प्रोस्टेट कैंसर क्या है, कारण, लक्षण, जांच और इलाज – What is Prostate Cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर क्या है, कारण, लक्षण, जांच और इलाज - What is Prostate Cancer in Hindi
Written by Sourabh

Prostate Cancer in Hindi प्रोस्टेट कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो प्रोस्टेट में होता है भारत में हर साल प्रोस्टेट कैंसर के 10 लाख से भी अधिक मामले सामने आते हैं प्रोस्टेट एक छोटी से ग्रंथि है जो व्यक्ति के पेट के निचले हिस्से में पायी जाती है। यह मूत्राशय के नीचे और मूत्रमार्ग के पास स्थित है। प्रोस्टेट हार्मोन टेस्टोस्टेरोन द्वारा नियंत्रित होता है और वीर्य को उत्पन्न करने का कार्य करता है, जो सीमेन के रूप में जाना जाता है। सीमेन पदार्थ शुक्राणु युक्त होता है जो स्खलन के दौरान मूत्रमार्ग से निकलता है। इस लेख में आप जानेंगे प्रोस्टेट कैंसर क्या है, कारण, लक्षण, जांच और इलाज के बारे में।

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक है। 65 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में अधिकांश प्रोस्टेट कैंसर होते हैं आम तौर पर प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआत में प्रोस्टेट ग्रंथि तक ही सीमित होता है, जहां पर यह गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। हालांकि, प्रोस्टेट कैंसर के कुछ प्रकार धीरे-धीरे बढ़ते हैं और उन्हें कम से कम इलाज की आवश्यकता हो सकती है, अन्य प्रकार आक्रामक होते हैं और जल्दी फैल सकते हैं।

यदि प्रोस्टेट कैंसर का जल्दी पता चल जाता है, जब यह प्रोस्टेट ग्रंथि तक सीमित है तो इसका सफल उपचार किया जा सकता है।

1. प्रोस्टेट कैंसर क्या है –  What is Prostate Cancer in Hindi
2. प्रोस्टेट कैंसर के प्रकार – Types of Prostate Cancer in Hindi
3. प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण – Symptoms of Prostate Cancer in Hindi
4. प्रोस्टेट कैंसर के कारण और इससे जुड़े खतरे – Prostate cancer causes and risk factors in Hindi
5. प्रोस्टेट कैंसर की शरुआत कैसे होती है – How prostate cancer begins in Hindi
6. प्रोस्टेट कैंसर के खतरे में शामिल हैं –  Prostate Cancer Risk factors in Hindi
7. प्रोस्टेट कैंसर किस उम्र के लोगों को होता है – Prostate cancer age in Hindi
8. प्रोस्टेट कैंसर की जांच – Prostate cancer diagnosis in Hindi
9. प्रोस्टेट कैंसर के चरण – Prostate cancer stages in Hindi
10. प्रोस्टेट कैंसर के उपचार और इलाज – Prostate Cancer Treatment in Hindi

11. प्रोस्टेट कैंसर में जीवित रहने की दर – Prostate cancer survival rate
12. प्रोस्टेट कैंसर से बचने के उपाय – Prevention of Prostate cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर क्या है –  What is Prostate Cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर क्या है -  What is Prostate Cancer in Hindi

जब कोशिकाओं का असामान्य और घातक विकास होता है – जिससे प्रोस्टेट में ट्यूमर बन जाता है- तब इसे प्रोस्टेट कैंसर कहा जाता है। क्यूंकि यह कैंसर प्रोस्टेट की असामान्य कोशिकाओं से बनता है, इसलिए इसको प्रोस्टेट कैंसर कहा जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले कैंसर में से सबसे आम कैंसर है। आम तौर पर प्रोस्टेट कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआत में प्रोस्टेट ग्रंथि तक ही सीमित होता है, जहां यह गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा सकता है, और उसके लक्षण भी साफ़ समझ नहीं आते। हालांकि, जबकि प्रोस्टेट कैंसर के कुछ प्रकार धीरे-धीरे बढ़ते हैं और इन्हें कम से कम इलाज या इलाज की आवश्यकता भी नहीं होती, लेकिन इसके कुछ अन्य प्रकार आक्रामक होते हैं और शरीर में जल्दी फैल सकते हैं।

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प्रोस्टेट कैंसर के प्रकार – Types of Prostate Cancer in Hindi

prostate cancer के अधिकांश मामलों में इसका एक प्रकार का कैंसर होता है जिसे एडेनोकार्सीनोमा (adenocarcinoma) कहा जाता है। यह एक कैंसर है जो प्रोस्टेट ग्रंथि के ऊतक में बढ़ता है।

प्रोस्टेट कैंसर कितनी तेज़ी से बढ़ता है इसको आधार मानके इसे दो भागों में विभाजित किया जा सकता है । इसमें दो प्रकार के कैंसर हैं:

  1. आक्रामक, या तेजी से बढ़ने वाला – aggressive, or fast growing
  2. गैर आक्रामक, या धीमी गति से बढ़ने वाला – nonaggressive, or slow growing

गैर आक्रामक प्रोस्टेट कैंसर में, ट्यूमर या तो समय के साथ बहुत कम बढ़ता है या फिर नहीं ही बढ़ता है। आक्रामक प्रोस्टेट कैंसर के साथ, ट्यूमर जल्दी से बढ़ सकता है और शरीर के अन्य हिस्से जैसे की हड्डियों में फैल सकता है।

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प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण – Symptoms of Prostate Cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण – Symptoms of Prostate Cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों को प्रभावित करने वाला सबसे आम कैंसर है। प्रोस्टेट कैंसर का  शुरुआती चरणों में आमतौर पर कोई लक्षण प्रकट नहीं होते है। हालांकि, यदि लक्षण प्रकट होते हैं, तो वे आमतौर पर निम्नलिखित में से कोई भी एक या उससे ज्यादा हो सकते हैं:

  • पेशाब करने के लिए लगातार मन करना , रात में भी
  • पेशाब शुरू करने और बनाए रखने में कठिनाई
  • मूत्र में खून
  • पेशाब करने में दर्द और कभी कभार ही लेकिन स्खलन में दर्द होना
  • इरेक्शन बनाने में या अचीव करने में कठिनाई
  • हड्डियों में दर्द
  • श्रोणि क्षेत्र में असुविधा

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यदि प्रोस्टेट कैंसर बढ़ जाता है यानि एडवांस्ड या उन्नत स्तिथि में है तब निम्नलिखित लक्षण शामिल हो सकते हैं:

  • हड्डी का दर्द, अक्सर रीढ़, फीमर हड्डी , श्रोणि या पेल्विस, या पसलियों में दर्द
  • हड्डी में  फ्रैक्चर

यदि कैंसर रीढ़ की हड्डी में फैलता है और रीढ़ की हड्डी को संपीड़ित या कम्प्रेस करता है, तो आपको नीचे लिखी समस्याएं हो सकती है:

  • पैर में कमजोरी
  • मूत्र असंयम
  • फीकल असंतुलन

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प्रोस्टेट कैंसर के कारण और इससे जुड़े खतरे – Prostate cancer causes and risk factors in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर के कारण और इससे जुड़े खतरे - Prostate cancer causes and risk factors in Hindi

prostate cancer प्रोस्टेट कैंसर के कोई ज्ञात कारण नहीं है। सभी कैंसर की तरह, यह कई चीजों के कारण हो सकता है, जिसमें पारिवारिक इतिहास या कुछ रसायनों के संपर्क में आना शामिल हैं। प्रोस्टेट कैंसर के जो भी कारण हों, वे प्रोस्टेट में सेल उत्परिवर्तन और अनियंत्रित सेल वृद्धि की ओर ले जाते हैं।

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प्रोस्टेट कैंसर की शरुआत कैसे होती है – How prostate cancer begins in Hindi

यह आमतौर पर ग्रंथि कोशिकाओं में शुरू होता है। इसे एडेनोकार्सीनोमा (adenocarcinoma) के रूप में जाना जाता है। प्रोस्टेट ग्रंथि कोशिकाओं के आकार में छोटे बदलाव होते हैं, जिन्हें प्रोस्टेटिक इंट्राफेथेलियल नेओप्लासिया (पिन) कहा जाता है। यह धीरे-धीरे होता है और प्रगति में आगे तक लक्षण नहीं दिखाता है।

50 साल से अधिक उम्र के सभी पुरुषों में से लगभग 50 प्रतिशत प्रोस्टेटिक इंट्राफेथेलियल नेओप्लासिया (पिन) हैं। हाई-ग्रेड प्रोस्टेटिक इंट्राफेथेलियल नेओप्लासिया (पिन) को पूर्व-कैंसर माना जाता है, और इसके लिए आगे की जांच की आवश्यकता होती है। निम्न ग्रेड प्रोस्टेटिक इंट्राफेथेलियल नेओप्लासिया (पिन) चिंता का कारण नहीं होता है।

मेटास्टेसिस से पहले जांच होने पर प्रोस्टेट कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया जा सकता है, लेकिन यदि यह फैलता है, तो यह अधिक खतरनाक होता है। यह आमतौर पर हड्डियों में फैलता है।

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प्रोस्टेट कैंसर के खतरे में शामिल हैं –  Prostate Cancer Risk factors in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर किसी भी व्यक्ति में हो सकता है, मगर कुछ कारण ऐसे हैं जो इस रोग के लिए आपका खतरा बढ़ाते हैं। इन जोखिम कारकों में शामिल हैं:

बढ़ती उम्र (Age): उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

प्रोस्टेट कैंसर का एक पारिवारिक इतिहास (Family history): अगर आपके परिवार में पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर था, तो आपका जोखिम बढ़ सकता है।

मोटापा (Obesity): प्रोस्टेट कैंसर मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में होने की संभावना अधिक हो सकती है और इलाज भी अधिक कठिन होता है।

अनुवांशिक परिवर्तन (genetic changes): अनुवांशिक परिवर्तन के अलावा आप जहां रहते हैं वहां भी आपमें यह कैंसर आने का जोखिम हो सकता है।

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प्रोस्टेट कैंसर किस उम्र के लोगों को होता है – Prostate cancer age in Hindi

जैसा ऊपर बताया गया है, उम्र प्रोस्टेट कैंसर के लिए प्राथमिक जोखिम कारक है। यह बीमारी 65 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में अक्सर होती है।

वास्तव में, प्रोस्टेट कैंसर फाउंडेशन के अनुसार, 40 वर्ष से कम आयु के 10,000 पुरुषों में से केवल 1 प्रोस्टेट कैंसर का मामला देखने को मिलेगा। हालांकि, 60 और 69 वर्ष की आयु के पुरुषों के लिए यह संख्या 14 में से 1 हो सकती है।

प्रोस्टेट कैंसर की जांच – Prostate cancer diagnosis in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर की जांच - Prostate cancer diagnosis in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग अक्सर आपकी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर निर्भर करती है।

यदि आप और आपके डॉक्टर का फैसला है कि प्रोस्टेट कैंसर के लिए स्क्रीनिंग आपके लिए एक अच्छा विकल्प है, तो आपका डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करेगा और आपके स्वास्थ्य इतिहास पर चर्चा करेगा। वे एक या अधिक परीक्षण भी करेंगे, जिनमें नि

डिजिटल रेक्टल परीक्षा – Digital rectal exam (DRE): इस परीक्षण के साथ, आपका प्रोस्टेट का निरीक्षण करने के लिए आपका डॉक्टर आपके गुदा में एक उंगली डालेगा। वे महसूस कर सकते हैं कि आपके प्रोस्टेट ग्रंथि पर कोई कठोर गांठ है जो ट्यूमर हो सकता है।

प्रोस्टेट विशिष्ट एंटीजन (पीएसए) परीक्षण – Prostate specific antigen (PSA) test: पीएसए रक्त परीक्षण आपके खून में प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन की मात्रा की जांच करता है। यदि स्तर ऊंचे हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपको प्रोस्टेट कैंसर है।

प्रोस्टेट बायोप्सी – Prostate biopsy: प्रोस्टेट कैंसर निदान की पुष्टि करने में सहायता के लिए आपका डॉक्टर बायोप्सी का आदेश दे सकता है। बायोप्सी के लिए, एक हेल्थकेयर प्रदाता परीक्षण के लिए आपके प्रोस्टेट ग्रंथि का एक छोटा सा टुकड़ा निकाल लेता है।

अन्य परीक्षण – Other tests: आपका डॉक्टर एक चुंबकीय अनुनाद इमेजिंग (एमआरआई), एक हड्डी स्कैन, या एक कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन भी कर सकता है।

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प्रोस्टेट कैंसर के चरण – Prostate cancer stages in Hindi

आपके प्रोस्टेट कैंसर के चरण को निर्धारित करने में मदद के लिए आपके डॉक्टर आपके पीएसए परीक्षण और आपके ग्लासन स्कोर से दोनों परिणामों का उपयोग करेंगे। स्टेज इंगित करता है कि आपका कैंसर कितना घातक है। यह जानकारी आपके डॉक्टर को आपके इलाज की योजना बनाने में मदद करती है।

कई अन्य प्रकार के कैंसर की तरह, प्रोस्टेट कैंसर की स्टेज का निर्धारण निम्न लक्षणों के आधार पर किया जाता है:

  • ट्यूमर का आकार या सीमा
  • लिम्फ नोड्स की संख्या जो इसमें शामिल है
  • कैंसर अन्य साइटों या अंगों में फैल गया है या नहीं
  • प्रोस्टेट कैंसर के चरण 1 से 4 तक होते हैं। यह रोग चरण 4 में सबसे अधिक घातक है।

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प्रोस्टेट कैंसर के उपचार और इलाज – Prostate Cancer Treatment in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर उपचार के विकल्प कई कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे कि आपका कैंसर कितना तेजी से बढ़ रहा है, यह कितना फ़ैल गया है और आपका समग्र स्वास्थ्य कैसा है, साथ ही उपचार के संभावित लाभ या साइड इफेक्ट्स भी प्रोस्टेट कैंसर के इलाज में शामिल होते हैं।

प्रारंभिक चरण के प्रोस्टेट कैंसर का इलाज – Early stage Prostate Cancer Treatment in Hindi

यदि कैंसर छोटा और स्थानीयकृत है, तो आमतौर पर इसका निम्नलिखित उपचारों में से एक द्वारा इलाज किया जाता है:

सतर्क प्रतीक्षा या निगरानी (Watchful waiting or monitoring): इसमें पीएसए रक्त स्तर नियमित रूप से चेक किए जाते हैं, लेकिन कोई तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती है।

साइड इफेक्ट्स या जोखिम के रूप में कभी-कभी इस धीमी-विकासशील कैंसर के लिए तत्काल उपचार की आवश्यकता होती है।

रेडिकल प्रोस्टेटक्टोमी (Radical prostatectomy):  इस प्रक्रिया में प्रोस्टेट को शल्य चिकित्सा से हटा दिया जाता है।

पारंपरिक सर्जरी के लिए 10 दिनों तक अस्पताल में रहने की आवश्यकता होती है, और रिकवरी के लिए 3 महीने तक का समय लग सकता है। रोबोट कीहोल सर्जरी में कम समय तक अस्पताल में रहने और कम ही रिकवरी समय शामिल है, लेकिन यह अधिक महंगा हो सकता है।

ब्रैकीथेरेपी (Brachytherapy:): इस उपचार को देने के लिए प्रोस्टेट में रेडियोएक्टिव बीज लगाए (Radioactive seeds) जाते हैं जिससे रेडिएशन ट्रीटमेंट मिल सके।

अनुरूप विकिरण थेरेपी (Conformal radiation therapy): रेडिएशन बीम्स उस आकार के रखें जाते हैं जो की प्रोस्टेट अंग के उस इलाके के समान्तर होतीं है जिसको की ट्रीटमेंट की ज़रूरत है ताकि रेडिएशन उसे पूरी तरह से ओवरलैप करले। यह स्वस्थ ऊतकों को विकिरण के एक्सपोजर को कम करता है।

तीव्रता मॉड्यूटेड विकिरण थेरेपी (Intensity modulated radiation therapy) : इस थेरेपी में परिवर्तनीय तीव्रता वाले बीमों या किरणों का उपयोग किया जाता है। यह अनुरूप विकिरण थेरेपी का एक उन्नत रूप है।

प्रारंभिक चरणों में, रोगी को 4 से 6 महीने के लिए हार्मोन थेरेपी के साथ संयुक्त विकिरण थेरेपी मिल सकती है।

उपचार का सुझाव व्यक्तिगत मामलों पर निर्भर करता हैं। रोगी को अपने यूरोलोजिस्ट या ऑन्कोलॉजिस्ट (urologist or oncologist) के साथ सभी उपलब्ध विकल्पों पर चर्चा करनी चाहिए।

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एडवांस्ड प्रोस्टेट कैंसर का इलाज – Advanced Prostate Cancer Treatment in Hindi

उन्नत कैंसर अधिक आक्रामक है और पूरे शरीर में फैलता है। इसका इलाज करने के लिए कीमोथेरेपी की सिफारिश की जा सकती है, क्योंकि यह शरीर के चारों ओर कैंसर कोशिकाओं को मार सकता है।

एंड्रोजन अभाव थेरेपी (एडीटी), या एंड्रोजन दमन चिकित्सा, Androgen deprivation therapy (ADT), or androgen suppression therapy

यह एक हार्मोन उपचार है जो एंड्रोजन के प्रभाव को कम करता है। एंड्रोजन पुरुष हार्मोन होते हैं जो कैंसर के विकास को प्रोत्साहित कर सकते हैं। एडीटी से एंड्रोजन के स्तर को कम करके कैंसर की वृद्धि को धीमा किया जा सकता है  या रोका जा सकता है।

इस इलाज में रोगी को लंबे समय तक हार्मोन थेरेपी की आवश्यकता होगी।

भले ही हार्मोन थेरेपी थोड़ी देर बाद काम करना बंद कर दे, फिर भी अन्य विकल्प हो सकते हैं। नैदानिक या क्लिनिकल ​​परीक्षणों में जाकर आप अपने डॉक्टर से चर्चा कर सकते हैं।

रेडिकल प्रोस्टेटक्टोमी वर्तमान में उन्नत मामलों के लिए एक विकल्प नहीं है, क्योंकि यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैले कैंसर का इलाज नहीं करता है।

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प्रोस्टेट कैंसर में जीवित रहने की दर – Prostate cancer survival rate

अगर प्रोस्टेट कैंसर का निदान जल्दी होता है और मूल ट्यूमर फैलता नहीं है, तो दृष्टिकोण आम तौर पर अच्छा होता है। शुरुआती पहचान और उपचार सकारात्मक परिणाम के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, अगर आपको लगता है कि आपके पास प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए।

यदि यह रोग मेटास्टेसिस नामक प्रक्रिया में अन्य अंगों में फैल जाने से पहले पाया जाता है, तो 5 साल की जीवित रहने की दर 99 प्रतिशत है। पंद्रह वर्षों के बाद, यह 96 प्रतिशत तक घट जाती है। एक बार जब कैंसर मेटास्टेसाइज हो जाता है, या फैलता है, तो 5 साल की जीवित रहने की दर 29 प्रतिशत तक कम हो सकती है।

नियमित स्क्रीनिंग प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने में मदद कर सकती है, और प्रारंभिक स्थति में इसका इलाज किया जा सकता है।

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प्रोस्टेट कैंसर से बचने के उपाय – Prevention of Prostate cancer in Hindi

प्रोस्टेट कैंसर से बचने के उपाय – Prevention of Prostate cancer in Hindi

निम्नलिखित सुझावों से आप प्रोस्टेट कैंसर के अपने जोखिम को कम कर सकते हैं :

स्वस्थ खाद्य पदार्थ चुनें ना कि पूरक या सप्प्लीमेंट्स – यह प्रमाणित नहीं है की पूरक प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने में एक भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन्हें न लेकर आप विटामिन और खनिजों में समृद्ध खाद्य पदार्थ चुनें ताकि आप अपने शरीर में विटामिन के स्वस्थ स्तर को बनाए रख सकें।

फल और सब्जियों से युक्त स्वस्थ आहार चुनें– हाई फैट वाले खाद्य पदार्थों से बचें और इसके बजाय विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां और अनाज को चुने। फल और सब्जियों में कई विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो आपके स्वास्थ्य में योगदान दे सकते हैं।

जैसे की टमाटर, ब्रोकोली , सोयाबीन , हरी सब्जियां, अनार, फिश आदि।

लेकिन आप आहार के माध्यम से भी प्रोस्टेट कैंसर को रोक सकते हैं, यह अभी तक साबित नहीं हुआ है। लेकिन विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों के साथ एक स्वस्थ आहार खाने से आपका पूरा स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है।

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कुछ खाद्य पदार्थ प्रोस्टेट कैंसर के आपके जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जैसे कि:

सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम करें–  व्यायाम आपके पूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करता है, आपको अपना वज़न बनाए रखने में मदद करता है और आपके मूड में भी सुधार करता है। कुछ सबूत हैं कि जो लोग व्यायाम नहीं करते हैं उनमें उच्च पीएसए के स्तर होतें हैं, जबकि व्यायाम करने वाले पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का कम जोखिम पाया जाता है।

2006 के 29, 000 पुरुषों के अध्ययन के मुताबिक, व्यायाम से प्रोस्टेट कैंसर के विकास और प्रोस्टेट कैंसर से मरने के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

एक स्वस्थ वजन बनाए रखें –  यदि आपका वर्तमान वजन स्वस्थ है, तो सप्ताह के अधिकांश दिनों का उपयोग करके इसे बनाए रखने के लिए काम करें। यदि आपको वजन कम करने की आवश्यकता है, तो अधिक व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और हर दिन खाने वाली कैलोरी की मात्रा को कम करें।

प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते जोखिम के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। इस कैंसर के ज्यादा रिस्क में आने वाले पुरुष अपने रिस्क को कम करने के लिए दवाओं या अन्य उपचारों पर विचार कर सकते हैं।

यदि आप प्रोस्टेट कैंसर के विकास के अपने जोखिम के बारे में चिंतित हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

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