मुंह के छाले के कारण लक्षण व घरेलू उपचार – Mouth Ulcers Causes, Symptoms And Treatment In Hindi

मुंह के छाले का कारण लक्षण व घरेलू उपचार - Mouth Ulcers Causes, Symptoms And Treatment In Hindi
Written by Sourabh

Mouth Ulcers in Hindi मुंह के छाले होना सामान्य बात है। मुंह के छाले, मुंह और मसूड़ों में मौजूद वह दर्दनाक क्षेत्र होते हैं, जो बोलने और भोजन करने में असुविधा का कारण बनते हैं, उन्हें कैंकर सोर्स (Canker Sores) के रूप में भी जाना जाता है। मुंह में छाले होने को बीमारी तो नहीं कह सकते, लेकिन यह बीमार होने के लक्षण जरूर हैं। अधिकतर स्थितियों में मुंह के छाले बेहद दर्दनाक हो सकते हैं और सम्बंधित व्यक्तियों के लिए खाना खाने, पानी पीने और दांतों को ब्रश करने आदि कार्यों में मुश्किल पैदा कर सकते हैं। धूम्रपान और अम्लीय भोजन मुंह के छाले को अधिक गंभीर बना सकता है। ज्यादातर लोगों के लिए, मुंह के छाले 2 सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं। मुंह के छाले से छुटकारा पाने के लिए घरेलू इलाज काफी प्रभावी होते हैं।

आज के इस लेख में आप जानेगें कि मुंह में छाले क्या हैं, इनके होने के कारण, लक्षण, जांच, इलाज और बचाव के बारे में।

  1. मुंह के छाले क्या हैं – What Is Mouth Ulcers In Hindi
  2. मुंह के छाले का कारण – Mouth Ulcers Causes In Hindi
  3. मुंह के छाले के प्रकार – Mouth Ulcer Types In Hindi
  4. मुंह के छाले के लक्षण – Mouth Ulcers Symptoms In Hindi
  5. मुंह के छाले के जोखिम कारक – Mouth Ulcers Risk Factors In Hindi
  6. मुंह में छाले होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है – When To See A Doctor For Mouth Ulcers In Hindi
  7. मुंह के छाले का निदान – Mouth Ulcers diagnosis In Hindi
  8. मुंह में छाले का इलाज – Mouth Ulcers Treatment In Hindi
  9. मुंह में छाले का घरेलू उपचार – Mouth Ulcers Home Remedies In Hindi
  10. मुंह के छालों से बचाव – Mouth Ulcers Prevention In Hindi
  11. मुंह के छाले में परहेज – Mouth Ulcer Avoid In Hindi

मुंह के छाले क्या हैं – What Is Mouth Ulcers In Hindi

मुंह के छाले क्या हैं – What Is Mouth Ulcers In Hindi

मुंह के छाले (Oral Ulcers) को कैंकर सोर्स (Canker Sores) या एफ्थस अल्सर (Aphthous Ulcers) के नाम से भी जाना जाता है। मुंह के छाले सामान्य रूप से मुंह, आंतरिक गाल या होंठ तथा मसूड़ों में विकसित छोटे, दर्दनाक घाव होते हैं। मुंह के छाले सामान्य रूप से खाना खाने, पेय पदार्थों का सेवन करने तथा ब्रश करने में कठिनाई पैदा कर सकते हैं। यहां तक कि मुंह के छाले बोलने में भी परेशानी का कारण बन सकते हैं। यह बहुत ही आम समस्या है, जो लगभग सभी को प्रभावित करती है। हालांकि ज्यादातर मुंह के छालों का इलाज आसान होता है।

मुंह के छाले आमतौर पर अस्थायी और असंक्रामक होते हैं, तथा 1 से 2 सप्ताह के अंदर अपने आप ठीक हो जाते हैं। यदि मुंह के छाले बार-बार पुनरावृत्ति करते हैं, तथा नियमित रूप से 2 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहते हैं, तो इस स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि मुंह के छाले की पुनरावृत्ति अधिक गंभीर समस्या का संकेत हो सकती है।

(और पढ़ें – मुंह के छाले का इलाज और घरेलू उपाय)

मुंह के छाले का कारण – Mouth Ulcers Causes In Hindi

मुंह के छालों का सटीक कारण अभी भी अज्ञात है, तथा प्रत्येक व्यक्ति के लिए इसके कारण भिन्न हो सकते हैं। डॉक्टर और अन्य शोधकर्ताओं के अनुसार कुछ सामान्य कारण और कारक ज्ञात हैं, जो मुंह के छालों के उत्पन्न होने का कारण बन सकते हैं, इसमें शामिल हैं:

  • धूम्रपान करना।
  • खट्टे फल और अन्य अम्लता युक्त खाद्य पदार्थ जैसे- स्ट्रॉबेरी, चकोतरा, अनानास, चॉकलेट। और कॉफी इत्यादि का सेवन अधिक मात्रा में करना।
  • गर्भावस्था, मासिक धर्म और रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनल परिवर्तन।
  • उच्च मसालेदार भोजन का सेवन करना।
  • सोडियम लॉरिल सल्फेट युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से।
  • तनाव, चिंता या नींद की कमी के कारण।
  • बीटा ब्लॉकर्स और दर्द निवारक दवाओं के सेवन से।
  • आवश्यक विटामिन और खनिज की कमी, (विशेष रूप से विटामिन बी12, जिंक, फोलेट, और आयरन) के कारण।
  • मुंह के बैक्टीरिया से एलर्जी संबंधी प्रतिक्रिया के परिणामस्वरूप।
  • खेल के दौरान चोट, डेंटल वर्क और अधिक मात्रा में ब्रश करने के दौरान मुंह और मसूड़ों में चोट लगने से।

इसके अतिरिक्त कुछ स्वास्थ्य स्थितियों और बीमारियों के कारण भी मुंह के छाले उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे:

  • सीलिएक (Celiac Disease) या क्रोहन रोग (Crohn’s Disease) के कारण।
  • अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative Colitis) की स्थिति में।
  • विटामिन बी12 या आयरन की कमी के कारण।
  • Behcet’s Disease, जो मुंह सहित पूरे शरीर में सूजन का कारण बनती है
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली से संबन्धित स्थितियां, इत्यादि।

(और पढ़ें – विटामिन बी 12 की कमी को पूरा करने के लिये खाएं ये खाद्य पदार्थ)

मुंह के छाले के प्रकार – Mouth Ulcer Types In Hindi

मुंह के छाले के लक्षणों के आधार पर अल्सर के प्रकार को वर्गीकृत किया गया है। मुंह के छाले मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं, इसमें शामिल है:

हेरपेटीफॉर्म अल्सरेशन – Herpetiform Ulceration

हेरपेटीफॉर्म अल्सर, एफ्थस अल्सर (Aphthous Ulcers) का एक उपप्रकार हैं और इस प्रकार के मुंह के अल्सर (Mouth Ulcers) को हेरपेटीफॉर्म अल्सर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि वे हर्पीस से संबन्धित घावों के समान होते हैं। हालांकि हर्पीस के समान हेरपेटीफॉर्म अल्सरेशन संक्रामक नहीं है। हेरपेटीफॉर्म अल्सरेशन बहुत जल्दी ठीक हो जाता है।

(और पढ़ें – मुंह का कैंसर क्या है, कारण, लक्षण, जांच, इलाज और रोकथाम)

माइनर अल्सर – Minor Ulcers

इस प्रकार के अल्सर का आकार लगभग 2 मिलीमीटर से लेकर 8 मिलीमीटर तक हो सकता है। इस प्रकार के मुंह के छाले को ठीक होने में समान्यतः 2 सप्ताह का समय लग सकता है और इस स्थिति में बहुत मामूली दर्द होता है। माइनर अल्सर, लाल किनारे वाले अंडाकार आकार के होते हैं।

मेजर अल्सर – Major Ulcers

इस प्रकार के मुंह के छाले माइनर अल्सर की अपेक्षा बड़े और अनियमित या गोल आकार में होते हैं। माइनर अल्सर की तुलना में इस प्रकार के अल्सर ऊतक में अधिक गहराई तक फैले होते हैं। मेजर अल्सर को ठीक होने में कई सप्ताह का समय लग सकता हैं तथा यह स्कार टिशू (Scar Tissue) का कारण बन सकते हैं।

मुंह के छाले के लक्षण – Mouth Ulcers Symptoms In Hindi

अधिकांश मुंह के छाले (Oral Ulcers) या कैंकर सोर्स (Canker Sores) लाल रंग की परिधि के साथ गोल या अंडाकार आकार के केंद्र में सफेद या पीले रंग के होते हैं। मुंह के छाले मुख्य रूप से मुंह के अंदर गाल या होंठ में, जीभ के नीचे, मसूड़ों के आधार पर उत्पन्न हो सकते हैं। मुंह के छाले उत्पन्न होने से एक या दो दिन पहले प्रभावित क्षेत्र में झुनझुनी या जलन महसूस हो सकती है। मुंह के छाले की अधिक गंभीर स्थिति में कुछ व्यक्तियों को बुखार, आलस्य (Sluggishness) और ग्रंथियों में सूजन (Swollen Glands) का अनुभव हो सकता है। प्रकारों के आधार पर मुंह के छालों से सम्बंधित लक्षण निम्न है:

माइनर अल्सर (Minor Ulcers) के सबसे आम लक्षणों में निम्न को शामिल किया जाता है:

  • आमतौर पर इनका आकर छोटा होता है।
  • यह लाल किनारे वाले अंडाकार होते हैं।
  • यह एक से दो सप्ताह में पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं।

मेजर अल्सर (Major Ulcers) बहुत कम देखने को मिलते हैं, इससे सम्बंधित लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • यह माइनर अल्सर की तुलना में बड़े और गहरे होते हैं।
  • यह गोल आकर के होते हैं।
  • यह बेहद दर्दनाक हो सकते हैं।
  • इन्हें ठीक होने में 6 सप्ताह तक का समय लग सकता है।
  • यह ठीक होने के बाद व्यापक निशान छोड़ सकते हैं।

हेरपेटीफॉर्म (Herpetiform) मुंह के छाले से सम्बंधित लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • यह बहुत छोटे आकार (Pinpoint Size) के होते हैं।
  • यह अक्सर 10 से 100 घावों (Sores) के समूह के रूप में उत्पन्न होते हैं।
  • यह मुंह के किसी भी भाग में देखे जा सकते हैं।
  • इन्हें ठीक होने के लिए 10 या इससे अधिक दिनों का समय लग सकता है।
  • यह बेहद दर्दनाक मुंह के अल्सर के रूप में प्रगट होते हैं।
  • इस प्रकार के अल्सर की बहुत जल्दी पुनरावृत्ति हो सकती है, इत्यादि।

(और पढ़ें – जीभ पर छाले होने का कारण, लक्षण और घरेलू उपचार)

मुंह के छाले के जोखिम कारक – Mouth Ulcers Risk Factors In Hindi

किसी भी व्यक्ति के मुंह में छाले हो सकते है। यह समस्या महिलाओं में बहुत आम है, लेकिन यह किशोरियों और युवा वयस्कों को भी अधिक प्रभावित करती है। मुंह के छालों का पारिवारिक इतिहास इस समस्या का प्रमुख जोखिम कारक बनता है। कुछ व्यक्तियों में अल्सर स्वास्थ्य स्थिति या पोषण संबंधी कमी के परिणामस्वरूप भी विकसित हो सकते हैं।

मुंह में छाले होने पर डॉक्टर को कब दिखाना है – When To See A Doctor For Mouth Ulcers In Hindi

मुंह के छाले आमतौर पर अस्थायी होते हैं, तथा 1 से 2 सप्ताह में बिना उपचार के ठीक हो सकते हैं, लेकिन यह दर्द और असुविधा का कारण बन सकते हैं। यदि मुंह के छाले बिना किसी समस्या के 2 सप्ताह से अधिक समय तक रहते हैं, या मुंह के छाले नियमित रूप से पुनरावृत्ति करते हैं, तो यह स्थिति अधिक गंभीर समस्या की ओर संकेत हो सकता है। अतः इस स्थिति में चिकित्सा सहायता प्राप्त करने के लिए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसके अतिरिक्त मुंह के छाले की निम्न स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए:

  • जब छाले आकार में बड़े हों।
  • खाने या पीने में अत्यधिक कठिनाई का अनुभव होने पर।
  • मुंह के छालों के साथ तेज बुखार आने पर।
  • दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक स्थायी घाव बने रहने पर, इत्यादि।

मुंह के छाले का निदान – Mouth Ulcers diagnosis In Hindi

मुंह के छालों का निदान करने के लिए किसी विशेष टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती है। डॉक्टर एक दृश्य परीक्षण के माध्यम से मुंह के छालों का निदान करने में सक्षम होते हैं। यदि मरीज को बार-बार मुंह के छाले की समस्या उत्पन्न होती है, तो अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए कुछ विशेष परीक्षण किये जा सकते हैं।

मुंह में छाले का इलाज – Mouth Ulcers Treatment In Hindi

अधिकांश मामलों में मुंह के छाले बिना किसी उपचार प्रक्रिया के ठीक हो जाते हैं। लेकिन, यदि किसी व्यक्ति को बार बार मुंह के छाले होते हैं या मुंह के छाले बहुत दर्दनाक होते हैं, तो डॉक्टर की मदद से इस स्थिति का उपचार प्राप्त किया जा सकता है। एक फार्मासिस्ट (Pharmacist) या दन्त चिकित्सक जल्द से जल्द मुंह के छाले का इलाज करने, संक्रमण को रोकने या दर्द को कम करने के लिए निम्न उपचार की सिफारिश कर सकता है, जैसे कि:

  • एंटीमाइक्रोबियल (रोगाणुरोधी) माउथवॉश (Antimicrobial Mouthwash)।
  • एक दर्द निवारक माउथवॉश जैसे कि जेल या स्प्रे।
  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड मीठी गोलियां (Corticosteroid Lozenges)।
  • ओवर-द-काउंटर बेन्जोकाइन (Benzocaine) उत्पाद जैसे- ओराजेल (Orajel) या अनबसोल (Anbesol)
  • फोलिक एसिड, विटामिन बी-6, विटामिन बी-12, और जस्ता जैसे पोषक तत्व युक्त सप्लीमेंट, इत्यादि की सिफारिश की जा सकती है।

(और पढ़ें – विटामिन बी12 के फायदे स्रोत और स्वास्थ्य लाभ)

मुंह में छाले का घरेलू उपचार – Mouth Ulcers Home Remedies In Hindi

मुंह के छालों का प्रभावी घरेलू इलाज करने के लिए निम्न घरेलू उपचार अपनाये जा सकते हैं:

  • खारे पानी और बेकिंग सोडा युक्त पानी से कुल्ला करें।
  • छालों पर केवल शहद या शहद और हल्दी का पेस्ट लगायें।
  • मुंह के छालों पर बेकिंग सोडा पेस्ट लगायें।
  • मुंह के छालों पर बर्फ लगायें।
  • सूजन और अल्सर के कारण होने वाली परेशानी को कम करने के लिए नारियल का तेल उपयोग करें।
  • प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा जेल लगायें।
  • ठंडे पानी से कुल्ला करें।
  • ठंडी कैमोमाइल चाय और मुलेठी जड़ (Licorice Root) जैसे प्राकृतिक उपचार का उपयोग छालों को दूर करने में किया जा सकता है।

(और पढ़ें – मुलेठी पाउडर के फायदे त्वचा के लिए)

मुंह के छालों से बचाव – Mouth Ulcers Prevention In Hindi

मुंह के छालों (Mouth Ulcers) से बचने या इनकी रोकथाम के लिए निम्न उपाय अपनाये जाने चाहिए जैसे:

  • अच्छी मौखिक स्वच्छता को बनाये रखें।
  • नियमित रूप से स्वस्थ आहार का सेवन सेवन करें।
  • विटामिन बी, विटामिन सी और जस्ता का उचित मात्रा में सेवन करें।
  • तनाव की स्थिति से दूर रहें।
  • धूम्रपान न करें।
  • पर्याप्त नींद लें और आराम करें।
  • कोमल ब्रशिंग (Gentle Brushing) या कोमल-बाल वाले ब्रश का उपयोग करें।
  • नरम खाद्य पदार्थ का सेवन करें।
  • नियमित रूप से डेंटल चेक-अप कराएँ।
  • साबुत अनाज और क्षारीय (Nonacidic) फल और सब्जियां का सेवन करें।

(और पढ़ें – हमें सोना क्यों जरूरी है और आपको कितने घंटों की नींद चाहिए)

मुंह के छाले में परहेज – Mouth Ulcer Avoid In Hindi

मुंह के छाले की स्थिति से पीड़ित व्यक्ति के लिए निम्न खाद्य पदार्थों से परहेज करने की आवश्यकता होती है, जैसे कि:

  • बहुत मसालेदार, नमकीन या अम्लीय भोजन का सेवन न करें।
  • टोस्ट या चिप्स जैसे कठोर, कुरकुरे भोजन का सेवन न करें।
  • बहुत गर्म या अम्लीय पेय का सेवन न करें।
  • च्युइंग गम का उपयोग न करें।
  • सोडियम लॉरेल सल्फेट (Sodium Lauryl Sulphate) युक्त टूथपेस्ट का उपयोग न करें।
  • अनानास, अंगूर, संतरे या नींबू जैसे अम्लीय फलों का सेवन न करें।
  • नट्स, चिप्स, टोस्ट जैसे सख्त और कुरकुरे खाद्य पदार्थों से परहेज करें।

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1 Comment

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