कलौंजी तेल के फायदे और नुकसान – Kalonji Oil (Black seeds Oil) Benefits and Side effects in Hindi

कलौंजी तेल के फायदे और नुकसान – Kalonji Oil (Black seeds Oil) Benefits and Side effects in Hindi
Written by Jaideep

Kalonji Oil benefits in hindi काले बीज का उपयोग प्राचीन समय से कई रोग जैसे सिर दर्द, दांत दर्द, पाचन रोग, परजीवी संक्रमण आदि के उपचार में किया जा रहा है। कलौंजी तेल में लोहा, जस्‍ता, मैंगनीज, सेलेनियम, कैल्शियम, सोडियम, पोटेशियम, और विटामिनों में विटामिन A, B1, B2, B3 और विटामिन C, होते है। यदि आपको कलौंजी तेल (ब्‍लेक सीड) के गुणों के बारे में पता नहीं है तो कोई बात नहीं हम आपको कलौंजी तेल के फायदे, गुण, और दोष और नुकसान की जानकारी देंगे।

1. कलौंजी क्‍या है – What are Kalonji in Hindi
2. कलौंजी के तेल के रासायनिक गुण – Chemical Properties Of Black Seed Oil in Hindi
3. कलौंजी तेल के फायदे – Kalonji Tel Ke Fayde in Hindi

4. कलौंजी तेल के नुकसान – Kalonji Tel Ke Nuksan in Hindi

कलौंजी क्‍या है – What are Kalonji in Hindi

कलौंजी (Black seeds) को काला जीरा, ब्‍लेक सीड़ आदि नामों से भी जाना जाता है। ये बीज काले रंग के छोट और त्रिभुजाकार के होते है। यह आकार इनकी पहचान होती है। इसका वैज्ञानिक नाम निगेल सतीवा है। इसमें बहुत सारे पोषक तत्‍व होते है जो कि इसे हमारे लिए उपयोगी बनाते है।

जीवाणूरोधी ,विरोधी भड़काऊ (Anti-inflammatory) कवक विरोधी (anti-fungal) कैंसर विरोधी हिस्‍टमीन रोधी (Antihistamine) विषाणू-रोधी, थक्‍कारोधी ( Anticoagulant)। कलौंजी में ये सभी गुण होते है जिनके कारण कलौंजी और कलौंजी के तेल का उपयोग करना हमारे लिए बहुत ही लाभदायक हो जाता है।

कलौंजी के तेल के रासायनिक गुण – Chemical Properties Of Black Seed Oil in Hindi

कलौंजी के बीज में बहुत सारे तत्‍व होते है जिन्‍हें फाइटोकेमिकल्‍स (phytochemicals) कहा जाता है। जिनमें एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटीफंगल गुण होते है कलौंजी के तेल में कई प्रकार के फाइटोकेमिकल्‍स होते है :

थाइमोक्किनोन – Thymoquinone :

यह रसायन बहुत प्रभावी एंटीऑक्सिडेंट होता है, इसमें कैंसर विरोधी गुण पाया गया है। इस रसायन की मौजूदगी के कारण अस्‍थमा, यकृत, कैंसर आदि के उपचार में कलौंजी के तेल का उपयोग किया जाता है।

थाइमोहाइड्रोक्किनोन – Thymohydroquinine :

इस रसायन में एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीफंगल (Anti-fungal) गुण होते है । यह रसायन हातिकारक जीवाणूओं, कवक, और परजीवियों को नष्ट करता है। इसमें एंटी ट्यूमर प्रभाव भी होता है जिससे कैंसर का उपचार करने में मदद मिलती है।

थॉइमॉल – Thymol :

यह तत्‍व एंटी-वायरल (Antiviral) क्षमता वाला होता है। इसका उपयोग टीबी और अन्‍य संक्रमण बाली बीमारीयों के उपचार के लिए किया जा सकता है। कलौंजी के तेल में इन तत्‍वों के उपलब्‍ध होने के कारण यह स्‍वास्‍थ समस्‍याओं से लड़ने में हमारी मदद करता है।

कलौंजी तेल के फायदे – Kalonji Tel Ke Fayde in Hindi

कलौंजी के तेल में बहुत सारे खनिज पदार्थ और पोषक तत्‍व मौजूद होते है जो हमारी बहुत से रोगों के इलाज में हमारी मदद करता है और हमें स्‍वास्‍थ लाभ प्रदान करता है।

अगर आप कलौंजी के तेल से होने वाले लाभों को नहीं जानते है तो हम आपकी मदद करेंगें। आइए जाने कलौंजी तेल के उपयोग और लाभ।

कलौंजी तेल के फायदे मधुमेह के लिए – Kalonji oil For Diabetes in Hindi

Kalonji Oil कलौंजी तेल के बहुत से स्‍वास्‍थ लाभ है उनमें से एक लाभ डायबिटीज के लिए भी है। कई शोधों से यह निश्चित हुआ है कि कलौंजी का तेल टाइप 1 और 2, दोनों प्रकार के डायबिटीज के प्रभाव को कम करता है।

कलौंजी आयल आपके अग्नाशय की इंसुलिन उत्‍पादक कोशिकाओं में वृद्धि करता है और आपके खून में चीनी को संतुलित बनाए रखता है। इस तेल को उपयोग करने से कोई नुकसान नहीं होता है।

कलौंजी तेल के फायदे वजन घटाने में – Kalonji Oil For Weight loss in Hindi

‍Kalonji Oil कलौंजी तेल का उपयोग कर आप अपने वजन को कम कर स‍कते है। शोध कर्ताओं ने इसे वजन कम करने का सबसे प्रभावी तरीका बताया है। यह आपके शरीर में उपस्थित अतिरिक्‍त फैट को प्रत्‍यक्ष रूप से प्रभावित नही करता बल्कि आप्रत्‍यक्ष रूप से वसा को कम करता है। जैसे : भूख, कोलस्‍ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, ग्‍लूकोज अवशोषण, रक्‍त ग्‍लूकोज स्‍तर, आदि।

(और पढ़े – जिम जाए बिना वजन कम करने के तरीके)

कलौंजी तेल के फायदे कैंसर के लिए – Kalonji Oil Benefits For Cancer in Hindi

Kalonji Oil कलौंजी तेल में उपस्थित रसायन थाइमक्किनिन (Thymkinine) और थाइमोल हाइड्रोक्किनोन (Thymol hydrochkin) में एंटीट्यूमर गुण होते है जो कि कैंसर की कोशिकाओं के उपचार में मदद करते है। वैज्ञानिको के अनुसार यह चूहों में कैंसर कोशिकाओं (Cancer cells)को 52 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम है। कलौंजी तेल कीमोथैरेपी दवाओं के हानिकारक प्रभाव और विष को कम करने में मदद करता है।

कलौंजी तेल के फायदे मुंहासों के लिए – Kalonji Oil For Acne in Hindi

Kalonji Oil कलौंजी का तेल चेहरे की फुंसीयों (pimples)के उपचार के लिए एक अच्‍छा विकल्‍प है। कलौंजी आयल में जीवाणूरोधी गुण होते है जो मुंहासों के बैक्‍टीरिया को खत्‍म करते है।

मुंहासों (Acne) के ऊपर कलौंजी तेल को सीधे ही नहीं लगाना चाहिए। ऐसा करने से आपको कुछ एलर्जी हो सकती है। इसलिए आप मुंहासें हटाने के लिए कलौंजी बीज या तेल की भाप लेना ज्‍यादा अच्‍छा होगा।

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कलौंजी तेल के फायदे बालों के लिए – Kalonji Oil Benefits For Hair  in Hindi

बालों के झड़ने (Hair fall) की समस्‍या आज हर किसी को है। यह बढ़ती उम्र और शरीर में हार्मोन्‍स की कमी के कारण होती है। कलौंजी के तेल में एंटीमाइक्रोबियल (antimicrobial) और एंटीऑक्सिडेंट गुण होते है जो बालों की इन समस्‍याओं को दूर करने में हमारी मदद करते है। यदि आप झड़ते बालों से परेशान है तो इसका उपचार कलौंजी तेल के द्वारा किया जा सकता है। आप इसे जैतून या नारियल तेल के साथ मिला कर इसे अपने बालों में लगा सकते है। यह तेल आपके बालों को मजबूत बनाने के साथ साथ उनके बढ़ने में भी मदद करता है। यदि आपके बाल रुखे और कमजोर है तो यह तेल आपके सिर में नमी (moisturized) बनाए रखने और बालों को सुंदर बनाने में आपकी मदद करेगा।

कलौंजी तेल के फायदे दांत दर्द के लिए – Kalonji Oil Benefits For Toothache in Hindi

काले जीरे का तेल बहुत ही असरदार पीड़ानाशक होता है। इसका एनाल्‍जेसिक (analgesic) गुण आपको दांतों के दर्द से छुटकारा दिलाता है। दांत का दर्द होने पर कलौंजी तेल की कुछ मात्रा को दर्द बाले स्‍थान पर लगाने से तुरंत राहत का अनुभव होता है। (और पढ़े – दाँतों की देखभाल कैसे करे)

कलौंजी तेल के फायदे दमा रोग के लिए – Kalonji Oil For Asthma in Hindi

दमा की बीमारी के उपचार के लिए कलौंजी तेल का उपयोग किया जा सकता है। यह दमा रोगी को स्‍वास्‍थ लाभ दिलाने का अच्‍छा विकल्‍प होता है। कलौंजी आयल की सुगंध दमा रोगी को एलर्जी के कारण होने वाली सूजन को दूर करती है। तेल में उपस्थित प्रतिरोधक गुण दमा रोगी के लिए प्रभाव कारी दवा के रूप में कार्य करते है। (और पढ़े – अस्थमा (दमा) के कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव)

हृदय के स्‍वास्‍थ के लिए लाभकारी कलौंजी तेल – Kalonji Oil For Heart health in Hindi

काले जीरा में ओमेगा-6 और एसिड के साथ फइटोस्‍टेरॉल (phytosterols) होते है जो दिल को स्वस्थ बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते है। इसके उपयोग से खून की नसों में लचीलापन और मजबूती आती है। हृदय में होने वाली अन्य समस्याओं को दूर करने में कलौंजी तेल का उपयोग किया जा सकता है। इसका नियमित उपयोग थ्रोम्‍बस गठन (thrombus formation) को रोकने और धमनियों में पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद करता है। आपको अपने स्वस्थ दिल के लिए नियमित रूप से कलौंजी और उसके तेल का उपयोग करना चाहिए।

कलौंजी तेल के गुण संक्रमण के बचाव में लाभकारी – Kalonji Oil fight Fungal in Hindi

संक्रमण (infection) उस स्थित को कहते है जब आपके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और बैक्‍टीरिया की उपस्थिति बढ़ जाती है। जिसके कारण हमें कई प्रकार की बीमारीयों का सामना करना पड़ सकता है। जिसका ज्‍यादा असर हमारी त्‍वचा पर पड़ता है। कई शोधों ने यह साबित किया है कि कलौंजी के तेल का उपयोग फंगल संक्रमण को दूर करने और उसके बापस आने की संभावना को भी कम करता है।

कलौंजी तेल के फायदे दस्त के लिए – Kalonji Oil For Diarrhea in Hindi

पेंचिस, दस्‍त या डायरिया संक्रमण के कारण होते है। काले जीरे के तेल में उपस्थित प्रतिरोधक शक्ति और एंटीवायरल (Antiviral) गुण होते है। इस कारण कलौंजी के तेल को दस्‍त के उपचार के लिए सस्‍ता सरल और प्रभावी माना जाता है। कलौंजी तेल के और भी घरेलू उपचार होते है। यह आपके पाचन तंत्र को मजबूत करता है और आपको कब्‍ज से भी राहत दिलाने में मदद करता है। (और पढ़े – दस्त ठीक करने के घरेलू उपाय)

कलौंजी तेल के नुकसान – Kalonji Tel Ke Nuksan in Hindi

  • मधुमेह रोगीयों को कलौंजी तेल का उपयोग बड़ी ही सावधानी से करना चाहिए। इसका ज्‍यादा उपयोग उनके खून में चीनी के स्‍तर को कम कर सकता है। इसलिए उन्‍हें इसका उपयोग कम करना चाहिए और समय-समय पर खून की जांच कराते रहना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं में इसके कोई हानिकारक प्रभाव नहीं है। लेकिन इसका उपयोग उन गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए जिनके गर्भ संवेदनशील है।
  • कैंसर : कलौंजी का तेल कीमोथेरेपी उपचार के प्रभाव को कम कर सकता है। इसलिए कैंसर रोगी को कलौंजी आयल के सेवन के पहले अपने डाक्‍टर से सलाह लेना आवश्‍यक है।
  • काले जीरे के तेल का एक और बुरा प्रभाव एलर्जी या चिड़चिड़ापन हो सकता है। इसलिए इसका सेवन जरूरत होने पर ही सीमित रूप से करें।

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