गर्भपात के घरेलू नुस्खे – Garbhpat Ke Gharelu Nuskhe in Hindi

गर्भपात के घरेलू नुस्खे - Garbhpat Ke Gharelu Nuskhe in Hindi
Written by Pratistha

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे बहुत कम ही प्रभावी होते हैं। यौन संबंध बनाना मानव प्रकृति है लेकिन गर्भावस्‍था से सुरक्षा होना भी अनिवार्य है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने के बाद गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे अपनाकर अनचाही गर्भावस्‍था से कुछ हद तक बचा जा सकता है। क्‍या आप भी अनचाहे गर्भ से भयभीत हैं। यदि ऐसा है तो गर्भपात करने के प्राकृतिक तरीके भी मौजूद हैं।

कई बार अकस्‍मात गर्भाधारण भी हो जात है, उस समय दंपति बच्‍चे को जन्‍म देने के लिए शारीरिक या मानसिक रूप से तैयार नहीं रहते हैं। ऐसी स्थिति में उन्‍हें गर्भावस्‍था रोकने या गर्भपात करने के घरेलू उपाय और नुस्‍खे अपनाना चाहिए। आज इस आर्टिकल में आप गर्भपात करने के घरेलू उपाय संबंधी जानकारी जानेगें।

  1. प्राकृतिक गर्भपात क्‍या है – prakritik garbhpat kya hai in Hindi
  2. गर्भपात के लक्षण – Garbhpat ke lakshan in Hindi
  3. गर्भपात के लिए घरेलू उपाय – Garbhpat ke liye gharelu Upay in Hindi
  4. गर्भपात के प्राकृतिक उपाय – Garbhpat ke prakritik upay in Hindi
  5. गर्भपात के दौरान साव‍धानियां – Garbhpat ke liye savdhaniya in Hindi
  6. घर पर गर्भपात करना कितना सुरक्षित होता है – How Safe is Abortion at Home in Hindi

प्राकृतिक गर्भपात क्‍या है – prakritik garbhpat kya hai in Hindi

प्राकृतिक गर्भपात क्‍या है – prakritik garbhpat kya hai in Hindi

जब कोई महिला गर्भावस्‍था के पहले 20 सप्‍ताह के दौरान अपने गर्भ में भ्रूण खो देती है तो इसे गर्भपात कहा जाता है। स्‍वत: या शारीरिक कमजोरी के कारण होने वाले गर्भपात को प्राकृतिक गर्भपात कहा जाता है। लेकिन गर्भपात करने के लिए बहुत से लोग डॉक्‍टारी चिकित्‍सा विधियों का भी उपयोग करते हैं। सामान्‍य रूप से किसी भी गर्भावस्‍था में प्राकृतिक गर्भपात की संभावना लगभग 20 प्रतिशत तक होती है। प्राकृतिक रूप से होने वाले गर्भपात गर्भावस्‍था के बाद लगभग पहले 12 सप्‍ताह के अंदर हो सकता है। यदि आपके ना चाहते हुए भी आप गर्भवती हैं तो आपको प्राकृतिक गर्भपात के तरीके अपनाना चाहिए। ये प्राकृतिक तरीके गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे या उपाय के रूप में बहुत ही लोकप्रिय हैं।

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गर्भपात के लक्षण – Garbhpat ke lakshan in Hindi

गर्भपात के लक्षण – Garbhpat ke lakshan in Hindi

गर्भपात के लक्षण गर्भावस्‍था के चरण पर निर्भर करते हैं। हालांकि गर्भपात के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं।

हालांकि ये सभी लक्षण सामान्‍य हैं लेकिन फिर भी आपको ऐसी स्थिति में डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। यह भी हो सकता है कि ये लक्षण गर्भपात के न हों पर फिर भी आपका डॉक्‍टर आपकी इस समस्‍या का समाधान कर सकता है।

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गर्भपात के लिए घरेलू उपाय – Garbhpat ke liye gharelu Upay in Hindi

प्रजनन करना जीवन चक्र का अभिन्‍न अंग है लेकिन अनचाहे गर्भ को रोकना भी आवश्‍यक है। गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे आपकी इस समस्‍या का एक प्रभावी समाधान हो सकते हैं। प्राकृतिक रूप से गर्भपात के त‍रीके महिला स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी अच्‍छे होते हैं। क्‍योंकि इनके कोई गंभीर दुष्‍प्रभाव नहीं होते हैं। भारत में आज भी आधे से अधिक लोग गर्भपात के लिए प्राकृतिक और घरेलू नुस्‍खे का इस्‍तेमाल करते हैं। हमारी प्रकृति ने कुछ ऐसे विशेष खाद्य पदार्थ और जड़ी बूटीयां दी हैं जिनका उपयोग हम अनचाहे गर्भ को रोकने या गर्भपात के लिए कर सकते हैं। आइए विस्‍तार से जाने गर्भपात के तरीके जो बहुत ही सरल और प्रभावी हैं।

गर्भपात के उपाय पपीता – Garbhpat ke upay papita in Hindi

गर्भपात के उपाय पपीता – Garbhpat ke upay papita in Hindi

अनचाहे गर्भ से बचने या गर्भपात के उपाय के लिए आप पपीता का उपयोग कर सकते हैं। कच्‍चे पपीता में पैपैन (papain) नामक एंजाइम होता है। पैपैन में गर्भनिरोधक गुण होते हैं। गर्भपात के लिए आप कच्‍चे पपीता का सेवन करें क्‍योंकि इसमें मौजूद पैपैन प्रोजेस्‍टेरोन हार्मोन के उत्‍पादन को रोकता है। प्रोजेस्‍टेरोन की उचित मात्रा के बिना गर्भावस्‍था प्रगति नहीं कर सकती है। इसके अलावा कच्‍चे पपीता में लेटेक्‍स भी अधिक मात्रा में होता है जो ऑक्‍सीटोसिन और प्रोस्‍टाग्‍लैंडिंस (oxytocin and prostaglandins) के उत्‍पादन को बढ़ाता है। ये घटक गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाते हैं जिससे गर्भपात होता है। गर्भपात रोकने के लिए आप तब तक पर्याप्‍त मात्रा में कच्‍चे पपीते का सेवन करें जब तक आपको उचित परिणाम प्राप्‍त न हो। गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे के रूप में कच्‍चे पपीता का सेवन बहुत ही लोकप्रिय है।

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गर्भपात के लिए उपाय अनानास – Garbhpat ke liye upay Pineapple in Hindi

गर्भपात के लिए उपाय अनानास – Garbhpat ke liye upay Pineapple in Hindi

जिन महिलाओं को अनचाहे गर्भ की आशंका होती है उनके लिए हरे या कच्‍चे अनानास का सेवन लाभकरी होता है। हरे या कच्‍चे पाइनेप्‍पल में प्रोटियोलिटिक (proteolytic) एंजाइम की उच्‍च मात्रा होती है जिसे ब्रोमेलैन कहा जाता है। यह शरीर में प्रोटीन को तोड़ता है। गर्भावस्‍था के दौरान नियमित रूप से कच्‍चे और हरे अनानास का सेवन करने से यह गर्भाशय ग्रीवा को नरम करता है। इसके अलावा यह रक्‍तस्राव होने का भी कारण बनता है जो कि गर्भपात करने में सहायक होता है। गर्भपात के लिए किसी महिला को पहले 12 सप्‍ताह के दौरान नियमित रूप से 1 ताजा कटा हुआ अनानास या 1 गिलास अनानास जूस का सेवन करना चाहिए।

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गर्भपात के घरेलू उपाय बबूल के बीज – garbhpat ke gharelu upay babul ke beej in Hindi

गर्भपात के घरेलू उपाय बबूल के बीज – garbhpat ke gharelu upay babul ke beej in Hindi

गर्भपात के सबसे प्रभावी घरेलू उपाय के रूप में बबूल और केले की जड़ का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि इस उपाय को किसी प्रकार का वैज्ञानिक समर्थन प्राप्‍त नहीं है। लेकिन फिर भी ऐसा माना जाता है कि इन दोनों घटकों के मिश्रण का सेवन करना फायदेमंद होता है। यह मिश्रण गर्भावस्‍था हार्मोन के स्राव को कम करने में सहायक होते हैं जो गर्भपात का कारण बनता है।

अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए आप सूखे बबूल की फली और केले की सूखी जड़ के अंकुर को बराबर मात्रा में मिलाएं। इन दोनों को पीसकर एक पाउउर तैयार करें। इस पाउडर और चीनी की 1 चम्‍मच मात्रा को 1 गिलास पानी में मिलाएं। इस मिश्रण का सेवन नियमित रूप से प्रतिदिन करें जब तक आपको रक्‍तस्राव शुरु न हो जाए।

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गर्भपात के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटी कोहोश – Garbhpat ke liye jadi buti Cohosh in Hindi

गर्भपात के लिए फायदेमंद कोहोश – Garbhpat ke liye faydemand Cohosh in Hindi

कोहोश काले और नीले रंग की किस्‍मों में उपलब्‍ध होते हैं। इन दोनों का एक साथ उपयोग किये जाने पर यह गर्भाशय के संकुचन का कारण बनता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि इनमें ऑक्‍सीटोसिन और कॉल्‍सोस्‍पोनिन जैसे घटक मौजूद रहते हैं। ये घटक गर्भपात की प्रक्रिया को बढ़ाने में सहायक होते हैं। काले रंग का कोहोश गर्भाशय ग्रीवा को नरम करता है जबकि नीले रंग का कोहेश गर्भपात को प्रेरित करता है। आप इन उत्‍पादों का सेवन उस समय तक कर सकते हैं जब तक आपको उचित परिणाम प्राप्‍त नहीं होते हैं।

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गर्भपात के लिए लाभकारी मगवौर्ट – Garbhpat ke liye Labhkari Mugwort in Hindi

गर्भपात के लिए लाभकारी मगवौर्ट – Garbhpat ke liye Labhkari Mugwort in Hindi

इस औषधीय जड़ी बूटी का उपयोग विशेष रूप से प्रजनन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। लेकिन गर्भपात के लिए भी इस जड़ी बूटी का इस्‍तेमाल फायदेमंद होता है। इसकी कड़वी पत्तियों में टैनिन और एब्रिन्थिन (tannin and absinthin) जैसे रसायन होते हैं। ये रसायन गर्भाशय संकुचन को उत्‍तेजित करते हैं।

जो महिलाएं गर्भपात करना चाहती हैं वे 1 कप पानी लें और इसमें मगवौर्ट की ताजा पत्तियां या पत्‍ती के पाउडर को मिलाकर उबालें। उबालने के बाद इस मिश्रण को ठंड़ा करें और चाय के रूप में इसका सेवन करें। इस विधि का उपयोग तब तक करने जब तक स्‍वाभाविक रूप से रक्‍तस्राव न हो। क्‍योंकि रक्‍तस्राव के साथ ही भ्रूण के अवशेष बाहर निकलते हैं।

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गर्भपात में सहायक कपास के जड़ की छाल – Garbhpat ke liye jadi buti cotton root bark in Hindi

कपास की जड़ की छाल में ऐसे घटक होते हैं जो गर्भपात का समर्थन करते हैं। इसके अलावा यह प्रसव को प्रोत्‍साहित करने में भी सहायक होते हैं। हालांकि इस उपाय की प्राभावशीलता और सुरक्षा स्‍पष्‍ट नहीं है। लेकिन फिर भी कुछ लोगों द्वारा सलाह दी जाती है कि कपास के जड़ की छाल गर्भपात के लिए एक अच्‍छा विकल्‍प है।

गर्भपात के लिए महिलाएं इसकी चाय का सेवन कर सकती हैं। इसके लिए वे 100 ग्राम कपास के जड़ की छाल को 1 लीटर पानी में उबालें। जब तक की मिश्रण आधा न हो जाए। इस मिश्रण को नियमित रूप से प्रतिदिन 1 कप मात्रा का सेवन करें जब तक रक्‍तस्राव न हो और आपको उचित परिणाम प्राप्‍त न हो। लेकिन इस विधि को अपनाने से पहले किसी अनुभवी व्‍यक्ति से सलाह अवश्‍य लें।

(और पढ़े  – सर्जिकल गर्भपात की प्रकिया, देखभाल और कमजोरी होने पर क्या खाएं…)

गर्भपात का घरेलू नुस्‍खा कलौंजी – garbhpat ka gharelu nuskha Black cumin seeds in Hindi

गर्भपात का घरेलू नुस्‍खा कलौंजी – garbhpat ka gharelu nuskha Black cumin seeds in Hindi

कलौंजी के बीजों का नियमित सेवन महिलाओं को अनचाहे गर्भ से बचा सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि कलौंजी के बीजों में गर्भपात और प्रजनन विरोधी गुण होते हैं। इसलिए गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे के रूप में कलौंजी के बीजों का सेवन लाभकरी होता है। इसके लिए आप नियमित रूप से प्रतिदन 1-2 चम्‍मच कलौंजी के बीजों का सेवन कर सकते हैं। कलौंजी के बीजों को आप ऐसे ही चबा सकते हैं या फिर कलौंजी के बीजों की चाय का सेवन कर सकते हैं।

(और पढ़े  – कलौंजी के फायदे, गुण, लाभ और नुकसान…)

गर्भपात में फायदेमंद अजमोद की पत्तियां – Garbhpat ke liye jadi buti Parsley Leaves in Hindi

गर्भपात में फायदेमंद अजमोद की पत्तियां – Garbhpat me faydemand Parsley Leaves in Hindi

जो दंपति अनचाहे गर्भ से बचना चाहते हैं उनके लिए अजमोद की पत्तियां फायदेमंद होती है। अजमोद की पत्तियों मे विटामिन सी और वाष्‍पशील तेल की उच्‍च मात्रा होती है। जिसके कारण अजमोद की प्रकृति गर्भपात का कारण बनती है। विट‍ामिन सी महिलाओं के शरीर में एस्‍ट्रोजन के स्‍तर को बढ़ाता है और प्रजनन अंगों में रक्‍त के प्रवाह बढ़ाने में सहायक होता है। वाष्‍पशील तेल गर्भाशय की दीवारों को पतला करते हैं इस प्रकार यह भ्रूण को बाहर निकालने वाले गर्भाशय ग्रीवा को नरम करते हैं। जिससे भ्रूण के अवशेष को बाहर निकालने में आसानी होती है।

गर्भपात के लिए आप अजमोद की ताजा पत्तियों या सूखे हुए पत्‍तों के पाउडर का उपयोग कर सकते हैं। आप ताजा पत्तियों के रस का सेवन कर सकते हैं या फिर सूखी पत्तियों की चाय बनाकर सेवन कर सकते हैं।

(और पढ़े  – अजमोद खाने के फायदे और नुकसान…)

गर्भपात के लिए पेनिरॉयल ड्रॉप्‍स – Garbhpat ke liye Pennyroyal Drops in Hindi

यह एक औषधीय जड़ी बूटी है जो गर्भपात के लिए उपयोग की जाती है। यह गर्भपात के प्राकृतिक उपचारों में से एक मानी जाती है। यही कारण है कि गर्भनिरोधक गोलियों और मेडिकल ड्रॉप्‍स आदि के लिए इस जड़ी बूटी का व्‍यापक रूप से उपयोग किया जाता है। हालांकि पेनिरॉयल के फूल हमे आसानी से नहीं मिलते हैं। आप इस जड़ी बूटी को बाजार से खरीद सकते हैं या फिर इससे बने कैप्‍सूल, गोलियां और सीरप आदि का सेवन कर सकते हैं। नियमित रूप में इन उत्‍पादों में से किसी एक का भी नियमित रूप से सेवन करने पर यह गर्भाशय के संकुचन को बढ़ाता है। जिससे गर्भपात होता है। आप अपने घरेलू उपचार के रूप में इस जड़ी बूटी और इससे बने उत्‍पादों का सेवन कर सकते हैं।

(और पढ़े  – गोली द्वारा गर्भपात (मेडिकल एबॉर्शन) कैसे किया जाता है, तरीका, नुकसान और कानून…)

गर्भपात में सहायक कैमोमाइल चाय – Using Chamomile tea For Miscarriage in Hindi

गर्भपात में सहायक कैमोमाइल चाय – Using Chamomile tea For Miscarriage in Hindi

कैमोमाइल चाय का अधिक मात्रा में सेवन करना गर्भावस्‍था को समाप्त करने में सहायक होता है। कैमोमालइ चाय मे थुजोन (thujone) नामक एक घटक होता है जो गर्भाशय के संकुचन को प्रेरित करता है और भ्रूण को निष्‍कासित करने में सहायक होता है। इस तरह से सामान्‍य से अधिक मात्रा में कैमोमाइल चाय का सेवन गर्भपात के घरेलू नुस्‍खे के रूप में किया जा सकता है।

आप इस चाय का नियमित रूप से सेवन उस समय तक करें जब तक आपको सफलता प्राप्‍त न हो। गर्भपात के लिए विकल्‍प के रूप में आप कैमोमाइल तेल को योनि में भी लगा सकते हैं।

(और पढ़े  – कैमोमाइल चाय के फायदे और नुकसान…)

गर्भपात के प्राकृतिक उपाय – Garbhpat ke prakritik upay in Hindi

प्राकृतिक और सुरक्षित गर्भपात के लिए आप अपने आहार में कई प्रकार के खाद्य पदार्थों और जड़ी बूटीयों को शामिल कर सकते हैं। लेकिन इनके अलावा भी कई अन्‍य तरीके हैं जो गर्भपात के लिए लाभकारी होते हैं। इनका उपयोग कर आप भी अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकते हैं। आइए इन्‍हें जाने।

घर पर सुरक्षित गर्भपात के लिए मसाज

मसाज करना शारीरिक मांसपेशियों को आराम दिलाने और थकान को दूर करने में प्रभावी होती है। लेकिन कुछ देशों में मसाज गर्भपात का एक पारंपरिक तरीका है।

आप नारियल, अरंडी या जैतून आदि तेल से नियमित रूप से पेट की मालिश करें। गर्भपात के लिए आप अपने पेट को ऊपर से नीचे की तरफ दवाब देते हुए मालिश करें। इसके अलावा श्रोणि की हड्डिी क्षेत्र के आसपास मालिश करना भी फायदेमंद होता है।

प्राकृतिक गर्भपात के लिए गर्म स्‍नान

सहज और सुरक्षित गर्भपात के लिए गर्म स्‍नान लेना एक अच्‍छा तरीका है। गर्म स्‍नान लेने से शरीर के तापमान को बढ़ाने में मदद मिलती है जिससे भ्रूण को स्‍वाभाविक रूप से गर्भपात किया जा सकता है।

गर्भपात के लिए शारीरिक व्यायाम

महिलाओं के शरीर को स्‍वस्‍थ्‍य रखने के साथ ही एक्‍सरसाइज गर्भपात में भी सहायक होती है। गर्भावस्‍था के शुरुआती समय में महिलाओं को अधिक व्‍यायाम करना चाहिए। गर्भपात के लिए क्रंचेस, ओवरहेड शोल्‍डर प्रेस, हाई-इंटेंसिटी इंटरवल वर्कआउट आदि फायदेमंद होते हैं।

(और पढ़े  – गर्भावस्‍था के दौरान मालिश…)

गर्भपात के दौरान साव‍धानियां – Garbhpat ke liye savdhaniya in Hindi

गर्भपात के दौरान साव‍धानियां – Garbhpat ke liye savdhaniya in Hindi

अनचाहे गर्भ सहित अन्‍य सभी प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यओं को दूर करने के लिए घरेलू उपचार बहुत कम ही प्रभावी होते हैं। इसलिये इन उपचारों को करने या दोहराने के समय आपको विशेष सावधानी रखने की आवश्‍यकता होती है। क्‍योंकि ये घरेलू उपचार गर्भपात के लिए 100 प्रतिशत सुरक्षित या प्रभावी नहीं होते हैं।

  • इन घरेलू उपचारों को अपनाने से पहले सुनिश्चित करें कि आप गर्भपात करना चाहती हैं। क्‍योंकि एक बार किया गया गर्भपात के लिए प्रयास आपको सही परिणाम भी दे सकता है।
  • यदि गर्भावस्‍था के बाद लगभग 10 सप्‍ताह का समय बीत चुका है तो गर्भपात के घरेलू उपचार नहीं किये जाने चाहिए।
  • पूरी जानकारी के बिना गर्भपात के लिए किसी भी घरेलू उपाय को न अपनाएं। इसके लिए आप किसी अनुभवी व्‍यक्ति की सलाह लें।
  • यदि आपको किसी अन्‍य प्रकार की स्वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हैं तो आप इन घरेलू उपचारों का उपयोग न करें।
  • इन घरेलू उपचारों का उपयोग करने से किसी प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या का अनुभव होने पर तुरंत ही डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • प्रेगनेंसी रोकने के लिए इन घरेलू औषधियों का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • इन औषधियों का साइड इफेक्ट भी हो सकता है इसलिए इस्तेमाल से पहले औषधि (remedies) के बारे में अच्छी तरह जानकारी हासिल कर लें और इनका अधिक मात्रा में उपयोग न करें।
  • इन औषधियों का सेवन शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर को जरूर बताएं अन्यथा इनके गलत खुराक और गलत औषधि का चुनाव करने से स्वास्थ्य के लिए खतरा उत्पन्न हो सकता है।
  • चूंकि प्रेगनेंसी रोकने में कोई भी औषधि सौ प्रतिशत कारगर (beneficial) नहीं होती है, इसलिए सिर्फ इन्हीं औषधियों के भरोसे न रहें।
  • आपको बता दें की यह तरीके तब इस्तेमाल किये जाते थे जब प्रेगनेंसी को रोकने के अन्य साधन उपलब्ध नहीं थे। इसलिए आप सुरक्षित सेक्स करें जिससे आप अपनी अनचाही प्रेगनेंसी से बच सकें।

(और पढ़े  – गर्भपात के बाद होने वाली समस्‍याएं…)

घर पर गर्भपात करना कितना सुरक्षित होता है – How Safe is Abortion at Home in Hindi

गर्भावस्था के शुरूआती समय में घर पर गर्भपात करना सुरक्षित माना जाता है जिसे गाँव वाले सदियों से बिना किसी समस्या के अपनाते आये हैं (जब कोई लड़की गर्भवती हो जाती है तो उसका घरेलू तरीकों से आसानी से गर्भपात कर दिया जाता है), लेकिन कभी कभी घरेलू तरीके से गर्भपात करना जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए आपके लिए बेहतर यही होगा कि गर्भपात का कोई भी तरीका अपनाने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

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