कोरोनरी आर्टरी डिजीज (कोरोनरी धमनी रोग) के कारण, लक्षण, उपचार, और बचाव – Coronary Artery Disease in Hindi

कोरोनरी आर्टरी डिजीज (कोरोनरी धमनी रोग) के कारण, लक्षण, उपचार, और बचाव - Coronary Artery Disease in Hindi
Written by Rajendra Patel

Coronary Artery Disease In Hindi कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) या कोरोनरी धमनी रोग अक्सर कई दशकों के बाद विकसित होता है, इसलिए इसके कोई प्रभावी लक्षण तब तक नहीं दिखाई देते है जब तक कि दिल का दौरा (heart attack) न आया हो। लेकिन कोरोनरी धमनी रोग को रोकने और इसके इलाज के लिए बहुत से प्रयास किये जा सकते हैं। एक स्वस्थ जीवन शैली इसके रोकथाम पर बहुत बड़ा प्रभाव डाल सकती है।

कोरोनरी धमनियां ऑक्सीजन और पोषक तत्व युक्त रक्त को दिल में लाती हैं। और जब इन धमनी का मार्ग अवरुद्ध या संकीर्ण हो जाता है तो इस समस्या को कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease) कहा जाता है। इस लेख में आप जानेंगे कोरोनरी आर्टरी डिजीज (कोरोनरी धमनी रोग) के कारण, लक्षण , निदान, उपचार, और बचाव के उपाय के बारे में।

1. कोरोनरी धमनी रोग क्या है – Coronary Artery Disease in Hindi
2. कोरोनरी धमनी रोग के लक्षण – Coronary Artery Disease Symptoms in Hindi
3. कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण – Coronary Artery Disease Causes in Hindi
4. कोरोनरी धमनी रोग के जोखिम कारक – Coronary Artery Disease Risk Factors in Hindi
5. कोरोनरी धमनी रोग का निदान – Coronary Artery Disease Diagnosis in Hindi
6. कोरोनरी धमनी रोग के उपचार – Coronary Artery Disease Treatment in Hindi
7. कोरोनरी धमनी की बीमारी के इलाज – Coronary Artery Disease Treatment in Hindi
8. कोरोनरी धमनी रोग की रोकथाम – Coronary Artery Disease Prevention in Hindi
9. कोरोनरी आर्टरी डिजीज में क्या खाएं और क्या न खाएं – What To Eat And Avoid During Coronary Artery Disease In Hindi

कोरोनरी धमनी रोग क्या है – Coronary Artery Disease in Hindi

कोरोनरी धमनी रोग क्या है - Coronary Artery Disease in Hindi

कोरोनरी धमनियां हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन प्रदान करती हैं। धमनी के भीतर वसा या कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाने के कारण कोरोनरी धमनी संकुचित या अवरुद्ध हो जाती हैं तब इस स्थिति को कोरोनरी हृदय रोग होता है। कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD), दिल को रक्त की आपूर्ति करने वाली धमनियों में खराब रक्त प्रवाह का कारण है। इसे कोरोनरी हृदय रोग (CHD) भी कहा जाता है, कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) दिल की बीमारी का सबसे आम रूप है।

जब कोलेस्ट्रॉल (वसा) का जमाव, कोरोनरी धमनी को अवरुद्ध करता है, तो दिल में रक्त प्रवाह (रक्त आपूर्ति) कम हो जाती है। इस कारणवश मरीज रक्तचाप में कमी से सीने में दर्द (एनजाइना), सांस लेने में तकलीफ या अन्य रोगों से ग्रसित हो सकता हैं। कोरोनरी धमनी के पूर्ण अवरोध होने से दिल का दौरा (heart attack) भी आ सकता है।

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कोरोनरी धमनी रोग के लक्षण – Coronary Artery Disease Symptoms in Hindi

यदि कोरोनरी धमनी संकीर्ण होती है, तो दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त की आपूर्ति नहीं हो पाती है, यह स्थिति वसा या कोलेस्ट्रॉल जमाने से बन सकती है।

जब आपके दिल को पर्याप्त रक्त नहीं मिलता है, तो आप विभिन्न प्रकार के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। एनजाइना (छाती में दर्द), कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) का सबसे आम लक्षण है। कोरोनरी धमनी रोग के लक्षणों में शामिल है-

जब रक्त प्रवाह अधिक अवरुद्ध होता है तो आपको अधिक लक्षणों का अनुभव हो सकता है। इन लक्षणों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। तत्काल ही चिकित्सा परामर्श लेना आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त महिलाएं उपरोक्त लक्षणों का भी अनुभव कर सकती हैं जैसे –

  • जी मिचलाना
  • उल्टी
  • पीठ दर्द
  • जबड़ा दर्द

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कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण – Coronary Artery Disease Causes in Hindi

कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण - Coronary Artery Disease Causes in Hindi

कम रक्त प्रवाह तब होता है जब इनमें से एक या अधिक धमनियां आंशिक रूप से या पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती हैं।

धमनी की आंतरिक दीवार के क्षतिग्रस्त हो जाने पर, कोलेस्ट्रॉल जैसे फैटी (प्लेक), धमनी की चोट के साइट पर जमा हो जाते हैं। इस प्रक्रिया को ऐथिरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) कहा जाता है। यदि धमनी की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है, तो प्लेटलेट नामक रक्त कोशिकाएं धमनी की मरम्मत करने के लिए साइट पर चिपक जाती हैं। यह जमाव धमनी को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे दिल का दौरा पड़ता है।

अतः धमनियों को यह नुकसान विभिन्न कारणों से हो सकता है, जिनमें निम्न हैं-

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कोरोनरी धमनी रोग के जोखिम कारक – Coronary Artery Disease Risk Factors in Hindi

कोरोनरी धमनी रोग के लिए जोखिम कारक में निम्न शामिल हैं:-

  • उच्च रक्त चाप।
  • रक्त में उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर।
  • मोटापा
  • निष्क्रियता।
  • भावनात्मक तनाव।
  • गर्भावस्था के दौरान प्रिक्लेम्पिया (preeclampsia) का इतिहास।
  • शराब के सेवन से हृदय की मांसपेशी को क्षति।
  • होमोसाइस्टिन (Homocysteine) के उच्च स्तर के कारण कोरोनरी धमनी रोग का खतरा बढ़ना।
  • मधुमेह होने की सम्भावना।

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कोरोनरी धमनी रोग का निदान – Coronary Artery Disease Diagnosis in Hindi

कोरोनरी धमनी रोग का निदान - Coronary Artery Disease Diagnosis in Hindi

सीएडी (कोरोनरी आर्टरी डिजीज) का निदान करने के लिए चिकित्सक मरीज से चिकित्सा इतिहास के बारे में प्रश्न पूछेगा, शारीरिक परीक्षण करेगा और नियमित रक्त परीक्षण का आदेश देगा।  इसके अतिरिक्त कोरोनरी धमनी रोग के निवारण के लिए वे निम्न परीक्षण की सलाह भी दे सकते है

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ईसीजी) ( Electrocardiogram (ECG))- एक इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम में यंत्र के माध्यम से दिल की धड़कन को विद्युत संकेतों के रूप में रिकॉर्ड किया जाता है। यह परीक्षण डॉक्टर को पिछले दिल का दौरा आने की जानकारी देने में मदद करता है।

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इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) – यह इमेजिंग टेस्ट है जो दिल की तस्वीर बनाने के लिए अल्ट्रासाउंड तरंगों का उपयोग करता है। इस परीक्षण के आधार पर यह ज्ञात किया जाता है कि दिल में घटित होने वाली घटनाएँ ठीक तरह से हो रही हैं या नहीं।

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तनाव परीक्षण (Stress test) – यह विशेष शारीरिक परीक्षण दिल के तनाव को मापता है। जब आप ट्रेडमिल पर चलते हैं या एक स्थिर बाइक की सवारी करते हैं तो परीक्षण दिल की विद्युत गतिविधि पर नज़र रखता है। शारीरिक व्यायाम करने में असमर्थ लोगों के लिए, तनाव परीक्षण के लिए कुछ दवाओं का उपयोग किया जा सकता है।

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हार्ट सीटी स्कैन (Heart CT scan) – डॉक्टर धमनियों में कैल्शियम जमाव का पता लगाने के लिए इस इमेजिंग टेस्ट का उपयोग कर सकते है। यदि धमनियों में पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है, तो कोरोनरी धमनी रोग की संभावना बढ़ सकती है।

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कार्डियक कैथीटेराइजेशन (Cardiac catheterization) – इस प्रक्रिया के दौरान, डॉक्टर कोरोनरी धमनी में एक विशेष डाई (रंजक) इंजेक्ट करता है। डाई (रंजक), किसी भी अवरोध की पहचान करने के लिए कोरोनरी धमनियों की रेडियोग्राफिक छवि को स्पष्ट करने में मदद करता है।

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कोरोनरी धमनी रोग के उपचार – Coronary Artery Disease Treatment in Hindi

कोरोनरी धमनी रोग के उपचार - Coronary Artery Disease Treatment in Hindi

अधिकतर मामलों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिम कारकों जैसे- उच्च कोलेस्ट्रॉल या उच्च रक्तचाप का इलाज करने के लिए डॉक्टर दवा चिकित्सा (medication therapy) की सलाह दे सकता है, या रक्त शर्करा (blood sugar) को नियंत्रित करने के लिए दवा के रूप में इलाज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त जीवनशैली में परिवर्तन कर या एक अच्छी जीवनशैली अपनाकर ही इस रोग से बचा जा सकता है। यदि जीवनशैली में बदलाव और दवा उपचार इस रोग के इलाज में प्रभावकारी सिद्ध नहीं होते तो डॉक्टर दिल का इलाज करने के लिए निम्न प्रक्रियाएं अपना सकते हैं।

कोरोनरी धमनी की बीमारी के इलाज – Coronary Artery Disease Treatment in Hindi

कोरोनरी धमनी की बीमारी के इलाज - Coronary Artery Disease Treatment in Hindi

एंजियोप्लास्टी और स्टेंट प्लेसमेंट (Angioplasty And Stent Placement)

अवरुद्ध धमनियों को चौड़ा करने के लिए इस तकनीक में यांत्रिक प्रणाली का उपयोग कर एक खाली और पिचके गुब्बारे को, जिसे बैलून कैथेटर कहा जाता है धमनियों के संकुचित स्थान में डाला जाता है और फिर इसे फुलाया जाता है।

बाईपास सर्जरी (Coronary Artery Bypass Graft Surgery)

दिल में रक्त प्रवाह को पुनः चालू करने के लिए ओपन चेस्ट सर्जरी या बाईपास सर्जरी का उपयोग किया जाता है। इस सर्जरी उपयोग करके अवरुद्ध कोरोनरी धमनियों को बाईपास किया जाता है। चूंकि यह ओपन-हार्ट सर्जरी होती है, इसलिए यह कई संकुचित कोरोनरी धमनियों के लिए आरक्षित है।

उन्नत बाहरी काउंटरपल्सेशन (Enhanced External CounterPulsation)

EECP की मदद से डॉक्टर संकुचित या अवरुद्ध धमनी के आसपास प्राकृतिक बाईपास बनाने के लिए collaterals (रक्त वाहिकाओं की छोटी शाखाओं) के गठन को प्रोत्साहित कर सकता है।

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कोरोनरी धमनी रोग की रोकथाम – Coronary Artery Disease Prevention in Hindi

कोरोनरी धमनी रोग की रोकथाम - Coronary Artery Disease Prevention in Hindi

एक अच्छी जीवन शैली की आदतों को अपनाकर कोरोनरी धमनी रोग के रोकथाम में मदद मिलती है। स्वस्थ जीवनशैली का पालन करने से आपकी धमनियों को मजबूत और उनको साफ़ रखने में मदद मिलती है। दिल से सम्बंधित कोरोनरी आर्टरी डिजीज में सुधार करने के लिए, निम्न तरीके अपनाये जा सकते हैं:

  • धूम्रपान ना करें।
  • उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह जैसे को नियंत्रण में रखे।
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें।
  • कम नमक और कम वसा वाले आहार फल, सब्जियां और पूरे अनाज का सेवन करें।
  • वजन को बढ़ने न दे।
  • तनाव कम करें।

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कोरोनरी आर्टरी डिजीज में क्या खाएं और क्या न खाएं – What To Eat And Avoid During Coronary Artery Disease In Hindi

कोरोनरी आर्टरी डिजीज में क्या खाएं और क्या न खाएं – What To Eat And Avoid During Coronary Artery Disease In Hindi

यद्यपि आप जानते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थ खाने से आपके दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है, अक्सर खाने की आदतों को बदलना मुश्किल होता है। एक बार जब आप यह जानने लगते हैं कि कौन से खाद्य पदार्थ अधिक खाने चाहिए और कौन से खाद्य पदार्थों को सीमित करना है, तो आप हृदय को स्वस्थ रखने वाले आहार की ओर अपने आप को ले जायेंगे।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज से बचने के लिए इन खाद्य पदार्थों को कम खाएं

  • आलू चिप्स, फ्रेंच फ्राइज़, और अन्य “जंक” खाद्य पदार्थ
  • मक्खन, पनीर, या क्रीम सॉस में पकायी गई सब्जियां
  • तले हुए खाद्य पदार्थ
  • बेकन, सॉसेज, और अंग का मीट (जैसे की यकृत)
  • अंडे की जर्दी
  • मलाई वाला दूध और मक्खन
  • चीज़केक, पेस्ट्री, डोनट्स, आइसक्रीम

कोरोनरी धमनी रोग से बचने के लिए इन खाद्य पदार्थों को अधिक खाएं

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