विटामिन D की कमी के कारण लक्षण और उपचार – Vitamin D Deficiency causes, symptoms and treatments in Hindi

विटामिन D की कमी के कारण लक्षण और उपचार - Vitamin D Deficiency causes, symptoms and treatments in Hindi
Written by Anamika

Vitamin D Deficiency in hindi विटामिन D या कैल्सीफेरॉल ही एक ऐसा विटामिन है जो सूर्य का प्रकाश पाकर मनुष्य के शरीर में अपने आप बनता है। यही कारण है कि विटामिन D को सन साइन विटामिन भी कहते हैं। यह विटामिन व्यक्ति के संपूर्ण सेहत को ठीक रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वास्तव में यह विटामिन और हार्मोन दोनों होता है। हम आज आपको विटामिन डी की कमी का कारण, विटामिन डी की कमी के लक्षण और विटामिन डी की कमी के उपचार के बारे में बताएंगे।

यदि आप कम मात्रा में सूर्य का प्रकाश या धूप ले पाते हैं तो आपके शरीर में विटामिन D की कमी हो सकती है। शाकाहारी लोगों में विटामिन D की कमी होने की संभावना ज्यादा बनी रहती है और इसकी कमी होने पर व्यक्ति को तमाम तरह की बीमारियों घेर लेती हैं। जो लोग मांसाहारी होते हैं वे मछली और अंडे की जर्दी का सेवन कर इसकी कमी को पूरा कर लेते हैं और मांसाहारियों में विटामिन D की समस्या कम पायी जाती है।

विटामिन डी की कमी के कारण – Causes of Vitamin D Deficiency in Hindi

विटामिन डी की कमी के कारण - Causes of Vitamin D Deficiency in Hindi

विटामिन D की कमी शरीर में होने के कई कारण हैं। आइये उनमें से कुछ कारणों के बारे में जानें

(और पढ़ें – विटामिन D क्या है, स्रोत, कमी के लक्षण, रोग, फायदे और नुकसान)

धूप न लेना विटामिन डी की कमी का कारण – Lack of sunlight Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

धूप न लेना विटामिन डी की कमी का कारण - Lack of sunlight Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

शरीर में विटामिन डी के निर्माण के लिए सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणों की जरूरत पड़ती है। कम से कम 15 मिनट तक अच्छी धूप लेने से शरीर में जरूरी मात्रा में विटामिन D प्राप्त हो जाता है। लेकिन ऐसे लोग, जो ज्यादातर घरों या कमरों में बंद रहते हैं और बाहर नहीं निकलते या किसी वजह से धूप में नहीं आ पाते, ऐसे लोगों में सूर्य का पर्याप्त प्रकाश न मिलने के कारण उनके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है।

(और पढ़ें – सूरज की धूप लेने के फायदे और नुकसान)

अधिक सनस्क्रीन लगाना विटामिन डी की कमी का कारण – Use of Sunscreens Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

अधिक सनस्क्रीन लगाना विटामिन डी की कमी का कारण - Use of Sunscreens Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

स्कीन कैंसर या धूप में स्किन झुलसने के डर से ज्यादातर लोग घर से बाहर निकलते समय हर वक्त सन स्क्रीन लगाकर निकलते हैं। सनस्क्रीन में उच्च मात्रा में एसपीएफ होता है जो हमारे शरीर को लाभकारी मात्रा में सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करने से रोकता है। फिर हमारी त्वचा यूवीबी किरणों की ऊर्जा का इस्तेमाल कर 7- डी हाइड्रो कोलेस्ट्रॉल को विटामिन D में बदल देती है। इसलिए जो लोग सन लोशन क्रीम का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं, उनमें विटामिन D की कमी पायी जाती है।

(और पढ़ें – सनस्क्रीन क्या है फायदे, बनाने की विधि और लगाने की तरीका)

बढ़ती उम्र विटामिन डी की कमी का कारण – Progression of Age Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

बढ़ती उम्र विटामिन डी की कमी का कारण - Progression of Age Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

उम्र का बढ़ना विटामिन डी की कमी का एक महत्वपूर्ण कारण है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे हमारे शरीर में विटामिन डी की मात्रा कम होने लगती है। बूढ़े लोगों में किडनी का अपना काम अच्छे से नहीं करने के कारण उनके शरीर में विटामिन D की कमी हो जाती है, इसलिए बूढ़े लोगों को ज्यादा विटामिन डी की जरूरत पड़ती है।

(और पढ़ें – बढ़ती उम्र (एजिंग) के लक्षण कम करने के उपाय)

सर्वोत्तम स्रोत न होना विटामिन डी की कमी का कराण – Food Sources Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

सर्वोत्तम स्रोत न होना विटामिन डी की कमी का कराण - Food Sources Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

मछली और मछली से बने प्रोडक्ट जैसे कॉड लीवर ऑयल विटामिन D का बढ़िया स्रोत है। लेकिन शाकाहारी लोगों के लिए विटामिन D का बहुत ज्यादा स्रोत मौजूद नहीं है। फोर्टिफाइड मिल्क, ब्रेड और अनाजों में बहुत कम मात्रा में विटामिन डी मौजूद होता है इसलिए ज्यादातर शाकाहारी लोगों में विटामिन D की कमी हो जाती है।

(अच्छी सेहत के लिए विटामिन डी युक्त भोजन के स्रोत)

गहरे रंग की त्वचा विटामिन डी की कमी का कारण – Dark skin Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

गहरे रंग की त्वचा विटामिन डी की कमी का कारण - Dark skin Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

अगर आपकी त्वचा गहरे रंग की है तो मेलानिन नामक पिगमेंट सूर्य के प्रकाश से पर्याप्त विटामिन D लेने में बाधा पहुंचाता है। इसलिए कुछ रिसर्च में पाया गया है कि जो लोगों की त्वचा बहुत गहरे रंग की होती है उनमें भी विटामिन डी की कमी पायी जाती है।

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विटामिन डी की कमी का कारण मोटापा Obesity Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

विटामिन डी की कमी का कारण मोटापा - Obesity Causes Vitamin D Deficiency in Hindi

ज्यादातर मोटे लोगों में भी विटामिन डी की कमी पायी जाती है क्योंकि विटामिन डी वसा कोशिकाओं द्वारा ब्लड से निकलता है, जो सर्कुलेशन में मदद करता है। लेकिन 30 या इससे अधिक बॉडी मॉस इंडेक्स वाले लोगों  के ब्लड में विटामिन डी का लेवल नीचे होता है। इसके अलावा जो लोग क्रोह्न की बीमारी, सिस्टिक फाइब्रोसिस और सेलिएक डिजीज से पीड़ित हैं वे जो भोजन खाते हैं उनकी आंत उसे अवशोषित करने में सक्षम नहीं होता है, इसलिए इन रोगों के मरीजों में भी विटामिन डी की कमी होती है।

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विटामिन डी की कमी के लक्षण Symptoms of Vitamin D Deficiency in Hindi

विटामिन डी की कमी के लक्षण - Symptoms of Vitamin D Deficiency in Hindi

शरीर में Vitamin D विटामिन D की कमी  होने पर इसके संकेतों को आसानी से पहचानना मुश्किल होता है। लेकिन ये लक्षण बहुत हल्के से बहुत गंभीर अवस्था में धीरे-धीरे आ जाते हैं।

विटामिन D की कमी होने पर स्किन ड्राई हो जाती है। यह सामान्यतः एंटीऑक्सीडेंट की कमी के कारण होता है। इसकी वजह से कभी-कभी मुंहासे या सोरायसिस जैसी बीमारी से भी व्यक्ति पीड़ित हो जाता है।

विटामिन डी की कमी के लक्षण में बच्चों में अस्थमा होना, कॉर्डियोवैस्कुलर बीमारी एवं कैंसर होने से मौत का खतरा बना रहता है।

थॉयराइड ग्लैंड को सही तरीके काम करने के लिए विटामिन D बहुत आवश्यक है। शरीर में विटामिन D की कमी हो जाने पर थॉयराइड ग्लैंड की क्रियाओं पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

विटामिन डी की कमी होने पर स्त्री और पुरुषों में तंत्रिका संबंधी समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियां और मांसपेशियां टूटने लगती है। इसके साथ ही रक्त वाहिकाओं में ऐंठन और संकुचन पैदा हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और माइग्रेन एवं सिर दर्द की दिक्कत होने लगती है। विटामिन डी की कमी से इंसोमेनिया, सिजोफ्रेनिया, डिप्रेशन जैसी कई गंभीर बीमारियां लग जाती हैं।

कैल्शियम और फॉस्फेट को एब्जार्ब करने में विटामिन डी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर रिकेट्स नामक रोग हो जाता है। यह रोग हड्डियों से जुड़ा होता है।

विटामिन डी की कमी होने पर व्यक्ति की यादाश्त भी कमजोर होने लगती है। यह विटामिन D की कमी होने का सबसे बड़ा लक्षण है।

इस तरह आप विटामिन डी की कमी के लक्षण को पहचान कर इसका जल्दी से जल्दी उपचार कर सकते है और अपने आप को स्वस्थ रख सकते है।

(और पढ़ें – विटामिन डी की कमी के लक्षण)

विटामिन डी की कमी के उपचार – Treatment for Vitamin D Deficiency in Hindi

विटामिन डी की कमी के उपचार - Treatment for Vitamin D Deficiency in Hindi

Vitamin D विटामिन डी की कमी का सबसे सर्वोत्तम उपाय यह है कि आप सूर्य का प्रकाश या धूप लेकर इसकी कमी को पूरा करें। इसके लिए आपको घंटों धूप में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है बल्कि सिर्फ 10 से 15 मिनट तक नियमित धूप लें।

विटामिन डी से भरपूर आहार लें। विटामिन डी की जरूरत प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग मात्रा में होती है इसलिए इसे भोजन या विटामिन डी के सप्लिमेंट्स से पूरा करें

सनस्क्रीन जरूरत के हिसाब से ही लगाना चाहिए अन्य़था ना लगाएं इससे कम से कम आपको विटामिन डी तो मिल जाएगा।

अगर आप मांसाहारी हैं तो भरपूर मात्रा में मछलियां खाएं, आपके शरीर में विटामिन डी की कमी नहीं होगी।

बूढ़े लोगों को भी पर्याप्त धूप लेने की जरूरत होती है ताकि विटामिन डी की कमी न हो।

(और पढ़ें – विटामिन डी वाले आहार की जानकरी)

ऊपर लेख में आपने जाना विटामिन डी की कमी का कारण, विटामिन डी की कमी के लक्षण और विटामिन डी की कमी के उपचार के बारे में। विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सूर्य है इसलिए जादा से जादा

धुप ले और स्वस्थ रहें ।

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