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स्केबीज (खाज) के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव – Scabies Causes, Symptoms And Treatment in Hindi

स्केबीज (खाज) होने के कारण, लक्षण, इलाज और बचाव - Scabies disease causes, symptoms and treatment in hindi

Scabies in hindi खाज  या स्केबीज त्वचा से जुड़ी एक संक्रामक बीमारी है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है। स्कैबीज या खाज होने पर व्यक्ति को शरीर के विभिन्न हिस्सों में तेज खुजली महसूस होती है और अगर किसी परिवार में एक व्यक्ति को यह बीमारी हो तो पूरे परिवार के सदस्यों को स्केबीज होने की संभावना रहती है। इसलिए डॉक्टर आमतौर पर पूरे परिवार के सदस्यों को इलाज की सलाह देते हैं। हालांकि यह बहुत गंभीर बीमारी नहीं है और समय पर स्केबीज का इलाज कराने पर इस बीमारी को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। इस लेख में आप जानेगें खाज (स्केबीज) के कारण, लक्षण, प्रकार, जाँच, इलाज और बचाव संबंधी उपाय के बारे में। (Scabies ke karan laksan aur ilaj in hindi)

स्केबीज क्या है? – What is Scabies in Hindi

स्केबीज एक स्किन इन्फेक्शन हैं, जो सरकोप्टस स्कैबी (Sarcoptes scabiei) नामक घुन के कारण होता है। यह सूक्ष्म कण आपकी त्वचा पर कई महीनों तक रह सकते हैं। इस संक्रमण के कारण त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते बन जाते हैं।

यह एक अत्यधिक संक्रामक स्थिति है, जिसे सीधे त्वचा के संपर्क के माध्यम से या संक्रमित कपड़ों, बिस्तरों के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से पारित किया जा सकता है। खाज एक यौन संचारित रोग (sexually transmitted disease) नहीं है। स्कैबीज सम्बंधित को परेशान कर सकती है और दैनिक कार्यों असुविधाजनक बना सकती है। इसके उपचार में अक्सर ऐसी दवाओं को शामिल किया जाता है, जो स्केबीज माइट्स (scabies mites) और उनके अंडों को नष्ट करती हैं।

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स्केबीज होने के कारण – Causes Of Scabies in Hindi

स्केबीज होने के कारण - Causes Of Scabies in Hindi

खाज (स्केबीज) त्वचा से जुड़ी अन्य समस्याओं से काफी अलग होती है। आमतौर पर ज्यादातर स्किन की समस्याएं एलर्जी, वायरस के कारण या आनुवांशिक होती हैं। जबकि खाज (स्कैबीज) का इंफेक्शन एक अति सूक्ष्म घुन (mites) जिसे सरकोप्टस स्कैबी (Sarcoptes scabiei) के नाम से जाना जाता है, के कारण होता है। इस बीमारी को उत्पन्न करने वाले घुन आठ पैरों वाले होते हैं। मादा घुन स्किन के नीचे छिद्रों में दब जाती है और प्रतिदिन दो से तीन अंडे देती है तथा अपनी संख्या बढ़ाती हैं। घुन के लार्वा व्यक्ति की स्किन के ऊपरी परत पर चिपका होता है और यहीं पर परिपक्व होकर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलता है। मानव त्वचा घुन और उसके अपशिष्ट पर प्रतिक्रिया करती है जिससे त्वचा पर लाल, खुजलीदार चकत्ते विकसित हो जाते हैं।

अधिक जनसंख्या वाले स्थानों में ज्यादातर लोगों में स्केबीज की समस्या पायी जाती है। नर्सिंग होम, कारागार और बाल गृह में एक दूसरे के अधिक निकट रहने के कारण दूसरा व्यक्ति भी इस बीमारी की चपेट में आ जाता है।

यह बीमारी आमतौर पर हाथ मिलाने (handshake), दूसरे व्यक्ति के संक्रमित कपड़े और बिस्तर का इस्तेमाल करने और यौन संबंध बनाने (sexual relation) से भी होता है। स्केबीज की बीमारी माता-पिता से बच्चों में और विशेषरूप से मां से शिशु में फैलती है।

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स्केबीज के लक्षण – Scabies Symptoms in Hindi

स्केबीज के लक्षण - Scabies Symptoms in Hindi

खाज के लक्षण आमतौर पर बहुत कम दिखाई देते हैं, लेकिन खाज की समस्या होने पर व्यक्ति काफी बेचैनी महसूस करता है। स्केबीज होने पर स्किन पर तीव्र खुजली होती है और लाल उभार (red patches) या चकत्ते उत्पन्न होने लगते हैं। इसके अलावा त्वचा पर जलन, लालिमा, सूजन जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। स्केबीज की खुजली रात में अधिक गंभीर हो जाती है।

शिशुओं और बच्चों में आमतौर पर गर्दन के आसपास और सिर की त्वचा, चेहरा, हथेली और पैर के तलवों में खुजली होती है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में स्केबीज के लक्षण तेजी से विकसित होते हैं।

वयस्कों में इस बीमारी के लक्षण उंगलियों के बीच, बांह के नीचे (armpits), कमर के आसपास एवं कलाई और कोहनी के नीचे आमतौर पर दिखायी देते हैं। इसके अलावा इस बीमारी के लक्षण पैर के तलवों में, स्तन के आसपास, पुरुषों के जननांगों के आसपास, नितंबों पर, घुटनों पर और कंधों पर भी देखे जा सकते हैं।

यदि कोई व्यक्ति पहले कभी खाज से पीड़ित रह चुका हो तो, कुछ ही दिनों बाद उसके शरीर में स्केबीज संक्रमण के लक्षण फिर से विकसित होने लगते हैं। लेकिन जिन व्यक्तियों को पहले कभी स्केबीज नहीं हुई है, उनमें इसके लक्षण संक्रमित होने के बाद विकसित होने में छह हफ्ते का समय लगता है। आपको यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यदि आपके शरीर पर इस बीमारी के कोई लक्षण या संकेत नहीं दिखायी दे रहे हैं, तब भी आप स्केबीज से पीड़ित हो सकते हैं।

स्केबीज की जांच – Scabies Diagnosis in Hindi

स्केबीज की जांच - Scabies Diagnosis in Hindi

डॉक्टर केवल एक शारीरिक परीक्षण करके और प्रभावित त्वचा का निरीक्षण करके स्केबीज (खाज) का निदान कर सकता है। यदि स्केबीज का आसानी से पता नहीं चलता है, तो डॉक्टर प्रभावित स्किन के ऊतक का नमूना प्राप्त कर परीक्षण कर सकता है। खाज के माइट्स या उनके अंडों की उपस्थिति की पुष्टि करने के लिए इस स्किन नमूने की माइक्रोस्कोप के तहत जांच की जाती है।

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स्केबीज का इलाज – Scabies Treatment in Hindi

स्केबीज का इलाज - Scabies Treatment in Hindi

खाज या स्केबीज का इलाज इसके लक्षण (sign) दिखने के तुरंत बाद समय पर ही करा लेना चाहिए। इसके अलावा यदि आपको रात में अधिक तेज खुजली होती है और खुजली के कारण स्किन पर घाव हो जाता है या घर में कोई व्यक्ति इसी समस्या से जूझ रहा हो तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क कर स्केबीज का इलाज कराना चाहिए।

डॉक्टर स्केबीज का प्रभावी रूप से इलाज करने के लिए रात में गर्दन से लेकर नीचे तलवों तक अपनी पूरी त्वचा में दवा लगाने का निर्देश दिया जा सकता है। अगली सुबह इस दवा को अच्छी तरह धोया जा सकता है।

स्कैबीज की खुजली को दूर करने के लिए डॉक्टर प्रभावित स्किन पर लोशन क्रीम (lotion cream) लगाने की सिफारिश कर सकता है, क्योंकि लोशन क्रीम खुजली को नियंत्रित करने में मदद करती है।

स्कैबीज (खाज) के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कुछ सामान्य दवाओं में शामिल हैं:

  • 5 प्रतिशत पर्मेथ्रिन क्रीम (permethrin cream)
  • 25 प्रतिशत बेंजाइल बेंजोएट लोशन (benzyl benzoate lotion)
  • 10 प्रतिशत सल्फर मरहम (sulfur ointment)
  • 10 प्रतिशत क्रोटामाइटन क्रीम (crotamiton cream)
  • 1 प्रतिशत लिंडेन लोशन (lindane lotion)

इसके अलावा डॉक्टर खाज के लक्षणों का तीव्र इलाज करने के लिए अतिरिक्त दवाओं की भी सिफारिश कर सकता है। इन दवाओं में शामिल हैं:

  • खुजली को नियंत्रित करने के लिए एंटीहिस्टामाइन, जैसे बेनाड्रिल (Benadryl) या प्रामॉक्सिन लोशन (pramoxine lotion)
  • सूजन और खुजली से राहत दिलाने के लिए स्टेरॉयड क्रीम
  • आइवरमेक्टिन (ivermectin (Stromectol)) नामक एक मौखिक गोली, इत्यादि।

उपचार के पहले सप्ताह के दौरान लक्षण बदतर होने का अहसास हो सकता है। हालांकि, उपचार के पहले सप्ताह के बाद, खुजली में कमी महसूस होगी, और उपचार के चौथे सप्ताह तक आप पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। यदि त्वचा एक महीने के भीतर ठीक नहीं हुई है, तो पुनः डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

दूसरे संक्रमित व्यक्ति से फैले संक्रमण को दूर करने के लिए डॉक्टर गर्म पानी से स्किन को धोने और फिर स्किन पर क्रीम लगाने की भी सलाह देते हैं।

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खाज खुजली से बचने के उपाय – Scabies Prevention in Hindi

खाज खुजली से बचने के उपाय - Scabies Prevention in Hindi

खाज (scabies) या स्कैबीज पैदा करने वाले घुन (mite) से बचने और इस बीमारी को अधिक फैलने से रोकने के लिए आपको निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • खुजली को रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि खुजली वाले व्यक्ति के साथ सीधे त्वचा से त्वचा के संपर्क से बचें।
  • स्कैबीज माइट्स शरीर से गिरने के बाद सतह पर तीन से चार दिनों तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए संक्रमण को रोकने के लिए कपड़े, टॉवेल, बिस्तर एवं बेडशीट को धोने के लिए गर्म पानी और साबुन वाले पानी (soapy water) का इस्तेमाल करना चाहिए। इन्हें उच्च तापमान पर सुखाएं और ड्राई क्लीन वाले कपड़ों को खुद ही घर पर न धोएं।
  • घरों में अधिक दिन तक प्लास्टिक की थैली जमा करके न रखें और पुराना होने पर इन्हें फेंक दें। इसके अलावा बंद प्लास्टिक बैग (plastic bag) को बीच में खोलकर देखते रहें और सफाई करते रहें।

इन सावधानियों को अपनाकर खाज जैसी संक्रामक बीमारी से बचा जा सकता है।

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स्केबीज का घरेलू इलाज – Scabies home remedies in Hindi

खाज की समस्या दूर करने के लिए सामान्य प्राकृतिक घरेलू उपचार के तहत निम्न को शामिल किया जा सकता है:

टी ट्री ऑयल (Tea tree oil) – अध्ययनों से पता चलता है कि टी ट्री ऑयल स्केबीज का इलाज कर सकता है, और खुजली तथा चकत्ते जैसे लक्षणों को भी दूर करने में मदद करता है।

एलोवेरा (Aloe vera) शुद्ध एलोवेरा जेल त्वचा की जलन और खुजली को कम करने के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय है।

आवश्यक तेल (Essential oils) लौंग का तेल एक प्राकृतिक बग किलर (bug killer) है, इसलिए इसका उपयोग स्केबीज के इलाज में घुन को नष्ट करने में भी किया जा सकता है। लैवेंडर (lavender), लेमनग्रास ऑयल (lemongrass) और जायफल (nutmeg) सहित अन्य एसेंशियल ऑयल को खाज (scabies) प्रभावित क्षेत्र में लगाकर इसके इलाज में लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

साबुन (Soaps) – नीम के पेड़ की छाल, पत्तियों और बीजों के सक्रिय घटक खुजली पैदा करने वाले घुन को मार सकते हैं। अतः नीम पेड़ के अर्क से बने साबुन, क्रीम और तेल घुन को ख़तम कर स्केबीज के लक्षणों को दूर करने में मदद कर सकते हैं।

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