गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के दौरान पेट दर्द – Abdominal (Stomach) Pain In Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था (प्रेगनेंसी) के दौरान पेट दर्द - Abdominal (Stomach) Pain In Pregnancy In Hindi
Written by Deepti

Pregnancy me pet dard in Hindi क्या आप भी गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द का अनुभव कर रही हैं। प्रेगनेंसी के दौरान पेट में दर्द की क्या वजह हो सकती हैं और इसके उपचार क्या हैं? जानें हमारे इस लेख में। प्रेगनेंसी में गर्भवती को अक्सर पेट में दर्द होता है, जो सामान्य है। विशेषज्ञ कहते हैं, कि प्रेगनेंसी के दौरान भ्रूण का विकास और महिला के अंगों में भी परिवर्तन हो रहा होता है, ऐसे में पेट दर्द होना स्वभाविक है। लेकिन, जब प्रेगनेंसी में पेट दर्द लगातार हो रहा है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। क्योंकि, ये किसी खतरे का संकेत भी हो सकता है। वैसे, तो गर्भावस्था में कभी-कभी पेट दर्द हो, तो अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करते हुए इस स्थिति से बचा जा सकता है, लेकिन अगर पेट दर्द बंद न हो, तो डॉक्टर के पास जाने में देरी नहीं करनी चाहिए।

प्रेग्नेंसी के दिनों में महिलाओं को कई तरह की समस्याएं होती हैं। उसमें से पेट में दर्द होना भी एक समस्या है। गर्भावस्था की पहली तिमाही में गर्भवती को अक्सर पेट में दर्द की शिकायत रहती है। ये हार्मोनल परिर्वतन और बढ़ते गर्भ के कारण होता है। हालांकि, यह तय करना मुश्किल होता है कि पेट में दर्द हल्का है या गंभीर। अगर दर्द सामान्य है, तो इसे कुछ उपायों की मदद से ठीक किया जा सकता है, लेकिन दर्द लगातार बना हुआ है, तो ये चिंता की बात है। आज के हमारे इस आर्टिकल में हम आपको गर्भावस्था के दौरान पेट में दर्द के संभावित कारणों और बचाव के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपने स्वास्थ्य की ज्यादा अच्छे से देखभाल कर सकती हैं।

  1. प्रेग्नेंसी में पेट दर्द – Pregnancy me pet dard in Hindi
  2. गर्भावस्था में पेट दर्द क्यों होता है – Pregnancy me pet dard kyu hota hai in Hindi
  3. प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के कारण – Causes of stomach pain during pregnancy in Hindi
  4. गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के गंभीर मामले – Serious cases of abdominal pain during pregnancy in Hindi
  5. प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के विभिन्न प्रकार – Different types of abdominal pain in pregnancy in Hindi
  6. गर्भावस्था के दौरान पेट के दर्द को कम करने के उपाय- Tips to reduce abdominal pain during pregnancy in Hindi
  7. गर्भावस्था में पेट दर्द दर्द होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करें – When to contact a doctor if you have stomach pain during pregnancy in Hindi
  8. प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने पर ध्यान रखने वाली बातें – Things to keep in mind when you have abdominal pain in pregnancy in Hindi
  9. गर्भावस्था में पेट में दर्द होने से जुड़े लोगों के सवाल और हमारे जवाब – Questions related to stomach ache during pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द – Pregnancy me pet dard in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द - Pregnancy me pet dard in Hindi

गर्भावस्था में जब किसी महिला को पेट में दर्द हो, तो एक पल के लिए चिंतित होना स्वभाविक है। प्रेग्नेंसी में पेट दर्द प्रेग्नेंसी की वजह से या अन्य कारणों जैसे गैस बनने आदि की वजह से भी हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चा जैसे-जैसे गर्भ में बढ़ता है, तब शरीर में मौजूद आंत, मांसपशियों, राउंड लिगामेंट्स में भार पड़ता है। जिस प्रकार गर्भावस्था में यूट्रस बढ़ जाता है, उसी प्रकार राउंड लिगामेंट्स आदि में खिंचाव आने लगता है, तब गर्भवती को पूरे नौ महीने में पेट में थोड़े खिंचाव के साथ दर्द महसूस होता है। ये दर्द होना एकदम नॉर्मल है, इससे डरने की जरूरत नहीं है।

लेकिन, कुछ स्थितियों में यह पेट दर्द चिंता का विषय बन जाता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रेग्नेंसी की वजह से कई बार गर्भवती को उल्टी और बेचैनी महसूस हो सकती है। डॉक्टर कहते हैं, कि गर्भावस्था में पेट दर्द ज्यादा देर तक भूखा रहने की वजह से भी होता है। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहना चाहिए।

(और पढ़े – जानें प्रसव पीड़ा (लेबर पेन) के लक्षण…)

गर्भावस्था में पेट दर्द क्यों होता है – Pregnancy me pet dard kyu hota hai in Hindi

गर्भावस्था में पेट दर्द क्यों होता है - Pregnancy me pet dard kyu hota hai in Hindi

प्रेग्नेंसी के शुरूआती दिनों में कब्ज और कई कारणों से भी पेट में दर्द होना सामान्य है। इस दौरान गर्भवती के यूट्रस का आकार बढ़ता है, इसलिए पेट में हल्का दर्द महसूस हो सकता है। कई बार हल्की सी अंगड़ाई या शरीर को स्ट्रेच करने पर भी दर्द पेट के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता है। वैसे, तो यह दर्द बहुत धीरे-धीरे होता है, लेकिन गर्भावस्था की दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही में होने वाले पेट दर्द को जरा भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ब्रैक्सन हिक्स कॉन्ट्रेक्शन (Braxton Hicks contractions) की स्थिति में पेट में बहुत परेशानी होती है। जब भी आपको लगे, कि ये बर्दाश्त से बाहर है, तो डॉक्टर से संपर्क करने में बिल्कुल देरी नहीं करनी चाहिए।

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प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के कारण – Causes of stomach pain during pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के कारण - Causes of stomach pain during pregnancy in Hindi

वैसे तो, गर्भावस्था में पेट में दर्द होना सामान्य है। लेकिन जब पेट दर्द लगातार हो रहा हो, तो चिंता की बात है। कब्ज से लेकर लिगामेंट पेन जैसी कई चीजें गर्भावस्था में पेट दर्द का कारण बनती हैं। नीचे जानते हैं, प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के आम कारणों के बारे में।

इंप्लांटेशन- Implantation

गर्भावस्था के पहले हफ्ते में एग्ब्रयो यानि बीज को यूट्रस की दीवार से चिपक जाने को इंप्लांटेशन कहते हैं। यह गर्भधारण के शुरूआत में होता है, जिसमें गर्भवती को पेट में दर्द होने के साथ वजाइना से खून भी आ सकता है।

कब्ज – Constipation

प्रेग्नेंसी के दौरान यूट्रस का आंतों पर दबाव पड़ने से कब्ज यानि कॉन्स्टीपेशन की समस्या हो जाती है। इससे बचने के लिए खूब पानी पीएं और फाइबर युक्त भोजन खाएं। यदि इसके बाद भी आपको इस समस्या से छुटकारा नहीं मिलता, तो डॉक्टर फाइबर सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।

क्रैंपिंग – Cramping

डिलीवरी नजदीक आने पर हर पांच-पांच मिनट में पेट दर्द होता है। ये दर्द पीरियड्स में होने वाले दर्द जैसा महसूस होता है। इसके साथ ही योनि से पानी और खून भी आ सकता है। कई बार ये दर्द गर्भकाल पूरा हाने से पहले भी होने लगता है, जिसे प्री-मैच्योर लेबर पेन कहा जाता है।

गर्भाशय के बढ़ने से – Growth of the uterus

जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी बढ़ती है, गर्भवती के गर्भाशय का आकार भी बढऩे लगता है और पेट के निचले हिस्से में दर्द महसूस होने लगता है। इस कारण कुछ महिलाओं को उल्टी तक होने लगती हैं।

फूड पॉइजनिंग – Food poisoning

गर्भावस्था में दूषित पानी और बासा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, जिसके बाद पेट में दर्द का अनुभव हो सकता है। इससे बचने के लिए हेल्दी व फ्रेश खाना खाएं और स्वच्छ पानी पीएं।

(और पढ़े – कब्ज में क्या खाएं और क्या ना खाएं…)

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के गंभीर मामले – Serious cases of abdominal pain during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान पेट दर्द के गंभीर मामले - Serious cases of abdominal pain during pregnancy in Hindi

कई महिलाओं को स्वस्थ गर्भधारण होता है, लेकिन कभी- कभी गंभीर जटिलताएं भी विकसित हो सकती हैं, जिसके लिए डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता होती है। नीचे हम आपको गर्भावस्था में पेट दर्द के कुछ गंभीर मामलों के बारे में बता रहे हैं, जिनसे आपको सावधान रहना चाहिए।

अस्थानिक गर्भावस्था – Ectopic pregnancy

इसे एक्टोपिक प्रेग्नेंसी भी कहते हैं। इसमें अंडाणु गर्भाशय के अलावा कहीं और इंप्लांट हो जाता है। ज्यादातर फैलोपियन ट्यूब में। हालांकि, ऐसी स्थिति 50 में से एक किसी एक महिला के साथ ही होती है। यदि, आपको एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की समस्या है, तो गर्भावस्था के पहले महीन में पेट दर्द यानि गर्भावस्था के 6वें और 10वें सप्ताह में दर्द और रक्तस्त्राव का अनुभव हो सकता है, क्योंकि यह नली विकृत हो जाती है। डॉक्टर इस बात की पुष्टि करने के लिए अल्ट्रासाउंड कर सकता है, कि क्या अंडे को गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया गया है।

गर्भपात – Miscarriage

अगर गर्भवती को पहली तिमाही में पेट दर्द का अनुभव हो, तो यह चिंता का विषय है। इसके कारण गर्भपात तक हो सकता है। गर्भपात के लक्षणों में रक्त्स्त्राव और ऐंठन शामिल है।

प्रीटर्म लेबर- Preterm labor

प्रीटर्म लेबर भी गर्भावस्था में पेट दर्द का गंभीर मामला है। यदि आप 37वें सप्ताह की गर्भवती होने के पहले ही नियमित संकुचन का अनुभव कर रही हैं और आपको लगातार पीठ दर्द हो रहा है, तो प्रीटर्म लेबर की कंडीशन बन सकती है।

प्लेसेंटल अब्रप्शन – Placental abruption

आपकी नाल बच्चे के लिए ऑक्सीजन और पोषक तत्वों का स्त्रोत होती है। यह आमतौर पर गर्भाशय पर होती है और बच्चे के जन्म के बाद तक अलग नहीं होती। लेकिन, दुलर्भ मामलों में ज्यादातर तीसरी तिमाही में नाल यानि प्लेसेंटा गर्भाशय से अलग हो जाती है। कुछ मामलों में महिला प्रसव में तब आती है, जब महिला की नाल अलग हो जाती है, उस स्थिति में उसका सिजेरियन डिलीवरी करना पड़ता है। इस स्थिति के लिए जोखिम वाली महिलाओं में वे शामिल हैं, जिन्हें हाई बीपी, प्री-क्लेम्पसिया या एब्डोमिनल ट्रामा है।

यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन – Urinary Tract Infection (UTI)

अगर किसी महिला को यूरीनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन है, तो भी ये पेट दर्द का गंभीर मामला हो सकता है। इसके विशिष्ट लक्षणों में पेशाब करने में अचानक दर्द, पेशाब के साथ दर्द, जलन और खूनी पेशाब शामिल है। लेकिन, यूटीआई के साथ कुछ गर्भवती को पेट दर्द का अनुभव भी होता है। अगर यूटीआई को जल्दी पहचान लिया जाए, तो एंटीबायोटिक दवाओं के जरिए इसका इलाज जल्दी किया जा सकता है।

गॉलस्टोन्स – Gallstones

हिंदी में इसे पित्ताशय की पथरी कहते हैं। महिलाओं में ये समस्या ज्यादा होती है। खासतौर से वे अगर 35 वर्ष की ओवरवेट महिला है। पित्ताशय की पथरी से होने वाला दर्द आपके पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में गंभीर होता है। कुछ मामलों में दर्द पीठ के आसपास और दाहिने कंधे के ब्लेड के नीचे भी फैल सकता है।

एपेंडिसाइटिस – Appendicitis

एपेंडिसाइटिस का निदान मुश्किल होता है, क्योंकि जैसे जैसे गर्भाशय का विस्तार होता है, अपैंडिक्स ऊपर खिंचता है और बैली बटन या लिवर पर सेट हो जाता है, इसी वजह से पेट दर्द होता है। आपको बता दें, कि एपेंडिसाइटिस से गर्भवती महिलाओं के मरने का खतरा ज्यादा होता है। गर्भावस्था में पेट के दाहिने निचले हिस्से में एपेंडिसाइटिस होने से पेट दर्द महसूस हो सकता है।

(और पढ़े – गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण, लक्षण और इसके बाद के लिए जानकारी…)

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के विभिन्न प्रकार – Different types of abdominal pain in pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द के विभिन्न प्रकार - Different types of abdominal pain in pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट में दर्द कई जगहों पर हो सकता है। शरीर के अंगों में होने वाले दबाव के कारण भी पेट दर्द की समस्या हो सकती है। नीचे हम आपको बता रहे हैं, कि गर्भावस्था में पेट दर्द कहां-कहां होता है।

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द (pregnancy me pet ke upari hisse me dard) यह दर्द नाभि के बीच में और पसलियों के निचले हिस्से में हो सकता है।

  • लेफ्ट एब्डोनल पेन- पेट के ऊपरी हिस्से में बाईं ओर दर्द पसलियों के निचले हिस्से और नाभि के बीच में होता है।
  • राइट एब्डोनल पेन- यह दर्द दाईं निप्पल से शुरू होकर नाभि तक पहुंचता है।

पेट के निचले हिस्से में दर्द (pregnancy me pet ke nichle hisse me dard) लोअर एब्डोनल पेन यह नाभि से नीचे की तरफ होने वाला दर्द होता है।

  • लोअर लेफ्ट एब्डोनल पेन- पेट के निचले हिस्से में बाई ओर दर्द का कारण अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब की बनावट हो सकती है।
  • लोअर राइट एब्डोनल पेन- यह दर्द पेट के निचले हिस्से में दाईं ओर होता है। यह दर्द किसी को हल्का और किसी को तेज हो सकता है।

(और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट में दर्द होने के कारण और इलाज…)

गर्भावस्था के दौरान पेट के दर्द को कम करने के उपाय- Tips to reduce abdominal pain during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान पेट के दर्द को कम करने के उपाय- Tips to reduce abdominal pain during pregnancy in Hindi

  • गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर आप कुछ उपाय भी अपना सकती हैं, जो आपको पेट में दर्द की शिकायत से निजात दिलाने में मदद करेंगे।
  • प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने पर पेट की गर्म पानी के बैग या बोतल से सिंकाई करें। इससे गर्भावस्था के दौरान पेट के दर्द को कम करने में बहुत जल्दी आराम मिलेगा।
  • पेट में जिस तरफ दर्द हो, उसके दूसरी तरफ करवट लेकर लेटें। इस दौरान पेट या पीठ के बल लेटने की कोशिश न करें।
  • प्रेग्नेंसी में पेट दर्द से राहत पाने के लिए फ्रेश जूस का सेवन कर सकती हैं। जिससे गर्भावस्था के दौरान पेट के दर्द को कम करने में बहुत आराम मिलेगा।
  • पेट दर्द को कम करने के लिए दिनभर में आठ से दस गिलास पानी जरूर पीएं
  • प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की शिकायत होने पर गर्म पानी से स्नान करें। पर ध्यान रखें, पानी बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द कई बार गलत खान-पान की वजह से भी होता है। इसलिए इस दौरान हल्का खाना खाएं। फल, सब्जियां और फाइबर से भरपूर भोजन का सेवन करें।

(और पढ़े – गर्भावस्था के दौरान खाये जाने वाले आहार और उनके फायदे…)

गर्भावस्था में पेट दर्द दर्द होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करें – When to contact a doctor if you have stomach pain during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में पेट दर्द दर्द होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करें - When to contact a doctor if you have stomach pain during pregnancy in Hindi

वैसे तो, गर्भावस्था में पेट दर्द होना आम है, लेकिन फिर भी आपको लगे, कि सबकुछ ठीक नहीं है, तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकती हैं। नीचे हम आपको कुछ लक्षणों के बारे में बता रहे हैं। इनमें से कोई भी लक्षण आपको दिखे, तो डॉक्टर के पास तुरंत जाएं।

  • 12 सप्ताह से पहले या बिना रक्तस्त्राव के पेट में दर्द होना।
  • रक्तस्त्राव या मजबूत ऐंठन।
  • गंभीर पेट दर्द।
  • भयानक सिरदर्द
  • हाथ, पैर या चेहरे पर गंभीर सूजन
  • पेशाब के दौरान दर्द।
  • पेशाब करने में कठिनाई या मूत्र में रक्त।
  • उल्टी व चक्कर आना
  • बुखार या कपकपी आना।
  • देखने में दिक्कत।
  • कमर में दर्द होना
  • दर्द के कारण चलने, बोलने में दर्द महसूस होना।
  • एक घंटे में चार से ज्यादा बार संकुचन होना।

(और पढ़े – गर्भावस्था में सूजन के कारण और घरेलू उपाय…)

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने पर ध्यान रखने वाली बातें – Things to keep in mind when you have abdominal pain in pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने पर ध्यान रखने वाली बातें - Things to keep in mind when you have abdominal pain in pregnancy in Hindi

प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होने की कंडीशन में बहुत सावधानी बरतने की जरूरत होती है। साथ ही कुछ बातों का ध्यान भी रखना होता है। नीचे आप जान सकती हैं, कि गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • गर्भावस्था में अगर पेट दर्द हो, तो यात्रा करने से बचें।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द की शिकायत होने पर पेट की मालिश भूलकर भी न करें। अगर जरूरत लगे भी, तो हल्के हाथों से ही मालिश करें।
  • प्रेग्नेंसी में एक्सरसाइज करने से बचें, क्योंकि इस दौरान पेट में खिंचाव होता है, जिससे बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है।
  • कई बार पेट में दर्द गैस की वजह से भी हो सकता है। इसलिए कोशिश करें, कि एक बार में ही भरपेट खाना ना खाएं। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फल, सब्जी, सलाद आदि खाती रहें।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द के दौरान घर के कामकाज करने से बचना चाहिए।
  • प्रेग्नेंसी में पेट दर्द की शिकायत होने पर करवट लेकर लेटना चाहिए।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी तरह की प्रेग्नेंसी बाम का प्रयोग न करें। ये आपके शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है।
  • गर्भावस्था में पेट दर्द होने पर खूब पानी पीएं और बार-बार मूत्राशय को खाली करती रहें।

(और पढ़े – गर्भावस्था में सोते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान…)

गर्भावस्था में पेट में दर्द होने से जुड़े लोगों के सवाल और हमारे जवाब – Questions related to stomach ache during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में पेट में दर्द होने से जुड़े लोगों के सवाल और हमारे जवाब - Questions related to stomach ache during pregnancy in Hindi

क्या प्रेग्नेंसी में पेट दर्द होना सामान्य है? – Is it normal to have abdominal pain during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था में कभी-कभी पेट में दर्द होना एकदम सामान्य है, लेकिन लगातार ऐसा होने पर ये गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए लगातार हो रहे पेट दर्द को नजरंअदाज न करें। अगर दर्द आराम करने के बाद भी बंद न हो तो, डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यदि पेट दर्द के दौरान असामान्य योनि स्राव, ब्लीडिंग, ठंड लगना, बुखार आना, चक्कर आना, पेशाब के समय दर्द महसूस होना, मतली या उल्टी आने जैसे हालात दिखे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

क्या प्रेग्नेंसी में होने वाले पेट दर्द में दवा लेनी चाहिए? – Should one take medication in pregnancy pain in Hindi

बिल्कुल नहीं। हालांकि, कई महिलाएं गर्भावस्था में होने वाले पेट दर्द में दवा ले लेती हैं, लेकिन ये उनके और शिशु के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। जो महिलाएं पेन किलर लेती हैं, उन्हें अन्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में खतरा सात गुना ज्यादा रहता है। डॉक्टर्स के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी पेन किलर लेना हानिकारक हो सकता है। इससे बच्चे के मानसिक विकास पर नकरात्मक प्रभाव पडऩे की संभावना बहुत ज्यादा होती है।

गर्भावस्था में ऐंठन के साथ पेट दर्द होना कब सामान्य है? – When is it common to have abdominal pain with cramp in pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौरान ऐंठन के साथ पेट दर्द होना सामान्य नहीं है। ये गंभीर लक्षणों के साथ होता है। जैसे- उल्टी आना, चक्कर आना, योनि स्त्राव या सिरदर्द या फिर बुखार आना। शुरूआती गर्भावस्था में ऐंठन अस्थानिक गर्भावस्था या एक्टोपिक प्रेग्नेंसी या गर्भपात का भी संकेत हो सकती है।

प्रेग्नेंसी के दिनों में पेट में दर्द होना कब चिंता का बात होती है – It is a matter of concern when there is abdominal pain during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था की पहली तिमाही में पेट में दर्द होना आम है। लेकिन इसके साथ ऐंठन या तेज मरोड़ उठें, तो यह चिंता की बात है। क्योंकि, ये गर्भपात का संकेत हो सकता है। इसी तरह दूसरी तिमाही में भी अगर पेट दर्द हो, तो यह सामान्य बात है। क्योंकि दूसरी तिमाही में गर्भपात की आंशका थोड़ी कम होती है। लेकिन अगर 12वें से 24वें सप्ताह के बीच ब्लीडिंग के साथ पेट दर्द हो, तो तुंरत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। वहीं, तीसरी तिमाही में पेट दर्द के कारण तो कई होते हैं, लेकिन ये चिंताजनक होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी वजह से समय से पहले डिलीवरी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

भले ही गर्भावस्था में पेट दर्द को सामान्य माना जाता है, लेकिन इसके लक्षणों को कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए। कई बार, अगर पेट दर्द गैस के कारण हो, तो यह कुछ देर में सही हो जाता है, लेकिन आपको लगता है, कि पेट दर्द सही नहीं हो रहा है, तो किसी भी तरह के उपाय अपनाने से बचें और तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपना इलाज कराएं।

(और पढ़े – गर्भावस्था के नौवें महीने के लक्षण, शारीरिक बदलाव और बच्चे का विकास…)

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