिति आरामदायक लगे, उसे अपनाएं। आप अपने हाथों को पीठ के पीछे रखकर या फिर सामने की ओर लहराते हुए चल सकते हैं।

अपने ध्यान को संतुलित करें

वॉक करते समय फोकस किस जगह रहना चाहिए, ये देखना बेहद महत्वपूर्ण है। अपने ध्यान को संतुलित करें। वॉक करते समय आंखें नीचे की ओर रहनी चाहिए। नीचे का मतलब अपने कदमों में नहीं, बल्कि थोड़ा आगे देखकर चलें। लेकिन वहां पर घूरना नहीं है। बस कैज्युअली देखते जाएंगे और चलते जाएंगे। चलते हुए एक रिदम के साथ आप एक्टिविटी भी कर सकते हैं। अपनी चाल के साथ जोड़कर ये एक्टिविटी कर सकते हैं।

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वॉकिंग मेडिटेशन कितने समय तक करना चाहिए – walking meditation kitne samay tak karna chahiye in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन कितने समय तक करना चाहिए - walking meditation kitne samay tak karna chahiye in Hindi

मेडिटेटिव वॉक कितने समय तक करना चाहिए, ये व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है। शुरूआत में आप पांच मिनट से भी कर सकते हैं और फिर इसे घंटों तक बढ़ा सकते हैं, क्योंकि जब हम बैठकर मेडिटेशन करते हैं, चलते हुए मेडिटेशन उससे ज्यादा लंबे वक्त तक कर सकते हैं।

(और पढ़े – व्यायाम (एक्सरसाइज) के प्रकार, महत्व, करने का तरीका, लाभ और हानि…)

मेडिटेशन वॉक की शुरूआत कैसे करें – How to start walking meditation in Hindi

मेडिटेशन वॉक की शुरूआत कैसे करें - How to start walking meditation in Hindi

सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि मेडिटेशन वॉक शुरू कैसे करें। पहला कदम क्या उठाएं।

सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं, दोनों पैर पर बराबर का वजन डालें और सेंसेशन महसूस करें, कि दोनों पैरों में बराबर का वजन है। तीन से चार लंबी-लंबी सांस लें। यह आपको अपने ऊपर फोकस लाने में मदद करेगी।

इसके बाद अपना फोकस अपने पैरों की तरफ लाना है। इसके बाद अलग-अलग प्रकार की तकनीक का प्रयोग करना है। वैसे, तो एक बार में एक ही तकनीक का यूज करेंगे, लेकिन हम आपको अन्य तकनीकों के बारे में भी बता रहे हैं। आप अपनी इच्छानुसार इनका प्रयोग कर सकते हैं।

दूसरी तकनीक सांसों पर आधारित है। यानि सांस और कदमों को मिलाकर चलें। इसके लिए जानना जरूरी है कि सांस लेने में कितने स्टेप्स होते हैं। सांस लेने की प्रक्रिया में आमतौर पर चार स्टेप होते हैं। पहला जब हम सांस अंदर ले जाते हैं। दूसरा, जब कुछ देर रूकते हैं। तीसरा स्टेप, जब हम सांस छोड़ते हैं और चौथा सांस लेने से छोड़ने के बीच जो वक्त आता है, वो। अगर इन चारों स्टेप्स को बराबर कदम के आधार पर करें।

तीसरी तकनीक है, आपका वॉकिंग पैटर्न। क्लॉकवाइज और एंटी क्लॉक वाइज चलने का भी आप एक तरीका बना सकते हैं। एक पॉश्चर या मुद्रा बना लें। ये मुद्रा बनाकर क्लॉकवाइस राउंड लगाएं और वापस आते समय मुद्रा को एंटीक्लॉक वाइस कर लें। यापि दोनों बारी में मुद्रा अलग-अलग होनी चाहिए।

(और पढ़े – जाने जॉगिंग शुरू करने का सही तरीका…)

5 मिनट की वॉकिंग मेडिटेशन एक्सरसाइज – 5 Minutes Walking Meditation Exercise in Hindi

5 मिनट की वॉकिंग मेडिटेशन एक्सरसाइज - 5 Minutes Walking Meditation Exercise in Hindi

मेडिटेटिव वॉक का समय शुरूआत में केवल पांच मिनट का रखें। अगर आप बिगनर हैं, तो हम आपको इस पांच मिनट की मेडिटटिव एक्सरसाइज को कैसे करना है, इस बारे में बता रहे हैं।

  • सबसे पहले हमें महसूस करना होगा कि 5 मिनट चलने वाला यह ध्यान वह समय है, जो हम खुद को समर्पित कर रहे हैँ।
  • इस व्यायाम को करते हुए आप आरामदायक कपड़े और जूते पहनें।
  • अब हम सही जगह का चुनाव करें। ऐसा पार्क या बगीचा, जहां बहुत ज्यादा लोग या शोर न हो।
  • स्थान चुनने के बाद मानसिक रूप से शुरूआती और आखिरी बिंदु को तय करना होगा।
  • इससे पहले कि हम चलना शुरू करें, कुछ क्षण लें और हमें जो करना है, उस पर ध्यान केंद्रित करें। इसे सेल्फ टॉक कहा जाता है।
  • अब अपने पैरों पर ध्यान लगाएं और महसूस करें, कि वो जमीन को छू रहे हैं।
  • चलना शुरू करने से पहले ध्यान रखें, कि बहुत तेजी से नहीं चलना है। हमें धीरे-धीरे चलते हुए छोटे-छोटे कदम लेने हैं।
  • जब आप चलना शुरू करें, तो हर चाल के बारे में आपको पता होना चाहिए। इस दौरान आपको जमीन और अपने पैरों के बीच संपर्क महसूस होना चाहिए।
  • आप सीधे, शांत और आराम से चलें।
  • इस दौरान अपनी गर्दन और कंधों को ढीला छोड़ें और पेट की मांसपेशियों को भी।
  • चलते समय आप अपने आसपास की प्रकृति को निहार सकते हैं।
  • एक बार जब आप चलना शुरू करें, तो अपने कदमों के साथ श्वास को समन्वयित करें। यानि की जब सांस ले रहे हैं, तो कदम गिनना शुरू करें, जब सांस छोड़ रहे हैं, तो कदम उठा रहे हैं, उसे भी गिनें। अभ्यास के साथ आप महसूस करेंगे, कि प्रत्येक सांस के लिए कदमों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जाएगी।
  • मेडिटेटिव वॉक शुरू करने से पहले और खत्म होने के बाद पानी जरूर पी लें।

(और पढ़े – जानिए वार्म अप क्या होता है करने के तरीके और फायदे…)

वॉकिंग मेडिटेशन करते समय ध्यान रखने वाली बातें – Things to keep in mind while walking meditation in Hindi

वॉकिंग मेडिटेशन करते समय ध्यान रखने वाली बातें - Things to keep in mind while walking meditation in Hindi

पहली बार इसे करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे रोजाना करने पर आपके लिए ये आसान हो जाएगा। कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए मेडिटेटिव वॉक करना आपके लिए बेहद आसान हो जाएगा।

  • हर दिन पैदल चलने वाले रास्तों को बदलें। इससे आप समण् पाएंगे कि आपके लिए कौन सा बेहतर है।
  • चलते हुए ध्यान करने के दौरान अपने शरीर के प्रति अधिक जागरूक रहें।
  • मेडिटेटिव वॉक करते समय अपनी भावनाओं से अवगत रहें।
  • अपनी मानसिक और भावनात्मक अवस्थाओं से अवगत रहें।
  • ध्यान करने के दौरान चेतना की वस्तुओं के प्रति जागरूक रहें।
  • फोकस करने की क्षमता विकसित करें।
  • जब भी आप मेडिटेटिव वॉक करें, वर्तमान में रहें।
  • मेडिटेटिव वॉक करते समय हमेशा अपनी आंखें खुली रखें। वरना आप अनजाने में खुद को चोट पहुंचा सकते हैं।

मेडिटेटिव वॉक करना बहुत कठिन नहीं, बल्कि बहुत आसान है। बैठकर मेडिटेशन करने के बजाए कुछ लोग चलते हुए मेडिटेशन करना ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें अवेयरनेस बनी रहती है और हम खुद में ज्यादा इन्वॉल्व हो जाते हैं। चलते हुए भौतिक शरीर की क्रियाएं भी एक्टिव हो जाती हैं और कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।

(और पढ़े – स्वस्थ और फिट रहने के लिए अपनी दिनचर्या में क्या शामिल करें…)

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