छाछ के फायदे और नुकसान – Buttermilk (Chaas) Benefits And Side Effects in Hindi

छाछ के फायदे और नुकसान - Buttermilk (chaas) benefits and side effects in Hindi
Written by Anamika

छाछ वास्तव में एक हल्का तरल पेय पदार्थ है जो दही को मथ कर बनाया जाता है। छाछ में दूध की अपेक्षा वसा कम होती है क्योंकि मक्खन (butter) बनाने के लिए पहले ही क्रीम निकाल ली जाती है। छाछ के फायदे (chhach ke fayde hindi) और स्वास्थ्य लाभ अनेक हैं। यह विटामिन और खनिज से समृद्ध होने के साथ ही अच्छे पाचन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेट को ठंडक प्रदान करने के लिए मट्ठा बहुत उपयोगी माना जाता है। छाछ का सेवन करने से गर्मी शांत होती है आइये जानते है छाछ के फायदे और छाछ के नुकसान के बारें में

  1. मट्ठे में पाये जाने वाले पोषक तत्व – Nutritional value of chaas in Hindi
  2. छाछ पीने के फायदे – chhach ke fayde in Hindi
  3. छाछ पीने के नुकसान – chhach ke nuksan in Hindi

मट्ठे में पाये जाने वाले पोषक तत्व – Nutritional Value Of Chaas in Hindi

होल मिल्क की तुलना में छाछ में कैलोरी और वसा दोनों बहुत ही कम पाया जाता है। छाछ में उच्च मात्रा में पोटैशियम, विटामिनB12, कैल्शियम, रोइबोफ्लैविन मौजूद होता है इसके अलावा फॉस्फोरस का भी बढ़िया स्रोत है। छाछ ताजा या फ्रीज करके एवं पावडर के रूप में भी उपल्ब्ध है।

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छाछ के फायदे – Chhach Ke Fayde in Hindi

मट्ठा या छाछ पीना स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा माना जाता है। आइए जानें छाछ के फायदे क्‍या हैं।

छाछ के फायदे ब्लड प्रेशर घटाने में – Buttermilk For Blood Pressure in Hindi

एक स्टडी में पाया गया है कि बायोएक्टिव प्रोटीन छाछ या मट्ठे में बहुत प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को घटाने का काम करता है और जीवाणरोधी एवं एंटीवायरल प्रकृति का होता है। प्रतिदिन छाछ या मट्ठे का सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और हृदय संबंधी दिक्कतें नहीं होती हैं।

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छाछ का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है – Chhach Ke Fayde For Cholesterol in Hindi

आयुर्वेद में विकारों को दूर करने के लिए छाछ का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। छाछ कोलेस्ट्रॉल को घटाने में एक प्राकृतिक औषधि का कार्य करता है औऱ सेहत को ठीक रखने के लिए अच्छा माना जाता है। प्रतिदिन छाछ का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है।

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छाछ के गुण पेट की जलन दूर करने में – Buttermilk for Stomach Acidity in Hindi

अदरक और सादे मसाले को मट्ठे में मिलाकर पीने से जलन (burning sensation) की समस्या दूर हो जाती है क्योंकि छाछ या मट्ठा पेट के एसिड रिफ्लक्स को दूर करता है और एसिडिटी नहीं होने देता है। यह पेट की लाइनिंग को भी राहत प्रदान करता है और मसालेदार एवं ऑयली भोजन खाने पर पेट को गड़बड़ होने से बचाता है।

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छाछ के फायदे कब्ज दूर करने में – Chhach Ke Fayde For Constipation in Hindi

पेट फूलने से बचाने में बटरमिल्क या मट्ठा एक प्राकृतिक थेरेपी का कार्य करता है। यह पेट में कब्ज नहीं बनने देता है और खराब भोजन करने के बाद भी पाचन क्रिया पर दबाव पड़ने से डायरिया के खतरे से बचाने में मदद करता है। कब्ज की परेशानी से जूझ रहे लोगों को प्रतिदिन एक गिलास मट्ठे का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसमें फाइबर होता है जो कब्ज जल्दी दूर कर देता है।

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छाछ के फायदे वजन घटाने में – Chaas For Weight Lose in Hindi

इसमें फैट और कैलोरी नहीं पाया जाता है और पोषक तत्वों (nutrients) एवं एंजाइम से भरपूर होने के कारण छाछ का सेवन करने से वजन घटाने में सहायता मिलती है। रोज मट्ठा पीने से यह शरीर में पानी की भी पूर्ति करता है और ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें कैल्शियम के साथ ही पोटैशियम, प्रोटीन और विटामिन सहित कई खनिज पाये जाते हैं तो एनर्जी लेवल को बनाए रखने में मदद करते हैं और भूख को नियंत्रित रखते हैं।

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अल्सर के इलाज में मट्ठा उपयोगी – Mattha Treats Ulcers in Hindi

यह पेट की लाइनिंग में जमा होने वाले एसिड को बेअसर करता है और पेट के अल्सर से सुरक्षा प्रदान करता है। यह ठंडे प्रकृति का होता है जो पेट को शीतल रखता है और पेट में अम्ल को फैलने से बचाने में मदद करता है। मट्ठा एक ऐसा पेय पदार्थ है जो अल्सर जैसी बीमारी में एक थेरेपी का कार्य करता है छाछ का सेवन करने से पेट के सभी बिकार दूर हो जाते है।

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हीमोरॉयड के इलाज में छाछ गुणकारी – Buttermilk To Treat Hemorrhoids in Hindi

कई तरह के विकारों को दूर करने में छाछ का उपयोग तो किया ही जाता है साथ में हीमोरॉयड (Hemorrhoids) के इलाज में भी यह पेय पदार्थ काफी सहायक होता है। एक कप छाछ में चावल और केला मिलाकर खाने से हीमोरॉयड के रोगियों को इस बीमारी में राहत मिलती है।

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बटर मिल्क के फायदे ऑस्टियोपोरोसिस में – Buttermilk in Osteoporosis in Hindi

कैल्शियम से भरपूर (calcium rich mattha) होने के कारण मट्ठा का सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में राहत मिलती है। हमें प्रतिदिन एक हजार मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है, और एक कप मट्ठे का सेवन करने से 284 मिलीग्राम कैल्शियम हमें आसानी से प्राप्त हो जाता है। शरीर में पर्याप्त कैल्शियम होने से बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों के टूटने और उनमें तकलीफ समस्या नहीं होती है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से राहत मिलती है।

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मट्ठा के फायदे त्वचा के लिए – Mattha For Skin Care in Hindi

हमारे शरीर में कई तरह के विषाक्त पदार्थ जमा रहते हैं जिन्हें शरीर से बाहर निकालने में छाछ प्रभावी होता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और त्वचा को नमी प्रदान (moisturise) करता है और चेहरे की देखभाल में सहायता करता है। इसमें प्रोबायोटिक लैक्टिक एसिड होता है जो फेशियल मास्क के रूप में प्रयोग होता है और यह चेहरे पर बढ़ती उम्र के झुर्रियों को कम करता है। छाछ का सेवन करने से त्वचा सालों साल जवान रहती है।

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छाछ के नुकसान – Side Effects Of Buttermilk (Chaas) in Hindi

  • बुखार या कमजोरी की स्थिति में मट्ठे का सेवन करना बहुत नुकसानदायक होता है।
  • अधिक मात्रा में छाछ का सेवन करने से डायरिया एवं मिचली की समस्या हो सकती है।
  • सर्दी खांसी में छाछ का उपयोग न करें अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती है।
  • मट्ठे में सैचुरेटेड फैट होता है और कुछ गंभीर परिस्थितियों में यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है इसलिए हृदय रोगियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
  • अगर आप एक्जिमा जैसी त्वचा की समस्यांओं से जूझ रहे हों तो मट्ठे के सेवन से दूर रहें।
  • यदि गुर्दे की तकलीफ या बीमारी से ग्रसित हों तो मट्ठे का सेवन न करें अन्यथा स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।

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