क्या होता है एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव – Human Papillomavirus (HPV) Symptoms Causes And Treatment In Hindi

एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) के लक्षण, कारण, जांच, इलाज, उपचार और परहेज - HPV Ke Karan, Lakshan, janch, ilaj, Dawa Aur Upchar in Hindi
Written by Deepti

HPV in Hindi एचपीवी यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक बेहद खतरनाक, आम और सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस है। इसके लक्षण आमतौर पर नजर नहीं आते। ज्‍यादातर मामलों में यह संक्रमण अपने आप ही ठीक हो जाता है। लेकिन, गंभीर होने पर यह सर्वाइकल कैंसर का भी कारण बन सकता है। एचपीवी क्या है और ये कैसे फैलता है, इस बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। तो हम आपको बताते हैं, कि एचपीवी एक यौन संचारित वायरल संक्रमण है, जिसका सामना महिला और पुरूष को अपने जीवन में एक बार करना ही होता है। ये सौ से अधिक संबंधित वायरसों का एक समूह बनाते हैं, जो लोगों को संक्रमित करते हैं। अधिकांश एचपीवी के कारण आमतौर पर हाथों और पैरों पर मस्से हो सकते हैं। हालांकि, लगभग 40 प्रकार के एचपीवी ही जननांग, मुंह को संक्रमित करते हैं। इन एचपीवी के कारण सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन होते हैं।

यह यौन गतिविधियों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैली हुई बीमारी होती है। यहां, ये जानना महूतवपूर्ण है, कि एचपीवी से संबंधित संक्रमण में कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं और किसी भी प्रकार के एचपीवी का कोई इलाज नहीं है, हालांकि कुछ इंजेक्शन्स के माध्यम से इस संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है। एक आंकड़ों के अनुसार, हर साल अमेरिका में 19,400 महिलाएं और 12, 400 पुरूष एचपीवी से होने वाले कैंसर से प्रभावित होते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे, कि एचपीवी क्या है, ये लोगों के बीच कैसे फैलता है, इसके लक्षण, उपचार, टीके के अलावा इसकी रोकथाम के तरीके भी आप यहां जान सकेंगे।

1. ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है? – What is human papillomavirus (HPV) in Hindi
2. एचपीवी के कारण – HPV kaise hota hai in Hindi
3. एचपीवी के लक्षण – HPV ke lakshan in Hindi
4. एचपीवी के जोखिम कारक – Risk factors of HPV in Hindi
5. एचपीवी की जांच कैसे की जाती है – How to diagnose HPV in Hindi
6. एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं – How to get HPV tested in Hindi
7. एचपीवी संक्रमण का उपचार – Treatment of HPV infection in Hindi
8. एचपीवी से बचाव – HPV Prevention in Hindi
9. किन लोगों को होता है एचपीवी का खतरा – Who are at risk of HPV in Hindi
10. एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें – Facts and figures related to HPV in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है? – What is human papillomavirus (HPV) in Hindi

10. एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें - Facts and figures related to HPV in Hindi ह्यूमन पेपिलोमा वायरस क्या है? - What is human papillomavirus (HPV) in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस एक यौन संचारित वायरल संक्रमण है, जो त्वचा से त्वचा के संपर्क में आने से फैलता है। यौन सक्रिय पुरूष और महिलाएं अपने जीवनकाल में कभी न कभी इस संक्रमण के संपर्क में आते ही हैं। जो लोग बहुत कम उम्र में सेक्स करते हैं, या कई लोगो के साथ सेक्स करने वाले साथी के साथ यौन संबंध रखते हैं, या फिर कई सेक्स पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध रखते हैं, उन लोगो को इस बिमारी का खतरा अधिक रहता है। एचपीवी के सौ से ज्यादा प्रकार है। 40 ऐसे हैं, जिनमें ये यौन संबंध के कारण यह फैलता है और यह आपके जननांगों, मुंह और गले को बुरी तरह से प्रभावित करता है। सीडीसी के अनुसार, एचपीवी सबसे आम यौन संचारित संक्रमण है।

जननांग एचपीवी संक्रमण के कुछ मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं नहीं होतीं। हालांकि, कुछ प्रकार के एचपीवी मस्सा, गुप्तांगी मस्से (Genital Warts) गर्भाशय ग्रीवा, गुदा और गले के कैंसर के विकास का कारण बन सकते हैं।

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एचपीवी के कारण – HPV kaise hota hai in Hindi

एचपीवी के कारण - HPV kaise hota hai in Hindi

एचपीवी के लिए जिम्मेदार वायरस संक्रमण का कारण बनता है। यह त्वचा से त्वचा या जननांगों की त्वचा के संपर्क में आने से फैलता है। ज्यादातर लोगों को योनि, गुदा और ओरल सेक्स के जरिए एचपीवी संक्रमण होता है। जबकि ज्यादातर एचपीवी संक्रमण सौम्य होते हैं, जिससे हाथ, पैर और जननांगों सहित शरीर के कुछ हिस्सों पर मस्से हो जाते हैं। सरल शब्दों में कहें, तो एचपीवी संक्रमण तब होता है, जब एचपी वायरस शरीर में किसी खरोंच या कट के जरिए प्रवेश कर जाता है। एचपीवी से संक्रमित महिला अपने बच्चे को यह वायरस दे सकती है, जिससे बच्चे के जननांगों या श्वसन तंत्र में संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है। कुछ ऐसे भी होते हैं, जिससे व्यक्ति को किसी प्रकार का कैंसर भी हो जाता है।

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एचपीवी के लक्षण – HPV ke lakshan in Hindi

एचपीवी के लक्षण - HPV ke lakshan in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस या एचपीवी के लक्षण इतनी जल्दी दिखाई नहीं देते। कुछ मस्से और कैंसर एचपीवी का कारण जरूर बन सकते हैं। कुछ प्रकार के एचपीवी के मुख्य लक्षण मस्सा हैं, खासतौर से जननांग मस्सा। ये आमतौर पर महिलाओं में योनि, गर्भाशय ग्रीवा व पुरूषों के लिंग और अंडकोश को प्रभावित करते हैं। ये गुदा के आसपास और कमर पर भी दिखाई दे सकते हैं। आकार में ये छोटे, सपाट, बड़े या फूलगोभी के आकार के हो सकते हैं। एचपीवी से जुड़े अन्य मसा में कॉमन वार्ट्स, प्लांटर और फ्लैट वार्ट्स शामिल है।

कॉमन वार्ट्स – यह खुरदुरे और उभरे हुए होते हैं, जो उंगलियों और कोहनी पर सबसे ज्यादा देखे जाते हैं।

प्लांटर वार्ट्स – यह मस्से कठोर और दानेदार होते हैं, जो अक्सर एडिय़ों पर दिखाई देते हैं।

फ्लैट वार्ट्स इस तरह के मस्से आमतौर पर बच्चों, किशोरों, युवाओं और व्यस्कों को प्रभावित करते हैं। ये फ्लैट और उभरे हुए घावों के रूप में दिखाई देते हैं और सामान्य त्वचा के रंग की तुलना में थोड़े गहरे होते हैं। यह चेहरे, गर्दन या खरोंच वाले क्षेत्र में ज्यादा पाए जाते हैं।

वहीं अन्य प्रकार के एचपीवी कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इन कैंसर में गर्भाशय ग्रीवा, योनि, लिंग, गुदा शामिल हैं। इन तरह के कैंसर को विकसित होने में सालों लग जाते हैं, इसलिए ये लक्षण बहुत जल्दी दिखाई नहीं देते।

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एचपीवी के जोखिम कारक – Risk factors of HPV in Hindi

एचपीवी के जोखिम कारक - Risk factors of HPV in Hindi

कुछ कारक एचपीवी वायरस को अनुबंधित करने के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसके जोखिम कारकों में शामिल हैं-

अतरंग संबंध बनाने वाले पाटर्नर्स की एक से ज्यादा संख्या- एक से ज्यादा साथी के साथ अतरंग संबंध बनाने से एचपीवी के संक्रमण का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली- जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है, उनमें एचपीवी वायरस के बढऩे का खतरा ज्यादा रहता है।

क्षतिग्रस्त त्वचा- क्षतिग्रस्त त्वचा पर एचपीवी बहुत जल्दी फैलता है। क्षतिग्रस्त त्वचा से मतलब ऐसी त्वचा से है, जहां चोट लगी हो या छेद हो, यहां मस्से जल्दी उभर आते हैं।

व्यक्तिगत संपर्क में आना- किसी अन्य व्यक्ति के मस्सों के संपर्क में आने या एचपीवी के संपर्क में आईं चीजों को छूने से भी एचपीवी वायरस का जोखिम बढ़ जाता है। ज्यादातर पब्लिक टॉयलेट या फिर स्विमिंग पूल में नहाने से एचपीवी का जोखिम बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है।

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एचपीवी की जांच कैसे की जाती है – How to diagnose HPV in Hindi

एचपीवी की जांच कैसे की जाती है - How to diagnose HPV in Hindi

यदि कोई घाव या मस्सा दिखाई देता है, तो डॉक्टर पर आमतौर पर विजुअल इंस्पेक्शन के दौरान एचपीवी का निदान कर सकता है। हालांकि, एचपीवी की पुष्टि करने के लिए कुछ टेस्ट करने की जरूरत पड़ सकती है। एचपीवी से संबंधित गर्भाशय ग्रीवा के सेलुलर परिवर्तनों के मूल्यांकनों के लिए पेप स्मीयर, डीएनए और एसिटिक एसिड का टेस्ट किया जाता है।

पेप स्मीयर टेस्ट – पेप स्मीयर एक ऐसा टेस्ट है, जो गर्भाशय ग्रीवा या योनि की सतह से कोशिकाओं को एकत्रित करता है। यहां से डॉक्टर सर्विक्स या गुप्तांग से कुछ सैंपल निकालते हैं और उसे लैब में भेजते हैं। पेप स्मीयर टेस्ट की मदद से उन असामान्यताओं का पता लगाया जा सकता है, जो कैंसर पैदा कर सकते हैं।

डीएनए टेस्ट- डीएनए टेस्ट का उपयोग एचपीवी के उन प्रकारों की पहचान करता है, जो जननांग में कैंसर के जोखिम को पैदा करते हैं। पेप स्मीयर टेस्ट के अलावा यह टेस्ट भी 30 से ज्यादा उम्र की महिलाओं को यह टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है।

एसिटिक एसिड टेस्ट- एचपीवी का पता लगाने के लिए एसिटिक एसिड टेस्ट भी किया जाता है। इसमें एचपीवी से संक्रमित जगह पर विनेगर सॉल्यूशन डाला जाता है, जिससे यह हिस्सा सफेद पड़ जाता है और मुश्किल से दिखने वाले घावों की पहचान करने में आसानी से हो जाती है।

वतर्मान में एचपीवी की जांच के लिए पुरूषों के लिए कोई परीक्षण उपलब्ध नहीं है। एचपीवी का निदान मुख्य रूप से विजुअल इंस्पेक्शन पर किया जाता है। कुछ स्थितियों में यदि पुरूषों और महिलाओं को गुदा मैथुन का इतिहास है, तो डॉक्टर के साथ गुदा पैप स्मीयर टेस्ट की संभावना के बारे में बात की जा सकती है।

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एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं – How to get HPV tested in Hindi

एचपीवी का परीक्षण कैसे कराएं - How to get HPV tested in Hindi

पुरूषों औरी महिलाओं में एचपीवी का परीक्षण अलग-अलग करवाया जाता है। पहले आपको बताते हैं, महिलाओं में एचपीवी टेस्ट के बारे में। यूएस प्रिवेंटिव सर्विस टास्क फोर्स की गाइडलाइन्स के अनुसार महिलाओं को यौन गतिविधि की शुरूआत की परवाह किए बिना 21 साल की उम्र में पहला पैप स्मीयर कराना चाहिए। नियमित पैप परीक्षण महिलाओं में असामान्य कोशिकाओं की पहचान करने में मदद करते हैं। 21 से 29 वर्ष की महिलाओं को हर तीन साल में पैप टेस्ट कराना चाहिए। जबकि 30 -65 की उम्र तक महिलाओं को नीचे दिए गए टेस्ट में से एक जरूर कराना चाहिए।

  • हर तीन साल में एक पैप टेस्ट कराएं।
  • हमेशा पांच साल में एक एचपीवी टेस्ट जरूर कराएं। यह एचपीवी के उच्च प्रकार के जोखिमों की जांच करता है।
  • हर पांच साल में दोनों टेस्ट एक साथ कराएं। इसे को-टेस्टिंग के रूप में जाना जाता है।
  • गर्भाशय ग्रीवा में होने वाले परिवर्तन, कई बार कैंसर का कारण बनते हैं। इन्हें विकसित होने में कई साल लग जाते हैं और एचपीवी संक्रमण अक्सर कैंसर पैदा किए बिना ही अपने आप चले जाते हैं। इसके लिए आप किसी ट्रीटमेंट से गुजरने के बजाए थोड़ा इंतजार करें।

पुरूषों में- अब बात करते हैं पुरूषों में एचपी वायरस की। यहां ध्यान देना जरूरी है, कि एचपीवी डीएनए टेस्ट केवल महिलाओं में एचपीवी के निदान के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में पुरूषों में एचपीवी के निदान के लिए कोई एफडीए अनुमोदित टेस्ट उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ डॉक्टर्स पुरूषों में गुदा कैंसर विकसित होने का खतरा बढ़ने को रोकने के लिए गुदा पैप परीक्षण कर सकते हैं। इनमें एचआईवी वाले पुरूष और गुदा मैथुन करने वाले पुरूष शामिल हैं।

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एचपीवी संक्रमण का उपचार – Treatment of HPV infection in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस या एचपीवी संक्रमण के ज्यादातर मामले अपने आप ही दूर हो जाते हैं, इसलिए इसके संक्रमण का कोई इलाज नहीं है। इसके बजाय आपका डॉक्टर आपको साल में दो बार टेस्ट करने के लिए सिर्फ इसलिए बुलाएगा, कि वह देख सके कि एचपीवी संक्रमण बना हुआ है या फिर क्या कोई कोशिका परिवर्तन विकसित हुआ है।

जननांग मस्सा का उपचार दवाओं के साथ किया जाता है। ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण के उपचार की कुछ स्थिति में सर्जिकल इंटरवेंशन जरूरी हो सकते हैं।

क्रायोथैरेपी- इस विधि में असामान्य क्षेत्र को लिक्विड नाइट्रोजन की मदद से फ्रीज किया जाता है।

इलेक्ट्रोकाउट्री- इलेक्ट्रिक करंट का उपयोग सामान्य क्षेत्र को जलाने के लिए किया जाता है।

लेजर थैरेपी- एक लाइट बीम अवांछित ऊतक को हटा देती है।

इंटरफेरॉन इंजेक्शन- साइड इफेक्ट और लागत के उच्च जोखिम के कारण इसका उपयोग बहुत कम किया जाता है। आपको बता दें, कि वर्तमान में एचपीवी संक्रमण के लिए कोई भी प्राकृतिक उपचार मौजूद नहीं है।

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एचपीवी के लिए वैक्सीन – Vaccine for HPV in Hindi

एचपीवी के लिए वैक्सीन - Vaccine for HPV in Hindi

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र भविष्य में विकसित होने वाले ग्रीवा और अन्य कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए 11 से 12 साल की उम्र में वैक्सीनेशन की सलाह देते हैं। वैक्सीन दो खुराक में दी जाती है। 6 और 12 महीने में। वहीं, 21 वर्ष की आयु तक पुरूषों और 26 वर्ष की महिलाओं को कैच-अप टीके की सलाह दी जाती है। गे और बायसेक्सुअल पुरूषों को 26 वर्ष की आयु तक टीकाकरण के लिए कहा जाता है। वर्तमान में बाजार में तीन एचपीवी टीके उपलब्ध हैं। गार्डासिल सर्वाइरिक्स और गार्डासिल 9, जो एचपीवी 16 और 18 के खिलाफ आपका बचाव करने में सक्षम हैं।

आपको बता दें, कि ये दोनों ही एचपीवी 70 प्रतिशत मामलों में सर्वाइकिल कैंसर का कारण बनते हैं। अगर एचपीवी के संपर्क में आने से पहले इन दो टीकों को लगा दिया जाए, तो ये दोनों बहुत प्रभावी होते हैं। ध्यान दें, कि ये दोनों ही टीके एचपीवी संक्रमण या इससे जुड़े रोगों का इलाज नहीं, बल्कि केवल बचाव कर सकते हैं।

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पुरूषों में एचपीवी – HPV in men in Hindi

पुरूषों में एचपीवी - HPV in men in Hindi

कई पुरूष, जो एचपीवी से संक्रमित हैं, उनमें इसका कोई लक्षण दिखाई नहीं देता। हालांकि कुछ पुरूषों में जननांग मस्से विकसित हो सकते हैं। यदि आप अपने लिंग, अंडकोष या गुदा पर किसी भी असामान्य घावों और स्पॉट्स को देखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। गुदा मैथुन करने वाले और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले पुरूषों में एचपीवी कैंसर का कारण भी बन जाता है।

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महिलाओं में एचपीवी – HPV in women in Hindi

महिलाओं में एचपीवी - HPV in women in Hindi

पुरूषों की तरह एचपीवी महिलाओं को इतना प्रभावित नहीं करता है। उनमें इसके कोई लक्षण नहीं दिखते और संक्रमण बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के दिखता है। हालांकि, कुछ महिलाओं को जननांग पर मस्से, जो योनि के भीतर, गुदा के आसपास या फिर गर्भाशय ग्रीवा या योनि पर दिखाई दे सकते हैं। यदि महिलाएं जननांग क्षेत्र या इसके आसपास किसी प्रकार के असामान्य धब्बों का अनुभव करती हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करने में देरी न करें। बता दें कि, एचपीवी के कुछ उपभेदों से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर या गले का कैंसर हो सकता है। नियमित जांच कराने से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर से जुड़े बदलावों का पता लगाया जा सकता है।

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एचपीवी और गर्भावस्था – HPV and pregnancy in Hindi

एचपीवी और गर्भावस्था - HPV and pregnancy in Hindi

एचपीवी को अनुबंधित करने से आपके गर्भवती होने की संभावना कम हो जाती है। यदि आप गर्भवती हैं और आपको एचपीवी है, तो आमतौर पर डिलीवरी के बाद ही इसका ट्रीटमेंट लें। हालांकि, कुछ मामलों में एचपीवी संक्रमण जटिलताओं का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन जननांग मस्सों के बढ़ने का कारण बन सकते हैं, कुछ मामलों में इन मस्सों से खून भी बह सकता है। जब मस्से बर्थ कनाल को ब्लॉक करते हैं, तो सी-सेक्शन डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है। दुलर्भ मामलों में एचपीवी से पीड़ित महिला की यह बीमारी उसके बच्चे में भी ट्रांसफर हो सकती है। जब ऐसा होता है, तो दुलर्भ व गंभीर स्थिति जिसे रीकरंट रेस्पीरेटरी पैपिलोमैटोसिस उत्पन्न हो सकती है। ऐसे हालातों में बच्चे अपने वायुमार्ग में एचपीवी से संबंधित विकास को विकसित करते हैं।

गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय ग्रीवा से जुड़े बदलाव भी हो सकता है, इसलिए गर्भवती होने के दौरान गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और एचपीवी की नियमित जांच जरूर करानी चाहिए।

(और पढ़े – कैसे पता चलेगा डिलीवरी नार्मल होगा कि सिजेरियन…)

एचपीवी से बचाव – HPV Prevention in Hindi

एचपीवी से बचाव - HPV Prevention in Hindi

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस यानि एचपीवी संक्रमण के इलाज की बात करें, तो सही मायने में इसका कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन संक्रमण का जल्दी पता लग जाने पर बचाव के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। एचपीवी के संकुचन के जोखिम को कम करने के लिए कुछ उपाय हम आपको बता रहे हैं। इनकी मदद से आप संक्रमण से अपना बचाव कर सकते हैं।

  • एचपीवी वायरस से बचने के लिए वैक्सीन लगवाएं। आपको बता दें, कि बाजार में वर्तमान में तीन प्रकार के एचपीवी टीके उपलब्ध हैं।
  • सुरक्षित सेक्स करने की कोशिश करें।
  • एचपीवी को रोकने के लिए सबसे सुरक्षित तरीका है कंडोम का उपयोग करना।
  • एक से अधिक लोगों से यौन संबंध बनाने से बचें।
  • एचपीवी संक्रमण अगर लगातार रहता है, तो इससे गर्भाशय कैंसर हो सकता है। बता दें कि, गर्भाशय कैंसर के अधिकतर मामले एचपीवी संक्रमण के बढ़ने से ही होते हैं। इसलिए थोड़ी सी भी संभावना होने पर महिलाओं को तुरंत टेस्ट करवाना चाहिए।
  • यौन संबंध न बनाएं, अगर आपको जननांग में मस्से दिखाई दें, तो। आम मस्सों को रोकना बहुत मुश्किल है। अगर कोई मस्सा दिखाई भी देता है, तो लोगों को इसे खींचने और नाखून से काटने से बचना चाहिए। एचपीवी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने के लिए नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच और पेप स्मीयर टेस्ट करा सकते हैं।

(और पढ़े – सुरक्षित सेक्स करने के तरीके…)

किन लोगों को होता है एचपीवी का खतरा – Who are at risk of HPV in Hindi

किन लोगों को होता है एचपीवी का खतरा - Who are at risk of HPV in Hindi

  • जो लोग शराब का अधिक सेवन करते हैं।
  • एक से ज्यादा लोगों के साथ यौन संबंध बनाने वाले लोगों में वायरस बहुत जल्दी फैलता है।
  • कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को एचपीवी का खतरा ज्यादा होता है।
  • जैसे-जैसे पुरूषों की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे एचपीवी के बढ़ने की संभावना बढ़ती है।

(और पढ़े – शराब पीना कैंसर का कारण बन सकता है…)

एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें – Facts and figures related to HPV in Hindi

एचपीवी से जुड़े तथ्य और आंकड़ें - Facts and figures related to HPV in Hindi

यहां एचपीवी संक्रमण के बारे में कुछ तथ्य और आंकड़े दिए गए हैं, जिन्हें आपको जानना बहुत जरूरी है।

  • सीडीसी का अनुमान है, कि 79 मिलियन अमेरिकन एचपीवी संक्रमण से पीड़ित हैं। इनमे से ज्यादातर लोगों को यह समस्या उनकी किशोरावस्था या फिर 20 साल की उम्र से पहले ही शुरू हो गई थी।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में हर साल 33 हजार से अधिक महिलाओं और पुरूषों में एचपीवी का कारण बनता है।
  • यह अनुमान लगाया गया है, कि 95 प्रतिशत गुदा कैंसर एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। इनमें से अधिकांश मामले एक प्रकार के एचपीवी 16 के कारण होते हैं।
  • 2006 में पहली बार एचपीवी टीकाकरण की सिफारिश की गई थी।
  • सीडीसी के मुताबिक, 18 से 69 वर्ष के व्यस्कों में 42.5 प्रतिशत जननांग एचपीवी से संक्रमित हैं और 7.3 ओरल एचपीवी से संक्रमित हैं।
  • कई लोगों के बीच गलत धारणा है, कि जननांग मस्सा कैंसर का कारण बनता है। लेकिन ऐसा नहीं है। जननांग मस्से के लिए जिम्मेदार एचपीवी उपभेदों को कैंसर का कारण नहीं माना जाता है।
  • एचपीवी संक्रमण के बचाव के लिए कई टीके हैं, लेकिन कोई निश्चित इलाज नहीं है।
  • एचपीवी से संक्रमित महिला और पुरूषों के लिए अलग-अलग टेस्ट होते हैं। 30-65 वर्ष की महिलाओं को हर पांच साल में एक पैप स्मीयर टेस्ट और एक एचपीवी टेस्ट जरूर कराना चाहिए। वहीं 30 से कम उम्र की महिलाओं को एचपीवी जांच की जरूरत नहीं है।

(और पढ़े – यौन संचारित रोगों की रोकथाम और एसटीडी बचने के तरीके…)

निष्कर्ष :

ह्यूमन पेपिलोमा वायरस यानि एचपीवी एक यौन संक्रमित वायरस है, जो महिला और पुरूषों में संक्रमण का कारण बनता है। दुर्भाग्य की बात यह है, कि इस बीमारी से बचने का न तो कोई इलाज है और न ही प्राकृतिक तरीका। लेकिन समय रहते इसका बचाव करने के कई तरीके हैं, जिसके बारे में हमने आपको अपने लेख में बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी कुछ उपायों की मदद से ठीक तो हो जाती है, लेकिन फिर से उभरने की संभावना बनी रहती है। अगर आपको इन मस्सों की वजह से कोई परेशानी नहीं है, तो इनका इलाज करने की आवश्यकता नहीं है। बस, इसके लिए आप स्वच्छता बनाए रखें, एक से अधिक साथी के साथ यौन संबंधों से बचें और सेफ सेक्स को अपनाएं।

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