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जानिए क्‍यों लगता है सेक्सुअल इंटिमेसी से डर – Fear of Sexual Intimacy (Genophobia) In Hindi

जानिए क्‍यों लगता है सेक्सुअल इंटिमेसी से डर - Fear Of Sexual Intimacy (Genophobia) In Hindi

Fear of sexual intimacy In Hindi यौन संबंधों, संभोग, सेक्स या यौन अंतरंगता का डर या सेक्सुअल इंटिमेसी से डर लगने को जेनोफोबिया (Genophobia) कहा जाता है, इसे कोइटोफोबिया (coitophobia) के रूप में भी जाना जाता है, यह संभोग करने से लगने वाला डर है। इस भय से पीड़ित लोग सभी यौन कृत्यों से डर सकते हैं, या केवल यह डर संभोग के लिए ही हो सकता है। आमतौर पर लोगों को अपने जीवन में सेक्स से जुड़ी तमाम समस्याओं (sex condition) का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग यौन रोगों से ग्रसित होते हैं, कुछ लोंगों को सेक्स करने में कठिनाई होती है तो कुछ लोग दर्द से पीड़ित रहते हैं। इन सबके अलावा सेक्स से जुड़ी एक अन्य समस्या है जेनोफोबिया अर्थात सेक्स करने से डर लगना (Fear of sex or sexual intimacy)।

कुछ विशेष कारणों से कुछ लोगों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप जेनोफोबिया (सेक्सुअल इंटीमेसी से डर) के बारे में नहीं जानते हैं तो इस आर्टिकल में हम आपको जेनोफोबिया के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में बताने जा रहे हैं।

  1. यौन संबंधों या संभोग से डर (जेनोफोबिया) क्या है – What is Genophobia in Hindi
  2. इंटिमेसी से डर (जेनोफोबिया) का कारण – Causes of genophobia in hindi
  3. यौन संबंधों या संभोग से डर के लक्षण – Symptoms of genophobia in Hindi
  4. इंटिमेसी से डर लगने पर डॉक्टर को कब दिखाएं – When to see a doctor if genophobia in Hindi
  5. जेनोफोबिया का इलाज – Treatment for genophobia in Hindi

यौन संबंधों या संभोग से डर (जेनोफोबिया) क्या है – What is Genophobia in Hindi

यौन संबंधों या संभोग से डर (जेनोफोबिया) क्या है - What is Genophobia in Hindi

सेक्स करने या यौन रुप से अंतरंग होने से भय लगना जेनोफोबिया या इरोटोफोबिया  (erotophobia) कहलाता है। इसे नापसंदगी (dislike ) या घृणा (aversion) से भी अधिक माना  जाता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति जब व्यक्ति शारीरिक संबंध (intercourse) बनाने की कोशिश करता है तो उसे बहुत तेज डर और घबराहट का अनुभव होता है। कुछ लोगों को इसके बारे में सिर्फ सोचकर ही बहुत तनाव महसूस होता है।

जेनोफोबिया से संबंधित अन्य फोबिया हैं जिनका अनुभव एक ही समय में हो सकता है।

  • नोसोफोबिया (nosophobia) : वायरस या बीमारी होने का डर।
  • जिम्नोफोबिया (gymnophobia) : नंगे होने का डर (fear of nudity) या दूसरों को नंगा देख लेने पर डर।
  • हेट्रोफोबिया (heterophobia) : विपरीत लिंग (opposite sex) के प्रति डर।
  • टोकोफोबिया (tocophobia) : गर्भवती होने का डर।
  • हफ़्फ़ोबिया (haphephobia) : दूसरों को छूने के साथ-साथ छूने का डर।
  • कोइटोफोबिया (coitophobia) : सेक्स या संभोग से डर।

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इंटिमेसी से डर (जेनोफोबिया) का कारण – Causes of genophobia in hindi

आमतौर पर हमेशा यह स्पष्ट नहीं हो पाता है कि जेनोफोबिया किस कारण से हुआ है। यदि इसके पीछे कोई विशिष्ट कारण है, तो पहले कारण का इलाज करना आवश्यक होता है। वास्तव में जेनोफोबिया के कई कारणों में से एक कारण शारीरिक (physical) या भावनात्मक (emotional) भी हो सकता है।

योनि में संकुचन (Vaginismus) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

योनि में संकुचन (Vaginismus) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

वेजाइनिस्मस अर्थात् योनि का संकुचन उस स्थिति को कहते हैं जब योनि में लिंग को प्रवेश (penetration) कराने का प्रयास समय योनि की मांसपेशियां अनैच्छिक रुप से जकड़ (clench) या दब जाती हैं। इसके कारण शारीरिक संबंध बनाना काफी पीड़ादायक हो जाता है और कभी कभी असंभव भी हो जाता है। इससे योनि में टैम्पोन डालने (insert) में भी काफी मुश्किल होती है। इस तरह लगातार दर्द से जेनोफोबिया यानि शारीरिक संबंध बनाने में डर लगता है।

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इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण (ED) इंटिमेसी से डर लगना

इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण (ED) इंटिमेसी से डर लगना

इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या होने पर व्यक्ति को यौन संबंध बनाने में डर लगता है और काफी कठिनाई भी होती है। हालांकि इस समस्या का इलाज मुमकिन है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन से पीड़ित व्यक्ति काफी शर्मिंदगी (embarrassment) और तनाव महसूस करता है। इसके अलावा वह व्यक्ति अपनी समस्या को दूसरे से बताना भी नहीं चाहता है। ऐसे व्यक्ति को चाहे सेक्स करने का कितना भी मन करे लेकिन उसे हमेशा अंतरंग (intimate) होने में डर लगता है।

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पूर्व में हुई यौन हिंसा के कारण इंटिमेसी से डर लगना (Past sexual abuse or PTSD)

पूर्व में हुई यौन हिंसा के कारण इंटिमेसी से डर लगना (Past sexual abuse or PTSD)

बाल दुर्व्यवहार (Child abuse) या यौन दुर्व्यवहार पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का कारण हो सकता है और आपके अंतरंगता या सेक्स के प्रति नजरिए को भी प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा यह आपके हर तरह के यौन कार्यों पर असर डालता है। पीटीएसडी से पीड़ित व्यक्ति के साथ अगर कोई यौन संबंध बनाने की कोशिश करता है तो उसे अपने साथ हुई घटना (incident) याद आती है जिसके कारण भय उत्पन्न होता है और उसे जेनोफोबिया की समस्या हो जाती है।

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यौन प्रदर्शन के डर के कारण इंटिमेसी से डर लगना (Fear of sexual performance)

यौन प्रदर्शन के डर के कारण इंटिमेसी से डर लगना (Fear of sexual performance)

कुछ लोग इस बात से घबराते (nervous) हैं कि वे बिस्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे या नहीं। जिसके कारण उन्हें तीव्र मनोवैज्ञानिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वे पार्टनर को खुश या संतुष्ट (satisfy) न करने सहित विभिन्न तरह के विचारों से डरते हैं और सेक्स करने से दूरी बनाते हैं जिसके कारण वे जेनोफोबिया की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं।

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अपने शरीर से शर्म या डिस्मॉर्फिया (Body shame or dysmorphia) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

अपने शरीर से शर्म या डिस्मॉर्फिया (Body shame or dysmorphia) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

अपने शरीर को लेकर शर्म या अपने शरीर एवं जननांगों के आकार साइज एवं रंग को लेकर अत्यधिक सचेत (self-conscious) होना आपके यौन संतुष्टि पर नकारात्मक प्रभाव डालती है जिसके कारण तनाव एवं चिंता पैदा होती है। कुछ लोग अपने शरीर की बनावट को लेकर खुश नहीं होते हैं और उन्हें लगता है कि इस वजह से उन्हें अपने साथी के साथ हमबिस्तर होने में शर्मिंदगी (shame) महसूस होगी। ऐसे लोगों में उत्साह की कमी होती है और वे जेनोफोबिया से ग्रसित हो जाते हैं।

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बलात्कार (rape) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

बलात्कार (rape) के कारण इंटिमेसी से डर लगना

बलात्कार या यौन हिंसा (sexual assault ) पीटीएसडी का कारण बनता है और इसके कारण विभिन्न प्रकार के यौन रोग हो सकते हैं। जिसमें सेक्स को लेकर मन में नकारात्मक विचार आता है और हमेशा डर बना रहता है। बलात्कार या यौन हिंसा से ग्रसित व्यक्तियों में विशेषरुप से जेनोफोबिया की समस्या होती है।

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यौन संबंधों या संभोग से डर के लक्षण – Symptoms of genophobia in Hindi

यौन संबंधों या संभोग से डर के लक्षण - Symptoms of genophobia in Hindi

जेनोफोबिया किसी चीज को पसंद न करना या उसके प्रति भय रखने से बढ़कर कुछ है। जेनोफोबिया में व्यक्ति बहुत ज्यादा डर और चिंता (anxiety) का अनुभव करता है। जिससे शारीरिक एवं मानसिक प्रतिक्रियाएं गड़बड़ हो जाती हैं और आमतौर पर व्यक्ति के सामान्य कामकाज बाधित होते हैं। जेनोफोबिया को निम्न लक्षणों से पहचाना जा सकता है।

  • यौन संबंध की बात करने पर अत्यधिक डर, चिंता और घबराहट का अनुभव करना।
  • सेक्स के बारे में सोचने मात्र से ही घबरा (panic) जाना।
  • यह समझना की डर नहीं लगना चाहिए लेकिन इसे कम करने में असमर्थ (unable) होना।
  • हमबिस्तर होने पर मिचली (nausea), चक्कर आना (dizziness), सांस लेने में तकलीफ, दिल की धड़कन बढ़ना (heart palpitations) और तेज पसीना आना
  • पार्टनर के साथ असहज महसूस करना।
  • उत्तेजना न होना और शर्मिंदगी का अनुभव होना।
  • अधिक सोचना और किसी से कुछ ना कहना।

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इंटिमेसी से डर लगने पर डॉक्टर को कब दिखाएं – When to see a doctor if genophobia in Hindi

इंटिमेसी से डर लगने पर डॉक्टर को कब दिखाएं - When to see a doctor if genophobia in Hindi

एक हल्के डर (mild fear) और एक भय (phobia) के बीच का अंतर यह है कि भय आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और कई तरीकों से प्रभावित करता है। सेक्स का डर रोमांटिक संबंधों को विकसित करने में हस्तक्षेप कर सकता है। यह अलगाव (isolation ) और अवसाद (depression) की भावनाओं में भी योगदान कर सकता है। जेनोफोबिया को इसकी स्थिति के आधार पर उपचार से ठीक किया जा सकता है।

आमतौर पर व्यक्ति कई कोशिशों के बाद भी इस समस्या से बाहर न निकल (overcome) पा रहा हो तो उसे डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर सेक्स के प्रति आपके डर के भौतिक घटकों (physical component) का पता लगाते हैं और उसके आधार पर उपचार करते हैं। यदि आपको यह समस्या किसी शारीरिक बीमारी के कारण नहीं है तो डॉक्टर आपको थेरेपिस्ट के पास भेजते हैं।

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जेनोफोबिया का इलाज – Treatment for genophobia in Hindi

जेनोफोबिया का इलाज - Treatment for genophobia in Hindi

आमतौर पर जेनोफोबिया का इलाज संभव है। चूंकि यह शारीरिक एवं भावनात्मक कारणों से होता है इसलिए इसे थेरेपी एवं अन्य माध्यमों से काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

  • अगर आपकी योनि संकुचित (vaginismus) हो गयी हो तो इंटरकोर्स के दौरान दर्द होना आम बात है। इसके लिए आपको कुछ दिन शारीरिक संबंध बनाने से परहेज (avoidance) करना चाहिए।
  • अगर सही कारणों (root causes) की पहचान हो जाती है तो डॉक्टर उसी के अनुसार जेनोफोबिया का इलाज भी करते हैं।
  • आमतौर पर मनोवैज्ञानिक (psychological) कारण को ठीक करने के लिए व्यक्ति को थेरेपी दी जाती है। विभिन्न प्रकार की थेरेपी जेनोफोबिया के इलाज में सहायक होती है। इसमें कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT) एवं एक्सपोजर थेरेपी शामिल है।
  • इसके अलावा जेनोफोबिया से पीड़ित व्यक्ति को सेक्स थेरेपिस्ट इससे निपटने के लिए कुछ सलाह देते हैं। यह आमतौर पर अंतर्निहित कारणों पर निर्भर करता है। साथ ही व्यक्ति को मानसिक चिकित्सक के पास भी जाना पड़ता है जो व्यक्ति के डर (phobia) को समझकर उपचार करने की कोशिश करते हैं।
  • सेक्स मानव स्थिति का एक महत्वपूर्ण पहलू है, और जीनोफोबिया का अनुभव करने वालों पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। जेनोफोबिया रोमांटिक रिश्तों पर भी कहर बरपा सकता है, खासकर अगर आपके पार्टनर की सेक्स में दिलचस्पी का स्तर आपके खुद से अलग है। यदि आपको लगता है कि आप जीनोफोबिया से पीड़ित हैं, तो किसी विश्वसनीय चिकित्सक से बात करने से मदद मिल सकती है।

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