जायफल तेल के फायदे और नुकसान – Nutmeg Oil Benefits And Side Effects In Hindi

जायफल तेल के फायदे और नुकसान - Nutmeg Oil Benefits And Side Effects In Hindi
Written by Jaideep

Nutmeg Oil in hindi जायफल का तेल एक औषधीय तेल है जो आयुर्वेद चिकित्‍सा में बहुत ही लोकप्रिय है। जायफल तेल लाभ के बारे में बहुत ही कम लोग जानते हैं क्‍योंकि यह तेल सामान्‍य रूप से बहुत ही कम उपयोग किया जाता है। जायफल तेल का उपयोग प्रमुख रूप से औषधीय उपयोग के लिए किया जाता है। हालांकि जायफल तेल बनाने की विधि आसान नहीं है। जायफल के तेल का इस्‍तेमाल कर आप कई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का उपचार कर सकते हैं। बहुत सी महिलाएं जायफल तेल के घरेलू उपाय के लिए इस्‍तेमाल करती हैं जो उन्‍हें मासिक धर्म की समस्‍याओं से बचाता है। जायफल तेल के फायदे तनाव, हृदय विकार, रक्‍तचाप, श्वसन समस्‍याओं और यौन समस्‍याओं के लिए होते हैं। आज इस आर्टिकल में आप जायफल तेल के फायदे और नुकसान संबंधी जानकारी प्राप्‍त करेगें।

1. जायफल तेल क्‍या है – Jaiphal Tel Kya hai in Hindi
2. जायफल तेल की तासीर – Jaiphal Tel ki Taseer in Hindi
3. जायफल तेल के पोषक तत्‍व – Jaiphal Tel ke Poshak Tatva in Hindi
4. जायफल तेल बनाने की विधि – Jaiphal Tel Banane Ki Vidhi in Hindi
5. जायफल का तेल कैसे काम करता है – How Does Nutmeg Oil Work in Hindi
6. जायफल तेल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ – Jaiphal Tel ke Swasth Labh in Hindi

7. जायफल के तेल का उपयोग करने के तरीके – Jaiphal Tel Upyog karne ke tarike in Hindi
8. जायफल तेल के नुकसान – Jaiphal Tel ke Nuksan in Hindi

जायफल तेल क्‍या है – Jaiphal Tel Kya hai in Hindi

जायफल तेल क्‍या है – Jaiphal Tel Kya hai in Hindi

जायफल का तेल जायफल के बीजों से प्राप्‍त किया जाता है। जायफल का तेल बनाने की विधि में जायफल बीजों के भाप निष्‍कर्षण के माध्‍यम से तेल प्राप्‍त किया जाता है। जायफल मुख्‍य रूप से एक मसाला है जो मिरिस्टिका फ्रेग्रेंस के पेड़ से प्राप्‍त होता है। जायफल का उपयोग सदियों से पारंपरिक इलाज के रूप में किया जा रहा है। इसके अलावा हम अपने भोजन में स्‍वाद बढ़ाने के रूप में भी इसका उपयोग करते हैं। अपने विशेष गुणों के कारण जायफल के तेल का इस्‍तेमाल व्‍यापारिक उद्देश्‍य हेतु मोमबत्तियों, साबुन और अन्‍य सौंदर्य उत्‍पादों में भी किया जाता है। इसके दांतों सबंधी समस्‍याओं को दूर करने वाले उत्‍पादों में भी जायफल के तेल को प्रमुखता से उपयोग किया जाता है।

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जायफल तेल की तासीर – Jaiphal Tel ki Taseer in Hindi

जायफल की तरह ही जायफल के तेल की तासीर गर्म होती है। इस कारण सर्दीयों के मौसम में इस तेल का उपयोग अधिक किया जाता है। सर्दी के मौसम में जायफल तेल के लाभ न केवल सर्दी के लक्षणों को कम करते हैं बल्कि प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढ़ाने में सहायक होते हैं। आइए जाने जायफल तेल में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में।

जायफल तेल के पोषक तत्‍व – Jaiphal Tel ke Poshak Tatva in Hindi

जायफल तेल के पोषक तत्‍व – Jaiphal Tel ke Poshak Tatva in Hindi

जैसा कि आपको पता है जायफल एक मसाला है। लेकिन जायफल तेल के फायदे मसालों से बढ़कर आवश्‍यक तेलों से संबंधित विटामिन, खनिज पदार्थ और जैविक यौगिकों के कारण आपकी बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है। जायफल तेल की 100 ग्राम मात्रा में उपस्थित फायदेमंद घटक इस प्रकार हैं।

इसमें ल्यूटिन-ज़ेक्सैंथिन भी होता है जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है।

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जायफल तेल बनाने की विधि – Jaiphal Tel Banane Ki Vidhi in Hindi

जायफल का तेल कैसे बनाएं? जायफल का तेल बनाने के लिए मुख्‍य रूप से भाप आसवन विधि का उपयोग किया जाता है। इस दौरान जायफल के सूखे बीज के भाप द्वारा आसवन के माध्‍यम से तेल निकाला जाता है। हालांकि आप अन्‍य प्रकार के तेलों की तरह ही घर पर भी जायफल का तेल बना सकते हैं। यहां जायफल का तेल बनाने की सबसे आसान और घरेलू विधि बताई जा रही है। आप भी जायफल का तेल बनाने के घरेलू नुस्‍खे में इस विधि का उपयोग कर सकते हैं।

जायफल तेल बनाने के लिए सामग्री –

  • वाहक तेल (Carrier oils) जैसे कि अंगूर के बीज का तेल
  • साबुत जायफल (Whole nutmegs)
  • जायफल को कुचलने के लिए ओखल और मूसल
  • कांच का जार या बड़ी बोतल
  • तेल डालने वाली कीप (Funnel)

जायफल का तेल बनाने का तरीका –

आप ओखल और मूसल की सहायता से जायफल को अच्‍छी तरह से कुचल लें। लेकिन ध्‍यान दें कि आपको पाउडर नहीं बनाना है। इसके बाद इन कुचले हुए जायफल की लगभग ½ कप मात्रा को कांच के जार में रखें। इस जार में आप वाहक तेल तब तक डालें जब तक की कुचले हुए जायफल पूरी तरह से डूब न जाएं। अब इस जार को अच्‍छी तरह से ढंक्‍कन टाइट करके बंद कर दें। अब इस जार को अच्‍छी तरह से हिलाएं और इसे सूरज की सीधी धूप में कम से कम 48 घंटों के लिए रखें।

लेकिन हर 12 घंटे के बाद इसे अच्‍छी तरह से हिलाते रहें। लगभग 48 घंटों तक सूरज की सीधी धूप में रखने के बाद आप इस मिश्रण को छन्‍नी से छानकर तेल अलग निकाल लें। इसके बाद आप इस तेल में फिर से कुचले हुए जायफल मिलाएं और इसी तरह से 4 से 5 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं। जब आप जायफल के तेल की खुशबू से संतुष्टि हो जाएं तब इस तेल को किसी बोतल में बंदर करके रख लें। क्‍योंकि आपका जायफल का तेल तैयार है।

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जायफल का तेल कैसे काम करता है – How Does Nutmeg Oil Work in Hindi

अन्‍य आवश्‍यक तेलों (essential oils) की तरह ही जायफल के तेल को सूँघने और प्रभावित क्षेत्र के ऊपरी आवेदन के रूप में उपयोग किया जाता है। अध्‍ययनों द्वारा यह पुष्टि की जा चुकी है कि सामान्‍य मात्रा में उपयोग करने पर यह हमारे शरीर के लिए सुरक्षित है। फिर भी बहुत से लोगों का मानना है कि जायफल के तेल का आंतरिक उपयोग करना अधिक सुविधाजन, फायदेमंद और सुरक्षित होता है। लेकिन यदि आप जायफल तेल का इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो अपने चिकित्‍सक या किसी अनुभवी व्‍यक्ति की सलाह पर ही करें।

जायफल तेल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ – Jaiphal Tel ke Swasth Labh in Hindi

जायफल के तेल का उपयोग कई प्रयोजनों के लिए किया जाता है। लेकिन जायफल तेल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ सुनकर आप हैरान हो जाएगें। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि जायफल के तेल में मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ कई गंभीर और आम स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकते हैं। जायफल तेल के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ को कई अध्‍ययनों द्वारा प्रमाणित भी किया जा चुका है। आइए जाने जायफल तेल फायदे और उपयोग क्‍या हैं।

जायफल तेल के फायदे पथरी के लिए – Jaiphal tel ke fayde Kidney Stones ke liye in Hindi

जायफल तेल के फायदे पथरी के लिए – Jaiphal tel ke fayde Kidney Stones ke liye in Hindi

जायफल तेल का इस्‍तेमाल पथरी के रोगी के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। क्‍योंकि जायफल का तेल लीवर और किडनी के डिटॉक्सिफिकेशन (detoxification) सिस्‍टम को बेहतर बनाने में सहायक होता है। कुछ अध्‍ययनों से पता चलता है कि जब जायफल के तेल का नियमित सेवन किया जाता है तो यह गुर्दे की पथरी को तोड़ने या इनके आकार को कम कर सकता है। जिसके कारण उन्‍हें मूत्र मार्ग के माध्‍यम से बाहर निकालने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा नियमित रूप से जायफल के तेल का सेवन करने से शरीर में कैल्शियम के उन्‍मूलन को प्रोत्‍साहित करके गुर्दे की पथरी के गठन को रोकने में मदद मिलती है।

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जायफल तेल के लाभ मूत्राशय संक्रमण में – Jaiphal Tel ke Labh Bladder infection ke liye in Hindi

जायफल तेल के लाभ मूत्राशय संक्रमण में – Jaiphal Tel ke Labh Bladder infection ke liye in Hindi

औषधीय गुणों से भरपूर जायफल का तेल आपको मूत्राशय और गुर्दे के संक्रमण से बचा सकता है। इस तेल में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट संक्रमण के कारण बनने वाले बैक्‍टीरिया को फैलने से रोकने और उन्हें नष्‍ट करने में प्रभावी होते हैं। मूत्र संक्रमण संबंधी समस्‍याएं विशेष रूप से ई. कोलाई बैक्‍टीरिया (E. coli bacteria) के मूत्र पथ में प्रवेश करने के कारण होती हैं। लेकिन नियमित रूप से उपभोग करने के दौरान जायफल तेल के जीवाणुरोधी और एंटीवायरल गुण शरीर में इस बैक्‍टीरिया सहित अन्‍य वायरस के प्रभाव को कम करते हैं। यदि आप भी बार-बार मूत्र पथ संक्रमण का शिकार होते हैं तो जायफल तेल का इस्‍तेमाल करें।

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जायफल तेल का उपयोग पाचन समस्‍याओं के लिए – Jaiphal Tel ka Upyog Digestive Problems ke liye in Hindi

जायफल तेल का उपयोग पाचन समस्‍याओं के लिए – Jaiphal Tel ka Upyog Digestive Problems ke liye in Hindi

जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्‍याएं होती हैं उन्हें जायफल के तेल का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। क्‍योंकि जायफल तेल विभिन्‍न प्रकार की पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के साथ ही पाचन प्रणाली को स्‍वस्‍थ रखता है। यदि आप कब्‍ज की समस्‍या से परेशान हैं तो अपने आहार में जायफल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। इसके अलावा आप पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए आप अपने हाथ में जायफल तेल की कुछ बूंदें लें और इसमें अन्‍य वाहक तेल को मिलाकर अपने पेट की हल्‍की मालिश करें। ऐसा करने से आपको अपच, पेट फूलना आदि पेट संबंधी समस्‍याओं से राहत मिल सकती है।

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जायफल तेल का इस्‍तेमाल जोड़ों के दर्द के लिए – Jaiphal Tel Ka Istemal Joint Pain ke liye in Hindi

जायफल तेल का इस्‍तेमाल जोड़ों के दर्द के लिए – Jaiphal Tel Ka Istemal Joint Pain ke liye in Hindi

जोड़ों में आने वाली सूजन और दर्द बहुत ही कष्‍टदायक होती है। सामानय रूप से यह समस्‍या उम्र बढ़ने के दौरान प्रतिरक्षा शक्ति की कमी के कारण होती है। हालांकि यह बीमारी किसी भी उम्र में भी हो सकती है। लेकिन जोड़ों के दर्द दूर करने के लिए जायफल के तेल का इस्‍तेमाल फायदेमंद होता है। जायफल के तेल में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जो सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। यदि आप भी गले के दर्द या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं तो जायफल के तेल को नियमित आहार में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा आप प्रभावित क्षेत्र में जायफल और अन्‍य वाहक तेल के मिश्रण से मालिश भी कर सकते हैं। यह सूजन और दर्द दोनों से राहत पाने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है।

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जायफल तेल के गुण हार्मोन संतुलित करें – Jayphal Tel ke gun Hormonal imbalance kare in Hindi

जायफल तेल के गुण हार्मोन संतुलित करें – Jayphal Tel ke gun Hormonal imbalance kare in Hindi

जायफल के तेल में मौजूद यौगिक शरीर में हार्मोनल संतुलन को बनाए रखने में सहायक होते हैं। अधिकांश महिलाओं और पुरुष दोनों के शरीर में हार्मोनल असंतुलन कई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का कारण बन सकता है। लेकिन नटमेग ऑयल में मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफलामेटरी गुण इन हार्मोन को संतुलित करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा अध्‍ययनों से पता चलता है कि जायफल तेल की मालिश मासिक धर्म से जुड़े दर्द और सूजन को कम कर सकता है। इस तरह से आप भी जायफल तेल के लाभ प्राप्‍त करने के लिए इसे उपयोग कर सकते हैं।

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जायफल का तेल के फायदे से करें अस्‍थमा का इलाज – jaiphal ka tel ke fayde se kare Asthma ka ilaj in Hindi

जायफल का तेल के फायदे से करें अस्‍थमा का इलाज – jaiphal ka tel ke fayde se kare Asthma ka ilaj in Hindi

दमा रोगियों के लिए जायफल का तेल किसी औषधी से कम नहीं है। अस्‍थमा के रोगियों को जायफल के तेल का उपयोग करना गले की सूजन और मांसपेशियों को आराम दिलाता है। अध्‍ययनों ने भी पुष्टि की है कि नियमित रूप से उपयोग करने के दौरान जायफल का तेल अस्‍थमा के लक्षणों को कम करने में प्रभावी होता है। अस्‍थमा रोगी को सामान्‍य रूप से फेफड़ों में सूजन की समस्‍या होती है जिसके कारण उनहें सांस लेने में परेशानी होती है। लेकिन नियमित रूप से जायफल के तेल का इस्‍तेमाल श्वसन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देने और समग्र सूजन को कम करने में सहायक होता है। यदि आपको भी अस्‍थमा या अन्‍य प्रकार की श्वसन समस्‍या है तो जायफले के तेल का प्रयोग कर लाभ ले सकते हैं।

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जायफल के तेल के फायदे यौन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए – jaiphal ke tel ke fayde Sexual Health ke liye in Hindi

जायफल के तेल के फायदे यौन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए – jaiphal ke tel ke fayde Sexual Health ke liye in Hindi

पारंपरिक चि‍कित्‍सा में जायफल का उपयोग यौन स्‍वास्‍थ्‍य और यौन इच्‍छा में वृद्धि के लिए किया जाता है। 2005 में हुए एक पशु अध्‍ययन से पता चलता है कि नियमित रूप से जायफल के तेल का सेवन करने से यौन सक्रियता में व‍ृद्धि होती है। इसके अलावा जायफल मसाले के साथ जायफल के तेल में भी कामोद्दीपक गुण होते हैं। जो यौन संबंधी समस्‍याओं को कम करने में सहायक होते हैं। यदि आप भी यौन कमजोरी का अनुभव कर रहे हैं तो अन्‍य उपायों के साथ ही घरेलू उपचार के रूप में जायफल के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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जायफल और सरसों का तेल के फायदे मांसपेशीय दर्द कम करे – jaiphal aur sarso ke tel ke fayde For Muscle Pain in Hindi

जायफल और सरसों का तेल के फायदे मांसपेशीय दर्द कम करे – jaiphal aur sarso ke tel ke fayde For Muscle Pain in Hindi

जायफल के तेल में गठिया जैसी बीमारी के लक्षणों को दूर करने की क्षमता होती है। जिससे यह स्‍पष्‍ट होता है कि नियमित रूप से उपयोग करने के दौरान जायफल और सरसों का तेल मांसपेशीयों के दर्द को कम करने में भी सहायक होता है। जब भी आपको शरीर में दर्द का अनुभव हो तो आप अन्‍य वाहक तेल या सरसों के तेल के साथ जायफल के तेल की मालिश करें। ऐसा करने से आपको कुछ ही देर में दर्द से राहत मिल सकती है।

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जायफल के तेल का प्रयोग अनिद्रा के लिए – Jaiphal Tel ka pryog insomnia ke liye in Hindi

जायफल के तेल का प्रयोग अनिद्रा के लिए – Jaiphal Tel ka pryog insomnia ke liye in Hindi

जिन लोगों की नींद लेने में दिक्‍कत होती है या पूरी नींद नहीं ले पाते हैं उन्हें जायफल के तेल का इस्‍तेमाल करना चाहिए। जायफल के तेल की खुशबू मस्तिष्‍क में शांति का अनुभव कराती है। साथ ही यह तनाव और अवसाद जैसे लक्षणों को कम कर नींद को उत्‍तेजित करने में सहायक होता है। यदि आप भी अनिद्रा से परेशान हैं तो रात में सोने से पहले जायफल के तेल की खुशबू लें और इसे अपने तकिया या चादर में लगाएं। इसकी शांति दिलाने वाली खुशबू आपको नींद लेने में सहायक होती है।

(और पढ़े – अनिद्रा के कारण, लक्षण और उपचार…)

जायफल का तेल मुंह की बदबू दूर करे – Jaiphal Oil for Bad Breath in Hindi

जायफल का तेल मुंह की बदबू दूर करे – Jaiphal Oil for Bad Breath in Hindi

प्राचीन समय से ही मुंह और सांसों की बदबू को दूर करने के लिए जायफल का तेल लोकप्रिय है। इसके अलावा जायफल का तेल प्रकृति में एंटीसेप्टिक भी होता है जो दांतों और मसूड़ों के दर्द को कम करने में प्रभावी होता है। यही कारण है कि अधिकांश टूथपेस्‍टों और माउथवॉश में जायफल के तेल का इस्‍तेमाल किया जाता है।

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जायफल तेल लाभ रक्‍त परिसंचरण के लिए – Nutmeg Oil for Improves Blood Circulation in Hindi

जायफल तेल लाभ रक्‍त परिसंचरण के लिए – Nutmeg Oil for Improves Blood Circulation in Hindi

आप अपने शरीर में स्‍वस्‍थ रक्‍तचाप के लिए जायफल के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि जायफल का तेल एक अच्‍छा उत्‍तेजक होता है। यह न केवल मस्तिष्‍क बल्कि शरीर के सभी हिस्सों के लिए भी लाभकारी होता है। जायफल तेल की आरामदायक खुशबू शरीर की थकान को दूर करती है साथ ही रक्‍त परिसंचरण को भी उत्‍तेजित करती है। यदि आप भी रक्‍त परिसंचरण संबंधी समस्‍या से परेशान हैं तो जायफल के तेल का उपयोग कर सकते हैं।

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जायफल का तेल उपयोगी है मासिक धर्म के लिए – Nutmeg Oil for Relieves Menstrual Cramps in Hindi

जायफल का तेल उपयोगी है मासिक धर्म के लिए – Nutmeg Oil for Relieves Menstrual Cramps in Hindi

बहुत सी महिलाएं मासिक धर्म चर्क के दौरान होने वाली समस्‍याओं से परेशान रहती हैं। इस प्रकार की समस्‍याओं में ऐंठन, दर्द, चिड़चिड़ापन और तनाव आदि शामिल हैं। लेकिन इन सभी समस्‍याओं को दूर करने में जायफल के तेल का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। साथ ही जायफल का तेल पीरियड्स के दौरान कुछ लक्षणों जैसे मूड स्विंग्‍स, डिप्रेशन और हार्मोन असंतुलन को भी ठीक कर सकता है।

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जायफल ऑइल बेनिफिट्स फॉर स्किन – Jaiphal Oil Benefits for Skin in Hindi

जायफल ऑइल बेनिफिट्स फॉर स्किन – Jaiphal Oil Benefits for Skin in Hindi

जायफल तेल के लाभ त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने और त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होते हैं। इस तेल के उत्‍तेजक और एंटीसेप्टिक गुण त्‍वचा को चमकदार और स्‍वस्‍थ रखते हैं। इसके अलावा जायफल तेल के औषधीय गुण त्‍वचा में झुर्रियों और अन्‍य निशानों की उपस्थिति को भी कम कर सकते हैं। नियमित उपयोग के दौरान यह त्‍वचा को कई प्रकार के संक्रमण से भी बचा सकता है।

(और पढ़े – गोरा होने के घरेलू उपाय और नुस्खे…)

नटमेग आयल फॉर हेयर – Nutmeg Oil For Hair in Hindi

नटमेग आयल फॉर हेयर – Nutmeg Oil For Hair in Hindi

आपके बालों के स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ाने वाले गुण भी जायफल के तेल में मौजूद रहते हैं। आप अपने बालों पर उपयोग करने वाले साप्‍ताहिक हेयर मास्‍क में भी जायफल के तेल को मिला सकते हैं। यह न केवल आपके सिर में प्राकृतिक नमी बनाए रखता है बल्कि एंटीसेप्टिक होने के कारण आपके बालों को बैक्‍टीरिया के प्रभाव से भी बचाता है।

(और पढ़े – जल्दी बाल बढ़ाने के लिए सबसे असरदार तेल…)

जायफल के तेल का उपयोग करने के तरीके – Jaiphal Tel Upyog karne ke tarike in Hindi

जायफल के तेल का उपयोग करने के तरीके – Jaiphal Tel Upyog karne ke tarike in Hindi

आप अपनी आवश्‍यकता और जरूरत के हिसाब से जायफल के तेल को कई प्रकार से उपयोग कर सकते हैं। आइए जाने जायफल के तेल का उपयोग करने का तरीका क्‍या है।

  • पानी में जायफल तेल की कुछ बूंदें मिलाएं और इसे माउथवॉश के रूप में उपयोग करें। यह मुंह की बदबू को दूर करने का प्रभावी तरीका है।
  • आप जायफल के तेल को अन्‍य वाहक तेल के साथ मिलाकर मालिश कर सकते हैं। यह मांसपेशीय दर्द को कम करने में सहायक होता है।
  • आप जायफल की खुशबू ले कर या अन्‍य विसारक उत्पादों में जायफल के तेल को मिलाकर मानसिक शांति प्राप्‍त कर सकते हैं। यह विशेष रूप से अनिद्रा का इलाज करता है।
  • आप नहाने के पानी में भी जायफल के तेल की कुछ बूंदे मिला सकते हैं जो आपको कब्‍ज और मतली जैसी समस्‍याओं से बचा सकती है।
  • आप अपने भोजन के स्‍वाद को बढ़ाने के लिए जायफल के तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • शरीर की सूजन को कम करने के लिए जायफल के तेल की हल्‍की मालिश प्रभावी होती है।

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जायफल तेल के नुकसान – Jaiphal Tel ke Nuksan in Hindi

जायफल तेल के नुकसान – Jaiphal Tel ke Nuksan in Hindi

सामान्‍य रूप से जायफल के तेल का उपयोग स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन कुछ परिस्थितियों में जायफल तेल के नुकसान भी हो सकते हैं।

अधिक मात्रा में जायफल के तेल का सेवन करने या इसकी सुगंध लेने से मतिभ्रम, देखने की क्षमता में कमी, और लंबे समय तक नींद लेना जैसी समस्‍याएं हो सकती है। इसके अलावा अधिक मात्रा में उपयोग करने से यह आपके तनाव या अवसाद के स्‍तर को बढ़ा सकता है। कुछ लोगों को जायफल के तेल से एलर्जी आदि की समस्‍या भी हो सकती है। जिसके परिणामस्‍वरूप उल्‍टी, मतली, त्‍वचा में खुजली, लाल चकते आदि भी हो सकते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि जायफल तेल संबंधी किसी उत्पाद का सेवन करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

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