घर पर कैसे बनाये नीम का तेल - How To Make Neem Oil At Home In Hindi
तेल

घर पर कैसे बनाये नीम का तेल – How To Make Neem Oil At Home In Hindi

घर पर कैसे बनाये नीम का तेल - How To Make Neem Oil At Home In Hindi

Neem Oil In Hindi नीम का तेल घर पर बनाने की विधि को अपनाकर आप इसे घर पर ही बना सकते हैं। नीम का तेल हमारे दैनिक जीवन और विशेष रूप से त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने का सबसे अच्‍छा तरीका है। घर का बना नीम तेल बहुत सी स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने में मदद करता है। बाजार से खरीदे गए नीम के तेल में कुछ रासायनिक घटक हो सकते हैं जो आपके लिए हानिकारक होते हैं। लेकिन घर पर नीम का बनाया गया तेल पूर्ण रूप से शुद्ध होता है। आज इस लेख में आप नीम का तेल घर पर कैसे बनाएं संबंधी विभिन्‍न विधियों की जानकारी प्राप्‍त करेगें।

विषय सूची

  1. नीम का तेल क्‍या है – What is Neem Oil in Hindi
  2. नीम तेल के गुण  – Neem tel ke gun in Hindi
  3. नीम का तेल घर पर कैसे बनाया जाता है – How to make neem oil at home in Hindi
  4. नीम के तेल के फायदें – The benefit of neem oil in Hindi

नीम का तेल क्‍या है – What is Neem Oil in Hindi

नीम का तेल क्‍या है – What is Neem Oil in Hindi

यह एक वनस्‍पति तेल है जो उष्‍णकटिबंधीय वृक्ष नीम के पेड़ की पत्तियों और फल के बीजों से प्राप्‍त किया जाता है। नीम का वानस्पतिक नाम अज़ादिराचा इंडिका (Azadirachta Indica) है जो कि एक सदाबहार पेड़ है। कीटनाशकों के रूप में उपयोग किये जाने वाले नीम के तेल का रंग पीला भूरा होता है जिसका स्वाद कड़वा होता है, इसमें लहसुन और सल्‍फर की गंध होती है। नीम के तेल का व्‍यवसायिक रूप से दवाओं के निमार्ण और जैविक खेती के लिए उपयोग किया जाता है। नीम तेल का उपयोग कई प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए भी किया जाता है।

(और पढ़े – नीम तेल के फायदे और नुकसान…)

नीम तेल के गुण  – Neem tel ke gun in Hindi

नीम का तेल स्‍वाद में कड़वा और गैर-खाद्य तेल है। नीम का वैज्ञानिक नाम अज़ादिराचा इंडिका होता है जिसमें 45 प्रतिशत तेल सामग्री होती है। नीम के तेल में लिनोलेइक एसिड (Linoleic acid) 15 प्रतिशत और ओलिक एसिड (Oleic acid) 50 प्रतिशत होता है। इसमे किसी प्रकार का फैटी एसिड नहीं होता है। नीम तेल एक ट्राइटरपेनोइक यौगिक है जो एंटीफंगल, एंटीसेप्टिक, एंटीहिस्‍टामाइन और एंटीप्रेट्रिक जैसे गुणों से भरपूर होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन ई, एंटीऑक्‍सीडेंट, कैल्शियम आदि भी अच्‍छी मात्रा में होते हैं।

(और पढ़े – नीम के फायदे और नुकसान…)

नीम का तेल घर पर कैसे बनाया जाता है – How to make neem oil at home in Hindi

नीम का तेल पौधे के दो अलग-अलग हिस्‍सों से बनाया जाता है। नीम का तेल बनाने के लिए नीम के बीज या नीम की पत्तियों या फिर कभी-कभी दोनों हिस्सों का उपयोग किया जाता है। नीम के बीज को कम तापमान में दबाव दिया जाता है और तेल प्राप्‍त किया जाता है। इस तेल को सबसे प्रभावी माना जाता है। हालांकि नीम का तेल बड़ी-बड़ी फैक्‍ट्रीयों में तैयार किया जाता है। लेकिन आप नीम के तेल को अपने घर पर तैयार कर सकते हैं। आइए जाने किस तरह होम मेड नीम ऑयल तैयार किया जाता है।

घर पर नीम का तेल बनाने की कोल्‍ड कंप्रेस विधि – Cold compression method of making neem oil at home in Hindi

नीम का तेल बाजार में आसानी से प्राप्‍त हो जाता है। लेकिन यदि आपको इसकी शुद्धता संबंधी किसी प्रकार की शंका है तो आप इस तेल को घर पर भी बना सकते हैं। नीम का तेल बनाने के लिए आप कोल्‍ड कंप्रेश या कम तापमान पर दबाव वाली विधि का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक एयर टाइट कांच के जार की आवश्‍यकता होती है। इसके अलावा आपको नीम की ताजी पत्तियां और नारियल का तेल भी चाहिए।

घर पर नीम तेल बनाने का तरीका

सबसे पहले आप नीम की पत्तियों को धो लें और सुनिश्चित करें कि नीम की पत्तियों में धूल या कंकड़ आदि न हों। इसके बाद आप पत्तियों के पानी को अच्‍छी तरह से सुखा लें। फिर इन पत्तियों को कांच के जार में रखें। इसके बाद इन पत्तियों के डूबने तक नारियल का तेल इस जार में भरें। जब पूरी पत्तियां तेल में डूब जाएं तब जार के ढक्‍कन को अच्‍छी तरह से बंद कर दें। इसके बाद आप इस जार को कम से कम 2 सप्‍ताह के लिए अलग रख दें। सामान्‍य रूप से इस जार को कमरे के तापमान में रखें और इस बात का विशेष ध्‍यान दें कि सूरज की सीधी धूप इस पर न पड़ें। क्‍योंकि सूरज की सीधी धूप नीम तेल की गुणवत्ता को खराब कर सकती है।

2 सप्‍ताह के बाद आप इस जार में रखे तेल को छन्‍नी की मदद से छान कर अलग निकाल लें। इस तेल को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आप इसमें कुछ नई पत्तियों को फिर से रख कर प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं। हालांकि इस विधि से प्राप्‍त तेल में आपको आवश्‍यक तेल का केवल बहुत छोटा हिस्‍सा प्राप्‍त होता है। आप इस तेल को ठंडी और सुरक्षित जगह पर रखें। इस तेल का उपयोग 3 से 4 माह के अंदर कर लिया जाना चाहिए।

(और पढ़े – नीम की पत्ती के फायदे और नुकसान…)

घर पर नीम तेल बनाने की गर्म जलसेक विधि – Hot infusion method to make neem oil in Hindi

नीम तेल को घर पर बनाने के लिए आप गर्म जलसेक विधि को भी अपना सकते है। नीम तेल को बनाने के लिए आपको ताजे नीम के पत्ते (तनों के साथ), नारियल का तेल, एक अच्छा सॉस पैन (saucepan), और इसे छानने के लिए छलनी का आवश्कता होती है। आइये इसे बनाने की विधि को विस्तार से जानते हैं।

नीम तेल बनाने की गर्म जलसेक विधि

घर पर नीम के तेल को बनाने के लिए आप सबसे पहले नीम के पत्तों को लेकर उनको धो लें और फिर उनको एक पेपर टॉवल (paper towel) पर रख कर अतिरिक्त पानी को हटा कर सुखा लें। अब आप एक सॉस पैन लेकर उसमे थोड़ी मात्रा में नारियल का तेल डाल लें और इसे रसोई में आग पर गर्म करें। ठंडा होने पर नारियल का तेल थोड़ा दूधिया होता है लेकिन गर्म होने पर यह रंग खो देता है। आपको इसे पूरी तरह से पारदर्शी होने तक गर्म करने की आवश्यकता है। अब आप ब्लेंडर या ग्राइंडर की मदद से नीम की पत्तियों को पीस लें। पीसने की बाद आप एक पेस्ट प्राप्त करेंगे। आप इस पेस्ट को नारियल के तेल में मिलकर हिलाते जाएं, मिश्रण को लगातार और अच्छी तरह से हिलाते हुए, उबलने दें।

जब यह उबल जाएं तो आग को कम कर दें और जब आपको सॉस पैन में तरल हरा दिखाई देने लगे तो आप आग को बंद कर दें। जब यह तरह ठंडा हो जाएं तो आप एक साफ और सूखे ग्लास जार में तेल को छान लें। इसका उपयोग करने के बाद आप इसे ठंडी जगह पर स्टोर करें। यदि इस तेल पर सीधी धूप ना पड़ें तो आप इसे कई महीनों तक प्रयोग कर सकते हैं।

(और पढ़े – नीम के बीज के फायदे और नुकसान…)

घर पर नीम के पानी का अर्क की बनाने की विधि – Making Neem water extract at home in Hindi

आपको घर में नीम का पानी बनाने के लिए नीम के पत्ते और डंठल, कुछ पानी, उबलने के लिए एक बड़ा कटोरा और छानने के लिए एक छलनी आवश्यकता होगी। नीम के पानी का अर्क कॉस्मेटिक या औषधीय प्रयोजनों के लिए उपयोग नहीं किया जाता है, इसलिए आप इन पत्तियों की सफाई के बारे में ज्यादा चिंता ना करें। नीम के पानी का अर्क का उपयोग अधिकांस एक बगीचे के लिए प्राकृतिक जैविक कीटनाशक के रूप में किया जाता है। यह नीम के पानी का अर्क टिक्स (ticks), मच्छरों और अन्य कीड़ों से बचाने मदद करता है। आइये इसे बनाने की विधि को विस्तार से जानते हैं।

नीम के पानी का अर्क की बनाने की विधि

नीम की पत्तियों का अर्क बनाने के लिए आप सबसे पहले नीम के पेड़ से पत्तियों से तोड़ कर एक कटोरे में रख लें। अब इस कटोरे में पर्याप्त मात्रा में पानी डालें जिससे पत्तियां डूब जाएं। अब आप इस कटोरे को आग में रख कर धीमी आंच में उबलने दें। जब यह अच्छी तरह से उबल जाए तो आग को कम कर दें और कटोरे को ढक्कन से ढक दें। आप इसे केवल 5 मिनिट तक उबलने दें, नीम की पत्तियों से हर उपयोगी चीज को संचारित करने के लिए 5 मिनिट पर्याप्त होते हैं। इसके बाद आप इस कटोरे को आग से नीचे उतार दें और ठंडा होने दें। जब यह नीम का अर्क ठंडा हो जाएं तो पत्तों को हाथ से बाहर निकल कर पत्तियों को कसकर निचोड़ें। अब इस पानी को आप किसी टाइट ढक्कन वाली बोतल या जार में भर कर रख लें।

नीम के पानी के अर्क का प्रयोग करने के लिए आप विशेष उपकरणों की मदद से बगीचे के पौधों पर स्प्रे करें। यह पालतू जानवरों के लिए नुकसानदायक नहीं होता है पर यह आपके बगीचे से कीड़े भगाने में आपकी मदद कर सकता हैं।

(और पढ़े – नीम जूस के फायदे और नुकसान…)

नीम के तेल के फायदें – The benefit of neem oil in Hindi

नीम के तेल के फायदें - The benefit of neem oil in Hindi

बालों और स्कैल्प की समस्यों को दूर करने के लिए घर का बना नीम का तेल बहुत ही फायदेमंद माना जाता हैं। ऊपर दी गई जानकारी से आप यह जान गए होंगे कि नीम के पत्तों से नीम का तेल कैसे बनाया जाता है। बालों के लिए नीम के तेल के साथ ताजा तुलसी के पत्तों को जोड़ने की भी सिफारिश की जाती है, क्योंकि इससे बालों और खोपड़ी पर अच्छा प्रभाव है। यह उपाय बालों को मजबूत बनाने, जूँ और उनके लार्वा को मारने में, स्कैल्प की सूजन को दूर करने और रेशम के जैसे बालों को चमकदार बनाने के लिए काम करता है।

बालों में नीम के तेल का प्रयोग करने के लिए आप कोल्‍ड कंप्रेस विधि को अपना सकते हैं। धुले हुए नीम और तुलसी के पत्तों को पीसकर उबलते हुए किसी सामान्य ऑयल में मिलाएं। अब मिश्रण को 15 मिनट तक उबलने दें और फिर आग से हटा दें। ठंडा होने के बाद आप इस तेल को अपने सिर में लगायें। इसे कम से कम 2 घंटे के लिए लगा रहने दें और फिर धो लें। आप इस तेल को धूप बचाकर एक टाइट ढक्कन वाले डिब्बे में भर कर, इसे बिना फ्रिज के तीन से चार महीने तक रख सकते हैं।

सावधानी – याद रखें कि नीम को सबसे शक्तिशाली कार्बनिक गर्भ निरोधकों में से एक कहा जाता है। यदि आप गर्भवती हैं या गर्भावस्था की योजना बना रही हैं, तो नीम के तेल का किसी भी रूप में प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

(और पढ़े – नीम के पानी में नहाने के फायदे…)

इसी तरह की अन्य जानकरी हिन्दी में पढ़ने के लिए हमारे एंड्रॉएड ऐप को डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। और आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।

References

  1. Xin Tinghui et al. World Distribution and Trade in Neem Products with Reference to their Potential in China. AARES 2001 conference of Australian Agricultural and Resource Economics Society, Adelaide.
  2. Abhinav Singh, Bharathi Purohit. Tooth brushing, oil pulling and tissue regeneration: A review of holistic approaches to oral health . J Ayurveda Integr Med. 2011 Apr-Jun; 2(2): 64–68. PMID: 21760690
  3. Elavarasu S et al. Evaluation of anti-plaque microbial activity of Azadirachta indica (neem oil) in vitro: A pilot study. J Pharm Bioallied Sci. 2012 Aug;4(Suppl 2):S394-6. PMID: 23066297
  4. Läuchli S et al. Post-surgical scalp wounds with exposed bone treated with a plant-derived wound therapeutic. J Wound Care. 2012 May;21(5):228, 230, 232-3. PMID: 22584740
  5. National Research Council (US) Panel on Neem. Neem: A Tree For Solving Global Problems. Washington (DC): National Academies Press (US); 1992. 7, Medicinals.
  6. Mehlhorn H et al. Ovicidal effects of a neem seed extract preparation on eggs of body and head lice. Parasitol Res. 2011 Nov;109(5):1299-302. PMID: 21484346
  7. Franco P et al. Hypericum perforatum and neem oil for the management of acute skin toxicity in head and neck cancer patients undergoing radiation or chemo-radiation: a single-arm prospective observational study. . Radiat Oncol. 2014 Dec 29;9:297. PMID: 25544371
  8. Sharma R et al. Neem Seed Oil Induces Apoptosis in MCF-7 and MDA MB-231 Human Breast Cancer Cells . Asian Pac J Cancer Prev. 2017 Aug 27;18(8):2135-2140. PMID: 28843234
  9. Dhiraj Kumar et al. Epoxyazadiradione suppresses breast tumor growth through mitochondrial depolarization and caspase-dependent apoptosis by targeting PI3K/Akt pathway . BMC Cancer. 2018; 18: 52. PMID: 29310608
  10. Kausik Biswas et al. Biological activities and medicinal properties of neem (Azadirachta indica). CURRENT SCIENCE, VOL. 82, NO. 11, 10 JUNE 2002

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration