गर्भनिरोधक की परहेज और आउटरकोर्स विधि – Abstinence And Outercourse Methods In Hindi

गर्भनिरोधक की परहेज और आउटरकोर्स विधि - Abstinence And Outercourse Methods In Hindi
Written by Diksha

प्राकृतिक गर्भनिरोधक की परहेज और आउटरकोर्स विधि बिना किसी दुष्प्रभाव के अपनायी जा सकती है गर्भ निरोधक उपाय के लिए बहुत सी विधियों का उपयोग किया जाता है। इन्‍हीं विधियों में परहेज और आउटरकोर्स जैसी विधियां भी शामिल हैं। हालांकि जिस विषय पर बात की जा रही है यह जन्‍म नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका हो सकता है। इस विधि का उपयोग तभी किया जा सकता है जब आप अपने आप पर संयम रख सकते हैं या अपनी इच्‍छाओं का वहिष्‍कार कर सकते हैं। आज इस आर्टिकल में आप प्राकृतिक और दुष्‍प्रभाव रहित गर्भनिरोधक उपाय की परहेज और आउटरकोर्स विधि की जानकारी प्राप्‍त करेगें।

  1. परहेज और आउटरकोर्स क्‍या है – What’s Abstinence and Outercourse in Hindi
  2. परहेज विधि कैसे काम करती है – Abstinence Method kaise kaam karti Hai in Hindi
  3. आउटरकोर्स विधि कैसे काम करती है – Outercourse Method kaise kaam karti Hai in Hindi
  4. परहेज और आउटरकोर्स विधि कितनी प्रभावी हैं – How Effective Are Abstinence And Outercourse in Hindi
  5. परहेज विधि कितनी प्रभावी है – How effective is Abstinence in Hindi
  6. आउटरकोर्स कितना प्रभावी है – How effective is outercourse in Hindi
  7. क्‍या परहेज और आउटरकोर्स यौन संक्रमण से बचाते हैं – Kya abstinence and outercourse STDs se bachate Hai in Hindi
  8. मै अपने साथी से परहेज और आउटरकोर्स की बात कैसे करूं – How do I talk about abstinence and outercourse in Hindi
  9. मैं सेक्‍स न करने के बारे में कैसे बात करूं – How do I talk about not having sex in Hindi
  10. मै अपने साथी से आउटरकोर्स के बारे में कैसे बात करूं – How do I talk to my partner about outercourse in Hindi
  11. परहेज और आउटरकोर्स के फायदे और नुकसान – Abstinence And Outercourse Ke Fayde Aur Nuksan in Hindi

परहेज और आउटरकोर्स क्‍या है – What’s Abstinence and Outercourse in Hindi

परहेज और आउटरकोर्स क्‍या है – What’s Abstinence and Outercourse in Hindi

सबसे पहले हमें परहेज और आउटरकोर्स क्‍या है यह समझना होगा। यौन संबंध बनाने के दौरान अक्‍सर हम देखते हैं कि लोग संयम या परहेज नहीं रख पाते हैं। जबकि गर्भनिरोध के लिए सेक्‍स के दौरान परहेज करना अतिआवश्‍यक है। अन्‍यथा महिलाएं गर्भवती हो सकती हैं। परहेज या संयम से तात्‍पर्य यह है कि सेक्‍स से दूरी बनाये रखना। हालांकि इस दौरान सेक्‍स का मतलब केवल योनि सेक्‍स से है। जो कि अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग मतलब हो सकते हैं। आइए जाने परहेज और संयम किस प्रकार प्रभावी होता है।

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परहेज विधि कैसे काम करती है – Abstinence Method kaise kaam karti Hai in Hindi

परहेज विधि कैसे काम करती है – Abstinence Method kaise kaam karti Hai in Hindi

बहुत से लोग प्राकृतिक विधियों पर विश्वास नहीं करते हैं। उनका प्रश्‍न यह होता है कि परहेज विधि कैसे काम करती है जो गर्भावस्‍था को रोकने में प्रभावी है। हालांकि बहुत से लोग इन विधियों को नि:संकोच उपयोग करते हैं। बहुत से लोग अलग-अलग कारणों से परहेज विधि का उपयोग करते हैं। कुछ लोग गर्भधारण को रोकने या अपनी शारीरिक क्षमता को बनाये रखने के लिए इस विधि का पालन करते हैं।

परहेज को संयम भी कहा जा सकता है। संयम का मतलब अलग-अलग चीजों से हो सकता है आपके प्रश्‍न के आधार पर। संयम या परहेज किसी अन्‍य व्‍यक्ति के साथ योनि, मौखिक और गुदा मैथुन के साथ किसी भी प्रकार के यौन संबंध ना रखना है।

संयम विधि का उपयोग वीर्य को योनि से दूर रख गर्भावस्‍था को रोकने के लिए किया जाता है। जिससे वीर्य के शुक्राणु महिला अंडाणु से संपर्क नहीं कर पाते हैं। इस तरह से महिलाएं 100 प्रतिशत तक गर्भावस्‍था से बच सकती हैं। लेकिन बहुत से लोग केवल उस समय परहेज विधि का उपयोग करते हैं जब महिलाएं आव्‍यूलेट या उपजाऊ होती हैं। बाकी समय वे सुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं। इसे प्रजनन-जागरूकता कहा जाता है। इस विधि का उपयोग किसी भी उम्र के महिला या पुरुषों द्वारा किया जा सकता है। कुछ लोगों के लिए परहेज या संयम का मतलब किसी भी प्रकार का सेक्‍स नहीं करना है। जबकि कुछ लोग इसे केवल योनि सेक्‍स नहीं करना मानते हैं लेकिन अन्‍य यौन गतिविधियों को चालू रखते हैं।

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आउटरकोर्स विधि कैसे काम करती है – Outercourse Method kaise kaam karti Hai in Hindi

आउटरकोर्स विधि कैसे काम करती है – Outercourse Method kaise kaam karti Hai in Hindi

गर्भावस्‍था रोकने के लिए आप आउटरकोर्स विधि का भी उपयोग कर सकते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि आउटरकोर्स विधि कैसे काम करती है। बहुत से जोड़े बिना गर्भधारण किये ही योनि सेक्‍स करना चाहते हैं। हालांकि इस स्थिति में भी गर्भावस्‍था को तभी रोका जा सकता है जब शुक्राणु अंडे के संपर्क में ना आ पाएं। आउटरकोर्स को जन्‍म नियंत्रण के रूप में उपयोग करने का मतलब यह है कि आप योनि सेक्‍स नहीं करते हैं। जिससे कि महिलाओं की योनि में वीर्य पहुंच ही नहीं सकता है। जिसके कारण महिला के गर्भवती होने की संभावना समाप्‍त हो जाती है। कुछ आउटरकोर्स के उदाहरणों में चुंबन, मालिश, हस्‍तमैथुन, ड्राई हंपिंग और सेक्‍सी बाते करना शामिल हैं। बहुत से लोग मुख मैथुन या गुदा मैथुन भी चुन सकते हैं।

ओरल सेक्‍स कभी भी गर्भावस्‍था का कारण नहीं होता है न ही गुदा सेक्‍स। लेकिन गुदा और मौखिक सेक्‍स यौन संक्रमण का कारण हो सकता है। इसलिए गुदा और मौखिक सेक्‍स के दौरान कंडोम का उपयोग किया जाना चाहिए।

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परहेज और आउटरकोर्स विधि कितनी प्रभावी हैं – How Effective Are Abstinence And Outercourse in Hindi

परहेज और आउटरकोर्स विधि कितनी प्रभावी हैं - How Effective Are Abstinence And Outercourse in Hindi

किसी भी जन्‍म नियंत्रण विधि का उपयोग करने से पहले उनकी प्रभावशीलता जानना आवश्‍यक है। इसी तरह से यह भी जानना आवश्‍यक है कि परहेज और आउटरकोर्स विधि कितनी प्रभवी होती हैं। गर्भधारण को रोकने के लिए परहेज और आउटरकोर्स बहुत ही प्रभावी विधियां हैं। लेकिन ये विधियां तब भी प्रभावी होती हैं जब आप असुरक्षित यौन संबंध नहीं बनाते हैं। या फिर सेक्‍स के दौरान योनि में वीर्य स्‍खलित नहीं करते हैं।

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परहेज विधि कितनी प्रभावी है – How effective is Abstinence in Hindi

परहेज विधि कितनी प्रभावी है – How effective is Abstinence in Hindi

इस विधि का उपयोग करने से पहले पता होना चाहिए कि संयम या परहेज विधि कितनी प्रभावी है। यदि महिलाओं को कभी भी सेक्‍स के दौरान योनि में वीर्य नहीं मिलता है तो वे गर्भवती नहीं हो सकती हैं। इसका मतलब यह है कि योनि सेक्‍स से परहेज करने पर आप 100 प्रतिशत तक गर्भावस्‍था से बच सकते हैं। लेकिन यदि आप एक बार भी असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं तो गर्भधारण की संभावना हो सकती है। हालांकि यौन संबंधों से दूर रहना संभव नहीं है। इसलिए बहुत से लोग इस दौरान भी सुरक्षित यौन सबंध बना सकते हैं। इसके लिए वे सेक्‍स के दौरान महिला कंडोम या पुरुष कंडोम का उपयोग कर सकते हैं।

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आउटरकोर्स कितना प्रभावी है – How effective is outercourse in Hindi

आउटरकोर्स कितना प्रभावी है – How effective is outercourse in Hindi

परहेज विधि की तरह भी आउटरकोर्स कितना प्रभावी यह भी समझना आवश्‍यक है। गर्भधारण को रोकने के लिए आउटरकोर्स गतिविधियां 100 प्रतिशत प्रभावी होती हैं। क्‍योंकि इन गतिविधियों में चुंबन, मालिश, हस्‍तमैथुन, गुदा मैथुन, मुख मैथुन और सेक्‍सी बातें करना आदि शामिल हैं। इन में से कोई भी यौन गतिविधि गर्भावस्‍था का कारण नहीं बन सकती है। हालांकि यह भी कहा जाता है कि कुछ गलतियों के कारण इन विधियों का उपयोग करने पर भी गर्भावस्‍था हो सकती है। क्‍योंकि ऐसी स्थिति में आप भले ही योनि सेक्‍स न करें लेकिन आपका वीर्य गलती से योनि में पहुंच सकता है। इसी स्थिति होने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं :

  • गलती से आपका वीर्य योनि पर आ सकता है जो योनि के अंदर पहुंचकर अंडे को निषेचित कर सकता है।
  • किसी की उंगलियों या सेक्‍स टॉयज के माध्‍यम से भी वीर्य योनि के अंदर पहुंच सकता है। अगर आप इन टॉयज से योनि को छूते हैं।
  • गुदा सेक्‍स के बाद वीर्य गुदा से बाहर निकल जाता है। लेकिन यदि सावधानी न रखी जाये तो यह गुदा से बहता हुआ योनि तक पहुंच सकता है।

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क्‍या परहेज और आउटरकोर्स यौन संक्रमण से बचाते हैं – Kya abstinence and outercourse STDs se bachate Hai in Hindi

क्‍या परहेज और आउटरकोर्स यौन संक्रमण से बचाते हैं – Kya abstinence and outercourse STDs se bachate Hai in Hindi

इन विधियों का उपयोग करने के दौरान यह संशय भी होता है कि क्‍या परहेज और आउटरकोर्स यौन संक्रमण से बचाते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये विधियां आपको यौन संक्रमण से 100 प्रतिशत तक बचा सकती हैं। यदि आप किसी अन्‍य व्‍यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध नहीं रखते हैं। यौन संचारित संक्रमणों को जननांगो छूने और यौन तरल पदार्थ जैसे वीर्य और योनि का रस आदि को साझा करने से फैल सकता है। कुछ अन्‍य तरीके हैं जिनसे आपको यौन संक्रमण फैलने की संभवना अधिक होती है।

  • ओरल सेक्‍स और गुदा मैथुन या योनि सेक्‍स के रूप में एक ही प्रकार का संक्रमण फैल सकता है। इस प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए आप कंडोम का उपयोग कर सकते हैं।
  • यौन तरल पदार्थ की अदला-बदली जैसे आपके हाथ में वीर्य होना और उन्‍हीं हाथों से साथी के जननांगों को छूना। यह भी यौन संक्रमण को फैलाने का काम कर सकता है।
  • बिना कपड़ों के अन्‍य व्‍यक्ति के साथ सोना। ऐसी स्थिति में भी आपको और आपके साथी यौन संक्रमण हो सकता है।
  • अंदर पहने जाने वाले कपड़े भी संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसलिए इन कपड़ों को किसी अन्‍य व्‍यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

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मै अपने साथी से परहेज और आउटरकोर्स की बात कैसे करूं – How do I talk about abstinence and outercourse in Hindi

मै अपने साथी से परहेज और आउटरकोर्स की बात कैसे करूं - How do I talk about abstinence and outercourse in Hindi

बहुत से लोगों को यह समस्‍या होती है कि वे इन विधियों के बारे में अपने साथी से कैसे बात करें। आप सामान्‍य रूप से अपने साथी के साथ सेक्‍स की बात तो कर ही सकते हैं। इसी तरह से आप अपने साथी से सेक्‍स न करने या सुरक्षित सेक्‍स करने की बात भी कर सकते हैं। यह आपकी गर्भावस्‍था को रोकने और यौन संक्रमण से बचाने में प्रभावी रूप से मदद कर सकता है।

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मैं सेक्‍स न करने के बारे में कैसे बात करूं – How do I talk about not having sex in Hindi

मैं सेक्‍स न करने के बारे में कैसे बात करूं - How do I talk about not having sex in Hindi

परहेज विधि तभी काम करती है जब दोनों पार्टनर सेक्‍स न करने के लिए एक साथ तैयार होते हैं। इसलिए इन विधियों को अपनाने के लिए आपको अपने साथी से खुलकर बात करने की आवश्‍यकता है। इसके अलावा आप दोनों को सेक्‍स के प्रति ईमानदार होना और सेक्‍स के निर्णय लेना महत्‍वपूर्ण है। हालांकि जन्‍म नियंत्रण और सेक्‍स के लिए परहेज करना कुछ मुश्किल हो सकता है। लेकिन यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य और गर्भावस्‍था से बचाव का बेहतर तरीका हो सकता है।

अगर आपने इससे पहले कभी अपने साथी से सेक्‍स पर बात नहीं की है तो आपको कुछ परेशानी हो सकती है। लेकिन यहां आपको कुछ सुझाव दिये गए हैं।

यौन संबंध बनाने से पहले अपने साथी से बात करें। आप यौन संबंध बनाते समय क्‍या चाहते हैं और क्‍या नहीं यह जानना और बताना भी महत्‍वपूर्ण है।

आप उन्‍हें समझाये कि केवल सेक्‍स ही प्‍यार करने और स्‍नेह जताने का एक मात्रा तरीका नहीं है। इसके अलावा भी और तरीके हैं जिनसे आप अपने साथी को खुश कर सकते हैं।

  • बातें करना और उन्‍हें सुनना।
  • अपनी भावनाओं को साझा करना।
  • साथी के प्रति ईमानदार होना।
  • एक दूसरे के विचारों और भावनाओं का सम्मान करना।
  • साथ घूमना आदि।

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मै अपने साथी से आउटरकोर्स के बारे में कैसे बात करूं – How do I talk to my partner about outercourse in Hindi

मै अपने साथी से आउटरकोर्स के बारे में कैसे बात करूं - How do I talk to my partner about outercourse in Hindi

आउटरकोर्स करने के कई अलग-अलग तरीके हैं। इसलिए यह बात करना महत्‍वपूर्ण है कि आप किस यौन सामग्री के साथ सहज हैं। यह पहली बार में अजीब लग सकता है। लेकिन यह उपयोग करने पर बहुत ही आसान होता है। आउटरकोर्स के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार हैं।

  • आप सबसे पहले यह जानें कि आपको क्‍या चाहिए। यौन संबंध बनाने से पहले आप इस विषय पर विचार करें कि आप किस प्रकार की यौन गतिविधि करना चाहते हैं और क्‍या नहीं करना चाहते हैं।
  • यदि आपको अपनी यौन गतिविधयों का चुनाव करने में किसी प्रकार की समस्‍या आ रही है तो आप इन्‍हें पहले कागज पर लिख लें। इस तरह से आप आउटरकोर्स गतिविधियों की एक सूची बनायें और प्रत्‍येक क्रियाविधि पर अपने साथी की प्रतिक्रिया लें।
  • आपका साथी आपका दिमाग नहीं पढ़ सकता है इसलिए आपकी भावनाओं को छिपाएं नहीं साथ ही अपने साथी की भावनाओं का भी ध्‍यान रखें।
  • सेक्‍स के दौरान घबराहट होना सामान्‍य है लेकिन इस दौरान आपको शर्मिंदा होने की आवश्‍यकता नहीं है। आप पूरी तरह से सामान्‍य रहें और अपने साथी से सेक्‍स की इन विधियों के बारे में बात करें।
  • आउटरकोर्स विधियों का उपयोग करने से गर्भाधारण की संभावनाएं नहीं होती हैं। लेकिन इस बात का ध्‍यान रखें कि ये यौन संक्रमण को फैला सकती हैं। इसलिए इस दौरान आपको कंडोम जैसे जन्‍म नियंत्रण का उपयोग करना चाहिए।

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परहेज और आउटरकोर्स के फायदे और नुकसान – Abstinence And Outercourse Ke Fayde Aur Nuksan in Hindi

  1. परहेज और आउटरकोर्स के फायदे – Abstinence And Outercourse Ke Fayde in Hindi
  2. परहेज और आउटरकोर्स विधि के नुकसान – Abstinence And Outercourse Ke Nuksan in Hindi

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि परहेज और आउटरकोर्स विधियां गर्भधारण को रोकने में सहायक होती हैं। इन तरीकों का उपयोग कर यौन संक्रमण से भी बहुत हद तक बचा जा सकता है। लेकिन कुछ लोगों के लिए इन तरीकों का सही तरह से उपयोग करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए परहेज और आउटरकोर्स के फायदे और नुकसान दोनों ही हो सकते हैं। आइए इन्‍हें विस्‍तार से जाने।

परहेज और आउटरकोर्स के फायदे – Abstinence And Outercourse Ke Fayde in Hindi

परहेज और आउटरकोर्स के फायदे - Abstinence And Outercourse Ke Fayde in Hindi

गर्भाधान की समस्‍या से बचने के लिए परहेज और आउटरकोर्स के फायदे होते हैं। ये विधियां स्‍वतंत्र और प्रभावी रूप से काम करती हैं। वास्‍तव में गर्भावस्‍था और यौन संक्रमण से बचने के लिए परहेज विधि लगभग 100 प्रतिशत तक प्रभावी होती है। जबक‍ि आउटरकोर्स विधि इन समस्‍याओं के खतरे को बहुत हद तक कम कर सकती है।

परहेज विधि के लाभ इस प्रकार हैं : जिनका लोग अक्‍सर चयन करते हैं।

  • जब तक आपका साथी यौन संबंध के लिए तैयार नहीं है तब तक प्रतीक्षा करें।
  • सही समय और सही साथी खोजने के लिए प्रतीक्षा करें।
  • यौन संबंध से निपटने के लिए अपने साथी की कंपनी का आनंद लें।
  • स्‍कूल, नौकरी या अन्‍य गतिविधियों पर ध्यान दें।
  • अपने साथी के व्‍यक्तिगत, नैतिक या धार्मिक विश्वासों और मूल्‍यों का पालन करें।
  • बीमारी या संक्रमण होने पर अपने डॉक्‍टर की सलाह माने।

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आउटरकोर्स के फायदे –

  • यौन सहभागियों को गर्भावस्‍था या यौन संक्रमण के जोखिम के बिना यौन सुख दिलाने में मदद करते हैं।
  • यदि आपके पास कोई अन्‍य जन्‍म नियंत्रण नहीं है तब यह विधि उपयोगी होती है।
  • यह विधि भागीदारों के बीच विश्वास और निकटता बढ़ाती है।
  • आपके और आपके साथी के शरीर को बेहतर ढंग से समझने में आपकी सहायता करती है।
  • यह समझने में आपकी मदद करती है कि आप और आपके साथी को किस तरह से छूने में आनंद मिलता है।

आउटारकोर्स और परहेज विधि का उपयोग किशोर और युवा लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है। परहेज एक बहुत ही अच्‍छा तरीका है जो सेक्‍स के दौरान होने वाले जोखिमों की संभावना को कम कर सकता है। जैसे गर्भावस्‍था या यौन संक्रमण। परहेज विधि उन चीजों पर भी ध्‍यान केंद्रित करने में मदद कर सकता है जो आपके लिए महत्‍वपूर्ण हैं। जैसे स्‍कूल, खेल, दोस्‍त और अन्‍य गतिविधियां आदि। जो लोग अपनी किशोरावस्‍था में यौन संबंध बनाने से रोकते हैं और कम लोगों के साथ यौन संबंध बनाते हैं उन्‍हें यौन संक्रमण होने की संभावना कम होती है।

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परहेज और आउटरकोर्स विधि के नुकसान – Abstinence And Outercourse Ke Nuksan in Hindi

परहेज और आउटरकोर्स विधि के नुकसान - Abstinence And Outercourse Ke Nuksan in Hindi

  • गर्भाधारण और यौन संक्रमण को रोकने के लिए परहेज और आउटरकोर्स विधि बहुत ही प्रभावी होती हैं। लेकिन कुछ लोगों के लिए इन विधियों का नियमित उपयोग करना और सेक्‍स से दूर रहना मुश्किल होता है। यदि आप परहेज विधि का उपयोग कर रहे हैं और साथ ही योनि सेक्‍स करते हैं तो गर्भावस्‍था की संभावना बढ़ जाती है। यदि आप इस दौरान अन्‍य जन्‍म नियंत्रण का उपयोग करते हैं तो आप गर्भावस्‍था से बच सकते हैं।
  • अधिकांश लोगों के साथ अपने जीवन कभी भी सेक्‍स करने का मौका आ सकता है। लेकिन इस दौरान जन्‍म नियंत्रण विधि का उपयोग नहीं किया जा सकता है। और वे असुरक्षित यौन संबंध बनाने लेते हैं। इसलिए सभी व्‍यक्तियों को जिन्‍हें कभी सेक्‍स करने का मौका मिल सकता है उन्‍हें अपने साथ हमेशा ही कंडोम रखना चाहिए। कंडोम एक मात्र ऐसा जन्‍म नियंत्रण है जो गर्भावस्‍था और यौन संक्रमण दोनों से सुरक्षा दिला सकता है।
  • आउटरकोर्स के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। कुछ प्रकार के आउटरकोर्स यौन संक्रमण को फैला सकते हैं। हालांकि ऐसी स्थिति बहुत ही दुर्लभ है लेकिन अगर वीर्य योनि पर या योनि के आसपास होता है तो गर्भावस्‍था की संभावना हो सकती है।
  • बहुत से लोगों का योनि से बचना मुश्किल होता है जब वे अन्‍य यौन गतिविधयां कर रहे होते हैं। कभी-कभी गर्भावस्‍था को रोकने के लिए आउटरकोर्स का उपयोग करने वाले लोगों के पास बैकअप जन्‍म नियंत्रण योजना तैयार नहीं होती है। इस दौरान यदि वे उत्‍तेजित हो जाते हैं तो असुरक्षित यौन संबंध बना लेते हैं। इस तरह से गर्भाधान की संभावना अधिक बढ़ जाती है। साथ ही यह यौन संक्रमण का भी कारण बन सकता है।

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