गर्भावस्था में सूजन के कारण और घरेलू उपाय – Swelling During Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था में सूजन के कारण, इलाज और घरेलू उपाय - Swelling During Pregnancy In Hindi
Written by Deepti

Swelling during pregnancy in Hindi गर्भावस्था में हाथ पैरों और अन्य अंगों में सूजन आना आम बात है। वैसे तो गर्भावस्था के समय महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है जिसमें से हाथ पैरों में सूजन आना भी एक समस्या है। प्रेगनेंसी में शरीर 50 प्रतिशत तक ज्यादा रक्त और तरल पदार्थ का उत्पादन करता है। और ज्यादा रक्त और तरल पदार्थ का प्रवाह होने से शरीर के विभिन्न हिस्से में सूजन आ जाती है। सामान्य सूजन को चिकित्सा भाषा में एडिमा कहा जाता है। शरीर में इस तरह की सूजन कुछ समय के लिए ही होती है जब आप बच्चे को जन्म दे देती है तब यह सूजन अपने आप चली जाती है।

आज इस लेख में जानेंगे की गर्भावस्था में शरीर में सूजन क्यों आती है और इसका कारण और इलाज क्या है।

  1. प्रेगनेंसी में हाथो और पैरों में सूजन कब होती है – When does swelling occurs during pregnancy in Hindi
  2. गर्भावस्था में सूजन आने का कारण – Pregnancy me sujan ka karan in hindi
  3. गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय – garbhavasta ke daruan suujan kam karne ke upay

प्रेगनेंसी में हाथो और पैरों में सूजन कब होती है – When does swelling occurs during pregnancy in Hindi

प्रेगनेंसी में हाथो और पैरों में सूजन कब होती है - When does swelling occurs during pregnancy in Hindi

गर्भावस्था के दौर में किसी भी समय आपको शरीर में सूजन का अनुभव हो सकता है, परन्तु अक्सर यह सूजन पांचवें महीने के बाद ज्यादा देखी जाती है। जब आपकी तीसरी तिमाही का समय शुरू होता है तब यह सूजन बढ़ सकती है इसके कुछ विभिन्न कारक होते है जिनकी वजह से शरीर में सूजन आती है, जैसे-

  • शरीर में ज्यादा गर्मी होने की वजह से
  • अधिक समय तक काम करने की वजह से
  • ज्यादा देर तक खड़े रहने की वजह से
  • खाने में ज्यादा नमक या सोडियम लेने की वजह से
  • आपकी डाइट में पोटैशियम की कमी की वजह से
  • यदि आप कैफीन का सेवन ज्यादा करती हो

गर्भावस्था में हाथो और पैरों पर सूजन आना आम बात है परन्तु अगर आपको अचानक से हाथो और चेहरे पर सूजन आने लगे तो यह प्री एक्लेम्पसिया (pre-eclampsia) के लक्षण हो सकते है और अगर आपके एक पैर के मुकाबले दुसरे पैर में ज्यादा सूजन हो और असहनीय दर्द भी हो तो तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करें क्योकि यह पैर में खून के थक्के जमने के लक्षण हो सकते है। अगर आपको ऐसा कुछ महसूस हो तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात जरुर करें।

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गर्भावस्था में सूजन आने का कारण – Pregnancy me sujan ka karan in hindi

गर्भावस्था में सूजन आने का कारण - Pregnancy me sujan ka karan in hindi

गर्भावस्था में हाथ पैरों में सूजन आने के कई कारण हो सकते है क्योकि प्रेगनेंसी में होने वाले हार्मोनल चेंज की वजह से भी शरीर में सूजन आ सकती है। गर्भावस्था में शरीर में सूजन आने के कारणों में शामिल है-

  • जब आपका गर्भाशय बढ़ता है तो वह पेल्विस नसों और वेनाकावा (venacava) जो शरीर के दाहिने तरफ स्थित सबसे बड़ी वेन होती है जो रक्त को पैरों से हृदय की तरफ वापस लाती है उसमे दबाव पैदा करता है इसकी वजह से हृदय से रक्त पैरों की तरफ तो आसानी से आ जाता है परन्तु पैरों से वापस हृदय की तरफ नहीं जा पता है जिससे शरीर में सूजन उत्पन्न होती है।
  • गर्भावस्था के समय शरीर में कई तरह के हार्मोनल परिवर्तन होते है जैसे प्रोजेस्ट्रोन, एस्ट्रोजेन, एचसीजी जैसे हॉर्मोन के स्तर में अधिक वृद्धि की वजह से भी शरीर में सूजन (edema) आती है।
  • कई तरह के रोग जैसे फेफड़ों के रोग, किडनी के रोग या थाइरोइड की वजह से भी प्रेगनेंसी में हाथ और पैरों में सूजन आ जाती है।
  • अगर आप प्रेगनेंसी में किसी तरह के डिप्रेशन की दवाईयां या हाई बीपी की दवाईयां लेती है तो भी आपके शरीर के अंगो में सूजन आना आम बात हो सकती है।

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गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय – garbhavasta ke daruan suujan kam karne ke upay

गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के उपाय - garbhavasta ke daruan suujan kam karne ke upay

प्रेगनेंसी में हाथो और पैरों पर आने वाली सूजन को कम करने के कई तरह के इलाज संभव है जिन्हें आप आसानी से घर बैठकर भी कर सकती है, गर्भावस्था के दौरान सूजन कम करने के लिए आपको निम्न उपाय अपनाने चाहिए जैसे-

  • गर्भावस्था में ज्यादा देर तक खड़ी ना रहे थोड़ी थोड़ी देर में बैठती रहे या अगर ज्यादा देर तक लेती है या पैर लटका कर बैठी है तो थोड़ी देर खड़े हो जायें।
  • कोशिश करें की आप अपने बायीं ओर करवट करके सोये इससे किडनी सुचारू रूप से चलती रहती है और ख़राब पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते है जिससे सूजन कम होती है।
  • आप चाहें तो सैर करने जा सकती है और कुछ गर्भावस्था में किये जाने वाले हल्के व्यायाम आप कर सकती है और चाहें तो अपने डॉक्टर से सलाह लेकर आप तैराकी भी कर सकती है, तैराकी करने से भी नसों पर दबाव पड़ता है और तरल पदार्थ पेशाब के सहारे बाहर निकलता है जिससे सूजन कम होती है।
  • टाइट इलास्टिक वाले मोज़े ना पहने इससे भी पैरों में सूजन आ सकती है।
  • गर्भावस्था में ऊंची हील वाली जूती ना पहने ऐसे समय में हमेशा आरामदायक जूती का ही चयन करें।
  • प्रेगनेंसी में कोशिश करें की आप ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें क्योकि ऐसा करने पर आपको पेशाब ज्यादा आयेगी जिससे विषैले पदार्थ अधिक मात्रा में बाहर निकालेंगे जिससे शरीर की सूजन कम करने में मिलेगी।
  • नमक और कैफीन की मात्रा का कम से कम सेवन करें क्योकि इनकी मात्रा बढ़ाने से सूजन में वृद्धि हो सकती है जिससे परेशानी पैदा हो सकती है।
  • लूस कपड़े पहने ताकि पेट का हिस्सा दबा ना रहे क्योकि गर्भावस्था में टाइट कपड़े पहनने से भी शरीर में सूजन आती है।

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