एनल सेक्स (गुदामैथुन) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव – Bad Effects Of Anal Sex in Hindi




एनल सेक्स (गुदामैथुन) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव - Bad effects of anal sex in hindi
Written by Daivansh

anal sex in hindi एनल सेक्स के बुरे प्रभाव, गुदामैथुन जिसे एनल सेक्स के नाम से जाना जाता है एक प्रकार का सेक्स होता है जिसमें लिंग को योनि (Vagina) की बजाए गुदा (anal) में प्रवेश कराया जाता है। अगर हम इसे सरल शब्दों में समझना चाहे तो गुदा में लिंग को डालकर संभोग करने की प्रक्रिया को ही गुदामैथुन या एनल सेक्स कहा जाता है। आज हम आपको इस लेख में बताएंगे एनल सेक्स के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव क्या है (Bad effects of anal sex in hindi) और किस प्रकार इनसे बचा जा सकता है।

ज्यादातर लोग इसके बारे में बात नहीं करते लेकिन आज कल देखा गया है कि गुदामैथुन में लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है और लोग इसका आनंद भी उठा रहे हैं। लेकिन यदि आप गुदामैथुन (anal sex) करने की सोच रहे हैं तो आपको इसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों (negative side effects of anal sex in hindi) को जानना आवश्यक है।

क्या होता है गुदामैथुन – What Is Anal Sex in Hindi

क्या होता है गुदामैथुन – what is anal sex in hindi

प्राकृतिक सेक्स वह होता है जिसमें पुरुष अपने लिंग को महिला की योनि में प्रवेश करता है जबकि गुदामैथुन में इसके विपरीत लिंग को महिला या पुरुष की गुदा में प्रवेश कराया जाता है गुदामैथुन में जरूरी नहीं कि लिंग (penis) का ही प्रयोग हो इसके लिए उंगली या अन्य किसी वस्तु (Dildo) को भी इस्तेमाल किया जाता है आपको यह जानना बहुत जरूरी है की गुदामैथुन योनि की भांति आसान नहीं होता और ऐसे करने से बहुत सारे खतरे भी होते हैं।

एनल सेक्स को होमोसेक्सुअल कपल ही नहीं बल्कि हेट्रोसेक्सुअल कपल भी करना पसंद करते हैं कुछ पुरुष सेक्स का अधिक आनंद पाने (Get more pleasure) के लिए एनल सेक्स करना पसंद करते हैं इसलिए यदि आप भी एनल सेक्स को ट्राई करना चाह रहे हैं तो अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए इस में की जाने वाली गलतियों से बचें आइए जानते हैं एनल सेक्स के बुरे प्रभाव (negative side effects of anal sex in hindi ) क्या है।

(और पढ़ें – गुदा मैथुन या एनल सेक्स करने के फायदे)

गुदा मैथुन के नुकसान – Side Effects Of Anal Sex in Hindi

गुदा मैथुन के नुकसान – side effects of anal sex in Hindi

एनल सेक्स के नुकसान जानने के लिए आपको गुदा (anal) के बारे में जानकारी होना आवश्यक है गुदाद्वार शरीर का एक हिस्सा होता है जो कि एक पाइप की तरह होता है और मल को त्यागने का कार्य करता है खुदा की मांसपेशियां अत्यधिक टाइट होती हैं और उनमें किसी भी प्रकार का लुब्रिकेंट नहीं निकलता आइए जानते हैं गुदामैथुन के नुकसान क्या है और गुदा मैथुन के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव क्या है।

(और पढ़ें – जानिए एनल सेक्स यानि गुदा मैथुन करने से होने वाले नुकसान)

गुदा में नहीं होती प्राकृतिक चिकनाई No Natural Lube in The Anus in Hindi

योनि संभोग (Vaginal sex) करते समय योनि की दीवारों में प्राकृतिक चिकनाई (Natural lube) उत्पन्न होती है। जिससे कि संभोग के दौरान योनि और लिंग दोनों को सुरक्षा प्रदान होती है और अधिक घर्षण नहीं होता। इसके विपरीत गुदा में प्राकृतिक चिकनाई उत्पन्न नहीं होती जिसकी वजह से गुदा और पेनिस के बीच अधिक घर्षण उत्पन्न होता है जिससे पेनिस में चोट आने की संभावना अधिक होती है साथ ही साथ गुदा में भी घाव होने के चांस होते हैं। इसलिए यदि आप गुदामैथुन करने के बारे में सोच रहे हैं तो उसके पहले आप किसी प्राकृतिक लुब्रिकेंट या चिकनाई युक्त पदार्थ का उपयोग जरूर करें ताकि गुदा में होने वाली जलन से बच पाएं।

(और पढ़ें – सेक्स लुब्रिकेंट प्रकार उपयोग की जानकारी)

एनल सेक्स से गुदाद्वार को नुकसान पहुंचानाAnal Sex To Damage The Anus in Hindi

अगर आप एनल सेक्स करते हैं तो गुदाद्वार की त्वचा को आसानी से चोट पहुंच सकती है। क्योंकि खुदा की कोशिकाएं बहुत ही टाइट होती हैं और वह जल्दी ही टूट सकती हैं जिसके कारण आपको दर्द के साथ-साथ संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गुदाद्वार की मांसपेशियां प्राकृतिक तौर पर फैलने और सिकुड़ने के लिए उतनी अधिक तैयार नहीं होती जितनी कि योनी की होती हैं इसलिए गुदामैथुन करते समय जल्दबाजी ना करें और धीरे-धीरे इसकी शुरुआत करें ताकि गुदा में किसी प्रकार की चोट उत्पन्न ना हो।

(और पढ़े – ज्यादा सेक्‍स करने से योनी में ढीलापन बढ़ता है? जाने क्या है अन्दर की बात)

गुदामैथुन में होता है यौन संचारित रोग होने का खतराRisk Of Having Sexually Transmitted Diseases in Anal Sex in Hindi

यौन संचारित रोग (STD) जो कि मुख्य यौन क्रिया के द्वारा उत्पन्न होते हैं गुदामैथुन या एनल सेक्स किए जाने पर इनके होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है STD जिनमें मुख्यता है गोनोरिया क्लैमाइडिया जैसे रोग आते हैं इसमें शामिल होते हैं कई शोधों में यह बात सामने आई है कि एनल सेक्स करने पर यौन संचारित रोग होने की संभावना 30% तक बढ़ जाती है जिसमें एचआईवी एड्स सबसे प्रमुख यौन संचारित रोग है।

(और पढ़ें – यौन रोग के प्रकार और आयुर्वेदिक उपचार)

ऐनल सेक्स से भीतरी ऊतकों को होता है नुकसान – Anal Sex Can Anal Tissue Damage in Hindi

ऐनल सेक्स से भीतरी ऊतकों को होता है नुकसान - Anal Sex Can anal tissue damage in hindi

जब आप एनल सेक्स करते हैं तो आपके गुदा के अंदरूनी भाग उतने सुरक्षित नहीं होते जितने कि इसके बाहरी होते हैं जब आप अपने लिंग को गुदा में प्रवेश कराते हैं तो इससे आपके लिंग के ऊतक और गुदा के ऊतकों को नुकसान पहुंचाने के चांस काफी अधिक हो जाते हैं।

एनल सेक्स से बढ़ सकता है कैंसर का खतराAnal Sex Can Increase Cancer Risk in Hindi

अध्ययन से यह मालूम हुआ है कि गुदा के कैंसर का खतरा एनल सेक्स करने वालों में अधिक होता है क्योंकि यह कई प्रकार से गुदा को प्रभावित करता है

अमेरिकी कैंसर सोसाइटी के मुताबिक गुदा के अंदर बहुत ही पतली झिल्ली पाई जाती हैं जिसके कारण इन्हें चोट पहुंचने पर कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस से सबसे अधिक गुदा कैंसर होता है।

एनल सेक्स में अधिक होता है एड्स का खतरा – Anal Sex Can Increase AIDS Risk in Hindi

एनल सेक्स में अधिक होता है एड्स का खतरा - Anal Sex Can Increase AIDS risk in hindi

यदि गुदा सेक्स मैं सुरक्षा का ध्यान ना रखा जाए तो एड्स जैसी खतरनाक बीमारियां होने के चांस बहुत अधिक होते हैं अध्ययन से पता चला है कि एचआईवी योनि की तुलना में गुदामैथुन के द्वारा 30 परसेंट अधिक तेजी से फैल रहा है इसलिए गुदा मैथुन करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

(और पढ़े – HIV एड्स के शुरुआती लक्षण जो आपको पता होने चाहिए)

एनल सेक्स से मल रोकने में होती है कठिनाईAnal Sex is Struggling to Stop Stool in Hindi

जब आप बार-बार एनल सेक्स करने लगते हैं तो आपके गुदा में मल को रोक कर रखने की क्षमता कम हो जाती है क्योंकि खुदा की मांस पेशियों को फैलने और से करने की आदत हो जाती है जिससे वह मन रोकने की क्षमता को कुछ हद तक खो देती हैं इससे बचने के लिए आपको कीगल एक्सरसाइज को करना चाहिए जो कि आपकी गुदा की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है साथ ही साथ यह जल्दी स्खलन को रोकने में भी बहुत ही कारगर होती है।

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गुदामैथुन में होता है अधिक दर्द – More Pain Occurs In Anal Sex in Hindi

जैसा कि आप समझते हैं योनि सेक्स और गुदा सेक्स दोनों में दर्द का अनुभव की बात की जाए तो गुदामैथुन में दर्द अधिक होता है क्योंकि गुदाद्वार छोटा होता है और उसमें प्राकृतिक चिकनाई भी नहीं होती इसलिए जब भी आप एनल सेक्स करें तो अधिक दर्द ना झेलें अगर आप एनल सेक्स के दौरान अधिक दर्द सहन करते हैं तो बाद में आपको गुदा में सूजन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

(और पढ़ें – गुदा मैथुन से जुड़े मिथक और तथ्य)

एनल सेक्स से हो सकता है पेनिस को नुकसान – Anal Sex May Damage Penis in Hindi

सेक्स करते समय पेनिस में खून का संचार बहुत अधिक मात्रा में होता है जिससे उस में कड़ापन उत्पन्न होता है जब आप गोदाम में पेनिट्रेशन करते हैं तो आप अपने लिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि उस समय आप इतने उत्तेजित होते हैं कि आपको यह एहसास नहीं होता कि आप अपने लिंग में कितना घर्षण सहन कर पा रहे हैं गुदा मैथुन के बाद आपके लिंग में सूजन और लिंग का टेढ़ा होना जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है इनसे बचने के लिए आपको अधिक चिकनाहट का उपयोग एनल सेक्स करते समय करना चाहिए।

(और पढ़ें – लिंग (पेनिस) के बारे में रोचक तथ्य)

गुदा मैथुन करते समय क्यों आता है आनंद Why Anal Sex Comes In Pleasure in hindi

जैसा कि आपने ऊपर जाना गुदामैथुन धीरे-धीरे लोगों में प्रचलित होता जा रहा है इसके फायदे कम और नुकसान अधिक हैं फिर भी यदि इससे कुछ सावधानियों के साथ किया जाए तो यह पुरुष और महिला दोनों के लिए आनंद की अनुभूति कराने वाला होता है आइए समझते हैं कि किस प्रकार गुदामैथुन करने पर आनंद की प्राप्ति होती है।

  • गुदा मैथुन करने से पुरुषों को आनंद की प्राप्ति प्रोस्टेट जो कि एक पौरुष ग्रंथि होती है मैं आनंद की प्राप्ति होती है यह ग्रंथि गुदा के अत्यधिक निकट पाई जाती है।
  • पुरुषों को इसे करने में आनंद आता है क्योंकि इसमें पेनिस पर अधिक टाइटनेस महसूस होती है।
  • जबकि स्त्रियों में गुदामैथुन का आनंद इसलिए आता है क्योंकि खुदा पर बहुत सारी तंत्रिकाएं आकर समाप्त होती हैं और जब एक साथ इन में घर्षण उत्पन्न होता है तो एक अलग ही आनंद की अनुभूति होती है।

(और पढ़ें – प्रोस्टेट स्वास्थ्य में सुधार के तरीके )

गुदा मैथुन करते समय सावधानियां – Precautions While Having Anal Intercourse in Hindi

यदि आप एनल सेक्स करने का मन बना चुके हैं तो आपको इसे करने से पहले इसके बारे में कुछ सावधानियों को जानना आवश्यक है। आइए जानते हैं कि गुदा मैथुन करते समय किन सावधानियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

जब भी आप गुदामैथुन करने जाएं तो आप अपने पास किसी वॉटर बेस लुब्रिकेंट को रखें ताकि आप एनल सेक्स के दौरान होने वाले अत्यधिक घर्षण से बच पाएं। जिससे आप दोनों अपने गुप्त अंगों में होने वाले नुकसान को कम कर सकेंगे।

प्रत्येक बार गुदामैथुन की शुरुआत धीरे-धीरे करें और हो सके तो पहले गुदा में उंगली को प्रवेश कराएं और उसके बाद लिंग को धीरे-धीरे गुदा में प्रवेश कराएं। जिससे आप एनल सेक्स का भरपूर आनंद ले सकेंगे।

हमेशा एनल सेक्स करते समय आपको कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए इससे आप यौन संचारित रोगों से बच पाएंगे और अपने लिंग को चोटिल होने से भी बचा पाएंगे।

एनल सेक्स करने से पहले आपको गर्म पानी से स्नान और मल त्याग करना चाहिए। ऐसा करने से आपका गुदा साफ हो जाएगा और इससे गुदा में रहने वाले बैक्टीरिया भी कम हो जाएंगे

यदि आप एनल सेक्स के साथ ही वजाइनल सेक्स भी करते हैं तो आपको अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है। जब भी आप इस प्रकार से वजाइनल सेक्स के बाद एनल सेक्स करें तो हमेशा नए कंडोम का उपयोग करें जिससे आप वजाइना में होने वाले इंफेक्शन से बच सकते हैं।

एनल सेक्स और गर्भावस्था का संबंध – Relationship To Anal Sex And Pregnancy in Hindi

अधिकतर लोग मानते हैं कि एनल सेक्स से गर्भावस्था के चांस नहीं होते और यह कुछ हद तक सही भी होता है। क्योंकि अगर आप गुदा के अंदर स्पर्म को छोड़ते हैं तो इससे प्रेगनेंसी के चांस नहीं होते। लेकिन यदि आपके स्पर्म गुदा से बहकर योनि के अंदर चले जाते हैं तो महिला गर्भवती हो सकती है इसलिए यह कहना सही नहीं होगा की गुदा मैथुन करने से गर्भ नहीं ठहरता। खासकर जब आप महिला के साथ एनल सेक्स करते हैं तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आपका स्पर्म किसी भी प्रकार से महिला की वजाईना तक ना पहुंच पाए जिससे आप अनचाहे गर्भ से बच सकें।

(और पढ़े – क्या पीरियड में प्रेगनेंसी होने के चांस होते हैं)

एनल सेक्स का इतिहास – History Of Anal Sex in Hindi

एनल सेक्स का इतिहास - History of anal sex in hindi

आपको बता दें कि एनल सेक्स आज जो लोगों में एक नया विषय है उसका इतिहास बहुत ही पुराना है वात्सायन जिन्होंने कामसूत्र की रचना की है गुदामैथुन को संभोग का एक प्रकार बताया है गुदामैथुन का भारतीय समाज में उतना अधिक प्रचलन नहीं है भारतीय महिलाये गुदा मैथुन के लिए कम राजी होती है और इसे सही भी नहीं माना जाता इसलिए यदि आप गुदा मैथुन के बारे में सोच रहे हैं और एनल सेक्स करने की तैयारी में है तो अपने आप को पूरी तरह इसके लिए उत्तेजित कर लें तथा किसी चिकनाई की व्यवस्था भी कर लें ताकि आप अपने एनल सेक्स को पूरी तरह से आनंदमय बना सकें और उसे दर्द रहित कर पाएं और ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखना बहुत ही आवश्यक है क्योंकि गुदा मैथुन के समय सावधानियां ना रखने पर इसके खतरनाक परिणाम या बुरे प्रभाव प्राप्त हो सकते हैं।

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