ट्राइकोमोनिएसिस के कारण, लक्षण, इलाज एवं बचाव – Trichomoniasis causes symptoms and treatment in Hindi

ट्राइकोमोनिएसिस के कारण, लक्षण, इलाज एवं बचाव - Trichomoniasis causes symptoms and treatment in Hindi
Written by Anamika

ट्राइकोमोनिएसिस यौन संबंधी अन्य बीमारियों की तरह ही एक बीमारी है। यह बीमारी बहुत आसानी से किसी भी महिला या पुरुष को हो सकती है। चूंकि यह यौन संचारित बीमारी है इसलिए जननांगों की साफ-सफाई न रखने एवं दूसरे व्यक्ति का टॉवेल इस्तेमाल करने पर इस बीमारी के होने की संभावना अधिक होती है। कुछ मामलों में यह बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है और इसकी वजह से महिलाओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख ट्राइकोमोनिएसिस के कारण, लक्षण, इलाज एवं बचाव के बारे में

1. ट्राइकोमोनिएसिस क्या है? What is Trichomoniasis in Hindi?
2. ट्राइकोमोनिएसिस के कारण – Causes of Trichomoniasis in Hindi
3. ट्राइकोमोनिएसिस से होने वाली जटिलताएं – Complication of Trichomoniasis in Hindi
4. ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Symptoms of Trichomoniasis in Hindi
5. महिलाओं में ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Trichomoniasis Symptoms in Women in Hindi
6. पुरुषों में ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Trichomoniasis Symptoms in Men in Hindi
7. ट्राइकोमोनिएसिस का निदान – Diagnosis of Trichomoniasis in Hindi
8. ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज – Treatment of Trichomoniasis in Hindi
9. ट्राइकोमोनिएसिस से बचाव – Trichomoniasis Prevention in Hindi

ट्राइकोमोनिएसिस क्या है? What is Trichomoniasis in Hindi?

Trichomoniasis in Hindi, ट्राइकोमोनिएसिस एक आम यौन संचारित संक्रमण (STI) है। यह एक सामान्य बीमारी है जो परजीवी (parasite) के कारण होता है और पुरुष एवं महिला दोनों इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। लेकिन पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं इस बीमारी की चपेट में अधिक आती हैं। ट्राइकोमोनिएसिस का संक्रमण लगभग 14 वर्ष से 49 वर्ष की महिलाओं को प्रभावित करता है। ट्राइकोमोनिएसिस को सामान्य भाषा में ट्रिक (trich) भी कहा जाता है।

इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं में तेज गंध के साथ योनि से तरल पदार्थ (fluid) स्रावित होता है जबकि पुरूषों में  मूत्रमार्ग (urethra) में दर्द एवं खुजली होती है। समय पर इस बीमारी का इलाज कराकर इसे बढ़ने से बचाया जा सकता है।

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ट्राइकोमोनिएसिस के कारण – Causes of Trichomoniasis in Hindi

ट्राइकोमोनिएसिस के कारण - Causes of Trichomoniasis in Hindi

Trichomoniasis ट्राइकोमोनिएसिस ट्राइकोमोनास वैजाइनालिस (Trichomonas vaginalis) नामक एक कोशिकीय प्रोटोजोआ जीव (protozoan organism) के कारण होता है। यह प्रोटोजोआ सेक्स के दौरान जननांगों के संपर्क में आने एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाता है। पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में यह रोग बहुत तेजी से होता है। ट्राइकोमोनिएसिस 14 वर्ष से 49 वर्ष तक की महिलाओं को सबसे अधिक प्रभावित करता है। महिलाओं की योनि एवं मूत्रमार्ग में यह जीव संक्रमण उत्पन्न कर देता है। जबकि पुरुषों के सिर्फ मूत्रमार्ग में ही इंफेक्शन होता है। एक बार जब इंफेक्शन हो जाता है तो यह असुरक्षित रूप से जननांगों (genitals) के संपर्क में आने से फैलने लगता है।

ट्राइकोमोनिएसिस सामान्य शारीरिक संपर्क जैसे चुंबन, गले मिलने, टॉयलेट सीट पर बैठने या भोजन शेयर करने से नहीं फैलता है। ट्राइकोमोनिएसिस के इंफेक्शन का संक्रमण काल (incubation period ) अभी तक ज्ञात नहीं है लेकिन यह संक्रमण 5 दिन से महीने भर के अंदर फैलता है। कई व्यक्तियों के साथ यौन संबंध बनाने, घर में किसी को यौन संचारित संक्रमण (STI) होने, किसी व्यक्ति को पहले से ही ट्राइकोमोनिएसिस की समस्या होने और बिना कंडोम के इस्तेमाल के सेक्स करने से इस बीमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है।

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ट्राइकोमोनिएसिस से होने वाली जटिलताएं – Complication of Trichomoniasis in Hindi

  • Trichomoniasis ट्राइकोमोनिएसिस होने पर महिलाओं को कई जोखिम उठाना पड़ता है।
  • इस समस्या से पीड़ित महिलाओं में समय से पहले डिलीवरी होने,
  • जन्म के बाद बच्चे का वजन सामान्य से अधिक कम होने और बच्चे में संक्रमण होने का खतरा बना रहता है।
  • जन्म के बाद बच्चे का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है और बच्चे का शारीरिक विकास रूक जाता है।
  • इसके अलावा इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को एचआईवी एड्स होने की संभावना भी अधिक होती है।

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ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Symptoms of Trichomoniasis in Hindi

आमतौर पर ज्यादातर महिलाओं एवं पुरुषों में ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण शुरूआत में नहीं पाये जाते हैं। एक स्टडी में पाया गया है कि ट्राइकोमोनिएसिस से पीड़ित सिर्फ 30 प्रतिशत लोगों में ही इस बीमारी के लक्षण दिखायी देते हैं। महिलाओं एवं पुरुषों को ट्राइकोमोनिएसिस का संक्रमण होने के करीब 5 से 28 दिनों बाद इसके लक्षण विकसित होने शुरू होते हैं। हालांकि कुछ लोगों में इससे भी ज्यादा समय के बाद लक्षण दिखायी देना शुरू होते हैं। आइये जानते हैं कि ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण क्या हैं।

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महिलाओं में ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Trichomoniasis Symptoms in Women in Hindi

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पुरुषों में ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण – Trichomoniasis Symptoms in Men in Hindi

  • मूत्रमार्ग (urethra) से स्राव होना।
  • पेशाब के दौरान जलन या स्खलन के दौरान जलन का अनुभव होना।
  • बार-बार पेशाब का अनुभव होना।
  • जननांगों में तेज खुजली और जलन होना।

ट्राइकोमोनिएसिस का निदान – Diagnosis of Trichomoniasis in Hindi

Trichomoniasis ट्राइकोमोनिएसिस के लक्षण अन्य यौन संचारित संक्रमण (STI) की तरह ही होता है। लेकिन सिर्फ लक्षणों के आधार पर ही इस समस्या का निदान नहीं किया जा सकता है। संक्रमण का खतरा महसूस होने पर डॉक्टर सबसे पहले मरीज का शारीरिक परीक्षण करते हैं इसके बाद प्रयोगशाला में भी सैंपल लेकर कुछ विशेष जांच की जाती है। (और पढ़े – सबसे सामान्य योन संचारित रोग की जानकारी…)

इस बीमारी के निदान के लिए डॉक्टर योनि, जननांगों या मूत्रमार्ग से निकलने वाले तरल पदार्थों का सैंपल लेते हैं और उसका माइक्रोस्कोप की सहायता से परीक्षण करते हैं।

ट्राइकोमोनाड्स (Trichomonads) प्रोटोजोआ नाशपाती के आकार (pear shaped) का होता है और उसके किनारों पर कई फ्लैजेला (flagella) लगे होते हैं। जब डॉक्टर को इस बात की आशंका होती है कि मरीज के शरीर में ट्राइकोमोनिएसिस (Trich) हो सकता है तब ही वे आमतौर पर लैब टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।

महिलाओं में इस बीमारी के निदान के लिए डॉक्टर पेल्विस का परीक्षण कर सैंपल इकट्ठा करते हैं। इसके लिए योनि में एक उपकरण डालते हैं और सैंपल लेते हैं। इसके बाद उस सैंपल को माक्रोस्कोप के स्लाइड पर रखकर उसका परीक्षण किया जाता है।

इसके अलावा ट्राइकोमोनिएसिस के निदान के लिए सेल कल्चर्स (cell cultures) और एंटीजन टेस्ट (antigen tests) भी किया जाता है।

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ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज – Treatment of Trichomoniasis in Hindi

इस बीमारी के लिए पीड़ित मरीज को एंटीबायोटिक्स दिया जाता है जिससे ट्राइकोमोनिएसिस बहुत आसानी से ठीक हो जाता है। आमतौर पर मोट्रोनिडाजोल (metronidazole) और टिनिडाजोल (tinidazole) ये दो एंटीबायोटिक्स ट्राइकोमोनिएसिस के इलाज के लिए मरीज को दिया जाता है। मेट्रोनिडाजोल लेने के 24 घंटे और और टिनोडाजोल लेने के 72 घंटे बाद तक मरीज को एल्कोहल का सेवन करने के लिए मना किया जाता है। अन्यथा इससे मरीज को भयंकर उल्टी हो सकती है या जी मिचला सकता है।

इस बीमारी के उपचार के लिए मरीज के पार्टनर का भी अच्छी तरह से टेस्ट किया जाता है और उसे भी दवाएं दी जाती हैं। जब तक इलाज चलता रहता है मरीज को अपने पार्टनर के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मना किया जाता है। इस बीमारी के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक्स दवाएं एक गोली (pill) होती है जिसे एक खुराक दी जाती है और मरीज को इसे निगलना पड़ता है। इसके बाद यह बीमारी संभवतः ठीक हो जाती है।

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ट्राइकोमोनिएसिस से बचाव – Trichomoniasis Prevention in Hindi

  • जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि ट्राइकोमोनिएसिस यौन संचारित(sexually transmitted) बीमारी है इसलिए कुछ सावधानियां बरतकर इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है।
  • ट्राइकोमोनिएसिस के संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छ और सुरक्षित सेक्स करें। सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करें ताकि जननांगों में किसी तरह का इंफेक्शन न होने पाये।
  • शारीरिक संबंध बनाने से पहले कंडोम सही तरीके से पहने ताकि यौन संबंध बनाने के दौरान कंडोम खिसके या निकले नहीं। (और पढ़े – कंडोम को निकालने का सही तरीका…)
  • दूसरे व्यक्ति के टॉवेल और रूमाल का इस्तेमाल न करें क्योंकि इन कपड़ों के एक बार इस्तेमाल के बाद ट्राइकोमोनाड्स (Trichomonads) शरीर के बाहर 45 मिनट तक जिंदा रहता है।
  • यौन संबंध (intercourse) से पहले और बाद में जननांगों को अच्छी तरह से साफ करें।

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