अल्जाइमर डिजीज क्या है What is Alzheimer’s Disease in hindi

अल्जाइमर डिजीज क्या है What is Alzheimer's Disease in hindi
Written by Ganesh

अल्जाइमर डिजीज क्या है What is Alzheimer’s Disease in hindi: अल्जाइमर एक प्रकार का मानसिक रोग होता है। सलाहकार न्यूरो मनोचिकित्सक डॉ के के शर्मा बताते हैं कि अल्जाइमर रोग पर कई फल्में बनी हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में भी इसके बारे में बात की जाती है। आमतौर पर लगों की धारणा होती है कि अल्जाइमर एक भूलने की बीमारी है जो लोगों को उमर बढ़ने के साथ हो ही जाती है। क्षेत्रीय बोली में कहा भी जाता है कि बुढ़ापे में सठिया गए हैं। लेकिन डॉक्टर शर्मा के अनुसार यह धारणा पूरी तरह से गलत है। भूल जाने की आदत जिमेंशिया से पूरी  तरह अलग है और अल्जाइमर रोग डिमेंशिया के अंतर्गत ही आता है।

साधारण तौर पर होने वाली भूलने की बीमारी के लक्षण डिमेंशिया के लक्षणों से पूरी तरह से अलग होते हैं। जैसे साधारण तौर पर होने वाली भूलने की समस्या से उलट अल्जाइमर के रोगियों के व्यवहार में बदलाव होने लगता है। अल्जाइमर के रोगियों में मानसिक बदलाव होने लगते हैं। तो अगर किसी व्यक्ति को 50 से 60 साल की आयु के बीच भूलने की अधिक समस्या हो रही है तो इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और एक बार मनोचिक्त्सक को दिखा लेना चाहिए ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि अल्जाइमर है या नहीं।

क्योंकि अल्जाइमर के बढ़ जाने की स्थिति में इलाज मुश्किल होता है, शुरुआती दौर में ही इसे पकड़ लेने से इसके विकास को रोका जा सकता है। देखा गया है कि जानकारी के अभाव में रोगी अकसर देर से डॉक्टर के पास जाते हैं और तब तक स्थिति काफी गंभीर हो चुकी होती है। तो बेहतर होता है कि शुरुआती लक्षम दिखाई देने पर ही डॉक्टर से संपर्क कर इसका इलाज कराया जाए।

अल्जाइमर डिजीज के शुरुआती लक्षण

Alzheimer एक तरह की भूलने की बीमारी है, जो सामान्यत बुजुर्गो में होती है। इस बीमारी से ग्रस्‍त व्‍यक्ति की याद्दाश्‍त धीरे-धीरे कम होने लगती है। अल्‍जाइमर के शुरुआती लक्षणों में व्‍यक्ति थोड़ी-थोड़ी बातें भूलना शुरु करता है। जैसे लोगों का नाम, पता या नंबर, खाना, अपना ही घर, दैनिक कार्य, बैंक संबंधी कार्य, एक ही नित्य क्रिया तक भूलने लगता है। इसके अलावा एक ही सवाल को बार-बार पूछना, आसान गिनती न कर पाना, भूख का ध्यान न रहना, हर समय तनाव में रहना, रिश्तेदारों के नाम भूलना और स्वभाव में बदलाव आना जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। अक्सर मरीज के परिजन इस रोग के लक्षणों को वृद्धवस्था की स्वाभाविक परिस्थितियां मानने लगते हैं। लेकिन यह ऐसा नहीं होता।

अल्जाइमर का सीधा संकेत बताते हैं ये 10 लक्षण –  symptoms of Alzheimer’s in hindi

Alzheimer’s Disease अल्जाइमर रोग  रोग ‘भूलने का रोग’ है। इस बीमारी के लक्षणों में याददाश्त की कमी होना, निर्णय न ले पाना, बोलने में दिक्कत आना तथा फिर इसकी वजह से सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं की गंभीर स्थिति आदि शामिल हैं। रक्तचाप, मधुमेह, आधुनिक जीवनशैली और सर में कई बार चोट लग जाने से इस बीमारी के होने की आशंका बढ़ जाती है। अमूमन 60 वर्ष की उम्र के आसपास होने वाली इस बीमारी का फिलहाल कोई स्थायी इलाज नहीं है। हालांकि बीमारी के शुरूआती दौर में नियमित जांच और इलाज से इस पर काबू पाया जा सकता है। हम आपको 10 ऐसे संकेत के बारे में बता रहे हैं, जो अल्‍जाइमर रोग होने की ओर इशारा करते हैं।

याददाश्त की कमी

नाम भूलना, चीजों को गुमा देना, अपने नियोजनों को भूलना, शब्दों को याद ना रख पाना, चीजों को सीखने में और उन्हें याद रखने में कठिनाई होना एक आम बात हो जाती है। तीव्र उन्माद के कारण आपकी पूरी दीर्घकालिक और अल्पकालिक स्मृति का नाश हो सकता है, अतः आप अपने प्रियजनों, रिश्तेदारों या दोस्तों को पहचानने में भी असमर्थ हो सकते हैं।

किसी चीज का निर्णय न ले पाना

आप में तर्क करने की क्षमता नहीं रहती, आप विकल्पों के बीच निर्णय नहीं ले पाते। उदाहरण के लिए, अगर गर्मी का मौसम है, तो आरामदायक सूती कपड़ा पहनने का निर्णय लेने के बजाह आप सर्दियों वाला मोटा जैकेट पहन लेंगे।

शारीरिक ताल-मेल की समस्याएं

शरीर पर नियंत्रण ना होने के कारण आप गिर सकते हैं तथा खाना पकाने में, ड्राइविंग करने में या घर के अन्य कामों को पूरा करने में भी आपको कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अगर उन्माद बहुत तीव्र हो जाए तो आप अपने रोज मरोज के काम जैसे नहाना, कपड़े पहनना, तैयार होना, खाना खाना, शौचालय जाने जैसे काम भी बिना किसी सहायता के नहीं कर पाएंगे।

तार्किक क्षमता में कमी

इस बीमारी के कारण अक्षरों और अंकों को पहचानना कठिन हो सकता है और हिसाब करने में मुश्किलें आ सकती हैं। आपको अपने व्यक्तिगत वित्तों को व्यवस्थित करने में भी मुश्किलें आएंगी।

समय, तारीख और जगह का भूलना

आपको दिन, तारीख और समय भी याद नहीं रहता और परिचित लोगों को तथा स्थानों को पहचानने में भी असक्षम हो सकते हैं। आप अपने घर का पता भी भूल सकते हैं, आप कहा रहते हैं, या काम करते हैं, या फिर चलते चलते ही रास्ता भूल सकते हैं।

बोलने में परेशानी

आप शायद एक भाषा भी ठीक से ना बोल पाएं, अपनी बातों को शब्दों में ना व्यक्त कर पाएं या आपको बातों को या लिखित अक्षरों को समझने में कठिनाई हो सकती है।

पर्सनैलिटी में बदला

आप बेवजह बहुत आक्रमक, चिंतित या संदिग्ध हो सकते हैं। सामाजिक तौर पर आप एक आम व्यक्ति ही रहते हैं, पर अचानक आपके व्यक्तित्व में ये बदलाव आते हैं, और जब आप इसे बाहर निकलते हैं आप फिर से एक शांत व्यक्ति बन जाते हैं।

व्यव्हार में बदलाव

आपके बर्ताव में बदलाव नज़र आता है, आपका मिजाज एकदम से बदल जाता है, बेवजह आपको गुस्सा आ जाता है। आप अनुचित व्यवहार प्रकट कर सकते हैं, आप उत्तेजित होकर लोगों के साथ बुरा व्यवहार भी कर सकते हैं।

भ्रम की स्थिति

आप लोगों को, जानवरों को या अन्य ऐसी चीजों को देखेगें या सुनेंगे जो वहां थी ही नहीं। भ्रम, अयथार्थता का कारण बन सकता है, उदाहरण के लिए अपने मृत पिता को देखना और यह मानना कि वह जीवित है जबकि वह मर चुकें हैं।

पागलपन की स्थिति

आप बेवजह दूसरों की मंशा पर शंक करने लगते हैं। अत्यधिक चिंता और भय के कारण व्यक्ति में उन्माद बढ़ता है। इसके कारण भम्र बढ़ता है और आप भावुक, संदिग्ध, चिड़चिड़े, अंतर्मुखी, उदास, जिद्दी, ईर्ष्या, स्वार्थी, एकांतप्रिय और कड़वे स्वभाव के हो जाते हैं।

इन लक्षणों की मदद से आप पता लगा सकते है की कही आप अल्जाइमर रोग के सिकार तो नहीं हो रहे है, और एडी आपको एसा लगता है की कुछ लक्षण आपसे मिलते है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने की जरुरत है|

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