योनि को कैसे धोएं, योनी को साफ करने का तरीका – How to Wash Vagina in Hindi




योनि को कैसे धोएं, योनी को साफ करने का तरीका - How to Wash Vagina in Hindi
Written by Daivansh

योनि या वैजाइना की ठीक से सफाई न करने से इसमें कई तरह के यौन रोग और संक्रमण हो सकतें हैं, जानें योनि को कैसे धोएं और योनि को साफ़ और स्वस्थ रखने का तरीका। महिलाओं के शरीर में सबसे अधिक संवेदनशील अंग योनि होती है। योनि को स्‍वस्‍थ और स्‍वच्‍छ रखने के लिए उचित देखभाल आवश्‍यक है। वैसे तो योनि प्राकृतिक रूप से स्‍वच्‍छ रहती है इसलिए योनि को धोने की आवश्‍यकता नहीं होती है। लेकिन फिर भी बाहरी संक्रमण और जलन आदि से बचने के लिए आपको योनि और इसके आसपास की जगह को धोना आवश्‍यक है। अधिकांश महिलाएं यह जानना चाहती हैं कि योनि को कैसे धोएं। क्‍योंकि सामान्‍य रूप से नहाने के दौरान सभी अपने गुप्‍तांगों की सफाई करते हैं। आप अपनी योनि को संक्रमण और अन्य समस्याओं से बचाने के लिए योनि की नियमित धुलाई को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

नियमित रूप से योनि की धुलाई न केवल यौन संक्रमण से बचाती है बल्कि अन्‍य प्रकार के यौन रोगों को भी रोकने में प्रभावी है। आज इस आर्टिकल में आप योनि को कैसे धोएं यह जानेगें।

योनि सफाई को दिनचर्या में शामिल करें – Creating a Daily Cleansing Routine in Hindi

हम सभी जानते हैं कि महिलाओं की योनि बहुत ही संवेदनशील होती है। क्‍योंक यहां की त्वचा अत्‍यंत कोमल और पतली होती है। साथ ही योनि की बनावट भी बैक्‍टीरिया और संक्रमण के लिए अनुकूल होती है। क्‍योंकि यह क्षेत्र हमेशा नमीयुक्‍त होता है। इसलिए महिलाओं को योन‍ि की सफाई या धुलाई को अपनी नियमित आदत बनाना चाहिए। आइए जाने योनि की दैनिक सफाई किस प्रकार की जा सकती है।

(और पढ़ें – योनि को स्वस्थ और साफ कैसे रखें )

प्रतिदिन योनि की सफाई करें – Wash the area around your vagina at least once a day in Hindi

आपको नियमित रूप से प्रतिदिन अपनी योनि की सफाई करनी चाहिए। क्‍योंकि पूरे दिन कपड़े से ढके होन और शरीर के गर्म तापमान के कारण योनि और इसके आस-पास के क्षेत्र मे पसीना जमा हो सकता है। जिसके कारण बैक्‍टीरिया और फंगल संक्रमण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो जाता है। इसके अलावा योनि संक्रमण और बदबू आदि को रोकने के लिए आपको नियमित स्‍नान के साथ ही इस क्षेत्र की धुलाई करनी चाहिए। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को दिन में योनि की 1 से अधिक बार सफाई करनी चाहिए। जिससे योनि का स्‍वास्‍थ्‍य बना रहता है और संक्रमण आदि की संभावना कम हो जाती है।

(और पढ़ें – योनि से बदबू आने के कारण और दूर करने उपाय)

योनि को धोने के लिए साबुन का उपयोग न करें – Yoni ko dhone ke liye soap ka Upyog na kare in Hindi

महिलाओं को हमेशा अपनी योनि धोने के लिए सामान्‍य या गुनगुने पानी का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा नहाने के दौरान या योनि को साफ करने के दौरान हमेशा ही किसी सौम्‍य साबुन का उपयेाग करें। क्‍योंकि आपके द्वारा रेग्‍यूलर उपयोग करने वाली साबुनों में रासायनिक घटक होते हैं जो योनि में जलन आदि का कारण बन सकते हैं। साथ ही इस प्रकार के उत्‍पाद योनि के पीएच स्‍तर को भी प्रभावित करते हैं जिससे संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा योनि धोने के लिए आप अपने हाथ या किसी नरम कपड़े का उपयोग करें। क्‍योंकि ब्रश या अन्‍य कठोर वस्‍तुएं आपकी योनि को चोट पहुंचा सकती हैं।

(और पढ़ें – योनि यीस्ट संक्रमण क्या है)

अपने भगशेफ को साफ करें – Apni clitoris ko saaf kare in Hindi

वैजाइना या योनि की सफाई करने के दौरान आपको सावधानी से इसकी सफाई करना चाहिए। इसके लिए आप अपनी योनि की बाहरी लेबिया (labia) को फैलाएं और भगशेफ के चारों ओर की सिलवटों को अच्‍छे से साफ करें। आप अपनी योनि के अंदर की नरम दीवारों को हल्‍के हाथों से या किसी नरम कपड़े से पोछें। साथ ही इस बात का विशेष ध्‍यान रखें के योनि के अंदर सौम्‍य साबुन का उपयोग करना भी आपकी योनि में जलन आदि का कारण बन सकता है। इसलिए बहुत ही सावधानी के साथ गर्म पानी से योनि की उचित धुलाई करें।

(और पढ़ें – क्लिटोरिस क्या है और चरम सुख में इसकी क्या भूमिका है)

गुदा क्षेत्र की सफाई करें – Cleanse your anal area last in Hindi

वैजाइना या योनि को धुलते समय आपको इस बात का विशेष ध्‍यान रखना चाहिए कि संक्रमण आपके गुदा द्वार से भी हो सकता है। इसलिए योनि की सफाई के दौरान गुदा और योन‍ि के बीच की जगह को भी सावधानी के साथ धोना चाहिए। इसके बाद आखिर में गुदा द्वार की भी उचित सफाई की जानी चाहिए। धुलाई करते समय हमेशा आगे से पीछे की तरफ जाना चाहिए। इसका मतलब यह है कि पहले योनि को धुलते हुए पीछे गुदा द्वार तक जाएं। जिससे कि गुदा में मौजूद संक्रमण या बैक्‍टीरिया आपकी योनि तक न पहुंच सकें। इस तरह आगे से पीछे की तरफ धुलाई करने से संक्रमण की संभावन कम हो जाती है।

साबुन को अच्‍छी तरह साफ करें – Rinse away all the soap when you’re done in Hindi

स्‍नान या जननांग को धोते समय इस बात का विशेष ध्‍यान रखें कि यानि और शरीर के अन्‍य हिस्‍सों से साबुन पूरी तरह धुल गया है। क्‍योंकि साबुन में मौजूद घटक आपकी त्‍वचा के पीएच स्‍तर को कम कर सकते हैं। स्‍नान के दौरान आपको गर्म पानी से अपने श‍रीर और विशेष रूप से योनि के आसपास लगी साबुन को ध्‍यान से साफ करना चाहिए यदि ऐसा नहीं होता है तो योनि में जलन या शुष्‍क त्‍वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आपके हाथ में शावर जेट है तो इस बात का ध्‍यान रखें कि योनि के अंदर पानी या स्‍प्रे न करें। ऐसा करने से आपकी योनि में जलन पैदा हो सकती है। साथ ही यह योनि के प्राकृतिक पीएच स्‍तर करे कम करने और बैक्‍टीरिया गर्भाशय में धकेल सकता है।

(और पढ़ें – योनि में जलन के कारण और घरेलू इलाज)

योनि को धोने के बाद अच्‍छी तरह सुखाएं – Yoni ko dhone ke baad achi traha sukhaye in Hindi

जब आप अपनी योनि को अच्‍छी तरह से धो लेते हैं तब इस क्षेत्र को अच्‍छी तरह से सुखाना भी आवश्‍यक है। इसके लिए आप एक सूखे और सूती टॉबल का उपयोग करें। इसके अलावा टॉबल से पोछने के दौरान योनि और इसके आस-पास के क्षेत्र को रगड़े नहीं बल्कि हल्‍के हाथों से फेरे। क्‍योंकि तौलिया को ताकत से रगड़ने पर यहां जलन हो सकती है।

डोउच, वाइप्‍स और डिओडोरेंट का उपयोग न करें – Stay away from douches, scented wipes, and deodorant sprays in Hindi

आप अपनी योनि में होने वाली परेशानियो से बचने के लिए डच, वाइप्‍स और दुर्गन्‍ध दूर करने वाले डिओडोरेंट आदि का उपयोग करने से बचें। क्‍योंकि ये सभी उत्‍पाद योनि को स्‍वच्‍छ रखने और बदबू को दूर करने का दावा करते हैं। लेकिन इनका उपयोग करने से योनि में जलन पैदा हो सकती है। साथ ही ये उत्पाद अच्‍छे बैक्‍टीरिया को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए आपको योनि में किसी प्रकार के रासायनिक उत्‍पादों का उपयोग करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से उस समय तक जब तक कोई डॉक्‍टर आपको इसकी सलाह न दे।

(और पढ़ें –  कैसे करते हैं वेजाइनल डाउचिंग या डूशिंग)

योनि को स्‍वच्‍छ रखने के लिए टिप्‍स – Yoni ko Hygiene rakhne ke Tips in Hindi

वैजाइना या योनि की उचित तरीके से सफाई करना महिलाओं को यौन संचारित संक्रमण को दूर करने और योनि के स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ाने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से योनि को धुलने के साथ ही आपको कुछ विशेष युक्तियों और टिप्‍स का उपयोग कर योनि स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा दे सकते हैं। आइए जाने योनि को स्‍वच्‍छ रखने के लिए टिप्‍स क्‍या हैं।

योनि की जलन और नमी दूर करने के लिए सूती अंडरवेयर पहने – Wear cotton underwear to prevent irritation and reduce moisture in Hindi

वैजाइना या योनि की अच्‍छी तरह से सफाई के साथ ही आपको हमेशा सूती अंडरवेयर कपड़ों का उपयोग करना चाहिए। क्‍योंकि नॉयलोन ओर पॉलिए‍स्‍टर जैसे सिंथेटिक सामग्री आपके जननांग क्षेत्र के आसपास नमी और गर्मी के कारण पसीना उत्‍पन्‍न कर सकती है। इस प्रकार का वातावरण वैक्‍टीरिया के लिए अनुकूल होता है। इस प्रकार की समस्‍या से बचने के लिए हमेशा ढ़ीले और सूती कपड़ों का उपयोग करें। जिससे कि गुप्‍तांग क्षेत्र में पर्याप्‍त हवा का प्रवाह बना रहे और त्‍वचा में पसीना जमा न हो सके। इसके अलावा आपके द्वारा उपयोग किये जाने वाले अंडरवेयर कपड़ों को नियमित रूप से साफ करें और बदलें।

(और पढ़ें – सोते समय अंडरवियर पहने या नहीं इसके फायदे और नुकसान)

नए अंडरवेयर को उपयोग से पहले धुलें – Wash the new underwear before use in Hindi

यदि आप अपने उपयोग के लिए नए अंडरवेयर खरीदते हैं तो इसका उपयोग करने से पहले इसे अच्‍छी तरह से धो लें। अक्‍सर देखा जाता है कि लोग नए कपड़े खरीदने के बाद इसे ऐसे ही उपयोग में लेते हैं। नए अंडरवेयर कपड़ों में कठोर रंग या रासायनिक अवशेष होते हैं जो योनि और योनि के आस-पास के क्षेत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए नए अंडरवेयर को पहली बार पहनने से पहले इसे अच्‍छी तरह से धो लें। अपने अंडरवेयर कपड़ों को धोने के लिए आपको हमेशा हल्‍के, असंत्प्‍त डिटर्जेंट (unscented detergent) का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा आपको यह भी ध्‍यान रखना चाहिए कि कपड़ों में डिटर्जेंट के अवशेष न बचें।

बाथरूम जाने के बाद आगे से पीछे की तरफ पोछें – Wipe from front to back after going to the bathroom in Hindi

जब भी आप शौचक्रिया जाएं या बाथरूम का उपयोग करें तब यानि की सफाई का विशेष ध्‍यान रखें। इसके लिए आप हमेशा ही योनि से गुदा की तरफ ही सफाई करें। भले ही आप केवल पेशाब करें, तब भी आपको आगे से पीछे की तरफ ही सफाई करनी चाहिए। क्‍योंकि गुदा क्षेत्र में बैक्‍टीरिया आदि के होने की अधिक संभावना होती है। यदि आप पीछे से आगे की तरफ या गुदा से योनि की तरफ पोछते हैं तो बैक्‍टीरिया का योनि तक आने की संभावना बढ़ जाती है।

(और पढ़ें – बाथरूम की सफाई करने के घरेलू उपाय)

कठिन मल त्‍याग के बाद तेल से साफ करें – Clean up with oil after stubborn bowel movements in Hindi

कब्‍ज या अन्‍य इसी तरह की पाचन संबंधी समस्‍याओं के दौरान गुदा क्षेत्र में बैक्‍टीरिया और संक्रमण की अधिक संभावना होती है। साथ ही कठिनाई से मल त्‍याग करने की स्थिति में गुदा क्षेत्र में छिलने और जलन आदि की संभावना अधिक होती है। इसलिए इस दौरान डॉक्‍टर भी मल त्‍याग के बाद सामान्‍य पानी से गुदा द्वार को धोने की सलाह नहीं देते हैं। ऐसी स्थिति में मल त्‍याग के बाद गुदा क्षेत्र को साफ करने के लिए आपको अपने टॉयलेट पेपर में तेल आदि का उपयोग कर गुदा द्वार को पोंछना चाहिए। ऐसा करने से न केवल आपको गुदा क्षेत्र में जलन आदि से राहत मिलेगी बल्कि बैक्‍टीरिया आदि को साफ करने में सहायता होती है। यदि इन बैक्‍टीरिया का समय पर इलाज न किया जाए तो यह आपकी योनि के स्‍वास्‍थ्‍य को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

अधिक देर तक गीले कपड़े न पहनें – Do not wear wet clothes for a long time in Hindi

नहाने या तैरने के बाद आपको तुरंत ही गीले कपड़े बदलना चाहिए। साथ ही आपको अपने पूरे शरीर सही तरीके से सुखाने की आवश्‍यकता है। ऐसा इसलिए है कि पसीने या पानी से गीले कपड़ों में अधिक समय तक रहना आपकी योनि और उसके आस-पास हानिकारक बैक्‍टीरिया के विकास को बढ़ावा दे सकता है। इसके अलावा यदि आप नियमित रूप से स्‍वीमिंग पूल में तैराकी करते हैं तब भी आपको अधिक देर तक इस पानी में नहीं रहना चाहिए। क्‍योंकि अधिकांश स्‍वीमिंग पूल में पानी को साफ रखने के लिए क्‍लोरीन की गोलियों का उपयोग किया जाता है। अधिक समय तक क्‍लोरीन के संपर्क में रहने से भी योनि को नुकसान हो सकता है। इसलिए तैराकी या स्‍नान के बाद समय पर आपको कपड़े बदलने चाहिए।

(और पढ़े – योनि साफ करने की प्राकृतिक सामग्रियां)

अ‍वधि के दौरान नियमित रूप से पैड बदलें – Regularly change the pad during the period in Hindi

महिलाओं को अपने पीरियड्स के दौरान योनि की स्‍वच्‍छता पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए। ऐसी स्थित में महिलाओं को समय-समय पर अपने पैड को बार-बार बदलना चाहिए। पीरियड्स के दौरान महिलाओं की योनि अत्‍यंत संवेदनशील होती है क्‍योंकि इस दौरान यहां संक्रमण और बैक्‍टीरिया की अधिक उपस्थिति होती है। इसलिए संक्रमण के प्रभाव से बचने के लिए महिलाओं को विशेष रूप से हर 8 घंटे से अधिक समय तक टैम्‍पोन नहीं पहनना चाहिए। साथ ही 3-4 घंटे के अंदर अपने पैड़ का बदलना अच्‍छा है भले ही रक्‍तस्राव कम या अधिक हो। इसके अलावा योनि संक्रमण से बचने के लिए महिलाओं को सुगंधित पैड या टैम्‍पोन आदि का उपयोग करने से भी बचना चाहिए। यदि संभव हो तो 100 प्रतिशत काटन से बने उत्‍पादों का उपयोग करें।

(और पढ़ें – जानें पीरियड में पैड लगाने का सही तरीका क्या है वीडियो के साथ)

यौन संबंध के दौरान कंडोम का उपयोग करें – Use condoms during sex in Hindi

यदि आप यौन संबंध बना रहे हैं तो आपको हर बार एक नए कंडोम का उपयोग करना चाहिए। जिससे यौन संचारित संक्रमण या जीवाणु संक्रमण होने की संभावना कम हो जाती है। आप अपने साथी को कंडोम लगाने के लिए कह सकते हैं या संक्रमण से बचने के लिए आप स्‍वयं महिला कंडोम का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ लोगों का मानना है कि सेक्‍स के तुरंत बाद पेशाब करने से भी यौन संक्रमण से बचा जा सकता है। क्‍योंकि पेशाब करने के दौरान बैक्‍टीरिया मूत्र के माध्‍यम से बाहर आ जाते हैं जो योनि संक्रमण का कारण बनते हैं।

और पढ़ें – 

Leave a Comment

Subscribe for daily wellness inspiration