इमली के फायदे और नुकसान – Tamarind (Imli) Benefits and side effects in Hindi

इमली के फायदे और नुकसान – Tamarind (Imli) Benefits and side effects in Hindi
Written by Jaideep

इमली (Tamarind) खट्टे और मीठे गुणों से भरपूर औषधीय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम तामारिन्‍दस इंडिका (Tamarindus indica) है। इमली के फायदे सभी लोगों को पता नहीं होते हैं, वे लोग बस इसके स्‍वादिष्‍ट स्‍वाद के लिए इसका उपयोग करते हैं। लेंकिन इमली का पेड़ के फायदे इतने अधिक हैं कि इसके पत्‍ते, फल, बीज या छाल सभी का औषधीय रूप में उपयोग किया जाता है। इमली के फायदे अंत हीन हैं। इमली के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों में मधुमेह, गर्मी के दौरे, हृदय स्‍वास्‍थ्‍य, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना, वजन कम करना, पाचन और मांसपेशियों का विकास आदि शामिल हैं। यह अल्‍सर और कैंसर जैसी बीमारियों को रोकने में भी मदद करता है। और पढ़े –

1. इमली का पेड़ – Tamarind Tree in Hindi
2. इमली के पोषक तत्‍व क्‍या है –Tamarind Nutritional Value in Hindi
3. इमली के फायदे इन हिंदी – Imli ke fayde in Hindi

4. इमली खाने के नुकसान – Imli khane ke Nuksan in Hindi

इमली का पेड़ – Tamarind Tree in Hindi

इमली का पेड़ – Tamarind Tree in Hindi

इमली का पेड़ बहुत ही धीमी गति से बढ़ता है, और यह आकार में बहुत ही बड़ा होता है। यह पेड़ पूर्ण रूप से विकसित होने पर 80 से 100 फीट (24-30 मीटर) तक ऊंचा हो सकता है। इसके तने का व्‍यास (trunk circumference) भी बहुत अधिक होता है। यह पेड़ अत्‍यधिक घना, मजबूत, खुली शाखाओं के साथ, गहरा भूरे रंग की मोटी छाल (Thick bark) वाला होता है। इसके पत्‍ते हरे होते है जिनकी लंबाई ½ से 1 सेमी. और चौड़ाई ¼ इंच होती है। इस पेड़ की पत्तियां सदाबहार (Evergreen) होती हैं।

इस पेड़ में अस्‍पष्‍ट रूप से दिखने वाले छोटे छोटे फूल होते हैं‍ जिनका रंग नारंगी या लाल पीले होते हैं। इसके फल टेड़े-मेड़े और घुमावदार होते हैं जो फलियों के रूप में शाखाओं में अधिक मात्रा में फलते हैं। इन फलों का रंग प्रारंभ में हरा होता है और पकने के बाद यह भूरे रंग में बदल जाते हैं।

इमली के पोषक तत्‍व क्‍या है –Tamarind Nutritional Value in Hindi

स्‍वादिष्‍ट खट्टे और मीठे स्‍वाद के लिए इमली को जाना जाता है। इमली के फायदे इस कारण बहुत ही बढ़ जाते हैं क्‍योंकि इसमें विटामिन बी, लौह, प्राकृतिक शर्करा, कई प्रकार के कैरोटीनोइड (carotenoids) और अन्‍य एंटीऑक्‍सीडेंट यौगिकों की अच्‍छी मात्रा होती है। इस लेख को पढ़कर आप इमली के फायदे जान सकते हैं।

इमली के पोषक तत्‍व (Nutritional) प्रति 100 gm के अनुसार :

  • कैल्शियम 35-170 मिली ग्राम
  • पोटेशिम 375 मिली ग्राम
  • विटामिन ए 15  आईयू
  • थियामीन 16 मिली ग्राम
  • टार्टेरिक एसिड 8-23.8 मिली ग्राम
  • फॉस्‍फोरस 54-110 मिली ग्राम
  • प्रोटीन 10 ग्राम
  • मैग्‍नीशियम 92 मिली ग्राम
  • रिबोफाल्विन 07 मिली ग्राम

इसकी ताजी और युवा पत्तियों में भी कई प्रकार के पोषक तत्‍व होते हैं जिनमें 63 मिलीग्राम सल्‍फर और 101 मिली ग्राम कैल्शियम भी शामिल है।

इमली के फायदे इन हिंदी – Imli ke fayde in Hindi

इमली के फायदे इन हिंदी – Imli ke fayde in Hindi

इस फल के फायदे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए महत्‍वपूर्ण हैं जिनमें त्‍वचा की स्थिति को साफ करना, वजन घटाना, हानिकारक विषाणुओं को रोकना, शरीर की सूजन को कम करना आदि शामिल है। इस फल को अन्‍य जड़ी बूटियों के पाउडर (Herbs powder) के साथ मिला कर उपयोग किया जा सकता है। यह आपके भोजन को स्‍वादिष्‍ट बनाने के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका उपयोग विभिन्‍न प्राकृतिक उपचारों के लिए वैद्यों (herbalists) और आयुर्वेदिक चिकित्‍सको द्वारा उपयोग किया जाता है। इस लेख में आप इमली के फायदे को विस्‍तार से जान पाएगें।

मधुमेह से बचाने में इमली के फायदे – Tamarind for Diabetes in Hindi

मधुमेह से बचाने में इमली के फायदे – Tamarind for Diabetes in Hindi

जो लोग अपने शरीर में शुगर लेवल (Sugar level) को नियंत्रित करना चाहते हैं उनके लिए इमली के फायदे बहुत हैं। वे लोग इमली का सेवन कर मधुमेह के खतरे को कम कर सकते हैं। इसमें उपस्थित पोषक तत्‍व आपके शरीर में संतुलन बनाने का काम करते हैं। यह आपके शरीर में इंसुलिन और ग्‍लूकोज के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यदि आप मधुमेह (Diabetes) रोग से पीड़ित हैं तो आप इमली के फायदे प्राप्‍त कर सकते हैं।

(और पढ़े – शुगर ,मधुमेह लक्षण, कारण, निदान और बचाव के उपाय…)

इमली के फायदे वजन कम करने में – Tamarind for Weight loss in Hindi

इमली के फायदे वजन कम करने में – Tamarind for Weight loss in Hindi

वजन घटाना (Weight loss) बहुत से लोगों के लिए एक चुनौती का काम बन चुका है। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि इमली के फायदे वजन घटाने मे मदद करते हैं। हमारे शरीर में एक एंजाइम होता है जो वसा को इक्‍हट्टा करने का काम करता है। इमली में हाइड्रोक्‍साइट्रिक एसिड (hydroxycitric acid) या एचसीए मौजूद होते हैं जो वसा को एकत्रित होने से रोकने में मदद करते हैं। इमली का एक और गुण यह भी है कि यह आपकी भूख को नियंत्रित करता है क्‍योंकि यह सेरोटोनिन न्‍यूरोट्रांसमीटर (serotonin neurotransmitter) को बढ़ाता है। यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो इमली का उपयोग कर सकते हैं।

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इमली खाने के फायदे अच्छे पाचन के लिए – Imli khane ke fayde Pachan me

इमली खाने के फायदे अच्छे पाचन के लिए – Imli khane ke fayde Pachan me

टारर्टेरिक एसिड, मैलिक एसिड (malic acid) और पोटेशियम की अच्‍छी मात्रा इमली में उपस्थित होती है, ये सभी घटक पाचन तंत्र को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने में मदद करते हैं। पेट के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए इमली खाने के फायदे कई हैं क्‍योंकि यह दस्‍त और कब्‍ज (diarrhea and constipation) के इलाज में मदद करता है। फल और पत्‍तों के रूप में इमली के फायदे अलग-अलग हैं।

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कैंसर के उपचार में इमली बीज के फायदे – Imli Beej ke fayde Cancer ke Upchar me

कैंसर के उपचार में इमली बीज के फायदे – Imli Beej ke fayde Cancer ke Upchar me

एंटीऑक्‍सीडेंट (Antioxidant) की अच्‍छी मात्रा इमली के फायदे को दर्शाते हैं। एक अध्‍ययन में पाया गया कि इमली के बीजों में पाये जाने वाले एंटीऑक्‍सीडेंट गुर्दे की विफलता और गुर्दे के कैंसर (kidney cancer) के खतरों को कम करने में मदद करते हैं। मुक्‍त कण कैंसर कोशिकाओं के विकास का कारण होते हैं, एंटीआक्‍सीडेंट के पावरहाउस के रूप में इमली शरीर में एंटीऑक्‍सीडेंट को बढ़ावा देती है और कैंसर कोशिकाओं (Cancer cells) को समाप्‍त करने में मदद करती है।

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इमली के पत्ते के फायदे लिवर के लिये – Tamarind leaves for Liver in Hindi

इमली के पत्ते के फायदे लिवर के लिये – Tamarind leaves for Liver in Hindi

आपके लिवर के लिए भी इमली (Tamarind) के फायदेमंद हैं, एक अध्‍ययन में बताया गया है कि अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से क्षतिग्रस्‍त यकृत को इमली के पत्‍तों का सेवन करके बेहतर उपचार किया जा सकता है। अधिक मात्रा में कैलोरी युक्‍त भोजन फैटी यकृत (Fatty liver) के लिए जिम्‍मेदार होता है। इमली के पत्‍तों का सेवन कर आप इस प्रकार की समस्‍या को दूर कर सकते हैं।

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घावों को ठीक करे इमली के बीज का पाउडर – Imli Beej ka powder for Wounds in Hindi

दुनिया भर के कई देशों में घाव के उपचार (Heals Wounds) के लिए इमली के पेड़ की पत्तियों, बीज और छाल का उपयोग किया जाता है। इसे एंटिसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुणो के लिए जाना जाता है। एक अध्‍ययन के अनुसार केवल 10 दिनों में ही इमली के बीज का उपयोग करके जख्‍म को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।

इमली के गुण अल्‍सर के इलाज में  – Tamarind for Ulcer Prevention in Hindi

अच्‍छा पाचन तंत्र पोषक तत्‍वों को पूर्ण रूप से अवशोषित (absorb) करने में मदद करता है। इमली का नियमित रूप से सेवन करने पर यह अल्‍सर की समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। इमली के बीजों से निकलने वाले यौगिक अल्‍सर (ulcers) की रोक थाम करने में मदद करते हैं।

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गर्भवती महिलाओं के लिए इमली खाने के फायदे – Imli ke fayde for Pregnant Women in Hindi

गर्भवती महिलाओं के लिए इमली खाने के फायदे – Imli ke fayde for Pregnant Women in Hindi

पोषक तत्‍वों और फाइबर (nutrients and fiber) की अच्‍छी मात्रा होने के कारण इमली मां और बच्‍चे दोनों के लिए फायदेमंद होती है। गर्भवती महिलाओं के द्वारा इसका सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता है। गर्भावस्‍था के दौरान कब्‍ज, मितली और उल्टी (morning sickness) से छुटकारा पाने के लिए इमली को अपने आहार में शामिल करना फायदेमंद होता है। फिर भी इसका सेवन करने से पहले अपने चिकित्‍सक से संपर्क करना आवश्‍यक है।

इमली का उपयोग गर्मी को दूर करे – Tamarind for Beat the Heat in Hindi

यदि आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जो विशेष रूप से गर्म है और यदि आप अच्‍छी तरह से हाइड्रेटेड (hydrated) नहीं हैं तो आप लू से पीड़ित हो सकते हैं। इसके लिए आप इमली के रस में थोड़ा सा जीरा पाउडर को मिला कर इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह आपके शरीर को ठंडा (cool your system) बनाए रखने में मदद करता है।

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दिल को मजबूत करने में इमली के फायदे – Tamarind for Strengthens The Heart in Hindi

कुछ ऐसे तथ्‍य है जिनसे यह पता चलता है कि इमली के फायदे दिल को मजबूत करने के लिए भी हैं। एक अध्‍ययन से पता चलता है कि इमली में मौजूद फ्लैवोनोइड्स (flavonoids) एलडीए (खराब कोलेस्‍ट्रोल) के स्‍तर को कम करने के साथ एचडीएल (अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल ) के स्‍तर को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह खून में ट्राइग्लिसराइड्स के निमार्ण को भी रोकता है जो कि एक प्रकार का वसा होता है। इमली में उपस्थित पोटेशियम की अच्‍छी मात्रा रक्‍तचाप (blood pressure) को नियंत्रित करने में मदद करता है। यदि आप अपने दिल को स्‍वस्‍थ्‍य रखना चाहते है तो इमली को विकल्‍प के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

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इमली के गुण त्‍वचा को साफ रखे – Tamarind for Clears Up The Skin in Hindi

त्‍वचा के लिए इमली बहुत ही लाभकारी होती है। यह सूर्य से त्‍वचा में होने वाली पराबैंगनी क्षति (ultraviolet damage) को रोकने में मदद करता है। इमली का पारंपरिक उपयोग मुँहासों या अन्‍य प्रकार के दाग को कम करने के लिए चेहरे और त्‍वचा पर किया जाता है। इमली में अल्‍फा हाइड्रॉक्‍सी एसिड (alpha hydroxy acid) होता है जो मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है।

सूजन को कम करने में इमली के फायदे – Tamarind for Reduces Inflammation in Hindi

मांसपेशियों और जोड़ों (joints and muscles) की सूजन को दूर करने के लिए इमली का उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही यह पेट और रक्‍त वाहिकाओं में भी परिसंचरण को बढ़ाने में मदद करता है। यदि इसका कम मात्रा में नियमित रूप से सेवन किया जाए तो यह अल्‍सर और एसिड रिफ्लक्‍स (ulcers and acid reflux) को रोकने में मदद करता है।

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इमली खाने के नुकसान – Imli khane ke Nuksan in Hindi

इमली खाने के नुकसान – Imli khane ke Nuksan in Hindi

सामान्‍य रूप से खाने पर इमली के फायदे बहुत अधिक हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में इसके दुप्रभाव भी हो सकते है जो इस प्रकार हैं :

उच्‍च रक्‍तचाप (Hypertension): ऐसा माना जाता है कि इमली में वास्‍कोकंस्‍ट्रक्टिव (vasoconstrictive) अवयव उपस्थि‍त रहते हैं जो रक्‍तचाप को बढ़ा सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को उच्‍च रक्‍तचाप की शिकायत होती है उन्‍हें इमली का सेवन करने से बचना चाहिए। (और पढ़े – जानिए उच्च रक्तचाप के बारे में सब कुछ…)

रक्‍तस्राव (Bleeding) :  इमली का सेवन कुछ दवाओं के साथ नकारात्‍मक (negative) क्रिया कर सकता है विशेष रूप से एंटीकोगुल्‍टेंट्स (anticoagulants,) के साथ जो रक्‍तस्राव की समस्‍या को और अधिक बढ़ा सकता है।

एसिडिटी और दस्‍त (Acidity and Diarrhea) :   इमली का अधिक मात्रा में सेवन करने से एसिड रिफ्लक्‍स (acid reflux) और दस्‍त आदि अन्‍य पेट की समस्‍याएं इसके रेचक प्रभावों (laxative effects) के कारण हो सकता है। (और पढ़े – एसिडिटी के कारण, लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय…)

हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia):  रक्‍त शर्करा को कम करने वाली दवा के साथ इसका अधिक मात्रा में सेवन करने से हाइपोग्‍लाइसीमिया (Hypoglycemia) का कारण बन सकता है, जो मधुमेह रोगीयों के लिए खतरा बन सकता है।

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