हैजा कारण लक्षण और बचाव – Cholera Disease Causes Syptomps And Treatment in Hindi

हैजा कारण लक्षण और बचाव - Cholera Disease causes syptomps and treatment in hindi
Written by Ganesh

Cholera Disease in hindi हैजा एक संक्रामक बीमारी (infectious disease) है, जो आंतों को प्रभावित करती है और जिसमें पानी की तरह पतले दस्त लग जाते हैं। हैजा रोग का इलाज समय रहते न किया जाए तो व्यक्ति में पानी की कमी (dehydration) हो जाती है, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। आज आप हैजा रोग के कारण लक्षण और बचाव के बारे में जानेगें!

हैजा, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, किसी में भी हो सकता है। गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों में भी इस रोग के होने की आशंका ज्यादा रहती है क्योंकि उनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। हैजा में व्यक्ति के शरीर से पानी के साथ कई जरूरी लवण, सोडियम और पोटेशियम आदि भी निकल जाते हैं, जिससे व्यक्ति के शरीर का रक्त अम्लीय हो जाता है और व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।

हैजा होने के कारण – Cholera Disease Causes in Hindi

  1. अक्सर हैजा रोग दूषित पानी पीने या दूषित खाना खाने के कारण फैलता है।
  2. ऐसा पानी या खाना जिसमें वाइब्रियो कोलेरी बैक्टीरिया (vibrio cholerae becteria) मौजूद हो, हैजा का कारण बनता है।
  3. हैजा (Haija) ऐसी जगह पर ज्यादा फैलता है जहां, साफ सफाई का अभाव हो, सीवरयुक्त पानी की सप्लाई हो, साग-सब्जी सीवर के पानी में उगाई जा रही हों या किसी का घर नाले आदि के पास स्थित हो।
  4. मक्खियाँ भी रोगी के मलमूत्र में बैठकर इसके जीवाणु को अपने पेरों, पंखों तथा अन्य अंगों द्वारा लाती है और बिना ढंके भोज्य पदार्थों पर बैठकर उसे दूषित कर देती है। जब व्यक्ति ऐसे भोज्य पदार्थ का सेवन करता है तो उसमें यह बिमारी फैल जाती है।

(और पढ़े – क्या RO वाटर प्यूरीफायर का पानी पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, जाने पूरा सच)

हैजा के लक्षण – Cholera Disease Symptomps in Hindi

  • हैजा से ग्रसित व्यक्ति को दस्त होने लगती है।
  • दस्त अत्यंत पतले पानी जैसे होने लगते है जो देखने में ‘‘चावल के माँड’’ जैसे प्रतीत होते हैं।
  • हैजे में रोगी का शरीर ठंडा पड़ने लगता है |
  • हैजे के रोगी की नाड़ी और हृदय गति बढ़ जाती है |
  • रोगी के हाथ-पैरों की माँसपेशियों में तीव्र ऐंठन होने लगती है।
  • रोगी को अत्यधिक प्यास लगती है और पेशाब आना कम हो जाता है।
  • शुरू में रोगी को दिन में 35-40 बार दस्त हो जाती है।
  • उलटी के साथ ही पतले दस्त लग जाते हैं और ये होते ही रहते हैं, शरीर का सारा पानी इन दस्तों में निकल जाता है। इस बीमारी में बुखार नहीं आता, बस रोगी निढाल, थका-थका सा कमजोर व शक्तिहीन हो जाता है।
  • शरीर में निर्जलीकरण हो जाने से रक्त अम्लीय हो जाता है।
  • समय पर उपचार द्वारा व्यक्ति को मौत के मुँह में जाने से रोका जा सकता है।

(और पढ़ें – दस्त (लूस मोशन) रोकने के उपाय)

हैजा फैलने के तीन काल होते हैं  – Time Peroid of Cholera in Hindi

  1. इनक्यूबेशन पीरियड- (Incubation Period)
    यह समय कुछ घंटों से 5 दिन तक का होता है लेकिन आम तौर पर एक से दो दिनों का ही होता है।
  2. इनफेक्टिव पीरियड- (Infective Period)
    जब तक रोगी पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाता तथा बैक्टीरिया से मुक्त नहीं होता तब तक इनफेक्टिव पीरियड होता है।
  3. इम्यूनाइजेशन- (Immunization)
    इसके तहत हैजा के संक्रमण से बचने के लिए टीका लगाया जाता है। एक बार टीका लगने से 3 से 6 महीने तक संक्रमण से बचाव हो जाता है।

(और पढ़ें – गर्भावस्था के दौरान दस्त के कारण और उपचार)

हैजा रोग का उपचार – Cholera Disease treatment in Hindi

  1. रोगी का समय पर इलाज करके मौत के मुँह से बचाया जा सकता है।
  2. चिकित्सक के परामर्श के अनुसार रोगी को उचित दवाइयाँ देनी चाहिये तथा साथ ही उनके सुझाये अनुसार उचित खाद्य सामग्री देनी चाहिये।
  3. रोगी व्यक्ति को ओ.आर.एस. का घोल मुँह के द्वारा बार-बार देना चाहिये।

(और पढ़ें – बच्चों के दस्त (डायरिया) दूर करने के घरेलू उपाय)

हैजा रोग का घरेलू इलाज – Cholera Disease Ayurvedic Remedies in Hindi

हैजा रोग होने पर दवा के साथ ये घरेलु उपाय कर सकते हैं जो इस रोग में बहुत उपयोगी है।

  1. पुदीना हैजा के लिए रामबाण औषिधि हैं। हैजा होने पर रोगी को पुदीने का अर्क निरंतर देना चाहिए।
  2. लहसुन का उबला हुआ पानी देने से हैजे के बैक्टीरिया ख़त्म होते हैं।
  3. हैजा में रोगी को नींबू पानी या पानी में नारियल पानी मिलाकर पिलाना चाहिए, ताकि उल्‍टी के साथ दूषित चीजें बाहर निकल जाएं।
  4. हींग 5 ग्राम, कपूर 10 ग्राम, और नीम के 10 कोमल पत्ते लेकर तुलसी के रस में पीसकर चने के बराबर गोलियां बनाए, एक एक गोली दिन में तीन चार बार देने से हैजा में लाभ होता है।
  5. काली मिर्च 10 रत्ती, घी में भुनी हुई हींग दस रत्ती और अफीम आठ रत्ती को एक साथ मिलाकर बारह गोलिया बनाए। दिन में 3-4 बार एक-एक गोली पानी के साथ देने से हैजा में फायदा होता है।
  6. पानी में लौंग और थोड़ा सा सेंधा नमक डाल कर ओटा लीजिये, इसको ठंडा कर लीजये और रोगी को बार बार यही पानी देना चाहिए।
  7. लोंग के तेल की दो-तीन बून्द चीनी या बताशे में देने से हैजा में फायदा होता है।
  8. जायफल का 10 ग्राम चूर्ण गुड में मिलाकर तीन-तीन मि. ग्राम की गोलिया बनाए, एक-एक गोली आधे आधे घंटे पर देने से और ऊपर से थोड़ा सा गर्म पानी पीने से हैजा के दस्त बंद हो जाता है।
  9. हैजा का आक्रमण होने पर रोगी को बार बार प्याज का रस देने से आराम होता है। हैजे के शुरू में ही एक-एक रत्ती हींग मिलाया हुआ प्याज का रस आधे-आधे घंटे के अंतराल पर देने से हैजा मिटता है।
  10. अगर हैजा के रोगी को पेशाब ना आ रहा हो तो राइ का लेप कमर पर लगाये। तुरंत पेशाब आ जायेगा। और उल्‍टी बंद हो जाती है।

हैजा रोग में क्या खाएं – What To Eat In Cholera Disease in Hindi

हैजे में रोगी को साफ एवं उबला हुआ पानी दे इसके साथ ही निम्बू पानी , सौंफ का पानी , तुलसी की पतियों को पानी में उबाल कर ठंडा होने पर उस पानी को सेवन के लिए दे | भोजन में कोई भी ठोस चीज ना खिलाये | फलों का रस ,ठंडी छाछ, निम्बू पानी, सिकंजी , अन्नास का रस और दही की पतली लस्सी बना कर सेवन के लिए दे|

(और पढ़े – तुलसी के फायदे और नुकसान)

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration