प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता – Pregnancy Fifth Week In Hindi
गर्भावस्था

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता – Pregnancy Fifth Week In Hindi

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता – Pregnancy Fifth Week In Hindi

गर्भावस्था का पांचवा हफ्ता हर मां बनने वाली महिला के लिए बेहद खास होता है। यही वो हफ्ता होता है जब यह कन्फर्म हो जाता है कि महिला प्रेगनेंट है। सिर्फ इतना ही नहीं शरीर में भी मां बनने के लक्षण दिखने लगते हैं। पांचवें हफ्ते में पेट नहीं निकलता लेकिन महिला को शरीर में भारीपन महसूस होता है जिससे मां बनने की एक अलग ही तरह की खुशी होती है। प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में ही ज्यादातर महिलाएं अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार को खुशखबरी देती हैं। पीरियड मिस होने के बाद प्रेगनेंसी कन्फर्म हो जाने पर महिला वह हर आहार लेना शुरू कर देती है जो एक हेल्दी प्रेगनेंसी के लिए जरुरी होता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते (Pregnancy Fifth week in Hindi) के बारे में बताएंगे।

विषय सूची

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं? – 5 Weeks Pregnant Is How Many Months in Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में आप कितने महीने की गर्भवती हैं? - 5 Weeks Pregnant Is How Many Months in Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में प्रेगनेंसी की पहली तिमाही (First trimester) में हैं यानी कि आप अपनी प्रेगनेंसी का पहला महीना (Pregnancy First month) पूरा करके दूसरे महीने में पहुंच चुकी हैं। अभी आपकी प्रेगनेंसी के 35 हफ्ते यानी लगभग 245 दिन बचे हैं। प्रेगनेंसी के 40 हफ्ते यानी कुल 9 महीने पूरे करने के बाद आप अपने बच्चे को जन्म देंगी।

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता कैसे शुरू होता है – How To Start 5th Week of Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता कैसे शुरू होता है – How To Start 5th Week of Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में भ्रूण (Fetus) गर्भाशय (Uterus) में पूरी तरह प्रत्यारोपित हो चुका होता है और अब ओवरी (Ovary) में नए अंडे बनने बंद हो जाते हैं। यह वो समय होता है जब महिला का पीरियड (Period) रुक जाता है और शरीर में एचसीजी और प्रोजेस्टेरोन जैसे प्रेगनेंसी हार्मोन का लेवल बढ़ने लगता है। सिर्फ इतना ही नहीं ज्यादातर महिलाओं के गर्भधारण की पुष्टि प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में ही होती है। चूंकि गर्भावस्था का पांचवा हफ्ता बेहद अहम होता है और भ्रूण अपनी विभिन्न परतों से शिशु के अंगों का निर्माण शुरु कर देता है इसलिए महिलाओं को अपने शरीर में अजीब तरह की बेचैनी और बदलाव देखने को मिलता है।

हालांकि प्रेगनेंसी के हर हफ्ते कुछ लक्षण (symptoms of pregnancy) बदलते रहते हैं और धीरे-धीरे प्रेगनेंट महिला की बॉडी को इन लक्षणों की आदत होने लगती है। इस तरह प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते से भ्रूण का क्रमिक विकास शुरु हो जाता है।

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते के लक्षण – 5th Week Pregnancy Symptoms In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते के लक्षण - 5th Week Pregnancy Symptoms In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में शरीर में तेजी से बदलाव होते हैं और एक साथ कई तरह के लक्षण नजर आते हैं। दरअसल, 5 वीक प्रेगनेंसी के दौरान एचसीजी  (human chorionic gonadotropin-HCG) और प्रोजेस्टेरोन (progesterone) जैसे प्रेगनेंसी हार्मोन पीक पर होते हैं जिसके कारण शरीर में गर्भावस्था के शुरुआती लक्षण दिखने शुरु हो जाते हैं। प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में निम्न लक्षण दिखायी देते हैं:

बार बार पेशाब आना (frequent urination)

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता शुरु होते ही गर्भवती महिला की किडनी पेट और यूटेरस फैल जाता है जिसके कारण ब्लैडर पर दबाव भड़ने लगता है। इससे प्रेगनेंट महिला को बार-बार पेशाब का अनुभव होता है। गर्भावस्था के दौरान पेशाब को रोकना नहीं चाहिए अन्यथा ब्लैडर इंफेक्शन (Bladder infection) हो सकता है।

(और पढ़े – महिलाओं को बार बार पेशाब आने के कारण, लक्षण, जांच, इलाज और उपाय…)

अधिक लार आना (Excess saliva)

पांचवे सप्ताह के गर्भावस्था में पेट में बेचैनी के कारण मुंह में अधिक लार बनता है। प्रेगनेंसी के कारण शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं जो किसी न किसी रुप में नजर आते हैं। मुंह में अधिक मात्रा में लार बनने का कारण प्रेगनेंसी हार्मोन ही है। इसे कंट्रोल करने के लिए च्यूइंगम चबाना चाहिए।

थकान (fatigue)

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते के लक्षण में प्रेगनेंसी हार्मोन प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ने लगता है जिसके कारण तेज थकान महसूस होती है और अधिक नींद आती है। इसके अलावा बच्चे को खून की सप्लाई करने के लिए बॉडी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है जिससे थकान महसूस होती है। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही तक महिला को थकान होती है।

(और पढ़े – महिलाओं की कमजोरी के कारण, लक्षण और दूर करने के उपाय…)

स्तन बड़े होना (Breast enlargement)

पांचवें सप्ताह के गर्भावस्था में प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण ब्रेस्ट बड़े हो जाते हैं और निपल का रंग गहरा हो जाता है। इस दौरान ब्रेस्ट में दर्द भी होता है और सूजन (tender breast) भी नजर आती है।

सिरदर्द और मूड स्विंग (Mood swings)

हार्मोनल उतार चढ़ाव के कारण गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते के लक्षण में सिरदर्द होता है और पूरे दिन मूड स्विंग रहता है। हालांकि कुछ महिलाओं को सिर दर्द जैसे लक्षण प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते बाद नजर आते हैं।

मितली और उल्टी (Nausea and vomiting)

गर्भावस्था के दौरान होने वाली मितली और उल्टी को मॉर्निंग सिकनेस (morning sickness) कहा जाता है। गर्भधारण के बाद ये लक्षण नजर आने लगते हैं। कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के पूरे 9 महीनों तक मॉर्निंग सिकनेस होती है।

(और पढ़े – प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षण…)

प्रेगनेंसी के पांचवे हफ्ते में ऐंठन – 5 Weeks Pregnant Cramping In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवे हफ्ते में ऐंठन - 5 Weeks Pregnant Cramping In Hindi

पांच सप्ताह की गर्भवती महिला के शरीर में ऐंठन और सूजन (cramping And swelling) जैसे लक्षण नजर आते हैं। 5 वीक की प्रेगनेंसी में एग इंप्लांट होने के कारण गर्भाशय में खिंचाव आ जाता है। ऐसी स्थिति में छिंकने, खांसने और उठने बैठने की पोजिशन बदलने से ऐंठन और बढ़ जाती है। पांचवे हफ्ते की प्रेगनेंसी में सामान्य ऐंठन तो ठीक है लेकिन यदि ऐंठन या क्रैम्पिंग गंभीर हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

(और पढ़े – गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) में होने वाली समस्याएं और उनके उपाय…)

5 वीक प्रेगनेंसी में स्पॉटिंग – 5 Weeks Pregnant Spotting In Hindi

5 वीक प्रेगनेंसी में स्पॉटिंग - 5 Weeks Pregnant Spotting In Hindi

गर्भावस्था के पांचवे हफ्ते में हल्की ब्लीडिंग होती है जिसे स्पॉटिंग कहते हैं। जब पीरियड रुक जाता है और भ्रूण गर्भाशय से अटैच होता है तो इस दौरान कुछ महिलाओं को स्पॉटिंग या इंप्लांटेशन ब्लीडिंग (Implantation bleeding) होती है। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही तक इस तरह की स्पॉटिंग होती रहती है।

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा होता है – How Big Is A Baby At 5 Weeks Pregnant In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में बच्चा कितना बड़ा होता है – How Big Is A Baby At 5 Weeks Pregnant In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में बच्चे की साइज (Baby size in fifth week of pregnancy) सेब के बीज या शीशम सीड या टैडपोल की तरह होती है। पांचवें सप्ताह के गर्भावस्था में बच्चा सिर से लेकर नितंब तक 0.118 इंच यानी 3 मिमी का होता है। इस दौरान बच्चे का आकार छोटा जरुर होता है लेकिन वह तेजी से बढ़ता है और छठें हफ्ते में उसकी साइज दोगुनी हो जाती है। यह प्रेगनेंसी का सबसे एक्साइटिंग टाइम माना जाता है।

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में पेट निकलना – 5 Weeks Pregnant Belly In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में पेट निकलना – 5 Weeks Pregnant Belly In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में पेट नहीं बढ़ता है बल्कि पहले की तरह सामान्य ही दिखायी देता है। 5 वीक की प्रेगनेंसी में आपके गर्भ में पल रहे शिशु का आकार बहुत छोटा होता है जिसके कारण पेट में कोई बदलाव नजर नहीं आता है। हां यह जरुर होता है कि प्रेगनेंसी हार्मोन के कारण पेट में सूजन हो जाती है जिससे पेट फुला हुआ (Stomach bloating) नजर आता है। हालांकि यह देखने में प्रेगनेंसी के लक्षण जैसा नहीं लगता है।

(और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक परिवर्तन…)

पांचवें हफ्ते की प्रेगनेंसी में भ्रूण का विकास – Pregnancy 5 Week Baby Development In Hindi

पांचवें हफ्ते की प्रेगनेंसी में भ्रूण का विकास - Pregnancy 5 Week Baby Development In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में बच्चे के विकास की कल्पना करना थोड़ा मुश्किल है लेकिन पांचवें हफ्ते में भ्रूण का विकास बहुत तेजी से होता है। इसे एम्ब्रियोनिक पीरियड (Embryonic period) या भ्रूणीय काल कहा जाता है क्योंकि इस समय बच्चे के शरीर की संरचनाएं बनने लगती हैं। दरअसल, गर्भ में पल रहे भ्रूण एक्टोडर्म, मेसोडर्म और इंडोडर्म इन तीन परतों वाला होता है जिससे विभिन्न अंग डेवलप होते हैं।

आइये जानते हैं 5 वीक प्रेगनेंसी के दौरान भ्रूण का विकास कैसे होता है (Pregnancy 5 week Baby Development in Hindi)।

  • साइज: 5 वीक प्रेगनेंसी में भ्रूण का आकार अनाज के छोटे दाने के बराबर या उससे एक चौथाई इंच कम होता है।
  • हृदय: गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में भ्रूण का सर्कुलेटरी सिस्टम डेवलप हो जाता है और हार्ट बीट बनने लगती है। अल्ट्रासाउंड से भ्रूण का हार्ट बीट डिटेक्ट किया जा सकता है। हालांकि पांचवें हफ्ते की प्रेगनेंसी में भ्रूण का हार्ट रेट बहुत धीमा होता है लेकिन हफ्ते दर हफ्ते यह बढ़ता जाता है।
  • मस्तिष्क: प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में न्यूरल ट्यूब बनना शुरू हो जाता है और बाद में यह रीढ़ की हड्डी, मस्तिष्क और प्रमुख तंत्रिकाओं का निर्माण करता है।
  • लिवर: 5वें सप्ताह की प्रेगनेंसी में भ्रूण के लिवर में ब्लड सेल्स बनने लगते हैं।
  • किडनी: किडनी भी गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में ही बनती है।
  • उंगलिया: भ्रूण की छोटी छोटी उंगलियों का निर्माण होता है।
  • चेहरा: पांचवें हफ्ते के गर्भावस्था में बच्चे के चेहरे का निर्माण होता है जो सरीसृप की तरह लगता है।
  • आंखें और लिम्ब: इन दोनों अंगों का निर्माण भी प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में होता है।
  • प्लेसेंटा: पांचवें सप्ताह में प्लेसेंटा बनता है जो बच्चे को पोषक तत्व प्रदान करने का कार्य करता है।
  • आंत: भ्रूण की गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक और रक्त वाहिकाएं विकसित होती है।

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में भ्रूण के ये सभी अंग महज आकार लेते हैं और प्रेगनेंसी के 9 महीनों तक इन अंगों का विकास होता है।

(और पढ़े – गर्भ में शिशु का विकास महीने दर महीने…)

प्रेगनेंसी के 5वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड – 5 Weeks Pregnant Ultrasound In Hindi

प्रेगनेंसी के 5वें सप्ताह में अल्ट्रासाउंड - 5 Weeks Pregnant Ultrasound In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड (Ultrasound in the fifth week of pregnancy) कराने की जल्दी नहीं करनी चाहिए क्योंकि पांचवें हफ्ते में भ्रूण टैडपोल की तरह दिखायी देता है और शिशु के पेट, हृदय, लिवर, किडनी जैसे अन्य अंग बनने शुरु होते हैं। जिससे अल्ट्रासाउंड इमेज क्लियर नहीं हो पाती है और कई बार अल्ट्रासाउंड में कुछ भी नजर नहीं आता है। यदि आपको प्रेगनेंसी संबंधी समस्याएं न रही हों तो प्रेगनेंसी के 8वें या 9वें हफ्ते में अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए या गायनेकोलॉजिस्ट जब सुझाव दें तब ही अल्ट्रासाउंड कराएं।

(और पढ़े – गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड कब और कितनी बार करवाना चाहिए…)

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में प्रेगनेंसी टेस्ट – 5 Weeks Pregnancy Test In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में प्रेगनेंसी टेस्ट – 5 Weeks Pregnancy Test In Hindi

किसी भी महिला के शरीर में एचसीजी हार्मोन ही उसकी प्रेगनेंसी को कन्फर्म करता है। ज्यादातर महिलाएं गर्भावस्था के चौथे हफ्ते में ही प्रेगनेंसी टेस्ट (Pregnancy test) करके अपने मां बनने की पुष्टि कर लेती हैं जबकि कुछ महिलाओं के शरीर में गर्भावस्था के चौथे हफ्ते में एससीजी हार्मोन का स्तर बहुत कम होता है जिससे उन्हें अपनी प्रेगनेंसी नहीं पता चल पाती है। इसलिए महिला को प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में अपनी प्रेगनेंटी जरुर डिटेक्ट कर लेनी चाहिए। गर्भावस्था के पांचवें सप्ताह में एचसीजी हार्मोन (Hcg hormone) का लेवल बढ़ जाता है जिससे प्रेगनेंसी की पुष्टि करना आसान हो जाता है। हालांकि एक्टोपिक प्रेगनेंसी (Ectopic pregnancy) या गर्भधारण संबंधी अन्य समस्याओं का पता लगाने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा।

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में सेक्स करें या नहीं – Sex In The Fifth Week of Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में सेक्स करें या नहीं - Sex In The Fifth Week of Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में हमेशा की तरह सामान्य रुप से सेक्स किया जा सकता है। इस दौरान प्रेगनेंसी हार्मोन का स्तर बढ़ने के सेक्स ड्राइव भी बढ़ जाती है लेकिन मॉर्निंग सिकनेस (Morning sickness) सहित प्रेगनेंसी के अन्य लक्षण महिलाओं को परेशान करते हैं जिससे वे सेक्स करने में सहज नहीं हो पाती हैं। आपकी डॉक्टर जब तक मना न करें, तब तक आप सेक्स कर सकतीं हैं।

(और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान सेक्स करना, सही या गलत…)

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में जुड़वां बच्चों का पता कैसे करें – 5 Weeks Pregnant With Twins In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में जुड़वां बच्चों का पता कैसे करें - 5 Weeks Pregnant With Twins In Hindi

यदि आपको लगता है कि आप जुड़वां बच्चों (Twins) की मां बनने वाली हैं तो प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में आप ट्विन प्रेगनेंसी को डिटेक्स करा सकती हैं। हालांकि गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में भ्रूण का आकार बहुत छोटा होता है और आमतौर पर दोनों शिशु एक ही थैली (sac) में होते हैं और उनकी हार्ट बीट (Heart beat) भी स्पष्ट नहीं होती है इसलिए पांचवे हफ्ते में जुड़वां बच्चों का पता लगाने में कठिनाई होती है। लेकिन प्रेगनेंसी के छठें हफ्ते में दोनों शिशु अलग अलग थैली में आ जाते हैं और उनकी हार्टबीट आसानी से सुनी जा सकती है। इसलिए प्रेगनेंसी के 5वें हफ्ते की बजाय छठें हफ्ते में ट्विन प्रेगनेंसी डिटेक्ट करानी चाहिए।

5 सप्ताह में भ्रूण का गर्भपात – Five-week Baby Miscarriage In Hindi

5 सप्ताह में भ्रूण का गर्भपात - Five-week Baby Miscarriage In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में कुछ महिलाओं को गर्भपात (miscarriage) भी हो सकता है। पांचवे हफ्ते में यदि नॉर्मल पीरियड से अधिक ब्लीडिंग होती है तो यह गर्भपात का संकेत हो सकता है। इस दौरान प्रेगनेंसी ऊतक गर्भाशय अस्तर (Uterine lining) से बहकर थक्के के रुप में बाहर निकल आते हैं और भ्रूण क्षतिग्रस्त हो जाता है और उसका विकास रुक जाता है। इस दौरान महिला के शरीर में पीरियड की तरह ही दर्द (Pain like period) और मूड स्विंग जैसे लक्षण नजर आते हैं और पेट का दर्द बढ़ता, घटता रहता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर (Gynaecologist) से संपर्क करें।

(और पढ़े – गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण, लक्षण और इसके बाद के लिए जानकारी…)

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद रखें – What To Expect From A Doctor In The Fifth Week of Pregnancy In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में डॉक्टर से क्या उम्मीद रखें - What To Expect From A Doctor In The Fifth Week of Pregnancy In Hindi

  • प्रेगनेंसी कन्फर्म होते ही आप डॉक्टर के पास जाना शुरू कर दें और मन में चल रहे सभी प्रश्नों को पूछें। प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते से अपना नियमित चेकअप शुरु करवा दें।
  • इस दौरान डॉक्टर प्रेगनेंट महिला का ब्लड प्रेशर (blood pressure) और वजन (Weight) की जांच करती हैं और उसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार लेने की सलाह देती हैं।
  • प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में डॉक्टर आपको फोलिक एसिड (Folic acid), कैल्शियम (Calcium) और जरूरी सप्लीमेंट्स (Essential supplements) की खुराक भी बताएंगी।
  • गर्भवती महिला को डॉक्टर से पीरियड रुकने की तारीख, अपनी पहली प्रेगनेंसी, किसी खास चीज से होने वाली एलर्जी (Allergies) और वर्तमान में चल रही दवाओं के बारे में बताना चाहिए।

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में दिखें ये लक्षण तो डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए? – Which Symptoms Raise An Alarm To Visit Doctor At 5 Weeks of Pregnancy In Hindi?

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में दिखें ये लक्षण तो डॉक्टर से जल्द-से-जल्द मिलना चाहिए? - Which Symptoms Raise An Alarm To Visit Doctor At 5 Weeks of Pregnancy In Hindi?

  • गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में कुछ लक्षण ऐसे होते हैं जिनके होने पर आपको जल्द-से-जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए? अगर आपको प्रेगनेंसी के इस हफ्ते में आपको योनि से ब्लीडिंग हो (vaginal bleeding), पैल्विक में दर्द (pelvic pain) या ऐंठन हो, या फिर चक्कर आ रहे हो तो जल्द-से-जल्द अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • दरअसल ये लक्षण एक्टोपिक प्रेगनेंसी (ectopic pregnancy) के हो सकते हैं, जिसमे गर्भावस्था गर्भाशय (uterus) के बाहर फैलोपियन ट्यूब (fallopian tube) में ग्रोथ करने लगती है।
  • इस प्रकार का गर्भ धारण सही नहीं होता है और गर्भवती माँ के लिए जानलेवा हो सकता है। इतना ही नहीं गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में ये लक्षण गर्भपात होने का भी संकेत हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या खाना चाहिए – 5 Week Pregnancy Diet In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या खाना चाहिए - 5 Week Pregnancy Diet In Hindi

गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते से अपने आहार (5 week pregnancy Diet in Hindi) में पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए और दिन में कई बार सलाद, ओट्स, सूप, शोरबा और पत्तेदार सब्जियों (Leafy vegetables) का सेवन करना चाहिए।

  • प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते के आहार में दूध, दही, पनीर सहित कैल्शियम से भरपूर सभी चीजें खानी चाहिए।
  • आयरन गर्भावस्था के लिए बेहद जरुरी होता है इसलिए अपना आयरन का सेवन (Iron intake) बढ़ाएं।
  • गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते की डाइट में अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन करें। क्विनोआ (Quinoa), दही, सोयाबीन, टोफू (Tofu) आदि में अधिक प्रोटीन पाया जाता है, इन्हें अपने आहार में शामिल करें।
  • संतुलित आहार (Balanced diet) लें और फोलिक एसिड (Folic acid) एवं ओमेगा 3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid) अधिक मात्रा में सेवन करें। फोलिक एसिड की कितनी मात्रा लेनी है, यह अपने डॉक्टर से पूछें।

(और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान खाये जाने वाले आहार और उनके फायदे…)

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या नहीं खाना चाहिए – Do Not Eat In Pregnancy Fifth Week In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या नहीं खाना चाहिए - Do Not Eat In Pregnancy Fifth Week In Hindi

गर्भावस्था के दौरान क्या खाना जरुरी है के साथ ही प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या नहीं खाना चाहिए, जैसी बातों का ध्यान रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।

  • प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में अधपका मीट (Undercooked meat), अधपका अंडा (Raw egg) या कच्चा पनीर खाने से परहेज करें।
  • संक्रमित जानवरों का मांस खाने से बचें।
  • पीरियड को उत्तेजित करने वाले फल (Fruit) या आहार न लें।
  • जिन मछलियों (Fishes) में मरकरी की उच्च मात्रा पायी जाती हो, उन्हें न खाएं।
  • समुद्री भोजन या सी फूड (Seafood) खाने से बचें।
  • प्रोसेस्ड फूड (Processed food), अधिक चाय (Tea) या कॉफी (Coffee) का सेवन न करें।
  • बहुत चटपटा, तीखा, ऑयली, मसालेदार (Spicy) और फास्ट फूड खाने से बचें।
  • बाजार की खुली हुई चीजें न खाएं।

(और पढ़े – गर्भावस्‍था के पहले महीने में क्या खाएं और क्या नहीं?)

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में देखभाल के लिए टिप्स – 5 Week Pregnancy Care Tips In Hindi

प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में देखभाल के लिए टिप्स - 5 Week Pregnancy Care Tips In Hindi

  • गर्भावस्था के पांचवें हफ्ते में पर्याप्त एक्सरसाइज (exercise) करें और अधिक देर तक एक ही जगह बैठे न रहें।
  • गर्भधारण करने के बाद धूम्रपान (Smoking) और अल्कोहल (Alcohol) का सेवन न करें।
  • रोजाना पर्याप्त पानी पीएं और बॉडी को हाइड्रेट (Hydrate) रखें।
  • तनाव (stress) कम लें और अधिक खुश रहने की कोशिश करें अन्यथा आपके बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है।
  • योग या व्यायाम बहुत तेजी से न करें और ना ही भारी वस्तु उठाकर एक्सरसाइज करने की कोशिश करें।
  • सुबह शाम शांत वातावरण में टहलें और रोज मेडिटेशन (Meditation) करें।
  • डॉक्टर द्वारा बताए गए सभी आहार और जरुरी पोषक तत्व उचित मात्रा में लेते रहें।
  • आयरन और कैल्शियम की गोलियों का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।
  • अच्छी प्रेगनेंसी की कल्पना करें और ऐसा कुछ न खाएं जिससे पेट में कब्ज बने।

प्रेगनेंसी का पांचवा हफ्ता (Pregnancy Fifth week in Hindi) हर मां बनने वाली महिला के लिए बेहद खास होता है। इस लेख में आपने जाना गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भावस्था का पांचवा हफ्ता क्यों खास होता है। यह हफ्ता माँ और उसके बच्चे के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हफ्ता होता है क्योंकि इस दौरान भ्रूण विकास बहुत ही तेज़ी से होने लगता है। इस लेख में आपने जाना पांच सप्ताह की गर्भावस्था में भ्रूण विकास, गर्भावस्था के पांचवे सप्ताह में शारीरिक परिवर्तन, गर्भावस्था के पांचवे हफ्ते में क्या करें, प्रेगनेंसी के पांचवें हफ्ते में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए और आपकी पांचवे सप्ताह की गर्भावस्था के लिए सुझाव के बारे में। आपना ध्यान रखें और खुश रहें।

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