स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट – Sperm Leakage, Causes, Symptoms and Treatment In Hindi




स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है, कारण, लक्षण और ट्रीटमेंट - Sperm Leakage, Causes, Symptoms and Treatment In Hindi
Written by Daivansh

Sperm Leakage in Hindi स्पर्म लीकेज की समस्या एक सामान्य समस्या है, जो युवाओं को 20 बर्ष की उम्र के आसपास अधिक प्रभावित करती है। कभी कभी स्पर्म लीकेज होना कोई चिंता का विषय नहीं होता है लेकिन यदि बार बार स्पर्म लीकेज होता है तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है जिसके कारण इसका इलाज किया जाना आवश्यक हो जाता है। इसके अतिरिक्त वीर्य का रिसाव कभी-कभी यौन संचारित रोग का संकेत हो सकता है। वीर्य रिसाव पीठ दर्द, बालों का झड़ना और अंडकोष में दर्द आदि लक्षणों के उत्पन्न होने का कारण भी बन सकता है।

अतः आज इस लेख में आप जानेंगे कि स्पर्म लीकेज क्या है, इसके कारण और ट्रीटमेंट के बारे में।

  1. स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है – What is sperm leakage in hindi
  2. वीर्य रिसाव किन किन स्थितियों में हो सकता है? – In which situations can semen leak in Hindi
  3. स्पर्म लीकेज के लक्षण – Seminal Leakage symptoms in hindi
  4. वीर्य का रिसाव या स्पर्म लीकेज का कारण – Sperm leakage causes in Hindi
  5. स्पर्म लीकेज का कारण है कामोत्तेजना – Sperm Leakage causes Sexual arousal in Hindi
  6. स्पर्म लीकेज का कारण स्वप्नदोष – Sperm leakage causes Nocturnal emissions in hindi
  7. दवा के साइड इफेक्ट के कारण स्पर्म लीकेज होना – Sperm leakage caused by Medication side effects in hindi
  8. वीर्य रिसाव का कारण प्रोस्टेट समस्याएं – Semen Leakage caused by Prostate problems in hindi
  9. स्पर्म लीकेज का कारण तंत्रिका की चोट – Semen Leakage causes nerve injury in hindi
  10. वीर्य रिसाव से जुड़े मिथक – Semen leakage myths in hindi
  11. स्पर्म लीकेज के लिए डॉक्टर को कब दिखाएँ – When to see a doctor for Semen leakage in hindi
  12. वीर्य का रिसाव या स्पर्म लीकेज ट्रीटमेंट – Semen leakage treatment in hindi

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) क्या है – What is sperm leakage in hindi

स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) पुरुषों में उत्पन्न होने वाली एक समस्या है, जिसके तहत बिना किसी यौन उत्तेजना के किसी भी समय लिंग से वीर्य का रिसाव होता है।

जब किसी पुरुष में सेक्स या जननांग उत्तेजना के दौरान स्खलन (ejaculates) होता है, तो लिंग से निकलने वाला सफ़ेद तरल पदार्थ वीर्य (स्पर्म) कहलाता है। स्पर्म मुख्य रूप से सेमिनल द्रव (seminal fluid) से बना है, जिसका निर्माण प्रोस्टेट और वीर्य पुटिका (seminal vesicle) द्वारा होता है। वीर्य पुटिका, प्रोस्टेट के पीछे स्थित एक छोटी ग्रंथि है। वीर्य में कुछ मात्रा में शुक्राणु उपस्थित होते हैं।

आमतौर पर यह माना जाता है, कि वीर्य सेक्स या हस्तमैथुन के दौरान केवल लिंग से बाहर आता है। लेकिन कभी-कभी बिना यौन उत्तेजना के व्यक्ति के लिंग से वीर्य का रिसाव हो सकता है, जो कि चिकित्सकीय समस्या का संकेत भी हो सकता है।

यौन क्रिया के दौरान वीर्य का रिसाव या स्पर्म लीकेज होना एक सामान्य घटना है। लेकिन कुछ चिकित्सकीय स्थितियां ऐसी भी हैं, जिनके कारण लिंग से वीर्य का रिसाव हो सकता है। अतः इन चिकित्सकीय कारणों का इलाज प्राप्त कर स्पर्म लीकेज की समस्या से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है, जबकि स्पर्म लीकेज के अन्य कारण बिना किसी चिकित्सा समस्या से सम्बंधित हो सकते हैं।

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वीर्य रिसाव किन किन स्थितियों में हो सकता है? – In which situations can semen leak in Hindi

वीर्य रिसाव सबसे आम समस्या में से एक है जो पुरुषों को प्रभावित करती है। ऐसे कई उदाहरण हैं जब स्पर्म, वीर्य या शुक्राणु के रिसाव की संभावना अधिक हो जाती है, जैसे कि पेशाब के दौरान, बाथरूम का उपयोग करते समय और जब आपकी सेक्स ड्राइव (उत्तेजना) अधिक हो रही हो तब। क्योंकि शुक्राणु का रिसाव कभी-कभी यौन संचारित रोग का संकेत हो सकता है।

पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होंना – Seminal leaking after urination in hindi

पेशाब के बाद स्पर्म लीकेज एक सामान्य स्थिति है, जो कुछ पुरुषों को अधिक प्रभावित करती है। हालाँकि यह लक्षण आमतौर पर हानिरहित होता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति को लगता है, कि पेशाब के बाद लीक होने वाला तरल पदार्थ वीर्य नहीं है, बल्कि किसी चोट या संक्रमण से संबंधित निर्वहन है, तब इस स्थिति में सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

हालाँकि पेशाब के बाद स्पर्म लीकेज की स्थिति का कारण प्रतिगामी स्खलन (रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन) भी हो सकता है। रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन की स्थिति में वीर्य, लिंग से बाहर निकलने के बजाय मूत्राशय में प्रवेश करता है। यह समस्या आमतौर धुंधले मूत्र का कारण बनती है।

यदि किसी व्यक्ति को कभी-कभी पेशाब के बाद वीर्य का रिसाव होता है, तो उसे किसी भी प्रकार के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार उत्पन्न होती है, तो डॉक्टर का परामर्श लेना आवश्यक हो जाता है।

विभिन्न कारक पेशाब के दौरान शुक्राणु के रिसाव की समस्या में योगदान कर सकते हैं, और ये कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न हो सकते हैं। हालांकि अत्यधिक हस्तमैथुन को इसके कारण के रूप में स्वीकार किया जाता है, प्रतिगामी स्खलन जहां वीर्य मूत्राशय में जाता है, तब अक्सर वीर्य रिसाव होता है। अन्य चिकित्सा समस्याएं जैसे कि जननांग अंगों की विकृति, जस्ता की कमी, मूत्रजननांगी प्रणाली का संक्रमण और शराब का सेवन भी वीर्य के रिसाव का कारण है। धूम्रपान को कम करना, शराब का उपयोग कम करना और सबसे महत्वपूर्ण बात, इस समस्या को कम करने के लिए आपको हस्तमैथुन को कम करना होगा।

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साथी के साथ बातचीत के दौरान वीर्य का रिसाव होना – Sperm leakage during interaction with the partner in Hindi

कुछ पुरुष अपने साथी के साथ बातचीत करते समय भी वीर्य का रिसाव महसूस करते हैं। यह सेक्स से ठीक पहले या सेक्स के बाद या बस अपने साथी से बात करते समय हो सकता है। इसका सटीक कारण ज्ञात नहीं है, और वीर्य के रिसाव की मात्रा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होती है। यदि महिला इसके संपर्क में आती है तो महिला साथी एसटीआई विकसित कर सकती है या गर्भवती हो सकती है। यौन उत्तेजना को नियंत्रित करने के अलावा, शुक्राणु रिसाव को रोकने के लिए व्यावहारिक रूप से कोई रास्ता नहीं है। किसी भी तरह की अवांछित घटना से बचने के लिए शुरुआत से ही कंडोम का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।

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बाथरूम का उपयोग करते समय वीर्य का रिसाव – Sperm leakage while using the bathroom in Hindi

पुरुषों द्वारा सामना की जाने वाली एक और आम समस्या है मल त्याग के दौरान वीर्य का स्त्राव। वीर्य के उत्पादन की प्रक्रिया निश्चित है और वीर्य के एक निश्चित स्तर के उत्पादन में अंडकोष सहायता करता है, जबकि प्रोस्टेट ग्रंथि इसका अधिकांश उत्पादन करती हैं। जब नसें कमजोर हो जाती हैं, या प्रोस्टेट ग्रंथि सिकुड़ जाती है, तो शौचालय का उपयोग करते समय शुक्राणुओं का रिसाव हो सकता है। इसके सबसे सामान्य कारणों में अक्सर हाथ का अभ्यास (हस्तमैथुन), स्खलन के बिना लगातार उत्तेजना और अक्सर कामुक विचारों में लिप्त रहना होता है। इस मुद्दे पर अंकुश लगाने के विभिन्न प्राकृतिक साधन हैं, हालांकि बाथरूम का उपयोग करते समय वीर्य रिसाव को कम करने के लिए स्वस्थ आदतों को अपनाना सबसे महत्वपूर्ण कारक है।

हालांकि किसी भी व्यक्ति को अवांछित वीर्य स्राव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है, यह आमतौर पर उन लोगों में देखा जाता है जो कामुक विचारों में डूब जाते हैं या बहुत अधिक हस्तमैथुन करते हैं। इसलिए इस शर्मनाक समस्या से छुटकारा पाने के लिए इन्हें कम करने का सुझाव दिया गया है।

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स्पर्म लीकेज के लक्षण – Seminal Leakage symptoms in hindi

स्पर्म लीकेज के कारणों के आधार पर अनेक प्रकार के लक्षणों को महसूस किया जा सकता है। अपितु स्पर्म लीकेज की स्थिति में व्यक्ति बगैर यौन उत्तेजना के किसी भी समय वीर्यपात कर सकता है। कुछ व्यक्ति स्पर्म लीकेज के साथ-साथ अन्य लक्षणों को भी महसूस कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-

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स्पर्म लीकेज का कारण – Sperm leakage causes in Hindi

यौन उत्तेजना के दौरान लिंग से वीर्यपात या स्पर्म लीकेज होना सामान्य बात है, लेकिन यौन उत्तेजना के बगैर स्पर्म लीकेज की समस्या कुछ अन्य समस्याओं की ओर संकेत कर सकती है। अतः सचेतन यौन उत्तेजना के अलावा, स्पर्म लीकेज (वीर्य रिसाव) के अन्य सामान्य कारणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • जननांग अंगों की विकृति
  • जिंक की कमी
  • क्रोनिक संक्रमण
  • शराब का दुरुपयोग
  • अत्यधिक हस्तमैथुन

इसके अलावा स्पर्म लीकेज के कुछ विशिष्ट कारण भी हो सकते हैं, जैसे:

  • स्वप्नदोष (nocturnal emissions)
  • दवा का दुष्प्रभाव
  • प्रोस्टेट की समस्या
  • तंत्रिका की चोट, इत्यादि

इन कारणों के अनेक लक्षण और संकेत हो सकते हैं। अतः स्पर्म लीकेज के लक्षणों के बारे में जानना और अंतर्निहित कारणों का इलाज करना अत्यंत आवश्यक होता है।

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स्पर्म लीकेज का कारण है कामोत्तेजना – Sperm Leakage causes Sexual arousal in Hindi

कामोत्तेजना शारीरिक या मानसिक स्थिति से समबन्धित समस्या है, जिसके तहत वीर्य का रिसाव यौन उत्तेजना या केवल यौन विचार के कारण होता है। अतः इस समस्या में स्खलन या तो शारीरिक या फिर मानसिक उत्तेजना की कमी के साथ होता है।

कामोत्तेजना (Sexual arousal) की समस्या एक अंतर्निहित बीमारी के कारण उत्पन्न हो सकती है, जिसमें मधुमेह या संवहनी रोग (vascular disease) शामिल हैं। यह बीमारियाँ जननांगों से जुडी शारीरिक भावना को कम करती हैं। इसके अतिरिक्त हार्मोनल असंतुलन, कुछ दवाओं और रिश्तों में तनातनी के मामले भी कामोत्तेजना (Sexual arousal) का कारण बन सकते हैं और वीर्य रिसाव (स्पर्म लीकेज) कर सकते हैं।

स्पर्म लीकेज की समस्या में सम्बंधित व्यक्ति शीघ्रपतन का अनुभव कर सकता है, जो कि एक अंतर्निहित स्थिति की ओर संकेत है। हालांकि शीघ्रपतन के ज्यादातर मामले मनोवैज्ञानिक कारणों से सम्बंधित होते हैं।

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स्पर्म लीकेज का कारण स्वप्नदोष – Sperm leakage causes Nocturnal emissions in hindi

नोक्टुर्नल एमिशन (Nocturnal emissions) की समस्या को “वेट ड्रीम” (wet dreams) के रूप में भी जाना जाता है, यह समस्या किशोरावस्था के दौरान और कभी-कभी व्यक्ति के 20 के दशक में सबसे आम है। इस समस्या के तहत अधिकांश पुरुष रात के समय स्पर्म लीकेज का अनुभव करते हैं। स्वप्नदोष या नोक्टुर्नल एमिशन (Nocturnal emissions), रात में सोते समय वीर्य का अनैच्छिक रूप से स्खलन होना है। यह समस्या बेडशीट या यौन सपनों के माध्यम से जननांग उत्तेजित होने के कारण वीर्यपात का कारण बनती है। अधिक संभोग करने या हस्तमैथुन करने के कारण भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।

अधिकांश पुरुषों को नोक्टुर्नल एमिशन (Nocturnal emissions) के लिए किसी भी प्रकार के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ या 20 से अधिक होने पर यह समस्या आमतौर पर कम हो जाती है।

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दवा के साइड इफेक्ट के कारण स्पर्म लीकेज होना – Sperm leakage caused by Medication side effects in hindi

एंटीडिप्रेसेंट, मूड स्टेबलाइजर्स (mood stabilizers) और कुछ हार्मोन उपचारक दवाओं के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी सम्बंधित व्यक्ति को वीर्य रिसाव (स्पर्म लीकेज) की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

सेलेक्टिव सेरोटोनिन रूप्टेक इनहिबिटर (SSRI), जो कि एंटीडिपेंटेंट्स ड्रग है, यह वीर्य रिसाव और अन्य यौन सम्बन्धी दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, जिनमें कम कामेच्छा (कम सेक्स ड्राइव), देरी से स्खलन और स्तंभन दोष आदि शामिल हैं। ये दुष्प्रभाव SSRI ड्रग के प्रकार, खुराक और अन्य दवाओं के साथ संयोजन पर निर्भर करते हैं।

अवसाद (depression) का इलाज करने में मनोचिकित्सा और दवा दोनों प्रभावी विकल्प हैं। यदि एंटीडिप्रेसेंट दवा के सेवन के दौरान किसी व्यक्ति को यौन दुष्प्रभाव से सम्बंधित समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से परामर्श प्राप्त करना चाहिए। कुछ मामलों में, व्यक्ति द्वारा ली जाने वाली दवाओं की खुराक को समायोजित करने या किसी अन्य दवा द्वारा स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ सकती है। डॉक्टर की अनुमति के बगैर SSRI या अन्य एंटीडिप्रेसेंट दवाओं के सेवन पर रोक नहीं लगानी चाहिए।

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वीर्य रिसाव का कारण प्रोस्टेट समस्याएं – Semen Leakage caused by Prostate problems in hindi

प्रोस्टेट ग्रंथि से सम्बंधित समस्याओं के कारण भी स्पर्म लीकेज की समस्या उत्पन्न हो सकती है। प्रोस्टेट ग्रंथि वीर्य का उत्पादन करने के साथ-साथ वीर्य को मूत्रमार्ग के माध्यम से लिंग से बाहर निकलने में मदद करती है। हालाँकि प्रोस्टेट कई स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकता है, जिनमें प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर की समस्याएँ प्रमुख है।

प्रोस्टेटाइटिस को प्रोस्टेट की सूजन और वृद्धि के रूप में जाना जाता है। इसके प्रमुख कारणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है:

  • जीवाणु संक्रमण (bacterial infection)
  • तंत्रिका की चोट
  • प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और सूजन को ट्रिगर करने वाला कोई भी पदार्थ,

प्रोस्टेट कैंसर का मुख्य कारण अभी भी अज्ञात है। हालांकि, कुछ आनुवंशिक परिवर्तन इस समस्या को  ट्रिगर करते हैं। प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर जैसी अन्य प्रोस्टेट समस्याओं की स्थिति में वीर्य रिसाव (semen leakage) के अलावा निम्न लक्षण भी प्रगट हो सकते हैं, जैसे:

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स्पर्म लीकेज का कारण तंत्रिका की चोट – Semen Leakage causes nerve injury in hindi

जब किसी व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र में किसी प्रकार की चोट लगती है या क्षति पहुँचती है, तो वह व्यक्ति स्खलन में परिवर्तन और वीर्य रिसाव (semen leakage) का अनुभव कर सकता है। अनेक कारक  स्खलन में शामिल नसों को प्रभावित कर तंत्रिका क्षति का कारण बन सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अधिक उम्र,
  • रीढ़ की हड्डी या कमर की चोट और सर्जरी
  • सूजन या संक्रमण
  • कैंसर उपचार, इत्यादि।

चूँकि स्खलन होने के लिए मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और नसों के बीच उचित पारस्परिक क्रिया होनी चाहिए। तंत्रिका और नसों को प्रभावित कर यौन कार्यों में बदलाव उत्पन्न करने वाली चिकित्सकीय स्थितियों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

तंत्रिका की चोट और अन्य अंतर्निहित कारणों का इलाज कर स्पर्म लीकेज में सुधार लाया जा सकता है।

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वीर्य रिसाव से जुड़े मिथक – Semen leakage myths in hindi

यौन क्रिया की अधिकांश स्थितियों के साथ वीर्य का रिसाव, समाज में अनेक मिथकों और गलतफहमी का विषय बना है।

कुछ व्यक्तियों का मानना ​​है, कि वीर्य रिसाव से सम्बंधित व्यक्ति के शरीर में एक महत्वपूर्ण ऊर्जा को नुकसान पहुँचता है। जिससे यह चिंता, संकट और निराशा पैदा कर सकता है। एक अध्ययन में दिखाया गया है कि व्यवहार चिकित्सा (behavioural therapy), माइंडफुलनेस मेडिटेशन और सामान्य कामुकता (sexuality) और कार्य की बेहतर समझ आदि सभी तरीके इस दृष्टिकोण को बेहतर बनाने में व्यक्तियों की मदद कर सकते हैं।

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स्पर्म लीकेज के लिए डॉक्टर को कब दिखाएँ – When to see a doctor for Semen leakage in hindi

समय-समय पर वीर्य रिसाव (स्पर्म लीकेज) आमतौर पर चिंता का बिषय नहीं है। लेकिन वीर्य का रिसाव बार-बार होता है या परेशानी का कारण बनता है, तो सम्बंधित व्यक्ति को डॉक्टर की सिफारिश लेनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त निम्न लक्षणों के प्रगट होने की स्थिति में सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, जैसे:

  • वीर्य या मूत्र में रक्त की उपस्थिति होने पर
  • वीर्य से बुरी महक उत्पन्न होने पर
  • स्खलन में परिवर्तन होने पर
  • पेशाब या स्खलन के दौरान दर्द होने पर
  • स्वस्थ या सामान्य वीर्य जैसा निर्वहन न होने पर, इत्यादि।

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स्पर्म लीकेज ट्रीटमेंट – Semen leakage treatment in hindi

  • स्पर्म लीकेज की अधिकांश स्थितियों में किसी भी प्रकार के उपचार की आवश्यकता नही होती है। नोक्टुर्नल एमिशन (Nocturnal emissions) की स्थिति में उम्र बढ़ने के साथ-साथ या 20 से अधिक होने पर स्पर्म लीकेज की स्थिति कम होती चली जाती है।
  • यदि रेट्रोग्रेड एजाकुलेशन (retrograde ejaculation) के कारण स्पर्म लीकेज होता है, तो इस स्थिति में किसी भी प्रकार के उपचार की आवश्यकता नहीं होती है। यदि प्रोस्टेट या श्रोणि क्षेत्र की सर्जरी के परिणामस्वरूप स्खलन में परिवर्तन हुआ है, तो इस समस्या का इलाज करना अधिक कठिन हो सकता है। हालाँकि कुछ दवाओं का उपयोग आमतौर पर प्रतिगामी स्खलन (retrograde ejaculation) के इलाज के लिए किया जा सकता है, जिसमें मिडोड्रिन (निम्न रक्तचाप का इलाज करने वाली दवा) और एलर्जी की दवा क्लोरफेनिरामाइन (chlorpheniramine) शामिल है।
  • बैक्टीरियल संक्रमण के कारण उत्पन्न होने वाली प्रोस्टेटाइटिस की समस्या का इलाज करने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं की सिफारिश की जा सकती है।
  • यदि प्रोस्टेट कैंसर के कारण स्पर्म लीकेज की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसके इलाज के दौरान नियमित जांच और परीक्षण करने की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में प्रोस्टेट को हटाने के लिए सर्जरी और अन्य उपचार प्रक्रियाओं की सिफारिश की जा सकती है।
  • यदि एंटीडिप्रेसेंट दवा के सेवन के दौरान किसी व्यक्ति को यौन दुष्प्रभाव से सम्बंधित समस्याएँ उत्पन्न होती हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर से परामर्श प्राप्त करना चाहिए। कुछ मामलों में, व्यक्ति द्वारा ली जाने वाली दवाओं की खुराक को समायोजित करने या किसी अन्य दवा द्वारा स्थानांतरित करने की आवश्यकता पड़ सकती है।
  • शारीरिक चिकित्सा और व्यायाम जैसे- पैल्विक थेरेपी (pelvic therapy) करके और केगल्स (Kegels) अभ्यास भी स्पर्म लीकेज में सुधार ला सकता है।

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