शुक्राणु की जांच (सीमेन एनालिसिस टेस्ट) स्पर्म टेस्ट क्या है, कीमत, आवश्यकता – Semen (Sperm) Test In Hindi




शुक्राणु की जांच (सीमेन एनालिसिस टेस्ट) स्पर्म टेस्ट क्या है, कीमत, आवश्यकता - Semen (Sperm) Test In Hindi
Written by Daivansh

Semen (Sperm) Test In Hindi शुक्राणु टेस्ट या वीर्य विश्लेषण (semen or sperm test) पुरुष की प्रजनन क्षमता से सम्बंधित एक परीक्षण है। अतः शुक्राणु परीक्षण किसी भी यौन समस्या का निदान करने के लिए डॉक्टर द्वारा निर्धारित परीक्षणों में से एक है। जो भी जोड़े लगभग 1 साल से गर्भावस्था धारण करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे गर्भधारण करने में असमर्थ हैं, तो उन पुरुषों को सीमेन एनालिसिस टेस्ट (semen analysis test) या शुक्राणु की जांच (sperm test) करानी अतिआवश्यक हो जाती है। यह परीक्षण जोखिम रहित परीक्षण है, जो अनेक प्रकार की यौन बीमारियों का निदान करने में भी सहायक हो सकता है।

इस लेख में आप जानेंगे कि शुक्राणु जांच या वीर्य विश्लेषण टेस्ट (semen (sperm) test) क्या है, यह क्यों आवश्यक है, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं, और इसकी कीमत क्या है।

  1. सीमेन एनालिसिस टेस्ट क्या है – What is semen analysis test in Hindi
  2. शुक्राणु की जांच क्यों आवश्यक है – Why is sperm test is necessary in Hindi
  3. सीमेन टेस्ट की तैयारी या स्पर्म टेस्ट के पहले – prepare for semen analysis in Hindi
  4. सीमेन टेस्ट के दौरान – During the semen test in Hindi
  5. शुक्राणु की जांच घर पर – Sperm Count Test at Home in Hindi
  6. शुक्राणु की जाँच के लिए जोखिम कारक – Risks Of Sperm Test In Hindi
  7. सीमेन एनालिसिस टेस्ट / शुक्राणु परीक्षण के सामान्य परिणाम – Sperm Test normal results in Hindi
  8. शुक्राणु जांच रिपोर्ट (स्पर्म टेस्ट) के असामान्य परिणाम – Sperm Test abnormal results in Hindi
  9. शुक्राणु की जाँच के तहत अच्छा नमूना कैसे प्राप्त करे – How to get good samples under sperm test in Hindi
  10. स्पर्म टेस्ट की जाँच की कीमत – Sperm Test Cost In India

सीमेन एनालिसिस टेस्ट क्या है – What is semen analysis test in Hindi

सीमेन एनालिसिस टेस्ट क्या है - What is semen analysis test in Hindi

सीमेन (स्पर्म) टेस्ट (semen (sperm) test) एक व्यक्ति के शुक्राणु के स्वास्थ्य और उसकी जीवन क्षमता की जाँच करने की एक प्रक्रिया हैं। मुख्य रूप से इस टेस्ट का उपयोग पुरुष बांझपन का पता लगाने के लिए किया जाता है। सीमेन एनालिसिस टेस्ट (semen analysis test) को अनेक नामों से जाना जाता है, जैसे – स्पर्म काउंट टेस्ट (sperm count test), पुरुष बांझपन परीक्षण (Male Infertility Test) आदि।

वीर्य (semen) पुरुषों में स्खलन के दौरान निकलने वाला एक द्रव होता है, जिसमें शुक्राणु और विभिन्न प्रोटीन पदार्थ होते हैं। एक सीमेन एनालिसिस टेस्ट (semen (sperm) analysis test) के द्वारा वीर्य के नमूने में शुक्राणु के स्वास्थ्य से सम्बंधित निम्न कारकों की जानकारी प्राप्त की जाती है:

  • शुक्राणु की संख्या (Number of sperm)
  • शुक्राणु का आकार (shape of the sperm)
  • स्पर्म गतिशीलता (sperm motility)

शुक्राणु जाँच (sperm test) पुरुषों में शुक्राणु के स्वास्थ्य का परीक्षण करने का सबसे अच्छा तरीका है। इसमें सम्बंधित पुरुष के वीर्य के नमूने की आवश्यकता पड़ती है और फिर सम्पूर्ण परीक्षण के दौरान नमूने का विश्लेषण प्रयोगशाला में किया जाता है।

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शुक्राणु की जांच क्यों आवश्यक है – Why is sperm test is necessary in Hindi

शुक्राणु की जांच क्यों आवश्यक है - Why is sperm test is necessary in Hindi

सामान्यतः जब कोई पुरुष महिला का गर्भधारण कराने में असमर्थ होता है, तो इसके कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टर की सलाह पर शुक्राणु जांच (sperm test) की आवश्यकता पड़ सकती है। पुरुषों में निम्न कारणों का पता लगाने के लिए शुक्राणु परीक्षण (sperm test) आवश्यक होता है:

पुरुष बांझपन के लिए परीक्षण (Test for male infertility)

यदि किसी जोड़े द्वारा लगातार एक साल तक प्रयास करने पर भी गर्भवती न होने की समस्या उत्पन्न होती है, तो उस व्यक्ति के लिए वीर्य विश्लेषण (semen analysis) या शुक्राणु की जांच की सिफारिश की जाती है। यह परीक्षण व्यक्ति की बांझपन स्थिति को निर्धारित करने में डॉक्टर की मदद कर सकता है। तथा इसके द्वारा शुक्राणुओं की संख्या को भी ज्ञात किया जा सकता है।

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पुरुष नसबंदी की सफलता के लिए परीक्षण (Test for vasectomy success)

पुरुष नसबंदी (vasectomy) कराने वाले पुरुषों के लिए सीमेन (स्पर्म) टेस्ट की आवश्यकता पड़ती है। पुरुष नसबंदी (vasectomy) के दौरान अंडकोष (testicles) से लिंग तक शुक्राणु भेजने वाली ट्यूब को जन्म नियंत्रण के उद्देश्य से, स्थायी रूप से काट और सील कर दिया जाता है। अतः वीर्यपात के दौरान वीर्य में शुक्राणु की अनुपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए शुक्राणु टेस्ट (Sperm test) किया जाता है। अतः डॉक्टर द्वारा पुरुष नसबंदी के बाद प्रत्येक पुरुष को महीने में एक बार शुक्राणु विश्लेषण (sperm analysis) कराने की सलाह दी जाती है।

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सीमेन टेस्ट की तैयारी या स्पर्म टेस्ट के पहले – prepare for semen analysis in Hindi

सीमेन टेस्ट की तैयारी या स्पर्म टेस्ट के पहले - prepare for semen analysis in Hindi

एक डॉक्टर द्वारा शुक्राणु जांच के पहले या वीर्य विश्लेषण की तैयारी करने के लिए विभिन्न नियमों की एक सूची तैयार कर सकता है, जिससे कि परीक्षण के दौरान सटीक परिणामों को प्राप्त किया जा सके।

अतः एक सीमेन (स्पर्म) एनालिसिस टेस्ट (semen analysis test) से पहले, निम्न नियमों का पालन करना अतिआवश्यक होता है :

  • परीक्षण से 2 से 5 दिन पहले सेक्स या हस्तमैथुन (Masturbation) न करें।
  • परीक्षण से 1 सप्ताह पहले अल्कोहल, कैफीन (caffeine) और कोकीन (cocaine) जैसे ड्रग्स के सेवन से बचें।
  • डॉक्टर की अनुमति के बगैर किसी भी प्रकार की हर्बल सप्लीमेंट्स का सेवन न करें।
  • किसी भी प्रकार की हार्मोन दवाओं (hormone medications) को लेने से बचें।
  • किसी भी तरह की दवा लेने से पहले डॉक्टर से चर्चा करें।

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सीमेन टेस्ट के दौरान – During the semen test in Hindi

सीमेन टेस्ट के दौरान - During the semen test in Hindi

वीर्य विश्लेषण या शुक्राणु की जांच (semen test) करने के लिए डॉक्टर को सम्बंधित व्यक्ति के वीर्य के नमूना (sample) की आवश्यकता होती है। वीर्य नमूना प्राप्त करने के लिए डॉक्टर सम्बंधित पुरुष के लिए निम्न तरीकों का सुझाव दे सकता है:

  • हस्तमैथुन का उपयोग कर वीर्यपात
  • एक कंडोम का प्रयोग कर सेक्स करना,
  • बिजली का प्रयोग कर स्खलन को उत्तेजित कर,
  • वीर्य का स्वच्छ नमूना प्राप्त करने के लिए हस्तमैथुन को सबसे उत्तम तरीका माना जाता है।

वीर्य का नमूना लेने के बाद, इसे तुरंत प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में सूक्ष्मदर्शी के तहत नमूने की जांच की जाती है, और परीक्षणों की एक श्रृंखला तैयार की जाती है। जिसके तहत शुक्राणु की गति, आकार, आयतन, पीएच (ph) स्तर और शुक्राणु की संख्या आदि की जाँच की जाती है। वीर्य विश्लेषण (semen analysis) के सटीक परिणाम को प्राप्त करने के लिए कंप्यूटर सहायक उपकरण अधिक उचित होते हैं।

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शुक्राणु की जांच घर पर – Sperm Count Test at Home in Hindi

शुक्राणु की गणना करने के लिए एक व्यक्ति घर पर ही परीक्षण कर सकता है। हालांकि व्यक्ति केवल शुक्राणुओं की संख्या (sperm count) के लिए ही परीक्षण कर सकता है, शुक्राणु की गतिशीलता या आकार का विश्लेषण या परीक्षण नहीं किया जा सकता है।

घर पर किट द्वारा किए (Home Sperm Test Kit ) जाने वाले परीक्षण के परिणाम आमतौर पर 10 मिनट के भीतर प्राप्त होते हैं। एक घरेलू शुक्राणु परीक्षण से प्राप्त परिणाम के तहत सामान्य शुक्राणु गणना (वीर्य के प्रति मिलिलिटर में 20 मिलियन शुक्राणु) के आधार पर व्यक्ति को प्रजननक्षम नहीं माना जा सकता है।

अतः जो व्यक्ति प्रजनन क्षमता को लेकर चिंतित हैं, तो उन्हें चिकित्सकीय सहायता प्राप्त कर शुक्राणु की जांच (Sperm Count Test) के लिए प्रयोगशाला परीक्षण कारण चाहिए।

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शुक्राणु की जाँच के लिए जोखिम कारक – Risks Of Sperm Test In Hindi

शुक्राणु की जाँच के लिए जोखिम कारक - Risks Of Sperm Test In Hindi

वीर्य विश्लेषण (semen analysis) के दौरान शुक्राणु के स्वास्थ्य की जानकारी प्रदान करने वाले परिणामों पर कुछ कारकों का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिनमें निम्न कारक शामिल हैं:

  • वीर्य नमूने का शुक्राणुरोधी (spermicides) के संपर्क में आना
  • बीमार या तनावग्रस्त की स्थिति में परीक्षण लेना
  • प्रयोगशाला में तकनीकी त्रुटियाँ उत्पन्न होना
  • नमूने का वायु के संपर्क में आने से प्रदूषित होने की स्थिति
  • शराब, कैफीन, तंबाकू, जड़ी बूटी तथा कुछ चिकित्सकीय दवाओं का उपयोग भी शुक्राणु परीक्षण (Sperm Test) के परिणामों को प्रभावित कर सकते है।

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सीमेन एनालिसिस टेस्ट / शुक्राणु परीक्षण के सामान्य परिणाम – Sperm Test normal results in Hindi

वीर्य का नमूना प्राप्त किए जाने के बाद, शुक्राणु परीक्षण (Sperm Test) के परिणामों को प्रयोगशाला के आधार पर 24 घंटे से एक सप्ताह के भीतर तैयार कर लिया जाता है। अतः परीक्षण के परिणामों के आधार पर डॉक्टर निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखता है।

शुक्राणु का आकार (Sperm shape)

शुक्राणु के आकार के लिए एक सामान्य परिणाम तब प्राप्त होता है, जब 50 प्रतिशत से अधिक शुक्राणु सामान्य आकार के होते हैं। यदि किसी व्यक्ति के शुक्राणु परीक्षण (Sperm Test) के परिणाम में 50 प्रतिशत से अधिक शुक्राणु असामान्य आकार में पाए जाते हैं, तो उस व्यक्ति की प्रजनन क्षमता कम होती है।

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गति (Movement)

शुक्राणु परीक्षण (Sperm Test) में शुक्राणु की गति की स्थिति में तभी सामान्य परिणाम प्राप्त होते हैं, जब 50 प्रतिशत से अधिक शुक्राणु स्खलन (ejaculation) के 1 घंटे बाद भी एक सामान्य गति से आगे बढ़ते हों। शुक्राणु गति या गतिशीलता प्रजनन क्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। अतः इस हेतु परीक्षण के दौरान एक स्वचालित प्रणाली 0 से 4 तक के पैमाने पर शुक्राणु की गति को प्रदर्शित करती है। 0 पैमाना शुक्राणु की स्थिरता को प्रदर्शित करता है, और पैमाना 3 या 4 एक अच्छी गतिशीलता को दर्शाता है।

पीएच (pH)

जब वीर्य के लिए पीएच स्तर 7.2 और 7.8 के बीच प्राप्त होता है, तो यह सामान्य परिणाम को प्रदर्शित करता है। यदि किसी व्यक्ति के द्वारा दिए गए वीर्य के नमूने का पीएच (ph) स्तर 8.0 से अधिक प्राप्त होने पर, यह संक्रमण का संकेत देता है। और यदि पीएच (ph) स्तर 7.0 से कम है, तो यह नमूने का दूषित होना या मनुष्य की स्खलनीय नलिकाओं (ejaculatory ducts) का अवरुद्ध होना प्रदर्शित करता है।

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आयतन (Volume)

वीर्य की मात्रा 2 मिलीलीटर से अधिक होने पर सामान्य परिणाम प्राप्त होते हैं। वीर्य के आयतन में कमी अंडे को निषेचित (fertilize) करने के लिए शुक्राणु की कम मात्रा की ओर संकेत देती है। एवं वीर्य की अतिरिक्त मात्रा, शुक्राणु की मात्रा का पतला होना प्रदर्शित करती है।

शुक्राणु की संख्या कितनी होनी चाहिए (Sperm count)

वीर्य विश्लेषण या शुक्राणु की जाँच (Sperm Test) के सामान्य परिणामों के आधार पर शुक्राणु की संख्या प्रति मिलीलीटर वीर्य (semen) में लगभग 20 मिलियन से 200 मिलियन तक होनी चाहिए। इस परिणाम को शुक्राणु घनत्व (sperm density) के रूप में भी जाना जाता है। यदि यह परिणाम 15 मिलियन से कम हैं, तो यह स्पर्म (शुक्राणु) की कमी को प्रदर्शित करते हैं।

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शुक्राणु जांच रिपोर्ट (स्पर्म टेस्ट) के असामान्य परिणाम – Sperm Test abnormal results in Hindi

शुक्राणु जांच रिपोर्ट (स्पर्म टेस्ट) के असामान्य परिणाम - Sperm Test abnormal results in Hindi

यदि स्पर्म टेस्ट (Sperm Test) या सीमेन टेस्ट (semen test) के असामान्य परिणाम प्राप्त होते हैं, तो शुक्राणु को अंडाणु या डिंब तक पहुंचने में परेशानी होगी, जिससे गर्भधारण करना मुश्किल हो जाएगा। अतः शुक्राणु परीक्षण में प्राप्त असामान्य परिणाम निम्नलिखित समस्याओं की ओर संकेत दे सकते हैं:

  • हार्मोनल असंतुलन की समस्या
  • अनुवांशिक दोष (gene defects)
  • बांझपन (infertility) की समस्या
  • मधुमेह (diabetes) जैसी बीमारी जो यौन समस्याओं का कारण बन सकती है
  • संक्रमण (infection), जो पुरुष यौन क्रिया को प्रभावित करता है

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यदि वीर्य विश्लेषण या शुक्राणु परीक्षण (Sperm Test) में असामान्य परिणाम प्राप्त होते हैं, तो डॉक्टर अतिरिक्त परीक्षण करने का सुझाव दे सकता है। इन परीक्षणों में शामिल हैं:

  • अनुवांशिक परीक्षण (genetic tests)
  • हार्मोन परीक्षण (hormone testing)
  • बायोप्सी परीक्षण (अंडकोष से ऊतक नमूना लेकर परीक्षण करना)
  • विरोधी शुक्राणु प्रतिरक्षा कोशिकाओं का परीक्षण (anti-sperm immune cells testing)

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शुक्राणु की जाँच के तहत अच्छा नमूना कैसे प्राप्त करे – How to get good samples under sperm test in Hindi

शुक्राणु परीक्षण (sperm test) के दौरान सटीक परिणाम प्राप्त करने के लिए नमूना रखने से सम्बंधित दो मुख्य कारक महत्वपूर्ण हैं। सबसे पहले, वीर्य नमूने को शरीर के तापमान पर रखा जाना चाहिए। यदि यह बहुत गर्म या बहुत ठंडा हो जाता है, तो परिणाम गलत आ सकते हैं। दूसरा, वीर्य को शरीर से निकलने के 30 से 60 मिनट के भीतर सभी प्रकार के प्रदूषणों से बचाते हुए परीक्षण प्रयोगशाला तक पहुंचाया जाना चाहिए।

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स्पर्म टेस्ट की जाँच की कीमत – Sperm Test Cost In India

स्पर्म टेस्ट की जाँच की कीमत - Sperm Test Cost In India

शुक्राणु की जाँच या सीमेन एनालिसिस टेस्ट (sperm analysis test) के तहत किए जाने वाले परीक्षण की कीमत प्रयोगशाला की सुविधाओं और स्थान के आधार पर बदलती रहती है। यह कीमत देश के विभिन्न शहरों में भिन्न-भिन्न हो सकती है। भारत में सीमेन एनालिसिस टेस्ट (sperm analysis test) के कीमत लगभग रुपये 200 से रुपये 650 तक हो सकती है।

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  • Sir mera sperm count 22million/ml hai, liqification time 24mn., ph-alkaline/8.0, motility grad1&2, active motile15%, sluggishly motile20%, dead65%, normal60%, abnormal40%, pus cells6-9/hpf, epithelialcell 3-9/hpf hai. Sir kya mai baby plan kr skta hu

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