जायफल के फायदे और नुकसान – Jaiphal (Nutmeg) Benefits and side effects in Hindi

जायफल के फायदे और नुकसान – Jaiphal (Nutmeg) Benefits and side effects in Hindi
Written by Jaideep

जायफल एक लोकप्रिय मसाला है जिससे हम नटमेग (Nutmeg) के नाम से भी जानते हैं। जायफल के फायदे स्‍वास्‍थ्‍य लाभ से लेकर त्‍वचा की सुदंरता बढ़ाने तक हैं। जायफल का उपयोग अन्‍य मसालों जैसे कि दालचीनी (Cinnamon), हल्‍दी, जीराऔर तेज पत्‍ता आदि की तरह ही व्‍यंजनों को स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए किया जाता है।जायफल का उपयोग दर्द को ठीक करने, अपच, संज्ञानात्‍मक कार्य (Cognitive function) में सुधार करने आदि के लिए किया जाता है। इसे आयुर्वेदिक औषधी के रूप में जाना जाता है। यह आपके शरीर को डिटॉक्‍सीफाई (Detoxify), त्‍वचा में निखार लाने, मुंह की समस्‍याओं और अनिद्रा जैसी समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। जायफल के लाभ प्रमुख रूप से आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, रक्‍त परिसंचरण को सुधारने और ल्‍यूकेमिया को दूर करने के लिए जाने जाते हैं।

1. जायफल क्‍या है – What is Nutmeg in Hindi
2. जायफल के पोषक तत्‍व – Nutmeg Nutrition Value in Hindi
3. जायफल के फायदे – Jaifal ke fayde in Hindi

4. जायफल के नुकसान – Jaiphal ke Nuksan in Hindi

जायफल क्‍या है – What is Nutmeg in Hindi

जायफल क्‍या है – What is Nutmeg in Hindi

यह एक एशियाई मसाला है, जो कि सदाबहार पेड़ पर फलता है। इसे वैज्ञानिक नाम मिरिस्टिका फ्रग्रंस (Myristicafragrans) के रूप से जाना जाता है। यह एक मात्र ऐसा पेड़ है जो दो लोकप्रिय मसालों, जायफल और मैस (जावित्री) का स्रोत है। जायफल अंदर पाया जाने वाला बीज है जबकि जावित्री लाल रेशे युक्‍त पदार्थ है जो बीज को ऊपर से ढ़ंककर रखता है। इन दोनों का स्‍वाद समान है लेकिन जायफल जावित्री की तुलना मे गर्म तासीर का और स्‍वाद में ज्‍यादा तीखा (spicier flavour) होता है।

जायफल के पोषक तत्‍व – Nutmeg Nutrition Value in Hindi

जैसा कि आपको पता है जायफल एक मसाला है। लेकिन जायफल के फायदे मसालों से बढ़कर आवश्‍यक तेलों से संबंधित विटामिन, खनिज पदार्थ और जैविक यौगिकों के कारण आपकी बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है। जायफल में उपस्थित फायदेमंद घटकों में फाइबर, मैंगनीज, थायमिन, विटामिन बी 6,फोलेट, मैग्‍नीशियम, कॉपर और मैक्लिग्‍नान आदि होते हैं जो आपके संपूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य और कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने में मदद करते हैं।

(और पढ़ें – सेहत के लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ)

जायफल के फायदे – Jaifal ke fayde in Hindi

  1. बच्‍चों के तेज दिमाग के लिए जायफल के फायदे – Jaiphal for Healthy Brain in Hindi
  2. जायफल और दूध अनिद्रा को दूर करे – Jaifal and milk for Insomnia in Hindi
  3. जायफल तेल के फायदे जोड़ों के दर्द के लिए – Jaiphal Oil for joint pain
  4. चेहरे के लिए जायफल के फायदे  – Jaiphal Benefits for face in Hindi
  5. जायफल का चूर्ण पाचन के लिए फायदेमंद – Jaiphal Powder for Improves Digestion in Hindi

पिछले कई दशकों से व्‍यंजनों को स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए जायफल का उपयोग किया जा रहा है। जायफल के फायदे सेहत के द्रष्टिकोण से बहुत अधिक होते हैं और बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का इलाज करने के लिए घरेलू उपचार मे इसका उपयोग किया जाता है। आइए जाने जायफल के फायदे किन स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में हमारी मदद करते हैं।

(और पढ़ें –गरम मसाला के फायदे बनाने की विधि)

बच्‍चों के तेज दिमाग के लिए जायफल के फायदे – Jaiphal for Healthy Brain in Hindi

बच्‍चों के तेज दिमाग के लिए जायफल के फायदे – Jaiphal for Healthy Brain in Hindi

आप अपने बच्‍चों के दिमाग को तेज और स्‍वस्‍थ्‍य रखने के लिए जायफल का उपयोग कर सकते हैं। प्राचीन समय में रोमन और यूनानी सभ्‍यताओं ने मस्तिष्‍क टॉनिक के रूप में जायफल का उपयोग किया। यह मस्तिष्‍क में नसों को उत्‍तेजित करके आपके याद रखने की क्षमता में सुधार करता है। जायफल में मैरिस्टिकिन (myristicin) नामक यौगिक होता है जो एकाग्रता (concentration) और ध्‍यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाता है। इसके अलावा यह उन एंजाइम को रोकता है जो अल्‍जाइमर जैसे मानसिक रोगों को बढ़ाने का कारण होता है।

अपने और अपने बच्‍चों के मस्तिष्‍क को स्‍वास्‍थ्‍य बनाने के लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक चुटकी जायफल पाउडर मिलाएं और सोने से पहले इसे रोजाना पिएं। यह आपके बच्‍चों के दिमाग को तेज बनाने में मदद करेगा।

जायफल और दूध अनिद्रा को दूर करे – Jaifal and milk for Insomnia in Hindi

जायफल और दूध अनिद्रा को दूर करे – Jaifal and milk for Insomnia in Hindi

यदि आप रात मे भरपूर नींद नहीं ले पा रहे हैं या आपको सोने में कठिनाई हो रही है तो आप जायफल का उपयोग करें। यह आपको अच्‍छी नींद लेने में मदद करेगा। जायफल के शामक और शांत (sedative and calming) गुण प्राकृतिक नींद लाने में मदद करते हैं। जायफल में मैग्‍नीशियम भी भरपूर मात्रा में होता है जो तंत्रिका तनाव (nerve tension) को कम करने में मदद करता है।

  • सोने के लिए बिस्‍तर पर जाने से पहले प्रतिदिन एक चम्‍मच जायफल पाउडर को गर्म दूध के साथ मिलाकर सेवन करें।
  • जायफल के विकल्‍प के रूप में आप सोने से पहले 2 चम्‍मच जैतून तेल में दो बूंद जायफल के तेल मिलाकर अपने माथे की मालिश करें। यह आपकी अच्‍छी नींद के लिए लाभकारी होता है।
(और पढ़ें -अनिद्रा के कारण, लक्षण और उपचार) 

जायफल तेल के फायदे जोड़ों के दर्द के लिए – Jaiphal Oil for joint pain in hindi

इस आयुर्वेदिक जड़ी बूटी में कई आवश्‍यक शीघ्रवाष्‍पशील (essential volatile) होने वाले तेल होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लामैट्री गुण होते हैं, जैसे मैरिस्टिकिन (myristicin), एमिमिसिन (elemicin) और यूजीनॉल (eugenol) आदि। यह जोड़ों और मांसपेशीय दर्द को दूर करने में मदद करते हैं।

  • जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से निजात पाने के लिए नारियल या जैतून के तेल में थोड़ी सी मात्रा में जायफल के तेल को मिला कर प्रभावित अंगों में लगाकर दिन मे दो या तीन बार हल्‍की मालिश (Light massage) करें।
  • भोजन पकाते समय जायफल के तेल (Nutmeg Oil) की थोड़ी सी मात्रा का उपयोग कर सूजन और इससे संबंधित दर्द को दूर किया जा सकता है।
(और पढ़ें -जोड़ों में दर्द का घरेलू उपचार)

जायफल के फायदे चेहरे के लिए – Jaiphal Benefits for face in Hindi

जायफल के फायदे चेहरे के लिए – Jaiphal Benefits for face in Hindi

हर कोई अपने चेहरे को सुंदर बनाने की कोशिश करता है और इसके लिए रासायनिक उत्‍पादों (Chemical product) का भी उपयोग करता है, जिसके नकारात्‍मक प्रभाव भी देखने को मिलते हैं। शायद आपको पता नहीं जायफल के फायदे त्‍वचा को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में भी हैं। आप मुँहासों के इलाज के लिए जायफल का उपयोग कर सकते हैं। यह सबसे आम त्‍वचा समस्‍याओं में से एक है। इसकी एंटीऑक्‍सीडेंट प्रकृति हानिकारक मुक्‍त कणों (free-radical) से लड़ने में मदद करते हैं जो त्‍वचा से मुंहासों को दूर करने में मदद करते हैं।

  • जायफल पाउडर (Nutmeg powder) और शहद की बराबर मात्रा लें और इसका पेस्‍ट बनाकर प्रभावित क्षेत्र में लगाएं। इसे 20 मिनिट तक रहने दें और फिर इसे साफ पानी से धो लें। ऐसा आप कुछ दिनों तक लगातार करें, यह आपके चेहरे से मुंहासों को दूर करने में मदद करेगा।
  • मुंहासों (Acne) को दूर करने के लिए आप 1 चम्‍मच कच्‍चे दूध में ¼ चम्‍मच जायफल पाउडर मिलाकर मुंहासों पर लगाएं और आधा घंटे के बाद इसे गर्म पानी से धो लें। इस प्रक्रिया को प्रतिदिन करें यह भी आपके चेहरे में सुदंरता लाने में मदद करता है।

जायफल का चूर्ण पाचन के लिए फायदेमंद – Jaiphal Powder for Improves Digestion in Hindi

जायफल का चूर्ण पाचन के लिए फायदेमंद – Jaiphal Powder for Improves Digestion in Hindi

पाचन तंत्र के लिए जायफल के फायदे को झुटलाया नहीं जा सकता है। सामान्‍य मतली, उल्‍टी, अपचन, सूजन, गैस और दस्‍त आदि समस्‍याओं को दूर करने के साथ-साथ यह क्रोन डिसीज (Crohn’s disease) जिसे आंत में अवरोध के रूप में जाना जाता है के लक्षणों को भी कम करने में मदद करता है। यह गैस्ट्रिक और आंतों के रस के स्राव को बढ़ाने में भी मदद करता है। जायफल के आवश्‍यक तेल पाचन तंत्र (Digestive System) को मजबूत करने में मदद करते हैं।

  • पाचन समस्‍या ( Digestive problems) से पीड़ित होने पर आपको बस इतना करना है कि आप जो भी सूप या पेय पदार्थों का सेवन करते हैं उसमें एक चुटकी जायफल चूर्ण मिलाएं और इसका सेवन करें। यह आपके पाचन संबंधी सभी प्रकार की समस्‍याओं को दूर करने में आपकी मदद करेगा।

जायफल के नुकसान – Jaiphal ke Nuksan in Hindi

जायफल के नुकसान – Jaiphal ke Nuksan in Hindi

सामान्‍य रूप से कम मात्रा में जायफल के सेवन से किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होता है। यदि इसे अधिक मात्रा में लिया जाता है तो इसके कुछ गंभीर नुकसान हो सकते हैं जो इस प्रकार हैं :

  • जायफल को अधिक मात्रा (लगभग 30 ग्राम) में सेवन करने पर यह आपके लिए जहरीला हो सकता है, जो आपके लिए दोहरी द्रष्टि (double vision) और आवेग पैदा कर सकते हैं। लेकिन यदि इनका कम मात्रा में उपयोग किया जाए तो    यह पूरी तरह से सुरक्षित होता है।
  • अधिक मात्रा में जायफल का सेवन करने पर कुछ लोगो में प्‍यास, चक्‍कर आना, मतली, उल्‍टी, छाती और पेट दर्द, मुंह का सूखना जैसी कई समस्‍याएं हो सकती हैं।
  • ज्‍यादा गंभीर (More serious) नुकसानों में क्रोन रोग, दिल के दौरे आदि शामिल हैं।
  • गर्भवती और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को जायफल का अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं में यह गर्भापात या जन्‍म दोष (miscarriages or birth defects) का कारण बन सकता है।

(और पढ़ें –गर्भपात के बाद होने वाली समस्‍याएं )

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