लीवर सिरोसिस के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव – Liver Cirrhosis Causes Symptoms And Treatment In Hindi

लीवर सिरोसिस के लक्षण, कारण, जांच, इलाज और बचाव - Liver Cirrhosis Causes Symptoms And Treatment In Hindi
Written by Sourabh

Liver Cirrhosis in Hindi लीवर सिरोसिस यकृत कैंसर के बाद होने वाली सबसे गंभीर बीमारी है, लीवर सिरोसिस एक ऐसी स्थिति होती है जहां ऊतकों पर बनने वाले निशान (scar tissue) धीरे-धीरे स्वस्थ लीवर कोशिकाओं की जगह ले लेते है। लीवर सिरोसिस एक प्रगतिशील बीमारी है, जो कई वर्षों तक धीरे-धीरे विकसित होती रहती है। यदि इस बीमारी का इलाज ना किया जाये तो ऊतकों पर बनने वाले निशान का निर्माण होता रहेगा और अंततः यह लीवर के कार्य को बाधित कर देता है जिससे लीवर काम करना बंद कर देता है। यदि लीवर को लम्बे समय तक किसी वजह से नुकसान होता है तब लिवर सिरोसिस की समस्या उत्पन्न होती है।

जब स्वस्थ लीवर के ऊतक नष्ट हो जाता है और उसकी जगह फाइबर तंतु (scar tissue) उत्पन्न हो जाते है, तो स्थिति बहुत गंभीर हो जाती है, क्योंकि यह लीवर के माध्यम से रक्त के प्रवाह (blood flow) को अवरुद्ध करना शुरू कर देते है। आज इस लेख में हम जानेंगे की लीवर सिरोसिस क्या होता है और इसके लक्षण कारण जांच इलाज जटिलताएं और बचाव क्या है।

  1. लीवर सिरोसिस क्या होता है – What is liver cirrhosis in Hindi
  2. लीवर सिरोसिस के लक्षण – Liver Cirrhosis ke lakshan in hindi
  3. लीवर सिरोसिस के चरण – Liver Cirrhosis ke stages in hindi
  4. लीवर सिरोसिस के कारण – Liver Cirrhosis ke karan in hindi
  5. लीवर सिरोसिस के जोखिम कारक – Liver Cirrhosis risk factors in hindi
  6. लीवर सिरोसिस से होने वाली जटिलताएं – Liver Cirrhosis complications in Hindi
  7. लीवर सिरोसिस की जांच – Liver Cirrhosis ki janch in hindi
  8. लीवर सिरोसिस का इलाज – Liver Cirrhosis treatment in hindi
  9. लीवर सिरोसिस से बचाव के घरेलू उपाय – Liver Cirrhosis home remedies in hindi

लीवर सिरोसिस क्या होता है – What is liver cirrhosis in Hindi

लीवर सिरोसिस क्या होता है - What is liver cirrhosis in Hindi

लीवर सिरोसिस की स्थिति तब उत्पन्न होती जब स्कार्रिंग (scarring) यानि फाइब्रोसिस (fibrosis) की वजह से लीवर के ऊतकों में परेशानी उत्पन्न हो जाये और वह क्रोनिक स्टेज पर पहुँच जाये। लीवर में यह समस्या ज्यादा शराब पीने से या पहले की कोई लीवर की बीमारी की वजह से उत्पन्न होती है और वह सिरोसिस में बदल जाती है। अगर आपका लीवर ज्यादा शराब पीने या अन्य किसी बीमारी की वजह से बार बार ख़राब होता है तो उसे रिपेयर करने में लीवर को समय लगता है जिसकी वजह से उस जगह पर स्कार टिश्यू (scar tissue) पैदा हो जाते है जो लीवर के काम में बाधा उत्पन्न करते है जिसकी वजह से लीवर काम करना बंद कर देता है। और जैसे-जैसे सिरोसिस बढ़ता है, अधिक से अधिक स्कार टिश्यू बनते हैं, जिससे लिवर के कार्य करने में कठिनाई होती है जिसे विघटित सिरोसिस (decompensated cirrhosis) कहा जाता है।

एडवांस्ड लिवर सिरोसिस जीवन के लिए खतरा बन सकता है। सिरोसिस से होने वाला लीवर डैमेज को रोका तो नही जा सकता है लेकिन अगर लीवर सिरोसिस का निदान जल्दी किया जाता है और कारणों का पता लगा कर उसका भी इलाज सही समय पर किया जाता है, तो आगे की क्षति को सीमित किया जा सकता है और फिर  शायद कभी लीवर सिरोसिस की समस्या वापस लौट कर ना आये।

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लीवर सिरोसिस के लक्षण – Liver Cirrhosis ke lakshan in hindi

लीवर सिरोसिस के लक्षण - Liver Cirrhosis ke lakshan in hindi

लीवर सिरोसिस के शुरुआती चरणों के दौरान कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, लीवर पर जैसे जैसे स्कार टिश्यू जमा होते जाते है, वैसे वैसे लीवर की ठीक से काम करने की क्षमता कम होती जाती है।

लीवर सिरोसिस के कुछ सामान्य संकेत और लक्षण हो सकते हैं-

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लिवर सिरोसिस के बढ़ने पर दिखाई देने वाले लक्षण हो सकते है-

इन सभी लक्षणों का कारण लीवर सिरोसिस हो सकता है, परन्तु यह सभी लक्षण किसी अन्य स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या के भी हो सकते है।

नोट- यह सभी लक्षण किसी अन्य बीमारी के भी हो सकते है इसलिए ऐसे कोई लक्षण दिखाई दे तो अपने डॉक्टर से संपर्क करे और उचित जांच करवाकर ही इलाज करवाएं।

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लीवर सिरोसिस के चरण – Liver Cirrhosis ke stages in hindi

लीवर सिरोसिस के चरण - Liver Cirrhosis ke stages in hindi

लीवर सिरोसिस के तीन मुख्य चरण होते है जिन्हें स्केल-पुग स्कोर नामक पैमाने पर वर्गीकृत किया गया है और वह है-

  • ए-अपेक्षाकृत हल्के (relatively mild)
  • बी-मध्यम (moderate)
  • सी-गंभीर (severe)

डॉक्टरों ने भी सिरोसिस को दो चरण में बताया है-

  • ए- क्षतिग्रस्‍त सिरोसिस (compensated cirrhosis)
  • बी-विघटित सिरोसिस (decompensated cirrhosis)
  • क्षतिग्रस्‍त सिरोसिस (compensated cirrhosis) का अर्थ है कि लीवर में क्षति के बावजूद  लीवर सामान्य रूप से कार्य कर सकता है।
  • विघटित सिरोसिस (decompensated cirrhosis) वाला लीवर अपने कार्यों को सही ढंग से नहीं कर पाता है और ज्यादातर बहुत गंभीर लक्षण पैदा करता है।

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लीवर सिरोसिस के कारण – Liver Cirrhosis ke karan in hindi

लीवर सिरोसिस के कारण - Liver Cirrhosis ke karan in hindi

रोगों और स्थितियों की एक बड़ी श्रृंखला लीवर को नुकसान पहुंचा सकती है और सिरोसिस का कारण बन सकती है।

लीवर सिरोसिस के कारणों में शामिल हैं

  • अत्यधिक शराब का सेवन करना (Chronic alcohol abuse)
  • क्रोनिक वायरल हेपेटाइटिस (chronic viral hepatitis) (हेपेटाइटिस बी, सी और डी)
  • लीवर में वसा का जमा होना (nonalcoholic fatty liver disease)
  • शरीर में आयरन बिल्डअप होना (हेमोक्रोमैटोसिस) (hemochromatosis)
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic fibrosis)
  • लीवर में जमा कॉपर (विल्सन रोग) (Wilson’s disease)
  • खराब पित्त नलिकाएं (biliary atresia)
  • अल्फा-1 एंटीट्रिप्सिन की कमी (Alpha-1 antitrypsin deficiency)
  • शुगर मेटाबॉलिज्म के अंतर्निहित विकार (galactosemia or glycogen storage disease)
  • आनुवंशिक पाचन विकार (Alagille syndrome)
  • आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण जिगर की बीमारी (autoimmune hepatitis)
  • पित्त नलिकाओं का विनाश (primary biliary cirrhosis)
  • पित्त नलिकाओं की कठोरता और निशान (Hardening and scarring of the bile)
  • संक्रमण, जैसे सिफलिस या ब्रुसेलोसिस (syphilis or brucellosis)

इन सभी कारणों से लीवर सिरोसिस होने की संभावना बढ़ जाती है और इसके कई गंभीर और घातक परिणाम हो सकते है।

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लीवर सिरोसिस के जोखिम कारक – Liver Cirrhosis risk factors in hindi

लीवर सिरोसिस के जोखिम कारक - Liver Cirrhosis risk factors in hindi

लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी के लिए कुछ जोखिम कारक भी जिम्मेदार हो सकते है जैसे-

बहुत अधिक शराब का सेवन – अत्यधिक शराब का सेवन करना सिरोसिस के लिए एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।

वजन ज़्यादा बढ़ना – मोटे होने के कारण उन स्थितियों का खतरा भी बढ़ जाता है जो सिरोसिस की वजह से हो सकती हैं, जैसे कि नॉनअल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (nonalcoholic fatty liver disease) और नॉनअल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (nonalcoholic steatohepatitis)

वायरल हैपेटाइटिस होने से – क्रोनिक हेपेटाइटिस से पीड़ित होने वाले हर व्यक्ति को सिरोसिस की बीमारी हो यह जरुरी नहीं है, लेकिन यह लीवर की बीमारी होने के लिए दुनिया के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है।

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लीवर सिरोसिस से होने वाली जटिलताएं – Liver Cirrhosis complications in Hindi

लीवर सिरोसिस से होने वाली जटिलताएं - Liver Cirrhosis complications in Hindi

लीवर सिरोसिस की वजह से कई तरह की जटिलताएं उत्पन्न होती है जिसकी वजह से लीवर सिरोसिस की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को बहुत कष्ट सहना पड़ता है, लीवर सिरोसिस से होने वाली जटिलताएं है- सिरोसिस की जटिलताओं में शामिल हो सकते हैं:

लीवर की आपूर्ति करने वाली नसों में उच्च रक्तचाप होना (portal hypertension)

सिरोसिस लीवर में आने वाले रक्त के सामान्य प्रवाह को धीमा कर देता है, और इस प्रकार उन वेंस (veins) में दबाव बढ़ जाता है जो आंतों और स्प्लीन (spleen) से लीवर में रक्त लाती है।

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पैरों और पेट में सूजन आना (swelling in the legs and abdomen)

पोर्टल वेंस में दबाव बढ़ने से पैरों (edema) और पेट (ascites) में तरल पदार्थ जमा हो जाता है। पैरों और पेट पर दबाव पड़ने की वजह लीवर जो रक्त प्रोटीन बनाता है जैसे एल्ब्यूमिन, को बनाने में अक्षम हो जाता है।

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स्प्लीन का बढ़ना (splenomegaly)

पोर्टल हाइपरटेंशन की वजह से भी स्प्लीन में सूजन आ सकती है और सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स में बदलाव का कारण भी बन सकता है। रक्त में सफेद रक्त कोशिकाओं (white blood cells) और प्लेटलेट्स (platelets) की कमी भी सिरोसिस का पहला संकेत हो सकता है।

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रक्तस्राव (bleeding)

पोर्टल हाइपरटेंशन रक्त को छोटी नसों में वापस भेजता है जिससे सिरोसिस की समस्या उत्पन्न होती है। अतिरिक्त दबाव पड़ने से ये छोटी नसें तनावग्रस्त होकर फट सकती हैं, जिससे गंभीर रक्तस्राव (bleeding) हो सकता है। पोर्टल हाइपरटेंशन की वजह से वेंस में सुजन और ग्रासनल (esophageal varices) या पेट (gastric varices) के बढ़ने के कारण हो सकता है और इससे आपको भयानक रक्तस्राव भी हो सकता है। यदि लीवर पर्याप्त मात्रा में थक्के कारक नहीं बना सकता है, तो यह रक्तस्राव निरंतर होता रहेगा।

संक्रमण (infection)

यदि आपको सिरोसिस है, तो आपके शरीर को किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में कठिनाई हो सकती है। जलोदर (ascites) बैक्टीरिया पेरिटोनिटिस (bacterial peritonitis) का कारण बन सकता है और एक गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है।

कुपोषण (malnutrition)

सिरोसिस की वजह से आपके शरीर को पोषक तत्वों को बनाने में और ज्यादा कठिनाई हो सकती है जिससे आपको कमजोरी हो सकती है और वजन भी कम हो सकता हैं।

मस्तिष्क में विषाक्त पदार्थों का निर्माण होना (hepatic encephalopathy)

सिरोसिस से क्षतिग्रस्त हो चुका लीवर रक्त से विषाक्त पदार्थों को साफ करने में सक्षम नहीं होता है जैसे एक स्वस्थ लीवर कर सकता है। जिसकी वजह से ये विषाक्त पदार्थ मस्तिष्क में निर्माण कर लेते हैं और मानसिक भ्रम और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई जैसी समस्याओं का कारण बनते हैं। समय के साथ, हिपेटिक एन्सेफैलोपैथी की वजह से असंयम (unresponsiveness) या कोमा की स्थिति पैदा हो सकती है।

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पीलिया (jaundice)

पीलिया की समस्या तब होती है जब रोगग्रस्त लीवर आपके रक्त से पर्याप्त बिलीरुबिन (bilirubin), रक्त अपशिष्ट (blood waste) जैसे उत्पादों को नहीं निकाल पाता है। पीलिया के कारण त्वचा में पीलापन आता है और आँखे सफेद हो जाती है और मूत्र का रंग काला हो जाता है।

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हड्डी रोग (bone disease)

सिरोसिस से पीड़ित लोगों की हड्डीयां बहुत कमजोर हो जाती हैं और उन्हें फ्रैक्चर होने का अधिक खतरा होता है।

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लीवर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है (increased risk of liver cancer)

जिन लोगों में लिवर कैंसर विकसित होता है उनमे पहले से सिरोसिस के लक्षण मौजूद होते है।

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लीवर सिरोसिस की जांच – Liver Cirrhosis ki janch in hindi

लीवर सिरोसिस की जांच - Liver Cirrhosis ki janch in hindi

वैसे तो सिरोसिस के कोई शुरूआती लक्षण साफ समझ नहीं आते है पर सिरोसिस का पता ज्यादातर तब चलता है जब रोगी किसी और स्थिति या बीमारी के लये जांच करवाता है, इसलिए कुछ निम्न लक्षण दिखाई देने पर तुरन्त अपने डॉक्टर से संपर्क करें-

  • कंपकंपी के साथ बुखार आना
  • साँसों लेने में परेशानी होना
  • खून की उल्टी होना
  • काला मल निकलना
  • उनींदापन या भ्रम की स्थिति पैदा होना

आपका डॉक्टर आपकी जांच करेगा और महसूस करेगा की हैं कहीं लीवर के क्षेत्र के आसपास कुछ बड़ी सी चीज तो महसूस नहीं हो रही है। इसके आलावा डॉक्टर कुछ जांचे भी कर सकते है, जैसे- 

लीवर सिरोसिस की जांच के लिए रक्त परीक्षण (blood test)

रक्त परीक्षण में यह नापते हैं कि लीवर अच्छी तरह काम कर रहा है या नहीं। यदि एलेनिन ट्रांसएमिनेस (alanine transaminase) (ALT) और एस्पार्टेट ट्रांसएमिनेस (aspartate transaminase) (AST) का स्तर बहुत अधिक होता है, तो रोगी को हेपेटाइटिस हो सकता है।

लीवर सिरोसिस की जांच के लिए इमेजिंग परीक्षण (imaging test)

अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन का उपयोग यह देखने के लिए किया जाता है कि लीवर बड़ा हुआ हो नहीं है और किसी भी प्रकार की स्कारिंग या नोड्यूल तो नहीं दिखाई दे रहा हैं।

लीवर सिरोसिस की जांच के लिए बायोप्सी (biopsy)

इस प्रक्रिया में लीवर कोशिकाओं का एक छोटा सा नमूना निकाला जाता है और उसकी माइक्रोस्कोप में जांच की जाती है। बायोप्सी से सिरोसिस और इसके कारण की पुष्टि हो सकती है।

लीवर सिरोसिस की जांच के लिए एंडोस्कोपी (endoscopy)

इस प्रक्रिया में डॉक्टर एक लंबे, पतले ट्यूब को एक लाइट और वीडियो कैमरा के साथ अंत में सम्मिलित करता है जो अन्नप्रणाली और पेट में जाता है। इसके द्वारा डॉक्टर सूजन वाली रक्त वाहिकाओं की जांच करते है जो सिरोसिस का कारण बन सकते है।

(और पढ़े – एंडोस्कोपी कराने के कारण, तरीका, फायदे एवं नुकसान…)

लीवर सिरोसिस का इलाज – Liver Cirrhosis treatment in hindi

लीवर सिरोसिस का इलाज - Liver Cirrhosis treatment in hindi

लीवर सिरोसिस के उपचार के लिए यह देखना जरुरी है की आपके लीवर में कितनी क्षति हुए है और उसकी कितनी सीमा है। यदि आपके लीवर को गंभीर क्षति पहुंची है तो आपको अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता हो सकती है।

सिरोसिस के अंतर्निहित (underlying) कारण के लिए उपचार

प्रारंभिक सिरोसिस में, अंतर्निहित कारणों का इलाज करके लीवर के नुकसान को कम किया जा सकता है। इसमें शामिल है-

शराब पर निर्भरता के लिए उपचार  (Treatment for alcohol dependency)

अधिक शराब के उपयोग से लीवर सिरोसिस का खतरा रहता है इसलिए शराब पीने वाले  लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। यदि शराब का उपयोग रोकना मुश्किल हो रहा हो, तो आपका डॉक्टर आपको शराब की लत छुड़ाने के लिए उपचार कार्यक्रम की सलाह दे सकता है। यदि आपको पहले से लीवर सिरोसिस की समस्या है, तो शराब ना पीना  महत्वपूर्ण है, क्योंकि ऐसे समय में कम मात्रा में शराब पीना भी लीवर के लिए विषाक्त हो सकता है।

वजन घटाएं (weight loss)

जिन लोगों को लीवर सिरोसिस की समस्या है वह यदि आप अपना वजन कम कर लेते हैं और अपने ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं, तो वह लोग जीवन भर स्वस्थ रह सकते है।

हेपेटाइटिस को नियंत्रित करने के लिए दवाएं लें (Medications to control hepatitis)

लीवर की कोशिकाओं को होने वाली क्षति को नियंत्रित करने के लिए हेपेटाइटिस बी या सी के वायरस को विशिष्ट उपचार के माध्यम से सिमित किया जा सकता है।

सिरोसिस के अन्य कारणों और लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए दवाएं लें (Medications to control other causes and symptoms of cirrhosis)

लीवर सिरोसिस के कुछ विभिन्न प्रकारों को दवाईयों से नियंत्रित किया जा सकता है जैसे जिन लोगों को प्राथमिक पित्त सिरोसिस (primary biliary cirrhosis) की समस्या होती है उन्हें समय से दवाईयों और उपचारों की मदद से सिरोसिस की प्रगति को नियंत्रित करके उसका निदान किया जा सकता है।

लीवर ट्रांसप्लांट सर्जरी (liver transplant surgery)

लीवर सिरोसिस के गंभीर मामलों में, जब लीवर काम करना बंद कर देता है, तो लीवर प्रत्यारोपण एकमात्र उपचार विकल्प हो सकता है। लीवर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में एक मृत व्यक्ति के लिवर से क्षतिग्रस्त लीवर को या लिवर डोनर के लीवर के एक हिस्से को क्षतिग्रस्त लीवर से बदला जाता है। सिरोसिस लीवर प्रत्यारोपण के लिए सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है।

(और पढ़े – साइंस पर आधारित वजन कम करने के सरल उपाय…)

लीवर सिरोसिस से बचाव के घरेलू उपाय – Liver Cirrhosis home remedies in Hindi

  1. शराब का सेवन करने से बचें – Don’t drink alcohol in Hindi
  2. लो सोडियम वाला आहार लें  – Eat a low-sodium diet in Hindi
  3. संक्रमण से बचें – Avoid infections in Hindi
  4. स्वस्थ आहार लें – Eat a healthy diet in Hindi

यदि आप लीवर सिरोसिस से पीड़ित है तो उसके बचाव के लिए आप कुछ घरेलू उपाय अपना सकते है और स्वस्थ रह सकते है। लीवर सिरोसिस से बचाव के कुछ घरेलू उपचार हैं-

शराब का सेवन करने से बचें – Don’t drink alcohol in Hindi

शराब का सेवन करने से बचें - Don't drink alcohol in Hindi

यदि आपको लीवर सिरोसिस की समस्या है और वह पुरानी शराब के उपयोग या किसी अन्य बीमारी के कारण हुआ हो फिर भी शराब का सेवन करने से बचें क्योकि शराब पीने से आपके लिवर को और अधिक नुकसान पहुँच सकता है।

लो सोडियम वाला आहार लें  – Eat a low-sodium diet in Hindi

लो सोडियम वाला आहार लें  - Eat a low-sodium diet in Hindi

अतिरिक्त नमक आपके शरीर में ज्यादा तरल पदार्थ पैदा कर सकता है, जिससे आपके पेट और पैरों में सूजन आ सकती है। इसलिए नमक के बजाय अपने भोजन को स्वस्थ आहार बनाने के लिए जड़ी-बूटियों का उपयोग करें और ऐसे तैयार खाद्य पदार्थो का चयन करें जिनमे सोडियम की मात्रा कम हों।

(और पढ़े – सोडियम क्या है – स्रोत, मात्रा, फायदे और नुकसान…)

संक्रमण से बचें – Avoid infections in Hindi

संक्रमण से बचें - Avoid infections in Hindi

सिरोसिस की वजह से आपको संक्रमण से लड़ने में और अधिक कठिनाई हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति बीमार या संक्रमित हैं उससे दूर रहे और बार-बार अपना हाथ धोएं। हेपेटाइटिस ए और बी, इन्फ्लूएंजा और निमोनिया के लिए टीका लगवाकर भी आप सिरोसिस के संक्रमण से बच सकते है।

(और पढ़े – निमोनिया के लिए घरेलू उपाय…)

स्वस्थ आहार लें – Eat a healthy diet in Hindi

स्वस्थ आहार लें - Eat a healthy diet in Hindi

लिवर सिरोसिस से पीड़ित व्यक्ति कुपोषण का अनुभव कर सकते हैं। इसलिए एक स्वस्थ पौधे-आधारित आहार (plant based diet) लें जैसे विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां। दुबला प्रोटीन आहार चुनें, जैसे फलियां, मुर्गी या मछली। कच्चे समुद्री भोजन (raw seafood) से बचें। इन सभी घरेलू उपायों से आप अपने आप को और अपने परिवार को लीवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से दूर रख सकते है और एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन दे सकते है। इस लेख में लीवर सिरोसिस के बारे में बताया गया है।

(और पढ़े – संतुलित आहार के लिए जरूरी तत्व , जिसे अपनाकर आप रोंगों से बच पाएंगे…)

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