सोरायसिस कारण लक्षण और निदान – Psoriasis Causes Symptoms and Treatment In Hindi

सोरायसिस कारण लक्षण और निदान - Psoriasis Causes Symptoms and Treatment In Hindi
Written by Anamika

सोरायसिस जिसे अंग्रेजी में Psoriasis कहते हैं, एक चर्म रोग हैं! सोरायसिस घुटनों और कोहनी को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है लेकिन यह हाथ, पैर, गर्दन, सिर और चेहरे सहित शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है। सोरायसिस के कुछ ही प्रकार ऐसे हैं जो नाखून, मुंह और जननांगों के आसपास की त्वचा को प्रभावित करते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको सोरायसिस होने के कारण, सोरायसिस के लक्षण, सोरायसिस का निदान और सोरायसिस के इलाज के बारे में भी बताएंगे।

सोरायसिस क्या है – What is psoriasis in Hindi

त्वचा संबंधी सोरायसिस एक बीमारी है जो त्वचा के कोशिकाओं के ज्यादा बढ़ जाने के कारण होती है। ये कोशिकाएं नीचे से बढ़ती हैं फिर त्वचा की पूरी परत को घेर लेती हैं। जब कोशिकाएं विकसित हो जाती हैं तो इसके कारण इसकी नमी भी खत्म हो जाती है और त्वचा की परत रूखी हो जाती है। इसके बाद इस परत में सूजन, लालिमा और कभी-कभी जलन भी उत्पन्न हो जाती है। इनकी पूरी प्रक्रिया लगभग एक महीने की अवधि तक होती रहती है। आमतौर पर सोरायसिस देखने में मोटे और बिल्कुल लाल चकत्ते जैसा होता है। कभी-कभी इन चकत्तों में दरारें पड़ जाती हैं और फिर इसमें से खून भी निकलने लगता है।

सोरायसिस होने के कारण Causes of  Psoriasis in Hindi

त्‍वचा में सोरायसिस होने के कारण का अभी तक पूरी तरह से पता नही लगाया जा सका है। लेकिन यह हमारे शरीर में टी कोशिकाओं और अन्य श्वेत रक्त कोशिकाओं के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली से संबंधित समस्या है, जिसे न्यूट्रोफिल कहा जाता है।

टी कोशिकाएं आमतौर पर वायरस एवं बैक्टीरिया जैसे बाहरी पदार्थों से बचाव के लिए शरीर में विचरण करती रहती हैं। लेकिन जब कोई व्यक्ति सोरायसिस से पीड़ित हो जाता है तो यही टी कोशिकाएं गलती से स्वस्थ त्वचा पर हमला करना शुरू कर देती हैं जिससे की त्वचा पर चकत्ते पड़ने शुरू हो जाते हैं।

सोरायसिस होने के कारण में ये अधिक सक्रिय होने के कारण टी कोशिकाएं स्वस्थ त्वचा के उत्पादन को बढ़ा देती हैं जिससे कि अधिक टी कोशिकाएं और सफेद रक्त कोशिकाओं विशेषरूप से न्यूरोफिल का निर्माण हो जाता है। इसकी वजह से त्वचा गर्म हो जाती है और लाल पड़ने लगती है। लेकिन सोरायसिस होने के कारण के पीछे सिर्फ टी कोशिकाएं ही जिम्मेदार नहीं हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस रोग के पीछे आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारक भी जिम्मेदार होते हैं।

  • यदि आप गले के अलावा त्वचा के इंफेक्शन से पीड़ित हैं तो ये सोरायसिस होने के कारण हो सकते है।
  • त्वचा पर कोई घाव जैसे त्वचा कट जाना, मधुमक्खी काट लेना या धूप में त्वचा झुलसने पर भी यह रोग हो सकता है।
  • सोरायसिस होने का एक कारण तनाव, धूम्रपान और अधिक शराब का सेवन भी है
  • शरीर में विटामिन डी कम होने एवं उच्च रक्तचाप के लिए कुछ दवाइयां खाने से भी यह रोग होता है।
  • इसके अलावा यदि आपके घर में कोई व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है तो यह समस्या आपको भी हो सकती है।

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सोरायसिस के लक्षण – Symptoms of psoriasis in Hindi

त्‍वचा संबंधी समस्‍या या सोरायसिस के लक्षण प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई पड़ते हैं। यह लक्षण इस बात पर भी निर्भर करते हैं कि व्यक्ति को किस तरह की सोरायसिस है। सोरायसिस त्वचा के बहुत ही छोटे स्थान को घेरता है जैसे की सिर या कोहनी या शरीर का अन्य कोई हिस्सा।

सोरायसिस के मुख्य लक्षण ये हैं

हालांकि यह कतई जरूरी नहीं है कि सोरायसिस से पीड़ित व्यक्ति में इनमें से ही कुछ लक्षण दिखें। जो व्यक्ति कम सामान्य प्रकारं के सोरायसिस से पीड़ित होते हैं उनमें कुछ अलग तरह के लक्षण दिखाई देते हैं।

ज्यादातर व्यक्ति सोरायसिस के लक्षणों के एक पूरे चक्र से गुजरते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति में ये लक्षण कुछ दिनों या फिर कुछ हफ्तों तक दिखाई देते हैं और फिर गायब हो जाते हैं और पहचान में नहीं आते हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद ये लक्षण दोबारा से दिखाई देने लगते हैं। लेकिन कभी-कभी ये लक्षण पूरी तरह समाप्त भी हो जाते हैं।

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सोरायसिस का निदान – Diagnosis of psoriasis in Hindi

आमतौर पर शरीर की जांच और बायोप्सी के जरिए डॉक्टर सोरायसिस का पता लगाते हैं।

शारीरिक परीक्षण में डॉक्टर मरीज के शरीर पर उभरे लक्षणों को देखकर इस बीमारी का पता लगाते हैं। इस दौरान डॉक्टर पीड़ित व्यक्ति के प्रभावित त्वचा की अच्छे से जांच करते हैं। लेकिन इस दौरान मरीज को यह भी बताना होता है कि उसके परिवार में कोई व्यक्ति सोरायसिस से ग्रस्त था या नहीं। यह बताने से डॉक्टर का काम आसान हो जाता है।

अगर इस बीमारी के लक्षण स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाते हैं तो डॉक्टर मरीज की त्वचा का एक छोटा सा सैंपल लेते हैं और फिर परीक्षण करते हैं, इसे बायोप्सी कहा जाता है। इस त्वचा को लैब में भेजा जाता है जहां माइक्रोस्कोप से इसकी जांच की जाती है। इसमें यह स्पष्ट पता चल जाता है कि व्यक्ति किस प्रकार के सोरायसिस से पीड़ित है।

सोरायसिस के इलाज Treatments of psoriasis in Hindi

त्‍वया संक्रमण असुविधाजन होने के साथ ही कई बार लोगों में शर्मिंदगी का भी कारण बन सकता है। हालांकि सोरायसिस इतनी गंभीर समस्‍या नहीं है कि इसका उपचार नहीं किया जा सकता है। यदि आप भी सोरायसिस से परेशान हैं तो घबराएं नहीं। क्‍योंकि सोरायसिस के घरेलू और प्राकृतिक उपाय भी होते हैं। जिन्‍हें अपनाकर आप सोरायसिस जैसी त्‍वचा संबंधी समस्‍या से आ‍सानी से निपट सकते हैं। आइए जाने सोरायसिस का घरेलू इलाज किस प्रकार किया जा सकता है।

सोरायसिस के इलाज में हल्दी उपयोगी – Try turmeric for treating psoriasis in Hindi

त्वचा के रोगों के इलाज में हल्दी बहुत ही असरदार होती है। हल्दी सोरायसिस से उपजे सूजन को कम करती है। आप चाहें तो हल्दी का सेवन भोजन के माध्यम से या फिर गोली के रूप में कर सकते हैं। इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। माना जाता है कि डेढ़ से तीन ग्राम हल्दी का रोजाना उपयोग करने से सोरायसिस के लक्षणों से बचा जा सकता है।

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सोरायसिस के इलाज के लिए लाइट थेरेपी – Light therapy for psoriasis treatment in Hindi

इस थेरेपी में डॉक्टर मरीज की त्वचा के ऊपर पराबैंगनी प्रकाश डालते हैं। इस थेरेपी की आवश्यकता मरीज को जल्दी से जल्दी इस रोग से छुटकारा दिलाने के लिए किया जाता है। सोरायसिस के इलाज में यह प्रक्रिया हमेशा डॉक्टर की देखरेख में होनी चाहिए अन्यथा सूर्य का अधिक प्रकाश त्वचा को हानि पहुंचा सकता है।

सोरायसिस से बचने के लिए तनाव कम लें Reduce stress to prevent psoriasis in Hindi

त्‍वचा मे होने वाले सोरायसिस की एक मुख्य वजन तनाव भी है। तनाव इस बीमारी के लक्षणों को और गंभीर बना सकता है इसलिए जितना संभव हो तनाव से बचें और योग एवं मेडिटेशन करें।

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सोरायसिस से बचने के लिए गंध से दूर रहें – Avoid fragrances to prevent psoriasis in Hindi

ज्यादातर साबुन और परफ्यूम में डाई और केमिकल होते हैं जो कभी-कभी त्वचा में जलन पैदा कर देते हैं। इनकी खूशबू भले ही अच्छी हो लेकिन ये सोरायसिस को ज्यादा बढ़ा देते हैं। अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है तो ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचें।

ऊपर आपने जाना सोरायसिस होने के कारण, सोरायसिस के लक्षण, सोरायसिस का निदान और सोरायसिस के इलाज कैसे किया जाता है।

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