योनि से जुड़े रोग और उपचार – Vaginal diseases and treatments in Hindi




योनि से जुड़े रोग और उपचार - Vaginal diseases and treatments in Hindi
Written by Daivansh

Vaginal diseases in Hindi जानिए योनि से जुड़े रोग और उपचार के बारे में, महिलाओं से जुड़ी कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जिनके बारे में हर महिला को जानकारी होनी चाहिए। महिलाओं के प्रजनन अंग बहुत संवेदनशील होते हैं और बेहतर साफ-सफाई न होने एवं सेक्स के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान न रखने के कारण उन्हें यौन रोग हो जाते हैं। यौन रोगों में आमतौर यौन संचारित रोग(STD) एवं यौन संचारित संक्रमण(STI) सहित अन्य यौन रोग शामिल हैं। ज्यादातर महिलाएं योनि में असामान्य स्राव होने एवं जलन एवं खुजली को साधारण समझती हैं और उसपर अधिक ध्यान नहीं देती हैं लेकिन लंबे समय तक इन लक्षणों की अनदेखी करने से यौन रोग के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस आर्टिकल में हम आज आपको महिलाओं से जुड़े यौन रोगों के बारे में बताएंगे।

1. योनि से जुड़े रोग गोनोरिया – Vaginal diseases Gonorrhea in Hindi
2. महिलाओं में योनि का कैंसर रोग – women diseases Vaginal cancer in Hindi
3. महिलाओं से जुड़ा यौन रोग वैजिनिसमस – Vaginal diseases Vaginismus in Hindi
4. योनि से जुड़े रोग ट्राइकोमोनिएसिस – Vaginal diseases Trichomoniasis in Hindi
5. महिलाओं में यौन रोग वैजिनाइटिस – Women diseases Vaginitis in Hindi
6. योनि से जुड़े रोग यीस्ट संक्रमण – Vaginal diseases Yeast Infection in Hindi
7. योनि से जुड़े रोग होने पर अपनी देखभाल ऐसे करें – Your care in hindi

योनि से जुड़े रोग (Vaginal diseases) से कई प्रकार के विकार होते हैं, जिनके बारे में हर महिला को पता होना आवश्यक है। उनमें से कुछ यह हैं –

योनि से जुड़े रोग गोनोरिया – Vaginal diseases Gonorrhea in Hindi

यह एक यौन संचारित रोग (STD) जो आमतौर पर बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। यह महिलाओं की योनि (vagina), गुदा (anus) मूत्रमार्ग और प्रजनन मार्ग जैसे फैलोपियन ट्यूब, सर्विक्स और गर्भाशय जैसे नम एवं गर्म क्षेत्रों में संक्रमण के कारण होता है। गोनोरिया एक ऐसी बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में मुंह, गुदा और यौन संबंध बनाने से फैलती है। सेक्स करने से पहले कंडोम का प्रयोग न करने के कारण यह बीमारी होने का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा एक से अधिक व्यक्तियों के साथ सेक्स करने पर गोनोरिया होने का खतरा बना रहता है। योनि से हल्का पीला, हरा और पानी जैसा स्राव, पेशाब के दौरान जलन और दर्द, अधिक तेजी से पेशाब करने का अनुभव होना, अधिक पीरियड, गले में दर्द और सेक्स के दौरान योनि में दर्द होना आदि गोनोरिया के लक्षण हैं।

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गोनोरिया का इलाज – Treatment of gonorrhea in Hindi

इसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स दवाएं दी जाती हैं। ये दवाएं गोनोरिया के संक्रमण को दूर करने में मदद करती हैं। इसके अलावा सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल कर और यौन संचारित रोगों का समय पर जांच कराकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।

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महिलाओं में योनि का कैंसर रोग – women diseases Vaginal cancer in Hindi

योनि का कैंसर एक दुर्लभ (rare) कैंसर है जो कि योनि में होता है। योनि में मांसपेशियों का एक ट्यूब (muscular tube) होता है जो गर्भाशय को बाहरी जननांगों से जोड़ता है। योनि का कैंसर आमतौर पर उन कोशिकाओं में होता है जो योनि के सतह को रेखांकित करते हैं, इसे बर्थ कैनाल भी कहा जाता है। योनि का कैंसर तब होता है जब स्वस्थ कोशिकाएं आनुवंशिक उत्परिवर्तन (genetic mutation) के बाद सामान्य कोशिकाओं से असामान्य कोशिकाओं में बदल जाती हैं। योनि से पानी का स्राव, पेशाब में दर्द, तेजी से पेशाब होना, कब्ज और पेल्विक में दर्द योनि के कैंसर के लक्षण हैं।

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योनि के कैंसर का इलाज – Treatment of Vaginal cancer in Hindi

वेजाइना के कैंसर का इलाज रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी है। योनि के कैंसर को हटाने के लिए कभी-कभी सर्जरी भी की जाती है लेकिन यदि यदि ट्यूमर सर्वाइकल कैंसर हो और यह योनि में फैल गया हो तो रेडिएशन और कीमोथेरेपी के जरिए ही इसका इलाज किया जाता है।

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महिलाओं से जुड़ा यौन रोग वैजिनिसमस – Vaginal diseases Vaginismus in Hindi

कुछ महिलाओं में योनि में पेनिस प्रवेश कराने की कोशिश करते समय योनि की मांसपेशियां (vaginal muscles) सिकुड़ जाती हैं, इस स्थिति को वैजिनिसमस कहा जाता है। योनि में इस संकुचन से यौन संबंध बनाने में कठिनाई होती है और अत्यधिक दर्द भी होता है। योनि में सिकुड़ने के कई कारण होते हैं, जैसे कि आपका पार्टनर पेनिस प्रवेश कराने की कोशिश कर रहा हो एवं आपने पहले से टैम्पोन प्रवेश कराया हो। वैजिनिसमस आमतौर पर पिछले पीड़ादायक संभोग और भावनात्मक कारकों से जुड़ा होता है। कुछ मामलों में इस रोग का कारण नहीं पता चल पाता है। सेक्स के दौरान पीड़ा, प्रवेश कराने में कठिनाई, कारण-अकारण सेक्स करते समय लंबे समय तक दर्द होना, टैम्पोन को योनि में डालते समय दर्द होना, स्त्री रोग संबंधी जांच के दौरान दर्द होना आदि वैजिनिसमस के लक्षण हैं।

वैजिनिसमस का इलाज – Treatment for vaginismus in Hindi

अधिकतर मामलों में वैजिनिसमस को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसका इलाज आमतौर पर सही जानकारी, काउंसलिंग और एक्सरसाइज है। इस रोग के इलाज के लिए रोग को सेक्स थेरेपी और काउंसलिंग दी जाती है। इसके अलावा कीगल एक्सरसाइज (Kegel exercise) करने की सलाह दी जाती है। कीगल एक्सरसाइज करने के लिए पहले ब्लैडर को खाली किया जाता है अर्थात् पेशाब करने के बाद फर्श पर बैठकर श्रोणि तल की मांसपेशियों (pelvic floor muscles) को 10 बार सिकोड़ा जाता है और यह क्रिया 10 बार दोहरायी जाती है।

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योनि से जुड़े रोग ट्राइकोमोनिएसिस – Vaginal diseases Trichomoniasis in Hindi

यह एक यौन संचारित संक्रमण (STI) जो आमतौर पर परजीवियों (parasites) के कारण होता है। यह परजीवी सेक्स के दौरान जननांगों के संपर्क में आने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। महिलाओं में ये परजीवी योनि और मूत्रमार्ग में संक्रमण पैदा कर देते हैं। इसलिए सेक्स के दौरान यह दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैल जाता है। हालांकि यह गले लगने, किस करने और टॉयलेट सीट पर बैठने से नहीं फैलता है। ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण संक्रमण होने के 5 से 28 दिन के अंदर दिखाई देते हैं। असामान्य गंध के साथ योनि से भूरा, सफेद और पीला स्राव, जननांगों में सूजन और लालिमा, योनि में खुजली और जलन पेशाब और सेक्स के दौरान दर्द आदि ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण हैं।

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ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज – Treatment for Trichomoniasis in Hindi

ट्राइकोमोनिएसिस के इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स का प्रयोग किया जाता है। डॉक्टर आमतौर पर मेट्रोनिडाजोल(metronidazole) एवं टिनिडाजोल( tinidazole) आदि एंटीबोयोटिक्स लेने की सलाह देते हैं। इन दवाओं के सेवन से  24 घंटे पहले और 72 घंटे बाद तक एल्कोहल का सेवन करना मना होता है। यदि आपके पार्टनर को इंफेक्शन हो तो उसके साथ सेक्स करने से परहेज करके इस बीमारी से बचा जा सकता है।

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महिलाओं में यौन रोग वैजिनाइटिस – Women diseases Vaginitis in Hindi

योनि में सूजन होने को वैजिनाइटिस कहते हैं जिसके कारण योनि में स्राव, खुजली और दर्द होता है। यह योनि में बैक्टीरिया और संक्रमण के कारण होता है। मेनोपॉज के बाद महिला के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर कम होना और त्वचा की समस्याओं के कारण वैजिनाइटिस होता है। यह बीमारी होने पर योनि में कुछ असामान्य लक्षणों का अनुभव होता है। योनि से स्रावित होने वाले तरल पदार्थ के रंग में परिवर्तन, गंध और मात्रा में बदलाव, योनि में खुजली और जलन, इंटरकोर्स के दौरान दर्द, पेशाब में दर्द और योनि से हल्का खून निकलना वैजिनाइटिस रोग के लक्षण हैं।

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वैजिनाइटिस का इलाज – Treatment of Vaginitis in Hindi

अधिकतर मामलों में वैजिनाइटिस के इलाज के लिए ओरल एंटीबायोटिक्स, एंटीफंगल या एंटीबैक्टीरियल क्रीम मरीज को दिया जाता है। इसके अलावा एंटीफंगल और एंटीबायोटिक दवाएं भी दी जाती हैं। बैक्टीरियल वैजिनाइटिस क्लिनडैमाइसिन (clindamycin) नामक एंटीबायोटिक से ठीक हो जाता है। जबकि फंगल इंफेक्शन का इलाज ब्यूटोकोनाजोल (butoconazole) नामक दवा से किया जाता है।

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योनि से जुड़े रोग यीस्ट संक्रमण – Vaginal diseases Yeast Infection in Hindi

योनि में यीस्ट संक्रमण एक प्रकार का फंगल इंफेक्शन है जिसके कारण योनि के ऊपरी भाग की कोशिकाओं में में जलन, स्राव और तीव्र खुजली होती है। इससे योनि में सूजन भी हो जाती है।

यीस्ट संक्रमण संयुक्त रूप से कैंडिडा (candida) नामक कवक और बैक्टीरिया के कारण होता है। प्रेगनेंसी, अनियंत्रित डायबिटीज, खराब इम्यून सिस्टम और गर्भनिरोधक दवाओं एवं हार्मोन थेरेपी के कारण यीस्ट इंफेक्शन होने का खतरा अधिक होता है। योनि के मुख की कोशिकाओं में जलन और खुजली, पेशाब एवं सेक्स के दौरान जलन, योनि में दर्द और लालिमा, योनि के ऊपर दाने निकलना, योनि से पतला स्राव होना यीस्ट इंफेक्शन के लक्षण हैं।

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यीस्ट संक्रमण का इलाज – Treatment of Yeast Infection in Hindi

अधिकतर मामलों में यीस्ट इंफेक्शन के इलाज के लिए एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा होमियोपैथिक दवाएं यीस्ट इंफेक्शन का सबसे बेहतर इलाज हैं। इसके अलावा योनि में जलन और खुजली को दूर करने के लिए एंटीफंगल क्रीम और टैबलेट भी प्रयोग में लाया जाता है।

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योनि से जुड़े रोग होने पर अपनी देखभाल ऐसे करें – Your care in Hindi

यदि आपको इनमे से कोई भी लक्षण हो तो अपने डॉक्टर से मिले आपके उपचार में निम्नलिखित चीजे सामिल हो सकती है

  • दवाइयाँ: डॉक्टर के अनुसार सभी दवाइयाँ समाप्त करे, चाहे दवा ख़त्म होने से पहले ही योनिस्त्राव बंद हो जाये क्योकि संक्रमण अभी भी हो सकता है।
  • स्नान: हर दिन नहाये और योनी के आसपास के एरिया को साफ करे।
  • योनि को सुखा रखें: उस जगह को जहा तक हो सके तो सुखा रखे और सूती बस्त्रो का उपयोग करे।
  • सेनेटरीपैड्स: अगर बहुत जादा स्त्राव हो रहा हो तो सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करे।
  • मासिक धर्म के स्त्राव सोखने के लिए टैम्पोन का प्रयोग न करें।

यदि आपके कोई प्रश्न या चिंतायें हो तो अपने डॉक्टर से बात करे।

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