जल जाने पर तुरंत अपनाएं ये घरेलू नुस्खे - Home Remedies To Treat Burns At Home In Hindi
घरेलू उपाय

जल जाने पर तुरंत अपनाएं ये घरेलू नुस्खे – Home Remedies To Treat Burns At Home In Hindi

जल जाने पर तुरंत अपनाएं ये घरेलू नुस्खे - Home Remedies To Treat Burns At Home In Hindi

अक्सर घर में खाना बनाते हुए, पूजा करते हुए जल जाना आम बात है। वहीं, बच्चे शैतानी करते समय कब किस चीज से अपना हाथ जला बैठें, पता नहीं। ये बहुत कष्टदायी होता है। साथ ही जलने से त्वचा पर पड़ने वाले छाले और फफोले भी काफी दर्दनाक होते हैं। इसलिए जल जाने पर घर पर ही उपचार के तरीके जान लेना बहुत जरूरी है। दरअसल, जलने पर हमारी त्वचा सिकुड़ जाती है, जिससे शरीर में जलन भी महसूस होती है। इसकी वजह से रोगी कभी-कभी बैठ या लेट भी नहीं सकता। हालांकि, दुघर्टनाओं को रोकना हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन इनका सही मैनेजमेंट कर हम ऐसी दुघटर्नाओं से बहुत जल्द राहत पा सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मरीज को ट्रीट करने के लिए जलने के शुरू के 15 मिनट और आधा घंटा बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इस बीच अगर घरेलू उपचारों को प्राथमिकता दी जाए, तो समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है। तो चलिए, आज के इस आर्टिकल में हम आपको स्किन बर्न से निपटने के बहेतरीन घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं। इससे पहले जानिए जलने के प्रकारों के बारे में।

जलने के प्रकार – Types of burn in Hindi

जलने के प्रकार - Types of burn in Hindi

गंभीरता और उनकी क्षति के आधार पर जलने को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है।

पहली डिग्री का बर्न – इसे फर्स्ट डिग्री बर्न भी कहा जाता है। यह सबसे कम गंभीर माना जाता है, क्योंकि यह केवल त्वचा की बाहरी परत को प्रभावित करता है। इससे आमतौर पर हल्का दर्द, लालिमा और सूजन आ जाती है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाती है।

दूसरी डिग्री का बर्न- सैकंड डिग्री बर्न त्वचा की गहरी परत को प्रभावित करता है। इसमें त्वचा पर फफोले पड़ जाते हैं। फफोले की गंभीरता के आधार पर इस प्रकार की जलन को ठीक होने में समय लग सकता है।

तीसरी डिग्री का बर्न- थर्ड डिग्री बर्न में त्वचा की सभी परतों को गंभीर नुकसान होता है। ये बहुत गंभीर होता है और अक्सर तंत्रिका क्षति का कारण भी बन सकता है। थर्ड डिग्री बर्न से प्रभावित त्वचा या तो मोमी सफेद या फिर गहरे भूरे रंग की होती है। यदि इसे अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो इस तरह के जलने से गंभीर दाग होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसका स्वयं उपचार नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए।

चौथी डिग्री का बर्न- फोर्थ डिग्री बर्न में जोड़ों और हड्डियों को शामिल किया जाता है। तीसरे और चौथे डिग्री के जलने को मेडिकल इमरजेंसी की कैटेगरी में रखा जाता है। इसका इलाज केवल अस्पताल में ही किया जाना चाहिए। जबकि पहली और दूसरी डिग्री के जलने का इलाज घर पर ही किया जा सकता है। जली हुई त्वचा को ठीक करने के लिए कौन से घरेलू उपाय करने चाहिए, जानने के लिए नीचे पढ़ें।

(और पढ़े – जल जाने पर प्राथमिक उपचार क्या करें और क्या ना करें…)

जलने के घरेलू उपाय – Home remedies to treat burns naturally in Hindi

जलने के घरेलू उपाय - Home remedies to treat burns naturally in Hindi

अगर जलन हल्की हो, तो आमतौर पर इसे पूरी तरह से ठीक होने में एक या दो सप्ताह का समय लग सकता है। जलने पर यहां दिए जा रहे कुछ घरेलू उपायों को आजमाना बेहतर विकल्प है।

कोल्ड कंप्रेस

जले हुए स्थान पर कोल्ड कंप्रेस जैसा घरेलू उपचार अपनाना चाहिए। इसके लिए ठंडे पानी में निचोड़ा हुआ साफ गीला कपड़ा जली हुई जगह पर रखें। यह आपको दर्द और सूजन से राहत देगा। आप 5 से 15 मिनट के अंतराल में कंप्रेस लगा सकते हैं। कोशिश ये करें, कि कंप्रेस बहुत ज्यादा ठंडा न हो, क्योंकि इससे जलन और बढ़ सकती है।

एंटीबायोटिक दवा

किसी भी जली हुई जगह पर आप प्राथमिक तौर पर एंटी बायोटिक दवा या क्रीम लगा सकते हैं। यह संक्रमण को रोकने में बहुत मदद करेगी। प्रभावित क्षेत्र पर दवा लगाने के बाद एक साफ कपड़े से इसे कवर कर लें।

वनीला

मामूली रूप से जलने पर वनीला लगाना बहुत अच्छा घरेलू नुस्खा है। जब भी आपको फर्स्ट या सैकंड डिग्री बर्न हो, तो जली हुई त्वचा पर धीरे से वनीला में कॉटन बॉल को डुबोएं। बता दें, कि वनीला अर्क में शराब का वाष्पीकरण दर्द को कम करने और जलन को शांत करने के लिए बहुत अच्छा है।

एलोवेरा

एलोवेरा को अक्सर बर्न प्लांट के रूप में जाना जाता है। दरअसल, इसमें मौजूद एंटी इंफ्लेमेट्री गुण परिसंचरण को बढ़ावा देने के साथ ही जलने पर पनपने वाले बैक्टीरिया के विकास को रोकते हैं। यदि आपकी त्वचा कभी जल जाए, तो तुरंत प्रभावित क्षेत्र पर एलोवेरा की पत्ती से लिया गया जेल लगा लें। जलन खत्म हो जाएगी। अगर आप बाजार से एलोवेरा खरीद रहे हैं, तो ध्यान दें कि इसमें बहुत ज्यादा एडिटिव्स जैसे कलरिंग और खुशबू न हो।

ब्लैक टी

जल जाने पर ब्लैक टी भी एक कारगार घरेलू नुस्खा है। जिससे जलन तो कम होती ही है साथ ही दर्द भी बंद हो जाता है। इसलिए जलने पर अगर कुछ भी ना हो, तो ब्लैक टी का इस्तेमाल कर लीजिए। इसके लिए दो या तीन ठंडी ब्लैक टी की थैलियों को ठंडा करके जलने वाली जगह पर रखें।

विनेगर

जले हुए स्थान पर तुरंत विनेगर लगाने से फफोले नहीं पड़ते और न ही जलन होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि सफेद सिरके में एसिटिक एसिड होता है, जो दर्द और जलन को दूर करने में मदद करता है। जली हुई जगह का उपचार करने के लिए एक पेपर टॉवेल को सिरके में डुबोएं और धीरे से जले हुए स्थान पर लगाएं। बहुत फायदा मिलेगा।

(और पढ़े – एप्पल साइडर विनेगर करेगा स्किन से जुड़ी परेशानियों को दूर…)

तिल

तिल का उपयोग भी जलने पर बहुत राहत दिलाता है। तिल को पीसकर जले हुए स्थान पर लगाने से जलन और दर्द से निजात मिलेगी। एक से दो दिन तक जली हुई जगह पर तिल लगाने से जलने वाले हिस्से पर दाग-धब्बे भी नहीं पड़ेंगे।

तुलसी

खासतौर से पटाखे से जलने पर तुलसी का रस लगाना बहुत अच्छा बर्निंग ट्रीटमेंट है। यदि जले हुए का निशान काफी पुराना हो गया है, तो तुंलसी के पत्तों का पेस्ट लगाने से बहुत फायदा होगा। इसे लगाने से जलने के निशान बनने की संभावना कम हो जाती है। नियमित रूप से इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से घाव एक सप्ताह में सूख जाएगा।

गाय के गोबर

आप के लिए आग से जलने पर गाय के गोबर का घरेलू उपाय बहुत कारगार सिद्ध होता है। यदि आग से आपके शरीर का कोई अंग ज्यादा जल गया है, तो गोबर लगाने से बहुत आराम मिलेगा। यहां तक की जलने वाली जगह पर इसे लगाने से निशान न के बराबर बनेंगे।

आग से जले हुए घाव की दवा मेथीदाना

आग से जलने वाले किसी भी अंग को सही करने में मेथीदाना बहुत मदद करता है। इसके लिए रातभर मेथीदाना को पानी में भिगोकर रखें और सुबह उठकर इसका पेस्ट बना लें। ये सूखे ना, इसके लिए इसमें नारियल का तेल मिला लें। अब इस मिश्रण को दाग की जगह पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें और फिर इसे पानी से धो लें। नियमित रूप से ऐसा करने से जलन दूर हो जाएगी।

जले हुए हिस्से को सूखे आटे में दबाएं

यदि आपके शरीर का कोई अंग अचानक से जल जाए, तो तुरंत इसे सूखे आटे में दबा लें। इस तरह आपको जलने पर दर्द नहीं होगा और अपेक्षाकृत दाग भी नहीं पड़ेंगे।

ठंडा पानी

आग या गर्म पानी से जलने पर बिना सोचे समझे सबसे पहले ठंडा पानी लगाना बढ़िया विकल्प है। जलने के तुरंत बाद ठंडे पानी की बोतल या ठंडा पानी कम से कम 20 मिनट तक प्रभावित हिस्से पर रखें। इससे जलन शांत हो जाएगी। इसके बाद जले हुए क्षेत्र को हल्के साबुन और पानी से जरूर धो लें।

हल्दी

हल्दी का प्रयोग भी जले हुए स्थान पर करने से बहुत लाभ होता है। जले पर हल्दी का पानी लगाने से दर्द कम होता है। इसे आप प्राथमिक उपचार के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

(और पढ़े – हल्दी और दूध के फायदे और नुकसान…)

शहद

शहद अपनी मिठास के कारण जाना जाता है। इसके स्वादिष्ट स्वाद के अलावा शहद को मामलूी जलन को ठीक करने में मदद मिल सकती है। दरअसल, शहद में एंटी इंफ्लेमेट्री, एंटी बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो जलने पर त्वचा पर होने वाली जलन से राहत दिलाते हैं।

गाजर

शादी या त्योहार में पटाखे चलाते वक्त आप जल जाएं, तो गाजर जले हुए घाव को ठीक करना का सबसे अच्छा घरेलू उपाय है। गाजर को पीसकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से बहुत आराम मिलता है।

आलू का रस

जलने पर आलू का छिलका भी बहुत फायदा पहुंचाता है। जली हुई जगह पर आलू, आलू का रस या आलू का छिलके रख लेने से जलन से राहत मिलती है। इसके लिए एक आलू को दो हिस्सों में काटकर जलने वाली जगह पर रखें। जलने के तुरंत बाद अगर कुछ समझ न आए, तो ये उपाय करना बहुत फायदेमंद होगा। आलू के रस का घरेलू उपाय पटाखों से जलने पर प्राथमिक तौर पर किया जा सकता है।

सूरज के संपर्क में कम जाएं

जली हुई त्वचा सूर्य के प्रकाश के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। त्वचा की जलन को बढ़ने से रोकने के लिए जली हुई त्वचा को सीधी धूप से कपड़ों से ढंक कर रखें।

(और पढ़े – सनस्क्रीन क्या है फायदे, बनाने की विधि और लगाने की तरीका…)

त्वचा जल जाने पर ध्यान रखने वाली बातें – Things to keep in mind on burning in Hindi

त्वचा जल जाने पर ध्यान रखने वाली बातें - Things to keep in mind on burning in Hindi

अगर कभी आप जल जाएं, तो इस स्थिति में कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनसे आपको बचना चाहिए। लोग त्वचा जल जाने पर इन उपचारों को करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं, कि ये जलने पर पूरी तरह से असरदार हों।

मक्खन

जले हुए स्थान पर मक्खन लगाने की भूल नहीं करनी चाहिए। इससे त्वचा की जलन और बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मक्खन गर्मी को बरकरार रखते हुए जली हुइ्र त्वचा पर हानिकारक बैक्टीरिया के विकास को रोक सकता है।

टूथपेस्ट

अक्सर जलने पर लोगों के दिमाग में सबसे पहले टूथपेस्ट लगाने का ख्याल आता है। लेकिन यह जलने के लिए बेहतर घरेलू उपचार नहीं है। बल्कि टूथपेस्ट तो जलन को बढ़ाता है और संक्रमण का कारण भी बन सकता है। इसलिए जब भी आप जल जाएं, तो टूथपेस्ट का ख्याल मन से निकाल दें।

अंडे की सफेदी

कई लोग जलने पर अंडे की सफेदी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह जलने का सही घरेलू उपाय नहीं है। बैक्टीरियल संक्रमण के बढ़ते जोखिम के अलावा, अंडे की सफेदी जली हुई त्वचा पर एलर्जी पैदा करने में भी सक्षम है।

बर्फ

कई अनुभवी लोग आज भी त्वचा के जलने पर सबसे पहले बर्फ लगाते हैं। दरअसल, ठंडा पानी तो प्रभावित क्षेत्र पर लगाना अच्छा है, लेकिन बर्फ या बहुत ठंडा पानी डालने से जले हुई जगह पर जलन बढ़ सकती है।

नारियल तेल

वैसे तो नारियल किसी भी तरह की जलन को शांत करने का बेहतर तरीका है, लेकिन जली हुई जगह पर नारियल तेल लगाने से हमेशा बचना चाहिए। क्योंकि यह तेल गर्मी पैदा करने के लिए जाना जाता है, जिससे त्वचा लगातार जल सकती है।

(और पढ़े – नारियल तेल के फायदे, उपयोग और नुकसान…)

जलने का इलाज करने का सही तरीका क्या है – What is the right way to cure burns in Hindi

जलने का इलाज करने का सही तरीका क्या है - What is the right way to cure burns in Hindi

जलने के कई घरेलू उपचार हमने आपको बताए हैं। इनमें से आप किसी भी एक की मदद लेकर जलन को दूर कर सकते हैं। लेकिन जब तब सही तरीका न पता हो, तो जले को ठीक करना आसान नहीं होता। जानिए जलने का इलाज करने का आखिर सही तरीका क्या है। किसी भी तरह के जलने का इलाज करने के लिए सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि कौन सी डिग्री बर्न है।

फर्स्ट डिग्री जलने पर

ये जलन केवल त्वचा की सतह को प्रभावित करती है, जिससे त्वचा पर रेडनेस आने के साथ हल्का दर्द भी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादातर फस्र्ट डिग्री बर्न को चिकित्सा की जरूरत नहीं होती। बस जले हुए स्थान पर 5 से 10 मिनट तक ठंडा पानी रखने से दर्द कम हो जाता है। इसके साथ ही एक मॉइश्चराइजिंग लोशन लगाएं और यदि जरूरी हो तो कुछ दिनों के लिए दर्द निवारक दवाएं लें।

सैकंड डिग्री जलने पर

ये जलन त्वचा की दूसरी परत या डर्मिस में प्रवेश करती है। आमतौर पर इसमें लाल छाले से पड़ जाते हैं। ज्यादातर गर्म पानी या अन्य गर्म तरल पदार्थ से जलने पर ऐसा होता है। किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए डॉक्टर को दिखा सकते हैं।

थर्ड डिग्री बर्न

इस जलन में त्वचा की सभी परतें शामिल होती हैं। यदि जलन तंत्रिका अंत को नुकसान पहुंचाती है, तो रोगी को दर्द का अहसास नहीं होगा। गर्म तवे, स्टोव यहां तक की किसी भी कैमिकल के जले हों, तो थर्ड डिग्री बर्न माना जाता है। इससे विनाशकारी चोट पहुंच सकती है। गंभीर जलन मांसपेशियों और अन्य ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे मौत की संभावना भी बढ़ जाती है। बता दें, कि थर्ड डिग्री बर्न को चिकित्सा की जरूरत होती है। जल जाने पर इलाज करने का सही तरीका तो आपने जान लिया, लेकिन इलाज करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, ये आप आगे पढ़ सकते हैं।

घर में जलने का इलाज करते समय क्या करें – What to do when treating burns in the home in Hindi

घर में जलने का इलाज करते समय क्या करें - What to do when treating burns in the home in Hindi

मामलूी जले का इलाज आप घर में भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

  • अगर आपका हाथ जल गया है, तो बस 10 मिनट तक ठंडा पानी प्रभावित क्षेत्र पर रखें।
  • यदि आपके पैर जल जाएं और आपको डायबिटीज की शिकायत है, तो घरेलू उपाय करने के बजाए डॉक्टर को दिखाएं।
  • यदि आनकी जेब में ई-सिगरेट या सेलफोन फटने से आपके कपड़ों में आग लग जाए, तो जले हुए कपड़ों और ज्वेलरी को तुंरत निकाल फेकें।
  • अगर फर्स्ट या सेकंड डिग्री बर्न है, तो हल्के हाथ से रोजाना जले हुए क्षेत्र को साबुन और पानी से धोएं।
  • घाव को नम रखने के लिए एक एंटीबॉयोटिक लें और ड्रेसिंग करें।

(और पढ़े – फर्स्ट एड बॉक्स क्या है, प्रकार, लिस्ट, महत्व और रखने का स्थान…)

जलने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए – Jalne par doctor ko kab dikhae in Hindi

जलने पर डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए - Jalne par doctor ko kab dikhae in Hindi

  • अगर आप किसी चीज से जल गए हैं, तो घरेलू उपाय की मदद से इसका इलाज कर सकते हैं। लेकिन किसी विशेष परीस्थितियों में जलने पर डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। नीचे जानिए इन परीस्थितियों के बारे में।अगर आपका चेहरा, हाथ, नितंब या कमर का हिस्सा जल गया हो तो।
  • घाव दर्दनाक या बदबूदार हो जाए, तो।
  • घर में कभी भी थर्ड-डिग्री बर्न का इलाज नहीं करना चाहिए। इससे इंफेक्शन और ब्लड लॉस का खतरा बढ़ सकता है।
  • बिजली के झटके से जलने पर घरेलू उपचार प्रभावी नहीं होते। दरअसल, ये जलन त्वचा के नीचे तक पहुंच जाती है और यहां तक की आंतरिक ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसके लिए हमेशा डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए।

त्वचा जलने से जुड़े लोगों के सवाल और हमारे जवाब – Question and answer related to skin burn in Hindi

त्वचा जलने से जुड़े लोगों के सवाल और हमारे जवाब - Question and answer related to skin burn in Hindi

घर पर जले का इलाज कब कर सकते हैं – When can I treat burns at home in Hindi

यदि आपका हाथ गर्म तवे से जल जाएं, धूप में बहुत अधिक समय बिताएं, गर्म पानी से हाथ या पैर जल जाए,  आपके ऊपर गर्म कॉफी या चाय गिर जाए, या गर्म तेल के छीटे त्वचा पर पड़ जाएं, तो आप जले का इलाज घर पर ही कर सकते हैं।

मुंह जल जाने पर क्या करें – What to do when a mouth is burnt in Hindi


यदि आपका या बच्चे का मुंह गर्म-गर्म कुछ भी खाने से जल जाए, तो इस वक्त दूध का घरेलू उपाय बहुत अच्छा है। दूध पीने से मुंह के अंदर हुए छालों से राहत मिलेगी। बता दें, कि यह नुस्खा ठंडा पानी पीने से ज्यादा बेहतर है। दरअसल, दूध में प्रोटीन होता है, जो किसी भी जले पर एक सुरक्षात्मक परत बनाता है। फिर से कुछ भी खाने पर पहले इसे ठंडा होने दें।

गर्म पानी से त्वचा जलने पर व फफोले पड़ने पर क्या करें- What to do when skin burns and blisters with hot water in Hindi

हाथ, पैर या शरीर का कोई भी अंग गर्म पानी, गर्म चय, तेल से स्किन बर्न हो जाए और फलोले पड़ जाएं, तो सबसे पहले जली हुई स्किन को ठंडे पानी से धोएं, ताकि फफोले न पड़ें। नल से पानी जले हुए अंग पर गिरने दें। अब एक कपड़ा ठंडे पानी में भिगोकर प्रभावित स्थान पर रखें। इससे जलन में आराम मिलने लगगेा।

जीभ जलने पर क्या करना चाहिए – jeebh jalne par kaunsa upay karna chahiye in Hindi

कभी-कभी गर्म चाय पीने से जीभ जल जाती है, जिससे मुंह का टेस्ट खराब हो जाता है। ऐसे में बेकिंग सोडा से कुल्ला करके जलन को कम किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ देर तक आइस क्यूब्स को अपनी जीभ पर रखने से भी जलन नहीं होती। अगर आप कहीं बाहर हैं और कुछ गर्म पीने के बाद जीभ जल जाए, तो तुरंत ठंडी चीज खा लें। बहुत आराम मिलेगा।

खाना बनाते हुए जल जाने पर कौन से घरेलू नुस्खे अपनाएं – Which skin burn home remedies should we follow when cooking in Hindi

किचन में खाना बनाते हुए जल जाना बहुत आम है। कभी-कभी जलने की वजह से छोटे-छोटे फफोले और निशान भी पड़ जाते हैं, जिसमें दर्द के साथ स्किन इंफेक्शन भी हो जाता है। ऐसे वक्त में बचाव के लिए सबसे पहले अपने जले हुए हाथ को पानी के नीचे रखें। इससे जलन खत्म हो जाती है। इसके बाद बर्निंग डिग्री की पहचान करें। यदि जलन के साथ खुजली हो, लेकिन छाला न हो, तो यह फर्स्ट डिग्री बर्न है। इसका उपचार आप घर में ही कर सकते हैं। आइस पैक लगाने से फस्र्ट डिग्री बर्न को आसानी से ठीक किया जा सकता है। जबकि गंभीर जलन में परामर्श की आवश्यकता होती है। प्राकृतिक एलोवेरा लगाने से भी जलन का इलाज किया जा सकता है। लेकिन अगर मांस छिलने लगे, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

(और पढ़े – सेंसिटिव स्किन (संवेदनशील त्वचा) की देखभाल…)

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