गठिया (आर्थराइटिस) कारण लक्षण और वचाब – Arthritis causes symptoms and treatment in hindi

गठिया (आर्थराइटिस) कारण लक्षण और वचाब – Arthritis causes symptoms and treatment in hindi
Written by Ganesh

Arthritis in hindi आर्थराइटिस या गठिया जिसे संधिशोथ भी कहा जाता है आजकल बुजुर्गों से लेकर जवान लोगो तक हर किसी को अपनी चपेट में लेते जा रहा है आपके शरीर के जोड़ों में सूजन उत्पन्न होने पर गठिया होता है या आपके जोड़ों में उपास्थि (कोमल हड्डी) टूट हो जाती है तब येसा होता है। शरीर के जोड़ ऐसे स्थल होते हैं जहां दो या दो से अधिक हड्डियाँ एक दूसरे से मिलती हैं जैसे कि कूल्हे या घुटने की हड्डियाँ। उपास्थि जोड़ों में गद्दे की तरह होती है जो दबाव से उनकी रक्षा करती है और क्रियाकलाप को सहज बनाती है। इस लेख में आप जानेगे  आर्थराइटिस या गठिया के लक्षण, आर्थराइटिस के कारण और गठिया से वचाब के उपाय के बारें में।

जब किसी जोड़ में उपास्थि भंग (cartilage breaks) हो जाती है तो आपकी हड्डियाँ एक दूसरे के साथ रगड़ खातीं हैं, इससे दर्द, सूजन और ऐंठन उत्पन्न होती है। सबसे सामान्य तरह का गठिया हड्डी का गठिया (osteoarthritis) हातेा है।

इस तरह के गठिया में, लंबे समय से उपयोग में लाए जाने अथवा व्यक्ति की उम्र बढ़ने की स्थिति में जोड़ घिस जाते हैं। जोड़ पर चोट लग जाने से भी इस प्रकार का गठिया हो जाता है। हड्डी का गठिया अक्सर घुटनों (knees), कूल्हों (hips) और हाथों (hands) में होता है।

जोड़ों में दर्द और स्थूलता शुरु  हो जाती है। समय-समय पर जोड़ों के आसपास के ऊतकों में तनाव होता है और उससे दर्द बढ़ता है। आर्थराइटिस उस समय भी हो सकता है जब प्रतिरोधक क्षमता (immune system) प्रणाली, जो आमतौर से शरीर को संक्रमण से बचाती है, शरीर के ऊतकों पर वार कर देती है। इस प्रकार की गठिया में रियुमेटॉयड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis) सबसे सामान्य गठिया होता है। इससे जोड़ों में लाली आ जाती है और दर्द होता है और शरीर के दूसरे अंग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं, जैसे कि हृदय, पेशियाँ, रक्त वाहिकाएँ, तंत्रिकाएं और आँखें।

गठिया के लक्षण –  Arthritis symptoms in Hindi

  • जोड़ों में दर्द गठिया का सबसे आम लक्षण है।
  • जोड़ स्थिर नहीं रहते हैं या ऐसा महसूस होता है कि यह सहारा नहीं दे पायेगे।
  • जोड़ बड़े हो जाते हैं या सूज़न आ जाती है।
  • अक्सर सुबह के समय जोड़ो में अकड़न होना भी गठिया के लक्षण होते है ।
  • जोड़ का उपयोग ना कर पाना या उपयोग करने में कठिनाई होना ।
  • आपके जोड़ के आसपास गर्माहट।
  • जोड़ के आसपास की त्वचा पर लालीपन।

इन लक्षणों के आलावा रियुमेटॉयड आर्थराइटिस के अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। यदि आप के कोई ऐसे लक्षण हो जिनसे आपको तकलीफ या चिंता होती है, तो अपने चिकित्सक से मिले और इन लक्षणों के बारें में बात करें।

गठिया की जांच – Arthritis test in hindi

आपके डॉक्टर आपके स्वास्थ्य के बारे में आपसे कुछ सवाल करेगें और आपके जोड़ की स्थति को  देखेगें। डॉक्टर ब्लड टेस्ट, एक्स-रे या दर्द वाले जोड़ के आसपास के द्रव का कुछ नमूना की जाँच लिए कह सकते हैं।

गठिया का इलाज – Arthritis treatment in hindi

आर्थराइटिस का इलाज निम्न पर निर्भर है:

  • गठिया का कारण क्या है।
  • आपको कौन से जोड़ों में दर्द है।
  • आपके जोड़ के दर्द की मात्रा क्या है।
  • आर्थराइटिस आपकी दैनिक गतिविधियों को किस प्रकार प्रभावित करता है।
  • आपकी आयु क्या है।
  • आपका क्या कार्य करते है।

आपका चिकित्सक ये सुझाव दे सकता है – your doctor may suggest

  • दर्द और सूजन नियंत्रित करने के लिए दवाएँ।
  • शारीरिक या पेशेवर थेरेपी।
  • बाथटब या टॉयलेट के लिए सहायक उपाय जैसे कि डंडी या पकड़ने वाली छड़।
  • यदि आपका वजन जादा है तो वजन कम करना।
  • पुराने की जगह नया जोड़ लगाने के लिए सर्जरी।

गठिया से बचने के उपाय – arthritis prevention in hindi

  • आपके इलाज रूप में, आपको जरूरत पड़ सकती है:
  • क्रिया और जोड़ की शक्ति में सुधार के लिए व्यायाम।
  • अच्छे विकल्पों में टहलना (walking),  तैरना (swimming), साईकिल चलाना,  नृत्य करना (dancing), शक्ति परीक्षण (strength training) और शरीर के हल्के खिंचाव वाले व्यायाम (stretching exercises) शामिल हैं।
  • दर्द और सूजन पर नियंत्रण के लिए गर्म या ठंडे पानी का प्रयोग।
  • उन स्थितियों और गतिविधियों से बचना जिनसे आपके दर्दयुक्त जोड़ों पर अतिरिक्त ज़ोर पड़ता हो।
  • किसी एक स्थिति में अधिक लंबे समय तक रहने से बचना।

गठिया को सही करने के लिए फिजियोथेरेपी – Physiotherapy for arthritis in hindi

फिजियोथेरेपी गति और लचीलेपन की सीमा को बढ़ाने के साथ ही पैर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। फिजियोथेरेपिस्ट रोग का पूरी तरह मूल्यांकन करने के पश्चात, रोगी की हालत, उम्र और जीवन शैली के अनुसार एक व्यक्तिगत व्यायाम कार्यक्रम का सुझाव देते हैं।

गठिया रोग का आयुर्वेदिक उपचार – Arthritis treatment in ayurveda in hindi

  1. शुरूआती दौर में गठिया पर सही आहार और उचित उपचार द्वारा आराम पाया जा सकता है आर्थराइटिस रोग के कुछ आयुर्वेदिक उपचार भी हैं जो इसके दर्द को कम करते हैं आइये जानते है गठिया रोग का आयुर्वेदिक उपचार क्या है
  2. मालिश आर्थराइटिस में बहुत ही लाभदायक होती है मालिश के लिए आप जैतून का तेल इस्तेमाल करने तो अधिक लाभ प्राप्त होगा
  3. सुबह के समय आलू का तुरंत निकला गया रस और पानी की बराबर मात्रा का सेवन आर्थराइटिस में लाभदायक होता है
  4. अदरक का सेवन गठिया में फायदेमंद होता है आप प्रतिदिन 5 से 30 ग्राम अदरक का सेवन कर सकते है (और पढ़े – अदरक के फायदे, औषधीय गुण, उपयोग और नुकसान)
  5. अरंडी के तेल को दर्द वाले स्थान पर लगाने और मालिश करने से गठिया रोग जल्दी ठीक हो जाता है
  6. उचित और संतुलित आहार जिसमे विटामिन सी, जस्ता और कैल्शियम जैसे तत्व पाए जाते हो का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए
  7. स्टीम बाथ लेने से आर्थराइटिस रोग में आराम प्राप्त होता है (और पढ़े –
  8. स्टीम बॉथ के इन बड़े फायदों को जानते हैं आप)मधुमख्खी का डंक आर्थराइटिस को होने से रोकता है अनुसंधान के अनुसार मधुमक्खी के डंक से जलन और पीड़ा कम होती है, लेकिन कोई भी अनुसंधान यह साबित नहीं करता कि कितने डंक जोड़ों की पीड़ा कम कर सकते हैं। ऐसा उन लोगों का मानना है जो मधुमक्खी पालते हैं, और जो अपने कार्य के दौरान मधुमक्खियों के कई डंकों का शिकार होते हैं।

गठिया के लिए रामदेव योग – Ramdev yoga for arthritis in hindi

योग को अपनाकर आप गठिया के लक्षणों को कम कर सकते है यहाँ हम आपको 7 सबसे असरदार योग आसन के बारें में जानकारी दे रहे है जो आर्थराइटिस और अन्य प्रकार के जोड़ो के दर्द को कम करने में लाभदायक साबित होते है

  1. Virasana
  2. Malasana
  3. Makarasana
  4. Utthita Parsvakonasana
  5. Parsvottanasana
  6. Trikonasana
  7. Garudasana

इन आसन को किसी योग गुरु की देखरेख में करना सही माना जाता है यदि आप पहले से योग का अभ्यास करते आ रहे है तो आप इन आसन को घर पर ही कर सकते है

आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए यदि – You should go to the doctor immediately if

  • आपके जोड़ों में असहनीय तेज दर्द हो।
  • जोड़ में बहुत ज़्यादा सूजन हो।
  • आपको जोड़ हिलाने में अचानक परेशानी हो रही हो।
  • जोड़ के आसपास की त्वचा लाल या गर्म महसूस हो।
  • यदि आपको अन्य कोई कारण हों जिससे आपको चिंता होती है।

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1 Comment

  • जोड़ों में असहनीय तेज दर्द ह।
    •जोड़ में बहुत ज़्यादा सूजन हो।
    जोड़ हिलाने में अचानक परेशानी हो रही हो।
    •जोड़ के आसपास की त्वचा लाल या गर्म महसूस हो।
    •यदि आपको अन्य कोई कारण हों जिससे आपको चिंता होती है।

    I mentioned all the problem on the top in comment box, kindly do the needful.

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